Patna News: बिहार में घर-घर पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) पहुंचाने की योजना को गति देने के लिए सोमवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के तत्वावधान में हुई इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलाधिकारियों के साथ तेल एवं गैस कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में राज्य में पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क के विस्तार, पाइपलाइन बिछाने तथा घरेलू गैस कनेक्शन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाते हुए मिशन मोड में काम करने का निर्देश दिया।
28 जिलों में पहुंचा CGD नेटवर्क
समीक्षा के दौरान बताया गया कि बिहार के कुल 38 जिलों में से 28 जिलों में CGD नेटवर्क स्थापित या गैसीकरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। यह राज्य के करीब 74 प्रतिशत जिलों को कवर करता है। पिछली समीक्षा के बाद पांच नए जिलों को भी नेटवर्क से जोड़ा गया है। इनमें शिवहर और सीतामढ़ी को 27 अगस्त 2026 तथा बक्सर को 2 सितंबर 2026 को नेटवर्क से जोड़े जाने की जानकारी दी गई।
राज्य में अब तक 1,52,686 से अधिक घरेलू PNG कनेक्शन लाइव हो चुके हैं। बैठक में घरेलू कनेक्शनों की संख्या बढ़ाने और कम प्रगति वाले जिलों में विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
कैमूर में नवंबर तक गैसीकरण का लक्ष्य
बैठक में गैर-गैसीकृत जिलों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कैमूर (भभुआ) में स्टील इंफ्रास्ट्रक्चर और सिटी गेट स्टेशन (CGS) का कार्य प्रगति पर है। जिले को नवंबर 2026 तक गैसीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है।
वहीं, जिन जिलों में अभी CGD नेटवर्क उपलब्ध नहीं है, वहां तकनीकी व्यवहार्यता और आवश्यक बुनियादी ढांचे की स्थिति की समीक्षा की जा रही है।
भागलपुर समेत 9 जिलों के लिए बनेगी विस्तृत कार्ययोजना
बैठक में अररिया, किशनगंज, अरवल, जहानाबाद, खगड़िया, नवादा, भागलपुर, सुपौल और गोपालगंज को बिना नेटवर्क वाले जिलों के रूप में चिह्नित किया गया।
मुख्य सचिव ने इन सभी जिलों के जिलाधिकारियों को संबंधित तेल एवं गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। इसमें पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार, आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी व्यवहार्यता और घरेलू PNG कनेक्शन उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
NHAI और MoRTH की अनुमति से जुड़े मामलों को जल्द सुलझाने का निर्देश
मुख्य सचिव ने कम प्रगति वाले जिलों में घरेलू PNG कनेक्शन की गति बढ़ाने के साथ-साथ विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।
बैठक में NHAI और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) से संबंधित अनुमति के मामलों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर भूमि आवंटन, अतिक्रमण और अन्य प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
बिहार सरकार का फोकस अब PNG और CGD नेटवर्क को तेजी से उन जिलों तक पहुंचाने पर है, जहां अभी तक पाइप्ड गैस की सुविधा उपलब्ध नहीं है। भागलपुर समेत नौ जिलों में तैयार होने वाली कार्ययोजना आने वाले समय में नेटवर्क विस्तार की दिशा और गति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


