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भागलपुर: निजी स्कूलों की मनमानी पर डीएम का ‘हंटर’, टाउन हॉल में आयोजित मैराथन बैठक में दिए कड़े निर्देश

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Bhagalpur News: बिहार की शैक्षणिक राजधानी कहे जाने वाले भागलपुर के टाउन हॉल में आज जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में जिले के तमाम प्रस्वीकृति प्राप्त निजी स्कूलों के संचालकों, प्रबंधकों और प्राचार्यों के साथ एक हाई-प्रोफाइल समीक्षात्मक बैठक संपन्न हुई। इस मैराथन बैठक में जिलाधिकारी ने कड़े लहजे में स्पष्ट कर दिया कि निजी स्कूलों की मनमानी के दिन अब लद चुके हैं।

​री-एडmission फीस पर सख्त रोक: अभिभावकों को बड़ी राहत

​अभिभावकों की जेब पर डाका डालने वाली ‘री-एडमिशन फीस’ (पुनः नामांकन शुल्क) को लेकर जिलाधिकारी का रुख बेहद सख्त रहा। उन्होंने कहा:

  • ​यदि छात्र उसी स्कूल में अगली कक्षा में जा रहा है, तो दोबारा नामांकन शुल्क लेना नियमों का उल्लंघन है।
  • ​’एनुअल चार्ज’ या ‘डेवलपमेंट फीस’ के नाम पर वसूली जा रही भारी-भरकम राशि पर प्रशासन की पैनी नजर है।
  • ​नियमों की अवहेलना करने वाले संस्थानों के खिलाफ प्रशासन कठोरतम कानूनी कार्रवाई करेगा।

​“अमीर-गरीब का भेदभाव खत्म करें स्कूल”

​जिलाधिकारी ने स्कूलों को चेतावनी देते हुए कहा कि शिक्षा के मंदिर में बच्चों के बीच सामाजिक या मानसिक भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने दो-टूक कहा, “स्कूल की पहचान उसके परीक्षा परिणाम और वहां से निकलने वाले चरित्रवान नागरिकों से होनी चाहिए, न कि उसकी भव्य इमारत या ऊँची फीस से।” यह बयान उन स्कूलों के लिए एक बड़ा झटका है जो शिक्षा को एक ‘लग्जरी ब्रांड’ की तरह पेश कर रहे हैं।

​प्रशासनिक अमले की मौजूदगी से हड़कंप

​बैठक में उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह और जिला शिक्षा पदाधिकारी राज कुमार शर्मा की उपस्थिति ने यह साफ कर दिया कि यह केवल एक चेतावनी नहीं, बल्कि एक व्यापक प्रशासनिक सुधार की शुरुआत है। शिक्षा विभाग अब नियमित रूप से निजी स्कूलों के शुल्क ढांचे और उनके द्वारा दी जा रही सुविधाओं की निगरानी करेगा।

​बैठक के मुख्य अंश:

बिंदु

जिलाधिकारी के निर्देश

नामांकन शुल्क

उसी स्कूल में प्रमोट होने वाले बच्चों से दोबारा फीस लेना प्रतिबंधित।

भेदभाव

अमीर और गरीब बच्चों के बीच किसी भी प्रकार का सामाजिक अलगाव न हो।

संस्थान की छवि

स्कूल केवल ‘ब्रांडिंग’ पर नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान दें।

अनुपालन

सरकारी निर्देशों की अवहेलना पर सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भागलपुर: सहायक समाहर्ता जतिन कुमार को दी गई भावभीनी विदाई, डीएम और एसएसपी ने सराहा कार्यकाल

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Bhagalpur News: भागलपुर जिला प्रशासन के कुशल और ऊर्जावान अधिकारी, सहायक समाहर्ता जतिन कुमार के स्थानांतरण पर आज समीक्षा भवन में एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला स्तर के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

​प्रशासनिक कुनबे ने दी शुभकामनाएं

​जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने जतिन कुमार के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने बेहद कम समय में अपनी कार्यकुशलता और निष्पक्षता से जिले के प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वहीं, वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव ने उनके साथ के समन्वय और कानून व्यवस्था में उनके सहयोग की प्रशंसा की।

​समारोह में उपस्थित मुख्य अधिकारी

​विदाई की इस घड़ी में भागलपुर के लगभग सभी प्रमुख विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • ​ प्रदीप कुमार सिंह, उप विकास आयुक्त
  • ​ शैलेंद्र सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक
  • ​ दिनेश राम, अपर समाहर्ता
  • ​ राकेश रंजन, अपर समाहर्ता (विधि व्यवस्था)
  • ​ कुंदन कुमार, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन)
  • ​ सुधीर कुमार, जिला नीलम पत्र पदाधिकारी
  • ​ राजकुमार शर्मा, जिला शिक्षा पदाधिकारी
  • ​ दुर्गा शंकर, निदेशक डीआरडीए

​भावुक क्षणों के बीच विदाई

​समारोह के दौरान अधिकारियों ने जतिन कुमार को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। विदाई की बेला में अधिकारी थोड़े भावुक भी नजर आए। अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने भी उनके साथ बिताए गए समय और उनके सरल स्वभाव की चर्चा की।

​”जतिन कुमार जैसे अधिकारियों की कार्यशैली टीम के लिए प्रेरणादायक होती है। हमें विश्वास है कि वे अपने नए कार्यक्षेत्र में भी सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे।”

— जिला प्रशासन, भागलपुर

भागलपुर: अपनों ने ठुकराया, मानवाधिकार ने अपनाया; बेघर वृद्ध महिला को मिला ‘सहारा’

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Bhagalpur News: समाज में रिश्तों के बिखरने और बुजुर्गों की अनदेखी की एक मर्मस्पर्शी तस्वीर आज उस समय सुकून में बदल गई, जब दर-दर भटक रही 65 वर्षीय वृद्ध महिला रेणु देवी को शरण्य राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था के प्रयासों से नया आशियाना मिला। पति के देहांत के बाद अपनों द्वारा बेसहारा छोड़ दी गई इस वृद्धा के लिए संस्था के सदस्य ‘बजरंगबली’ बनकर सामने आए और उन्हें स्वाभिमान के साथ जीने का हक दिलाया।

​ अपनों की बेरुखी और दर-दर की ठोकरें

​65 वर्षीय रेणु देवी की कहानी बेहद हृदयविदारक थी। पति के स्वर्गवास के बाद बेटा-बेटी और रिश्तेदारों ने उनका साथ छोड़ दिया। रहने और खाने की समस्या के बीच वे सड़कों पर भटकने को मजबूर थीं। इस उम्र में कोई सहारा न देख उनकी आंखों के आगे अंधेरा छा गया था। इसी दौरान भागलपुर जिला मानवाधिकार सचिव सुबोध शर्मा की नजर उन पर पड़ी, जिसके बाद उनकी किस्मत बदल गई।

​ मानवाधिकार संस्था की तत्परता और प्रशासनिक पहल

​सुबोध शर्मा वृद्ध महिला को सम्मानपूर्वक संस्था के कार्यालय लेकर आए। इसके बाद मानवाधिकार के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. ईशांत सिन्हा के निर्देशन में त्वरित कार्रवाई शुरू की गई।

  • ​विभागीय समन्वय: संस्था ने समाज कल्याण विभाग, भागलपुर से संपर्क किया।
  • ​सत्यापन प्रक्रिया: वार्ड संख्या 42 के पार्षद से संपर्क कर आवश्यक जानकारी जुटाई गई और आवेदन की प्रक्रिया पूरी की गई।
  • ​पुलिस को सूचना: स्थानीय बबरगंज थाना को भी इस मानवीय पहल की औपचारिक सूचना दी गई।

​ ‘सहारा वृद्धाश्रम’ में मिली नई जिंदगी

​सभी कानूनी और विभागीय कागजात पूरे होने के बाद, रेणु देवी को पूरे सम्मान के साथ घंटी पोखर स्थित ‘सहारा वृद्धाश्रम’ पहुंचाया गया। वृद्धाश्रम की चौखट पर कदम रखते ही रेणु देवी की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। उन्होंने राहत की सांस लेते हुए संस्था के सदस्यों को हृदय से आशीर्वाद दिया।

​ सेवा कार्य में जुटे रहे ये दिग्गज

​इस नेक कार्य को सफल बनाने में मानवाधिकार के लीगल एडवाइजर एडवोकेट राजेश कुमार जायसवाल, प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट कुणाल सिंह, अध्यक्ष प्रेम कुमार तिवारी, मीडिया प्रभारी मनीष राम, सामाजिक कार्यकर्ता देव मिश्रा और दीपक यादव ने सक्रिय भूमिका निभाई। संस्था के सदस्यों ने संकल्प लिया कि वे समाज के ऐसे उपेक्षित वर्गों के लिए हमेशा ढाल बनकर खड़े रहेंगे।

भागलपुर: आदमपुर चौक के पास पुलिस की बड़ी रेड, पिस्टल और टैब के साथ युवक गिरफ्तार

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Bhagalpur News: भागलपुर शहर में अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए भागलपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’ तेजी से जारी है। इसी क्रम में जोगसर थाना क्षेत्र के आदमपुर चौक स्थित शांतम रेजेंसी होटल के समीप पुलिस ने घेराबंदी कर एक शातिर युवक को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़े गए युवक की पहचान आयुष सिन्हा के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से एक देशी पिस्टल और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।

​ होटल के पास घेराबंदी, भागने की कोशिश हुई नाकाम

​वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर शहर में अवैध हथियारों और शराब की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आदमपुर क्षेत्र में कुछ संदिग्ध युवक किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं।

​सूचना मिलते ही सिटी एसपी की निगरानी और डीआईयू (DIU) टीम के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। जब पुलिस टीम शांतम रेजेंसी होटल के पास पहुँची, तो पुलिस की गाड़ी देख आयुष सिन्हा भागने लगा। हालांकि, मुस्तैद जवानों ने दौड़कर उसे दबोच लिया। इस दौरान एक विधि विरुद्ध बालक (नाबालिग) को भी हिरासत में लिया गया है।

​ क्या-क्या हुआ बरामद?

​पुलिस द्वारा की गई तलाशी में आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामान जब्त किया गया है:

  • ​हथियार: एक लोडेड देशी पिस्टल।
  • ​इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स: एक मोबाइल फोन और एक महंगा टैब।
  • ​वाहन: घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल।

​## पुलिस की जांच: बड़ी साजिश का खुलासा संभव

​अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर-01) ने बताया कि गिरफ्तार युवक से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद पिस्टल कहाँ से लाई गई थी और आदमपुर जैसे व्यस्त इलाके में युवक किस उद्देश्य से हथियार लेकर घूम रहा था। पुलिस को आशंका है कि यह किसी बड़ी लूट या छिनतई की योजना का हिस्सा हो सकता है।

​ “अपराधियों के लिए शहर में कोई जगह नहीं”

​पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शराब, हथियार और छिनतई करने वाले गिरोहों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। जोगसर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आयुष सिन्हा को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

भागलपुर: तिलकामांझी-सबौर रोड पर ऑटो और ई-रिक्शा में भीषण भिड़ंत, हादसे में 4 लोग घायल

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Bhagalpur News: भागलपुर शहर के व्यस्ततम रास्तों में से एक तिलकामांझी-सबौर मुख्य मार्ग पर शनिवार को रफ्तार का कहर देखने को मिला। यहाँ एक तेज रफ्तार सीएनजी ऑटो और ई-रिक्शा के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में ऑटो और ई-रिक्शा पर सवार कुल चार लोग घायल हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई।

​ स्थानीय लोगों ने दिखाई तत्परता, घायलों को पहुँचाया अस्पताल

​हादसे के तुरंत बाद आसपास के दुकानदार और राहगीर मदद के लिए दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों की मदद से सभी चारों घायलों को तुरंत पास के एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया। गनीमत यह रही कि सभी को मामूली चोटें आई हैं और प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को खतरे से बाहर बताया है।

​ नशे में था ई-रिक्शा चालक? प्रत्यक्षदर्शियों का बड़ा दावा

​घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने हादसे की मुख्य वजह ई-रिक्शा चालक की लापरवाही को बताया है। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि:

  • ​अनियंत्रित रफ्तार: ई-रिक्शा बहुत तेज गति में था और गलत दिशा से आ रहा था।
  • ​नशे की आशंका: स्थानीय लोगों के अनुसार, ई-रिक्शा चालक नशे की हालत में लग रहा था, जिसके कारण वह वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और सीधे सामने से आ रहे ऑटो से जा टकराया।

​ जांच में जुटी पुलिस, नशे के दावों की होगी पुष्टि

​सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लिया। पुलिस ने बताया कि घायलों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस टीम इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि क्या ई-रिक्शा चालक वास्तव में शराब या किसी अन्य नशे के प्रभाव में था। यदि नशे की पुष्टि होती है, तो चालक के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

​ बढ़ते हादसों से लोग परेशान

​तिलकामांझी-सबौर मार्ग पर ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या और चालकों की मनमानी से अक्सर जाम और हादसों की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर वाहनों की रफ्तार और चालकों के लाइसेंस व नशे की नियमित जांच की जाए ताकि ऐसे हादसों पर लगाम लगाई जा सके।

भागलपुर: बरारी फायरिंग कांड में पुलिस का बड़ा प्रहार, आरोपी सुमन साह हथियार के साथ दबोचा गया

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Bhagalpur News: भागलपुर शहर के बरारी थाना क्षेत्र में दहशत फैलाने वाले फायरिंग कांड में पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। मधु चौक के समीप फैक्ट्री रोड पर हुई गोलीबारी की घटना में संलिप्त अपराधी सुमन साह को पुलिस ने धर दबोचा है। गिरफ्तारी के वक्त पुलिस ने आरोपी के पास से एक लोडेड देसी कट्टा भी बरामद किया है, जिससे पुलिस की बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।

​ सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद एक्शन

​विदित हो कि बीती 5 अप्रैल को मधु चौक के पास दो गुटों के बीच वर्चस्व और आपसी विवाद को लेकर खुलेआम गोलीबारी हुई थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था, जिसके बाद शहर की कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे थे। भागलपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई शुरू की।

​ छापेमारी के दौरान दबोचा गया शातिर सुमन

​बरारी थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि फायरिंग कांड का आरोपी सुमन साह इलाके में ही छिपा हुआ है और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में है। पुलिस ने त्वरित घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से अवैध हथियार की बरामदगी ने मामले में उसकी संलिप्तता की पुष्टि कर दी है।

​ अब तक की कार्रवाई और पुलिस की रणनीति

  • ​दूसरी बड़ी गिरफ्तारी: इस मामले में पुलिस पहले ही एक आरोपी को जेल भेज चुकी है। सुमन साह की गिरफ्तारी इस कांड में दूसरी बड़ी सफलता है।
  • ​फरार आरोपियों की पहचान: पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो और स्थानीय इनपुट के आधार पर फायरिंग में शामिल अन्य सभी चेहरों की पहचान कर ली गई है।
  • ​लगातार छापेमारी: फरार अपराधियों के संभावित ठिकानों पर पुलिस की विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द बाकी अपराधी भी सलाखों के पीछे होंगे।

​ “अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा”: पुलिस प्रशासन

​पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शहर की शांति भंग करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। फायरिंग जैसी घटनाओं में शामिल लोगों पर कठोर धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। सुमन साह की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस कांड के पीछे की मुख्य साजिश क्या थी और हथियार कहाँ से उपलब्ध कराए गए थे।

बिहार की जीविका दीदियों का कमाल: 50 लाख आंगनबाड़ी बच्चों के लिए सिली 10 लाख पोशाकें, महिलाओं की कमाई में भारी उछाल

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Patna News: बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में जीविका दीदियां एक नई क्रांति लिख रही हैं। अब आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले नन्हे बच्चों को बाजार की रेडीमेड ड्रेस के बजाय जीविका दीदियों के हाथों से सिली हुई गुणवत्तापूर्ण पोशाकें मिल रही हैं। इस पहल के तहत अब तक 10 लाख से अधिक पोशाक सेट का वितरण सफलतापूर्वक किया जा चुका है, जो महिला सशक्तिकरण और सरकारी योजनाओं के बेहतर समन्वय का एक बेहतरीन उदाहरण है।

​ घर बैठे रोजगार: हर महीने 10 हजार तक की आमदनी

​इस योजना ने ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वावलंबन के नए द्वार खोल दिए हैं। राज्यभर में हजारों महिलाओं को उनके घर के पास ही सिलाई का काम मिला है।

  • ​बढ़ती आय: सिलाई कार्य से जुड़ी जीविका दीदियां हर महीने औसतन 10,000 रुपये कमा रही हैं।
  • ​सशक्तीकरण: वर्तमान में करीब 1.5 लाख महिलाएं इस मुहिम का हिस्सा हैं। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुधरी है, बल्कि समाज में उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

​ 1000 संकुल केंद्रों पर चल रहा है ‘सिलाई का महाभियान’

​पूरे प्रदेश में 1000 से अधिक संकुल स्तरीय संघों (CLF) के माध्यम से सिलाई का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। कई जिलों में आधुनिक ‘सिलाई घर’ और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं। यहाँ दीदियों को आधुनिक सिलाई मशीनों का उपयोग करने और बेहतर फिनिशिंग के लिए विशेष कौशल विकास प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

​ 1.13 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को मिला नया लुक

​यह पहल केवल रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा लाभ बच्चों को मिल रहा है।

  • ​गुणवत्ता और एकरूपता: बच्चों को अब एकसमान, टिकाऊ और बेहतर क्वालिटी के कपड़े मिल रहे हैं।
  • ​लाभार्थी: प्रदेश के लगभग 1.13 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित करीब 50 लाख बच्चों को इस योजना के तहत कवर किया जा रहा है।

​ ‘लोकल फॉर वोकल’ का सफल मॉडल

​विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह मॉडल ‘लोकल फॉर वोकल’ को धरातल पर उतार रहा है। बाजार पर निर्भरता कम हुई है और सरकारी पैसा सीधे ग्रामीण महिलाओं के हाथों में पहुंच रहा है। आने वाले समय में सिलाई कार्य से जुड़ने वाली दीदियों की संख्या में और इजाफा करने का लक्ष्य रखा गया है।

बिहार में ‘मीठी क्रांति’ की तैयारी: गैर-चीनी मिल क्षेत्रों में गन्ने की खेती का होगा विस्तार, सरकार दे रही मुफ्त बीज

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Patna News: बिहार सरकार अब राज्य के उन जिलों में भी गन्ने की मिठास घोलने की तैयारी कर रही है, जहाँ वर्तमान में कोई चीनी मिल कार्यरत नहीं है। राज्य के गन्ना उद्योग विभाग ने ‘गन्ना फसल क्षेत्र विस्तार योजना’ के तहत एक बड़ी मुहिम शुरू की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने के लिए कच्चा माल तैयार करना और राज्य में 25 नई चीनी मिलों की स्थापना का आधार मजबूत करना है।

​ 25 जिलों में नई चीनी मिलों और गुड़ उद्योग पर फोकस

​बिहार सरकार राज्य के 25 जिलों में नई चीनी मिलें स्थापित करने और ‘बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम’ को नई ऊंचाई देने के लिए प्रयासरत है। जिन क्षेत्रों में चीनी मिलें नहीं हैं, वहां किसानों को गन्ना उगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि गुड़ उत्पादन और गन्ने के जूस के व्यवसाय के जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित हो सकें।

​ 468 एकड़ में बिछा गन्ने का जाल: इन जिलों में काम शुरू

​विभागीय आंकड़ों के अनुसार, अब तक राज्य के गैर-चीनी मिल क्षेत्रों में 468.93 एकड़ भूमि पर गन्ने की बुवाई सफलतापूर्वक की जा चुकी है। इस योजना में प्राथमिकता के आधार पर इन जिलों को शामिल किया गया है:

  • ​प्रमुख जिले: भागलपुर, पटना, गया, भोजपुर (आरा), मुजफ्फरपुर, दरभंगा, जमुई, पूर्णिया, सहरसा और सीतामढ़ी।

​ किसानों के लिए बड़ी राहत: मुफ्त मिल रहा है गन्ना बीज

​गन्ना उद्योग विभाग उन किसानों को सीधा लाभ पहुंचा रहा है जो पारंपरिक फसलों को छोड़कर गन्ने की खेती अपनाना चाहते हैं।

  • ​निशुल्क बीज: योजना के तहत विभाग किसानों को बिना किसी शुल्क के उन्नत किस्म के गन्ना बीज उपलब्ध करा रहा है।
  • ​पात्रता: न्यूनतम 0.25 एकड़ से लेकर अधिकतम 5 एकड़ तक की खेती करने वाले किसान इस मुफ्त बीज योजना का लाभ उठा सकते हैं।
  • ​संपर्क: विभागीय अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क कर रहे हैं ताकि उन्हें तकनीक और बीज की जानकारी दी जा सके।

​ एक बार बुवाई, तीन बार कमाई: आय बढ़ाने का ‘मास्टर प्लान’

​ईख आयुक्त श्री अनिल कुमार झा ने बताया कि गन्ने की खेती किसानों के लिए बेहद मुनाफे का सौदा है। इसके कई तकनीकी और आर्थिक लाभ हैं:

  1. ​बहु-कटाई (Ratoon Cropping): गन्ने की एक बार बुवाई करने के बाद इसकी तीन बार तक कटाई की जा सकती है, जिससे लागत कम और मुनाफा ज्यादा होता है।
  2. ​गुड़ उत्पादन: किसान स्वयं गुड़ बनाकर अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं।
  3. ​रोजगार के अवसर: गन्ने के जूस की बढ़ती मांग और गुड़ इकाइयों की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

​ खेती से लेकर उद्योग तक का सफर

​सरकार के इस कदम से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि भविष्य में बंद पड़ी चीनी मिलों के पहिये घूमने की भी प्रबल संभावना बन गई है। मुफ्त बीज और तकनीकी सहायता के जरिए बिहार एक बार फिर गन्ना उत्पादन में अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है।

भागलपुर: निजी स्कूलों की ‘लूट’ पर प्रशासन का डंडा, DM ने दो टूक कहा- “शिक्षा के मंदिर को व्यापार न बनाएं”

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Bhagalpur News: शहर के निजी स्कूलों द्वारा री-एडमिशन (पुनः नामांकन) और महंगी किताबों के नाम पर अभिभावकों की जेब ढीली करने के खेल पर अब जिला प्रशासन ने पूर्ण विराम लगाने की तैयारी कर ली है। लगातार मिल रही शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने सख्त रुख अख्तियार किया है। टाउन हॉल में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में जिले के तमाम बड़े निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को तलब किया गया और उन्हें कड़े लहजे में चेतावनी दी गई।

​ शिक्षा का मंदिर है, भेदभाव का केंद्र नहीं: DM

​बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने भावुक और कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्कूल ज्ञान के केंद्र होते हैं, यहाँ अमीर और गरीब के आधार पर बच्चों या अभिभावकों के साथ भेदभाव कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

​”शिक्षा को व्यापार न समझें। अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालना न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि यह अनैतिक भी है। प्रशासन अब हर गतिविधि पर पैनी नजर रखेगा।” — डॉ. नवल किशोर चौधरी, जिलाधिकारी

 

​ इन 3 मुद्दों पर प्रशासन का कड़ा रुख

​बैठक में मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर चर्चा हुई, जिसने स्कूल संचालकों के पसीने छुड़ा दिए:

  1. ​री-एडमिशन फीस पर रोक: हर साल अगली कक्षा में जाने के नाम पर ली जाने वाली मोटी ‘री-एडमिशन फीस’ पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
  2. ​महंगी किताबों का सिंडिकेट: स्कूलों द्वारा निर्धारित दुकानों से ही महंगी किताबें खरीदने के दबाव को गलत बताया गया। अभिभावकों को छूट होनी चाहिए कि वे कहीं से भी किताबें और यूनिफॉर्म खरीद सकें।
  3. ​सरकारी गाइडलाइन का पालन: डीएम ने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा निजी स्कूलों के लिए जो नियमावली बनाई गई है, उसका अक्षरशः पालन करना अनिवार्य होगा।

​ अधिकारियों की मौजूदगी में बनी रणनीति

​इस महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी के साथ उप विकास आयुक्त (DDC) और जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) भी मौजूद रहे। जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे एक निगरानी टीम बनाएं जो नियमित रूप से स्कूलों की फीस संरचना और किताब बिक्री की प्रक्रिया की जांच करे।

​ नियम तोड़ा तो होगी कड़ी कार्रवाई

​जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई विद्यालय नियमों का उल्लंघन करता पाया गया या किसी अभिभावक ने साक्ष्यों के साथ शिकायत दर्ज कराई, तो उस स्कूल की मान्यता रद्द करने तक की अनुशंसा की जा सकती है।

​अभिभावकों में जगी उम्मीद:

प्रशासन के इस एक्शन मोड से शहर के हजारों अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। नए सत्र की शुरुआत से पहले प्रशासन की यह सख्ती मिडिल क्लास परिवारों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।

मायागंज अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में भीषण आग, मची अफरा-तफरी; खिड़की तोड़कर बचाई गई नर्सों की जान

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Bhagalpur News: भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (मायागंज) में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में अचानक भीषण आग लग गई। शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे वार्ड में काला धुआं भर गया। राहत की बात यह है कि अस्पताल प्रबंधन और अग्निशमन विभाग की मुस्तैदी से एक बड़ा हादसा टल गया।

​धमाके के साथ भड़की आग, मची भगदड़

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रेडियोलॉजी विभाग में अचानक एक तेज आवाज हुई, जिसके तुरंत बाद शॉर्ट सर्किट से आग की लपटें उठने लगीं। कुछ ही मिनटों में धुआं इतना घना हो गया कि वहां मौजूद मरीजों और उनके परिजनों का दम घुटने लगा। अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागने लगे।

​रेस्क्यू ऑपरेशन: खिड़की तोड़कर निकाली गईं नर्सें

​आग की लपटें इतनी तेज थीं कि विभाग का मुख्य द्वार धुएं से भर गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य कर्मियों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। अंदर फंसी नर्सों और कुछ कर्मियों को निकालने के लिए विभाग की खिड़कियों के शीशे तोड़े गए और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। मौके पर मौजूद गार्डों और स्वास्थ्य कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए सभी मरीजों को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर के सहारे सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया।

​फायर ब्रिगेड ने पाया काबू

​घटना की जानकारी मिलते ही अग्निशमन विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।

​अस्पताल अधीक्षक का बयान

​अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एचपी दुबे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया:

​”आग लगने की सूचना मिलते ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया था। अच्छी बात यह है कि किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। आग से कुछ मशीनों और फर्नीचर को नुकसान पहुंचा है, जिसका आकलन किया जा रहा है। मैंने संबंधित विभाग को जल्द से जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने और सेवाओं को बहाल करने का निर्देश दे दिया है।”

 

​परिजनों ने बयां किया खौफ

​मरीजों के परिजनों ने बताया कि विभाग के अंदर अंधेरा छा गया था और सांस लेना मुश्किल हो रहा था। अचानक हुए इस हादसे ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं, हालांकि कर्मियों की फुर्ती ने कई जिंदगियां बचा लीं।