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बासा पर सो रहे किसान की गोली मारकर हत्या: Ismailpur में सनसनी

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत Ismailpur थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। पश्चिमी भिट्ठा गांव में 65 वर्षीय किसान बूट्टन मंडल की अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।

 क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, मृतक बूट्टन मंडल शनिवार रात अपने बासा (खेत के पास बने ठिकाने) पर सोए हुए थे।
देर रात करीब 2 से 3 बजे के बीच अज्ञात अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया

बदमाशों ने उनके पेट में गोली मारी

गोली छाती को चीरते हुए बाहर निकल गई
मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई
बताया जा रहा है कि घटनास्थल उनके घर से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित है।

सुबह बेटे ने देखा खौफनाक मंजर

घटना की जानकारी रविवार सुबह उस वक्त हुई जब उनका बड़ा बेटा मवेशियों को चारा देने बासा पर पहुंचा।
पिता को सोया समझकर जगाने की कोशिश की
लेकिन शरीर खून से लथपथ मिला
पिता को मृत अवस्था में देखकर वह सन्न रह गया
इसके बाद तुरंत परिजनों और पुलिस को सूचना दी गई।

इलाके में दहशत, कई सवाल खड़े

हत्या की खबर फैलते ही पूरे गांव में सनसनी फैल गई।
ग्रामीणों के अनुसार, बूट्टन मंडल मिलनसार व्यक्ति थे
उनका किसी से कोई विवाद नहीं था
➡️ ऐसे में हत्या के पीछे की वजह को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं

पुलिस जांच में जुटी

सूचना मिलते ही Ismailpur थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए
आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है
अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी

परिजन का बयान

“हमलोगों को किसी से दुश्मनी की जानकारी नहीं है। रात में क्या हुआ, कुछ समझ नहीं आ रहा है। पुलिस से जल्द कार्रवाई की मांग है।”
निष्कर्ष
भागलपुर के इस्माइलपुर में हुई यह वारदात न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि ग्रामीण इलाकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाती है।
अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि आखिर इस हत्या के पीछे कौन है और वजह क्या है।

सुरों की मलिका को अंतिम सलाम: Asha Bhosle का 92 वर्ष की उम्र में निधन

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Bhagalpur News: भारतीय संगीत जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर पार्श्व गायिका Asha Bhosle का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।

 क्या हुआ था?

मिली जानकारी के अनुसार, Asha Bhosle को पिछले कुछ दिनों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं थीं।
11 अप्रैल को अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया
ICU में डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही थी
12 अप्रैल को इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली
परिवार के सदस्यों ने उनके निधन की पुष्टि की है।

एक युग का अंत

Asha Bhosle सिर्फ एक गायिका नहीं थीं, बल्कि भारतीय संगीत की पहचान थीं।
70+ साल का लंबा करियर
हजारों सुपरहिट गाने
हिंदी, मराठी, बंगाली सहित कई भाषाओं में गायन
हर शैली—ग़ज़ल, पॉप, क्लासिकल, फिल्मी—में महारत
उनकी आवाज़ ने कई पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध किया।

परिवार और विरासत

वह महान गायिका Lata Mangeshkar की छोटी बहन थीं
संगीतकार R. D. Burman के साथ उनकी जोड़ी बेहद मशहूर रही
उनके गानों की विरासत आने वाली पीढ़ियों तक जिंदा रहेगी

देशभर में शोक

उनके निधन के बाद:
बॉलीवुड सितारों और नेताओं ने श्रद्धांजलि दी
सोशल मीडिया पर शोक संदेशों की बाढ़ आ गई
फैंस उन्हें याद कर भावुक हो रहे हैं

अंतिम संस्कार

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार मुंबई में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंच सकते हैं।

निष्कर्ष

Asha Bhosle का जाना भारतीय संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
उनकी आवाज़ भले ही अब खामोश हो गई हो, लेकिन उनके गीत हमेशा हमारे दिलों में गूंजते रहेंगे।

बिहार में भीषण गर्मी का अलर्ट: अगले 4 दिन खतरनाक, लू चलने की चेतावनी

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Bihar News: बिहार में गर्मी ने अभी से अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में हीटवेव (लू) का अलर्ट जारी किया है। आने वाले 3 से 4 दिनों में तापमान तेजी से बढ़ने की संभावना है, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ सकती है।

क्या कहता है India Meteorological Department?

मौसम विभाग के अनुसार:
बिहार के कई हिस्सों में तापमान 40°C के करीब या उससे अधिक पहुंच सकता है
दक्षिण और मध्य बिहार में लू चलने की प्रबल संभावना
अगले 4–5 दिनों तक बारिश की कोई उम्मीद नहीं
➡️ साफ है कि गर्मी का असर लगातार बढ़ेगा और राहत मिलने के आसार फिलहाल कम हैं।

किन जिलों में ज्यादा असर?

Patna
Gaya
Bhagalpur
Muzaffarpur
Katihar
इन जिलों में तेज धूप, गर्म हवा और उमस लोगों को परेशान कर सकती है।

क्यों खतरनाक है हीटवेव?

हीटवेव यानी लू सिर्फ गर्मी नहीं, बल्कि एक गंभीर स्वास्थ्य खतरा है।
इससे हो सकती हैं:
डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी)
चक्कर आना, सिर दर्द
हीट स्ट्रोक (गंभीर स्थिति)
बुजुर्ग और बच्चों के लिए ज्यादा खतरा

डॉक्टरों की सलाह

विशेषज्ञों के अनुसार इस मौसम में सावधानी बेहद जरूरी है:
दोपहर 12 से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें
ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं
हल्के और ढीले कपड़े पहनें
ORS, नींबू पानी, छाछ का सेवन करें
बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें

किसानों पर असर

गर्मी और लू का असर खेती पर भी पड़ सकता है:
फसलों में नमी कम होने का खतरा
सब्जियों और फल उत्पादन पर असर
सिंचाई की जरूरत बढ़ेगी

आगे क्या?

मौसम विभाग के अनुसार 18 अप्रैल तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।
यानि अभी लोगों को गर्मी और लू से जूझने के लिए तैयार रहना होगा।
बिहार में गर्मी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले दिन और भी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
ऐसे में सावधानी और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

बिहार में बड़ा सियासी बदलाव संभव: Nitish Kumar ने आवास छोड़ना किया शुरू, NDA में नए CM पर मंथन तेज

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Patna News: बिहार की राजनीति में इन दिनों एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। राज्य के मुख्यमंत्री Nitish Kumar के आधिकारिक आवास से सामान शिफ्ट करने की खबरों ने सियासी हलचल को तेज कर दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है।

 क्या है पूरा मामला?

सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने अपने आधिकारिक आवास से धीरे-धीरे सामान हटाना शुरू कर दिया है। इस कदम को राजनीतिक हलकों में बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर मंथन जारी है और 14 अप्रैल तक किसी बड़े फैसले की संभावना जताई जा रही है।

 NDA में मंथन तेज

National Democratic Alliance के शीर्ष नेताओं के बीच लगातार बैठकें हो रही हैं। सूत्रों के अनुसार, नए चेहरे को सामने लाने और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर गंभीर चर्चा जारी है।
यह भी माना जा रहा है कि यह बदलाव 2025 के विधानसभा चुनाव और भविष्य की राजनीति को ध्यान में रखते हुए किया जा सकता है।

 क्यों अहम है यह फैसला?

बिहार की राजनीति में Nitish Kumar लंबे समय से एक केंद्रीय चेहरा रहे हैं
संभावित बदलाव से राज्य की राजनीतिक दिशा बदल सकती है
NDA के भीतर शक्ति संतुलन पर भी इसका असर पड़ेगा
विपक्षी दल भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं

विपक्ष का हमला

विपक्षी दलों ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि सरकार के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है और यह बदलाव अंदरूनी अस्थिरता का संकेत है।

आगे क्या?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले 48 घंटे बिहार की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
अगर NDA किसी नए चेहरे को मुख्यमंत्री बनाती है, तो यह राज्य की सत्ता संरचना में एक बड़ा बदलाव होगा।

बिहार की राजनीति एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर खड़ी है।
मुख्यमंत्री Nitish Kumar के कदम और NDA की रणनीति आने वाले दिनों में राज्य की दिशा तय कर सकती है।

कटिहार सड़क हादसा: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जताया गहरा दुख, मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50 हजार मुआवजे का ऐलान

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Patna News: कटिहार जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र में हुई भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में हुई मौतों पर मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने इस घटना को अत्यंत दुखद और हृदयविदारक बताते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की है।

​मुआवजे की घोषणा: मुख्यमंत्री राहत कोष से मिलेगी मदद

​हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से मुआवजे का निर्देश जारी किया है:

  • ​मृतकों के आश्रितों को: मुख्यमंत्री राहत कोष से 02-02 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।
  • ​घायलों को: बेहतर इलाज और सहायता के लिए 50-50 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे।

​प्रशासनिक मुस्तैदी: मौके पर पहुंचे वरीय अधिकारी

​मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राज्य के वरीय अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। राहत और बचाव कार्य (Rescue Operation) में तेजी लाई गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि स्थानीय प्रशासन घायलों के समुचित और उच्च स्तरीय इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करे ताकि किसी भी परिस्थिति में जीवन की रक्षा की जा सके।

​“मैं इस घटना से मर्माहत हूँ”: मुख्यमंत्री

​मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि वह इस हादसे से मर्माहत हैं। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि पीड़ितों को हर संभव सरकारी सहायता प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाए।

​घटना का संक्षिप्त विवरण

​बता दें कि शनिवार को कटिहार के कोढ़ा थाना क्षेत्र में बस, पिकअप और बाइक के बीच हुई जबरदस्त टक्कर में कई लोगों की जान चली गई थी। पिकअप पर सवार लोग मेला देखकर लौट रहे थे, तभी यह भीषण हादसा हुआ।

बिहार में सरकारी डॉक्टरों की ‘प्राइवेट प्रैक्टिस’ पर पूर्ण रोक, नीतीश सरकार ने ‘सात निश्चय-3’ के तहत लिया बड़ा फैसला

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Patna News: बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से नीतीश सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। राज्य सरकार के ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के तहत अब सरकारी सेवा में कार्यरत एलोपैथिक डॉक्टरों के निजी प्रैक्टिस (Private Practice) करने पर पूर्णतः रोक लगा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी इस संकल्प को सरकार की सहमति मिल गई है।

​इन पर लागू होगा नया नियम

​सरकार के इस फैसले का असर राज्य के तीन प्रमुख संवर्गों के चिकित्सकों पर पड़ेगा:

  1. ​बिहार स्वास्थ्य सेवा संवर्ग (सामान्य सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर)
  2. ​बिहार चिकित्सा शिक्षा सेवा संवर्ग (मेडिकल कॉलेजों के प्रोफेसर और डॉक्टर)
  3. ​इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान (IGIC) के चिकित्सा सेवा संवर्ग

​मिलेगा गैर-व्यावसायिक भत्ता (NPA)

​निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने के बदले सरकार डॉक्टरों को क्षतिपूर्ति के रूप में गैर-व्यावसायिक भत्ता (Non-Practicing Allowance – NPA) या प्रोत्साहन राशि प्रदान करेगी। इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश सक्षम प्राधिकार के अनुमोदन के बाद जल्द ही अलग से निर्गत किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस कदम से डॉक्टर अपना पूरा समय सरकारी अस्पतालों और मरीजों की सेवा में दे सकेंगे।

​क्यों लिया गया यह फैसला?

​अक्सर यह शिकायतें आती थीं कि सरकारी डॉक्टर अस्पतालों के ड्यूटी समय में भी निजी क्लीनिकों में समय देते हैं, जिससे गरीब मरीजों को सरकारी सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पाता। ‘सात निश्चय-3’ के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र में गुणवत्ता लाने के लिए इस पुरानी और विवादित व्यवस्था को खत्म करने का निर्णय लिया गया है।

​प्रशासनिक मुस्तैदी

​स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह के हस्ताक्षर से जारी इस पत्र की प्रतिलिपि राज्य के सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों (DM), मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों, अधीक्षकों और सिविल सर्जनों को भेज दी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वाले चिकित्सकों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

भागलपुर: आपदा पीड़ितों को अब जल्द मिलेगा मुआवजा, DM ने बदली व्यवस्था, अपर समाहर्ता को मिली अनुदान स्वीकृति की शक्ति

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में आपदा के शिकार हुए परिवारों के लिए एक राहत भरी खबर है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने आपदा अनुग्रह अनुदान (Ex-gratia Grant) की प्रक्रिया को और अधिक सरल और तेज बनाने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। अब प्राकृतिक या गैर-प्राकृतिक आपदा से होने वाली मृत्यु के मामलों में मुआवजे की स्वीकृति देने की शक्ति अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) को सौंप दी गई है।

​क्यों लिया गया यह फैसला?

​इससे पहले यह शक्ति जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO) के पास थी। जिलाधिकारी ने पाया कि अनुमंडल पदाधिकारियों पर विकास कार्यों, विधि व्यवस्था (Law and Order) और न्यायिक कार्यों का अत्यधिक बोझ रहता है। इस कारण मृतक अनुग्रह अनुदान की फाइलों के निष्पादन में देरी होती थी और पीड़ित परिवारों को समय पर सहायता राशि नहीं मिल पाती थी।

​नई व्यवस्था से क्या बदलेगा?

​जिलाधिकारी द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत शक्तियों का प्रत्यायोजन (Power Delegate) किए जाने के बाद अब प्रक्रिया में निम्नलिखित बदलाव होंगे:

  • ​सीधे अपर समाहर्ता को फाइल: अब जिले के सभी अंचल अधिकारी (CO) मृतक अनुग्रह अनुदान से संबंधित मूल फाइलें अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) को भेजने के बजाय सीधे अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, भागलपुर को उपलब्ध कराएंगे।
  • ​त्वरित निष्पादन: मध्यवर्ती स्तर (SDO कार्यालय) के हटने से फाइलों के निपटारे में लगने वाला समय बचेगा।
  • ​जल्द भुगतान: आश्रितों के बैंक खातों में मुआवजे की राशि अब पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी से पहुंच सकेगी।

​DM को है अधिकार

​विभागीय आदेशों के आलोक में जिला दण्डाधिकारी (DM) ही जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के पदेन अध्यक्ष और ‘इंसिडेंट कमांडर’ होते हैं। इसी शक्ति का उपयोग करते हुए डीएम ने जनहित में कार्यों के बोझ को कम करने और पारदर्शिता लाने के लिए यह आदेश जारी किया है।

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प्रशासन का यह कदम उन गरीब और पीड़ित परिवारों के लिए मील का पत्थर साबित होगा जो आपदा के बाद आर्थिक मदद के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते थे। अब फाइलें सीधे अंचल से जिले को भेजी जाएंगी, जिससे भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी और सहायता समय पर मिलेगी।

भागलपुर गंगा पथ: अब हवा से तय हुआ सड़क का रास्ता, सचिव और डीएम ने हेलीकॉप्टर से किया हवाई सर्वेक्षण

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Bhagalpur News:

भागलपुर और मुंगेर के बीच कनेक्टिविटी को एक नए स्तर पर ले जाने वाली महत्वाकांक्षी “मुंगेर-भागलपुर गंगा पथ परियोजना” ने आज एक बड़ी छलांग लगाई है। बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (BSRDCL) द्वारा इस परियोजना के संरेखण (Alignment) का हवाई सर्वेक्षण किया गया, जिससे इस प्रोजेक्ट की रूपरेखा और निर्माण की दिशा तय की जा सके।

​आसमान से परखी गई प्रोजेक्ट की बारीकियां

​शनिवार को सुल्तानगंज स्थित कृष्णानंद सूर्यमल (KS) उच्च विद्यालय के मैदान में बने अस्थाई हैलिपैड पर अधिकारियों का चौपर उतरा। इसके बाद प्रशासनिक और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने मुंगेर से भागलपुर तक गंगा के किनारे प्रस्तावित पथ का गहन सर्वेक्षण किया।

​हवाई सर्वेक्षण की मुख्य टीमें:

हवाई सर्वेक्षण के दौरान राज्य के शीर्ष अधिकारी और जिला प्रशासन के मुखिया मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • ​पंकज कुमार पाल, सचिव, पथ निर्माण विभाग (बिहार सरकार)
  • ​शीर्षक कपिल अशोक, निदेशक, पथ विकास निगम
  • ​डॉ. नवल किशोर चौधरी, जिलाधिकारी, भागलपुर

​HAM मॉडल पर तैयार होगा गंगा पथ

​यह परियोजना Hybrid Annuity Model (HAM) पर आधारित है। हवाई सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य जमीन की उपलब्धता, भौगोलिक बाधाओं और गंगा के बहाव क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए सड़क के सबसे सटीक रास्ते (Alignment) को अंतिम रूप देना है। इस पथ के बन जाने से भागलपुर और मुंगेर के बीच की दूरी न केवल कम होगी, बल्कि व्यापार और पर्यटन को भी नई संजीवनी मिलेगी।

​परियोजना की खास बातें:

श्रेणी

विवरण

परियोजना का नाम

मुंगेर-भागलपुर गंगा पथ परियोजना

क्रियान्वयन एजेंसी

बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लि० (BSRDCL)

सर्वेक्षण विधि

हवाई सर्वेक्षण (Chopper के माध्यम से)

प्रमुख फोकस

कनेक्टिविटी, समय की बचत और सुल्तानगंज-भागलपुर जुड़ाव

प्रशासनिक मुस्तैदी

​जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि हवाई सर्वेक्षण के माध्यम से परियोजना के तकनीकी पहलुओं को बारीकी से समझा गया है। प्रशासन का लक्ष्य है कि संरेखण की प्रक्रिया जल्द पूरी हो ताकि निर्माण कार्य सुचारू रूप से शुरू किया जा सके।

वैशाली: खूनी इश्क का खौफनाक अंत! प्रेमी देवर ने प्रेग्नेंट भाभी की गला दबाकर की हत्या, फिर खुद पुलिस को फोन कर रची साजिश

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Bihar News: बिहार के वैशाली जिले से प्रेम और विश्वासघात की एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। पटेढ़ी बेलसर थाना क्षेत्र के मौना विशुनपुर गांव में एक प्रेमी देवर ने अपनी ही प्रेग्नेंट प्रेमिका (भाभी) की गला दबाकर हत्या कर दी। इतना ही नहीं, शातिर आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद ही फोन कर हत्या की झूठी कहानी रची और मृतका के सास-ससुर को फंसाने की साजिश रची।

​गेहूं के खेत में थे परिजन, घर में हुआ कत्ल

​घटना शनिवार की है जब मृतका राधा कुमारी (26 वर्ष) के सास-ससुर गेहूं की कटाई के लिए खेत में गए हुए थे। घर में राधा अकेली थी, जिसका फायदा उठाकर गांव के ही उसके प्रेमी देवर साहिल पटेल ने इस वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि राधा 3 महीने की गर्भवती थी। साहिल ने पहले राधा का गला दबाया और फिर उसे आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटका दिया।

​पुलिस को फोन कर खुद फंसाने की कोशिश

​आरोपी का दुस्साहस इतना था कि हत्या करने के बाद उसने खुद सदर एसडीपीओ-2 को फोन किया। उसने पुलिस को बताया कि राधा के ससुराल वालों ने उसकी हत्या कर दी है। हालांकि, पुलिस की शुरुआती जांच और परिस्थितियों ने आरोपी की पोल खोल दी।

​अवैध संबंधों की पुरानी थी दास्तान

​जानकारी के अनुसार, मृतका का पति दीपक पटेल प्रदेश में रहकर मजदूरी करता है। इसी बीच राधा और साहिल पटेल (जिसका घर महज 100 मीटर दूर है) के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हुआ। पहले भी यह मामला सामाजिक स्तर पर पंचायत के जरिए सुलझाया गया था, लेकिन किसी को नहीं पता था कि यह प्रेम संबंध एक कत्ल के साथ खत्म होगा। मृतका के पहले से दो बच्चे (एक लड़का और एक लड़की) हैं।

​पुलिस की कार्रवाई और बयान

​घटना की सूचना मिलते ही बेलसर थाना पुलिस और सदर एसडीपीओ-2 गोपाल मंडल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल भेज दिया है।

​”प्रथम दृष्टया यह गला दबाकर हत्या का मामला प्रतीत होता है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और आरोपी द्वारा दी गई जानकारी की गहनता से जांच की जा रही है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।”

— गोपाल मंडल, सदर एसडीपीओ-2

कटिहार में काल बनी रफ्तार: बस-पिकअप और बाइक की भीषण भिड़ंत, 10 की मौत से कांपा इलाका

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Katihar News: बिहार के कटिहार जिले से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। शनिवार को कोढ़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत फुलवरिया और बसगढ़ा के बीच सड़क किनारे बिछी लाशों और घायलों की कराह ने हर किसी का दिल दहला दिया। एक तेज रफ्तार बस, श्रद्धालुओं से भरी पिकअप और बाइक के बीच हुई त्रिकोणीय भिड़ंत में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 30 से अधिक लोग जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।

​खुशियां मातम में बदलीं: मेले से लौट रहे थे मासूम

​जानकारी के अनुसार, पूर्णिया के धमदाहा से चैती मेला देखकर करीब 30 से अधिक लोग पिकअप वैन पर सवार होकर अपने घर लौट रहे थे। हंसी-खुशी का माहौल उस वक्त मातम में बदल गया जब सामने से आ रही अनियंत्रित बस ने पिकअप और एक बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप के परखच्चे उड़ गए। मृतकों में महिलाएं और एक मासूम बच्ची भी शामिल है।

​लापरवाही ने ली मासूमों की जान

​प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बस की रफ्तार अत्यधिक थी और चालक की लापरवाही साफ झलक रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया:

  • ​टक्कर मारने के बाद भी बस नहीं रुकी और रास्ते में अन्य वाहनों को भी चपेट में लेने की कोशिश की।
  • ​सड़क पर चारों ओर खून और क्षतिग्रस्त वाहनों का मलबा बिखरा पड़ा था।
  • ​स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को मलबे से बाहर निकाला।

​अस्पतालों में इमरजेंसी जैसे हालात

​हादसे के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घायलों को कटिहार सदर अस्पताल और पूर्णिया सदर अस्पताल में भर्ती कराया है।

​”करीब 20 घायलों की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया जा सकता है। डॉक्टर और प्रशासन की पूरी टीम घायलों को बचाने में जुटी है।” — स्थानीय प्रशासन

 

​प्रशासनिक मुस्तैदी और जांच

​घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार बस चालक की तलाश की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़कों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।