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बिहार के विकास का डंका: ‘बापू टावर’ और ‘बुद्ध संग्रहालय’ को मिला प्रतिष्ठित विश्वकर्मा अवॉर्ड, नितिन गडकरी ने किया सम्मानित

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Patna News: बिहार की वास्तुकला और बुनियादी ढांचा विकास (Infrastructure Development) को आज राष्ट्रीय मंच पर एक बड़ी पहचान मिली है। नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में बिहार की दो महत्वाकांक्षी परियोजनाओं— बापू टावर (पटना) और बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं स्मृति स्तूप (वैशाली) को प्रतिष्ठित ’17वां CIDC विश्वकर्मा अवॉर्ड 2026′ प्रदान किया गया।

​केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सौंपा सम्मान

​भवन निर्माण विभाग की इन शानदार उपलब्धियों के लिए माननीय केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी ने खुद अपने हाथों से विभाग के सचिव  कुमार रवि को यह सम्मान सौंपा। दोनों ही परियोजनाओं को ‘Best Construction Projects’ की श्रेणी में विश्वकर्मा अवॉर्ड से नवाजा गया है।

​मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विजन की जीत: सचिव कुमार रवि

​सम्मान प्राप्त करने के बाद भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री कुमार रवि ने कहा, “यह सम्मान पूरे बिहार के लिए गर्व की बात है। यह उपलब्धि माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व और उनके सतत मार्गदर्शन का परिणाम है। विभाग की पूरी टीम ने इन प्रोजेक्ट्स को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए अटूट प्रतिबद्धता दिखाई है।”

​बापू टावर: आधुनिक तकनीक और गांधीवादी दर्शन का संगम

​पटना के गर्दनीबाग में स्थित बापू टावर महात्मा गांधी के सिद्धांतों और बिहार से उनके गहरे जुड़ाव को समर्पित है। यहाँ अत्याधुनिक ऑडियो-विजुअल्स, सजीव म्यूरल्स और लघु फिल्मों के माध्यम से बापू की जीवन यात्रा को दर्शाया गया है। यह न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है, बल्कि छात्रों के लिए एक बेहतरीन शिक्षण संस्थान भी बन गया है।

​वैशाली का बुद्ध स्तूप: हजारों वर्षों तक रहेगा सुरक्षित

​वैशाली में 72 एकड़ में फैला बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं स्मृति स्तूप अपनी भव्यता के लिए जाना जाता है। इसकी मुख्य विशेषताएं:

  • ​ऐतिहासिक महत्व: यहाँ भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को सुरक्षित रखा गया है।
  • ​निर्माण शैली: इसे राजस्थान के मशहूर वंशी पहाड़पुर के बलुआ पत्थरों से बनाया गया है।
  • ​अत्याधुनिक तकनीक: यह पूरी तरह से भूकंप-रोधी है और इसकी संरचना हजारों वर्षों तक सुरक्षित रहने के लिए डिजाइन की गई है।
  • ​सुविधाएं: यहाँ विशाल संग्रहालय, लाइब्रेरी, विजिटर सेंटर और एम्फीथिएटर जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं।

​अवॉर्ड्स की हैट्रिक की ओर भवन निर्माण विभाग

​यह पहली बार नहीं है जब बिहार के निर्माण को सराहा गया है। इससे पहले भी भवन निर्माण विभाग द्वारा निर्मित सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र और अंजुमन इस्लामिया हॉल को विश्वकर्मा अवॉर्ड मिल चुका है। विभाग अपनी नई निर्माण शैलियों से देश-दुनिया में बिहार की एक प्रगतिशील पहचान बना रहा है।

बिहार की मछलियां अब दुनिया के बाजार में मचाएंगी धूम: ₹1600 किलो तक है मांग, खुलेंगे ‘फ्रेश कैच’ आउटलेट्स

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Patna News: बिहार अब न सिर्फ अनाज बल्कि मछली और दूध उत्पादन में भी ग्लोबल हब बनने की ओर अग्रसर है। बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य के मछली पालकों और डेयरी किसानों के लिए बड़े बदलावों का ऐलान किया है। सरकार का लक्ष्य बिहार की मछलियों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्यात करना है ताकि किसानों की आय में भारी इजाफा हो सके।

​सुधा की तर्ज पर ‘फ्रेश कैच’ आउटलेट्स: मिलेंगी जिंदा मछलियां

​मंत्री सुरेंद्र मेहता ने बताया कि इस माह के अंत तक पटना समेत राज्य के कई नगर निगमों में ‘फ्रेश कैच फिश आउटलेट’ शुरू किए जाएंगे। ये आउटलेट्स ठीक उसी तरह काम करेंगे जैसे सुधा के बूथ काम करते हैं। इन केंद्रों की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यहाँ ग्राहकों को बिल्कुल ताजी और जिंदा मछलियां उपलब्ध कराई जाएंगी।

​वैश्विक बाजार में बिहार की मछलियों की भारी मांग

​बिहार की मछलियों की गुणवत्ता इतनी शानदार है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इनकी कीमत 1500 से 1600 रुपये प्रति किलो तक मिल रही है। मंत्री ने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था कर रही है जिससे हमारे मछली पालकों को सीधे वैश्विक बाजार से जोड़ा जा सके और उन्हें उनकी मेहनत का सही दाम मिले।

​मछली उत्पादन में देश में चौथे स्थान पर पहुँचा बिहार

​डेयरी एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने आंकड़ों के जरिए बिहार की तरक्की का खाका पेश किया। उन्होंने बताया:

  • ​आत्मनिर्भर बिहार: राज्य अब मछली और दूध उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो चुका है।
  • ​उत्पादन: बिहार में वर्तमान में करीब 9 लाख टन मछली का उत्पादन हो रहा है।
  • ​बड़ी छलांग: 10 साल पहले बिहार मछली उत्पादन में नौवें स्थान पर था, जो अब सुधरकर चौथे स्थान पर पहुँच गया है।

​डेयरी और रोजगार: हर गाँव में खुलेगा सुधा केंद्र

​सचिव ने यह भी जानकारी दी कि हर गाँव में डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी और हर पंचायत में सुधा बिक्री केंद्र खोलने का लक्ष्य है। इससे न केवल पशुपालकों को फायदा होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार भी सृजित होंगे।

  • ​जीविका दीदियों को मौका: सुधा केंद्रों के संचालन में जीविका दीदियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनका चयन लॉटरी सिस्टम से होगा।
  • ​गोट फेडरेशन: मछली के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण मांस के लिए ‘गोट फेडरेशन’ और फिशरीज कॉर्पोरेशन की स्थापना भी जल्द की जाएगी।

​पशु नस्ल और आहार पर विशेष ध्यान

​सरकार पशुओं के नस्ल सुधार और प्रोटीनयुक्त संतुलित पशुचारा (Feed) उपलब्ध कराने के लिए ‘इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर’ बनाने जा रही है। साथ ही, पशुओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

नामांकन के लिए छात्रों का ‘महासंग्राम’: नौवीं में एडमिशन नहीं मिलने पर भड़के विद्यार्थी, सैकड़ों की संख्या में पहुंचे डीएम दरबार

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Bhagalpur News: शिक्षा के अधिकार और भविष्य को लेकर भागलपुर में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। इंटर स्तरीय तुलसीपुर जमुनिया विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने नामांकन में हो रही धांधली और मनमानी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। स्कूल से उचित जवाब न मिलने पर आक्रोशित विद्यार्थी और अभिभावक न्याय की गुहार लगाने सीधे जिलाधिकारी (DM) के जनता दरबार पहुँच गए।

​आठवीं पास की, फिर भी अपने ही स्कूल में नामांकन से ‘वंचित’

​हंगामा कर रहे छात्रों का आरोप है कि उन्होंने इसी विद्यालय से आठवीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण की है। नियमानुसार, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर नौवीं कक्षा में नामांकन मिलना चाहिए, लेकिन विद्यालय प्रशासन उन्हें दाखिला देने से साफ इनकार कर रहा है। छात्रों का कहना है कि अगर उन्हें अपने ही गांव के स्कूल में जगह नहीं मिली, तो उन्हें मीलों दूर दूसरे स्कूलों में जाना पड़ेगा, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित होगी।

​प्रधानाचार्य का तर्क: “सूची में नाम नहीं, तो एडमिशन नहीं”

​इस पूरे विवाद पर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य का अपना तर्क है। उनका कहना है कि उन्हें विभाग की ओर से केवल 76 छात्रों के नामांकन की आधिकारिक सूची प्राप्त हुई है। प्रशासन का दावा है कि वे केवल उन्हीं बच्चों का दाखिला ले रहे हैं जिनका नाम इस सूची में दर्ज है। इस सूची में स्थानीय बच्चों के बजाय बाहरी क्षेत्र के छात्रों के नाम होने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

​अभिभावकों का गंभीर आरोप: “बाहरी को जगह, स्थानीय को ठेंगा”

​जनता दरबार पहुंचे अभिभावकों ने विद्यालय प्रशासन पर मनमानी और नियमों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया है। अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा विभाग के प्रावधानों के अनुसार, सबसे पहले स्थानीय गांव के बच्चों का नामांकन सुनिश्चित होना चाहिए। आरोप है कि स्थानीय मेधावी बच्चों को दरकिनार कर अन्य क्षेत्रों के बच्चों को प्राथमिकता दी जा रही है, जो पूरी तरह से गलत है।

​अब डीएम के फैसले पर टिकी सबकी निगाहें

​सैकड़ों की संख्या में पहुंचे छात्रों और अभिभावकों की भीड़ को देख जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। छात्रों ने दोटूक कहा है कि जब तक उनका नामांकन सुनिश्चित नहीं होता, वे पीछे नहीं हटेंगे। अब देखना यह होगा कि जिलाधिकारी इस मामले में क्या हस्तक्षेप करते हैं और क्या जमुनिया विद्यालय के इन छात्रों को शिक्षा का हक मिल पाता है।

भागलपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’: ब्राउन शुगर के साथ नशे का सौदागर गिरफ्तार, मोबाइल और नकदी बरामद

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस का अभियान ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर जारी है। इसी कड़ी में मधुसूदनपुर थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए प्रतिबंधित मादक पदार्थ ब्राउन शुगर के साथ एक तस्कर को दबोच लिया है। इस कार्रवाई से इलाके के नशा माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

​रामपुरखुर्द में पुलिस की गुप्त ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

​9 अप्रैल 2026 को पुलिस को पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी कि मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के रामपुरखुर्द इलाके में नशे की एक बड़ी खेप की खरीद-बिक्री होने वाली है। सूचना मिलते ही वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। पुलिस ने जब रामपुरखुर्द में घेराबंदी की, तो एक संदिग्ध व्यक्ति भागने की कोशिश करने लगा, जिसे पुलिस जवानों ने खदेड़कर पकड़ लिया।

​तलाशी में मिला ‘जहर’, 3 मोबाइल और नकदी जब्त

​पकड़े गए आरोपी की पहचान स्थानीय निवासी इंदु कुमार के रूप में हुई है। जब पुलिस ने उसकी तलाशी ली, तो उसके पास से 3.82 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। इसके अलावा, आरोपी के पास से तीन मोबाइल फोन और 5,000 रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं। पुलिस का मानना है कि इन मोबाइलों के जरिए वह अपने ग्राहकों और मुख्य सप्लायरों के संपर्क में रहता था।

​नशे के नेटवर्क को खंगाल रही है पुलिस

​मधुसूदनपुर थाना पुलिस ने आरोपी इंदु कुमार के खिलाफ संबंधित धाराओं (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। पुलिस अब गिरफ्तार तस्कर के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और चैट्स की जांच कर रही है ताकि जिले में सक्रिय इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।

​अधिकारियों का सख्त संदेश: “जारी रहेगी कार्रवाई”

​पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले नशे के कारोबारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जिले के हर थाना क्षेत्र में संदिग्ध ठिकानों पर पुलिस की पैनी नजर है और आने वाले दिनों में कई अन्य बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।

भागलपुर पुलिस ने शाहकुंड में 8 लाख लूट कांड का किया खुलासा, हथियार के साथ शातिर अपराधी गिरफ्तार

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले की पुलिस ने शाहकुंड थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज लूट कांड की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में शामिल एक मुख्य अपराधी को दबोच लिया है। पकड़े गए अपराधी के पास से पुलिस ने अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद किया है, जिससे इलाके में अपराधियों के मनोबल पर भारी चोट पहुंची है।

​पेट्रोल पंप के पास हुई थी 8 लाख की बड़ी लूट

​गौरतलब है कि बीते 4 अप्रैल 2026 को शाहकुंड थाना क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप के समीप बेखौफ अपराधियों ने हथियार के बल पर लूट की बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। अपराधियों ने दहशत फैलाते हुए करीब 8 लाख रुपये लूट लिए थे और मौके से फरार हो गए थे। इस घटना के बाद स्थानीय व्यवसायियों और आम जनता में काफी डर का माहौल बना हुआ था।

​एसएसपी की विशेष टीम ने ‘टेक्निकल’ और ‘इनपुट’ से दी दबिश

​लूट की इस गंभीर घटना को चुनौती के रूप में लेते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव ने एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम ने घटनास्थल से मिले वैज्ञानिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मानवीय इनपुट के आधार पर संदिग्धों की पहचान शुरू की। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने छापेमारी कर आरोपी सतन कुमार यादव को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।

​देशी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद

​गिरफ्तारी के समय सतन कुमार यादव के पास से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। पुलिस का मानना है कि इस हथियार का इस्तेमाल लूट की वारदातों को अंजाम देने और लोगों को डराने के लिए किया जा रहा था। फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

​फरार अपराधियों की तलाश में पुलिस की छापेमारी तेज

​वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि इस कांड में संलिप्त अन्य अपराधियों की पहचान भी सुनिश्चित कर ली गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही पूरे गिरोह को सलाखों के पीछे पहुँचाया जाएगा। एसएसपी ने जिलेवासियों को आश्वासन दिया है कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान निरंतर जारी रहेगा।

भागलपुर में लैंड माफिया पर पुलिस का बड़ा प्रहार: जमीन कब्जा करने वाले गिरोह के 8 सदस्य गिरफ्तार, मोबाइल में छिपे थे कई राज

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Bhagalpur News: भागलपुर में सक्रिय भू-माफियाओं और जमीन कब्जा करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 8 सक्रिय सदस्यों को दबोच लिया है। इस बड़ी सफलता के बाद जिले के जमीन माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

​आनंद मार्ग क्षेत्र में कब्जे की कोशिश हुई नाकाम

​घटनाक्रम के अनुसार, 9 अप्रैल को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आनंद मार्ग इलाके में कुछ भू-माफिया संगठित होकर एक कीमती जमीन पर जबरन कब्जा करने की फिराक में हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव के निर्देश पर तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने जब मौके पर दबिश दी, तो वहां भगदड़ मच गई, लेकिन घेराबंदी कर 8 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।

​मोबाइल ने खोले गिरोह के गहरे राज

​गिरफ्तार आरोपियों के पास से 8 स्मार्ट फोन बरामद किए गए हैं, जो इस गिरोह के लिए ‘डिजिटल डायरी’ का काम कर रहे थे। एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि इन मोबाइलों की प्रारंभिक जांच में जमीन से जुड़े कई संदिग्ध और महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। मोबाइल डेटा से इस बात के भी संकेत मिले हैं कि यह गिरोह लंबे समय से शहर के विभिन्न हिस्सों में फर्जी कागजातों के दम पर कब्जा करने का काम कर रहा था।

​जांच के घेरे में कई ‘सफेदपोश’ और बड़े नाम

​पुलिस सूत्रों की मानें तो जब्त किए गए मोबाइल फोनों में कई प्रभावशाली लोगों के संपर्क नंबर और चैट मिले हैं। पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह को पीछे से किन लोगों का संरक्षण प्राप्त था और अब तक ये कितनी जमीनों पर अवैध कब्जा कर चुके हैं।

​एसएसपी की चेतावनी: “कोई भी अपराधी बख्शा नहीं जाएगा”

​वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने मीडिया को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा कि जिले में कानून का राज चलेगा और किसी भी कीमत पर भू-माफियाओं को पनपने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और इनकी निशानदेही पर अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। जमीन से जुड़े अवैध धंधे में शामिल हर शख्स सलाखों के पीछे होगा।”

एक ही आंगन से निकले दो ‘अधिकारी’: सगे भाइयों ने SSC में लहराया परचम, पूरे इलाके में जश्न

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Bhagalpur News: कहते हैं कि प्रतिभा को फलने-फूलने के लिए किसी आलीशान महल की नहीं, बल्कि अटूट संकल्प और कड़े परिश्रम की जरूरत होती है। भागलपुर जिले के जगदीशपुर प्रखंड अंतर्गत सन्हौली पंचायत के कोइली खुटाहा गांव ने आज इस बात को सच कर दिखाया है। यहाँ के दो सगे भाइयों, भवानी शंकर और रवि शंकर ने कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की परीक्षा में एक साथ सफलता हासिल कर न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे जिले का मान बढ़ाया है।

​मेहनत का मीठा फल: सरपंच के बेटों ने रचा इतिहास

​सन्हौली पंचायत के वर्तमान सरपंच विनोद कुमार यादव के घर आज खुशी का ठिकाना नहीं है। उनके दोनों पुत्रों ने एक ही साथ अधिकारी बनकर यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो तो सफलता कदम चूमती है। भवानी और रवि की इस उपलब्धि ने ग्रामीण युवाओं के बीच एक नई उम्मीद जगाई है।

​बचपन से ही था ‘अधिकारी’ बनने का जुनून

​पिता विनोद कुमार यादव गर्व से बताते हैं कि भवानी और रवि बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में काफी मेधावी थे। खेल-कूद के बजाय उनका ज्यादा समय किताबों के बीच बीतता था। ग्रामीण परिवेश और सीमित संसाधनों के बावजूद दोनों भाइयों ने कभी हार नहीं मानी। उनकी इस कामयाबी ने स्पष्ट कर दिया है कि गाँव की पगडंडियों से निकलकर भी देश के सर्वोच्च पदों तक पहुँचा जा सकता है।

​गांव में दिवाली जैसा माहौल, ढोल-नगाड़ों से हुआ स्वागत

​जैसे ही यह खबर गांव में फैली कि कोइली खुटाहा के दो लाल एक साथ अधिकारी बन गए हैं, पूरे पंचायत में जश्न का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार है जब एक ही घर से दो सगे भाइयों ने एक साथ इतनी बड़ी सफलता हासिल की है।

​युवाओं के लिए बने ‘रोल मॉडल’

​भवानी शंकर और रवि शंकर की यह जोड़ी अब क्षेत्र के अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनकी सफलता पर क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्तियों ने उज्जवल भविष्य की कामना की है। सरपंच विनोद कुमार यादव ने भावुक होते हुए कहा, “मेरे बेटों की यह जीत सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि पूरी पंचायत की जीत है। मुझे पूरा विश्वास है कि वे पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ देश की सेवा करेंगे।”

भागलपुर: गंगा में डूबने से इंटर के छात्र की दर्दनाक मौत, प्रशासन की सुस्ती पर भड़के ग्रामीण

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के बड़ी खंजरपुर दुर्गा स्थान इलाके में आज उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब गंगा नदी की लहरों ने एक होनहार छात्र की जिंदगी छीन ली। इंटर के छात्र ओम कुमार यादव की डूबने से हुई मौत के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

​क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, निरंजन यादव के पुत्र ओम कुमार यादव दोपहर के समय गंगा नदी के दूसरी ओर मवेशियों के लिए चारा (घास) लाने गए थे। नदी पार करने या काम करने के दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में समा गए। मौके पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया, लेकिन जब तक कोई कुछ समझ पाता, ओम आंखों से ओझल हो चुके थे।

​प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

​हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों ने 112 आपातकालीन सेवा को सूचित किया और एसडीआरएफ (SDRF) टीम को भी घटना की जानकारी दी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि:

  • ​SDRF की देरी: राहत दल को सूचना देने के बावजूद टीम करीब एक घंटे की देरी से पहुंची।
  • ​स्थानीय प्रयास: प्रशासन के आने से पहले स्थानीय गोताखोर और ग्रामीण करीब डेढ़ घंटे तक खुद के जोखिम पर युवक की तलाश करते रहे।
  • ​ग्रामीणों का आक्रोश: लोगों का कहना है कि अगर बचाव दल समय पर पहुंच जाता, तो शायद ओम को जीवित बचाया जा सकता था।

​असुरक्षित घाट और बार-बार होते हादसे

​स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि बड़ी खंजरपुर के इन घाटों पर पहले भी कई मौतें हो चुकी हैं। इसके बावजूद प्रशासन ने न तो यहाँ कोई चेतावनी बोर्ड लगाया है और न ही सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग या गार्ड्स की तैनाती की है। ग्रामीणों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं।

​परिवार का बुझ गया चिराग

​मृतक ओम कुमार यादव अपने दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटे थे। वह इंटर की पढ़ाई कर रहे थे और परिवार को उनसे बड़ी उम्मीदें थीं। इस असमय मौत ने परिवार की खुशियां उजाड़ दी हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

​“प्रशासन की अनदेखी और देरी ने आज एक माँ की गोद सूनी कर दी। कब तक हम गंगा की गोद में अपने बच्चों को खोते रहेंगे?”

— एक आक्रोशित ग्रामीण

भागलपुर को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान: एयरपोर्ट के साथ बनेगा पायलट ट्रेनिंग सेंटर, केंद्रीय टीम ने दिए बड़े संकेत

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Bhagalpur News: भागलपुर के आसमान में बहुत जल्द हवाई जहाजों की गर्जना सुनाई देगी। भागलपुर हवाई जहाज सेवा संघर्ष समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज केंद्रीय नागरिक उड्डयन विभाग और बिहार सरकार के अधिकारियों की संयुक्त टीम से मुलाकात की। इस वार्ता के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की टीम ने भागलपुर में एयरपोर्ट निर्माण को लेकर बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक जानकारी साझा की है।

​ अंतरराष्ट्रीय मानकों पर बनेगा भागलपुर एयरपोर्ट

​केंद्रीय टीम के नेतृत्वकर्ता ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि केंद्र सरकार भागलपुर को वैश्विक मानचित्र पर लाने के लिए गंभीर है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि:

  • ​अंतरराष्ट्रीय मानक: भागलपुर एयरपोर्ट का निर्माण अंतरराष्ट्रीय मानकों (International Standards) के अनुरूप करने की योजना है।
  • ​ट्रेनिंग सेंटर: यहाँ केवल एयरपोर्ट ही नहीं, बल्कि विमानन क्षेत्र से जुड़ा एक बड़ा ट्रेनिंग सेंटर भी स्थापित किया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
  • ​शहर का सुंदरीकरण: एयरपोर्ट निर्माण के साथ-साथ शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए भी कई बड़ी योजनाओं का शुभारंभ शीघ्र किया जाएगा।

​ पुराने हवाई अड्डे का भी होगा कायाकल्प

​वार्ता के दौरान टीम ने एक महत्वपूर्ण जानकारी यह दी कि वे भागलपुर के पुराने हवाई अड्डे का भी गहन निरीक्षण करेंगे। योजना यह है कि जब तक नए बड़े एयरपोर्ट का निर्माण पूरा होता है, तब तक पुराने हवाई अड्डे से भी वैकल्पिक हवाई सेवा शुरू करने की संभावनाओं को अमली जामा पहनाया जा सके।

​ वार्ता में शामिल रहा संघर्ष समिति का शिष्टमंडल

​भागलपुर का पक्ष मजबूती से रखने के लिए संघर्ष समिति के संयोजक कमल जायसवाल और डॉ. आनंद मिश्रा के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने अधिकारियों से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में निम्नलिखित सदस्य शामिल थे:

  1. ​डॉ. आनंद कुमार मिश्रा (सह-संयोजक)
  2. ​विनय कुमार सिन्हा (प्रवक्ता)
  3. ​कमल जायसवाल
  4. ​इंजीनियर रवि

​ जिलाधिकारी की भूमिका की सराहना

​वार्ता के बाद शिष्टमंडल के सदस्यों ने बताया कि अधिकारियों का रुख बेहद सकारात्मक था और जल्द ही सभी मानकों को पूरा करते हुए निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने इस पूरी प्रक्रिया में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें साधुवाद दिया। समिति ने कहा कि भागलपुर के विकास में जिलाधिकारी के इस योगदान को सदा याद रखा जाएगा।

भागलपुर में सजा भविष्य के ‘वॉलीबॉल स्टार्स’ का मंच: एकलव्य केंद्रों के लिए 8 जिलों के खिलाड़ियों ने दिया ट्रायल

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Bhagalpur News: बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री खेल विकास योजना’ के तहत आज भागलपुर का सैंडीस कंपाउंड वॉलीबॉल का अखाड़ा बना। खेल विभाग, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण (पटना) और जिला प्रशासन भागलपुर के संयुक्त तत्वाधान में एकलव्य राज्य आवासीय खेल प्रशिक्षण केंद्रों के लिए प्रतिभाशाली वॉलीबॉल खिलाड़ियों का चयन ट्रायल आयोजित किया गया।

​ 8 जिलों के 80 उभरते खिलाड़ियों ने दिखाया दम

​जिला खेल पदाधिकारी श्री जय नारायण कुमार ने बताया कि इस चयन प्रक्रिया में बिहार के लगभग 08 जिलों से आए 80 बालक और बालिका खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह ट्रायल विशेष रूप से 12 से 14 वर्ष के आयु वर्ग के लिए आयोजित किया गया था।

​चयन का आधार पूरी तरह वैज्ञानिक और तकनीकी रखा गया:

  • ​बैटरी टेस्ट: खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता और फुर्ती की जांच की गई।
  • ​स्किल टेस्ट: वॉलीबॉल के खेल कौशल, तकनीक और खेल की बारीकियों को परखा गया।

​ सरकार उठाएगी सारा खर्च: मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

​एकलव्य केंद्रों में नामांकित होने वाले भाग्यशाली खिलाड़ियों को बिहार सरकार की ओर से सर्वांगीण विकास का अवसर मिलेगा। चयनित खिलाड़ियों को निम्नलिखित सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जाएंगी:

  • ​आवासन और भोजन: रहने की व्यवस्था और खिलाड़ियों के अनुरूप पौष्टिक आहार।
  • ​प्रोफेशनल ट्रेनिंग: योग्य और अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा नियमित खेल अभ्यास।
  • ​शिक्षा और उपकरण: पढ़ाई के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता के खेल उपकरण और स्पोर्ट्स किट्स।

​ पटना से आए विशेषज्ञों की देखरेख में हुआ चयन

​चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बिहार राज्य खेल प्राधिकरण, पटना द्वारा तीन विशेष कोचों की प्रतिनियुक्ति की गई थी:

  1. ​ शुभम कुमार (कोच)
  2. ​ आलोक कुमार पाण्डेय (कोच)
  3. ​ कुमार हीरा (कोच)

​ खेल प्रतिभाओं के लिए सुनहरा भविष्य

​भागलपुर के सैंडीस कंपाउंड में आयोजित इस ट्रायल से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के उन प्रतिभाशाली बच्चों को मौका मिलेगा, जिनके पास संसाधनों की कमी है। जिला खेल पदाधिकारी ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बिहार के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करेंगे।