Homeबिहारपटनाबिहार में 'मीठी क्रांति' की तैयारी: गैर-चीनी मिल क्षेत्रों में गन्ने की...

बिहार में ‘मीठी क्रांति’ की तैयारी: गैर-चीनी मिल क्षेत्रों में गन्ने की खेती का होगा विस्तार, सरकार दे रही मुफ्त बीज

मुफ्त बीज से बढ़ेगी गन्ने की मिठास: बिहार के 25 जिलों में नई चीनी मिलों और गुड़ उद्योग को नई संजीवनी देने की तैयारी

Patna News: बिहार सरकार अब राज्य के उन जिलों में भी गन्ने की मिठास घोलने की तैयारी कर रही है, जहाँ वर्तमान में कोई चीनी मिल कार्यरत नहीं है। राज्य के गन्ना उद्योग विभाग ने ‘गन्ना फसल क्षेत्र विस्तार योजना’ के तहत एक बड़ी मुहिम शुरू की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने के लिए कच्चा माल तैयार करना और राज्य में 25 नई चीनी मिलों की स्थापना का आधार मजबूत करना है।

 25 जिलों में नई चीनी मिलों और गुड़ उद्योग पर फोकस

​बिहार सरकार राज्य के 25 जिलों में नई चीनी मिलें स्थापित करने और ‘बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम’ को नई ऊंचाई देने के लिए प्रयासरत है। जिन क्षेत्रों में चीनी मिलें नहीं हैं, वहां किसानों को गन्ना उगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि गुड़ उत्पादन और गन्ने के जूस के व्यवसाय के जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित हो सकें।

 468 एकड़ में बिछा गन्ने का जाल: इन जिलों में काम शुरू

​विभागीय आंकड़ों के अनुसार, अब तक राज्य के गैर-चीनी मिल क्षेत्रों में 468.93 एकड़ भूमि पर गन्ने की बुवाई सफलतापूर्वक की जा चुकी है। इस योजना में प्राथमिकता के आधार पर इन जिलों को शामिल किया गया है:

  • प्रमुख जिले: भागलपुर, पटना, गया, भोजपुर (आरा), मुजफ्फरपुर, दरभंगा, जमुई, पूर्णिया, सहरसा और सीतामढ़ी।

 किसानों के लिए बड़ी राहत: मुफ्त मिल रहा है गन्ना बीज

​गन्ना उद्योग विभाग उन किसानों को सीधा लाभ पहुंचा रहा है जो पारंपरिक फसलों को छोड़कर गन्ने की खेती अपनाना चाहते हैं।

  • निशुल्क बीज: योजना के तहत विभाग किसानों को बिना किसी शुल्क के उन्नत किस्म के गन्ना बीज उपलब्ध करा रहा है।
  • पात्रता: न्यूनतम 0.25 एकड़ से लेकर अधिकतम 5 एकड़ तक की खेती करने वाले किसान इस मुफ्त बीज योजना का लाभ उठा सकते हैं।
  • संपर्क: विभागीय अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क कर रहे हैं ताकि उन्हें तकनीक और बीज की जानकारी दी जा सके।

 एक बार बुवाई, तीन बार कमाई: आय बढ़ाने का ‘मास्टर प्लान’

​ईख आयुक्त श्री अनिल कुमार झा ने बताया कि गन्ने की खेती किसानों के लिए बेहद मुनाफे का सौदा है। इसके कई तकनीकी और आर्थिक लाभ हैं:

  1. बहु-कटाई (Ratoon Cropping): गन्ने की एक बार बुवाई करने के बाद इसकी तीन बार तक कटाई की जा सकती है, जिससे लागत कम और मुनाफा ज्यादा होता है।
  2. गुड़ उत्पादन: किसान स्वयं गुड़ बनाकर अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं।
  3. रोजगार के अवसर: गन्ने के जूस की बढ़ती मांग और गुड़ इकाइयों की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

 खेती से लेकर उद्योग तक का सफर

​सरकार के इस कदम से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि भविष्य में बंद पड़ी चीनी मिलों के पहिये घूमने की भी प्रबल संभावना बन गई है। मुफ्त बीज और तकनीकी सहायता के जरिए बिहार एक बार फिर गन्ना उत्पादन में अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है।

विजय सिन्हा
विजय सिन्हाhttp://silktvnews.com
Hindi News, हिंदी न्यूज, Latest News in Hindi, Aaj ki Taaja Khabar पढ़ें SilkTVNews पर.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Bhāgalpur
overcast clouds
27.9 ° C
27.9 °
27.9 °
81%
2.7m/s
100%
Sat
34 °
Sun
34 °
Mon
32 °
Tue
32 °
Wed
33 °

Most Popular