Patna News: बिहार के खेल जगत और युवाओं के लिए आज का दिन एक नया सवेरा लेकर आया है। राज्य सरकार ने प्रतिभावान खिलाड़ियों को उनकी खेल उपलब्धियों के अनुरूप सम्मानजनक और ऊंची सरकारी नौकरियां देने की दिशा में एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी कदम उठाया है। बुधवार को आयोजित मंत्रिपरिषद् (कैबिनेट) की बैठक में ‘बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति (संशोधन) नियमावली, 2026’ के अधिसूचना प्रारूप को मंजूरी दे दी गई है।
इस नए संशोधन के बाद अब बिहार के मेडल विजेता खिलाड़ियों को नौकरी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, बल्कि उन्हें सीधे बड़े पदों (अधिकारी स्तर) पर सीधी नियुक्ति दी जाएगी।
“मेडल लाओ, सीधे अफसर बनो”: जानिए किस खेल के लिए कौन सा ग्रेड पे
संशोधित नियमावली के तहत खिलाड़ियों की खेल उपलब्धियों के आधार पर नौकरियों को तीन बड़े स्तरों (Salary Levels) में बांटा गया है:
1. वेतन स्तर-09 (ग्रेड पे ₹5400 – राजपत्रित/अधिकारी पद)
बिहार सरकार इन खिलाड़ियों को सीधे उच्च पदों पर नियुक्त करेगी:
- ओलंपिक खेलों में स्वर्ण, रजत या कांस्य (Gold, Silver, Bronze) पदक जीतने वाले खिलाड़ी।
- ओलंपिक में शामिल किसी भी खेल विधा के किसी भी प्रारूप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व (Representation) करने वाले खिलाड़ी।
- क्रिकेट (Cricket) के किसी भी प्रारूप (Test, ODI, T20) में भारतीय टीम की जर्सी पहनने वाले खिलाड़ी।
- एशियाई खेल (Asian Games) और राष्ट्रमंडल खेल (Commonwealth Games) में स्वर्ण पदक (Gold Medal) विजेता।
2. वेतन स्तर-07 (ग्रेड पे ₹4600)
- एशियाई खेल (Asian Games) और राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी।
- इन खेलों में रजत (Silver) और कांस्य (Bronze) पदक जीतने वाले खिलाड़ी।
3. वेतन स्तर-06 (ग्रेड पे ₹4200)
- नेशनल गेम्स (National Games) और सीनियर नेशनल चैंपियनशिप के किसी भी प्रारूप में स्वर्ण (Gold) या रजत (Silver) पदक जीतने वाले खिलाड़ी।
“बिहार के लाखों युवाओं के लिए खुलेगा करियर का नया रास्ता” — श्रेयसी सिंह
खिलाड़ी से राजनेता बनीं बिहार की खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह ने मुख्यमंत्री और कैबिनेट के इस फैसले का दिल से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को नौकरी की स्पष्ट और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रहा है।
खेल मंत्री ने अपने संबोधन में कहा:
”बिहार के खिलाड़ियों ने हमेशा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इस संशोधित नियमावली के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारे खिलाड़ियों को उनके परिश्रम और त्याग का उचित सम्मान मिले। मुझे पूरा भरोसा है कि यह ऐतिहासिक निर्णय न केवल हमारे वर्तमान खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाएगा, बल्कि बिहार के लाखों युवाओं को खेलों को एक सुरक्षित करियर के रूप में चुनने के लिए प्रेरित करेगा।”
बिहार में पनपेगी ‘खेल संस्कृति’, पलायन पर लगेगा रोक
अब तक उचित नीतियों के अभाव में बिहार के कई प्रतिभावान खिलाड़ी दूसरे राज्यों या रेलवे जैसे विभागों का रुख करते थे। लेकिन नीतीश सरकार के इस मास्टरस्ट्रोक से बिहार में एक मजबूत खेल संस्कृति (Sports Culture) का विकास होगा। खेल मंत्री ने यह भी साफ किया कि राज्य सरकार केवल नौकरियां ही नहीं दे रही, बल्कि विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना (Infrastructure), आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर और खिलाड़ियों के समग्र कल्याण के लिए जमीन पर लगातार काम कर रही है।


