Patna News: बिहार में नियोजित शहरीकरण और रियल एस्टेट सेक्टर को गति देने के लिए नीतीश सरकार ने एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। राज्य के ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक से परेशान भू-स्वामियों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने जमीन के हस्तांतरण और क्रय-विक्रय के नए नियमों को मंजूरी दे दी है।
नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि बुधवार को आयोजित मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में भू-स्वामियों की तात्कालिक एवं आकस्मिक आवश्यकताओं (जैसे शादी, बीमारी या शिक्षा) को ध्यान में रखते हुए यह जनहितैषी फैसला लिया गया है। मंत्री ने इसे “विकास, निवेश और जनहित का संतुलित निर्णय” करार दिया है।
“बिहार रैयती भूमि क्रय नीति, 2026” के तहत मिलेगा बंपर मुआवजा
मंत्री श्री नीतीश मिश्रा ने जमीन के बदले मिलने वाले मुआवजे का पूरा गणित समझाते हुए बताया कि अब रैयतों (जमीन मालिकों) को किसी भी हाल में नुकसान नहीं होगा। ‘बिहार रैयती भूमि क्रय नीति, 2026’ के तहत मुआवजा इस प्रकार तय किया गया है:
- ग्रामीण क्षेत्रों के लिए: जमीन का बाजार मूल्य (Market Value) या सर्किल रेट (MVR), जो भी अधिक होगा, उसका 4 गुना (चार गुना) दाम दिया जाएगा।
- शहरी क्षेत्रों के लिए: बाजार मूल्य या सर्किल रेट (MVR), जो भी अधिक होगा, उसका 2 गुना (दो गुना) दाम मिलेगा।
- 10% अतिरिक्त बोनस: जमीन स्वामियों को प्रोत्साहित करने के लिए कुल निर्धारित राशि पर 10 प्रतिशत का अतिरिक्त प्रतिफल (Incentive) भी दिया जाएगा।
- रेट का निर्धारण: जमीन के सही बाजार मूल्य को तय करने के लिए एक ‘जिला स्तरीय रैयती भूमि क्रय समिति’ बनाई जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
आपात स्थिति में ‘बिहार राज्य आवास बोर्ड’ सीधे खरीदेगा जमीन
अब तक टाउनशिप क्षेत्र घोषित होने के बाद किसान या भू-स्वामी अपनी जमीन नहीं बेच पा रहे थे। इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने तीन विकल्प दिए हैं:
- बिहार राज्य आवास बोर्ड (Bihar State Housing Board): यदि किसी रैयत को अचानक पैसों की जरूरत (आकस्मिक आवश्यकता) होती है, तो आवास बोर्ड उनसे सीधे जमीन खरीदेगा।
- सरकारी परियोजनाएं: केंद्र या राज्य सरकार की परियोजनाओं के लिए संबंधित प्राधिकार आवश्यकतानुसार भू-अर्जन (Land Acquisition) कर सकेंगे।
- निजी निवेशक (Private Investors): राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (SIPB) द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं के लिए निजी निवेशक सीधे किसानों से जमीन खरीद सकेंगे या उसे लीज (Lease) पर ले सकेंगे।
”इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए मैं माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी तथा मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करता हूँ। इससे राज्य में नियोजित शहरी विकास, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश को अभूतपूर्व गति मिलेगी।”
— नीतीश मिश्रा, नगर विकास एवं आवास मंत्री
इन 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लाखों लोगों को होगा फायदा
आपको बता दें कि बिहार सरकार ने इसी साल 22 अप्रैल 2026 को राज्य में कुल 11 नए ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के गठन को मंजूरी दी थी। इस नए फैसले का सीधा लाभ इन 11 टाउनशिप क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले जमीन मालिकों को मिलेगा:
- पाटलिपुत्र और हरिहरनाथपुर
- मगध और मिथिला
- कोशी और पूर्णियां
- अंग, सीतापुरम और विक्रमशिला
- तिरहुत और सारण


