Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिला अंतर्गत सन्हौला में क्षतिग्रस्त पुल को लेकर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। लोक संपर्क विभाग (PRD, बिहार) के संयुक्त निदेशक नागेंद्र गुप्ता द्वारा जारी सूचना के अनुसार, सन्हौला में क्षतिग्रस्त पुल की संवेदनशीलता और आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए उस पर परिचालन को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।
अधिकारियों की टीम ने किया संयुक्त निरीक्षण
पुल की स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सन्हौला, पथ निर्माण विभाग (RCD) के सहायक अभियंता (AE) और कनीय अभियंता (JE) ने संयुक्त रूप से घटना स्थल का दौरा किया। टीम ने पुल के एक-एक हिस्से का बारीकी से तकनीकी मुआयना किया। जांच के बाद अधिकारियों ने माना कि पुल की वर्तमान स्थिति सुरक्षा के दृष्टिकोण से सही नहीं है, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई की गई।
सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग, परिचालन पर रोक
निरीक्षण के तुरंत बाद प्रशासन ने किसी भी संभावित हादसे को टालने के लिए पुल पर मजबूत बैरिकेडिंग करवा दी है। सुरक्षा की दृष्टि से अब इस पुल से होकर किसी भी प्रकार के वाहनों या आम लोगों के आवागमन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करें और बैरिकेडिंग वाले हिस्से की तरफ न जाएं।
नए पुल पर ‘झटके’ लगने की शिकायत पर भी सख्त रुख
इस निरीक्षण के दौरान सिर्फ पुराने या क्षतिग्रस्त पुल ही नहीं, बल्कि वहीं पास में बने नव-निर्मित (नए) पुल को लेकर आ रही शिकायतों पर भी कड़ा संज्ञान लिया गया है। स्थानीय लोगों द्वारा लगातार शिकायत की जा रही थी कि नए पुल पर चलते समय तेज झटके महसूस होते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
प्रशासन ने इस तकनीकी खामी को बेहद गंभीरता से लिया है। बीडीओ और पथ निर्माण विभाग के अभियंताओं ने संबंधित निर्माण एजेंसी और विभाग को निर्देश दिया है कि नए पुल पर लगने वाले झटकों की समस्या को दूर करने के लिए आवश्यक मरम्मत और सुधार कार्य तुरंत शुरू किया जाए।
एक सप्ताह के भीतर अल्टीमेटम: दूर होगी समस्या
प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय, सन्हौला द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, संबंधित विभाग को इस पूरी समस्या का समाधान करने के लिए एक सप्ताह (7 दिन) का समय दिया गया है। सात दिनों के भीतर मरम्मत और सुधार कार्य सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि क्षेत्र के आम नागरिकों को जल्द से जल्द सुरक्षित, सुगम और बाधारहित आवागमन की सुविधा दोबारा मिल सके।


