Bhagalpur News: टीएनबी विधि महाविद्यालय (TNB Law College) में पांच वर्षीय लॉ कोर्स बंद होने और नामांकन प्रक्रिया में बदलाव को लेकर छात्र संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा है। सोमवार को दीपनगर स्थित कांग्रेस भवन में युवा कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के तत्वावधान में एक संयुक्त प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता के दौरान छात्र नेताओं ने तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) प्रशासन के खिलाफ तीखी नाराजगी जाहिर की और आंदोलन का शंखनाद कर दिया।
5 वर्षीय लॉ कोर्स दोबारा शुरू करने की मुख्य मांग
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि टीएनबी विधि महाविद्यालय में पांच वर्षीय विधि पाठ्यक्रम को तत्काल प्रभाव से पुनः प्रारंभ किया जाए। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि नामांकन की पुरानी प्रक्रिया को बदलकर विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
- पुरानी प्रक्रिया बहाल हो: संगठन की मांग है कि नामांकन की जो प्रक्रिया पहले से चली आ रही थी, उसे ही लागू रखा जाए।
- भविष्य पर संकट: अनावश्यक बदलावों और लेट-लतीफी के कारण छात्रों का कीमती साल बर्बाद हो रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
”विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के धैर्य की परीक्षा न ले। अगर हमारी जायज मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो हम कॉलेज परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर होंगे।”
— युवा कांग्रेस व एनएसयूआई प्रतिनिधि
चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार: उग्र प्रदर्शन की चेतावनी
युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट शब्दों में विश्वविद्यालय प्रशासन को अल्टीमेटम दे दिया है। उन्होंने कहा कि उनका यह संघर्ष पूरी तरह छात्र हित में है और वे इसे मुकाम तक पहुंचाकर ही दम लेंगे। आंदोलन की रूपरेखा साझा करते हुए उन्होंने कहा:
- पहला चरण: मांगें पूरी न होने पर महाविद्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन।
- दूसरा चरण: इसके बावजूद समाधान नहीं निकला, तो पूरे विश्वविद्यालय क्षेत्र में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
छात्र नेताओं ने साफ कहा कि यदि आंदोलन के दौरान स्थिति बिगड़ती है या छात्रों के भविष्य को कोई नुकसान होता है, तो इसकी शत-प्रतिशत जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
प्रेस वार्ता में कई दिग्गज रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रों के व्यापक हित में शीघ्र और सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की गई। इस दौरान युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, छात्र नेता एवं दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने एक सुर में इस आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।


