Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिले से एक बार फिर कोरोना संक्रमण का मामला सामने आया है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बुखार और खांसी से पीड़ित एक बुजुर्ग की जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। मरीज की स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (JLNMCH), मायागंज के कोरोना वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही है।
7 दिनों से बीमार थे बुजुर्ग, जांच में हुई पुष्टि
मिली जानकारी के मुताबिक, बुजुर्ग मरीज पिछले एक सप्ताह से गंभीर रूप से सर्दी, खांसी और तेज बुखार से पीड़ित थे। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद भी जब राहत नहीं मिली, तो उन्हें मायागंज अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने एहतियात के तौर पर जब उनका कोविड-19 टेस्ट (RT-PCR/Antigen) करवाया, तो उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। रिपोर्ट आते ही अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और तुरंत प्रोटोकॉल के तहत उन्हें आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
डॉक्टर बोले— “पैनिक न हों, स्वास्थ्य विभाग तैयार है”
इस मामले पर जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों और प्रबंधन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य है और लोगों को घबराने (पैनिक होने) की कतई आवश्यकता नहीं है।
अस्पताल प्रशासन का बयान:
“मरीज को आइसोलेट कर दिया गया है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर है। अस्पताल में ऑक्सीजन, बेड और जरूरी दवाओं की कोई कमी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद है, इसलिए अफवाहों से बचें।”
स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट, आप भी बरतें ये सावधानियां
भागलपुर में नया केस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले में अलर्ट जारी कर दिया है। डॉक्टरों ने आम जनता से अपील की है कि वे कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करें:
- भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क का प्रयोग करें: खासकर बुजुर्ग और पहले से किसी बीमारी (जैसे शुगर, बीपी) से पीड़ित लोग मास्क जरूर पहनें।
- लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं: अगर 3-4 दिनों से ज्यादा समय तक तेज बुखार, सूखी खांसी या सांस लेने में तकलीफ हो, तो खुद से दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर जांच कराएं।
- हाथों की सफाई: सैनिटाइजर का उपयोग करें और समय-समय पर साबुन से हाथ धोते रहें।
अस्पताल प्रबंधन ने यह भी साफ किया है कि फिलहाल जिले में संक्रमण के फैलाव के कोई बड़े संकेत नहीं हैं, लेकिन सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।


