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कटिहार के सिख माइनॉरिटी मेडिकल कॉलेज पर भाजपा नेता का कब्जा? जनसुराज पार्टी ने लगाए गंभीर आरोप

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भागलपुर:  बिहार के कटिहार स्थित सिख माइनॉरिटी मेडिकल कॉलेज को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। जनसुराज पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल पर इस मेडिकल कॉलेज पर वर्षों से अवैध कब्जा जमाए रखने का आरोप लगाया है।

पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर के निर्देश पर भागलपुर में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें पार्टी प्रवक्ता बाबुल विवेक ने इस पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि यह कॉलेज अल्पसंख्यक समुदाय के लिए स्थापित किया गया था, लेकिन इसे एक राजनीतिक साजिश के तहत दबोच लिया गया और शिक्षा की जगह इसे निजी हितों की पूर्ति का केंद्र बना दिया गया है।

बाबुल विवेक ने आरोप लगाया कि यह कब्जा उस समय शुरू हुआ जब बिहार में राबड़ी देवी मुख्यमंत्री थीं और यह आज तक जारी है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी निशाना साधते हुए पूछा कि जब वह “सुशासन” की बात करते हैं तो फिर एक मेडिकल संस्थान पर इतने वर्षों से चल रहे कब्जे को कैसे नज़रअंदाज़ किया जा रहा है?

प्रवक्ता ने इस बात का भी खुलासा किया कि इस मामले की जांच के लिए कटिहार के तत्कालीन एसपी को जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन बाद में उसी एसपी की पत्नी को कॉलेज से मेडिकल डिग्री दे दी गई, जिससे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच पर सवाल खड़े हो गए।

जनसुराज पार्टी ने मांग की है कि इस गंभीर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि कॉलेज को मूल उद्देश्य के अनुरूप संचालित किया जाए, ताकि अल्पसंख्यक समुदाय और आम छात्रों को न्याय मिल सके।

गुरु पूर्णिमा पर लाखों कांवरियों ने अजगैबीनाथ धाम में लगाई आस्था की डुबकी, देवघर के लिए रवाना हुए बोलबम के जयकारों के साथ

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सुल्तानगंज (भागलपुर): असाढ़ मास के अंतिम दिन गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ धाम में लाखों कांवरियों ने उत्तरवाहिनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। गंगा स्नान के उपरांत श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ के शिवलिंग पर जलाभिषेक कर “बोल बम”, “हर हर महादेव” के जयघोषों के साथ 105 किलोमीटर लंबी पदयात्रा पर देवघर स्थित बाबा बैधनाथ धाम के लिए रवाना हो गए।

गुरु पूर्णिमा पर बढ़ी कांवरियों की भीड़

हिंदू धर्म में गुरु को भगवान का दर्जा प्राप्त है, और यह पर्व विशेष रूप से भगवान शिव की कृपा पाने का सुअवसर माना जाता है। मान्यता है कि उत्तरवाहिनी गंगा से जल लेकर श्रावण मास में बाबा बैधनाथ को चढ़ाने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा सहित देशभर से कांवरिए यहां पहुंचते हैं।

इस बार कोलकाता से आए कांवरियों ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विशेष आकर्षण के रूप में भगवान गणेश के विशाल कांवर के साथ यात्रा प्रारंभ की। उन्होंने बताया कि वे हर वर्ष गुरु पूर्णिमा पर अजगैबीनाथ धाम से जल लेकर देवघर जाते हैं और इस बार विशेष रूप से भगवान भोलेनाथ के पुत्र गणेश को समर्पित कांवर के साथ यात्रा कर रहे हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

श्रावणी मेले की भीड़ और श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। जगह-जगह पर सुरक्षा बलों की तैनाती, कंट्रोल रूम की स्थापना, चिकित्सा शिविर, पेयजल व विश्राम स्थलों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

स्थानीय पुजारियों की मान्यता

स्थानीय पुजारी पंडित संजीव झा ने बताया कि गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व है, क्योंकि इस दिन गुरु के रूप में शिव की पूजा कर मनोकामनाओं की पूर्ति की जाती है। अजगैबीनाथ धाम से जल लेकर देवघर तक की यात्रा श्रद्धालुओं के लिए मोक्षदायी मानी जाती है।

श्रावण माह की शुरुआत कल से

गौरतलब है कि श्रावण माह की शुरुआत 11 जुलाई से हो रही है, और इसी के साथ श्रावणी मेले का भी औपचारिक शुभारंभ होगा। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कल नमामि गंगे घाट से मेले का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान देश-विदेश से लाखों कांवरिया सुल्तानगंज पहुंचकर बाबा को जल चढ़ाने देवघर के लिए यात्रा पर निकलेंगे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया राजगीर क्रिकेट स्टेडियम और बुद्ध सर्किट फोर लेन पथ का स्थल निरीक्षण

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बिहार के मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार ने आज नालंदा जिले के राजगीर में विभिन्न विकास योजनाओं का स्थल निरीक्षण किया। इस क्रम में उन्होंने निर्माणाधीन राजगीर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तथा प्रस्तावित सालेपुर-राजगीर बुद्ध सर्किट फोर लेन पथ के एलायनमेंट का गहन निरीक्षण कर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

राजगीर क्रिकेट स्टेडियम का निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने सबसे पहले राजगीर खेल परिसर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का मुआयना किया। अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया कि इस स्टेडियम में लगभग 40,000 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही खिलाड़ियों, दर्शकों और मीडिया के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त आधारभूत संरचनाएं भी विकसित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कार्य की प्रगति पर संतोष जताते हुए संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में और तेजी लाकर इसे समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए, ताकि बिहार को एक विश्वस्तरीय खेल सुविधा शीघ्र मिल सके।

राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में समीक्षा बैठक

निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इसमें राजगीर क्षेत्र के विकास कार्यों, वैकल्पिक संपर्क मार्गों के निर्माण और स्टेडियम परियोजना की अद्यतन स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजगीर एक महत्वपूर्ण पर्यटन, धार्मिक और खेल स्थल बन रहा है, अतः सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए।

बुद्ध सर्किट फोर लेन पथ का निरीक्षण

राजगीर दौरे के क्रम में मुख्यमंत्री ने सालेपुर मोड़ एवं बेलऊआ में प्रस्तावित सालेपुर-राजगीर बुद्ध सर्किट फोर लेन पथ के एलायनमेंट का भी स्थल निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि इस पथ में रेलवे लाइन पार करने के लिए एलिवेटेड पथ (Elevated Road) का निर्माण प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री ने पथ निर्माण में तेजी लाने और जल्द कार्यारंभ सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस फोर लेन पथ के बनने से पटना से राजगीर तक की यात्रा सुगम और तेज हो जाएगी, जिससे पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी बल मिलेगा।

अन्य स्थलों का भी निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने हसनपुर में निर्माणाधीन डायवर्सन का भी निरीक्षण किया और वहां की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके।

प्रमुख लोग रहे उपस्थित

इस अवसर पर सांसद कौशलेन्द्र कुमार, विधायक कौशल किशोर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत, नालंदा के डीएम कुन्दन कुमार, पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम., नालंदा के एसपी भारत सोनी समेत कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

श्रावणी मेले का उद्घाटन 11 जुलाई को, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी करेंगे शुभारंभ: प्रशासन ने तैयारियाँ पूरी कर लीं

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भागलपुर: भगवान के भक्तों की आस्था से जुड़ा विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला सुल्तानगंज से देवघर तक कांवड़ियों की निकटता को दर्शाते हुए 11 जुलाई से एक महीने तक चलने जा रहा है। इस पावन अवसर पर कल बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा नमामि गंगा घाट से मेले का उद्घाटन किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में बिहार सरकार के विभिन्न मंत्री, स्थानीय सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

प्रशासनिक तैयारियाँ और निरीक्षण

भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने सुल्तानगंज के मेला क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए बताया कि मेले की अधिकांश तैयारियाँ अब तक पूरी कर ली गई हैं। बची हुई व्यवस्थाओं को आज शाम तक पूर्ण कर लेने का निर्देश जारी कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि इस बार कांवड़ियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए यातायात व्यवस्था में भी विशेष बदलाव किए गए हैं।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष निर्देश

जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं को यह भी अनुरोध किया कि यदि वे किसी होटल में भोजन करना चाहते हैं, तो सरकारी रेट चार्ट के अनुसार ही खाना ग्रहण करें। यदि किसी दुकानदार द्वारा अनुचित अतिरिक्त राशि वसूल की जाती है, तो तुरंत नजदीकी कंट्रोल रूम में इसकी शिकायत दर्ज कराएं। प्रशासन का उद्देश्य इस बार के श्रावणी मेले को एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक आयोजन बनाना है ताकि हर श्रद्धालु अपनी आस्था के साथ इस यात्रा का आनंद उठा सके।

समापन

श्रावणी मेला, जो कि सदियों से कांवड़ियों की आस्था का प्रतीक रहा है, इस बार भी भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर करने का वादा करता है। सरकारी अधिकारियों द्वारा किए जा रहे प्रयास और बढ़ी हुई सुरक्षा उपायों से यह उम्मीद की जा रही है कि यह मेला श्रद्धालुओं के लिए एक सुखद और यादगार अनुभव बनेगा।

गया में आरजेडी विधायक की सभा में गूंजा “भूरा बाल साफ करो” का नारा, बिहार में सियासी बवाल तेज

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गया/पटना: बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। गया जिले के अतरी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की एक सभा के दौरान एक बार फिर विवादित नारा “भूरा बाल साफ करो” गूंजने से सियासी भूचाल आ गया है। इस सभा में आरजेडी विधायक रंजीत यादव स्वयं मौजूद थे। मंच से एक वक्ता ने यह नारा दोहराया और RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का हवाला देते हुए कहा, “लालू यादव ने कहा था, भूरा बाल साफ करो। अब वही समय फिर से आ गया है।” इसके बाद सभा में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी।

इस बयान का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे राज्य की सियासत में हलचल मच गई है। 2025 विधानसभा चुनाव से पहले इस नारे का दोबारा उछालना विपक्षी दलों को हमला करने का नया मौका दे रहा है।

क्या है “भूरा बाल साफ करो” नारा?

यह नारा 1990 के दशक में लालू यादव के सामाजिक न्याय के आंदोलन का हिस्सा बना था। इसका अर्थ था—

  • भ से भूमिहार
  • रा से राजपूत
  • बा से ब्राह्मण
  • ल से लाला (कायस्थ)

इसका उद्देश्य कथित तौर पर सत्ता और प्रशासन से सवर्ण जातियों के प्रभुत्व को खत्म करना था। उस समय इसे पिछड़ों और दलितों के सशक्तिकरण की आवाज माना गया, लेकिन समय के साथ यह नारा जातीय ध्रुवीकरण और विद्वेष का प्रतीक बन गया।

विपक्ष का तीखा हमला

बीजेपी और जेडीयू सहित विपक्षी दलों ने इस बयान की कड़ी आलोचना की है। नेताओं का कहना है कि इस तरह के नारों से समाज में नफरत फैलती है और यह राजनीति को पीछे ले जाने का प्रयास है। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, “राजद फिर से वही जातीय राजनीति पर उतर आया है, जिससे बिहार को बहुत नुकसान हुआ है।”

RJD की सफाई

हालांकि अब तक RJD की ओर से इस नारे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार पार्टी इस मामले को संभालने की कोशिश में जुटी है, ताकि यह चुनावी नुकसान में न बदल जाए।

बायपास थाना क्षेत्र में सड़क हादसा: इनोवा की ओवरटेक से बाइक सवार दो युवक घायल

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भागलपुर: बायपास थाना क्षेत्र अंतर्गत टूटा पुल के पास गुरुवारर को एक तेज रफ्तार इनोवा द्वारा ओवरटेक किए जाने से बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इनोवा ने अचानक तेज गति से ओवरटेक किया, जिससे बाइक का संतुलन बिगड़ गया और दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े।

घायल युवक राजू ने बताया कि वह बाइक चला रहा था और उसका मित्र पीछे बैठा था। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए जगदीशपुर रेफरल अस्पताल भेजा गया।

अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, दोनों युवकों की हालत अब स्थिर है और खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और इनोवा वाहन की पहचान करने का प्रयास जारी है।

जनसुराज पार्टी 11 जुलाई से बांटेगी ‘परिवार लाभ कार्ड’, हर माह 20,000 रुपये तक की आमदनी की गारंटी

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जनसुराज पार्टी ने भागलपुर विधानसभा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सामाजिक और आर्थिक पहल की घोषणा की है। पार्टी के संभावित प्रत्याशी डॉ. विकास कुमार पांडे ने गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि 11 जुलाई 2025 से पार्टी की ओर से ‘परिवार लाभ कार्ड’ का वितरण शुरू किया जाएगा।

हर परिवार को आर्थिक संबल देने की पहल

डॉ. पांडे ने कहा कि जनसुराज पार्टी का लक्ष्य समाज के हर वर्ग को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। परिवार लाभ कार्ड योजना के अंतर्गत, जब जनसुराज पार्टी की सरकार बनेगी, तो कार्ड धारकों को हर माह ₹20,000 तक की सुनिश्चित आमदनी दी जाएगी।

“यह कोई चुनावी वादा नहीं, बल्कि जनसुराज पार्टी की गारंटी है। हम चाहते हैं कि हर परिवार को बुनियादी ज़रूरतों के लिए संघर्ष न करना पड़े,”
— डॉ. विकास पांडे, जनसुराज पार्टी

सभी वर्गों के लिए लाभकारी योजना

डॉ. पांडे ने स्पष्ट किया कि यह योजना जाति, धर्म, वर्ग से ऊपर उठकर हर जरूरतमंद परिवार के लिए लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य गरीबी उन्मूलन, आर्थिक समावेशन और स्थायी रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना है।

जनसंपर्क में जुटे कार्यकर्ता

उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को योजना की जानकारी दे रहे हैं और जनता का बढ़ता विश्वास जनसुराज पार्टी की नीति और नीयत का प्रमाण है।
जनसुराज पार्टी लोगों से सीधा संवाद बनाकर नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने में जुटी है।

योजना की प्रमुख विशेषताएं:

  • ✔️ 11 जुलाई से परिवार लाभ कार्ड का वितरण
  • ✔️ पार्टी की सरकार बनने पर ₹20,000/माह तक की आमदनी सुनिश्चित
  • ✔️ हर वर्ग और जरूरतमंद परिवार को मिलेगा लाभ
  • ✔️ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर समाज की दिशा में कदम

भागलपुर: अधिवक्ता के बंद घर में लाखों की चोरी, इलाके में दहशत का माहौल

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भागलपुर के बाईपास थाना अंतर्गत जमनी गांव में एक बड़ी घरेलू चोरी की वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। चोरों ने अधिवक्ता नितेश निखिल के बंद घर को निशाना बनाकर 5 से 7 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया।

बाहर गए थे अधिवक्ता, लौटे तो टूटा मिला ताला

पीड़ित अधिवक्ता निखिल कुमार, पिता शंकर प्रसाद गुप्ता, ने बताया कि वे किसी जरूरी कार्यवश कुछ दिनों के लिए बाहर गए हुए थे। जब वे मंगलवार सुबह अपने घर लौटे, तो मुख्य द्वार का ताला टूटा हुआ पाया। घर के अंदर जाकर देखा तो सारा सामान अस्त-व्यस्त था और घरेलू खाद्यान्न, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नगदी व कीमती आभूषण सहित कई महत्वपूर्ण वस्तुएं गायब थीं।

उन्होंने इस संबंध में स्थानीय बाईपास थाना में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

क्षेत्र में बढ़ते अपराध से लोग चिंतित

चोरी की इस घटना ने एक बार फिर से इलाके में पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं और रात के समय पुलिस गश्ती वाहन नजर नहीं आते, जिससे चोरों के हौसले बढ़े हुए हैं।

पुलिस जुटी जांच में, CCTV से की जा रही पहचान

थाना प्रभारी के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है और जल्द ही अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस का दावा है कि वे इस मामले को गंभीरता से ले रही है और अपराधियों को पकड़ने के लिए विशेष टीम गठित की गई है।

पीड़ित की प्रशासन से अपील

अधिवक्ता निखिल कुमार ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह केवल उनकी निजी क्षति नहीं है, बल्कि क्षेत्र की सामूहिक सुरक्षा का मामला है। यदि अपराधियों को समय पर नहीं पकड़ा गया, तो आने वाले दिनों में चोरों का मनोबल और बढ़ेगा।

गुरु पूर्णिमा पर गूंजा “बोल बम”, सुल्तानगंज से हजारों कांवरिया हुए देवघर के लिए रवाना

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गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सुल्तानगंज के उत्तरवाहिनी गंगा तट पर आस्था और भक्ति का अद्वितीय संगम देखने को मिला। सोमवार की सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ सुल्तानगंज में उमड़ पड़ी, जहां वे गंगाजल से अपनी कांवर भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर के लिए रवाना हो गए।

सावन के प्रारंभ से पूर्व यह माहौल हर वर्ष भक्तों को कांवर यात्रा के शुभारंभ की याद दिलाता है, लेकिन इस बार गुरु पूर्णिमा के साथ इसका संयोग इसे और भी पवित्र और विशेष बना रहा है। श्रद्धालुओं के “बोल बम” के नारों से पूरा सुल्तानगंज गूंजायमान हो उठा।

हर कदम पर विश्वास, हर स्वर में भक्ति

असम से आए एक कांवरिया ने भावुक होते हुए कहा,

“यह यात्रा कठिन जरूर है, लेकिन बाबा भोलेनाथ की भक्ति इतनी शक्तिशाली है कि थकान का एहसास ही नहीं होता। सुल्तानगंज से देवघर की हर एक चढ़ाई, हर एक मोड़ – बाबा के नाम से आसान हो जाती है।”

कई कांवरिये तो सप्ताहों पहले ही सुल्तानगंज पहुंच चुके थे और अब सावन के स्वागत के साथ ही जल यात्रा आरंभ कर रहे हैं। इन कांवरियों के बीच बच्चों, महिलाओं और वृद्धों की भी भागीदारी भक्ति भाव की अनूठी मिसाल पेश कर रही है।

सुरक्षा और व्यवस्था भी चाक-चौबंद

प्रशासन द्वारा सुल्तानगंज में सुरक्षा, चिकित्सा और पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई है। स्वयंसेवी संगठन भी रास्ते में श्रद्धालुओं को शीतल जल, फल और विश्राम की सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं।

बोल बम के जयघोषों से गूंजा सुल्तानगंज

गुरु पूर्णिमा के साथ शुरू हुई यह यात्रा सावन भर जारी रहेगी। सुल्तानगंज से लेकर देवघर तक पूरा मार्ग भगवा रंग में रंगा हुआ है, और बोल बम के जयघोषों से वातावरण भक्तिमय हो गया है। यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि श्रद्धा, समर्पण और संयम की परीक्षा है, जिसमें हर वर्ष लाखों भक्त खुद को शामिल कर सौभाग्य मानते हैं।

रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (ELI): आर्थिक विकास, नौकरियों और औपचारिकीकरण की नई दिशा

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भारत सरकार द्वारा हाल ही में अनुमोदित रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (Employment Linked Incentive – ELI), न केवल एक आर्थिक नीति है बल्कि यह विकसित भारत @2047 के विजन की दिशा में एक बड़ा रणनीतिक कदम है। लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय वाली यह योजना अगले दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियों के सृजन का लक्ष्य रखती है।

क्यों है यह योजना क्रांतिकारी?

ELI योजना भारत के मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर, विशेष रूप से कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, फार्मा और उपभोक्ता वस्तुएं जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देगी। यह योजना मौजूदा PLI, मेक इन इंडिया और स्किल इंडिया जैसे अभियानों की पूरक बनकर शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को नई गति देगी।

अनौपचारिक से औपचारिक की ओर

भारत जैसे देश, जहां कार्यशील आयु वर्ग की बड़ी आबादी मौजूद है, के लिए यह योजना अनौपचारिक कार्य और औपचारिक रोजगार के बीच की खाई को पाटने का कार्य करेगी। आधार-समर्थित DBT प्रणाली और EPFO रजिस्ट्रेशन के ज़रिए यह योजना रोजगार के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा कवरेज को भी मजबूत करती है।

भारत में अब 94 करोड़ से अधिक लोग किसी न किसी सामाजिक सुरक्षा लाभ के दायरे में हैं – यह आंकड़ा 2015 में मात्र 19% था जो अब बढ़कर 64.3% तक पहुंच चुका है। इस उपलब्धि को अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने भी वैश्विक मंच पर मान्यता दी है।

MSME को मिलेगा बड़ा लाभ

अक्सर लागत के दबाव में औपचारिक भर्तियों से कतराने वाले सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को यह योजना आर्थिक प्रोत्साहन देकर नई भर्तियों की सीमांत लागत को कम करेगी। इससे रोजगार सृजन के साथ-साथ औपचारिकीकरण और विस्तार को भी बल मिलेगा।

वैश्विक अनुभव, स्थानीय समाधान

दुनिया भर में वेतन आधारित प्रोत्साहन योजनाएं सफल रही हैं – जर्मनी में अप्रेंटिसशिप, दक्षिण कोरिया में वृद्ध और युवा श्रमिकों के लिए सब्सिडी, अमेरिका में WOTC जैसी योजनाएं उल्लेखनीय हैं। भारत की ELI योजना इन्हीं सफल वैश्विक उदाहरणों से प्रेरणा लेते हुए स्थानीय ज़रूरतों के अनुसार अनुकूलित की गई है।

दीर्घकालिक सोच की झलक

ELI योजना केवल अल्पकालिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि दीर्घकालिक श्रम बाजार विकास की दिशा में नीतिगत परिपक्वता को दर्शाती है। यह योजना रोजगार को केवल आर्थिक लाभ के रूप में नहीं देखती, बल्कि इसे सामाजिक समावेश, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के साथ जोड़ती है।

फिक्की की अपील

फिक्की (FICCI) ने सभी नियोक्ताओं, विशेषकर MSMEs से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है। यह योजना सिर्फ एक वित्तीय प्रोत्साहन नहीं, बल्कि ऑपरेशंस को स्केल-अप करने, युवा प्रतिभा को जोड़ने, पेरोल प्रणाली को सशक्त बनाने और स्थायी आर्थिक मूल्य सृजित करने का एक प्रभावी उपकरण है।