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भारत-नेपाल सीमा पर ICP रक्सौल और मैत्री पुल का महानिरीक्षक निशीत उज्जवल ने किया दौरा

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सशस्त्र सीमा बल (SSB) के महानिरीक्षक श्री निशीत कुमार उज्जवल (भा.पु.से) ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित एकीकृत चेक पोस्ट (ICP) रक्सौल एवं मैत्री पुल का औपचारिक निरीक्षण किया। उनका यह दौरा सीमाई सुरक्षा, समन्वय और बुनियादी ढांचे की प्रगति की समीक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा।

सभी संबंधित एजेंसियों के साथ संवाद

अपने निरीक्षण के दौरान उन्होंने भारत-नेपाल सीमा से संबंधित प्रमुख एजेंसियों – भारतीय कॉन्सुलेट, सशस्त्र सीमा बल और ICP प्रबंधन इकाई के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। बातचीत में सीमा पर सुरक्षा उपायों को और अधिक प्रभावी बनाने, निगरानी तंत्र को आधुनिक बनाने और आपसी सहयोग को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

SSB जवानों से संवाद एवं विकास कार्यों की समीक्षा

महानिरीक्षक ने सीमा क्षेत्र में तैनात SSB अधिकारियों और जवानों से भी बातचीत की और उनकी कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने सीमा सुरक्षा बल की विभिन्न इकाइयों में चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने जवानों के मनोबल, संसाधनों की उपलब्धता और दैनिक चुनौतियों पर जानकारी ली।

उद्देश्य: समन्वय, सुरक्षा और संरचना विकास

इस दौरे का प्रमुख उद्देश्य सीमा पर तैनात एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, सीमा की निगरानी को और सशक्त बनाना, तथा बुनियादी ढांचे के विकास को गति देना था, जिससे सीमा पार आवागमन को और अधिक सुगम एवं सुरक्षित बनाया जा सके।

श्री उज्जवल ने यह भी सुनिश्चित किया कि सीमा क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध और सुरक्षा मानकों के अनुरूप हों। उनके इस दौरे को सीमा सुरक्षा के लिए एक रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

गुरु पूर्णिमा: ज्ञान, कृतज्ञता और मानवता का पावन पर्व

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भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत मानवीय मूल्यों और ज्ञान की दिव्य परंपरा से समन्वित है। यहां हर पर्व केवल धार्मिक नहीं बल्कि वैज्ञानिक सोच, प्रकृति से जुड़ाव और आध्यात्मिक चिंतन का प्रतीक है। गुरु पूर्णिमा इन सभी तत्वों का सामूहिक प्रतिबिंब है, जो हमें आत्मचिंतन, कृतज्ञता और मार्गदर्शन के प्रति श्रद्धा की ओर प्रेरित करता है।

गुरु का अर्थ और भूमिका

संस्कृत में “गुरु” शब्द दो धातुओं ‘गु’ (अंधकार) और ‘रु’ (हटाने वाला) से मिलकर बना है – अर्थात जो अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान के प्रकाश से आलोकित करे। वैदिक काल की गुरुकुल परंपरा से लेकर आधुनिक युग के डिजिटल मेंटॉर तक, गुरु हमेशा से ज्ञान, नैतिकता और मार्गदर्शन का केन्द्र रहे हैं।

गुरु पूर्णिमा का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व

  • आषाढ़ पूर्णिमा को ही भगवान शिव ने सप्तऋषियों को योग का ज्ञान दिया, इसलिए उन्हें आदि गुरु माना जाता है।
  • यह दिन महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है, जिन्होंने महाभारत और वेदों का संकलन किया।
  • यही दिन चतुर्मास का प्रारंभ है, जब संत व साधु किसी एक स्थान पर रहकर शिष्यों को गहन शिक्षा देते हैं।

गुरु – एक जीवनशैली

गुरु केवल शिक्षक नहीं, बल्कि जीवनदृष्टा हैं। उनकी भूमिका एक कुम्हार की तरह है –

“गुरु कुम्हार शिष्य कुंभ है…”
वे भीतर से सहारा देकर और बाहर से मार्गदर्शन कर शिष्य को आकार देते हैं। आधुनिक समय में भी – चाहे मां का स्नेह हो, शिक्षक का ज्ञान हो, या कोई डिजिटल मार्गदर्शक – गुरु के रूप बदल सकते हैं, पर उनकी उपयोगिता शाश्वत है।

समय की कसौटी पर खरे उतरे गुरु

राम के लिए विश्वामित्र, मीरा के लिए गुरु रविदास, कबीर के लिए रामानंद, विवेकानंद के लिए रामकृष्ण परमहंस – ऐसे अनेक उदाहरण हैं जहाँ गुरु-शिष्य संबंध ने इतिहास रचा है। आधुनिक युग में स्वामी दयानंद, रामदास स्वामी, योगानंद जैसे संतों ने मानवता को नई दिशा दी।

21वीं सदी में गुरु पूर्णिमा की प्रासंगिकता

आज जब तकनीक और सूचना का अतिरेक भ्रम, तनाव और प्रतिस्पर्धा को जन्म दे रहा है – तब गुरु की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। युवाओं को सही दिशा, समाज को नैतिक आधार और व्यक्ति को आत्म-प्रकाश की अनुभूति कराने में गुरु की भूमिका अमूल्य है।

यह पर्व क्यों जरूरी है?

गुरु पूर्णिमा वह दिन है जब हम ज्ञान, कृतज्ञता और आत्मचिंतन के माध्यम से अपने जीवन में स्थायित्व और उद्देश्य तलाशते हैं। यह हमें याद दिलाता है कि जिस तरह पूर्णिमा का चंद्रमा पूर्ण प्रकाश से आकाश को रोशन करता है, उसी तरह गुरु भी हमारे अंतःकरण को आलोकित करते हैं।

वंदे भारत और चिनाब ब्रिज ने जीता जापानियों का दिल, ओसाका एक्सपो में भारतीय रेल की धूम

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जापान के ओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में भारतीय रेल की शानदार उपस्थिति ने न केवल भारतीय प्रवासियों को आकर्षित किया है, बल्कि जापानी नागरिकों को भी अत्यंत प्रभावित किया है। इंडिया पवेलियन में प्रदर्शित वंदे भारत एक्सप्रेस और चिनाब ब्रिज की प्रस्तुतियों को देख लोग भारतीय रेलवे की तकनीकी प्रगति से चकित हैं।

वंदे भारत: भारत की तकनीकी क्रांति का प्रतिनिधि

वंदे भारत एक्सप्रेस की एयरोडायनॉमिक डिजाइन, इनबिल्ट सुरक्षा फीचर्स और सेमी हाई-स्पीड क्षमताएं जापानी दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। आधुनिक तकनीक से लैस इस ट्रेन में वातानुकूलित कोच, स्वचालित दरवाजे, बायो टॉयलेट्स, ऑनबोर्ड कैटरिंग, जीपीएस सूचना प्रणाली, वाई-फाई और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

आज भारत में लगभग 140 वंदे भारत ट्रेनें संचालित की जा रही हैं, जिन्होंने रेलवे यात्रा के अनुभव को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। यह ट्रेनें विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, विद्यार्थियों और महिलाओं के लिए सुविधाजनक साबित हो रही हैं।

चिनाब ब्रिज: दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज

हिमालय की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में बना चिनाब ब्रिज, भारतीय इंजीनियरिंग क्षमता का प्रतीक बन चुका है। दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज होने के नाते, यह तकनीकी नवाचार और रणनीतिक कनेक्टिविटी का उदाहरण प्रस्तुत करता है। ओसाका एक्सपो में इसके 3D प्रेजेंटेशन और इंटरैक्टिव मॉडल को देखकर जापानी इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर छात्रों में गहरी रुचि देखी गई।

भारत का वैश्विक प्रभाव

13 अप्रैल से 13 अक्टूबर 2025 तक चलने वाला यह वर्ल्ड एक्सपो भारत के लिए वैश्विक मंच पर अपनी प्रगति, नवाचार और आत्मनिर्भरता को प्रदर्शित करने का एक अनमोल अवसर है। इंडिया पवेलियन की लोकप्रियता यह दर्शाती है कि विश्व आज के भारत को एक गतिशील, तकनीकी और उन्नत राष्ट्र के रूप में देख रहा है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मनाया 77वां स्थापना दिवस, नवगछिया और नारायणपुर इकाई में झंडोतोलन कार्यक्रम

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नवगछिया/नारायणपुर:  देश के सबसे बड़े छात्र संगठनों में से एक, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने मंगलवार को पूरे देशभर में अपना 77वां स्थापना दिवस उत्साह और गरिमा के साथ मनाया। इस अवसर पर नवगछिया नगर इकाई एवं नारायणपुर इकाई द्वारा अलग-अलग स्थानों पर झंडोतोलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

नवगछिया इकाई में झंडोतोलन और प्रेरक संबोधन

नवगछिया नगर इकाई के कार्यक्रम में नगर सह मंत्री साक्षी भारद्वाज और नगर उपाध्यक्ष श्रीओम सिंह ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय कला मंच के बिहार प्रांत संयोजक विश्वास वैभव ने छात्र कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा:

“विद्यार्थी परिषद की स्थापना 9 जुलाई 1949 को हुई थी और तब से यह संगठन राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के लक्ष्य को लेकर लगातार सक्रिय है। परिषद व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में विश्वास रखता है और इसी मूल मंत्र के साथ यह संगठन आज अपने 77वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है।”

उन्होंने सभी युवाओं से अपील की कि जब विद्यार्थी परिषद अपना 100वां स्थापना दिवस मनाए, तब तक सभी युवा भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने के संकल्प के साथ कार्य करें।

कार्यक्रम में नगर उपाध्यक्ष श्रीओम सिंह ने कहा कि विद्यार्थी परिषद युवाओं की आवाज है और युवाओं के लिए कार्य करता है। उन्होंने इसे “छात्र शक्ति ही राष्ट्रीय शक्ति” का मूर्त रूप बताया।

नगर सह मंत्री एवं प्रांत छात्रा सह संयोजक साक्षी भारद्वाज ने सभी वर्तमान और पूर्व कार्यकर्ताओं तथा शिक्षक सदस्यों को शुभकामनाएँ दीं।

उपस्थित प्रमुख कार्यकर्ता:
विश्वास वैभव, श्रीओम सिंह, राहुल शर्मा, कुसुम कुमारी, दीपा कुमारी, शुभम कुमार, दीक्षा मिश्रा, शिवानी कुमारी, हरिनंदन, निकिता कुमारी, मुस्कान, ईशा, आदिति, कनिष्का, काजल, रजनी सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

नारायणपुर इकाई में भी मनाया गया स्थापना दिवस

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की नारायणपुर इकाई द्वारा भी स्थापना दिवस के अवसर पर झंडोतोलन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रवासी रूप में राष्ट्रीय कला मंच प्रांत संयोजक विश्वास वैभव और पूर्व जिला संगठन मंत्री विजय कुमार की विशेष उपस्थिति रही।

झंडोतोलन के दौरान उपस्थित प्रमुख कार्यकर्ता:
कुंदन पोद्दार, पंकज यादव, संजीव शर्मा, शुभम कुमार, प्रेम कुमार, प्रदीप कुमार सहित कई छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे और उन्होंने संगठन की विचारधारा और लक्ष्य को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

संघर्ष, सेवा और संगठन की प्रेरणा

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का यह स्थापना दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति युवाओं की सकारात्मक ऊर्जा, प्रतिबद्धता और नेतृत्व क्षमता को दिशा देने का अवसर भी है। संगठन का मूल मंत्र — ज्ञान, शील और एकता — आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना 1949 में था।

श्रावणी मेला: सुल्तानगंज स्टेशन पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पूर्व रेलवे मालदा मंडल की विशेष तैयारियाँ

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विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2025 के अवसर पर पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यापक एवं बहुआयामी तैयारियाँ की गई हैं। यह मेला 11 जुलाई से 9 अगस्त 2025 तक आयोजित होगा, जिसमें लाखों श्रद्धालु गंगाजल लेकर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथधाम की ओर कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं।

मालदा मंडल रेल प्रबंधक श्री मनीष कुमार गुप्ता के नेतृत्व में मंडल की समस्त टीमें श्रद्धालुओं को सुचारु, सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा प्रदान करने हेतु निरंतर कार्यरत हैं। मेला अवधि के प्रत्येक दिन एक वरिष्ठ अधिकारी को सुल्तानगंज स्टेशन पर तैनात किया गया है, जो सभी व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे।

प्रमुख व्यवस्थाएँ इस प्रकार हैं:

पेयजल व्यवस्था

स्टेशन परिसर और पर्यटक शेड क्षेत्र में 24 घंटे स्वच्छ पेयजल की सुविधा सुनिश्चित की गई है। जल स्रोतों की नियमित सफाई और निगरानी की व्यवस्था भी की गई है।

स्वच्छता प्रबंधन

स्टेशन, प्लेटफॉर्म, शौचालय और सर्कुलेटिंग एरिया की सफाई हेतु विशेष दल तैनात किए गए हैं। अस्थायी शौचालयों की स्थापना, मरम्मत कार्य और ड्रेनेज सुधार कार्य भी प्रगति पर हैं।

जन सूचना प्रणाली और उद्घोषणाएँ

यात्रियों को समय पर जानकारी देने के लिए प्लेटफॉर्मों और प्रमुख स्थानों पर सूचना पट लगाए गए हैं। P.A. सिस्टम के माध्यम से ट्रेनों की जानकारी और सुरक्षा संबंधी घोषणाएँ की जाएंगी।

प्रकाश और विश्राम सुविधा

मेला शेड में रोशनी, पंखों की समुचित व्यवस्था और सर्कुलेटिंग एरिया में हाई मास्ट लाइटें लगाई जा रही हैं। अनुरक्षण स्टाफ 24 घंटे उपलब्ध रहेगा।

चिकित्सा सेवाएँ

स्टेशन पर मेडिकल सहायता केंद्र स्थापित किया गया है। मेला अवधि में चिकित्सकों की नियमित विज़िट और आपातकालीन स्थिति में त्वरित सेवा हेतु सेंट जॉन एम्बुलेंस सेवा से समन्वय किया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था

स्टेशन पर 40 CCTV कैमरे कार्यरत हैं और आवश्यकता अनुसार और भी लगाए जा रहे हैं। RPF, GRP और स्थानीय पुलिस की संख्या बढ़ाकर तैनाती सुनिश्चित की गई है। स्टाफ को वॉकी-टॉकी सेट से सुसज्जित किया गया है।

सहायता केंद्र और भीड़ प्रबंधन

“May I Help You” बूथ, चाइल्ड हेल्पलाइन, महिला हेल्पलाइन जैसे सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं। रेलवे स्काउट्स और गाइड्स की मदद से भीड़ प्रबंधन किया जाएगा।

ट्रेन संचालन एवं यात्री सुविधा

श्रावणी मेला के दौरान यात्रियों की सुविधा हेतु अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जा रही हैं:

  • 29 जोड़ी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें
  • 06 जोड़ी पैसेंजर/लोकल ट्रेनें
  • 02 जोड़ी TOD स्पेशल ट्रेनें (चालू)
  • मेला अवधि में अतिरिक्त 04 जोड़ी मेल/एक्सप्रेस और 08 जोड़ी TOD स्पेशल ट्रेनों का संचालन

तकनीकी और आपातकालीन प्रबंधन

फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता, तकनीकी स्टाफ की तैनाती और संवेदनशील क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण जारी है।

श्रावणी मेला की तैयारी को लेकर सुल्तानगंज विधायक ने  गंगा घाटों का किया निरीक्षण

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भागलपुर (सुल्तानगंज):  विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2025 की तैयारी को लेकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि सक्रिय हो गए हैं। स्थानीय विधायक प्रोफेसर डॉ. ललित नारायण मंडल ने बुधवार को सुल्तानगंज स्थित विभिन्न गंगा घाटों का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की।

विधायक मंडल ने अजगैबीनाथ सीढ़ी घाट, बालू घाट, नमामि गंगे घाट, जर्मन हैंगर, शवदाह ग्रीन रोड, और मुख्य मंच उद्घाटन स्थल का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने घाटों की स्थिति और व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान विधायक ने कई कमियों की ओर संकेत करते हुए विभागीय पदाधिकारियों को जल्द सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला में लाखों कांवरियों की आस्था जुड़ी होती है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी घाटों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधायुक्त बनाने की बात पर ज़ोर दिया।

निरीक्षण के मौके पर जदयू नगर अध्यक्ष मनीष कुमार, मीडिया प्रभारी मिथिलेश कुमार चौधरी, कार्यकर्ता राकेश यादव समेत बड़ी संख्या में जदयू कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

बिहार बंद का असर: भागलपुर के मारवाड़ी कॉलेज में इग्नू की परीक्षा बीच में रोकी गई, छात्रों में आक्रोश

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बिहार बंद के आह्वान का असर बुधवार को भागलपुर में शिक्षा व्यवस्था पर भी देखने को मिला। मारवाड़ी कॉलेज में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) की चल रही परीक्षा को बीच में ही रोक दिया गया, जिससे छात्र-छात्राओं में भारी आक्रोश देखा गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, परीक्षा के दौरान बिना किसी पूर्व सूचना के उत्तरपुस्तिकाएं निर्धारित समय से लगभग एक घंटा पहले ही जब्त कर ली गईं और परीक्षा को बीच में बंद करवा दिया गया। इससे छात्रों को गहरी असुविधा का सामना करना पड़ा।

परीक्षा के बाधित होने से नाराज कई विद्यार्थियों ने कॉलेज प्रशासन से इस परीक्षा को दोबारा आयोजित कराने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि उन्होंने लंबे समय से इस परीक्षा की तैयारी की थी और इस तरह परीक्षा को बीच में रुकवाना न केवल उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि यह शिक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

इस घटनाक्रम का एक वीडियो भी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते छात्र अपनी नाराजगी जाहिर करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में साफ तौर पर छात्रों को परीक्षा रुकने पर विरोध करते और प्रशासन से जवाब मांगते देखा जा सकता है।

बैकग्राउंड में: बिहार बंद का आयोजन महागठबंधन द्वारा विभिन्न मांगों और मुद्दों को लेकर किया गया था, जिसका असर राज्यभर में देखा गया। हालांकि प्रशासन ने सामान्य जनजीवन को बाधित न होने देने का दावा किया था, लेकिन शैक्षणिक गतिविधियों पर इसका सीधा प्रभाव साफ झलकता है।

अब देखना यह होगा कि इग्नू और कॉलेज प्रशासन इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं और छात्रों की मांगों पर क्या प्रतिक्रिया आती है।

पूर्व अपर सचिव जेड हसन उर्फ जिया भाई का राजनीति में प्रवेश, नाथनगर से चुनाव लड़ने की घोषणा

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बिहार सरकार के पूर्व अपर सचिव जेड हसन उर्फ जिया भाई ने अब सरकारी सेवा को अलविदा कहकर जनता की सेवा का संकल्प लिया है। उन्होंने अपने पद से स्वैच्छिक इस्तीफा देकर नाथनगर विधानसभा क्षेत्र से आगामी चुनाव लड़ने की औपचारिक घोषणा की है। इस ऐलान से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है, वहीं स्थानीय स्तर पर उन्हें व्यापक समर्थन मिल रहा है।

हबीबपुर कार्यक्रम में किया एलान
जेड हसन ने यह घोषणा भागलपुर के हबीबपुर क्षेत्र में आयोजित एक सम्मान समारोह के दौरान की। इस कार्यक्रम का आयोजन जिला एथलेटिक्स संगठन की ओर से किया गया था। समारोह में उनके समर्थकों और क्षेत्रीय नागरिकों ने उन्हें फूल-मालाओं, अंग वस्त्रों और तालियों के साथ भव्य स्वागत दिया।

जेड हसन ने अपने संबोधन में कहा,
“मैंने वर्षों तक प्रशासनिक सेवा में रहकर काम किया, लेकिन अब समय आ गया है कि मैं सीधे जनता के बीच रहकर उनके सुख-दुख में सहभागी बनूं। मैं नाथनगर की जनता को एक वैकल्पिक और मजबूत नेतृत्व देने के लिए चुनाव मैदान में उतरूंगा।”

स्वतंत्र उम्मीदवार बनने की भी तैयारी
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी राजनीतिक दल से उन्हें टिकट नहीं मिलता, तो वे स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे। उनका कहना है कि वह राजनीति में स्वार्थ नहीं, बल्कि सेवा और विकास की भावना लेकर आए हैं।

सम्मान समारोह में दिखी एकजुटता
कार्यक्रम में प्रवीण झा, शिशुपाल भारती, जितेंद्र मणि संदेश, नसर आलम सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने उनके निर्णय की सराहना की और समर्थन का भरोसा दिलाया।

नाथनगर की राजनीति में नई हलचल
जेड हसन के मैदान में उतरने से नाथनगर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं। लंबे समय से बदलाव की उम्मीद कर रही जनता के लिए यह एक नया विकल्प हो सकता है।

महागठबंधन के बिहार बंद का भागलपुर में दिखा व्यापक असर, मतदाता सूची पुनरीक्षण के विरोध में सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता

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भागलपुर: मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में अनियमितता और पक्षपात के आरोप लगाते हुए महागठबंधन द्वारा आहूत बिहार बंद का व्यापक असर बुधवार को भागलपुर शहर में देखने को मिला। सुबह से ही महागठबंधन के विभिन्न घटक दलों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने शहर के मुख्य चौराहों – स्टेशन चौक, खलीफाबाग चौक, तिलकामांझी और बरारी में टायर जलाकर आवागमन पूरी तरह से बाधित कर दिया। सड़क जाम की वजह से शहर के कई हिस्सों में लंबा जाम लग गया और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

शहर ठप, जनजीवन प्रभावित
बंद के चलते स्कूल, कॉलेज और व्यापारिक प्रतिष्ठान भी बंद रहे। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और सार्वजनिक परिवहन भी प्रभावित हुआ। कई परीक्षाएं और शैक्षणिक गतिविधियाँ स्थगित कर दी गईं।

प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं का आरोप था कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के नाम पर सरकार कुछ विशेष वर्गों को लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रही है और विपक्ष समर्थित मतदाताओं को जानबूझकर सूची से बाहर किया जा रहा है। उन्होंने पुनरीक्षण प्रक्रिया की न्यायिक जांच कराने की मांग की।

प्रशासन सतर्क, पुलिस बल तैनात
हालात को नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन द्वारा अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। कई जगहों पर पुलिस ने मार्च निकाला और उपद्रवियों को हटाने की कोशिश की। हालांकि अब तक किसी बड़ी झड़प या हिंसा की सूचना नहीं है।

निष्कर्ष:
महागठबंधन के बिहार बंद का भागलपुर में व्यापक असर पड़ा है। यह विरोध न केवल प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है, बल्कि आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रशासन और निर्वाचन आयोग को इस मुद्दे पर पारदर्शिता बरतते हुए संतुलित कदम उठाने की आवश्यकता है।


भागलपुर में लॉन्च हुआ अतुल ऑटो का नया इलेक्ट्रिक मॉडल ‘रिक ट्विन’, एक बार चार्ज पर चलेगा 200 किलोमीटर

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भागलपुर के जीरो माइल स्थित महावीरा श्री राम इंटरप्राइजेज शोरूम में आज अतुल ऑटो कंपनी के नवीनतम इलेक्ट्रिक वाहन मॉडल ‘रिक ट्विन’ का भव्य शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में मोटर यान निरीक्षक (MVI) श्री एस. एन. मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित हुए, जिन्हें शोरूम के मैनेजिंग डायरेक्टर गौरव चौधरी द्वारा अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर अतुल ऑटो के स्टेट हेड एजाज अहमद, सेल्स मैनेजर गौरव, स्टेट हेड सर्विस संतोष, जुनैद अली तथा श्री राम इंटरप्राइजेज की टीम से संजय झा, पंकज झा, गौतम राय, मनीष सिंह, मोहम्मद नजर, प्रियंका और मनोज तिवारी उपस्थित रहे।

इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट में एक नया विकल्प

शोरूम के मैनेजिंग डायरेक्टर गौरव चौधरी ने जानकारी दी कि रिक ट्विन कंपनी का एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक मॉडल है, जो एक बार फुल चार्ज करने पर 200 किलोमीटर की दूरी तय करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि इसमें कई उन्नत फीचर्स शामिल हैं जो इसे बाजार में पहले से मौजूद मॉडलों से अलग और बेहतर बनाते हैं।

इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह मॉडल ग्राहकों के लिए एक किफायती और पर्यावरण अनुकूल विकल्प सिद्ध हो सकता है।

ग्राहकों को सौंपी गई चाबी

कार्यक्रम के दौरान मोटर यान निरीक्षक श्री एस. एन. मिश्रा द्वारा दो ग्राहकों को प्रतीकात्मक रूप से वाहन की चाबी सौंपी गई। उन्होंने इस अवसर पर लोगों से यातायात नियमों का पालन करते हुए वाहन चलाने की अपील भी की।