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श्रावणी मेला की पहली सोमवारी: लाखों डाक कांवरियों ने अजगैबीनाथ धाम में लगाई आस्था की डुबकी, “बोल बम” से गूंजा सुल्तानगंज

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भागलपुर: श्रावण मास की पहली सोमवारी को लेकर सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ धाम में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। रविवार को लाखों डाक कांवरियों ने उत्तरवाहिनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और गंगा जल लेकर “बोल बम”, “हर हर महादेव” के जयकारों के साथ बैद्यनाथ धाम देवघर की 105 किलोमीटर लंबी पैदल डाक यात्रा पर रवाना हो गए।

सुल्तानगंज के गंगा घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। डाक कांवरियों ने 24 घंटे के भीतर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर जलार्पण की संकल्प के साथ अपनी यात्रा प्रारंभ की। यह यात्रा केवल भक्ति नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और मनोकामनाओं की पूर्ति का प्रतीक भी है।

सुरक्षा और व्यवस्था का विशेष ध्यान:

श्रावणी मेले को लेकर जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

  • गंगा घाट से लेकर पूरे कांवरिया पथ तक पुलिस बल, महिला पुलिस, और सैफ के जवानों की तैनाती की गई है।
  • नगर परिषद द्वारा साफ-सफाई, नावों की व्यवस्था और प्रकाश की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
  • एसडीआरएफ की टीमों को गंगा घाट पर तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपदा या आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।

सांस्कृतिक और धार्मिक ऊर्जा:

अजगैबीनाथ धाम का वातावरण “हर हर महादेव” और “बोल बम” के गगनभेदी नारों से गूंज रहा था। कांवड़ यात्रा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि यह सामाजिक समरसता, सेवा और अनुशासन का प्रतीक भी बन चुकी है।

श्रावणी मेले की यह पहली सोमवारी श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव लेकर आई, जिसमें गंगा स्नान, कांवड़ यात्रा और भोलेनाथ की आराधना के साथ आस्था और विश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिला।


मुख्यमंत्री ने किया बख्तियारपुर-ताजपुर गंगा पुल का स्थल निरीक्षण, कार्य में तेजी लाने का दिया निर्देश

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पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज गंगा नदी पर निर्माणाधीन बख्तियारपुर (करजान)–ताजपुर (समस्तीपुर) फोरलेन पुल परियोजना का स्थल निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण में और अधिक तेजी लाने और समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने अथमलगोला प्रखंड के करजान से कल्याणपुर होते हुए गंगा नदी के किनारे तक पहुंचकर चल रहे निर्माण कार्य का जायजा लिया। पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री संदीप पुदुकलकट्टी ने साइट प्लान के माध्यम से बताया कि यह ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट लगभग 60 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। पुल की कुल लंबाई 5.51 किलोमीटर है जबकि पहुँच पथ की लंबाई 45.75 किलोमीटर, जिससे परियोजना की कुल लंबाई 51.26 किलोमीटर होती है।

परियोजना की प्रमुख विशेषताएं:

  • 2875.02 करोड़ रुपये की लागत से बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा निर्माणाधीन।
  • एनएच-31 (करजान, बख्तियारपुर) और एनएच-28 (ताजपुर, समस्तीपुर) को सीधे जोड़ेगा।
  • उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच बेहतर कनेक्टिविटी का निर्माण।
  • महात्मा गांधी सेतु एवं राजेंद्र सेतु पर यातायात का दबाव कम होगा।
  • पर्यटन, शिक्षा, चिकित्सा व धार्मिक स्थलों तक पहुंच में समय की बचत होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पुल से समस्तीपुर, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर सहित पूरे उत्तर बिहार को पटना और दक्षिण बिहार से एक वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जिससे यातायात की सुगमता और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पैसे की कोई कमी नहीं है और राज्य सरकार हर जरूरी संसाधन उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री के साथ मौजूद प्रमुख अधिकारी:
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत, पथ निर्माण सचिव संदीप पुदुकलकट्टी, बीएसआरडीसी के एमडी श्री शीर्षत कपिल अशोक, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, पटना प्रमंडल आयुक्त डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम., वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


रोटरी क्लब भागलपुर द्वारा डाटबट में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित, 671 लाभार्थियों को मिला उपचार

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भागलपुर: रोटरी क्लब भागलपुर द्वारा आज डाटबट में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कुल 671 माताओं और बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई और उन्हें निःशुल्क दवाइयाँ तथा पोषण संबंधी परामर्श प्रदान किया गया।

मीडिया प्रभारी रोटेरियन मितिलेश सिन्हा ने जानकारी दी कि यह शिविर समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। डॉ. सौम्या गुप्ता और डॉ. देवानंद ने माताओं और नवजात शिशुओं की जांच की। कुपोषण से ग्रसित महिलाओं को आयरन और फोलिक एसिड की गोलियाँ दी गईं।

बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया और उन्हें साबुन, हैंडवॉश, डिटर्जेंट आदि वितरित किए गए। त्वचा रोग विशेषज्ञ रोटेरियन डॉ. शंकर ने मानसून जनित बीमारियों से बचाव की जानकारी दी और आवश्यक एंटीफंगल क्रीम तथा त्वचा संबंधी दवाइयाँ दीं। बच्चों को रिफ्रेशमेंट भी प्रदान किए गए, जिससे उनमें उत्साह देखा गया।

इस शिविर में नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. राकेश रंजन ने भी सहभागिता की और मरीजों को गुर्दा संबंधी परामर्श दिया।

रोटरी क्लब के सेवा कार्य में रोटेरियन शशिकला ठाकुर, बिनोद बैद, सत्यजीत सहाय, नमिता सहाय समेत कई अन्य सदस्य सक्रिय रूप से शामिल रहे।
रोटेरियन मितिलेश सिन्हा ने कहा कि रोटरी क्लब समाज सेवा के प्रति सदैव प्रतिबद्ध है और आगे भी इस तरह के जनहितकारी शिविर आयोजित करता रहेगा।

चंपानगर में 15 जुलाई को मनाया जाएगा विशेष पर्व “बेड़ा पांच”, गंध धूप और नेतुला पूजा का होगा संगम

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चंपानगर, भागलपुर: इस वर्ष श्रावण कृष्ण पंचमी की तिथि 15 जुलाई को है, जिसे चंपा क्षेत्र में “बेड़ा पांच” के नाम से विशेष रूप से जाना जाता है। इस बार यह पर्व और भी खास होने जा रहा है क्योंकि बेड़ा पांच और गंध धूप—दोनों पर्व एक ही दिन पड़ रहे हैं। यह दुर्लभ संयोग श्रद्धालुओं और मंदिर प्रशासन के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है।

बेड़ा पांच के दिन चंपा स्थित मुख्य मनसा देवी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। गंध धूप के अवसर पर मंदिर में पिंडी कलश रहित पूजा की परंपरा है। इस दिन कुम्हार के घर जाकर बारी कलश की पूजा की जाती है और फिर पांचों देवी एवं विशेष रूप से नेतुला धोबिन की आराधना होती है। इस पूजा में धोबी समाज की आस्था विशेष रूप से जुड़ी होती है।

पूरे चंपानगर क्षेत्र में इस दिन देवी गीत गाए जाते हैं और मनसा महात्म्य का पाठ होता है। समाज के लोग अपने द्वार पर गाय के गोबर से नाग की आकृति बनाकर धूप, दीप, सिंदूर आदि अर्पित करते हैं। खासकर नेतुला पूजा में डलिया में पान, फूल, मेवा, फल सजाकर देवी को अर्पित किए जाते हैं।

इस दिन बिहुला-लखिन्दर कथा का भी विशेष महत्व होता है, जिसमें नेतुला की देवी मनसा की पूजा में बिहुला के सहयोग के प्रसंग का श्रवण किया जाएगा। पूजा का संचालन मुख्य पंडा संतोष झा और अजीत झा के नेतृत्व में होगा, साथ ही आलोक कुमार, हेमन्त कुमार, चंद्रशेखर, गौरी शंकर और विनय लाल आदि आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

इस सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सव में श्रद्धालु बड़ी संख्या में सम्मिलित होकर आस्था की डुबकी लगाएंगे।

श्रावणी मेला 2025: भागलपुर की महापौर ने किया कांवरिया पथ का निरीक्षण, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर दिए सख्त निर्देश

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भागलपुर:  विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2025 को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। इसी क्रम में भागलपुर नगर निगम की  महापौर डॉ वसुंधरा लाल ने शनिवार को कांवरिया पथ का गहन निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और स्वच्छता को लेकर की जा रही तैयारियों की समीक्षा करना था।

निरीक्षण के दौरान महापौर  ने प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति, पुलिस बल की तैनाती और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवरिया पथ पर भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए और अपर्याप्त सुविधाओं को तुरंत दुरुस्त किया जाए।

महापौर महोदया ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से बातचीत करते हुए कहा,
“हमारा प्रमुख लक्ष्य यह है कि श्रावणी मेले में आने वाले हर श्रद्धालु को सुरक्षित, स्वच्छ और श्रद्धायुक्त वातावरण मिले। प्रशासन पूरी तरह तत्पर है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

उन्होंने कांवर पथ की नियमित सफाई, ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव और पेयजल टैंकर की तैनाती को लेकर नगर निगम को सख्त निर्देश दिए। महापौर ने नगर निगम कार्यालय वेश्म में नगर आयुक्त महोदय के साथ बैठक कर निरीक्षण में देखी गई सभी आवश्यक बातों को साझा किया और उनकी त्वरित पूर्ति के लिए दिशा-निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर उप महापौर डॉ सलाउद्दीन अहसन, पार्षदगण संजय कुमार सिन्हा, पंकज कुमार गुप्ता,  अमित कुमार, पार्षद प्रतिनिधिगण, नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

महापौर महोदया ने आम जनता से भी अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और श्रावणी मेले को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित बनाने में सहयोग करें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जिला प्रशासन और नगर निगम मिलकर मेले को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

श्रावणी मेला 2025: कांवरियों की सुरक्षा को लेकर जिला व रेल प्रशासन सतर्क, तीसरी आंखों से की जा रही निगरानी

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सुल्तानगंज: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2025 के दौरान लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए जलाभिषेक की यात्रा पर निकल रहे हैं। इस दौरान कांवरियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन और रेलवे प्रशासन ने संयुक्त रूप से सतर्क निगरानी व्यवस्था लागू की है। सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक के साथ-साथ बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

श्रावणी मेला क्षेत्र में 100 से अधिक हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निरंतर मॉनिटरिंग सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन और सुल्तानगंज थाना द्वारा की जा रही है। इन “तीसरी आंखों” के माध्यम से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति या अव्यवस्था पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

डीएसपी चंद्र भूषण कुमार ने प्रेस वार्ता में जानकारी दी कि मेले की सुरक्षा को लेकर 9 अस्थायी थाने, महिला पुलिस बल, सैफ के जवान, और अतिरिक्त पुलिस बल को अजगैबीनाथ गंगा घाट, नमामि गंगे घाट, एवं पूरे कांवरिया पथ पर तैनात किया गया है। सभी सुरक्षाकर्मी 24×7 ड्यूटी पर तैनात हैं ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।

उन्होंने कहा, “श्रावणी मेला में श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। हम CCTV के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई के लिए टीमें अलर्ट पर हैं।”

जिला प्रशासन की ओर से कांवरियों के लिए विश्राम, प्राथमिक चिकित्सा, जलपान, सूचना केंद्र आदि की भी व्यवस्था की गई है। पूरे मेले को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धामय बनाने में प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ रहा।

सावन में अनोखी श्रद्धा: कांवड़ में गंगाजल के साथ अपने बच्चे को बैठाकर निकला भक्त, बाबा धाम की ओर बढ़े रंजीत

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सुल्तानगंज:  सावन माह में श्रद्धा और आस्था का रंग हर ओर छाया हुआ है। सुल्तानगंज से बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर तक की 105 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा पर लाखों श्रद्धालु पदयात्रा कर रहे हैं। इस यात्रा के दौरान एक भावनात्मक और अनोखा दृश्य सबका ध्यान आकर्षित कर रहा है — एक कांवड़िया ने अपनी कांवड़ में केवल गंगाजल ही नहीं, अपने छोटे बच्चे को भी विराजमान किया है।

कोलकाता से आए रंजीत, एक श्रद्धालु, ने अपनी आस्था की मिसाल पेश करते हुए अपनी मन्नत पूरी होने पर बच्चे को कांवड़ में बिठाकर बाबा धाम की यात्रा शुरू की है। उनकी कांवड़ की एक ओर गंगाजल से भरी कलश, वहीं दूसरी ओर मासूम बेटा आराम से बैठा है।

रंजीत ने बताया कि उन्होंने बाबा भोलेनाथ से संतान की मन्नत मांगी थी। उनकी मन्नत पूरी हुई और उन्होंने संकल्प लिया था कि यदि संतान होगी, तो वे उसे साथ लेकर देवघर की पदयात्रा करेंगे। आज वह संकल्प पूरा करते हुए अपने पुत्र को साथ लेकर भक्ति की इस कठिन लेकिन पावन यात्रा पर निकल पड़े हैं।

यह दृश्य न केवल अडिग श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भक्त अपने जीवन की सबसे बड़ी खुशियों को भी भगवान के चरणों में अर्पित करना नहीं भूलते। रंजीत की यह अनोखी कांवड़ हर किसी के लिए आस्था, प्रेम और कर्तव्य का जीवंत उदाहरण बन गई है।

तिलका माँझी भागलपुर विश्वविद्यालय का 66वाँ स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया, शिक्षा और संस्कृति का दिखा अद्भुत संगम

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भागलपुर:  तिलका माँझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) ने शनिवार को अपना 66वाँ स्थापना दिवस भव्य और गरिमामय समारोह के साथ मनाया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस उत्सवमयी आयोजन में कुलपति प्रो. (डॉ.) रामश्री पुर्वे, छात्र-कल्याण अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) विजय कुमार सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक, कर्मचारी, छात्र-छात्राएँ और अतिथि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत तिलका माँझी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई, जिसके बाद कुलगीत का वाचन किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा, शिक्षा के प्रति समर्पण और सांस्कृतिक चेतना का भावपूर्ण उल्लेख किया गया। दीप प्रज्वलन और ध्वजारोहण के साथ विश्वविद्यालय के 66 वर्षों की शैक्षणिक और सांस्कृतिक यात्रा को नमन किया गया।

मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) विजय कुमार ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय की पहचान को “केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि विचार, सामाजिक चेतना और क्रांति की परंपरा का वाहक” बताया। उन्होंने कहा कि TMBU ने बिहार के शैक्षिक परिदृश्य में विशेष स्थान अर्जित किया है और आने वाले समय में यह छात्रों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।

कुलपति डॉ. रामश्री पुर्वे ने अपने उद्बोधन में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध कार्यों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने पूर्व छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों से विश्वविद्यालय की गरिमा बनाए रखने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ रहीं, जिसमें छात्रों ने लोकगीत, पारंपरिक नृत्य और नाटक के माध्यम से बिहार की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया। पूरे आयोजन का संचालन अत्यंत व्यवस्थित ढंग से किया गया और अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का समापन हुआ।

1960 में स्थापित यह विश्वविद्यालय आज बिहार के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में शुमार है। शिक्षा, शोध और सामाजिक सरोकारों में इसके योगदान को वक्ताओं ने अनुकरणीय और प्रेरणादायक बताया। विश्वविद्यालय परिवार की सक्रिय सहभागिता और उत्साह ने इस ऐतिहासिक दिन को एक स्मरणीय उत्सव में बदल दिया।

4 फीट जमीन के लिए पारिवारिक खूनी संघर्ष, कुल्हाड़ी से हमले में महिला की मौत — कटोरिया के रखलिया डीह में दिल दहला देने वाली घटना

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भागलपुर/कटोरिया: इंसानी रिश्ते जब जमीन के टुकड़े से कमजोर हो जाएं, तो नतीजे खौफनाक होते हैं। झारखंड के कटोरिया प्रखंड अंतर्गत रखलिया डीह गांव में महज 4 फीट जमीन के लिए हुए पारिवारिक विवाद में एक सगे भाई ने अपने ही परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुई 60 वर्षीय अरुणा देवी की इलाज के दौरान भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मौत हो गई।

घटना की जानकारी देते हुए मृतका के बेटे रमाकांत शर्मा ने बताया कि वह बाहर काम करता है और लौटते समय अपनी मां अरुणा देवी से मोबाइल पर बात कर रहा था। इसी दौरान उसका छोटा भाई घर की बाउंड्री घेर रहा था, जिसे लेकर विवाद बढ़ा। तभी चाचा जगत नारायण शर्मा और चचेरे भाइयों ने मिलकर कुल्हाड़ी, खंती और दाव से हमला कर दिया। इस हमले में रमाकांत के माता-पिता और भाई गंभीर रूप से घायल हो गए।

घायलों को इलाज के लिए तुरंत भागलपुर मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां अरुणा देवी ने दम तोड़ दिया। रमाकांत का कहना है कि सरकारी अस्पताल की व्यवस्था अत्यंत खराब होने के कारण उसके पिता और भाई को वापस झारखंड के निजी अस्पताल में शिफ्ट करना पड़ा।

घटना की सूचना मिलते ही बरारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमलावरों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

बाइट — रमाकांत शर्मा, मृतका का पुत्र:
“मां से फोन पर बात कर रहा था, तभी देखता हूं कि मेरे चाचा और उनके लड़के कुल्हाड़ी लेकर मेरे मां-बाप और भाई को मारने लगे। ये सब 4 फीट जमीन के लिए हुआ। हमने कभी सोचा नहीं था कि भाई ही इस हद तक जाएंगे।”

यह घटना एक बार फिर इस बात की गवाही देती है कि जमीन के छोटे से टुकड़े के लिए भी रिश्तों की नींव किस तरह दरक जाती है और खूनी संघर्ष की परिणति जान गंवाने तक पहुंच जाती है।

श्रावणी मेला 2025: भगवामय हुआ सबसे लंबा कांवरिया पथ, अजगैबीनाथ धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

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सुल्तानगंज: सावन के पावन महीने में श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिल रहा है। सबसे लंबा कांवरिया पथ अब पूरी तरह भगवामय हो चुका है। “बोल बम” और “हर हर महादेव” के जयघोष से गूंजते इस पथ पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है, जिसमें भक्ति, ऊर्जा और आस्था का अभूतपूर्व नज़ारा देखने को मिल रहा है।

श्रावणी मेले के दूसरे दिन सुल्तानगंज के अजगैबीनाथ धाम में उत्तरवाहिनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के बाद हजारों कांवरिये गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर की ओर पैदल यात्रा पर निकल चुके हैं। यह यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि मन, तन और आत्मा को शिव में समर्पित करने की आध्यात्मिक यात्रा बन चुकी है।

ढोल-नगाड़े, शंखनाद और भजन-कीर्तन से कांवर पथ का हर कोना शिवमय हो गया है। खास बात यह रही कि अधिकांश कांवरिये सोमवार और मंगलवार को बाबा को जल अर्पण करने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहे हैं।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर प्रशासन सतर्क है। कांवर पथ पर जगह-जगह शिविर लगाए गए हैं, जहां श्रद्धालुओं को जलपान, विश्राम और प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।

छपरा से आए कांवरिया सुरेंद्र महतो का कहना है, “यह यात्रा जीवन में शक्ति और शांति का अद्भुत अनुभव देती है।” वहीं काशी से आए नंदकिशोर बरनवाल ने कहा, “बोल बम का उत्साह ही हमें हर थकावट से ऊपर उठा देता है।”

इस पवित्र सावन में यह यात्रा सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सहयोग और आत्मिक ऊर्जा का उत्सव बन चुकी है — जहां हर कदम शिव की ओर उठता है।