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पहली सोमवारी पर सुल्तानगंज में उमड़ा आस्था का सैलाब, नमामि गंगे घाट हुआ भगवामय

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सुल्तानगंज/भागलपुर:  सावन की पहली सोमवारी के शुभ अवसर पर सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट पर आस्था का विराट दृश्य देखने को मिला। देशभर से लाखों की संख्या में शिवभक्त यहां जुटे और भगवा रंग में रंगी इस पुण्यभूमि पर भक्ति की बयार बहती रही।

उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, असम, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों से कांवड़िए सुल्तानगंज पहुंचे, जहां उन्होंने उत्तरवाहिनी गंगा में पवित्र स्नान कर जलभरी की रस्म अदा की। इसके बाद शिवभक्तों ने ‘बोल बम’ के जयघोषों के साथ 105 किलोमीटर की पदयात्रा शुरू कर दी, जो देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में जाकर समाप्त होगी।

अजगैवीनाथ धाम, नमामि गंगे घाट और पूरे सुल्तानगंज क्षेत्र में भक्तों की मौजूदगी से माहौल पूरी तरह भगवामय हो गया। घाटों और कांवड़िया पथ पर हर तरफ हर हर महादेव और बोल बम की गूंज सुनाई दे रही है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों पर विशेष सफाई व्यवस्था, चेंजिंग रूम, मेडिकल कैंप और जलपान की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है—सीसीटीवी निगरानी, क्विक रिस्पॉन्स टीम, महिला पुलिस बल और आपदा राहत दलों की तैनाती सुनिश्चित की गई है।

सावन की पहली सोमवारी पर यह दृश्य न केवल सुल्तानगंज की आध्यात्मिक महत्ता को रेखांकित करता है, बल्कि यह बताता है कि शिवभक्ति किस तरह जन-जन के हृदय में गहराई से रची-बसी है।

सावन की पहली सोमवारी पर शिवालयों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, भक्तों ने की भोलेनाथ की आराधना

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भागलपुर: सावन की पहली सोमवारी के अवसर पर भागलपुर के शिवालयों में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। तड़के भोर से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिरों के बाहर देखी गईं, जो बेलपत्र, जल, दूध, धतूरा और फल-फूल लेकर भगवान शिव का पूजन-अर्चन करने पहुंचे।

हर हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा। भक्तों का मानना है कि सावन मास की सोमवारी पर भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। श्रद्धालु विशेष रूप से व्रत रखकर और जलाभिषेक कर अपनी आस्था प्रकट कर रहे हैं।

शहर के प्रमुख मंदिरों — बुद्धनाथ मंदिर, शिवशक्ति मंदिर, कालीघाट महादेव मंदिर समेत अन्य शिवालयों में विशेष पूजन की व्यवस्था की गई। मंदिर प्रशासन द्वारा पूजा के लिए अलग-अलग पंक्तियों की व्यवस्था, प्रसाद वितरण और जल छिड़काव की सुविधा दी गई।

श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। जगह-जगह पर पुलिस बल, महिला सुरक्षाकर्मी, एंबुलेंस और होमगार्ड की तैनाती की गई है, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

सावन की यह पहली सोमवारी भागलपुरवासियों के लिए एक आस्था, संयम और भक्ति का प्रतीक बन गई है।

श्रावणी मेला 2025: पूर्व रेलवे चलाएगा 14 जुलाई को 22 विशेष ट्रेनें, श्रद्धालुओं की यात्रा होगी सुगम

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कोलकाता: देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ धाम में आयोजित श्रावणी मेला भगवान शिव के भक्तों के लिए एक प्रमुख धार्मिक अवसर है। इस अवसर पर लाखों श्रद्धालु हर वर्ष सुल्तानगंज और देवघर की ओर कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं। इस विशाल जनसैलाब की सुविधा और सुरक्षित यात्रा को ध्यान में रखते हुए पूर्व रेलवे 14 जुलाई 2025 को कुल 22 विशेष श्रावणी मेला ट्रेनों का परिचालन करेगा।

रेलवे द्वारा इन स्पेशल ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा, लचीलापन और भीड़ प्रबंधन में सहूलियत मिलेगी। विशेष ट्रेनों की सूची इस प्रकार है:

🔸 प्रमुख एक्सप्रेस श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेनें:

  • 03157 मधुपुर – बनारस (प्रस्थान: 12:10 बजे)
  • 05598 आसनसोल – जयनगर (प्रस्थान: 13:00 बजे)
  • 08645 भागलपुर – रांची (प्रस्थान: 13:10 बजे)
  • 03511 आसनसोल – पटना (प्रस्थान: 17:00 बजे)
  • 05027 देवघर – बढ़नी (प्रस्थान: 18:45 बजे)
  • 03553 आसनसोल – दानापुर (प्रस्थान: 19:30 बजे)

    लोकल मेमू स्पेशल ट्रेनें:

  • 03146/03145 जसीडीह – दुमका – जसीडीह
    (प्रस्थान: जसीडीह से 08:50 बजे | दुमका से 10:45 बजे)
  • 03148/03147 जसीडीह – दुमका – जसीडीह
    (प्रस्थान: जसीडीह से 18:00 बजे | दुमका से 20:05 बजे)
  • 03150/03149 जसीडीह – गोड्डा – जसीडीह
    (प्रस्थान: जसीडीह से 13:00 बजे | गोड्डा से 15:00 बजे)
  • 03507/03508 देवघर – जसीडीह – देवघर
    (प्रस्थान: देवघर से 08:20 बजे | जसीडीह से 22:05 बजे)
  • 03480/03479 जमालपुर – सुल्तानगंज – जमालपुर
    (प्रस्थान: जमालपुर से 00:05 बजे | सुल्तानगंज से 01:30 बजे)

     वैद्यनाथधाम जाने वाली ट्रेनें:

  • 03501/03502 जसीडीह – वैद्यनाथधाम – जसीडीह
    (प्रस्थान: जसीडीह से 04:30 बजे | वापसी: 04:55 बजे)
  • 03503/03504 वैद्यनाथधाम – जसीडीह – वैद्यनाथधाम
    (प्रस्थान: वैद्यनाथधाम से 13:05 बजे | वापसी: 13:35 बजे)
  • 03505/03506 जसीडीह – वैद्यनाथधाम – जसीडीह
    (प्रस्थान: जसीडीह से 21:25 बजे | वापसी: 22:00 बजे)

पूर्व रेलवे ने अपील की है कि श्रद्धालु समय से पहले स्टेशन पहुंचे और यात्रा के दौरान रेलवे के दिशा-निर्देशों का पालन करें। यात्रियों की सुविधा हेतु स्टेशनों पर अतिरिक्त हेल्प डेस्क, मेडिकल सुविधा, पेयजल और सुरक्षा बलों की भी विशेष व्यवस्था की गई है।

🙏 बोल बम! हर हर महादेव! 🚩

रेशम भवन परिसर में फोटोग्राफर एसोसिएशन की भव्य प्रदर्शनी, विधायक ने किया उद्घाटन

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भागलपुर: फोटोग्राफर एसोसिएशन की ओर से रेशम भवन परिसर, जीरो माइल में एक भव्य फोटोग्राफी प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय विधायक अजीत शर्मा ने दीप प्रज्वलन और फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा,

“फोटोग्राफी केवल एक कला नहीं, बल्कि समाज के हर पहलू को सहेजने और दिखाने का जीवंत माध्यम है।“

प्रदर्शनी में बसी ज़िंदगी की झलक:

इस खास प्रदर्शनी में भागलपुर और आसपास के दर्जनों फोटोग्राफरों द्वारा खींची गई दुर्लभ, कलात्मक और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी तस्वीरें प्रदर्शित की गईं।
प्रदर्शनी में शामिल प्रमुख विषयों में शामिल थे:

  • सांस्कृतिक झलकियां
  • धार्मिक आयोजन
  • ग्रामीण जीवन की सादगी
  • प्रकृति की सुंदरता
  • आम जनजीवन के संघर्ष और भावनाएं

दर्शकों ने इन तस्वीरों को अत्यंत सराहा, खासकर युवा, छात्र और फोटोग्राफी प्रेमियों की बड़ी उपस्थिति ने आयोजन को जीवंत और यादगार बना दिया।

आयोजन का उद्देश्य:

फोटोग्राफर एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने बताया कि इस प्रदर्शनी का उद्देश्य स्थानीय कलाकारों को मंच देना है, जहां वे अपनी दृष्टि और संवेदनशीलता को लोगों तक पहुँचा सकें।

“फोटोग्राफर समाज के साइलेंट ऑब्ज़र्वर होते हैं, जो हर खुशी, ग़म, संघर्ष और बदलाव को बिना शब्दों के कैमरे में दर्ज करते हैं।” – मनोज गुप्ता

सम्मान और सराहना:

कार्यक्रम के अंत में चयनित श्रेष्ठ फोटोग्राफरों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर कई गणमान्य अतिथि, वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता, और शहर के प्रतिष्ठित फोटोग्राफर भी उपस्थित थे। सभी ने आयोजन को प्रतिभा के प्रदर्शन और सामाजिक संवाद का बेहतरीन मंच बताया और इसे हर वर्ष आयोजित करने का सुझाव दिया।

श्रावणी मेला 2025: 9 अस्थायी थाना, एसटीएफ तैनात, 24 घंटे नियंत्रण कक्ष सक्रिय — श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट

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सुल्तानगंज: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2025 को लेकर इस बार सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप दिया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भागलपुर पुलिस प्रशासन ने मेला क्षेत्र में 9 अस्थायी थानों की स्थापना की है। प्रत्येक थाना क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती के साथ बाइक दस्ते और घुड़सवार पुलिस लगातार गश्त कर रहे हैं।

भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक हृदय कांत ने बताया कि मेला क्षेत्र में सुरक्षा के लिए एसटीएफ की एक कंपनी भी तैनात की गई है, जो किसी भी अप्रिय घटना या आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करेगी।

मुख्य सुरक्षा उपाय:

  • 9 अस्थायी थाना – मेला क्षेत्र में हर प्रमुख बिंदु पर तैनाती।
  • बाइक पेट्रोलिंग यूनिट – लगातार क्षेत्रीय गश्त।
  • घुड़सवार पुलिस बल – भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में त्वरित मूवमेंट के लिए।
  • एसटीएफ की तैनाती – संवेदनशील स्थानों पर विशेष सुरक्षा।
  • सादे लिवास में पुलिसकर्मी – भीड़ में रहकर हर गतिविधि पर पैनी नजर।
  • 24×7 नियंत्रण कक्ष – सुल्तानगंज में पूरी तरह सक्रिय और तकनीकी निगरानी से लैस।

वरीय पुलिस अधीक्षक का बयान:

“श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मेला क्षेत्र में चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है ताकि श्रावणी मेला शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से सम्पन्न हो।“
— हृदय कांत, वरीय पुलिस अधीक्षक, भागलपुर

पुलिस प्रशासन की सख्त निगरानी और सुनियोजित व्यवस्था से श्रद्धालुओं में भी विश्वास और सुरक्षा की भावना देखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।

रेंगते हुए भोले के दरबार की ओर दिव्यांग कांवड़िया की अटूट आस्था, कांवड़ पथ पर श्रद्धा का अनोखा दृश्य

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सुल्तानगंज: श्रावण मास में शिवभक्ति की अटूट आस्था और भक्ति की शक्ति के अद्भुत दृश्य सुल्तानगंज से देवघर तक के कांवड़ पथ पर देखने को मिलते हैं, लेकिन इस बार एक दिव्यांग कांवड़िया ने श्रद्धा और संकल्प की एक ऐसी मिसाल कायम की है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया।

कोलकाता से आए दिव्यांग श्रद्धालु रंजीत चटर्जी, जो पैरों से चलने में असमर्थ हैं, बाबा भोलेनाथ की भक्ति में इस कदर डूबे हैं कि हथेलियों और घुटनों के बल रेंगते हुए सैकड़ों किलोमीटर की कठिन यात्रा तय कर रहे हैं। उनका एक ही लक्ष्य है — देवघर पहुंचकर उत्तरवाहिनी गंगाजल से बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करना।

आस्था से भरा कांवर पथ:

श्रावणी मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु 105 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकलते हैं, लेकिन रंजीत की यह यात्रा केवल शारीरिक कठिनता नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक दृढ़ता की प्रतीक बन गई है। कांवर पथ पर उनकी रेंगती हुई यात्रा को देख हर श्रद्धालु नमन करता नजर आया।

बाइट – रंजीत चटर्जी, दिव्यांग कांवड़िया:

“भोले बाबा की कृपा से ही यह यात्रा संभव हो रही है। शरीर भले थक जाए, लेकिन मन में विश्वास और श्रद्धा है तो कोई रास्ता मुश्किल नहीं।“

रंजीत की यात्रा ने न केवल कांवड़ियों को, बल्कि प्रशासन और आम श्रद्धालुओं को भी झकझोर कर रख दिया है। कई लोग उन्हें राह में सहायता पहुंचा रहे हैं, भोजन व विश्राम की व्यवस्था कर रहे हैं।

श्रद्धा की पराकाष्ठा:

इस दृश्य ने यह साबित कर दिया कि भक्ति के मार्ग में शारीरिक बाधाएं कोई मायने नहीं रखतीं। शिवभक्ति का यह जज़्बा सावन के पवित्र महीने को और भी भावनात्मक व प्रेरणादायक बना देता है।


दिव्यांग श्रद्धालु कुंदन की अनोखी कांवर यात्रा: सीने पर योगी का टैटू, बैधनाथ धाम की ओर 105 किमी की चुनौतीपूर्ण यात्रा पर निकले

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सुल्तानगंज: श्रावण मास में श्रद्धा की अनगिनत मिसालें देखने को मिलती हैं, लेकिन बेगूसराय से आए एक दिव्यांग श्रद्धालु कुंदन की अनोखी और प्रेरणादायक कांवर यात्रा हर किसी का ध्यान खींच रही है। शारीरिक रूप से अक्षम होने के बावजूद कुंदन ने सुल्तानगंज की उत्तरवाहिनी गंगा में डुबकी लगाकर जल भरा और अब 105 किलोमीटर पैदल यात्रा पर निकल पड़े हैं — जुगाड़ ट्रॉली के सहारे, जिसमें वह बैठकर हाथों के बल रास्ता तय कर रहे हैं।

महादेव के भक्त और योगी के प्रशंसक:

कुंदन न केवल भोलेनाथ के परम भक्त हैं, बल्कि वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कलियुग का हनुमान मानते हैं। उनके सीने पर योगी आदित्यनाथ का टैटू भी बना हुआ है। कुंदन का कहना है:

“योगी जी कलियुग के हनुमान हैं और पीएम मोदी कलियुग के राम। बाबा से प्रार्थना करूंगा कि 2029 में योगी आदित्यनाथ देश के प्रधानमंत्री बनें ताकि भारत पूरी तरह सुधर जाए।“

कला और जोश से भरे हैं कुंदन:

कुंदन स्थानीय कलाकार भी हैं और स्टेज पर नृत्य प्रस्तुतियों के लिए जाने जाते हैं। उनका सपना है कि वे भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव से मिलें और उनके साथ मंच पर डांस करें।

श्रावणी मेले में उनकी यह यात्रा लोगों के लिए एक प्रेरणा बन गई है। कांवरियों और स्थानीय लोगों के बीच कुंदन की भक्ति, जज्बे और योगी प्रेम की चर्चा जोरों पर है।

प्रशासन और श्रद्धालु भी दे रहे साथ:

यात्रा के दौरान अन्य श्रद्धालु कुंदन की हिम्मत और ऊर्जा को देखकर उनकी मदद कर रहे हैं। इस कठिन यात्रा में भी उनका उत्साह अटूट है और वे यह संदेश दे रहे हैं कि अगर मन में श्रद्धा हो, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।

भागलपुर में प्रेम विवाह के बाद नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, परिजनों ने ससुराल पक्ष पर लगाया हत्या का आरोप

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भागलपुर: भागलपुर जिले के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत भवानीपुर थाना क्षेत्र के तेलडीहा गांव में शनिवार की रात एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। मृतका की पहचान पल्लवी कुमारी के रूप में हुई है, जिसने कुछ महीने पहले प्रेम विवाह किया था। इस घटना से क्षेत्र में चिंता और आक्रोश का माहौल बन गया है।

पल्लवी के नाना ने बताया कि वे श्राद्ध भोज में शामिल होकर जैसे ही घर लौटे, उन्हें फोन पर सूचना मिली कि उनकी नातिन की हत्या कर दी गई है। जब वे घटनास्थल पर पहुंचे, तो पल्लवी मृत अवस्था में पाई गई।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप:

परिजनों का आरोप है कि पल्लवी को शादी के बाद से ही दहेज को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने पति, सास, ससुर और ननद पर गला दबाकर हत्या करने का सीधा आरोप लगाया है।
पीड़ित परिवार ने कहा कि प्रेम विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष पल्लवी को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान कर रहा था।

पुलिस ने शुरू की जांच:

घटना की जानकारी मिलते ही भवानीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने ससुराल पक्ष के सदस्यों से पूछताछ शुरू कर दी है। मामले की जांच में प्रेम विवाह, दहेज प्रताड़ना और पारिवारिक कलह के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना ने एक बार फिर समाज में दहेज और प्रेम विवाह के बाद उत्पन्न चुनौतियों को उजागर कर दिया है।


कटाव पीड़ितों के लिए आमरण अनशन पर बैठे आशीष मंडल की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती – प्रशासन में मचा हड़कंप

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भागलपुर: गंगा कटाव पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की लड़ाई में पिछले पांच दिनों से आमरण अनशन पर बैठे आशीष मंडल की तबीयत रविवार को अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल, मायागंज में भर्ती कराया गया। आशीष मंडल, गोपालपुर विधायक गोपाल मंडल के पुत्र हैं और उन्होंने इस आंदोलन को “जितिया अनशन” का नाम दिया था।

सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था कर उन्हें अस्पताल भिजवाया। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है।

आंदोलन की पृष्ठभूमि:

भागलपुर जिले के मासाडू गांव सहित गंगा तटवर्ती इलाकों में हो रहे भयंकर कटाव से सैकड़ों परिवार प्रभावित हैं, जिनकी मुआवजा मांग अब तक पूरी नहीं हुई है। इसी को लेकर आशीष मंडल ने आमरण अनशन शुरू किया था।
स्थानीय लोगों ने इस आंदोलन को जन आवाज बताया और कहा है कि

“जब तक पीड़ितों को उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।”

प्रशासन की प्रतिक्रिया:

हालांकि जिला प्रशासन की ओर से संवेदनशील रुख दिखाते हुए सकारात्मक पहल के संकेत दिए गए हैं। अब देखना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार क्या ठोस निर्णय लेती है।

कटाव पीड़ितों की न्यायिक मांग और एक जनप्रतिनिधि के पुत्र द्वारा किया गया यह अनशन समाज के कमजोर तबके के लिए न्याय की लड़ाई का प्रतीक बनता जा रहा है।


सीपीआर से घायल की जान बचाने वाले निकेत को मिला “आपदा फरिश्ता सम्मान”, जीवन जागृति सोसाइटी ने किया सम्मानित

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भागलपुर: आपात स्थिति में मानवीय संवेदना और त्वरित प्रतिक्रिया का परिचय देते हुए भागलपुर निवासी निकेत कुमार सिंहा को “आपदा फरिश्ता सम्मान” से नवाजा गया। यह सम्मान उन्हें जीवन जागृति सोसाइटी द्वारा एक सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) तकनीक के माध्यम से बचाने के लिए प्रदान किया गया।

सम्मान समारोह में सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह ने निकेत को सम्मान पत्र और प्रतीक चिह्न भेंट करते हुए कहा,

“सड़क दुर्घटना के समय घबराने के बजाय यदि हम सीपीआर जैसे जीवन रक्षक तकनीकों का प्रयोग करें, तो कई कीमती जानें बचाई जा सकती हैं।”

उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि सीपीआर प्रशिक्षण को अपनाएं और आपात स्थिति में मानव सेवा के वाहक बनें।

सम्मान प्राप्त करने के बाद निकेत कुमार सिंहा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा,

“मेरे लिए यह सम्मान गर्व का विषय है। मैंने यह तकनीक डॉ. अजय सर से सीखी थी और उसका उपयोग कर किसी की जान बचा सका – यह मेरे जीवन का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण था।”

इस अवसर पर उपस्थित डॉ. कृष्णा सिंह ने निकेत की सराहना करते हुए कहा,

“ऐसे युवाओं की पहल समाज को नई दिशा देती है। अगर और लोग इस तरह सामने आएं तो हम आपदा के समय कई जिंदगियां बचा सकते हैं।”

जीवन जागृति सोसाइटी की यह पहल न केवल समाज में आपदा प्रबंधन और प्राथमिक चिकित्सा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है, बल्कि यह आम नागरिकों को ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ के रूप में तैयार करने की प्रेरणा भी देती है।