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माँ गंगा की शांति की कामना लिए 110 किलोमीटर पैदल निकले शिवभक्त, 15 वर्षों से निभा रहे आस्था का रिश्ता

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भागलपुर: सावन के पवित्र महीने में बाबा भोलेनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा की एक अनोखी मिसाल भागलपुर से सामने आई है। जिले के एक भक्तों की टोली पिछले 15 वर्षों से लगातार हर साल बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर के लिए 110 किलोमीटर की पदयात्रा करती आ रही है।

हर वर्ष ये भक्त अलग-अलग मनोकामनाओं के साथ यात्रा करते हैं, लेकिन इस बार उनकी प्रार्थना पूरी तरह सामूहिक और जनहित से जुड़ी है — माँ गंगा शांत हो जाए।

गौरतलब है कि इन दिनों गंगा नदी के विकराल रूप ने जिले में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। कई गाँवों का शहर से संपर्क टूट चुका है, खेत-खलिहान डूब चुके हैं और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। ऐसे में इन शिवभक्तों ने अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं को त्यागकर, सिर्फ जनकल्याण की भावना के साथ बाबा भोलेनाथ से जिले के लिए राहत की याचना करने का संकल्प लिया है।

इनका कहना है – “हर बार बाबा हमारी व्यक्तिगत मनोकामनाएं पूरी करते हैं, लेकिन इस बार हम सबकी एक ही सामूहिक प्रार्थना है कि माँ गंगा का रौद्र रूप शांत हो जाए।”

श्रद्धा और आस्था से लबरेज यह टोली 110 किलोमीटर की कठिन यात्रा तय कर रही है, ताकि पूरे जिले में शांति और सुख-समृद्धि की कामना बाबा से की जा सके।

सड़क हादसे में घायल मजदूर की इलाज के दौरान मौत, परिवार में मचा कोहराम

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मुंगेर/भागलपु: मुंगेर जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में घायल हुए मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान रामपुर निवासी रशिक लाल सिंह के पुत्र राजीव कुमार सिंह (27) के रूप में हुई है। हादसा रामपुर नहर मोड़ के पास हुआ, जहां अज्ञात वाहन ने उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।

राजीव कुमार सिंह मजदूरी करने के लिए घर से बाइक पर निकले थे। हादसे में गंभीर रूप से जख्मी होने के बाद उन्होंने अपने दोस्त को फोन कर घटना की जानकारी दी, जिसने परिजनों को सूचित किया। मौके पर पहुंचे परिजनों ने उन्हें संग्रामपुर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें मायागंज अस्पताल, भागलपुर रेफर कर दिया गया।

चचेरे भाई वरुण सिंह के अनुसार, मुंगेर से भागलपुर लाने के दौरान असरगंज के पास राजीव की तबीयत बिगड़ गई और मायागंज अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे में राजीव के साथ एक अन्य साथी भी घायल हुआ है, जिसका इलाज मायागंज अस्पताल में जारी है।

मृतक अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। संग्रामपुर पुलिस अज्ञात वाहन की पहचान के लिए जांच कर रही है।

भागलपुर में गंगा का कहर: रत्तीपुर बैरिया गांव टापू में तब्दील, शहर से टूटा संपर्क

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भागलपुर: गंगा नदी के उफान ने भागलपुर में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जिससे ग्रामीणों का रोजमर्रा का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

नाथनगर प्रखंड के रसीदपुर पंचायत अंतर्गत रत्तीपुर बैरिया गांव की स्थिति सबसे गंभीर है। गांव पूरी तरह से गंगा के पानी से घिरकर टापू बन चुका है और शहर से इसका संपर्क पूरी तरह टूट गया है।

ग्रामीण अब नाव या अन्य वैकल्पिक साधनों के सहारे जरूरी सामान मंगाने को मजबूर हैं। गांव में जलभराव के कारण बच्चों और बुजुर्गों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं। बिजली, स्वच्छ पानी और चिकित्सा सुविधाओं का अभाव यहां के लोगों को गहरे संकट में डाल रहा है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस राहत या बचाव कार्य नहीं पहुंच पाया है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश और निराशा दोनों का माहौल है। उन्होंने सरकार से तत्काल राहत शिविर खोलने और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करने की मांग की है।

स्कूल बचाओ आंदोलन में बच्चों का राजनीतिक इस्तेमाल? भागलपुर में उठे सवाल

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भागलपुर:शिक्षा व्यवस्था की बदहाली के खिलाफ आम आदमी पार्टी (AAP) के बैनर तले आज भागलपुर में स्कूल बचाओ आंदोलन के तहत पदयात्रा निकाली गई। स्टेशन चौक से शुरू होकर घंटाघर चौक होते हुए यह यात्रा कचहरी चौक पर समाप्त हुई। आंदोलन का उद्देश्य शिक्षा में सुधार और दिल्ली के स्कूल मॉडल को बिहार में लागू करने की मांग था।

पदयात्रा का नेतृत्व AAP नेता और भागलपुर लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी इंजीनियर सत्येंद्र कुमार ने किया, जिसमें पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल थे। लेकिन इस आंदोलन में एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने पूरे आयोजन पर सवाल खड़े कर दिए — छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को भी नारेबाज़ी और तख्ती लेकर जुलूस में शामिल किया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ये बच्चे न तो वोटर हैं और न ही राजनीतिक निर्णयों में भागीदार, फिर उन्हें इस तरह के आंदोलनों में सड़कों पर उतारना कितना सही है? क्या बच्चों को उनके मासूम भविष्य की आड़ में राजनीतिक चेहरा बनाया जा रहा है?

शिक्षा में सुधार, बेहतर स्कूल और योग्य शिक्षकों की मांग भले ही जायज़ हो, लेकिन बच्चों को आंदोलन का हिस्सा बनाना कई लोगों की नजर में नैतिक रूप से गलत है। इससे आंदोलन के उद्देश्य की गंभीरता पर भी सवाल उठने लगे हैं।

AAP के बिहार प्रदेश अध्यक्ष राकेश यादव ने इसे “जन आंदोलन” करार देते हुए कहा कि जनता बदलाव चाहती है और शिक्षा इसका आधार है। उन्होंने ऐलान किया कि यह अभियान अब पूरे बिहार में चलाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने 14.98 करोड़ की लागत से बनने वाले ‘देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद बिहार गौरव उद्यान’ का शिलान्यास किया

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पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को 14.98 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ‘देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद बिहार गौरव उद्यान’ (वेस्ट-टू-वंडर थीम पार्क) का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह थीम पार्क डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की समाधि स्थल और जेपी गंगा पथ के बीच विकसित किया जाएगा, जिससे इस क्षेत्र के लोगों और पर्यटकों को काफी लाभ होगा। पार्क का दृश्य प्राकृतिक और ऐतिहासिक महत्व से भरपूर होगा।

नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा 10 एकड़ भूमि में बनने वाले इस पार्क में बिहार के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति को प्रदर्शित किया जाएगा। यहां आर्यभट्ट, चाणक्य, सम्राट अशोक, लोकनायक जयप्रकाश नारायण और दशरथ मांझी जैसी महान विभूतियों की प्रेरक गाथाओं को दर्शाया जाएगा। साथ ही नालंदा, विक्रमशिला, धार्मिक स्तूप, मंदिर, मकबरों और स्थापत्य कला की झलक भी देखने को मिलेगी।

पार्क में पर्यटकों के लिए खाने-पीने की सुविधा, खेल मैदान और एक भव्य स्मृति परिसर का निर्माण भी किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान परियोजना से संबंधित एक वीडियो फिल्म भी प्रस्तुत की गई।

शिलान्यास समारोह में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, नगर विकास मंत्री जिबेश कुमार, पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन, पटना की महापौर सीता साहू सहित कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और वरीय अधिकारी मौजूद रहे।

बिहार पुलिस के 21,391 नवनियुक्त सिपाहियों का प्रशिक्षण शुरू, 33 जिलों में बनाए गए प्रशिक्षण केंद्र

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पटना: बिहार पुलिस में हाल ही में नियुक्त 21,391 सिपाहियों का प्रशिक्षण जल्द शुरू होने जा रहा है। यह नियुक्तियां पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक हैं, जिनमें 10,207 पुरुष और 11,176 महिला सिपाही शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पहले से 1,060 सिपाहियों का प्रशिक्षण जारी है, जिससे कुल मिलाकर करीब 22,300 पुलिसकर्मियों का एक साथ प्रशिक्षण एक बड़ी चुनौती बन गया है।

पुलिस मुख्यालय ने बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 21 जुलाई 2025 से प्रशिक्षण शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इस बार प्रशिक्षण की अवधि 9 माह होगी। इसके लिए 33 जिलों और 15 पदस्थापित इकाइयों में प्रशिक्षण केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें बीएमपी, सीआईएफ और विभिन्न पुलिस इकाइयां शामिल हैं।

जिलों के प्रशिक्षण केंद्रों में 8,965 पुरुष और 10,499 महिला सिपाहियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा बीएमपी, सीआईएफ, STF जैसी इकाइयों में भी 1,300 से अधिक सिपाहियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

नवनियुक्त सिपाहियों को पहले तीन महीने का ओरिएंटेशन प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसके बाद 12 महीनों का नियमित प्रशिक्षण चलेगा। प्रशिक्षण के दौरान पुलिस मुख्यालय द्वारा सभी केंद्रों में भोजन, आवास और प्रबंधन की व्यवस्था के लिए JEEVIKA के साथ समझौता किया गया है।

मुख्यालय ने यह भी स्पष्ट किया कि 2024 में लागू नई सेवा नियमावली के तहत प्रशिक्षण अवधि को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। वर्तमान में प्रशिक्षकों को 12% प्रशिक्षण भत्ता दिया जाता है, जिसे बढ़ाकर 20% करने का प्रस्ताव भेजा गया है।

मायागंज अस्पताल में चिट्ठा कटवाने को लेकर मरीजों में भिड़ंत, गार्ड की तत्परता से टली अनहोनी

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भागलपुर: भागलपुर के मायागंज अस्पताल में बुधवार को ओपीडी के सामने चिट्ठा कटवाने को लेकर दो मरीजों के बीच हुई भिड़ंत से अफरा-तफरी मच गई। पहले मामूली बहस से शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे धक्का-मुक्की और हाथापाई में बदल गया।

सूचना मिलते ही अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्ड मौके पर पहुंचे और तुरंत बीच-बचाव कर स्थिति को काबू में किया। गार्ड की समय रहते की गई कार्रवाई से कोई बड़ी अनहोनी होने से बच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अस्पताल में रोजाना चिट्ठा कटवाने के लिए भारी भीड़ रहती है और व्यवस्था के अभाव में अक्सर मरीजों और उनके परिजनों के बीच झड़पें हो जाती हैं।

घटना के बाद मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से चिट्ठा कटवाने की व्यवस्था में सुधार लाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

सुल्तानगंज और शाहकुंड में बाढ़ का कहर, धान की फसल बर्बाद, किसान परेशान

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भागलपुर:  गंगा नदी ने एक बार फिर अपना विकराल रूप दिखाते हुए भागलपुर के कई इलाकों में तबाही मचा दी है। गंगा की सहायक नदियों में भी जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण सुल्तानगंज और शाहकुंड प्रखंड में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से होकर बहने वाली नदियों का पानी अब खेतों और खलिहानों में भर चुका है।

मीरहटी, कटहरा और खानपुर पंचायत के खेत पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं। धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है, जिससे किसान आर्थिक संकट में फंस गए हैं। अधिकांश किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी, लेकिन बाढ़ के पानी ने उनकी मेहनत और उम्मीद दोनों को डुबो दिया।

स्थानीय किसानों का कहना है कि अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस राहत या सहायता नहीं पहुंची है। लोग आशंका जता रहे हैं कि अगर जल्द स्थिति पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो नुकसान और भी बढ़ सकता है।

ग्रामीणों ने सरकार से तत्काल मुआवजा, खाद्य सामग्री और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है।

बबरगंज थाना पुलिस को बड़ी सफलता, देसी कट्टा, चाकू और ब्राउन शुगर के साथ कुख्यात अपराधी गिरफ्तार

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भागलपुर: बबरगंज थाना क्षेत्र में पुलिस को गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। थाना अंतर्गत सकुलाचक मोहल्ले में छापेमारी कर पुलिस ने देसी कट्टा, 7.58 ग्राम ब्राउन शुगर और चाकू के साथ कुख्यात अपराधकर्मी चंदन पोद्दार को गिरफ्तार किया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में अवैध शराब, नशे के कारोबार, हथियार तस्करी और आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बबरगंज थानाध्यक्ष को सूचना मिली थी कि सकुलाचक निवासी चंदन पोद्दार अपने घर से ब्राउन शुगर की तस्करी कर रहा है।

सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस उपाधीक्षक नगर-02 के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने कार्रवाई करते हुए चंदन के घर से एक देसी कट्टा, 7.58 ग्राम ब्राउन शुगर, दो चाकू और एक लोहे का पंच बरामद किया।

बरामद सामान:

  • देसी कट्टा – 01
  • ब्राउन शुगर – 7.58 ग्राम
  • चाकू – 02
  • लोहे का पंच – 01

गिरफ्तार अपराधी की पहचान:
चंदन पोद्दार, पिता – दिलीप पोद्दार, साकिन – मोहद्दीनगर, सकुलाचक, थाना – बबरगंज, जिला – भागलपुर।

चंदन पोद्दार का आपराधिक इतिहास:

  1. बबरगंज थाना कांड संख्या 122/24 – हत्या के प्रयास और मारपीट
  2. कांड संख्या 119/23 – एससी/एसटी एक्ट व मारपीट
  3. कांड संख्या 257/23 – चोरी
  4. कांड संख्या 39/20 – अपहरण
  5. कांड संख्या 40/20 – बिहार उत्पाद अधिनियम
  6. कांड संख्या 340/19 – आर्म्स एक्ट व मारपीट

भागलपुर पुलिस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अवैध गतिविधियों में लिप्त अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

मनरेगा घोटाला: पंचायत रोजगार सेवक छट्टू दास सेवा मुक्त, 20 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति के आरोप

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भागलपुर: जिला प्रशासन ने मनरेगा योजना में अनियमितताओं और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोपों में जगदीशपुर प्रखंड के पंचायत रोजगार सेवक श्री छट्टू दास को सेवा मुक्त कर दिया है। यह कार्रवाई उप विकास आयुक्त सह अपर कार्यक्रम समन्वयक (मनरेगा) श्री प्रदीप कुमार सिंह द्वारा जांच प्रतिवेदन के आधार पर की गई।

क्या हैं आरोप?

शिकायतकर्ता श्री संतोष कुमार द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार, छट्टू दास ने अपने पिता के नाम पर फर्जी वेंडर “निशांत ट्रेडर्स” बनाकर योजनाओं में गड़बड़ी की। जांच में यह भी सामने आया कि छट्टू दास, उनकी पत्नी, और रिश्तेदारों के नाम पर 13 जगहों पर लगभग ₹59 लाख की संपत्ति (स्टांप शुल्क छोड़कर) खरीदी गई, जिनमें से कुछ संपत्तियां नाबालिग पुत्रों के नाम पर हैं।

पैसे का लेन-देन और बैंकिंग गड़बड़ी

जांच के अनुसार, फर्जी वेंडर निशांत ट्रेडर्स से श्री दास और उनकी पत्नी के संयुक्त बैंक खाते में दो बार ₹5 लाख-₹5 लाख की राशि भेजी गई। बाद में इन राशियों को नकद में निकाला गया, जो बिहार वित्तीय नियमावली का स्पष्ट उल्लंघन है।

श्री दास का बचाव

श्री दास ने अपने बचाव में कहा कि उनके पिता स्वतंत्र रूप से व्यवसाय करते थे और उनका अपनी पंचायत के कार्यों से कोई लेन-देन नहीं था। उन्होंने आय के स्रोत के रूप में आईटीआर की प्रति भी प्रस्तुत की, लेकिन उस आईटीआर के साथ आय का शीर्षवार विवरण नहीं था, जिससे आय का स्रोत प्रमाणित नहीं हो सका।

जांच और निर्णय

  • दो स्वतंत्र जांच समितियों (डीआरडीए के निदेशक एवं कार्यपालक अभियंता तथा वरीय कोषागार पदाधिकारी) ने आरोपों को सही पाया।
  • शिकायतों की पुष्टि के बाद श्री दास को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और स्पष्टीकरण मांगा गया।
  • स्पष्टीकरण अस्वीकार करते हुए, उनके विरुद्ध अनुबंध समाप्त करने का आदेश जारी किया गया।

अब क्या विकल्प हैं?

श्री दास चाहें तो 30 दिनों के भीतर अपीलीय प्राधिकार के समक्ष अपील दायर कर सकते हैं। यह आदेश बिहार रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी के दिशा-निर्देशों के तहत पारित किया गया है।