Bhagalpur News: भागलपुर जिले के खरीक प्रखंड के राघोपुर गांव में बाढ़ की गंभीर स्थिति का जायजा लेने पहुंचे पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने सरकारी राहत व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। सांसद ने राघोपुर के वार्ड नंबर 8 और 9 में पहुंचकर बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने अपनी ओर से 100 से अधिक बाढ़ प्रभावित महिलाओं को नगद आर्थिक सहायता भी दी।
पप्पू यादव ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की परेशानियों को करीब से देखा। ग्रामीणों ने बिजली, नाव और राहत सामग्री सहित कई जरूरी सुविधाओं की कमी की शिकायत सांसद से की। सांसद ने प्रशासन और सरकार से बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने की व्यवस्था और मजबूत करने की मांग की।
बाढ़ पीड़ित परिवारों को निजी स्तर पर आर्थिक मदद
राघोपुर दौरे के दौरान पप्पू यादव ने लोदीपुर निवासी बादल मंडल और सिकंदर मंडल के परिजनों से मुलाकात की और दोनों परिवारों को अपनी ओर से 25-25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी।
इसके अलावा सांसद ने कोयली खुटाहा में हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से भी मुलाकात की। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सरकार से उचित मुआवजा देने की मांग की।
बिजली, नाव और राहत को लेकर सरकार पर सवाल
पप्पू यादव ने कहा कि राघोपुर समेत आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। खैरपुर और अतगामा के समीप बांध पर भी संकट की स्थिति बनी हुई है। उनके मुताबिक कई परिवारों को बाढ़ के बीच मुश्किल हालात में रहना पड़ रहा है।
सांसद ने आरोप लगाया कि बाढ़ पीड़ितों तक सरकारी राहत पर्याप्त रूप से नहीं पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि बिजली और नाव जैसी जरूरी सुविधाओं के अभाव में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
70 लाख की नाव डूबी, नुकसान की भरपाई की मांग
सांसद ने सिकंदर मंडल की नाव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि करीब 70 लाख रुपये खर्च कर जमीन बेचकर नाव तैयार की गई थी, जो बाढ़ में डूब गई। पप्पू यादव ने नाव के नुकसान की भरपाई के लिए भी सरकार से आर्थिक सहायता देने की मांग की।
कोयली खुटाहा हादसे में मृतकों के परिवारों से मिले
गोराडीह प्रखंड के कोयली खुटाहा गांव में हुए हादसे का जिक्र करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि हादसे में पांच लोगों की डूबने से मौत हुई है। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर अपनी ओर से 50 हजार रुपये की सहायता दी।
सांसद ने सरकार से मांग की कि हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिवार को कम से कम पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, ताकि संकट की इस घड़ी में परिवारों को कुछ आर्थिक सहारा मिल सके।
15 दिनों से लापता बादल मंडल के परिवार से भी मिले
पप्पू यादव ने करीब 15 दिनों से लापता बादल मंडल के परिजनों से भी मुलाकात की और उन्हें तत्काल 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी। उन्होंने कहा कि किसी परिवार का सदस्य इतने लंबे समय तक लापता रहे और परिवार को अंतिम विदाई तक न मिल पाए, इससे ज्यादा पीड़ादायक स्थिति की कल्पना करना मुश्किल है।
एंटी-इरोजन और फ्लड फाइटिंग के खर्च पर उठाए सवाल
सांसद ने बाढ़ नियंत्रण के नाम पर होने वाले सरकारी खर्च को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने एंटी-इरोजन और फ्लड फाइटिंग कार्यों में खर्च होने वाली राशि की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वर्षों से सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण के नाम पर बड़ी रकम खर्च की जा रही है, लेकिन इसका अपेक्षित लाभ बाढ़ प्रभावित जनता को नहीं मिल रहा है।
उन्होंने इस पूरे मामले की व्यापक जांच की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही
पप्पू यादव ने कहा कि वे बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई व्यवस्था से जुड़े मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे। उन्होंने पिछले करीब 40 वर्षों में बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई व्यवस्था से जुड़े कार्यों में शामिल ठेकेदारों, कथित माफिया और संबंधित पदाधिकारियों की संपत्तियों की जांच की मांग करने की बात कही।
सांसद ने कहा कि बाढ़ गरीबों की नियति नहीं, बल्कि व्यवस्था की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा होना उनका धर्म और कर्तव्य है।


