तीखे मोड़ पर हुआ हादसा, दो घायलों को मायागंज अस्पताल रेफर किया गया; सड़क किनारे खड़ी जब्त गाड़ियों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी
Bhagalpur News: भागलपुर जिले के रसलपुर थाना के ठीक सामने सोमवार की सुबह हाईवा और ई-रिक्शा के बीच आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। हादसे में ई-रिक्शा चालक अमित ठाकुर (21 वर्ष) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि ई-रिक्शा पर सवार छह यात्री घायल हो गए। घायलों को ग्रामीणों और डायल 112 की पुलिस की मदद से कहलगांव अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें गंभीर रूप से घायल बृजेश तांती और प्रिंस कुमार को बेहतर इलाज के लिए मायागंज अस्पताल, भागलपुर रेफर किया गया।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्य में मदद की। हादसे के बाद हाईवा चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
तीखे मोड़ पर आमने-सामने हुई टक्कर
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक अमित ठाकुर सनोखर थाना क्षेत्र के सिलहन गांव निवासी लुटेशर ठाकुर का पुत्र था। बताया जाता है कि वह यात्रियों को लेकर बिहार बॉर्डर की ओर से एकचारी रेलवे स्टेशन जा रहा था। इसी दौरान रसलपुर थाना के सामने स्थित तीखे मोड़ पर एनटीपीसी की फ्लाई ऐश से लदा हाईवा सामने आ गया।
हाईवा का रजिस्ट्रेशन नंबर BR10GB2120 बताया गया है। आरोप है कि हाईवा चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और गलत दिशा में आकर ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ई-रिक्शा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक अमित ठाकुर की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायलों को बाहर निकालने और अस्पताल पहुंचाने में मदद की। हालांकि, अमित ठाकुर की जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल, भागलपुर भेज दिया है।
सड़क किनारे खड़ी जब्त गाड़ियों पर ग्रामीणों का गुस्सा
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने रसलपुर थाना के सामने सड़क किनारे खड़ी जब्त गाड़ियों को लेकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि थाना के सामने सड़क पहले से ही संकरी है। ऐसे में सड़क किनारे जब्त वाहनों के खड़े रहने से आवागमन के लिए जगह कम हो जाती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय राहगीर निगम कुमार भगत ने सवाल उठाया कि जब सड़क पर पहले से जगह की कमी है, तो जब्त वाहनों को सड़क किनारे खड़ा रखने से आम लोगों की परेशानी क्यों बढ़ाई जा रही है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इन वाहनों को किसी दूसरी जगह रखने की मांग की, ताकि सड़क पर आवागमन सुचारु हो सके।
वहीं, स्थानीय निवासी रूबी देवी ने बताया कि हादसा उनके घर के सामने ही हुआ। उनका आरोप है कि सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग कई बार थानाध्यक्ष से इन वाहनों को हटाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क किनारे खड़े जब्त वाहनों को हटाने और दुर्घटना की आशंका वाले स्थान पर सुरक्षा के उचित इंतजाम करने की मांग की है।
छह यात्री घायल, दो की हालत गंभीर
हादसे में घायल छह यात्रियों की पहचान बृजेश तांती, राजेश मंडल, भुवनेश्वर पासवान, आयुष कुमार, रोजी देवी और प्रिंस कुमार के रूप में बताई गई है। सभी बसंत राय के गांव के निवासी बताए गए हैं।
ग्रामीणों और डायल 112 की पुलिस की मदद से सभी घायलों को कहलगांव अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका इलाज शुरू किया। गंभीर रूप से घायल बृजेश तांती और प्रिंस कुमार को बेहतर उपचार के लिए मायागंज अस्पताल रेफर किया गया।
क्या कहते हैं थानाध्यक्ष?
रसलपुर थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई है और छह लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि हाईवा चालक घटनास्थल से फरार हो गया है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर भेजा गया है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
हादसे ने उठाए सड़क सुरक्षा पर सवाल
रसलपुर थाना के ठीक सामने हुई इस दुर्घटना ने सड़क सुरक्षा और जब्त वाहनों को रखने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर तीखे मोड़ पर भारी वाहनों की आवाजाही और वाहन नियंत्रण का मुद्दा है, तो दूसरी ओर सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण रास्ता संकरा होने की ग्रामीणों की शिकायत है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन दुर्घटना के कारणों की जांच के साथ-साथ सड़क किनारे खड़े जब्त वाहनों की स्थिति की भी समीक्षा करे। जरूरत के मुताबिक वाहनों को निर्धारित स्थान पर रखा जाए और दुर्घटना की आशंका वाले मोड़ों पर सुरक्षा के उपाय किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने में मदद मिल सके।
अब सवाल यह है कि रसलपुर थाना के सामने सड़क किनारे खड़े जब्त वाहनों को हटाने और दुर्घटना की आशंका वाले स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने के लिए प्रशासन कब ठोस कदम उठाएगा।


