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कजरैली में किराना दुकानों से कुल 1.980 किग्रा गांजा बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

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किराना दुकानों की आड़ में चल रहा था अवैध गांजे का धंधा; गुप्त सूचना पर पुलिस टीम ने नीमा और बेलगछी गौराचौकी में की छापेमारी।

Bhagalpur News: भागलपुर जिले में युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे विशेष महाअभियान “स्वस्थ युवा स्वस्थ भागलपुर” के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। कजरैली थाना क्षेत्र अंतर्गत पुलिस ने अलग-अलग किराना दुकानों पर छापेमारी कर कुल 1.980 किलोग्राम गांजा बरामद किया है तथा इस मामले में एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

किराना दुकान की आड़ में बिक रहा था गांजा

वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), भागलपुर के निर्देशानुसार जिले में अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार हॉट-स्पॉट चिन्हित कर छापेमारी की जा रही है।

इसी क्रम में कजरैली थाना पुलिस को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि नीमा गौराचौकी एवं बेलगछी गौराचौकी स्थित किराना दुकानों में अवैध गांजा रखकर उसकी खरीद-बिक्री की जा रही है।

विशेष पुलिस टीम का गठन और कार्रवाई

सूचना के सत्यापन एवं त्वरित कार्रवाई हेतु वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, नगर पुलिस अधीक्षक की निगरानी तथा अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी (विधि-व्यवस्था) व कजरैली थानाध्यक्ष के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया।

  1. पहली कार्रवाई (नीमा गौराचौकी): गठित टीम ने नीमा गौराचौकी स्थित ऊषा देवी की किराना दुकान में विधिवत तलाशी ली। वहाँ से 1.330 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ तथा ऊषा देवी (पति- बिट्टू मंडल) को गिरफ्तार किया गया।
  2. दूसरी कार्रवाई (बेलगछी गौराचौकी): 22 सितंबर की रात्रि में प्राप्त गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए टीम ने कृष्णनंद मंडल की किराना दुकान में छापेमारी की। तलाशी के दौरान वहाँ से 650 ग्राम गांजा बरामद हुआ तथा आरोपी कृष्णनंद मंडल (पिता- दिनेश मंडल) को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।

प्राथमिकी दर्ज, आगे की कार्रवाई जारी

दोनों मामलों में कजरैली थाना द्वारा आरोपी तस्करों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है तथा पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

कुल बरामदगी एवं गिरफ्तारी का विवरण:

  • कुल बरामद गांजा: 1.980 किलोग्राम (1.330 किग्रा + 650 ग्राम)
  • गिरफ्तार अभियुक्त:
    1. ऊषा देवी (पति- बिट्टू मंडल, निवासी- नीमा गौराचौकी, थाना- कजरैली, भागलपुर)
    2. कृष्णनंद मंडल (पिता- दिनेश मंडल, निवासी- बेलगछी गौराचौकी, थाना- कजरैली, भागलपुर)

बिहार में Ease of Doing Business को नई रफ्तार, 9 विभागों की 62 सेवाएं अब एक ही पोर्टल पर

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रिवैम्प्ड Single Window Clearance Portal लॉन्च, निवेशकों को मंजूरी से आवेदन और ट्रैकिंग तक मिलेगी एकीकृत डिजिटल सुविधा

Patna News: बिहार में निवेश और उद्योग लगाने की प्रक्रिया को और आसान बनाने की दिशा में उद्योग विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। उद्योग विभाग ने रिवैम्प्ड Single Window Clearance Portal को लॉन्च किया है। नए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अब 9 विभागों की 62 सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी। सरकार का कहना है कि इससे निवेशकों को अलग-अलग विभागों के पोर्टल पर जाने की जरूरत कम होगी और स्वीकृतियों से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा सकेगा।

रिवैम्प्ड पोर्टल का शुभारंभ उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने किया। इस मौके पर बिहार राज्य उद्यमी एवं व्यवसायी आयोग के अध्यक्ष सुरेश रूंगटा, उपाध्यक्ष अरविंद निराला, उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता, निदेशक (Food Processing) प्रद्युम्न सिंह यादव और उद्योग विभाग के संयुक्त सचिव खंडेकर श्रीकांत कुंडलिक सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में CII-Bihar Chapter, Bihar Industries Association, Bihar Chamber of Commerce and Industries, DICCI, Indian Chamber of Commerce और Laghu Udyog Bharati के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।

एक पोर्टल पर मिलेगी कई विभागों की मंजूरी

रिवैम्प्ड Single Window System के लाइव होने के बाद निवेशक अपने प्रोजेक्ट से संबंधित आवश्यक स्वीकृतियों की पहचान कर सकेंगे। इसके अलावा लाइसेंस के लिए आवेदन करने, पहले से प्राप्त लाइसेंस अपलोड करने और अपने आवेदन की स्थिति को डिजिटल माध्यम से ट्रैक करने की सुविधा भी मिलेगी।

पोर्टल पर वर्तमान में बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन, विधिक माप विज्ञान, जल संसाधन, अग्निशमन, ऊर्जा (DISCOM), पर्यावरण एवं वन, पथ निर्माण तथा राजस्व एवं भूमि सुधार से जुड़ी सेवाओं को एकीकृत किया गया है।

KYA मॉड्यूल बताएगा कौन-कौन सी मंजूरी जरूरी

नए पोर्टल की एक महत्वपूर्ण सुविधा Know Your Approval (KYA) मॉड्यूल है। इसके माध्यम से निवेशक अपने प्रोजेक्ट के चरण के अनुसार आवश्यक स्वीकृतियों की जानकारी हासिल कर सकेंगे।

प्रोजेक्ट Pre-Establishment चरण में है या Pre-Operation चरण में, उसी के अनुसार जरूरी अप्रूवल की पहचान की जा सकेगी। खास बात यह है कि चिन्हित स्वीकृतियों को सीधे Apply सुविधा से जोड़ा गया है। यानी निवेशक को मंजूरी की जानकारी मिलने के बाद आवेदन के लिए अलग प्रक्रिया तलाशने की जरूरत नहीं होगी।

आवेदन से पहले भी निवेशकों को मिलेगी मदद

उद्योग विभाग ने पोर्टल में आवेदन से पहले निवेशकों की सुविधा पर भी जोर दिया है। Register Your Intent, Strategic Partnership और Investor Facilitation जैसी सुविधाओं के जरिए निवेशक औपचारिक आवेदन से पहले संबंधित क्षेत्र और जिला स्तर के अधिकारियों से संपर्क कर सकेंगे।

इसके अलावा निवेशक अपॉइंटमेंट बुक करने और संबंधित अधिकारियों के संपर्क विवरण प्राप्त करने जैसी सुविधाओं का भी इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे निवेश की शुरुआती प्रक्रिया में जानकारी और समन्वय को आसान बनाने का प्रयास किया गया है।

उद्योग विभाग ने बताया डिजिटल सिस्टम का उद्देश्य

उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने कहा कि रिवैम्प्ड Single Window से स्वीकृति प्रक्रिया में पारदर्शिता और विजिबिलिटी बढ़ेगी। उनके अनुसार सेवाओं, आवेदन सुविधाओं और Investor Facilitation को एक ही प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया जा रहा है, ताकि निवेशक अपनी जरूरतों और आवेदनों की प्रगति को एक ही जगह से ट्रैक कर सकें।

उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता ने कहा कि रिवैम्प्ड Single Window बिहार के Ease of Doing Business Ecosystem को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उनका कहना है कि आवश्यक स्वीकृतियों की पहचान से लेकर आवेदन, दस्तावेज अपलोड करने और Investor Facilitation तक निवेशकों के लिए एक सहज डिजिटल प्रक्रिया तैयार करने का प्रयास किया गया है।

निवेशकों के लिए सिंगल डिजिटल विंडो पर जोर

उद्योग विभाग के मुताबिक Single Window Ecosystem को आगे भी लगातार मजबूत किया जाएगा। इसका उद्देश्य बिहार में निवेश करने वाले लोगों और उद्योगों को स्वीकृतियों तथा अन्य निवेश संबंधी सेवाओं के लिए एकीकृत, पारदर्शी और उत्तरदायी डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है।

नए पोर्टल के जरिए सरकार निवेशकों को विभागीय प्रक्रियाओं की जानकारी एक जगह उपलब्ध कराने, आवेदन प्रक्रिया को डिजिटल बनाने और आवेदन की प्रगति पर नजर रखने की सुविधा देने पर जोर दे रही है। इससे बिहार में निवेश से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में नई डिजिटल व्यवस्था विकसित होने की उम्मीद है।

सुल्तानगंज में बिजली चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, चार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज

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जेई सुजीत कुमार के नेतृत्व में कई स्थानों पर छापेमारी, बिजली चोरी पकड़े जाने के बाद विभाग ने सुल्तानगंज थाने में दर्ज कराया मामला

Bhagalpur News:  बिजली चोरी के खिलाफ विद्युत विभाग ने सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। जेई सुजीत कुमार के नेतृत्व में विभिन्न इलाकों में की गई छापेमारी के दौरान कथित रूप से बिजली चोरी के मामले सामने आए। इसके बाद विभाग की ओर से चार लोगों के खिलाफ सुल्तानगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

विद्युत विभाग के अनुसार, अभियान के दौरान भोलिया देवी, पटेल नगर, मीरा देवी, महेशी, परशुराम मंडल, महेशी और रूपेश मंडल, महेशी के खिलाफ बिजली चोरी के आरोप में कार्रवाई की गई है। विभाग की टीम ने जांच के दौरान बिजली के अवैध उपयोग से संबंधित मामले पकड़े, जिसके बाद नियमानुसार पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।

जेई के नेतृत्व में चला छापेमारी अभियान

विद्युत चोरी पर रोक लगाने के लिए विभाग की टीम ने सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर जांच अभियान चलाया। इस दौरान बिजली कनेक्शन और उसके उपयोग की जांच की गई।

जेई सुजीत कुमार के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य बिजली चोरी पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाना और अवैध रूप से बिजली का उपयोग करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना है।

चार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज

छापेमारी के दौरान बिजली चोरी पकड़े जाने के बाद विभाग ने चार लोगों के खिलाफ सुल्तानगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। विभाग की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत के आधार पर अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है।

विद्युत विभाग का कहना है कि बिजली चोरी से न केवल विभाग को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि इससे विद्युत व्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसी वजह से चोरी रोकने के लिए लगातार जांच और छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।

विभाग की टीम रही मौजूद

छापेमारी अभियान में विद्युत विभाग के कर्मचारी दिलीप कुमार झा, अमनचंद्र चौरसिया, सच्चिदानंद साह और चंदन भारती भी शामिल रहे। टीम ने अलग-अलग स्थानों पर विद्युत कनेक्शन और बिजली उपयोग की जांच की।

विद्युत विभाग की इस कार्रवाई के बाद इलाके में बिजली चोरी करने वालों के बीच हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है। विभाग ने संकेत दिया है कि आगे भी विभिन्न इलाकों में जांच अभियान जारी रहेगा।

विद्युत विभाग की कार्रवाई से साफ है कि बिजली चोरी के मामलों में अब लगातार निगरानी और कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान के तहत संदिग्ध कनेक्शनों की जांच की जाएगी।

भागलपुर में हथियार बरामदगी मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, रोहित पांडे गिरफ्तार

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सालेपुर बाईपास थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना पर छापेमारी, तलाशी के दौरान हथियार बरामद होने का पुलिस का दावा; हथियार कहां से आया और किस उद्देश्य से रखा गया था, जांच में जुटी पुलिस

Bhagalpur News: भागलपुर जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने सालेपुर बाईपास थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए रोहित पांडे, पिता मुन्ना पांडे को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, रोहित पांडे के पास हथियार होने की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल छापेमारी की।

गुप्त सूचना के बाद पुलिस टीम संबंधित स्थान पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। पुलिस के मुताबिक, तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक हथियार बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने रोहित पांडे को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया और बरामद हथियार को जब्त कर लिया।

गुप्त सूचना पर पुलिस ने की छापेमारी

पुलिस के अनुसार, हथियार रखने की सूचना मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए टीम का गठन कर छापेमारी की गई। पुलिस की कार्रवाई के दौरान रोहित पांडे को पकड़ा गया।

हथियार बरामद होने के बाद पुलिस अब पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ हथियार बरामद होने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह भी पता लगाया जा रहा है कि बरामद हथियार आरोपी तक कैसे पहुंचा।

हथियार का इस्तेमाल किस उद्देश्य से होना था?

पुलिस की जांच में अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी के पास हथियार रखने का उद्देश्य क्या था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि बरामद हथियार का इस्तेमाल किसी आपराधिक गतिविधि में किया जाना था या नहीं।

इसके साथ ही पुलिस आरोपी के पूर्व आपराधिक इतिहास और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की भी जानकारी जुटा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात पुलिस की ओर से कही गई है।

इलाके में कार्रवाई के बाद चर्चा तेज

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद सालेपुर बाईपास थाना क्षेत्र में मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध हथियार रखने और हथियारों से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

पुलिस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति के पास अवैध हथियार होने या संदिग्ध गतिविधि में शामिल होने की सूचना मिलती है, तो उसकी जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आगे की जांच जारी

फिलहाल पुलिस ने बरामद हथियार को जब्त कर लिया है और गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पुलिस अब हथियार के स्रोत, आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड और उसके संभावित संपर्कों की जांच कर रही है।

लॉ एंड ऑर्डर डीएसपी भागलपुर नवनीत कुमार ने पुलिस कार्रवाई से संबंधित जानकारी दी। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद हथियार कहां से आया और इस मामले में आगे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है या नहीं।

मुस्लिम कारीगर बना रहे मां दुर्गा का भव्य पंडाल, कृष्ण लीला की 3-डी झांकी देगी भाईचारे का संदेश

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बरारी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में 70 फीट ऊंचे पंडाल की तैयारी, मालदा से पहुंचे पांच मुस्लिम कारीगर; श्रीकृष्ण के बाल्यकाल से युवावस्था तक की लीलाओं को कलाकृतियों के जरिए दिखाया जाएगा

Bhagalpur News:  दुर्गा पूजा को लेकर भागलपुर में तैयारियां तेज हो गई हैं। बरारी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित वैष्णवी दरबार दुर्गा पूजा समिति की ओर से इस बार भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित भव्य पंडाल तैयार कराया जा रहा है। करीब 70 फीट ऊंचे इस पंडाल को आकर्षक रूप देने के लिए पश्चिम बंगाल के मालदा से आए पांच मुस्लिम कारीगर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।

दुर्गा पूजा पंडाल में इस बार कृष्ण लीला की थीम को प्रमुखता दी गई है। पंडाल के अंदर भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यकाल से लेकर युवावस्था तक की विभिन्न लीलाओं को 3-डी कलाकृतियों के माध्यम से प्रदर्शित करने की तैयारी है। पंडाल के सामने श्रीकृष्ण की प्रतिमा और उसके ऊपर स्थापित किया जा रहा सुदर्शन चक्र विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।

मालदा से आए पांच मुस्लिम कारीगर

पंडाल निर्माण के लिए पश्चिम बंगाल के मालदा से पांच मुस्लिम कारीगरों की टीम भागलपुर पहुंची है। कारीगरों ने करीब 10 से 15 दिन पहले पंडाल निर्माण का काम शुरू किया था। समिति की ओर से मुख्य निर्माण कार्य को 4 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

कारीगरों की मेहनत से पंडाल को पारंपरिक सजावट के साथ आधुनिक 3-डी कलाकृतियों का रूप दिया जा रहा है। पंडाल तैयार होने के बाद श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं को एक अलग और आकर्षक रूप में देखने का अवसर मिलेगा।

कारीगर अफजल ने दिया भाईचारे का संदेश

पंडाल निर्माण में जुटे कारीगर अफजल ने कहा कि त्योहार अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन समाज में सभी लोगों को मिल-जुलकर रहना चाहिए। उनका कहना है कि हिंदू और मुस्लिम एक-दूसरे के त्योहारों में साथ रहें और एक-दूसरे की खुशियों में शामिल हों, यही आपसी भाईचारे की पहचान है।

वहीं, कारीगर मोहम्मद तौफीक भी पंडाल निर्माण की टीम का हिस्सा हैं। उनके साथ मालदा से आए अन्य कारीगर भी लगातार पंडाल को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।

1988 से हो रही दुर्गा पूजा

वैष्णवी दरबार दुर्गा पूजा समिति के मेढ़पति गजेंद्र सिंह ने बताया कि इस स्थान पर वर्ष 1988 से दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। हर वर्ष पूजा के दौरान अलग-अलग थीम के माध्यम से श्रद्धालुओं को आकर्षित करने का प्रयास किया जाता है।

इस बार समिति ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को पंडाल की थीम बनाया है। समिति का कहना है कि पंडाल में धार्मिक आस्था और कलात्मक प्रस्तुति के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश भी लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

पंडाल बनेगा आकर्षण का केंद्र

करीब 70 फीट ऊंचे पंडाल के निर्माण के साथ 3-डी कलाकृतियों और श्रीकृष्ण की लीलाओं को जीवंत रूप देने की तैयारी श्रद्धालुओं के बीच उत्सुकता बढ़ा रही है। पूजा शुरू होने के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के यहां पहुंचने की उम्मीद है।

खास बात यह है कि इस पंडाल के निर्माण में अलग समुदाय से आने वाले कारीगरों की भागीदारी भागलपुर की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सहयोग की तस्वीर भी पेश कर रही है।

दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच वैष्णवी दरबार का यह पंडाल न केवल धार्मिक और कलात्मक आकर्षण का केंद्र बनने की तैयारी में है, बल्कि एक-दूसरे के त्योहारों का सम्मान करने और मिल-जुलकर रहने का संदेश भी देगा।

भागलपुर में पहली बार अस्मिता खेलो इंडिया सिटी लीग, सॉफ्ट टेनिस में 70 खिलाड़ियों ने दिखाया दम

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सैंडिस कंपाउंड में अलग-अलग आयु वर्ग के खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा, प्रदर्शन के आधार पर राज्य स्तरीय टीम के लिए होगा चयन; महिला खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर

Bhagalpur News:  खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों की पहचान करने की दिशा में भागलपुर में पहली बार अस्मिता खेलो इंडिया सिटी लीग के तहत सॉफ्ट टेनिस प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। सैंडिस कंपाउंड में आयोजित इस प्रतियोगिता में भागलपुर के अलग-अलग आयु वर्ग के करीब 65 से 70 खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया है। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं।

इस प्रतियोगिता को स्थानीय खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है। खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर आगे राज्य स्तरीय टीम के लिए चयन किया जाएगा। ऐसे में प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे खिलाड़ियों के बीच बेहतर प्रदर्शन करने और अपनी जगह बनाने को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।

ग्रासरूट स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान का प्रयास

सॉफ्ट टेनिस बिहार के सचिव धर्मवीर कुमार ने बताया कि अस्मिता खेलो इंडिया सिटी लीग के माध्यम से ग्रासरूट स्तर पर छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानने का प्रयास किया जा रहा है। खासकर महिला खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं सिर्फ मुकाबले तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने और आगे बढ़ने का मंच भी प्रदान करती हैं। स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं को मौका मिलने से भविष्य में राज्य और राष्ट्रीय स्तर के लिए खिलाड़ी तैयार करने में मदद मिल सकती है।

तेज धूप में खेलने की मजबूरी

हालांकि प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों को एक अलग चुनौती का भी सामना करना पड़ रहा है। तेज धूप के बीच खिलाड़ियों को मैदान पर उतरकर मुकाबला करना पड़ रहा है। इसके पीछे सैंडिस कंपाउंड में खेल सुविधाओं की सीमित उपलब्धता प्रमुख कारण बताई जा रही है।

सॉफ्ट टेनिस संघ के जिला सचिव जयंत कुमार ने बताया कि फिलहाल सैंडिस कंपाउंड में लॉन टेनिस और सॉफ्ट टेनिस के लिए एक ही कोर्ट उपलब्ध है। शाम के समय अन्य बच्चे भी कोर्ट का इस्तेमाल करते हैं, जिसके कारण प्रतियोगिता का आयोजन दिन के समय करना पड़ रहा है।

अलग कोर्ट और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग

जयंत कुमार के अनुसार, संघ की ओर से जिला प्रशासन से सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ियों के लिए अलग कोर्ट और बेहतर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने की मांग की गई है। उनका कहना है कि यदि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और अभ्यास के लिए पर्याप्त समय मिले, तो भागलपुर के खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

जिला प्रशासन की ओर से सैंडिस कंपाउंड में सॉफ्ट टेनिस के लिए अलग कोर्ट बनाने का आश्वासन दिए जाने की बात भी सामने आई है। इससे खिलाड़ियों को भविष्य में अभ्यास और प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।

खिलाड़ियों को मिल रहा आगे बढ़ने का मौका

अस्मिता खेलो इंडिया सिटी लीग के जरिए भागलपुर के युवा सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ियों को पहली बार बड़े स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। प्रतियोगिता में प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए राज्य स्तरीय टीम तक पहुंचने का रास्ता खुल सकता है।

अब खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ-साथ नजर इस बात पर भी रहेगी कि सैंडिस कंपाउंड में अलग सॉफ्ट टेनिस कोर्ट और बेहतर सुविधाओं का इंतजाम कब तक होता है। यदि खेल सुविधाओं का विस्तार होता है, तो भागलपुर में सॉफ्ट टेनिस की नई प्रतिभाओं को नियमित प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर माहौल मिल सकता है।

नवगछिया में स्मैक के बड़े नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, 209 ग्राम स्मैक के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

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तेतरी गांव में देर रात छापेमारी के दौरान पुलिस ने पकड़ा नशे का खेल, 280 नाइट्राजेपाम टैबलेट, कफ सिरप, 70 हजार नकद समेत कई सामान बरामद; सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश तेज

Crime News: नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच नवगछिया पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने तेतरी गांव में छापेमारी कर कथित तौर पर स्मैक की पैकिंग और बिक्री से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल कुमार और नितिन कुमार के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, 22 सितंबर की देर रात गुप्त सूचना मिली थी कि तेतरी गांव में स्मैक की पुड़िया तैयार कर उसकी बिक्री की जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने इलाके में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों को कथित तौर पर स्मैक की पैकिंग करते हुए पकड़ा गया।

209 ग्राम स्मैक समेत भारी मात्रा में सामान बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 209 ग्राम स्मैक बरामद किया। इसके अलावा 280 नाइट्राजेपाम की गोलियां, चार बोतल कोडीन युक्त कफ सिरप, 70 हजार रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन, दो सोने की चेन और डिजिटल वेइंग मशीन भी बरामद किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।

डिजिटल वेइंग मशीन की बरामदगी को पुलिस की जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे नशीले पदार्थों की तौल और पैकिंग किए जाने की आशंका की जांच की जा रही है।

पूछताछ में सामने आए अन्य नाम

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सैयम रजा के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान इस कथित नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। इनमें तेतरी के रितेश कुमार, सोनू कुमार और मोनू के नाम शामिल हैं।

पुलिस अब इन लोगों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि नशीले पदार्थों की खरीद, पैकिंग और बिक्री का नेटवर्क कितने लोगों तक फैला हुआ है।

पूर्णिया समेत कई जगहों से सप्लाई की जांच

पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में नशीले पदार्थों की सप्लाई पूर्णिया समेत अलग-अलग स्थानों से किए जाने की जानकारी सामने आई है। अब पुलिस सप्लाई चेन की पूरी कड़ी खंगाल रही है।

जांच का फोकस इस बात पर है कि नशीला पदार्थ कहां से लाया जाता था, किन लोगों के माध्यम से इसकी सप्लाई होती थी और नवगछिया में इसे किन इलाकों तक पहुंचाया जाता था।

आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार दोनों आरोपियों का पूर्व आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस अब पुराने मामलों और मौजूदा बरामदगी के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ फरार बताए जा रहे अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है। बरामद नशीले पदार्थों के स्रोत और पूरे नेटवर्क की कड़ियों का पता लगाने के बाद मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

नवगछिया पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि तेतरी से चल रहे इस कथित नशे के नेटवर्क की जड़ें आखिर कहां तक फैली हैं और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क की तस्वीर साफ हो सकेगी।

जगन्नाथ वाली बगीचे में जमीन के अंदर मिला शव, भागलपुर में मचा हड़कंप

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बरहपुरा इलाके में शव मिलने की सूचना से जुटी भारी भीड़, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच; मृतक की पहचान और मौत की वजह अब भी रहस्य

Crime News: भागलपुर के बरहपुरा इलाके स्थित जगन्नाथ वाली बगीचे में मंगलवार देर शाम जमीन के अंदर शव गड़े होने की सूचना से इलाके में सनसनी फैल गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय थाना पुलिस के साथ 112 की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।

जानकारी के अनुसार, जगन्नाथ वाली बगीचे में जमीन के अंदर शव होने की सूचना स्थानीय लोगों को मिली थी। इसके बाद आसपास के इलाके में यह खबर तेजी से फैल गई। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और हर कोई यह जानने की कोशिश करने लगा कि आखिर जमीन के अंदर शव किसका है और उसे वहां किस परिस्थिति में दफन किया गया।

पुलिस टीम ने घटनास्थल को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की। इसके बाद जमीन के अंदर से शव को बाहर निकालने की कार्रवाई की गई। शव की स्थिति और अन्य परिस्थितियों को लेकर पुलिस की ओर से जांच की जा रही है।

फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद शव किस व्यक्ति का है। इसके साथ ही यह भी जांच का विषय है कि शव को जमीन के अंदर कब और किन परिस्थितियों में दफन किया गया।

शव मिलने के बाद इलाके में कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी तक मामले में मौत की वजह या किसी संभावित आपराधिक घटना को लेकर कोई अंतिम जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। ऐसे में शव की पहचान और जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

स्थानीय लोगों में भी घटना को लेकर चर्चा और चिंता का माहौल है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य बिंदुओं की जांच कर रही है। शव की पहचान होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मृतक कौन है और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और शव की पहचान तथा मौत के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

जमुई छात्रा कांड में बड़ा पुलिस एक्शन, मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस मुठभेड़ में घायल

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सम्राट चौधरी सरकार का सख्त संदेश—महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराध पर त्वरित कार्रवाई, पुलिस ने मुख्य आरोपी को दबोचा

Patna News:  बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से कथित छेड़छाड़ और बदसलूकी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक मुठभेड़ के दौरान नंदन यादव के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल ले जाया गया। बिहार पुलिस के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने पुलिस कार्रवाई की पुष्टि की है।

इस कार्रवाई के बाद बिहार की सम्राट चौधरी सरकार की कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त कार्रवाई की नीति एक बार फिर चर्चा में है। सरकार की ओर से लगातार यह कहा जा रहा है कि महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा। जमुई मामले में पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई तेज की।

वायरल वीडियो के बाद तेज हुई पुलिस कार्रवाई

जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके साथी के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तेजी से सामने आया। इसके बाद पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू की और गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया।

रिपोर्टों के अनुसार मामले में कई आरोपियों की पहचान की गई है और कुछ आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्य आरोपी नंदन यादव फरार था, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।

गिरफ्तारी के दौरान मुठभेड़, पैर में लगी गोली

पुलिस कार्रवाई के दौरान नंदन यादव के साथ मुठभेड़ की सूचना सामने आई। पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान आरोपी घायल हुआ और उसके पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर अस्पताल पहुंचाया गया। एक अन्य आरोपी हरे राम के भी घायल होने की सूचना है।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब जमुई मामले को लेकर बिहार में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा तेज है। मामले की जांच अब आगे बढ़ रही है और पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई कर रही है।

सम्राट सरकार का सख्त रुख

जमुई की घटना के बाद सरकार की ओर से दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की बात कही गई है। मंत्री श्रवण कुमार ने भी कहा है कि घटना को लेकर सरकार और प्रशासन संवेदनशील है तथा दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

ऐसे में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस की कार्रवाई की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। सम्राट चौधरी सरकार की ओर से अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश इस मामले में साफ तौर पर दिखाई देता है—हालांकि अंतिम दोष और सजा का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही होगा।

सोशल मीडिया पर वीडियो फैलाने वालों पर भी कार्रवाई

पुलिस ने मामले से जुड़े वीडियो के सोशल मीडिया प्रसार को भी गंभीरता से लिया है। रिपोर्टों के मुताबिक नाबालिग की पहचान उजागर करने वाले और वीडियो प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। करीब 120 URLs/सोशल मीडिया प्रोफाइल के संबंध में प्राथमिकी की जानकारी सामने आई है।

पुलिस और प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले किसी भी वीडियो या सामग्री को शेयर न करें।

अब आगे क्या?

नंदन यादव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों तक पहुंचने और घटना की पूरी कड़ी की जांच करने की चुनौती है। पुलिस वायरल वीडियो, आरोपियों की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।

जमुई छात्रा कांड में पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि मामला अब जांच के अगले चरण में पहुंच चुका है। सम्राट चौधरी सरकार के लिए भी यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था पर अपने सख्त रुख को जमीन पर लागू करने की एक महत्वपूर्ण परीक्षा है। अंतिम रूप से घटना के सभी तथ्यों और आरोपों का निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया से होगा।

BIPARD ने प्रशिक्षण मानदेय पर प्रसारित खबर को बताया अपूर्ण, कहा—वास्तविक प्रशिक्षण सत्रों के आधार पर होता है भुगतान

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संस्थान ने 2023 से 2025 के प्रशिक्षण कार्यक्रमों और मानदेय भुगतान के अभिलेख उपलब्ध होने की बात कही; प्रसारित खबर के निष्कर्षों पर BIPARD ने अपना पक्ष रखा

Patna News: बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (BIPARD) में प्रशिक्षण कार्यक्रमों के दौरान अधिकारियों और विशेषज्ञों को मानदेय भुगतान से संबंधित खबर के बाद संस्थान ने अपना स्पष्टीकरण जारी किया है। BIPARD ने कहा है कि प्रसारित खबर में संस्थान की प्रशिक्षण व्यवस्था और मानदेय भुगतान की पूरी प्रक्रिया को समग्र रूप से प्रस्तुत नहीं किया गया है। हालांकि, संस्थान ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों और भुगतान से संबंधित अभिलेख उपलब्ध हैं, जिनके आधार पर संबंधित मामलों का सत्यापन किया जा सकता है।

क्या है BIPARD का पक्ष?

BIPARD के अनुसार संस्थान में विभिन्न सेवाओं के अधिकारियों और अन्य प्रशिक्षणार्थियों के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यप्रणाली, सरकारी नियमों एवं प्रक्रियाओं तथा क्षेत्रीय प्रशासन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी देना है।

संस्थान का कहना है कि प्रशिक्षण के विषय और आवश्यकता के अनुसार अनुभवी सरकारी अधिकारियों के अलावा गैर-सरकारी विशेषज्ञों और प्रोफेशनल्स को भी प्रशिक्षण सत्र के लिए आमंत्रित किया जाता है।

BIPARD के मुताबिक प्रशासनिक प्रशिक्षण में कार्यरत एवं अनुभवी अधिकारियों का उपयोग इसलिए किया जाता है ताकि प्रशिक्षणार्थियों को सरकारी व्यवस्था के वास्तविक अनुभव, नियमों के व्यावहारिक अनुप्रयोग और क्षेत्रीय स्तर की चुनौतियों की जानकारी मिल सके।

मानदेय भुगतान को लेकर संस्थान की सफाई

मानदेय भुगतान के संबंध में BIPARD ने कहा है कि प्रशिक्षकों को उनके द्वारा वास्तव में लिए गए प्रशिक्षण सत्रों के आधार पर भुगतान किया जाता है। इसके लिए निर्धारित नियमों और स्वीकृत मानदंडों के अनुसार दरें लागू होती हैं।

संस्थान के अनुसार संबंधित प्रशिक्षक की पात्रता, पद या पे-लेवल तथा उनके द्वारा लिए गए प्रशिक्षण सत्रों की संख्या के आधार पर मानदेय निर्धारित किया जाता है। भुगतान निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन माध्यम से किया जाता है।

BIPARD ने स्पष्ट किया है कि बिना प्रशिक्षण सत्र लिए या वास्तविक रूप से लिए गए सत्रों से अधिक संख्या के आधार पर मानदेय भुगतान करने की कोई व्यवस्था नहीं है।

2023 से 2025 तक के रिकॉर्ड का हवाला

संस्थान ने बताया कि वर्ष 2023 से 2025 के बीच आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों से संबंधित विस्तृत रिकॉर्ड उपलब्ध हैं। इनमें प्रशिक्षण कार्यक्रमों, प्रशिक्षकों द्वारा लिए गए सत्रों और उनके अनुरूप किए गए मानदेय भुगतान का विवरण संधारित है।

BIPARD के अनुसार इन अभिलेखों के आधार पर यह देखा जा सकता है कि किसी प्रशिक्षक ने किस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कितने सत्र लिए और उन सत्रों के आधार पर कितना मानदेय देय एवं भुगतान किया गया।

गैर-सरकारी विशेषज्ञों की भी ली जाती है सेवाएं

संस्थान ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण केवल सरकारी अधिकारियों तक सीमित नहीं है। व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता और अन्य विशेष विषयों के लिए गैर-सरकारी विशेषज्ञों एवं प्रोफेशनल्स को भी प्रशिक्षण के लिए बुलाया जाता है।

वहीं सरकारी नियम, वित्तीय एवं सेवा संबंधी प्रावधान, प्रशासनिक प्रक्रिया और क्षेत्रीय प्रशासन जैसे विषयों में अनुभवी सरकारी अधिकारियों के अनुभव का उपयोग किया जाता है।

खबर के निष्कर्ष पर BIPARD ने उठाया सवाल

BIPARD ने कहा है कि मानदेय भुगतान से संबंधित प्रसारित खबर में प्रस्तुत निष्कर्ष संस्थान के उपलब्ध अभिलेखों और निर्धारित भुगतान प्रक्रिया का पूर्ण परिप्रेक्ष्य प्रस्तुत नहीं करते हैं।

संस्थान का दावा है कि उपलब्ध रिकॉर्ड की समीक्षा में संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रमों और मानदेय भुगतान में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया है तथा किसी अधिकारी या प्रशिक्षक को उनके वास्तविक प्रशिक्षण सत्रों से अधिक सत्रों के आधार पर भुगतान किए जाने का तथ्य अभिलेखों से सामने नहीं आता।

हालांकि, इस पूरे मामले में संस्थान द्वारा जिन अभिलेखों का हवाला दिया गया है, उनकी स्वतंत्र सार्वजनिक जांच या विस्तृत दस्तावेजी सत्यापन की स्थिति अलग विषय है। इसलिए BIPARD का स्पष्टीकरण संस्थान का आधिकारिक पक्ष है, जबकि प्रसारित खबर में लगाए गए सवालों का अंतिम आकलन संबंधित रिकॉर्ड और उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर ही किया जा सकता है।

BIPARD ने पारदर्शिता पर दिया जोर

संस्थान ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन और मानदेय भुगतान के लिए निर्धारित नियमों, स्वीकृत मानदंडों और संस्थागत प्रक्रिया का पालन किया जाता है। प्रशिक्षण सत्रों और भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड भी संधारित किए जाते हैं।

BIPARD ने कहा कि उसका उद्देश्य अधिकारियों और अन्य प्रशिक्षणार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है और प्रशिक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया जाता है।