जेई सुजीत कुमार के नेतृत्व में कई स्थानों पर छापेमारी, बिजली चोरी पकड़े जाने के बाद विभाग ने सुल्तानगंज थाने में दर्ज कराया मामला
Bhagalpur News: बिजली चोरी के खिलाफ विद्युत विभाग ने सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। जेई सुजीत कुमार के नेतृत्व में विभिन्न इलाकों में की गई छापेमारी के दौरान कथित रूप से बिजली चोरी के मामले सामने आए। इसके बाद विभाग की ओर से चार लोगों के खिलाफ सुल्तानगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
विद्युत विभाग के अनुसार, अभियान के दौरान भोलिया देवी, पटेल नगर, मीरा देवी, महेशी, परशुराम मंडल, महेशी और रूपेश मंडल, महेशी के खिलाफ बिजली चोरी के आरोप में कार्रवाई की गई है। विभाग की टीम ने जांच के दौरान बिजली के अवैध उपयोग से संबंधित मामले पकड़े, जिसके बाद नियमानुसार पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
जेई के नेतृत्व में चला छापेमारी अभियान
विद्युत चोरी पर रोक लगाने के लिए विभाग की टीम ने सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर जांच अभियान चलाया। इस दौरान बिजली कनेक्शन और उसके उपयोग की जांच की गई।
जेई सुजीत कुमार के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य बिजली चोरी पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाना और अवैध रूप से बिजली का उपयोग करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना है।
चार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज
छापेमारी के दौरान बिजली चोरी पकड़े जाने के बाद विभाग ने चार लोगों के खिलाफ सुल्तानगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। विभाग की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत के आधार पर अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है।
विद्युत विभाग का कहना है कि बिजली चोरी से न केवल विभाग को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि इससे विद्युत व्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसी वजह से चोरी रोकने के लिए लगातार जांच और छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
विभाग की टीम रही मौजूद
छापेमारी अभियान में विद्युत विभाग के कर्मचारी दिलीप कुमार झा, अमनचंद्र चौरसिया, सच्चिदानंद साह और चंदन भारती भी शामिल रहे। टीम ने अलग-अलग स्थानों पर विद्युत कनेक्शन और बिजली उपयोग की जांच की।
विद्युत विभाग की इस कार्रवाई के बाद इलाके में बिजली चोरी करने वालों के बीच हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है। विभाग ने संकेत दिया है कि आगे भी विभिन्न इलाकों में जांच अभियान जारी रहेगा।
विद्युत विभाग की कार्रवाई से साफ है कि बिजली चोरी के मामलों में अब लगातार निगरानी और कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान के तहत संदिग्ध कनेक्शनों की जांच की जाएगी।


