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भागलपुर: दो बेटियों के साथ फिर लापता हुई पत्नी, पति ने मोजाहिदपुर थाना में दिया आवेदन

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Bhagalpur News: भागलपुर के मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला अपनी दो मासूम बेटियों को लेकर संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई है। पीड़ित पति ने इस सिलसिले में मोजाहिदपुर थाना अध्यक्ष को लिखित आवेदन देकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।

क्या है पूरा मामला?

मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र के मदनुचक में अजीत साह के मकान में किराए पर रहने वाले नीरज कुमार सिन्हा (पिता – स्व. सुनील प्रसाद सिन्हा) ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि उनकी शादी 12 मई 2021 को रिंकी देवी (पिता – उमेश दास, निवासी अलीगंज हरिजन टोला, थाना – बबरगंज, भागलपुर) के साथ हुई थी। इस शादी से उनकी दो बेटियां हैं।

पति नीरज के अनुसार, दिनांक 13 सितंबर 2026 को उनकी पत्नी रिंकी सिन्हा दोनों बच्चियों को लेकर घर से कहीं चली गई। काफी खोजबीन और रिश्तेदारों के यहां तलाश करने के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है।

पहले भी हो चुका है समझौता

नीरज ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि इससे लगभग 4 महीने पहले भी उनकी पत्नी बिना बताए घर से चली गई थी। उस समय मोजाहिदपुर थाना में मौखिक सूचना दी गई थी, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन के सहयोग से दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया गया था। लेकिन एक बार फिर वह बच्चियों को लेकर लापता हो गई हैं।

पति ने लगाई सुरक्षा की गुहार

परेशान पति ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में अगर कोई अप्रिय घटना या दुर्घटना होती है, तो उसका जिम्मेदार उन्हें न समझा जाए।

फिलहाल मोजाहिदपुर थाना पुलिस आवेदन के आधार पर मामले की जांच में जुट गई है।

भागलपुर के बाढ़ प्रभावित परिवारों को ₹7,000 की सहायता राशि जल्द, विधायक रोहित पाण्डेय के आग्रह पर CM सम्राट चौधरी का निर्देश

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नगर निगम क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित परिवारों का होगा शीघ्र सर्वेक्षण, जिलाधिकारी को सूची तैयार कर भेजने का निर्देश; विधायक बोले—कोई भी वास्तविक पीड़ित राहत से वंचित न रहे

Patna News: भागलपुर नगर निगम क्षेत्र में बाढ़ और जलजमाव से प्रभावित परिवारों के लिए राहत की बड़ी पहल सामने आई है। भागलपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रोहित पाण्डेय ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को ₹7,000 की अनुग्रह सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग को लेकर पटना स्थित लोकसेवक आवास में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की।

मुलाकात के दौरान विधायक रोहित पाण्डेय ने मुख्यमंत्री के समक्ष भागलपुर नगर निगम क्षेत्र की स्थिति को विस्तार से रखा। उन्होंने बताया कि नगर निगम के कई वार्डों और निचले इलाकों में बाढ़ एवं जलजमाव के कारण बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए हैं। कई परिवारों को सामान्य जनजीवन में लौटने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें सरकारी राहत की आवश्यकता है।

विधायक ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि शहरी क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावित वास्तविक पीड़ित परिवारों को भी अनुग्रह सहायता राशि का लाभ उपलब्ध कराया जाए, ताकि राहत की सरकारी व्यवस्था का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके।

मुख्यमंत्री ने लिया तत्काल संज्ञान

विधायक के आग्रह पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए भागलपुर के जिलाधिकारी को दूरभाष पर आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों का शीघ्र सर्वेक्षण कर उनकी सूची तैयार करने और सूची भेजने का निर्देश दिया है।

प्रशासन की ओर से सर्वेक्षण और सूची तैयार किए जाने के बाद पात्र बाढ़ प्रभावित परिवारों को ₹7,000 की अनुग्रह सहायता राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

राहत से वंचित नहीं रहेगा वास्तविक पीड़ित परिवार

विधायक रोहित पाण्डेय ने कहा कि भागलपुर नगर निगम क्षेत्र में बाढ़ और जलजमाव से प्रभावित लोगों तक सरकारी सहायता पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रयास है कि क्षेत्र का कोई भी वास्तविक बाढ़ प्रभावित परिवार सरकारी राहत से वंचित न रहे।

उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी को निर्देश दिए जाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। अब प्रशासनिक सर्वेक्षण के बाद यह स्पष्ट होगा कि नगर निगम क्षेत्र में कितने परिवार सरकारी सहायता के लिए पात्र पाए जाते हैं।

भागलपुर के शहरी इलाकों में बाढ़ और जलजमाव से प्रभावित परिवारों की निगाहें अब प्रशासन की सर्वेक्षण प्रक्रिया और सहायता राशि मिलने पर टिकी हैं।

सहकारी बैंकों को मिला बड़ा निर्देश: कृषि, डेयरी और ग्रामीण उद्योगों के लिए प्राथमिकता से दें कर्ज

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सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा—ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहकारी बैंकों की अहम भूमिका, डिजिटलीकरण और साइबर सुरक्षा पर भी विशेष फोकस

Patna News: बिहार में किसानों, पशुपालकों, ग्रामीण उद्यमियों और छोटे कारोबारियों तक आसान ऋण सुविधा पहुंचाने के लिए सहकारी बैंकों को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है। कृषि, डेयरी, खाद्य भंडारण और ग्रामीण उद्योगों के लिए प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।

यह निर्देश सोमवार को आयोजित बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड, पटना की 77वीं वार्षिक आम बैठक में सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने दिया। बैठक में बैंक की वित्तीय स्थिति, पिछले वित्तीय वर्ष की उपलब्धियों, बैंकिंग सेवाओं के विस्तार और आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी वित्तीय मजबूती

बैठक को संबोधित करते हुए राम कृपाल यादव ने कहा कि सहकारी बैंक ग्रामीण अर्थव्यवस्था की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सहकारी बैंकों से कहा कि कृषि, डेयरी, खाद्य भंडारण और ग्रामीण उद्योगों के लिए प्राथमिकता के आधार पर ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने कहा कि आसान और समय पर ऋण मिलने से किसानों, पशुपालकों, ग्रामीण उद्यमियों तथा छोटे व्यवसायियों को अपनी आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

डिजिटल बैंकिंग के साथ साइबर सुरक्षा पर जोर

सहकारिता मंत्री ने सहकारी बैंकों में डिजिटलीकरण और साइबर सुरक्षा को भी प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के दौर में बैंकिंग सेवाओं को आधुनिक बनाने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित रखना भी जरूरी है।

आधुनिक तकनीक के माध्यम से बैंकिंग सेवाओं को सरल, पारदर्शी, सुरक्षित और ग्राहक-केंद्रित बनाने पर जोर दिया गया। डिजिटल बैंकिंग के विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत भी बैठक में रेखांकित की गई।

PACS और DCCB के जरिए गांवों तक पहुंचेगी बैंकिंग सुविधा

बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के अध्यक्ष रमेश चन्द्र चौबे ने बताया कि बैंक वित्तीय सुदृढ़ता, ग्रामीण विकास और वित्तीय समावेशन को प्राथमिकता देते हुए बैंकिंग व्यवस्था को अधिक सक्षम और आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रहा है।

उन्होंने बताया कि प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (DCCB) के सहयोग से राज्य के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक समय पर और किफायती ऋण सुविधा पहुंचाने पर विशेष बल दिया जा रहा है।

इसके जरिए किसानों के साथ-साथ महिला उद्यमियों, दुग्ध उत्पादकों और सूक्ष्म उद्यमियों को भी वित्तीय सेवाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

NPA नियंत्रण और वित्तीय अनुशासन पर भी फोकस

बैंक की ओर से NPA नियंत्रण, वित्तीय अनुशासन और परिसंपत्तियों की गुणवत्ता में सुधार के साथ नियामकीय प्रावधानों के अनुपालन को भी प्राथमिकता दी गई है। बैठक में बैंक की वित्तीय स्थिति और पिछले वित्तीय वर्ष में किए गए कार्यों की समीक्षा की गई।

बैंक के प्रबंध निदेशक अरविंद कुमार पासवान ने बैंक की कार्यप्रणाली, वित्तीय प्रगति और तकनीकी आधुनिकीकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बैंक की भावी कार्ययोजना में डिजिटल बैंकिंग, तकनीकी नवाचार, वित्तीय समावेशन, ग्राहक सेवा में सुधार और सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने को प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया।

बैठक में कई प्रमुख अधिकारी और प्रतिनिधि रहे मौजूद

बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, अपर निबंधक (साख), सहयोग समितियां मनोज कुमार सिंह, बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के अध्यक्ष रमेश चन्द्र चौबे, प्रबंध निदेशक अरविंद कुमार पासवान, बिस्कोमान के अध्यक्ष विशाल सिंह सहित विभाग और बैंक के अन्य पदाधिकारी एवं प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रमुख उपलब्धियों और रणनीतिक पहलों को भी प्रस्तुत किया गया। साथ ही आने वाले समय में सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और ग्रामीण जरूरतों के अनुरूप बनाने की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।

बिहार भवन उपविधि-2026 में बड़े बदलाव की तैयारी, नक्शा पास कराने से लेकर निर्माण प्रक्रिया तक होगी आसान

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मंत्रियों के समूह की बैठक में सरलता और पारदर्शिता पर जोर, अनावश्यक नियमों को कम करने और आम लोगों को बेहतर सुविधा देने पर हुआ मंथन

Patna News: बिहार में भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान, पारदर्शी और जनोपयोगी बनाने की दिशा में सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। बिहार भवन उपविधि-2026 के प्रारूप को लेकर सोमवार को उच्चस्तरीय मंत्रियों के समूह (GoM) की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में भवन निर्माण से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं में आवश्यक बदलाव, सरलता और पारदर्शिता को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

नगर विकास एवं आवास विभाग से संबंधित बिहार भवन उपविधि-2026 के प्रारूप पर गठित उच्चस्तरीय मंत्रियों के समूह की बैठक सिंचाई भवन स्थित कार्यालय में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक का मुख्य फोकस भवन निर्माण से संबंधित नियामक प्रक्रियाओं को आम लोगों के लिए अधिक सरल, सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनाना रहा। मंत्रियों के समूह ने प्रारूप के विभिन्न प्रावधानों पर चर्चा करते हुए कई सुझावों और अनुशंसाओं पर विचार-विमर्श किया।

नक्शे की वैधता के प्रावधानों में बदलाव से मिलेगा लाभ

बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि नक्शे की वैधता से संबंधित प्रावधानों में प्रस्तावित संशोधन से आम लोगों को काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न हितधारकों की ओर से दिए गए सकारात्मक और व्यावहारिक सुझाव बिहार भवन उपविधि-2026 को अधिक प्रभावी और जनोपयोगी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को व्यावहारिक बनाने और नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

अनावश्यक नियम और प्रक्रियाएं कम करने की तैयारी

नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार भवन उपविधि-2026 का उद्देश्य Ease of Doing Business और Ease of Living को बेहतर बनाना है। इसके तहत भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाया जाएगा और लोगों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भवन निर्माण से जुड़ी अनावश्यक नियमों और प्रक्रियाओं को कम किया जाएगा। साथ ही भवन निर्माण की अनुमति से जुड़ी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

नागरिक-केंद्रित व्यवस्था बनाने पर जोर

नीतीश मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सुनियोजित, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित विकास के विजन के अनुरूप बिहार भवन उपविधि-2026 तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को इस तरह सरल बनाना है, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और उन्हें बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

बैठक में भवन उपविधि को समय के अनुरूप, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विचार किया गया।

बैठक में ये मंत्री रहे मौजूद

बैठक में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग सह ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार, सहकारिता विभाग के मंत्री राम कृपाल यादव, नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा तथा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के मंत्री संजय कुमार सिंह उपस्थित रहे।

नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने पीपीटी के माध्यम से बिहार भवन उपविधि-2026 के प्रारूप और प्रस्तावित प्रावधानों की विस्तृत जानकारी मंत्रियों के समूह के सामने रखी।

बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के वरीय पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। सरकार की ओर से प्रस्तावित बदलावों का व्यापक उद्देश्य भवन निर्माण से जुड़ी व्यवस्था को अधिक सरल और पारदर्शी बनाते हुए आम नागरिकों के लिए प्रक्रिया को सुगम करना है।

बिहार में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: निगरानी विभाग ने जिलों को दिए सख्त निर्देश

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हर जिले में बनेगी डेडिकेटेड हेल्पलाइन, उड़नदस्ता दल होंगे मजबूत; राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, गृह और नगर विकास विभाग पर विशेष निगरानी

Patna News: बिहार में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति को प्रभावी बनाने की दिशा में निगरानी विभाग ने अपनी कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की त्वरित सूचना, जांच और कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए अब जिला स्तर पर निगरानी तंत्र को अधिक सक्रिय किया जाएगा।

इसी उद्देश्य से सोमवार, को निगरानी विभाग की ओर से संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई, जिसमें प्रधान सचिव, निगरानी विभाग, महानिदेशक निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, विशेष निगरानी इकाई और तकनीकी परीक्षक कोषांग के अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में जिला स्तर पर कार्यरत कोषांगों और उड़नदस्ता दलों को अधिक सशक्त और प्रभावी बनाने के साथ-साथ उनके दायित्वों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

हर जिले में बनेगी डेडिकेटेड हेल्पलाइन

बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्देशों में से एक प्रत्येक जिले में Dedicated Helpline स्थापित करने का है। इसका उद्देश्य आम लोगों को भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायत या सूचना देने के लिए एक आसान माध्यम उपलब्ध कराना है। अधिकारियों को हेल्पलाइन का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा सकें।

निगरानी मामलों की FIR समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश

जिला स्तर पर निगरानी से संबंधित मामलों में दर्ज होने वाली FIR की जानकारी निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को समय पर उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया। इससे मामलों की निगरानी, जांच और आगे की कार्रवाई में बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया है।

उड़नदस्ता दलों को मिलेगा प्रशिक्षण

बैठक में प्रत्येक जिले में तैनात उड़नदस्ता दल के पदाधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया। प्रशिक्षण के जरिए टीमों को उनके दायित्वों, कार्रवाई की प्रक्रिया और भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों में प्रभावी तरीके से काम करने को लेकर तैयार किया जाएगा।

पांच विभागों पर विशेष फोकस

निगरानी विभाग के अनुसार सबसे अधिक निगरानी संबंधी मामले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, गृह विभाग तथा नगर एवं आवास विकास विभाग से प्राप्त होते हैं।

इसे देखते हुए बैठक में इन पांच विभागों से संबंधित मामलों पर विशेष ध्यान देने और निगरानी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता बताई गई।

निगरानी विभाग का कहना है कि भ्रष्टाचार उन्मूलन की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और इन प्रयासों से विभाग को अपेक्षित सफलता भी मिल रही है। जिला स्तर पर हेल्पलाइन, प्रशिक्षित उड़नदस्ता दल और बेहतर समन्वय की व्यवस्था लागू होने से भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों पर कार्रवाई की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।

बैठक में दिए गए निर्देशों का उद्देश्य राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी तंत्र को जमीनी स्तर तक मजबूत करना और शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

ललमटिया से 9.8 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ शातिर तस्कर गिरफ्तार

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‘स्वस्थ युवा स्वस्थ भागलपुर’ अभियान के तहत पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, पानी टंकी के समीप गुप्त सूचना पर छापेमारी कर तस्कर को दबोचा।

Bhagalpur News: भागलपुर जिले में युवाओं को नशे के जाल से बचाने और मादक पदार्थों की अवैध खरीद-बिक्री पर पूरी तरह से लगाम लगाने के लिए भागलपुर पुलिस द्वारा विशेष महाअभियान “स्वस्थ युवा स्वस्थ भागलपुर” चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में ललमटिया थाना क्षेत्र से पुलिस ने 9.8 ग्राम अवैध मादक पदार्थ (ब्राउन शुगर) के साथ एक तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी

वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) भागलपुर के निर्देशानुसार और नगर पुलिस अधीक्षक की निगरानी में जिलेभर में नशे के हॉटस्पॉट्स पर लगातार छापेमारी की जा रही है। इसी दौरान 20 सितंबर 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि ललमटिया थाना क्षेत्र के पासीटोला स्थित पानी टंकी के समीप अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री की जा रही है।

पुलिस टीम ने बिछाया जाल

सूचना की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर-02) और ललमटिया थानाध्यक्ष विपिन कुमार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पासीटोला पानी टंकी के पास छापेमारी की और एक व्यक्ति को संदिग्ध हालत में दबोच लिया।

तलाशी लेने पर आरोपी के पास से 9.8 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान

पुलिस हिरासत में आए तस्कर की पहचान राज कुमार उर्फ श्रवण साह (पिता- स्व. भोली प्रसाद), साकिन- पासीटोला, थाना- ललमटिया, जिला- भागलपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

छापेमारी दल में ये रहे शामिल

इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाले छापेमारी दल में मुख्य रूप से शामिल थे:

  • पु०अ०नि० सह-थानाध्यक्ष विपिन कुमार (ललमटिया थाना)
  • पु०अ०नि० प्रमोद कुमार सिंह (ललमटिया थाना)
  • पु०अ०नि० भूषण प्रसाद सिंह (ललमटिया थाना)
  • ललमटिया थाने के सशस्त्र बल

भागलपुर पुलिस ने बयान जारी करते हुए कहा है कि जिले को नशामुक्त बनाने के लिए यह अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।

जमुई में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो मामले में बड़ी कार्रवाई, SIT गठित; 3 आरोपी गिरफ्तार

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नाबालिग छात्रा और उसके मित्र से छेड़खानी व अभद्र व्यवहार के वायरल वीडियो पर जमुई पुलिस की त्वरित कार्रवाई, SIT ने आरोपियों की पहचान कर तीन को दबोचा; अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और वीडियो टेकडाउन की प्रक्रिया जारी

Bihar News: सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो मामले को लेकर जमुई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, जमुई जिले में एक नाबालिग छात्रा और उसके मित्र के साथ छेड़खानी एवं अभद्र व्यवहार से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू करते हुए विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया है।

जमुई पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, इस मामले में जमुई थाना कांड संख्या 428/26, दिनांक 21 सितंबर 2026 दर्ज किया गया है। मामले में धारा 74/76(3)(5) बीएनएस और धारा 8/12 पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

एसपी के निर्देश पर गठित हुई SIT

पुलिस अधीक्षक जमुई विशजीत दयाल के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुश्री दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में विशेष SIT टीम गठित की गई है। टीम द्वारा मामले से जुड़े आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली गई है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है।

वायरल वीडियो को लेकर भी पुलिस की कार्रवाई

जमुई पुलिस ने मामले में केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो को टेकडाउन कराने की प्रक्रिया भी की जा रही है, ताकि संवेदनशील वीडियो का आगे प्रसार रोका जा सके।

मामले की जांच में पुलिस वीडियो से जुड़े तथ्यों, आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी जारी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज

नाबालिग से जुड़े इस मामले में पॉक्सो एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं। जांच के दौरान पुलिस द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों और वीडियो से संबंधित तथ्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।

जमुई पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों से पूछताछ और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई पर नजर है। पुलिस ने मामले से संबंधित वायरल वीडियो को सोशल मीडिया पर आगे साझा नहीं करने की दिशा में भी कार्रवाई शुरू की है।

मदरोनी के बाढ़ पीड़ितों का फूटा गुस्सा, प्रशासन को दिया अल्टीमेटम; बोले-‘पन्नी नहीं मिली तो करेंगे ब्लॉक का घेराव’

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रेलवे ट्रैक के पास शरण लिए विस्थापितों ने राहत सामग्री नहीं मिलने का लगाया आरोप, धूप और बारिश में बढ़ी परेशानी

Bhagalpur News: भागलपुर जिले के मदरोनी इलाके में बाढ़ से विस्थापित हुए लोगों का प्रशासन के खिलाफ गुस्सा सामने आया है। बाढ़ के कारण अपना घर छोड़कर रेलवे ट्रैक के पास शरण लिए ग्रामीणों का कहना है कि अब तक उन्हें प्रशासन की ओर से पर्याप्त राहत सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई है। विस्थापितों ने खास तौर पर पन्नी नहीं मिलने की शिकायत की है।

बाढ़ के पानी से प्रभावित होकर कई परिवार फिलहाल रेलवे ट्रैक के आसपास खुले में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, धूप और बारिश के बीच उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि अस्थायी ठिकाने के लिए पन्नी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।

समाजसेवी के पहुंचते ही ग्रामीणों ने सुनाई परेशानी

इसी बीच समाजसेवी सुजीत सिंह मदरोनी के विस्थापित परिवारों के बीच पहुंचे। उनके सामने ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं और राहत सामग्री उपलब्ध नहीं होने की शिकायत की। ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के कारण वे अपने घरों से विस्थापित हैं और फिलहाल रेलवे ट्रैक के पास रहने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से अगर जल्द राहत नहीं पहुंचाई गई तो उनकी परेशानी और बढ़ सकती है। खासकर बारिश के दौरान खुले स्थान पर रहना उनके लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

‘कल तक पन्नी नहीं मिली तो करेंगे ब्लॉक का घेराव’

राहत नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों और समाजसेवी ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि अगर कल तक मदरोनी के विस्थापित परिवारों को पन्नी उपलब्ध नहीं कराई गई, तो वे संबंधित ब्लॉक कार्यालय का घेराव करेंगे और सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

ग्रामीण महिला बिछिया देवी ने भी अपनी परेशानियों को सामने रखते हुए प्रशासन से तत्काल राहत उपलब्ध कराने की मांग की। वहीं समाजसेवी सुजीत सिंह ने भी विस्थापितों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने और राहत दिलाने की मांग की।

फिलहाल विस्थापित परिवारों की मांग है कि प्रशासन मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले और उन्हें तत्काल पन्नी समेत जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराए। अब देखना होगा कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है।

राजेंद्र नगर रेलवे पुल पर दोहरीकरण कार्य का असर, भागलपुर-पटना की करीब एक दर्जन ट्रेनें डायवर्ट

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शेखपुरा और लखीसराय के रास्ते पटना पहुंचेंगी कई ट्रेनें, भागलपुर-मुजफ्फरपुर इंटरसिटी और अजमेर शरीफ एक्सप्रेस रद्द

Bhagalpur News: भागलपुर से पटना रेल यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। दानापुर रेलखंड के राजेंद्र नगर रेलवे पुल पर दोहरीकरण कार्य के चलते रेलवे ने ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया है। इस निर्माण कार्य का असर भागलपुर से पटना जाने वाली ट्रेनों पर पड़ा है और करीब एक दर्जन ट्रेनों के रूट में बदलाव किया गया है।

रेलवे के अनुसार, डायवर्ट की गई ट्रेनें अब अपने निर्धारित मार्ग के बजाय शेखपुरा और लखीसराय के रास्ते पटना पहुंचेंगी। ऐसे में भागलपुर से पटना जाने वाले यात्रियों को अपने सफर से पहले ट्रेन के बदले हुए मार्ग और परिचालन की स्थिति की जानकारी लेना जरूरी होगा।

कई ट्रेनों का बदला गया रूट

राजेंद्र नगर रेलवे पुल पर चल रहे दोहरीकरण कार्य के कारण रेलवे ने परिचालन को सुचारू बनाए रखने के लिए कई ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाने का फैसला किया है। भागलपुर से पटना जाने वाली करीब एक दर्जन ट्रेनें अब बदले हुए रूट से संचालित होंगी।

डायवर्ट की गई ट्रेनों के यात्रियों को निर्धारित स्टेशन और यात्रा के समय में बदलाव की स्थिति के लिए रेलवे की ताजा सूचना पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

दो प्रमुख ट्रेनें रद्द

रूट डायवर्जन के साथ-साथ भागलपुर-मुजफ्फरपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस और अजमेर शरीफ एक्सप्रेस को रद्द किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इससे इन ट्रेनों से यात्रा की योजना बना चुके यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है।

यात्रियों की बढ़ सकती है परेशानी

भागलपुर और पटना के बीच रोजाना बड़ी संख्या में यात्री ट्रेन से सफर करते हैं। ऐसे में ट्रेनों के रूट में बदलाव और कुछ ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खासकर नौकरी, पढ़ाई, इलाज या जरूरी काम से पटना जाने वाले यात्रियों के लिए यात्रा से पहले परिचालन की स्थिति जानना महत्वपूर्ण है।

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन का परिचालन, रूट और स्थिति जरूर जांच लें, ताकि आखिरी समय में किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

नवगछिया में साइबर फ्रॉड का खुलासा, बैंककर्मी बनकर ATM कार्ड उड़ाने वाले गिरोह के 2 आरोपित गिरफ्तार

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40 हजार रुपये नकद, 32 सिम कार्ड, 11 ATM कार्ड, 9 आधार और 7 पासबुक बरामद; तकनीकी जांच के बाद शेखपुरा के बरबीघा से हुई गिरफ्तारी

Bhagalpur News: नवगछिया पुलिस ने साइबर फ्रॉड के एक मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के पास से बड़ी संख्या में ATM कार्ड, सिम कार्ड, आधार कार्ड, पासबुक, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह ATM में कार्ड फंसने के बाद खुद को बैंक कर्मचारी बताकर लोगों को झांसे में लेता था और फिर उनके ATM कार्ड का इस्तेमाल कर खाते से रुपये निकालता था।

पुलिस के अनुसार, मामले में गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सोनू कुमार और विपुल कुमार के रूप में हुई है। दोनों को तकनीकी जांच के आधार पर शेखपुरा जिले के बरबीघा से गिरफ्तार किया गया।

ATM में कार्ड फंसने के बाद बनाया था निशाना

पुलिस के मुताबिक, साइबर फ्रॉड की घटना उस समय हुई, जब पीड़ित का ATM कार्ड मशीन में फंस गया था। इसी दौरान आरोपितों ने कथित तौर पर खुद को बैंक कर्मचारी बताया और पीड़ित को अपने विश्वास में लेकर उसका ATM कार्ड निकाल लिया।

इसके बाद पीड़ित के खाते से 40 हजार रुपये की निकासी की गई। पुलिस के अनुसार, इसके अलावा 1 लाख 59 हजार 998 रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर किए गए। घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।

भारी मात्रा में सामान बरामद

गिरफ्तार आरोपितों के पास से पुलिस ने 40 हजार रुपये नकद, 32 सिम कार्ड, 11 ATM कार्ड, 9 आधार कार्ड, 7 पासबुक और 6 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा कई अन्य दस्तावेज और एक चारपहिया वाहन भी पुलिस ने जब्त किया है।

पुलिस अब बरामद सामान और दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि इनका इस्तेमाल किन-किन लोगों के साथ साइबर फ्रॉड में किया गया था।

अन्य आरोपितों की तलाश जारी

पुलिस के मुताबिक, इस मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है। जांच के दौरान साइबर फ्रॉड के नेटवर्क से जुड़े अन्य खातों और मोबाइल नंबरों की भी पड़ताल की जा रही है।

नवगछिया के एसडीपीओ सायम रजा ने बताया कि पुलिस तकनीकी जांच के आधार पर आरोपितों तक पहुंची है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।