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भागलपुर: MDM खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने की खबर पर एक्शन में DM, खुद अस्पताल पहुँचकर लिया जायजा

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के जगदीशपुर  प्राथमिक विद्यालय गंगोता मैदान में मध्याह्न भोजन (MDM) खाने के बाद कुछ बच्चों द्वारा असहज महसूस किए जाने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी स्वयं सदर अस्पताल पहुंचे और बच्चों का हाल-चाल जाना।

​DM का बड़ा बयान: “यह फूड पॉइजनिंग का मामला नहीं”

​जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, जो स्वयं एक चिकित्सक भी हैं, ने बच्चों की जांच और स्थिति का अवलोकन करने के बाद स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया यह फूड पॉइजनिंग का मामला नहीं लगता है। उन्होंने संवाददाताओं को बताया:

  • ​लक्षणों का अभाव: फूड पॉइजनिंग की स्थिति में बच्चों को उल्टी (वॉमिटिंग) या पेट दर्द की शिकायत होती है, लेकिन यहाँ किसी भी बच्चे को ऐसे लक्षण नहीं थे।
  • ​बच्चे पूरी तरह स्वस्थ: कुल 15 बच्चे सदर अस्पताल पहुंचे थे, जिनमें से अधिकतर प्राथमिक उपचार के बाद अपने घर रवाना हो चुके हैं। केवल एक बच्ची ने सिरदर्द की शिकायत की है, जिस पर डॉक्टर नजर रखे हुए हैं।

​NGO के माध्यम से पहली बार हुई थी डिलीवरी

​प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आज भागलपुर के 157 विद्यालयों में पहली बार एनजीओ (NGO) के माध्यम से भोजन की आपूर्ति की गई थी।

  • ​गंगोता मैदान विद्यालय में कुल 125 बच्चों ने भोजन किया था।
  • ​इनमें से मात्र 15 बच्चों ने ही असहज महसूस होने की बात कही।
  • ​बाकी 156 विद्यालयों से किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

​जांच के लिए हाई-लेवल टीम गठित

​मामले की तह तक जाने और भविष्य में ऐसी किसी भी आशंका को रोकने के लिए जिलाधिकारी ने एक जांच टीम गठित करने का निर्देश दिया है। इस टीम में निम्नलिखित अधिकारी शामिल होंगे:

  1. ​अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), सदर
  2. ​जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO)
  3. ​डीपीओ (MDM)

​यह टीम भोजन की गुणवत्ता और आपूर्ति प्रक्रिया की विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

​अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

​DM के पहुंचने से पहले ही सदर अनुमंडल पदाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री राजकुमार शर्मा अस्पताल में मौजूद थे और बच्चों के इलाज की निगरानी कर रहे थे। प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सभी बच्चे सुरक्षित हैं।

​बिहार में बड़ी पहल: अब अंत्येष्टि के मात्र 24 घंटे में मिलेगा मृत्यु प्रमाण पत्र, पंचायत स्तर पर नई व्यवस्था शुरू

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Patna News: बिहार सरकार ने ‘सात निश्चय-03’ के “सबका सम्मान – जीवन आसान” संकल्प के तहत राज्य के नागरिकों को एक बड़ी राहत दी है। अब ग्राम पंचायतों में स्थित श्मशान घाट या कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार के मात्र 24 घंटे के भीतर परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) जारी कर दिया जाएगा।

​वार्ड सदस्य और पंचायत सचिव की होगी अहम भूमिका

​पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में इस नई व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:

  • ​प्रपत्रों की उपलब्धता: सभी वार्ड सदस्यों को प्रपत्र 02 और प्रपत्र 08 शीघ्र उपलब्ध कराए जाएं।
  • ​त्वरित कार्रवाई: मृत्यु प्रमाण पत्र पंचायत सचिव द्वारा ही निर्गत किया जाएगा ताकि परिजनों को प्रखंड कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
  • ​डिजिटल मॉनिटरिंग: विभाग ने इसके लिए एक विशेष पोर्टल विकसित किया है, जिसके जरिए यह ट्रैक किया जाएगा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रमाण पत्र मिला या नहीं।

​पंचायत सरकार भवनों और सोलर लाइट पर सख्त निर्देश

​बैठक में सचिव ने विभाग की अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की भी समीक्षा की और अधिकारियों को डेडलाइन दी:

  • ​पंचायत सरकार भवन: राज्य में अब तक 2819 पंचायत सरकार भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। जो भवन बनकर तैयार हैं, उन्हें तुरंत विभाग को हस्तांतरित कर क्रियाशील करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • ​स्ट्रीट सोलर लाइट: मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत जिन पंचायतों में काम अधूरा है, वहां 15 दिनों के अंदर लाइट लगाने का अल्टीमेटम दिया गया है। लापरवाह एजेंसियों पर अनुबंध के आधार पर कार्रवाई करने के भी आदेश दिए गए हैं।

​पारदर्शिता के लिए ‘ई-पंचायत बिहार पोर्टल’ का विस्तार

​पंचायती राज विभाग ने उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) की प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने के लिए ‘ई-पंचायत बिहार पोर्टल’ पर यूसी मॉड्यूल (UC Module) को जोड़ने का काम पूरा कर लिया है। इससे सरकारी राशि के खर्च और उसके हिसाब-किताब में मानवीय देरी और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म होगी।

​“हमारा लक्ष्य है कि ग्रामीण स्तर पर सरकारी सेवाओं को इतना सुलभ बनाया जाए कि आम जनता को परेशानी न हो। 24 घंटे में मृत्यु प्रमाण पत्र मिलना इसी दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।” > — मनोज कुमार, सचिव, पंचायती राज विभाग

 

​वित्त आयोग की राशि का होगा त्वरित उपयोग

​सचिव ने सभी जिलों के उप-विकास आयुक्तों (DDC) को निर्देशित किया कि 15वीं वित्त आयोग और छठे राज्य वित्त आयोग से प्राप्त राशि को जनकल्याणकारी योजनाओं पर तेजी से खर्च करें। बैठक में विभाग के निदेशक नवीन कुमार सिंह, अपर सचिव डॉ. आदित्य प्रकाश सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बिहार के कृषि क्षेत्र को मिलेगी नई रफ्तार: राम कृपाल यादव ने शिवराज सिंह चौहान से मांगा ‘विशेष पैकेज’

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New Delhi: बिहार में खेती-किसानी की तस्वीर बदलने और किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस बैठक में बिहार के कृषि परिदृश्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना और विशेष सहायता की मांग रखी गई।

​प्रमुख मांगें: दलहन-तिलहन पर विशेष फोकस

​कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने केंद्रीय मंत्री को एक मांग पत्र सौंपा, जिसमें बिहार के किसानों के हित में कई बड़े प्रस्ताव शामिल हैं:

    • ​MSP पर खरीद का विस्तार: पहली बार मसूर की खरीद की स्वीकृति के लिए आभार जताते हुए, बिहार सरकार ने अब चना, सरसों और अन्य तिलहन फसलों की भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरकारी खरीद शुरू करने का आग्रह किया है।
    • ​प्राथमिक राज्य का दर्जा: बिहार को देश में दलहन और तिलहन उत्पादन के लिए ‘प्राथमिक राज्य’ (Primary State) के रूप में सूचीबद्ध करने की मांग की गई है।
    • ​अतिरिक्त केंद्रीय सहायता: राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ के तहत बिहार के लिए विशेष फंड की अपील की गई है।

​“भारत सरकार बिहार में कृषि के विकास के लिए पूरी तरह तत्पर है। राज्य की आवश्यकताओं को देखते हुए हम जल्द ही बिहार के लिए एक विशेष कृषि विकास पैकेज सुनिश्चित करेंगे।” > — शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कृषि मंत्री

 

​डिजिटल क्रांति: 47 लाख किसानों की बनी ‘फार्मर आईडी’

​बैठक के दौरान राम कृपाल यादव ने बिहार में चल रहे डिजिटल सुधारों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि:

      1. ​राज्य में अब तक 47 लाख से अधिक किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है।
      2. ​कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार और राजस्व कर्मचारी मिशन मोड में कैंप लगाकर ‘फार्मर रजिस्ट्री’ का काम कर रहे हैं।
      3. ​इस डेटाबेस से भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से किसानों तक पहुँचेगा।

​खाद की कोई किल्लत नहीं: उर्वरक स्टॉक की ताजा स्थिति

​किसानों को राहत देते हुए कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में खाद का पर्याप्त भंडार मौजूद है। 01 अप्रैल 2026 तक के आधिकारिक आंकड़े इस प्रकार हैं:

उर्वरक का प्रकार

उपलब्ध स्टॉक (लाख मीट्रिक टन)

यूरिया

2.77

डीएपी (DAP)

1.46

एनपीके (NPK)

2.11

एमओपी (MOP)

0.43

एसएसपी (SSP)

1.02

केंद्र और राज्य सरकार के बीच हुई इस उच्च स्तरीय बैठक से बिहार के कृषि क्षेत्र में बड़े निवेश और ढांचागत सुधार की उम्मीद जगी है। यदि विशेष पैकेज को हरी झंडी मिलती है, तो बिहार देश के ‘खाद्यान्न भंडार’ के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकेगा।

बिहार का आर्थिक शंखनाद: GST कलेक्शन में रिकॉर्ड उछाल, राष्ट्रीय औसत को पछाड़कर बना देश का चौथा अग्रणी राज्य

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Patna News: बिहार के आर्थिक विकास और कर प्रशासन में सुधार के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखने लगे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन पर वाणिज्य कर विभाग ने शानदार आंकड़े पेश किए हैं, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया है। बिहार ने न केवल अपने राजस्व में बढ़ोतरी की है, बल्कि विकास दर के मामले में देश के कई बड़े राज्यों को पछाड़ते हुए राष्ट्रीय औसत से भी कहीं अधिक प्रदर्शन किया है।

​आंकड़ों की जुबानी: रिकॉर्ड तोड़ सफलता

​विभाग द्वारा जारी अनंतिम (Provisional) आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार ने कुल ₹32,801.35 करोड़ का जीएसटी संग्रहण किया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष (2024-25) की तुलना में 11.67 प्रतिशत अधिक है।

​आईजीएसटी (IGST) सेटलमेंट के बाद की स्थिति पर नज़र डालें तो:

  • ​शुद्ध जीएसटी संग्रहण: ₹32,077.22 करोड़।
  • ​शुद्ध वृद्धि दर: 9.20 प्रतिशत।
  • ​कुल कर संग्रहण (GST + Non-GST): ₹43,324.79 करोड़।

​राष्ट्रीय औसत बनाम बिहार: एक तुलना

​बिहार की आर्थिक मजबूती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य की वृद्धि दर राष्ट्रीय आंकड़ों से काफी बेहतर रही है।

श्रेणी

बिहार की वृद्धि दर

राष्ट्रीय औसत

मार्च 2026 (SGST + IGST समायोजन)

13%

5%

संपूर्ण नकद संग्रहण (Cash Collection)

10.60%

6.40%

इस प्रदर्शन के दम पर बिहार ने देश के बड़े राज्यों की श्रेणी में कुल संग्रहण वृद्धि दर के आधार पर चौथा स्थान प्राप्त कर अपनी आर्थिक साख मजबूत की है।

​लक्ष्य के करीब पहुँचा विभाग

​राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष के लिए ₹46,500 करोड़ का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके विरुद्ध विभाग ने 93.17 प्रतिशत सफलता हासिल कर ली है। अधिकारियों का मानना है कि जिस तरह से कर आधार (Tax Base) का विस्तार हो रहा है, आने वाले समय में लक्ष्य को पार करना और भी आसान होगा।

​सफलता के पीछे की रणनीति: डेटा और तकनीक का मेल

​वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस रिकॉर्ड वृद्धि के पीछे केवल बाजार की तेजी नहीं, बल्कि विभाग की चुस्त कार्यप्रणाली भी है। राजस्व बढ़ाने के लिए मुख्य रूप से इन चार स्तंभों पर काम किया गया:

  1. ​ई-वे बिल विश्लेषण: माल की आवाजाही पर कड़ी निगरानी।
  2. ​डेटा एनालिटिक्स: संदिग्ध लेन-देन की पहचान के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग।
  3. ​जोखिम आधारित जांच: टैक्स चोरी की संभावना वाले क्षेत्रों पर सटीक प्रहार।
  4. ​संवाद और सेवा: करदाताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान और प्रक्रिया का सरलीकरण।

​भविष्य की राह

​विभाग ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा है कि कर प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और सरल बनाया जाएगा। विभाग का लक्ष्य न केवल राजस्व बढ़ाना है, बल्कि ईमानदार करदाताओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान कर एक व्यापार-अनुकूल वातावरण तैयार करना भी है।

सुल्तानगंज में प्रतिभा का सम्मान: वैदिक जागृति मंच ने इंटर के मेधावी छात्र-छात्राओं को किया पुरस्कृत, IPS सायम रजा ने दिए सफलता के मंत्र

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Bhagalpur News: सुल्तानगंज प्रखंड के ए.के. गोपालन कॉलेज के प्रांगण में आज ‘वैदिक जागृति मंच’ द्वारा आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह में इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में सफल हुए छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना था।

​प्रमुख अतिथि और विशिष्ट उपस्थिति

​कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए प्रशासनिक और शैक्षणिक जगत की कई नामचीन हस्तियां मौजूद रहीं:

  • ​मुख्य अतिथि: प्रशिक्षु एएसपी (IPS) सायम रजा।
  • ​विशिष्ट अतिथि: बीडीओ संजीव कुमार, नगर सभापति राज कुमार गुड्डू, और ग्रामीण बीडीओ तन्नु कुमारी।
  • ​शिक्षाविद: मुरारका कॉलेज के प्राचार्य नागेंद्र तिवारी, ए.के. गोपालन कॉलेज के सचिव अर्जुन प्रसाद यादव, प्राचार्य उमेश प्रसाद, और इंटर कॉलेज प्राचार्य दिलीप कुमार यादव।
  • ​विशेष उपस्थिति: प्रबंध निदेशक (एक्विकैप एशिया) शक्तिधर सुमन।

​सम्मान और प्रोत्साहन: शील्ड और प्रमाण पत्र का वितरण

​कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित करने के साथ हुई। इसके बाद, मुख्य अतिथियों ने सुल्तानगंज प्रखंड के विभिन्न इंटर कॉलेजों से सफल होकर आए छात्र-छात्राओं को शील्ड और प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया। मंच का सफल संचालन ‘वैदिक जागृति मंच’ के अध्यक्ष द्वारा किया गया।

​सफलता के टिप्स: “मेहनत का कोई विकल्प नहीं”

​सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने छात्रों का मार्गदर्शन किया:

  • ​IPS सायम रजा ने छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा किए और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुशासन और कड़ी मेहनत की सलाह दी।
  • ​प्रशासनिक अधिकारियों ने करियर काउंसलिंग के टिप्स देते हुए बताया कि इंटर के बाद सही दिशा का चुनाव करना कितना महत्वपूर्ण है।

​अभिभावकों और शिक्षकों में दिखा उत्साह

​इस मौके पर भारी संख्या में छात्र-छात्राओं के साथ उनके अभिभावक और शिक्षक भी मौजूद थे। वैदिक जागृति मंच के इस प्रयास की सराहना करते हुए वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों से छात्रों का मनोबल बढ़ता है और उनमें आगे बढ़ने की नई ऊर्जा का संचार होता है।

नीतीश कुमार ने बिपार्ड स्किल पार्क का किया औचक निरीक्षण: बिहार के युवाओं को मिल रहा है वैश्विक मंच, 204 को मिला देश-विदेश में रोजगार

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Patna News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज पटना स्थित बिपार्ड (BIPARD) स्किल पार्क का विस्तृत भ्रमण और निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल वहां चल रहे हाई-टेक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का जायजा लिया, बल्कि प्रशिक्षुओं को दी जा रही आवासीय और भोजन (मेस) सुविधाओं की गुणवत्ता की भी बारीकी से जांच की।

​प्रमुख बिंदु: बिहार के कौशल विकास की नई तस्वीर

  • ​निरीक्षण की तिथि: 01 अप्रैल 2026।
  • ​मुख्य फोकस: युवाओं का कौशल विकास और रोजगार सृजन।
  • ​उपलब्धि: अब तक 204 प्रशिक्षुओं को देश और विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में मिला रोजगार।
  • ​सुविधा: निःशुल्क आवास, भोजन, वर्दी और आधुनिक ट्रेनिंग किट।

​हाई-टेक कोर्सेज से संवर रहा है युवाओं का भविष्य

​बिपार्ड स्किल पार्क में सरकारी कर्मियों के प्रशिक्षण के साथ-साथ आम युवाओं के लिए छह प्रमुख अत्याधुनिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जो सीधे रोजगार से जुड़े हैं:

  1. ​SAP (Systems Applications and Products): कॉर्पोरेट जगत के लिए अनिवार्य सॉफ्टवेयर ट्रेनिंग।
  2. ​CCNA (Cisco Certified Network Associate): नेटवर्किंग के क्षेत्र में ग्लोबल करियर।
  3. ​जेरियाट्रिक केयर गिवर: स्वास्थ्य सेवाओं में विशेष प्रशिक्षण।
  4. ​फैशन डिजाइनिंग: रचनात्मकता को प्रोफेशनल पहचान।
  5. ​कॉमिस (Commis) एवं असिस्टेंट बेकिंग टेक्नीशियन: हॉस्पिटलिटी सेक्टर में उज्ज्वल भविष्य।

​विदेशी भाषाओं का ज्ञान: बिहार के युवा अब बनेंगे ‘ग्लोबल’

​मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उन कार्यक्रमों की सराहना की जो युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्षम बना रहे हैं। यहां अंग्रेजी के साथ-साथ जर्मन, फ्रेंच, स्पैनिश और जापानी जैसी विदेशी भाषाओं का भी प्रशिक्षण दिया जाता है। इसका परिणाम यह है कि बिहार के युवा अब विदेशों में भी अपनी जगह बना रहे हैं।

​निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे कई दिग्गज

​इस महत्वपूर्ण दौरे के समय मुख्यमंत्री के साथ कई वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री उपस्थित थे, जिनमें शामिल हैं:

  • ​ विजय कुमार चौधरी: माननीय मंत्री, जल संसाधन विभाग।
  • ​ प्रत्यय अमृत: मुख्य सचिव, बिहार सरकार।
  • ​ दीपक प्रसाद: मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव।
  • ​ बी. राजेंद्र: महानिदेशक, बिपार्ड।
  • ​ कुमार रवि: सचिव, भवन निर्माण विभाग।

​आंकड़ों में सफलता

​अब तक बिपार्ड स्किल पार्क से कुल 667 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसमें सबसे बड़ी सफलता यह है कि इनमें से 204 प्रशिक्षुओं को देश और दुनिया के विभिन्न कोनों में रोजगार के बेहतरीन अवसर प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने स्किल पार्क की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया और इसे राज्य के युवाओं के लिए गेम-चेंजर बताया।

TMBU के 2600 से अधिक पेंशनरों का फूटा गुस्सा: कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन, लंबित पेंशन को लेकर सौंपा ज्ञापन

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Bhagalpur News: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) के रिटायर्ड कर्मचारियों और अधिकारियों के सब्र का बांध अब टूट गया है। ‘पेंशनर संघर्ष मंच भागलपुर’ के बैनर तले आज बड़ी संख्या में बुजुर्ग पेंशनरों ने अपनी मांगों को लेकर विश्वविद्यालय कैंपस में जोरदार प्रदर्शन किया। वर्षों तक विश्वविद्यालय को अपनी सेवा देने वाले ये पेंशनर आज अपने हक की राशि के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

​2669 परिवारों पर संकट: महीनों से लंबित है हक की राशि

​प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे नेताओं ने बताया कि विश्वविद्यालय के लगभग 2669 पेंशनर वर्तमान में विभिन्न वित्तीय समस्याओं से जूझ रहे हैं। कई महीनों से पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों का भुगतान न होने के कारण इन बुजुर्गों के सामने दवा और घर चलाने तक का संकट खड़ा हो गया है।

​कुलपति को सौंपा ज्ञापन: “आश्वासन नहीं, अब समाधान चाहिए”

​पेंशनरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति के नाम एक विस्तृत मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्होंने बार-बार विश्वविद्यालय प्रशासन को अपनी समस्याओं से अवगत कराया, लेकिन हर बार उन्हें केवल खोखले आश्वासन ही मिले।

​पेंशनरों की मुख्य शिकायतें:

  • ​बार-बार आवेदन देने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई।
  • ​पेंशन गणना और भुगतान में अनावश्यक देरी की जा रही है।
  • ​विश्वविद्यालय प्रशासन का रवैया रिटायर्ड कर्मचारियों के प्रति असंवेदनशील बना हुआ है।

​दिग्गजों की हुंकार: “हक की लड़ाई अब होगी तेज”

​इस प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय के पूर्व अधिकारियों और कर्मचारी नेताओं ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी।

​रामाशीष (पूर्व कुलसचिव, TMBU): “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस विश्वविद्यालय को हमने सींचा, वहीं आज हमें अपनी पेंशन के लिए प्रदर्शन करना पड़ रहा है। प्रशासन को अविलंब इस पर संज्ञान लेना चाहिए।”

 

​अमरेंद्र झा (रिटायर्ड कर्मचारी): “बुढ़ापे में पेंशन ही हमारा एकमात्र सहारा है। अगर विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता, तो हम चुप नहीं बैठेंगे।”

 

​पवन कुमार सिंह (संयोजक, पेंशनर समाज): “2669 पेंशनरों का भविष्य अधर में है। यह हमारे स्वाभिमान की लड़ाई है। यदि मांगों पर विचार नहीं हुआ, तो हम तालाबंदी और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।”

 

​आगे क्या? प्रशासन की चुप्पी और पेंशनरों की चेतावनी

​पेंशनरों ने साफ कर दिया है कि यह उनका अंतिम शांतिपूर्ण अनुरोध है। यदि अगले कुछ दिनों में उनके खातों में लंबित राशि नहीं आती है, तो विश्वविद्यालय को बड़े आंदोलन का सामना करना पड़ेगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इन बुजुर्गों की सुध लेता है या मामला और तूल पकड़ता है।

TMBU में छात्र राजद का जबरदस्त हंगामा: प्रभारी कुलपति का फूंका पुतला, दोहरे पदभार को लेकर विश्वविद्यालय में भारी आक्रोश

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Bhagalpur News: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) एक बार फिर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया है। छात्र राजनीति के गरमाते ही राष्ट्रीय जनता दल के छात्र संगठन (छात्र राजद) ने विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रभारी कुलपति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दर्जनों कार्यकर्ताओं ने कैंपस में जोरदार नारेबाजी की और प्रभारी कुलपति का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।

​मुख्य विवाद: एक व्यक्ति, दो पद और छात्रों की बढ़ती मुसीबतें

​प्रदर्शनकारी छात्रों का सबसे गंभीर आरोप विश्वविद्यालय में जारी ‘दोहरे पदभार’ की व्यवस्था को लेकर है। छात्र राजद के नेताओं का कहना है कि एक ही व्यक्ति को दो-दो महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इस प्रशासनिक अव्यवस्था के कारण विश्वविद्यालय का कामकाज ठप पड़ा है और छात्र हित से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लंबित हैं।

​“फाइलों में कैद हैं कुलपति”: छात्र नेताओं का तीखा प्रहार

​प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने प्रभारी कुलपति की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब भी वे विश्वविद्यालय आते हैं, तो उनका पूरा समय केवल फाइलों को निपटाने में निकल जाता है। छात्रों की समस्याओं को सुनने या उनके समाधान के लिए उनके पास समय नहीं है।

​छात्र राजद के मुख्य आरोप:

  • ​विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की बुनियादी समस्याओं के प्रति पूरी तरह उदासीन है।
  • ​कॉलेजों में छात्रों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए महीनों भटकना पड़ रहा है।
  • ​प्रभारी कुलपति का विजन छात्र हितों के पक्ष में नहीं दिख रहा है।

​नेताओं की हुंकार: “हटाओ प्रभारी कुलपति, बचाओ विश्वविद्यालय”

​इस आक्रोश प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने दो टूक शब्दों में प्रभारी कुलपति को तत्काल पद से हटाने की मांग की है।

​गुंजन यादव (महासचिव, छात्र राजद): “विश्वविद्यालय अब शिक्षा का मंदिर नहीं, बल्कि अराजकता का केंद्र बन गया है। जब तक दोहरे पदभार की व्यवस्था खत्म नहीं होती और छात्रों की सुनवाई शुरू नहीं होती, हमारा आंदोलन थमेगा नहीं।”

 

​लालू यादव (अध्यक्ष, छात्र राजद): “प्रशासन हमारी धैर्य की परीक्षा न ले। अगर जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और प्रभारी कुलपति को नहीं हटाया गया, तो आने वाले दिनों में छात्र राजद पूरे विश्वविद्यालय को ठप कर देगा।”

 

​प्रशासन और छात्रों के बीच बढ़ता टकराव

​गौरतलब है कि TMBU में पिछले कुछ समय से प्रशासन और छात्र संगठनों के बीच तल्खी बढ़ती जा रही है। आए दिन होने वाले प्रदर्शनों से शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है। छात्र राजद ने साफ कर दिया है कि यह केवल सांकेतिक प्रदर्शन था, मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

भागलपुर में नशा तस्करों पर पुलिस का बड़ा प्रहार: 38 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ दो गिरफ्तार

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में नशीले पदार्थों के काले कारोबार के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर कड़ा प्रहार किया है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के कड़े निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत लोदीपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने छापेमारी कर भारी मात्रा में ब्राउन शुगर बरामद की है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो मुख्य तस्करों को दबोचने में सफलता हासिल की है।

​प्रमुख बिंदु: एक नजर में

  • ​कुल बरामदगी: 38.373 ग्राम ब्राउन शुगर।
  • ​गिरफ्तार आरोपी: फूटो पासवान और आशीष मंडल।
  • ​इलाका: लोदीपुर थाना क्षेत्र (पासवान टोला)।
  • ​कार्रवाई की तिथि: 31 मार्च 2026।

​पुलिस की घेराबंदी और पहली गिरफ्तारी

​लोदीपुर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पासवान टोला इलाके में ब्राउन शुगर की बड़ी खेप की खरीद-बिक्री होने वाली है। सूचना के मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने जब पासवान टोला में छापेमारी की, तो पुलिस को देख एक संदिग्ध व्यक्ति भागने लगा। पुलिस के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उसे खदेड़कर पकड़ लिया।

​पकड़े गए व्यक्ति की पहचान फूटो पासवान के रूप में हुई। जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके पास से 12.960 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई।

​निशानदेही पर दूसरा तस्कर भी चढ़ा हत्थे

​फूटो पासवान से जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो उसने इस तस्करी के नेटवर्क से जुड़े दूसरे साथी का नाम उगल दिया। पुलिस ने बिना देर किए उसकी निशानदेही पर छापेमारी की और आशीष मंडल को गिरफ्तार कर लिया। आशीष के पास से पुलिस ने 25.413 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की। इस तरह पुलिस ने कुल 38.373 ग्राम नशीला पदार्थ जब्त किया है।

​सिटी एसपी की चेतावनी: “बख्शे नहीं जाएंगे अपराधी”

​इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि भागलपुर पुलिस नशे के सौदागरों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा:

​”जिले में अवैध शराब, आर्म्स और मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस रैकेट के मुख्य सरगना तक पहुँचा जा सके। नशा तस्करी में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।”

 

​कानूनी कार्रवाई तेज

​पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। बरामद नशीले पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत काफी अधिक बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह खेप कहाँ से लाई गई थी और इसे कहाँ सप्लाई किया जाना था।

भागलपुर: मिड-डे मील बना ‘जहर’! स्कूल का खाना खाते ही 15 बच्चों की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में मचा हड़कंप

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Bhagalpur News: भागलपुर शहर के हबीबपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत शाहजंगी गंगोटा मैदान स्थित प्राथमिक विद्यालय में आज उस वक्त कोहराम मच गया, जब मिड-डे मील (MDM) खाने के बाद एक साथ 15 बच्चों की तबीयत खराब हो गई। बच्चों को आनन-फानन में एंबुलेंस के जरिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने शिक्षा विभाग और भोजन आपूर्ति करने वाली संस्था की भारी लापरवाही को उजागर कर दिया है।

​“खट्टा था छोला, फिर भी भूख में खा लिया”— बच्चों की जुबानी

​अस्पताल में भर्ती बच्चों ने बताया कि आज स्कूल में खाने के लिए छोले-चावल दिए गए थे। बच्चों के मुताबिक, छोले का स्वाद बहुत अजीब और खट्टा था। मासूमों को अंदाजा नहीं था कि यह खाना उनके लिए मुसीबत बन जाएगा। भूख के कारण बच्चों ने खाना तो खा लिया, लेकिन कुछ ही देर बाद उन्हें तेज पेट दर्द, उल्टी और चक्कर आने लगे। देखते ही देखते एक-एक कर 15 बच्चों की हालत नाजुक हो गई।

​शिक्षक नदारद, आक्रोशित परिजनों ने किया हंगामा

​घटना की सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जब बच्चों को तड़पती हालत में अस्पताल लाया गया, तो वहां स्कूल का कोई भी शिक्षक या प्रधानाचार्य मौजूद नहीं था। बच्चों को बेसहारा देख परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी से भाग रहा है। सूचना मिलते ही हबीबपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए बच्चों के बेहतर इलाज में जुट गई।

​NGO के खाने पर उठे सवाल: पहले ही दिन बड़ी चूक

​जानकारी के अनुसार, जिले के स्कूलों में आज से ही एक एनजीओ (NGO) के माध्यम से मिड-डे मील वितरण की नई शुरुआत की गई थी। हालांकि यह खाना अन्य स्कूलों में भी भेजा गया था, लेकिन शाहजंगी विद्यालय में ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने से भोजन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या भोजन बासी था या उसे बनाने में लापरवाही बरती गई।

​”सभी बच्चों का इलाज सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में चल रहा है। शुरुआती लक्षणों से यह फूड पॉइजनिंग का मामला लग रहा है। फिलहाल सभी बच्चों की स्थिति स्थिर है और उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।” — ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक, सदर अस्पताल

 

​जांच के घेरे में स्कूल प्रशासन और एजेंसी

​जिला शिक्षा विभाग ने मामले को संज्ञान में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि भोजन के सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे और यदि एनजीओ या स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई चूक पाई जाती है, तो उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।