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मानवाधिकार संस्था ‘शरन्य’ और पुलिस की बड़ी कार्रवाई: गोराडीह में खूनी संघर्ष के बाद पीड़ितों को मिला न्याय का भरोसा

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Bhagalpur News: भागलपुर के गोराडीह थाना अंतर्गत बड़ी दोस्तनी इलाके में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ अपराधी प्रवृत्ति के कुछ असामाजिक तत्वों ने एक ही परिवार के सदस्यों पर जानलेवा हमला कर दिया। इस संकट की घड़ी में ‘शरन्य’ राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था की तत्परता और गोराडीह थाना की त्वरित कार्रवाई ने न केवल पीड़ितों की जान बचाई, बल्कि कानून व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास भी बढ़ाया है।

​घटना का विवरण: घर में घुसकर बेरहमी से की गई मारपीट

​31 मार्च 2026 की शाम लगभग 7:15 बजे, बड़ी दोस्तनी इलाके में सन्नाटा उस वक्त चीख-पुकार में बदल गया जब हथियारबंद अपराधियों ने विजय ठाकुर के घर पर धावा बोल दिया। अपराधियों के हाथों में लाठी, डंडे और भाले जैसे घातक हथियार थे।

​पीड़ितों की सूची:

  • ​विजय ठाकुर (70 वर्ष): परिवार के बुजुर्ग सदस्य।
  • ​रिठू ठाकुर (36 वर्ष): विजय ठाकुर के पुत्र।
  • ​रेखा देवी (30 वर्ष): रिठू ठाकुर की पत्नी।

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अपराधियों ने इन सभी को घर से घसीटकर बाहर निकाला और बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। हमले में तीनों बुरी तरह घायल हो गए और उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई।

​मानवाधिकार संस्था ‘शरन्य’ की निर्णायक भूमिका

​घटना की सूचना मिलते ही ‘शरन्य’ राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था के कार्यालय ने मामले की गंभीरता को समझा। जिसके बाद संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ ईशान सिन्हा ने बिना समय गंवाए अविलंब गोराडीह थाना प्रभारी से संपर्क साधा और हस्तक्षेप की मांग की। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के सक्रिय होने के कारण मामले ने तुरंत तूल पकड़ा और प्रशासन हरकत में आया।

​पुलिस की त्वरित कार्रवाई और उपचार

​सूचना मिलते ही गोराडीह थाना प्रभारी ने त्वरित संज्ञान लेते हुए पुलिस बल को घटनास्थल पर रवाना किया।

  1. ​मौके पर रेस्क्यू: पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँचकर घायलों को अपनी गाड़ी में बिठाया।
  2. ​प्राथमिक उपचार: सभी घायलों को तुरंत गोराडीह स्थानीय अस्पताल ले जाया गया।
  3. ​हायर सेंटर रेफर: घायलों की नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया, जहाँ चिकित्सकों की विशेष टीम ने तत्परता दिखाते हुए उनका उपचार शुरू किया। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

​थाना प्रभारी का आश्वासन: “बख्शे नहीं जाएंगे अपराधी”

​इधर, गोराडीह पुलिस ने मामले में कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया है कि:

​“कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। बहुत जल्द सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।”

 

संस्था का संदेश

​’शरन्य’ राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और समाज में शांति बनाए रखने की अपील की है। संस्था ने स्पष्ट किया है कि वह पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक इस मामले की निगरानी करती रहेगी।

मुंगेर में रिश्वतखोरी पर बड़ा प्रहार: 1.70 लाख घूस लेते आयुक्त कार्यालय का पेशकार गिरफ्तार

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Munger News: बिहार के Munger में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने गुरुवार को बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय में तैनात पेशकार मुकेश कुमार को 1.70 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से न केवल प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया, बल्कि भ्रष्ट अधिकारियों के बीच भी खौफ का माहौल बन गया है।
बताया जा रहा है कि यह मुंगेर जिले के इतिहास में निगरानी विभाग द्वारा की गई पहली बड़ी ‘ट्रैप’ कार्रवाई है, जिसने पूरे सिस्टम को झकझोर कर रख दिया है।

जमीन विवाद केस बना रिश्वतखोरी की जड़

मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार पेशकार मुकेश कुमार पिछले तीन वर्षों से अधिक समय से इस महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत था। मामला एक जमीन विवाद से जुड़े कोर्ट केस का है, जो प्रमंडलीय आयुक्त की अदालत में लंबित था। आरोप है कि मुकेश कुमार ने केस में अनुकूल कार्रवाई करने के बदले एक पक्षकार से मोटी रकम की मांग की थी।
पीड़ित लगातार हो रही मांग से परेशान होकर Vigilance Investigation Bureau Bihar से संपर्क किया और पूरी शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद निगरानी टीम ने मामले की गुप्त जांच शुरू की और सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया।

ऐसे हुआ रंगे हाथों गिरफ्तारी

गुरुवार को जैसे ही पीड़ित ने तयशुदा 1.70 लाख रुपये की रकम मुकेश कुमार को सौंपी, पहले से सादे लिबास में मौजूद निगरानी विभाग की टीम ने उसे तुरंत रंगे हाथों पकड़ लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से आयुक्त कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारियों में सन्नाटा छा गया।

पटना ले जाकर हो रही पूछताछ

गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम आरोपी पेशकार को अपने साथ Patna ले गई है, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में और भी लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है।

अधिकारी का बयान

इस कार्रवाई पर निगरानी विभाग के डीएसपी पवन कुमार ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ विभाग की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

मिड-डे मील से बिगड़ी बच्चों की तबीयत, स्कूल पहुंचकर विधायक Mithun Yadav ने की जांच

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Bhagalpur News: बिहार के Bhagalpur जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां मिड-डे मील खाने के बाद कई बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। यह घटना जगदीशपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय गंगोता मैदान, शाहजंगी की है, जहां बुधवार को भोजन करने के कुछ ही देर बाद बच्चों में पेट दर्द, उल्टी और चक्कर जैसे लक्षण दिखने लगे।
बताया जा रहा है कि इस घटना में तीन दर्जन से अधिक बच्चे प्रभावित हुए। बच्चों की हालत बिगड़ते देख स्कूल प्रशासन और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में सभी बच्चों को एंबुलेंस की मदद से Bhagalpur Sadar Hospital में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, सभी बच्चों की स्थिति अब नियंत्रण में बताई जा रही है।

मौके पर पहुंचे विधायक, जताई नाराजगी

घटना के अगले ही दिन नाथनगर के विधायक Mithun Yadav स्कूल पहुंचे और पूरे मामले की गहन जांच की। इस दौरान उनके साथ शाहजंगी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मो. सेराज, वार्ड सदस्य, विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षक और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
विधायक ने स्कूल परिसर का निरीक्षण किया और बच्चों, अभिभावकों तथा ग्रामीणों से घटना की पूरी जानकारी ली। उन्होंने मिड-डे मील की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए संबंधित एजेंसी के प्रति कड़ी नाराजगी जताई।

“बच्चों की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”

मीडिया से बात करते हुए विधायक मिथुन यादव ने साफ कहा कि बच्चों की सेहत के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जांच और सुधार की मांग

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी आक्रोश है। अभिभावकों ने मिड-डे मील की गुणवत्ता की नियमित जांच और निगरानी की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

भागलपुर में ‘गैस’ का संकट: आधुनिक किचन से गायब हुआ सिलेंडर, होटलों में फिर धधकने लगे कोयले के चूल्हे

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Bhagalpur News: सिल्क सिटी भागलपुर इन दिनों एक अजीबोगरीब संकट से जूझ रही है। रसोई गैस (LPG) की भारी किल्लत ने शहर के होटल और रेस्टोरेंट कारोबार की कमर तोड़ दी है। आलम यह है कि कभी आधुनिक गैस बर्नर पर पकने वाले व्यंजन अब पुराने दौर की तरह कोयले और लकड़ी के चूल्हों पर पकाए जा रहे हैं। गैस सिलेंडर न मिलने की वजह से बाजार में ‘पुराने दिन’ लौट आए हैं, लेकिन यह बदलाव प्रगति नहीं बल्कि मजबूरी का प्रतीक है।

​ मिठाई की दुकानों पर ‘कोयले’ का तड़का

​भागलपुर अपनी लजीज मिठाइयों के लिए मशहूर है, लेकिन गैस संकट ने हलवाइयों की कड़ाही ठंडी कर दी है।

  • ​उत्पादन में गिरावट: गैस की कमी के कारण छेना, खोया और अन्य मिठाइयों के निर्माण में भारी गिरावट आई है। कोयले के चूल्हे पर आंच धीमी होने के कारण मिठाई बनने में दोगुना समय लग रहा है।
  • ​ग्राहकों की नाराजगी: डिमांड के मुकाबले सप्लाई कम होने से कई दुकानों पर दोपहर होते-होते स्टॉक खत्म हो जा रहा है।

​ धुएं और कालीख के बीच काम करने की मजबूरी

​रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि उन्होंने लाखों रुपये खर्च कर किचन को ‘स्मोक-फ्री’ (धुआं रहित) बनाया था, लेकिन अब मजबूरी में फिर से कोयले का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इससे न केवल कारीगरों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है, बल्कि बर्तन और किचन की दीवारें भी काली हो रही हैं।

​ होटल स्टाफ का दर्द: “काम करना हुआ दूभर”

​गैस संकट का सबसे सीधा असर उन कर्मचारियों पर पड़ रहा है जो घंटों चूल्हे के सामने खड़े रहते हैं। गैस बर्नर को एक बटन से नियंत्रित किया जा सकता था, लेकिन कोयले की आग को संभालना और धुएं के बीच आंखें बचाकर काम करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

​प्रमुख बिंदु: एक नज़र में

समस्या

प्रभाव

गैस आपूर्ति

कई दिनों से कमर्शियल सिलेंडर की भारी किल्लत।

वैकल्पिक साधन

कोयला और लकड़ी के चूल्हों का बढ़ता उपयोग।

कारोबार पर असर

मिठाई और भोजन के उत्पादन में 30-40% की कमी।

स्वास्थ्य चिंता

धुएं के कारण किचन स्टाफ को सांस लेने में दिक्कत।

क्या कहते हैं होटल कर्मी?

​होटल स्टाफ छोटू कुमार ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया:

​“गैस नहीं मिलने से हमें बहुत दिक्कत हो रही है। सुबह से कोयला सुलगाने में ही घंटों निकल जाते हैं। कोयले की आंच पर खाना देर से बनता है, जिससे ग्राहक नाराज होकर चले जाते हैं। धुएं की वजह से आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ होती है, लेकिन काम तो करना ही है।”

निष्कर्ष: जल्द समाधान की दरकार

​शहर के कारोबारियों का कहना है कि अगर गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो कई छोटे रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर पहुँच जाएंगे। प्रशासन और गैस एजेंसियों को इस दिशा में तुरंत ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

भव्य कलश यात्रा के साथ नौ दिवसीय श्री राम कथा महोत्सव का शंखनाद

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Bhagalpur News: भक्ति, शक्ति और आस्था का अनूठा संगम आज जगदीशपुर प्रखंड के गोनू धाम स्थित तरडीहा गांव में देखने को मिला। अवसर था नौ दिवसीय ‘श्री राम कथा महोत्सव’ के भव्य शुभारंभ का। इस धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत एक विशाल और मनमोहक कलश शोभायात्रा के साथ हुई, जिसने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में सराबोर कर दिया।

​ श्रद्धा की डगर: हजारों महिलाओं ने उठाया कलश

​कलश शोभायात्रा का शुभारंभ श्री श्री 1008 गोनू बाबा धाम मंदिर परिसर से विधि-विधान के साथ हुआ।

  • ​भक्तिमय दृश्य: सिर पर मंगल कलश धारण किए हजारों की संख्या में माताएं, बहनें और युवतियां पीत वस्त्रों में कतारबद्ध होकर चल रही थीं।
  • ​झांकी का आकर्षण: शोभायात्रा में शामिल ‘राम दरबार’ की जीवंत झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। रास्ते भर ग्रामीणों ने श्रद्धापूर्वक पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया।

​ अयोध्या की गूँज: पंडित राजीव लोचन सरन करेंगे कथा वाचन

​अयोध्या धाम से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक पंडित राजीव लोचन सरन जी महाराज के सानिध्य में यह आयोजन हो रहा है। महोत्सव के दौरान:

  • ​सुंदरकांड पाठ: आयोजन समिति के अनुसार, सुंदरकांड के सामूहिक पाठ के साथ कथा का विधिवत श्रीगणेश किया गया।
  • ​दिव्य प्रसंग: आगामी नौ दिनों तक प्रभु श्री राम के जीवन प्रसंगों, उनके आदर्शों और रामायण के गूढ़ रहस्यों का श्रवण श्रद्धालुओं को कराया जाएगा।

​ यजमान और आयोजन समिति की सक्रियता

​इस महोत्सव को सफल बनाने में स्थानीय ग्रामीणों और आयोजन समिति का विशेष योगदान है। कार्यक्रम में मुख्य यजमान के रूप में अजय शुक्ला एवं शशिकांत शुक्ला अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

​इस अवसर पर मारुति नंदन चौधरी, राजेंद्र पांडेय, बिनोद शुक्ला, मोनू चौबे, पंकज शुक्ला, चंदन शुक्ला और मृत्युंजय शुक्ला समेत गांव के गणमान्य लोग एवं भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

​प्रमुख जानकारी: एक नज़र में

विवरण

जानकारी

स्थान

गोनू धाम, तरडीहा (जगदीशपुर)

अवधि

02 अप्रैल से 10 अप्रैल (9 दिवसीय)

मुख्य कथावाचक

पंडित राजीव लोचन सरन जी महाराज (अयोध्या)

विशेष आकर्षण

भव्य कलश यात्रा और राम दरबार झांकी

कथावाचक का संदेश

​पंडित राजीव लोचन सरन जी महाराज ने कहा कि “राम कथा केवल एक कहानी नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। आज के समय में मर्यादा पुरुषोत्तम राम के आदर्शों को अपनाना समाज के लिए अत्यंत आवश्यक है।”

कैंसर से डरें नहीं, जागरूक बनें: भागलपुर के राजकीय इंटर बालिका विद्यालय में छात्राओं को दिया गया सुरक्षा कवच

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Bhagalpur News: स्वास्थ्य के प्रति सजगता ही बीमारियों से बचने का सबसे प्रभावी हथियार है। इसी उद्देश्य के साथ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की भागलपुर इकाई द्वारा राजकीय इंटर बालिका विद्यालय में एक विशेष ‘कैंसर जागरूकता कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से स्कूली छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से शिक्षित किया गया।

​ विशेषज्ञों की टीम ने साझा किए महत्वपूर्ण सुझाव

​कार्यक्रम में शहर के जाने-माने चिकित्सकों ने शिरकत की, जिनमें IMA की अध्यक्ष डॉ. रेखा झा, सचिव डॉ. आर.पी. जायसवाल, डॉ. विभा चौधरी, डॉ. संगीता मिश्रा और डॉ. प्रीति शेखर प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं। डॉक्टरों की टीम ने छात्राओं को बताया कि कैंसर अब लाइलाज नहीं है, बशर्ते इसके लक्षणों की पहचान शुरुआती चरण में कर ली जाए।

​ सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर: लक्षण और बचाव

​डॉक्टरों ने छात्राओं को बताया कि महिलाओं में होने वाले कैंसर के मामलों में सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर सबसे आम हैं।

  • ​टीकाकरण (Vaccination): सचिव डॉ. आर.पी. जायसवाल ने महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि अब सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए प्रभावी वैक्सीन उपलब्ध है। छात्राओं को उचित समय पर टीकाकरण कराने की सलाह दी गई।
  • ​नियमित जांच: डॉक्टरों ने जोर दिया कि अगर परिवार में किसी को कैंसर का इतिहास रहा है या शरीर में कोई असामान्य गांठ या परिवर्तन दिखे, तो तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

​ स्वस्थ जीवनशैली ही असली पूंजी

​जागरूकता सत्र के दौरान छात्राओं को दैनिक जीवन में अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों के बारे में भी बताया गया:

  • ​स्वच्छता (Hygiene): व्यक्तिगत स्वच्छता कैंसर जैसी बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है।
  • ​संतुलित आहार: जंक फूड से दूरी और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन की महत्ता पर प्रकाश डाला गया।
  • ​नियमित व्यायाम: फिट रहने के लिए शारीरिक गतिविधियों को दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की गई।

​प्रमुख बिंदु: कार्यक्रम की मुख्य बातें

विषय

मुख्य संदेश

लक्ष्य

छात्राओं को कैंसर के प्रति जागरूक और सतर्क बनाना।

मुख्य वक्ता

डॉ. रेखा झा, डॉ. आर.पी. जायसवाल एवं अन्य विशेषज्ञ।

उपलब्धि

कैंसर के टीकाकरण और आधुनिक इलाज की जानकारी साझा की गई।

परामर्श

स्वच्छता, संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच।

स्वस्थ भविष्य की ओर एक कदम

​इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था ताकि वे न केवल स्वयं सुरक्षित रहें, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी इस जानलेवा बीमारी के प्रति शिक्षित कर सकें। विद्यालय की छात्राओं ने भी इस सत्र में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी शंकाओं का समाधान किया।

मालदा रेल मंडल में सेवानिवृत्त रेलकर्मियों को दी गई विदाई: दशकों की सेवा के लिए स्मृति-चिन्ह देकर किया गया सम्मानित

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Malda News: पूर्व रेलवे के मालदा मंडल में एक युग का समापन और नई पारी की शुरुआत का जश्न मनाया गया। बुधवार को डीआरएम कार्यालय स्थित ‘मंदर कॉन्फ्रेंस हॉल’ में आयोजित एक भव्य विदाई समारोह में उन रेलकर्मियों को सम्मानित किया गया, जो मार्च 2026 में अपनी कर्तव्यनिष्ठ सेवा पूरी कर सेवानिवृत्त हुए हैं।

​ समर्पण और निष्ठा का सम्मान

​यह कार्यक्रम मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM)  मनीष कुमार गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन और अपर मंडल रेल प्रबंधक (ADRM)  शिव कुमार प्रसाद के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का सफल समन्वय वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी  इंद्रजीत के नेतृत्व में कार्मिक विभाग द्वारा किया गया।

​ विभिन्न विभागों के 13 योद्धा हुए विदा

​भारतीय रेलवे के सुचारू संचालन में अपनी पूरी उम्र खपाने वाले कुल 13 कर्मचारियों को इस अवसर पर सम्मानित किया गया। ये कर्मचारी रेलवे के इन प्रमुख विभागों से संबद्ध थे:

  • ​सिग्नल एवं दूरसंचार (S&T)
  • ​इंजीनियरिंग और यांत्रिक (Mechanical)
  • ​परिचालन (Operating) और विद्युत (Electrical)
  • ​सुरक्षा (Security) एवं अन्य विभाग।

​ स्मृति-चिन्ह और सेवा अभिलेखों का वितरण

​समारोह के दौरान ADRM  शिव कुमार प्रसाद ने सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को स्मृति-चिन्ह और उनके सेवा अभिलेख (Service Records) प्रदान किए। उन्होंने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन की प्रगति में इन वरिष्ठ सदस्यों का योगदान अतुलनीय है और उनके अनुभव से नई पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए।

​प्रमुख बिंदु: कार्यक्रम की झलकियाँ

विवरण

जानकारी

कुल सेवानिवृत्त कर्मचारी

13

मुख्य अतिथि

श्री शिव कुमार प्रसाद (ADRM, मालदा)

स्थान

मंदर कॉन्फ्रेंस हॉल, डीआरएम कार्यालय

आयोजक

कार्मिक विभाग, मालदा मंडल

कर्मचारी कल्याण की अटूट परंपरा

​मालदा मंडल रेलवे की उस समृद्ध संस्कृति को निरंतर आगे बढ़ा रहा है, जहाँ हर कर्मचारी के योगदान को सराहा जाता है। समारोह में बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिकारी, पर्यवेक्षक और स्टाफ सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने अपने सहकर्मियों के बेहतर भविष्य और सुखद सेवानिवृत्त जीवन की कामना की।

​मंडल का संदेश: “सेवानिवृत्ति केवल कार्य से विमुक्ति है, रेल परिवार से नहीं। मालदा मंडल हमेशा अपने समर्पित कर्मचारियों का ऋणी रहेगा।”

लोकसभा में गूँजी भागलपुर की आवाज़: सांसद ने आकाशवाणी और दूरदर्शन के विस्तार का उठाया मुद्दा, केंद्र सरकार ने दिया जवाब

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Bhagalpur News: भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल ने क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और प्रसारण सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। 01 अप्रैल को लोकसभा सत्र के दौरान, सांसद ने प्रश्न संख्या 6080 के माध्यम से भागलपुर में आकाशवाणी (AIR) और दूरदर्शन (DD) की वर्तमान स्थिति, उनके डिजिटल विस्तार और स्थानीय कलाकारों को मिलने वाले अवसरों पर केंद्र सरकार का ध्यान आकृष्ट किया।

​ केंद्र सरकार का जवाब: डिजिटल हुआ भागलपुर आकाशवाणी

​सांसद के सवालों का जवाब देते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री ने भागलपुर के लिए कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं:

  • ​आधुनिक डिजिटल स्टूडियो: भागलपुर का आकाशवाणी केंद्र अब पूरी तरह से आधुनिक डिजिटल स्टूडियो से सुसज्जित हो चुका है।
  • ​17 घंटे का प्रसारण: वर्तमान में यह केंद्र प्रतिदिन 17 घंटे से अधिक के उच्च गुणवत्ता वाले कार्यक्रमों का प्रसारण कर रहा है।
  • ​ग्लोबल रीच: अब भागलपुर की खबरें और कार्यक्रम केवल रेडियो सेट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इन्हें ‘न्यूज़ ऑन एयर’ ऐप, ‘डीडी फ्री डिश’ और सरकार के नए ‘वेव्स’ (Waves) ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी दुनिया भर में सुना और देखा जा सकता है।

​ स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा मंच

​सांसद ने सदन में जोर देकर कहा कि भागलपुर की ‘अंगिका’ संस्कृति और यहां की क्षेत्रीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए डिजिटल विस्तार अनिवार्य है। उन्होंने कहा:

​“इन नई तकनीकी पहलों से हमारी क्षेत्रीय प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का वैश्विक मंच मिल रहा है, जिससे हमारी सांस्कृतिक विरासत संरक्षित और प्रचारित होगी।”

 

​ सामुदायिक रेडियो (Community Radio) पर विशेष जोर

​सांसद ने केवल सरकारी तंत्र ही नहीं, बल्कि सामुदायिक रेडियो नेटवर्क के विस्तार की भी पुरजोर वकालत की। उन्होंने मांग की कि भागलपुर के ग्रामीण इलाकों में सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए कम्युनिटी रेडियो को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, ताकि किसान, छात्र और स्थानीय उद्यमी सीधे लाभान्वित हो सकें।

​प्रमुख बिंदु: एक नज़र में

विषय

वर्तमान स्थिति / उपलब्धि

प्रसारण समय

प्रतिदिन 17+ घंटे

तकनीक

सुसज्जित डिजिटल स्टूडियो

प्लेटफॉर्म

न्यूज़ ऑन एयर, डीडी फ्री डिश, वेव्स (Waves) ओटीटी

मुख्य मांग

सामुदायिक रेडियो नेटवर्क का विस्तार और स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता

सांसद की इस पहल से उम्मीद जगी है कि भागलपुर आने वाले समय में पूर्वी बिहार का एक बड़ा मीडिया और कल्चरल हब बनकर उभरेगा। प्रसारण सेवाओं की मजबूती से न केवल सूचना का प्रवाह तेज होगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

पटना को मिलेगी जाम से मुक्ति: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निर्माणधीन योजनाओं का किया औचक निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

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Bhagalpur News: बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को राजधानी पटना की सूरत बदलने वाली विभिन्न निर्माणाधीन सड़क और पार्क परियोजनाओं का सघन निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट लहजे में अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, ताकि आम जनता को जल्द से जल्द राहत मिल सके।

​ पाटलिपुत्र कॉलोनी: आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा पार्क संख्या 113

​निरीक्षण की शुरुआत पाटलिपुत्रा कॉलोनी से हुई, जहाँ मुख्यमंत्री ने पार्क नम्बर 113 के निर्माण कार्य का जायजा लिया।

  • ​सुविधाएं: मुख्यमंत्री ने पार्क में घूमने-फिरने के ट्रैक, ओपन जिम और बच्चों के लिए खेल-कूद के क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया।
  • ​निर्देश: उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पार्क का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर पूरा करें ताकि स्थानीय निवासियों को बेहतर पर्यावरण और स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

​ कनेक्टिविटी पर फोकस: पाटलि पथ और नेहरू पथ का जुड़ाव

​मुख्यमंत्री ने पाटलि पथ पर रुककर नेहरू पथ (बेली रोड) को पाटलि पथ से जोड़ने वाले निर्माणाधीन फ्लाइओवर और सड़क कार्यों की समीक्षा की। इस लिंक के तैयार होने से उत्तर और दक्षिण पटना के बीच यातायात का दबाव काफी कम होने की उम्मीद है।

​ रूपसपुर नहर पथ: फोरलेन चौड़ीकरण से आसान होगा सफर

​खगौल, नेहरू पथ और अशोक राजपथ को आपस में जोड़ने वाले रूपसपुर नहर पथ के प्रस्तावित फोरलेन चौड़ीकरण और मजबूतीकरण कार्य की भी समीक्षा की गई।

  • ​लाभ: मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पथ के निर्माण से शहरवासियों को आवागमन के नए विकल्प मिलेंगे और स्थानीय कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी।

​ पश्चिमी पटना का कायाकल्प: सगुना मोड़ और गोला रोड

​पश्चिमी पटना के तेजी से होते विस्तार को देखते हुए मुख्यमंत्री ने दो महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर विशेष ध्यान दिया:

  • ​सगुना मोड़ नाला निर्माण: रूपसपुर से सगुना मोड़ तक लगभग 12 मीटर चौड़े कच्चे नाले पर बॉक्स पुलिया सह सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इससे न केवल जल निकासी बेहतर होगी, बल्कि सड़क की चौड़ाई बढ़ने से जाम से मुक्ति मिलेगी।
  • ​गोला रोड (कृष्णा चौक): नेहरू पथ से गोला पथ तक 2.20 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण कार्य का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “गोला रोड में जाम की समस्या गंभीर है, इसे प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करें ताकि दानापुर जाने वाले लोगों को सहूलियत हो।”

​निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे प्रमुख अधिकारी

​इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान मुख्यमंत्री के साथ बिहार सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी उपस्थित थे:

    • ​ विजय कुमार चौधरी, जल संसाधन मंत्री।
    • ​ दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव।
    • ​ पंकज कुमार पाल, सचिव, पथ निर्माण विभाग।
    • ​डॉ० त्यागराजन एस०एम०, जिलाधिकारी, पटना।
    • ​ कार्तिकेय के० शर्मा, वरीय पुलिस अधीक्षक।

​मुख्यमंत्री का संदेश: “पश्चिमी पटना का विकास हमारी प्राथमिकता है। इन सड़कों और पार्कों के निर्माण से शहर का सौंदर्यीकरण तो होगा ही, साथ ही यातायात व्यवस्था भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की बनेगी।”

मिडिल ईस्ट वॉर की भेंट चढ़ा भागलपुर का लाल: 20 दिन बाद वतन पहुंचा इंजीनियर देवनंदन का शव, चीखों से गूंजा मशाकचक

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Bhagalpur News: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध की आग ने बिहार के भागलपुर के एक परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया है। ईरान से भारत लौट रहे जहाज पर हुए मिसाइल हमले में शहीद हुए एडिशनल चीफ इंजीनियर देवनंदन प्रसाद सिंह का पार्थिव शरीर बुधवार को उनके पैतृक आवास भागलपुर के मशाकचक पहुंचा।

​जैसे ही तिरंगे में लिपटा ताबूत घर के दरवाजे पर उतरा, पूरा इलाका ‘देवनंदन अमर रहें’ के नारों और परिजनों की चीखों से दहल उठा। पिछले 20 दिनों से अपने लाडले की राह देख रहे परिजनों का सब्र टूट गया और वहां मौजूद हर आंख नम हो गई।

​कैसे हुआ था यह दर्दनाक हादसा?

​मृतक देवनंदन प्रसाद सिंह बिश्नोई कंपनी के एक विशाल मालवाहक जहाज पर एडिशनल चीफ इंजीनियर के पद पर तैनात थे। घटना के समय जहाज ईरान से सामान लेकर भारत की ओर लौट रहा था। इसी दौरान होर्मुज की खाड़ी (Strait of Hormuz) के पास युद्धरत देशों के बीच जारी मिसाइल हमले की चपेट में उनका जहाज आ गया।

  • ​हमले का स्वरूप: जहाज पर हुए भीषण मिसाइल हमले में देवनंदन प्रसाद सिंह गंभीर रूप से घायल हुए और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
  • ​लंबा इंतजार: अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल और युद्ध की स्थिति के कारण शव को भारत लाने में 20 दिन का लंबा समय लग गया।

​परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

​मशाकचक स्थित उनके आवास पर सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ जमा थी। देवनंदन न केवल अपने परिवार के स्तंभ थे, बल्कि मोहल्ले में भी अपनी मृदुभाषी छवि के लिए जाने जाते थे। उनकी पत्नी और बच्चों की स्थिति देख वहां मौजूद हर व्यक्ति की रूह कांप गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि देवनंदन एक होनहार इंजीनियर थे और देश के समुद्री व्यापार में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे थे।

​अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब

​शव पहुंचने की खबर मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में आम लोग देवनंदन प्रसाद सिंह को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। लोगों ने मांग की कि सरकार पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद करे और युद्ध क्षेत्र में फंसे अन्य भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

​“यह केवल एक परिवार की क्षति नहीं है, बल्कि भागलपुर ने अपना एक जांबाज तकनीकी अधिकारी खोया है। मिडिल ईस्ट के युद्ध ने आज हमारे घर के आंगन में मातम फैला दिया है।”

— एक शोकाकुल ग्रामीण