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मालदा रेल मंडल की बड़ी कामयाबी: न्यू फरक्का स्टेशन पर RPF ने पकड़ा ₹9 लाख का गांजा, दो तस्कर गिरफ्तार

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Malda News: रेलवे परिसरों और ट्रेनों में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में मालदा मंडल के रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और मंडल सुरक्षा आयुक्त आशीम कुमार कुल्लू के नेतृत्व में न्यू फरक्का रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई करते हुए RPF ने भारी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किया है।

​चेकिंग के दौरान सबवे के पास पकड़े गए तस्कर

​जानकारी के अनुसार, 31 मार्च को RPF पोस्ट न्यू फरक्का की टीम स्टेशन पर नियमित गश्त और सामान की जांच कर रही थी। इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या 1/2 (मालदा छोर) पर स्थित सबवे के पास दो संदिग्ध व्यक्तियों को देखा गया। पुलिस को देखते ही दोनों ने छिपने की कोशिश की, जिसके बाद RPF जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन्हें दबोच लिया।

​18 किलो से ज्यादा गांजा बरामद, कीमत ₹9.15 लाख

​जब पकड़े गए व्यक्तियों के सामान की गहन तलाशी ली गई, तो उनके पास से हरे रंग का मादक पदार्थ (गांजा) बरामद हुआ।

  • ​कुल वजन: लगभग 18.300 किलोग्राम।
  • ​अनुमानित कीमत: करीब ₹9,15,000 (नौ लाख पंद्रह हजार रुपये)।

​GRP को सौंपे गए आरोपी, आगे की कार्रवाई शुरू

​पकड़े गए दोनों आरोपियों को जब्त किए गए गांजे के साथ आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी (GRP) न्यू फरक्का के हवाले कर दिया गया है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि यह मादक पदार्थ कहाँ से लाया गया था और इसकी डिलीवरी कहाँ की जानी थी।

​”रेलवे परिसरों में किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों में नशा तस्करी रोकने के लिए मालदा मंडल का RPF दस्ता पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है।” — मंडल सुरक्षा आयुक्त, RPF मालदा

भागलपुर में हाई-लेवल मीटिंग: युद्ध के हालातों के बीच सप्लाई चेन पर सख्त निर्देश, अफवाह फैलाने वालों की खैर नहीं

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Bhagalpur News: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध की आहट के बीच भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। आज समीक्षा भवन में बिहार के लघु जल संसाधन विभाग के सचिव सह जिला प्रभारी सचिव बी. कार्तिकेय धनजी की अध्यक्षता में एक अति-महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के सभी आला अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें।

​आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई पर ‘कड़ी नजर’, जमाखोरी पर होगी कार्रवाई

​प्रभारी सचिव बी. कार्तिकेय धनजी ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि अंतर्राष्ट्रीय हालातों का असर आम जनता की रसोई पर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि:

  • ​खाद्य सामग्री और राशन: जिले के हर ब्लॉक और पंचायत स्तर पर अनाज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
  • ​पेट्रोल और गैस: पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस (LPG) की सप्लाई चेन को निरंतर मॉनिटर किया जाए ताकि कहीं भी किल्लत न हो।
  • ​बाजार नियंत्रण: अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि युद्ध की खबरों के बीच कोई दुकानदार अवैध भंडारण या कालाबाजारी न करे।

​प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोपरि

​बैठक में पश्चिम एशिया (Middle East) में काम कर रहे भागलपुर के प्रवासी श्रमिकों के हितों पर भी चर्चा हुई। सचिव ने निर्देश दिया कि अगर कोई श्रमिक वापस आता है या किसी को वहां परेशानी होती है, तो प्रशासन उनके परिजनों के साथ समन्वय बनाए रखे और हर संभव मदद पहुंचाए।

​“घबराएं नहीं, अफवाहों से बचें”— प्रभारी सचिव की अपील

​समीक्षा बैठक के बाद प्रभारी सचिव ने जिलेवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि भागलपुर में सभी जरूरी सामानों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

​”जिले में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। लोग सोशल मीडिया पर चल रही युद्ध संबंधी किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए हर स्तर पर सतर्क है।” — बी. कार्तिकेय धनजी, जिला प्रभारी सचिव

 

​प्रशासनिक सतर्कता और आगामी रणनीति

​बैठक में जिलाधिकारी सहित पुलिस और आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी विभागों को एक ‘कंट्रोल सिस्टम’ के तहत काम करने को कहा गया है ताकि किसी भी तरह की पैनिक (Panic) वाली स्थिति पैदा न हो।

आस्था का दो शताब्दियों का सफर: बैजानी गांव में ‘बेहरी पूजा’ की धूम, उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के जगदीशपुर प्रखंड अंतर्गत बैजानी गांव एक बार फिर भक्ति के रंग में सराबोर हो उठा। यहाँ की ऐतिहासिक और पारंपरिक ‘बेहरी पूजा’ बड़े ही श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। करीब 200 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में न केवल स्थानीय ग्रामीण, बल्कि दूर-दराज के इलाकों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने मां काली का आशीर्वाद लिया।

​बाढ़, स्वप्न और मां काली: क्या है इस पूजा का गौरवशाली इतिहास?

​इस प्राचीन पूजा के पीछे एक अद्भुत लोककथा जुड़ी है। ग्रामीण राजीव नंदन झा बताते हैं कि लगभग दो सौ साल पहले क्षेत्र में एक भीषण बाढ़ आई थी। उस प्रलयकारी बाढ़ के बीच एक श्रृंगारित पाकड़ का वृक्ष बहता हुआ नदी किनारे आकर रुक गया।

​उसी रात पंडित त्रिलोकी नाथ झा (स्वर्गीय) को मां काली ने स्वप्न में दर्शन दिए और उस स्थान पर अपनी स्थापना का निर्देश दिया। मां की आज्ञा पाकर उस पवित्र वृक्ष को जमीन पर स्थापित किया गया और एक छोटे से मंदिर से शुरू हुई यह पूजा आज एक भव्य मंदिर और विशाल आयोजन का रूप ले चुकी है। मान्यता है कि मां की कृपा से ही पंडित त्रिलोकी नाथ झा को संतान सुख की प्राप्ति हुई, जिसके बाद पूरे गांव की आस्था इस दरबार से अमिट रूप से जुड़ गई।

​धार्मिक अनुष्ठान: चैत्र मास की परंपरा और विधान

​बेहरी पूजा का आयोजन हर साल चैत्र मास में रामनवमी के बाद पड़ने वाले पहले मंगलवार या शनिवार को किया जाता है। इस वर्ष भी अनुष्ठान की शुरुआत मां के भव्य श्रृंगार और ध्वजारोहण के साथ हुई। दिन भर चले इस धार्मिक आयोजन में कई प्रमुख विधियाँ संपन्न हुईं:

  • ​फूलाइस और चंडी पाठ: पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ वातावरण भक्तिमय हो गया।
  • ​बलि और हवन: मां को प्रसन्न करने के लिए पारंपरिक बलि और महाहवन किया गया।
  • ​कन्या पूजन और भंडारा: अंत में कन्या पूजन, आरती और ब्राह्मण भोजन के साथ प्रसाद वितरण हुआ।

​मन्नत पूरी होने का अटूट विश्वास

​बैजानी गांव के लोगों का अटूट विश्वास है कि जो भी भक्त सच्चे मन से मां काली के दरबार में हाजिरी लगाता है, उसकी हर मुराद पूरी होती है। पूजा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों ने सक्रिय भूमिका निभाई। पूरे क्षेत्र में शंखध्वनि और मां काली के जयकारों से माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक बना रहा।

मुजफ्फरपुर: 200 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा ‘शोले’ का वीरू, प्रेमिका को बुलाने की जिद पर घंटों हाई वोल्टेज ड्रामा

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Bihar News: मुजफ्फरपुर शहर के सबसे व्यस्ततम इलाके में उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब एक सिरफिरा आशिक प्यार के जुनून में जंक्शन स्थित रेलवे कॉलोनी के 200 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ गया। युवक की मांग है कि जब तक उसकी प्रेमिका को वहां नहीं बुलाया जाता, वह नीचे नहीं उतरेगा।

​भीड़ ने थाम ली सांसें, मोबाइल में कैद हुआ मंजर

​जैसे ही लोगों की नजर टावर के शिखर पर बैठे युवक पर पड़ी, देखते ही देखते वहां सैकड़ों लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोग अपनी जान की परवाह किए बिना ऊपर चढ़े इस ‘आधुनिक मजनू’ को देख दंग रह गए। सड़कों पर आवाजाही रुक गई और लोग अपने मोबाइल कैमरों से इस पूरे ड्रामे का वीडियो बनाने लगे। टावर के नीचे खड़े लोग बस यही दुआ कर रहे थे कि कोई अनहोनी न हो जाए।

​पुलिस के छूटे पसीने, घंटों से जारी है मान-मनौव्वल

​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मी लाउडस्पीकर के जरिए युवक से नीचे उतरने का लगातार आग्रह कर रहे हैं, लेकिन युवक अपनी जिद पर अड़ा हुआ है। पुलिस प्रशासन के लिए स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है क्योंकि युवक जरा सी चूक पर नीचे कूदने की धमकी दे रहा है।

​”युवक मानसिक रूप से काफी उत्तेजित दिख रहा है। वह बार-बार अपनी प्रेमिका से मिलने की रट लगा रहा है। हम उसे सुरक्षित नीचे उतारने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं और रेस्क्यू टीम को भी अलर्ट पर रखा गया है।” — स्थानीय पुलिस अधिकारी

 

​प्यार का जुनून या पागलपन?

​घंटों बीत जाने के बाद भी युवक टावर की चोटी पर जमा हुआ है। रेलवे कॉलोनी परिसर में इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के कारण रेल कर्मियों और उनके परिवारों में भी डर का माहौल है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस ‘अड़े हुए आशिक’ को सुरक्षित नीचे उतारने में कब तक कामयाब हो पाता है।

नक्सलवाद पर ‘फाइनल प्रहार’: गृह मंत्री अमित शाह बोले- बस्तर अब लाल आतंक से मुक्त, विकास की नई गाथा लिख रहा है छत्तीसगढ़

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New Delhi: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज लोकसभा में आंतरिक सुरक्षा और देश के विकास पर चर्चा के दौरान नक्सलवाद के खात्मे को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और आत्मविश्वास से भरा बयान दिया। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि भारत सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के कारण देश के सबसे चुनौतीपूर्ण इलाकों में से एक ‘बस्तर’ अब लाल आतंक के साये से बाहर निकल चुका है और वहां विकास का सूरज तेजी से चमक रहा है।

​‘नक्सल मुक्त भारत’ का संकल्प

​अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में नक्सलवाद के खिलाफ जो रणनीति अपनाई गई है, उसके परिणाम अब धरातल पर साफ दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि नक्सली हिंसा की घटनाओं में 70% से अधिक की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा बलों की मजबूत तैनाती और खुफिया तंत्र के बेहतर तालमेल ने नक्सलियों की कमर तोड़ दी है।

​हथियार छोड़ विकास की राह पर बस्तर

​गृह मंत्री ने बस्तर का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि जो इलाका कभी सिर्फ बारूदी धमाकों और मुठभेड़ों के लिए जाना जाता था, आज वहां स्कूल, अस्पताल और सड़कें बन रही हैं। उन्होंने कहा, “बस्तर के युवाओं ने अब बंदूकों को छोड़कर कलम और कंप्यूटर थाम लिया है। स्थानीय लोगों का विश्वास अब नक्सलियों से उठकर लोकतांत्रिक व्यवस्था और शासन पर बढ़ा है।” उन्होंने उन नक्सलियों से भी अपील की जो अभी भी जंगलों में हैं, कि वे आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में शामिल हों, अन्यथा सुरक्षा बल अपनी कार्रवाई जारी रखेंगे।

​नया कैंप और नई सुरक्षा घेराबंदी

​शाह ने जानकारी दी कि घोर नक्सल प्रभावित इलाकों में नए ‘फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस’ (FOBs) स्थापित किए गए हैं। इन कैंपों ने न केवल नक्सलियों की रसद और आवाजाही रोकी है, बल्कि इन कैंपों के माध्यम से स्थानीय लोगों तक राशन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं भी पहुंचाई जा रही हैं। गृह मंत्री ने सुरक्षा बलों के बलिदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके अदम्य साहस के बिना यह संभव नहीं था।

भारत का डिजिटल अवतार: कल 1 अप्रैल से शुरू होगी देश की पहली ‘डिजिटल जनगणना’, मोबाइल ऐप से दर्ज होगा हर घर का डेटा

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​नई दिल्ली | ब्यूरो रिपोर्ट: भारत के प्रशासनिक इतिहास में कल, 1 अप्रैल 2026 का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होने जा रहा है। केंद्र सरकार देश की पहली ‘डिजिटल जनगणना’ (Digital Census) के पहले चरण का शंखनाद करने जा रही है। अब तक कागजों और फाइलों में सिमटी रहने वाली दुनिया की सबसे बड़ी गणना प्रक्रिया अब पूरी तरह हाई-टेक होने जा रही है।

​कल से शुरू होगा पहला चरण: मकानों की होगी लिस्टिंग

​जनगणना 2026 के पहले चरण में ‘हाउस लिस्टिंग’ यानी मकानों की सूची तैयार करने का काम शुरू होगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) को अपडेट करने की प्रक्रिया भी समानांतर रूप से चलेगी। देश भर में लाखों प्रगणक (Enumerators) अपने मोबाइल फोन और टैबलेट के साथ घर-घर पहुंचेंगे और डिजिटल माध्यम से सटीक जानकारी एकत्र करेंगे।

​सेल्फ इन्युमरेशन (Self-Enumeration): खुद भी भर सकेंगे अपनी जानकारी

​इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता ‘सेल्फ इन्युमरेशन’ की सुविधा है। सरकार द्वारा जारी किए गए विशेष मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के माध्यम से नागरिक स्वयं अपनी और अपने परिवार की जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें एक रेफरेंस नंबर दिया जाएगा, जिसे बाद में प्रगणक को दिखाकर वेरिफिकेशन कराया जा सकेगा। इससे समय की बचत होगी और डेटा की गोपनीयता भी बनी रहेगी।

​क्यों खास है डिजिटल जनगणना?

​डिजिटल जनगणना का सबसे बड़ा लाभ डेटा की सटीकता और तेजी है। पहले की जनगणना रिपोर्ट आने में कई साल लग जाते थे, लेकिन डिजिटल माध्यम से डेटा रियल-टाइम में सर्वर पर स्टोर होगा। इससे सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आवास जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का खाका तैयार करने में भारी मदद मिलेगी। ‘वन नेशन, वन डेटा’ के संकल्प को पूरा करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।

​सुरक्षा और गोपनीयता का पुख्ता इंतजाम

​डिजिटल डेटा को लेकर उठने वाले सवालों पर सरकार ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। डेटा को एन्क्रिप्टेड फॉर्म में स्टोर किया जाएगा और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों और नीति निर्धारण के लिए किया जाएगा।

भागलपुर: ‘प्रवेश से प्रगति तक’ के संकल्प के साथ शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी संपन्न, मेधावी बेटियाँ हुईं पुरस्कृत

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Bhagalpur News: शिक्षा की गुणवत्ता और स्कूल-अभिभावक के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के उद्देश्य से बिहार कन्या मध्य विद्यालय, मिरजानहाट में एक भव्य ‘शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी’ (PTM) का आयोजन किया गया। “प्रवेश से प्रगति तक एवं विद्यालय एवं अभिभावक साथ-साथ” थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में अभिभावकों ने हिस्सा लेकर बेटियों की शिक्षा के प्रति अपनी जागरूकता दिखाई।

​ Report Cards पाकर खिले छात्राओं के चेहरे

​संगोष्ठी के दौरान सत्र के परिणाम घोषित किए गए और छात्राओं के बीच प्रगति पत्रक (Report Cards) का वितरण किया गया। बेहतर अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को स्कूल की प्रधानाध्यापिका सुमन कुमारी ने पुरस्कृत कर उनका हौसला बढ़ाया। वहीं, जिन छात्राओं का प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा, उन्हें शिक्षकों और प्रधानाध्यापिका ने प्यार से प्रोत्साहित करते हुए आगे बेहतर करने के टिप्स दिए।

​TLM प्रदर्शनी ने जीता अभिभावकों का दिल

​कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छात्राओं द्वारा तैयार किए गए TLM (Teaching Learning Material) की प्रदर्शनी रही। बच्चियों की रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच को देखकर अभिभावक दंग रह गए और उन्होंने स्कूल की इस पहल की जमकर तारीफ की। प्रधानाध्यापिका सुमन कुमारी ने इस सफलता का श्रेय वर्ग शिक्षकों की मेहनत को देते हुए पुष्पा कुमारी, अर्पित राज, टुन्नी कुमारी, पिंकी कुमारी, चिरंजीव राज, मो. मुजफ्फर नौशाद और आशीष कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया।

नालंदा में मातम: मां शीतला मंदिर में भगदड़ से 8 महिलाओं की मौत, IG का बड़ा एक्शन; थाना प्रभारी समेत 4 सस्पेंड

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Patna News: चैत्र मास के आखिरी मंगलवार और महावीर जयंती के अवसर पर नालंदा के मघड़ा गांव स्थित प्रसिद्ध मां शीतला मंदिर में भारी भीड़ उमड़ी थी। सुबह करीब 10 बजे अचानक मची भगदड़ में 8 महिलाओं की दबकर मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हैं। घटना के बाद पूरे जिले में चीख-पुकार मची हुई है।

​कैसे हुई घटना?

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर में क्षमता से कहीं अधिक भीड़ जमा हो गई थी। इसी दौरान अचानक किसी अफवाह या धक्का-मुक्की की वजह से भगदड़ मच गई। बैरिकेडिंग टूट गई और लोग एक-दूसरे को कुचलते हुए भागने लगे। मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं का आरोप है कि प्रशासन की ओर से भीड़ नियंत्रण के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे।

​मृतकों की सूची (पहचान):

​प्रशासन द्वारा अब तक मृत महिलाओं की पहचान कर ली गई है:

  1. ​रीता देवी – सकुंत मोहल्ला, बिहारशरीफ
  2. ​रेखा देवी – नूरसराय
  3. ​अनुष्का देवी – रहुई
  4. ​कांति देवी – नवादा
  5. ​देवंती देवी – इस्लामपुर
  6. ​मालो देवी – हिलसा
  7. ​चिंता देवी – रहुई
  8. ​कांति देवी – दीपनगर

​प्रशासनिक कार्रवाई और मुआवजा

​घटना पर पटना आईजी ने सख्त रुख अपनाते हुए दीपनगर थाना प्रभारी राजमणि सहित चार पुलिसकर्मियों को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है।

  • ​मुआवजा: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के परिजनों को 6-6 लाख रुपये (4 लाख आपदा राहत कोष + 2 लाख मुख्यमंत्री राहत कोष) देने की घोषणा की है। वहीं केंद्र सरकार ने भी 2 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया है।

भागलपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी: घोघा लूटकांड का एक और आरोपी पटना से गिरफ्तार, अब तक 8 पहुंचे सलाखों के पीछे

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Bhagalpur News: भागलपुर के घोघा थाना क्षेत्र में घटित चर्चित लूटकांड मामले में पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के कड़े निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, पुलिस ने इस कांड में शामिल एक और शातिर अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अब तक कुल 8 अपराधियों को जेल भेजा जा चुका है।

​पटना के महावीर मंदिर के पास से हुई गिरफ्तारी

​लूटकांड के उद्भेदन के लिए गठित विशेष टीम ने तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने मामले के आरोपी भादो उर्फ सुनील मंडल को पटना रेलवे स्टेशन स्थित प्रसिद्ध महावीर मंदिर के पास से दबोच लिया। सुनील मंडल इस लूटकांड के बाद से ही फरार चल रहा था और पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए ठिकाने बदल रहा था।

​क्या था पूरा मामला?

​बीती 31 जनवरी 2026 को मिर्जाचौकी-मुंगेर फोरलेन के पास राहुल कुमार नामक युवक से अपराधियों ने कट्टा दिखाकर मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान लूट लिए थे। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल था। पीड़ित के बयान पर घोघा थाना में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद पुलिस लगातार अपराधियों के पीछे लगी हुई थी।

​सिटी एसपी ने दी जानकारी

​सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि इस गिरोह के खिलाफ पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि सुनील मंडल की गिरफ्तारी से पहले ही इस कांड में शामिल 7 अन्य अपराधियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के अन्य नेटवर्क और फरार साथियों का सुराग मिल सके।

भागलपुर में कोहराम: गर्भपात के दौरान महिला की मौत, परिजनों ने डॉक्टर और आशा कार्यकर्ता पर लगाया लापरवाही का आरोप

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के पीरपैंती थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ गर्भपात (Abortion) के दौरान एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतका के परिजनों में भारी आक्रोश है। परिजनों का सीधा आरोप है कि स्थानीय डॉक्टर और आशा कार्यकर्ता की घोर लापरवाही के कारण एक हँसते-खेलते परिवार की खुशियाँ मातम में बदल गईं।

​क्या है पूरा मामला?

​मृतक महिला की पहचान पीरपैंती के दिलौड़ी कालीप्रसाद निवासी पिंकी देवी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि पिंकी देवी करीब तीन महीने की गर्भवती थीं, लेकिन गर्भ में पल रहा बच्चा खराब हो गया था। सुरक्षित गर्भपात के लिए परिजन एक स्थानीय डॉक्टर के पास गए थे। आरोप है कि एक आशा कार्यकर्ता के माध्यम से यह पूरी प्रक्रिया अपनाई गई और गर्भपात के तुरंत बाद महिला को घर भेज दिया गया।

​‘गैस की समस्या’ बताकर पल्ला झाड़ा

​परिजनों के अनुसार, घर पहुँचते ही पिंकी देवी को असहनीय पेट दर्द शुरू हुआ। जब वे दोबारा डॉक्टर के पास पहुँचे, तो डॉक्टर ने इसे गंभीरता से लेने के बजाय ‘गैस की समस्या’ बताकर टाल दिया। जब हालत और ज्यादा बिगड़ने लगी, तो आनन-फानन में उन्हें मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया गया। लेकिन अफसोस, मायागंज पहुँचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

​परिजन अनुज रजक का बयान: “हम अपनी बहन को सही इलाज के लिए ले गए थे। आशा के जरिए गर्भपात कराया गया, लेकिन बाद में जब दर्द बढ़ा तो डॉक्टर बोले कि सिर्फ गैस है। मायागंज पहुँचते-पहुँचते उसकी जान चली गई।”