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बिहार में ‘दृष्टि’ अभियान का महा-चरण शुरू: 26 जिलों के 51 केंद्रों पर आज से मुफ्त नेत्र जाँच और चश्मा वितरण

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Patna News: बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा राज्य में अंधापन और दृष्टि दोष की रोकथाम के लिए चलाया जा रहा विशेष अभियान अब अपने निर्णायक मोड़ पर है। सोमवार, 6 अप्रैल से इस महा-अभियान का तीसरा और अंतिम चरण शुरू हो गया है। इस चरण के तहत राज्य के 26 जिलों के 51 बुनियाद केंद्रों पर शिविर लगाकर लोगों की आँखों की मुफ्त स्क्रीनिंग की जा रही है।

​ 26 जिलों में फैला अभियान का जाल

​तीसरे चरण में बिहार के सीमावर्ती इलाकों से लेकर मध्य बिहार तक के 26 जिलों को कवर किया जा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • ​उत्तर एवं पूर्वी बिहार: अररिया, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, अररिया।
  • ​अंग एवं मिथिलांचल: भागलपुर, बांका, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर।
  • ​मगध एवं शाहाबाद: गया, औरंगाबाद, नवादा, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास।
  • ​अन्य जिले: बेगुसराय, लखीसराय, सारण, शिवहर, सीतामढ़ी, पूर्वी एवं पश्चिमी चंपारण।

​ 1 लाख चश्मा वितरण का संकल्प

​सरकार ने इस अभियान को केवल जाँच तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि जरूरतमंदों को मुफ्त चश्मा भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

  • ​वितरण लक्ष्य: प्रत्येक बुनियाद केंद्र पर 1000 चश्मे बांटने का लक्ष्य है, जिससे पूरे राज्य में कुल 1 लाख चश्मे वितरित किए जाएंगे।
  • ​अब तक की प्रगति: पहले और दूसरे चरण (जो 23 और 30 मार्च से शुरू हुए थे) में अब तक 16,764 लोगों की जाँच की जा चुकी है, जिनमें से 14,048 लोगों को चश्मा देने के लिए चिन्हित किया गया है।
  • ​समय सीमा: आँखों की जाँच के 15 दिनों के भीतर चश्मा वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

​ सचिव बंदना प्रेयषी ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा

​अभियान की गंभीरता को देखते हुए विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी स्वयं जमीनी स्तर पर निगरानी कर रही हैं। रविवार को उन्होंने पुपरी (सीतामढ़ी) स्थित बुनियाद केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने शिविर में आए बुजुर्गों और आम लोगों से बातचीत की और केंद्र प्रबंधकों को निर्देश दिया कि इस शिविर का व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी इसका लाभ मिले।

​ हेल्पलाइन नंबर: घर बैठे मिलेगी जानकारी

​आम लोगों की सुविधा के लिए ‘सक्षम’ द्वारा एक टोल-फ्री नंबर जारी किया गया है।

​टोल-फ्री नंबर: 18003456262 > इस नंबर पर कॉल करके आप अपने नजदीकी बुनियाद केंद्र का पता और शिविर की तारीखों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री के ‘सक्षम’ बिहार के सपने को साकार करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। राज्य स्वास्थ्य समिति से सूचीबद्ध विशेषज्ञ एजेंसियों द्वारा की जा रही यह स्क्रीनिंग न केवल लोगों को मोतियाबिंद और दृष्टि दोष से बचाएगी, बल्कि बिहार को अंधापन मुक्त बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।

महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल: अब बिजली विभाग के कार्यालयों को चमकाएंगी ‘जीविका दीदियां’

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Patna News: बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली जीविका दीदियां अब स्वच्छता दूत के रूप में एक नई पहचान बनाने जा रही हैं। महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) और साउथ बिहार पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एसबीपीडीसीएल) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) हुआ है। इस पहल के तहत अब बिजली विभाग के 65 प्रमुख कार्यालयों की साफ-सफाई की जिम्मेदारी जीविका दीदियों के हाथों में होगी।

​ स्वच्छता के साथ आत्मनिर्भरता की ओर कदम

​जीविका दीदियां पहले से ही स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अपनी सेवाओं का लोहा मनवा रही हैं। अब बिजली विभाग के साथ हुई इस नई साझेदारी से सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ महिलाओं के लिए सम्मानजनक आजीविका का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

  • ​व्यापक कार्यक्षेत्र: राज्य के मेडिकल कॉलेजों, जिला एवं अनुमंडल अस्पतालों के साथ-साथ अनुसूचित जाति/जनजाति और पिछड़ा वर्ग के आवासीय विद्यालयों में भी दीदियां सफलतापूर्वक स्वच्छता कार्य संभाल रही हैं।
  • ​नॉर्थ बिहार में भी विस्तार: नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (NBPDCL) के कार्यालयों में भी यह मॉडल सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है।

​# 7000 महिलाओं को मिला सीधा रोजगार

​राज्य सरकार की इस पहल का सबसे बड़ा सकारात्मक प्रभाव रोजगार सृजन पर पड़ा है।

  1. ​बढ़ता नेटवर्क: वर्तमान में राज्य भर की 700 से अधिक इकाइयों में जीविका दीदियां अपनी सेवाएं दे रही हैं।
  2. ​आर्थिक मजबूती: इस परियोजना से सीधे तौर पर 7000 से अधिक महिलाओं को रोजगार मिला है।
  3. ​सम्मानजनक आय: इन दीदियों की मासिक आय ₹8,000 से ₹12,000 तक है, जिससे वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रही हैं।

​ क्या बोले मंत्री: “यह मॉडल बनेगा उदाहरण”

​इस ऐतिहासिक पहल पर ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने खुशी जाहिर करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

​मंत्री का संदेश: “सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता का जिम्मा जीविका समूहों को देना रोजगार सृजन और सेवा की गुणवत्ता के लिए एक बड़ा बदलाव है। हमारा लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाना है। आने वाले समय में इस मॉडल को अन्य विभागों में भी विस्तार दिया जाएगा।”

बिहार सरकार की यह पहल न केवल सरकारी कार्यालयों की सूरत बदलेगी, बल्कि हजारों ग्रामीण महिलाओं के जीवन में खुशहाली और आत्मविश्वास का संचार करेगी। जीविका दीदियों का यह बढ़ता दायरा ‘विकसित बिहार’ की दिशा में एक मजबूत हस्ताक्षर है।

भागलपुर में जुटेगा देश भर के दिग्गज डॉक्टरों का महाकुंभ, JLNMCH में 11 अप्रैल से सजेगी ‘पैथोलॉजी’ की पाठशाला!

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Bhagalpur News: भागलपुर में मेडिकल शिक्षा के प्रमुख केंद्र, जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय (JLNMCH) में आगामी 11 और 12 अप्रैल को दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तर का कॉन्फ्रेंस एवं वर्कशॉप आयोजित होने जा रहा है। इस भव्य आयोजन में देशभर के नामी-गिरामी पैथोलॉजिस्ट शिरकत करेंगे और चिकित्सा जगत की आधुनिक चुनौतियों व शोधों पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे।

​ प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुआ आयोजन की रूपरेखा का खुलासा

​इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर संस्थान परिसर में एक प्रेस वार्ता बुलाई गई। आयोजन समिति के सदस्यों ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य पैथोलॉजी के क्षेत्र में हो रहे नित नए बदलावों और नवीन शोधों (Latest Research) से स्थानीय चिकित्सकों व छात्रों को अवगत कराना है।

  • ​मुख्य फोकस: कैंसर निदान, रक्त संबंधी बीमारियां और डिजिटल पैथोलॉजी जैसी आधुनिक तकनीकों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
  • ​प्रतिभागी: देश के विभिन्न राज्यों से वरिष्ठ पैथोलॉजिस्ट, शोधकर्ता और चिकित्सा विशेषज्ञ इस मंच पर अपने अनुभव साझा करेंगे।

​ चिकित्सा छात्रों और डॉक्टरों के लिए सुनहरा अवसर

​दो दिवसीय इस कार्यक्रम को कई तकनीकी सत्रों में बांटा गया है। इसमें न केवल व्याख्यान होंगे, बल्कि हैंड्स-ऑन वर्कशॉप का भी आयोजन किया जाएगा।

​आयोजकों का संदेश: “यह कॉन्फ्रेंस मेडिकल छात्रों और जूनियर डॉक्टरों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। विशेषज्ञों से सीधे संवाद और नई तकनीकों को करीब से देखने से उनकी कार्यक्षमता और ज्ञान में जबरदस्त वृद्धि होगी, जिसका सीधा लाभ मरीजों को मिलेगा।”

 

​ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में होगा सुधार

​आयोजन समिति को उम्मीद है कि इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों से भागलपुर ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वी बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। पैथोलॉजी को किसी भी बीमारी के सटीक इलाज की ‘रीढ़’ माना जाता है, और इस वर्कशॉप के जरिए जांच की नई विधाओं को अपनाने पर जोर दिया जाएगा।

भागलपुर: भाजपा के 47वें स्थापना दिवस पर उमड़ा कार्यकर्ताओं का सैलाब, खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने फूंकी नई जान

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Bhagalpur News: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का 47वां स्थापना दिवस सिल्क सिटी भागलपुर में बड़े ही गौरव और धूमधाम के साथ मनाया गया। स्थानीय जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। केसरिया झंडों और ‘भारत माता की जय’ के नारों से पूरा कार्यालय परिसर गूंज उठा।

​ मुख्य अतिथि खेल मंत्री श्रेयसी सिंह का जोरदार स्वागत

​इस विशेष अवसर पर बिहार सरकार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। भागलपुर पहुँचते ही कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य अभिनंदन किया। उनके आगमन ने स्थानीय कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार कर दिया।

​ “देश की सबसे मजबूत शक्ति है भाजपा” – श्रेयसी सिंह

​अपने संबोधन में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने पार्टी की विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:

  • ​कार्यकर्ताओं की मेहनत: आज भाजपा अगर दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है, तो इसका पूरा श्रेय उन लाखों समर्पित कार्यकर्ताओं को जाता है जिन्होंने जमीन पर पसीना बहाया है।
  • ​जनता का भरोसा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की जनता का अटूट विश्वास ही हमारी असली ताकत है।
  • ​भविष्य का संकल्प: उन्होंने आह्वान किया कि स्थापना दिवस के इस अवसर पर सभी कार्यकर्ता संकल्प लें कि वे सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुँचाएंगे।

​ संगठन के विस्तार पर चर्चा और सामूहिक संकल्प

​स्थापना दिवस के इस कार्यक्रम में केवल उत्सव ही नहीं, बल्कि भविष्य की रणनीति पर भी मंथन हुआ।

  1. ​वरिष्ठ नेताओं के विचार: जिले के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने पार्टी के सिद्धांतों और संगठन विस्तार की रूपरेखा साझा की।
  2. ​एकजुटता का संदेश: आगामी राजनीतिक चुनौतियों और कार्यक्रमों को लेकर सभी ने एकजुट होकर पार्टी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की शपथ ली।
  3. ​मिठाई वितरण: कार्यक्रम के अंत में कार्यकर्ताओं के बीच मिठाई बांटकर खुशियां मनाई गईं।

​भागलपुर में सनसनी: खेत में दफन मिला किशोरी का शव, JCB से खुदाई कर पुलिस ने निकाला बाहर

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Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। जिले के बाखरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सोनू टोला गांव के पास एक खेत से पुलिस ने जमीन में गाड़ा हुआ एक किशोरी का शव बरामद किया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और लोग किसी बड़ी अनहोनी की आशंका जता रहे हैं।

​ ग्रामीणों की सूचना पर पहुँची पुलिस, JCB से हुई खुदाई

​घटना की शुरुआत तब हुई जब स्थानीय ग्रामीणों ने सोनू टोला गांव से करीब 500 मीटर उत्तर स्थित एक खेत में मिट्टी धंसी हुई और कुछ संदिग्ध दबा होने की सूचना पुलिस को दी।

  • ​त्वरित कार्रवाई: सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर अरुण कुमार और थानाध्यक्ष नागेंद्र कुमार राम दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे।
  • ​खुदाई का मंजर: संदिग्ध स्थान की घेराबंदी कर जेसीबी मशीन बुलाई गई। जैसे-जैसे मिट्टी हटाई गई, जमीन के अंदर से एक शव बरामद हुआ, जिसे देख वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए।
  • ​शव की स्थिति: प्राथमिक जांच के अनुसार शव किसी लड़की या महिला का प्रतीत हो रहा है। शव को बेहद ही सुनियोजित तरीके से छिपाने के उद्देश्य से जमीन में दफन किया गया था।

​ FSL टीम ने जुटाए साक्ष्य, पहचान की कोशिश जारी

​मामले की गंभीरता और हत्या की आशंका को देखते हुए देर शाम एफएसएल (FSL) की टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से मिट्टी के नमूने और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य इकट्ठा किए हैं।

​पुलिस का बयान: फिलहाल पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अभी तक मृतका की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों का मिलान कर रही है ताकि शव की शिनाख्त हो सके।

 

​ इलाके में दहशत और चर्चाओं का बाजार गर्म

​खेत में शव मिलने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोग इसे प्रेम-प्रसंग या किसी रंजिश में की गई निर्मम हत्या से जोड़कर देख रहे हैं। पुलिस हर पहलू पर गहन जांच कर रही है।

​भागलपुर: घर में फंदे से लटका मिला 13 वर्षीय किशोर का शव, परिजनों में मचा कोहराम

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मुस्तफापुर कमर टोली में रविवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ एक 13 वर्षीय किशोर ने अपने ही घर में फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

​ घटना का विवरण: खेत से लौटते ही पसरा सन्नाटा

​मृतक की पहचान बादल कुमार पासवान (13 वर्ष) के रूप में हुई है, जो सच्चिदानंद पासवान का पुत्र था। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार:

  • ​सुबह की स्थिति: रविवार सुबह परिवार के सभी सदस्य रोजाना की तरह पास के खेत में काम करने गए थे। बादल भी उनके साथ खेत पर ही था।
  • ​अचानक वापसी: कुछ देर काम करने के बाद बादल अकेले ही घर लौट आया। परिजनों को लगा कि वह शायद थक गया है या किसी काम से घर गया है।
  • ​खौफनाक मंजर: जब परिवार के लोग काम खत्म कर घर लौटे, तो बादल कहीं नजर नहीं आया। खोजबीन करने पर जब कमरे का दरवाजा देखा गया, तो अंदर बादल का शव रस्सी के फंदे से लटका मिला।

​ मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने की चर्चा

​परिजनों ने पुलिस को बताया कि बादल की मानसिक स्थिति पिछले कुछ समय से सामान्य नहीं थी। वह अक्सर असामान्य व्यवहार करता था, जिसका इलाज या देखभाल परिवार द्वारा की जा रही थी। हालांकि, उसने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया, यह अभी भी स्पष्ट नहीं हो पाया है।

​ पुलिस की कार्रवाई

​घटना की जानकारी मिलते ही जगदीशपुर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और शव को फंदे से नीचे उतारकर कब्जे में लिया।

​जांच की स्थिति: पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल भेज दिया है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है ताकि मौत के असली कारणों का पता लगाया जा सके।

 मुख्य बिंदु एक नज़र में:

विवरण

जानकारी

मृतक का नाम

बादल कुमार पासवान (13 वर्ष)

स्थान

मुस्तफापुर कमर टोली, जगदीशपुर, भागलपुर

पिता का नाम

सच्चिदानंद पासवान

संभावित कारण

मानसिक स्थिति का सामान्य न होना

वर्तमान स्थिति

पुलिस जांच और पोस्टमार्टम जारी

 

भागलपुर: नाथनगर में बेखौफ चोरों का तांडव, ज्वेलरी दुकान का ताला तोड़कर हजारों के आभूषण ले उड़े

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। रविवार की देर रात अज्ञात चोरों ने नाथनगर रेलवे स्टेशन के समीप स्थित ‘पूजा ज्वेलर्स’ नामक दुकान को अपना निशाना बनाया। चोरों ने दुकान का शटर और ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और करीब 25 से 30 हजार रुपये मूल्य के चांदी और सोने के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया।

​ घटना का विवरण: सुबह खुला राज

​दुकानदार जितेंद्र कुमार सोनी ने बताया कि वह रविवार रात को रोजाना की तरह अपनी दुकान बंद कर घर गए थे। सोमवार सुबह जब वह दुकान खोलने पहुंचे, तो ताला टूटा हुआ देख उनके होश उड़ गए। दुकान के अंदर सामान बिखरा पड़ा था और कीमती आभूषण गायब थे।

  • ​चोरी की राशि: प्राथमिक अनुमान के अनुसार 25,000 से 30,000 रुपये के जेवरात।
  • ​चोरों की दुस्साहस: ज्वेलरी दुकान के अलावा चोरों ने बगल की एक किराना दुकान का भी ताला तोड़ने की कोशिश की, लेकिन वहां सफल नहीं हो सके।

​ पुलिस की कार्रवाई और जांच

​घटना की सूचना मिलते ही नाथनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और पीड़ित दुकानदार से जानकारी ली।

​जांच का मुख्य बिंदु: पुलिस अब रेलवे स्टेशन रोड और दुकान के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि चोरों के हुलिए और भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके। पुलिस का दावा है कि जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

 

​ स्थानीय लोगों में भय और नाराजगी

​नाथनगर जैसे व्यस्त इलाके में, वह भी रेलवे स्टेशन के करीब चोरी की इस घटना ने पुलिसिया गश्त पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि क्षेत्र में चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे अब वे अपनी दुकानों को सुरक्षित नहीं महसूस कर रहे हैं।

भागलपुर: भक्ति के सागर में डूबा वारसलीगंज, भव्य कलश शोभा यात्रा के साथ 9 दिवसीय चंडी महायज्ञ का शंखनाद

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Bhagalpur News: भागलपुर का वारसलीगंज इलाका सोमवार को पूरी तरह भक्तिमय हो गया। स्थानीय राधा कृष्ण ठाकुरवाड़ी में आयोजित होने वाले श्री श्री 1008 चंडी महायज्ञ का आगाज एक विशाल और भव्य कलश शोभा यात्रा के साथ किया गया। ढोल-नगाड़ों की थाप और ‘जय माता दी’ के उद्घोष से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा।

​भव्य कलश यात्रा: भक्ति और आस्था का संगम

​सोमवार सुबह वारसलीगंज से शुरू हुई इस शोभा यात्रा में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा।

  • ​विशाल जनसमूह: हजारों की संख्या में महिलाओं, युवतियों और पुरुषों ने पारंपरिक वेशभूषा में हिस्सा लिया।
  • ​भ्रमण मार्ग: यह यात्रा वारसलीगंज से शुरू होकर मीरजानहाट और सिकंदरपुर जैसे प्रमुख क्षेत्रों से गुजरी।
  • ​आकर्षण का केंद्र: सिर पर कलश रखे कतारबद्ध महिलाएं और भक्ति गीतों व डीजे की धुनों पर झूमते युवा आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे। जगह-जगह स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर शोभा यात्रा का स्वागत किया।

​ 7 से 15 अप्रैल तक अनुष्ठानों की धूम

​आयोजन समिति ने बताया कि महायज्ञ की विधिवत शुरुआत 7 अप्रैल से होगी, जो 15 अप्रैल तक अनवरत चलेगी। इन 9 दिनों तक वारसलीगंज क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रवाह बना रहेगा।

​विशेष आकर्षण: > इस महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन वृंदावन से पधारीं सुप्रसिद्ध कथा वाचिका गौरांगी गौर प्रिया अपनी मधुर वाणी से श्रद्धालुओं को धार्मिक कथाओं का रसपान कराएंगी। उनकी कथा को लेकर भक्तों में भारी उत्साह है।

 

​ यज्ञ को लेकर क्षेत्र में भारी उत्साह

​राधा कृष्ण ठाकुरवाड़ी को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। महायज्ञ के लिए यज्ञ मंडप और श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आयोजकों का मानना है कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या पिछले आयोजनों के सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी।

भीषण आग का तांडव: गोराडीह में शॉर्ट सर्किट से पोल्ट्री फार्म राख, 3000 मुर्गियों की जलकर मौत

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के गोराडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत स्वरूप चक गांव के पास रविवार की देर रात एक भीषण अग्निकांड हुआ। शॉर्ट सर्किट की वजह से एक पोल्ट्री फार्म में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसमें झुलसकर करीब 3000 मुर्गियों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना में व्यवसायी को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।

​देर रात मची चीख-पुकार, आग की लपटों से घिरा फार्म

​जानकारी के अनुसार, यह पोल्ट्री फार्म स्थानीय निवासी दीपक कुमार का है। रविवार की रात सब कुछ सामान्य था, लेकिन देर रात अचानक फार्म से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। लपटें देखकर ग्रामीण और फार्म मालिक दीपक कुमार तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की जी-तोड़ कोशिश की, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि उस पर काबू पाना नामुमकिन साबित हो रहा था।

​दमकल विभाग ने ग्रामीणों के सहयोग से पाया काबू

​जब ग्रामीणों के प्रयास विफल रहे, तो तुरंत फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलने के करीब आधे घंटे बाद दमकल की टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड के कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक काफी नुकसान हो चुका था।

​लाखों का नुकसान: दाना और चूजे जलकर हुए खाक

​पीड़ित व्यवसायी दीपक कुमार ने भर्राई आंखों से बताया कि:

​”मैं घटना से कुछ देर पहले ही मुर्गियों को दाना खिलाकर घर गया था। घर पहुंचते ही सूचना मिली कि फार्म में आग लग गई है। फार्म में करीब 6000 मुर्गियां और चूजे थे। ग्रामीणों की तत्परता से लगभग आधे पक्षियों को तो बचा लिया गया, लेकिन 3000 मुर्गियां जिंदा जल गईं।”

 

​नुकसान का विवरण:

  • ​जीवित हानि: लगभग 3000 मुर्गियां और चूजे जलकर मरे।
  • ​खाद्य सामग्री: करीब 220 बोरी मुर्गियों का दाना (फीड) पूरी तरह जल गया।
  • ​संरचना: फार्म का शेड और अन्य उपकरण भी आग की भेंट चढ़ गए।

​प्रशासन से मुआवजे की गुहार

​इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है। स्वरोजगार के जरिए अपनी जीविका चला रहे दीपक कुमार के सामने अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित व्यवसायी को उचित मुआवजा दिया जाए ताकि वह दोबारा अपने व्यवसाय को खड़ा कर सके।

​रिपोर्ट: बीरेंद्र कुमार राय

CNLU पटना में ‘नेशनल मूट कोर्ट’ का भव्य आयोजन: दिल्ली विश्वविद्यालय की टीम बनी विजेता

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Patna News: बिहार की राजधानी स्थित चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (CNLU) में सूचना प्रावैधिकी विभाग, बिहार सरकार के सहयोग से ‘4वीं सी.एन.एल.यू. नेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता, 2026’ का सफलतापूर्वक समापन हुआ। विधि शिक्षा के क्षेत्र में व्यावहारिक ज्ञान और पेशेवर कौशल को निखारने के उद्देश्य से आयोजित यह प्रतियोगिता मील का पत्थर साबित हुई।

​कुलपति प्रो. फैजान मुस्तफा ने किया मार्गदर्शन

​प्रतियोगिता का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) फैजान मुस्तफा और मूट कोर्ट कमेटी के संकाय संयोजक डॉ. विजय कुमार विमल के कुशल मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. मुस्तफा ने कहा कि मूट कोर्ट जैसी प्रतियोगिताएँ छात्रों की तर्कशक्ति, शोध क्षमता और अभिव्यक्ति कौशल को सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने इसे न्यायिक प्रक्रिया की व्यावहारिक समझ के लिए अनिवार्य बताया।

​देशभर से 52 टीमों ने दिखाया दम

​इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के कोने-कोने से विभिन्न विश्वविद्यालयों की 52 दिग्गज टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण समकालीन कानूनी विषय रहे, जिनमें विशेष रूप से:

  • ​साइबर लॉ (Cyber Law)
  • ​आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े विधिक मुद्दे

​प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत किए गए कानूनी तर्कों और सूक्ष्म विश्लेषण की निर्णायक मंडल ने जमकर सराहना की।

​फाइनल मुकाबला: दिल्ली विश्वविद्यालय के नाम रही ट्रॉफी

​बेहद कड़े और रोमांचक मुकाबलों के बाद फाइनल राउंड में दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) की टीम ने बाजी मारी और विजेता घोषित की गई। प्रतियोगिता के विजेताओं को पदक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

​प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल (Judges):

​प्रतियोगिता के स्तर को बनाए रखने के लिए न्याय जगत की जानी-मानी हस्तियों ने जूरी की भूमिका निभाई, जिनमें शामिल थे:

  • ​न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर (सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश, उड़ीसा उच्च न्यायालय)
  • ​सुश्री शालिनी सती प्रसाद (पार्टनर, JSA)
  • ​श्री अशोक पी. वाडजे (एसोसिएट प्रोफेसर, MNLU औरंगाबाद)
  • ​श्री कुणाल कपूर (एसोसिएट पार्टनर, LKS अटॉर्नी)
  • ​प्रो. (डॉ.) मनवेंद्र कुमार तिवारी (प्रोफेसर, CNLU)

​IT विभाग, बिहार सरकार की अहम भूमिका

​सूचना प्रावैधिकी विभाग, बिहार सरकार द्वारा इस आयोजन को मिला समर्थन राज्य में विधि और तकनीक के समन्वय को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल युवाओं को डिजिटल न्याय प्रणाली और उभरते साइबर कानूनों के क्षेत्र में दक्ष बनाने में सहायक सिद्ध होगी।