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मॉडल स्कूलों में हर सप्ताह यूनिट टेस्ट, खेल और पढ़ाई पर एक साथ फोकस; शिक्षकों को मिलेगा ‘टीचर ऑफ द मंथ’ सम्मान

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हर मंगलवार अलग-अलग विषयों की परीक्षा, शनिवार को परिणाम; विद्यालयों में एथलेटिक्स और स्पोर्ट्स क्लब की स्थापना, JEE-NEET की निःशुल्क तैयारी पर भी जोर

Patna News:  बिहार में बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए राज्य के 700 मॉडल स्कूलों यानी सरस्वती विद्या निकेतनों में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ खेल और अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की तैयारी की गई है। इसके तहत अब मॉडल स्कूलों में प्रत्येक सप्ताह मंगलवार को अलग-अलग विषयों का यूनिट टेस्ट आयोजित किया जाएगा। शिक्षक इन परीक्षाओं का मूल्यांकन करेंगे और प्रत्येक सप्ताह शनिवार को परिणाम जारी किया जाएगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों की पढ़ाई की नियमित समीक्षा करना, उनकी सीखने की प्रगति को समझना और जरूरत के अनुसार शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराना है।

पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियों पर भी जोर

मॉडल स्कूलों में विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए परीक्षा एवं खेल कैलेंडर का अनुपालन अनिवार्य किया गया है। विद्यालयों में खेल गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने के लिए विद्यालयवार अधिकारियों को नामित कर निरीक्षण की व्यवस्था भी की गई है।

इसके साथ ही विद्यालयों में अनुशासन और विद्यार्थियों की जिम्मेदारी बढ़ाने के लिए कक्षा मॉनिटर बनाए जाने की व्यवस्था की जा रही है।

हर विद्यालय में बनेगा स्पोर्ट्स और एथलेटिक्स क्लब

राज्य के मॉडल स्कूलों में विद्यालयवार खेल एवं एथलेटिक्स क्लब स्थापित किए जाएंगे। इन क्लबों के माध्यम से विद्यार्थियों को अलग-अलग खेल विधाओं में भाग लेने और अपनी प्रतिभा विकसित करने का अवसर मिलेगा।

इसके लिए राज्य के सभी सरस्वती विद्या निकेतनों के प्रधानाध्यापकों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। विद्यार्थियों को लॉन्ग जंप, हाई जंप सहित विभिन्न खेल विधाओं का प्रशिक्षण देने की भी योजना है।

JEE और NEET की निःशुल्क तैयारी

मॉडल स्कूलों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इच्छुक विद्यार्थियों के लिए JEE और NEET की निःशुल्क तैयारी कराई जा रही है।

शिक्षा व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने के लिए ई-शिक्षाकोष के माध्यम से सरस्वती विद्या निकेतन यानी आदर्श विद्यालयों की प्रतिदिन रिपोर्टिंग भी की जा रही है। इससे विद्यालयों की गतिविधियों और शैक्षणिक व्यवस्था की नियमित निगरानी पर जोर दिया जा रहा है।

बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को मिलेगा ‘टीचर ऑफ द मंथ’ पुरस्कार

मॉडल स्कूलों में केवल विद्यार्थियों के प्रदर्शन पर ही नहीं, बल्कि शिक्षकों की कार्यक्षमता और बेहतर प्रदर्शन को भी प्रोत्साहित करने की योजना है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को ‘टीचर ऑफ द मंथ’ पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करना और विद्यालयों में सकारात्मक शैक्षणिक माहौल को बढ़ावा देना है।

हाईटेक शिक्षा के साथ सर्वांगीण विकास पर फोकस

मॉडल स्कूलों के माध्यम से शिक्षा विभाग का फोकस गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के साथ आधुनिक सुविधाओं और नवाचार आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने पर है। नियमित यूनिट टेस्ट, खेल गतिविधियां, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, डिजिटल रिपोर्टिंग और शिक्षकों के बेहतर प्रदर्शन को प्रोत्साहन देने जैसी व्यवस्थाओं के जरिए विद्यार्थियों के शैक्षणिक, शारीरिक और मानसिक विकास को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

इन व्यवस्थाओं के जरिए मॉडल स्कूलों में ऐसा वातावरण विकसित करने पर जोर है, जहां पढ़ाई के साथ खेल, अनुशासन, तकनीक और प्रतिभा विकास को भी समान महत्व मिले।

बिहार के 700 मॉडल स्कूलों में एक साथ परखी गई शिक्षा व्यवस्था, अब हर सप्ताह होगी नोडल अधिकारियों की निगरानी

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पटना के 32 स्कूल भी निरीक्षण में शामिल, कक्षाओं से लेकर आधारभूत सुविधाओं तक की हुई समीक्षा; अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी में बच्चों की पढ़ाई और सीखने की प्रगति पर सीधा संवाद

Patna News:  बिहार में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और मॉडल स्कूलों में किए जा रहे बदलावों को जमीन पर बनाए रखने के लिए शिक्षा विभाग ने बुधवार को राज्य के 700 मॉडल स्कूलों का एक साथ गहन निरीक्षण कराया। इन विद्यालयों में पटना जिले के 32 स्कूल भी शामिल रहे।

हर विद्यालय के लिए नामित नोडल अधिकारियों ने स्कूलों में पहुंचकर शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत संरचना और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने कक्षाओं में चल रही शिक्षण व्यवस्था को देखा और विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों तथा उनके उपयोग की स्थिति की भी समीक्षा की।

कक्षाओं से लेकर सुविधाओं तक की पड़ताल

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विद्यालयों में हो रहे बदलाव, शिक्षण गतिविधियों और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। स्कूलों की आधारभूत संरचना, कक्षाओं में पढ़ाई का माहौल तथा उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल को लेकर भी समीक्षा की गई।

इसके अलावा विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपलब्ध कराई जा रही बिहार स्कूल लाइव क्लासेज कोचिंग के संबंध में भी अधिकारियों ने जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान शैक्षणिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक बिंदुओं पर चर्चा की गई।

अब हर सप्ताह स्कूल पहुंचेंगे नोडल अधिकारी

शिक्षा विभाग की ओर से तय व्यवस्था के अनुसार अब प्रत्येक नोडल अधिकारी अपने नामित विद्यालय का सप्ताह में एक दिन निरीक्षण करेंगे। नियमित निगरानी का उद्देश्य स्कूलों में किए गए बदलावों को बनाए रखना, शैक्षणिक गतिविधियों की निरंतर समीक्षा करना और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

इस व्यवस्था के तहत विद्यालयों में केवल एक बार निरीक्षण तक सीमित रहने के बजाय नियमित फीडबैक और निगरानी पर जोर दिया जा रहा है।

अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई पर सीधा संवाद

बुधवार को सभी मॉडल स्कूलों में अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया। संगोष्ठी में अभिभावकों और शिक्षकों ने बच्चों की पढ़ाई, सीखने की प्रगति और विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर सीधे संवाद किया।

संगोष्ठी में नोडल अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने अभिभावकों से विद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा बच्चों की पढ़ाई में नियमित सहयोग करने की अपील की। इस दौरान अभिभावकों के साथ बच्चों की पढ़ाई और उनकी प्रगति से जुड़ी जानकारी भी साझा की गई।

तीन महीने बाद फिर होगी अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी

अभिभावकों और शिक्षकों के बीच संवाद को नियमित बनाए रखने के लिए अगली अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी तीन महीने बाद आयोजित की जाएगी। इसके जरिए बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, सीखने के स्तर और विद्यालय की गतिविधियों पर लगातार संवाद बनाए रखने की कोशिश की जाएगी।

निगरानी और भागीदारी से आगे बढ़ेगी बदलाव की कहानी

700 मॉडल स्कूलों के एक साथ निरीक्षण और नियमित निगरानी की व्यवस्था के बाद शिक्षा विभाग का फोकस अब इन विद्यालयों में हुए बदलाव को लगातार बनाए रखने पर है। निरीक्षण के बाद यह बात सामने आई कि अधिकारियों की सतत निगरानी, शिक्षकों की सक्रियता और अभिभावकों की भागीदारी से ही मॉडल स्कूलों में शैक्षणिक बदलाव को स्थायी रूप दिया जा सकता है।

नियमित निरीक्षण और अभिभावक-शिक्षक संवाद की यह व्यवस्था विद्यार्थियों की पढ़ाई और सीखने की प्रगति पर लगातार नजर रखने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।

मारवाड़ी महाविद्यालय में रक्तदान से दिया मानवता का संदेश, 17 लोगों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान

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राष्ट्रीय रक्तदान दिवस की पूर्व संध्या पर NSS का आयोजन, प्राचार्य ने रक्तदाताओं की सराहना कर कहा—स्वैच्छिक रक्तदान समाज सेवा का बड़ा कार्य

Bhagalpur News:  राष्ट्रीय रक्तदान दिवस की पूर्व संध्या पर बुधवार को मारवाड़ी महाविद्यालय, भागलपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार के नेतृत्व में आयोजित शिविर में महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और स्वयंसेवकों सहित कुल 17 रक्तदाताओं ने स्वैच्छिक रक्तदान किया।

रक्तदान शिविर का विधिवत उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) संजय कुमार झा, कॉमर्स विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) आशुतोष दत्ता, कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार, सदर अस्पताल भागलपुर से आए मेडिकल ऑफिसर डॉ. पंकज कुमार, डॉ. कृष्ण चंद्र प्रसाद सिंह तथा वी केयर के डॉ. मनोज कुमार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया।

रक्तदान को बताया समाज सेवा का महत्वपूर्ण कार्य

उद्घाटन के बाद प्राचार्य प्रो. (डॉ.) संजय कुमार झा ने रक्तदाताओं को संबोधित करते हुए स्वैच्छिक रक्तदान की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रक्तदान के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की मदद की जा सकती है और यह समाज सेवा का महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाते हुए सभी के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

कार्यक्रम पदाधिकारियों ने भी किया रक्तदान

शिविर की खास बात यह रही कि महाविद्यालय के दोनों कार्यक्रम पदाधिकारियों ने स्वयं आगे बढ़कर रक्तदान किया। कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार और डॉ. रवि शंकर प्रसाद ने स्वैच्छिक रक्तदान कर अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित किया।

इसके अलावा कॉमर्स विभाग के शिक्षक डॉ. सुनील कुमार साह, शिक्षक-कर्मचारी ऋतिक झा, इमरान अंजुम तथा स्वयंसेवकों अभिषेक, संतोष सिंघानिया, कृष्णा, अमन, सन्नी, सूर्या, मुराद अनवर और जाहिर सहित कुल 17 लोगों ने रक्तदान किया।

NSS स्वयंसेवकों ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी

रक्तदान शिविर को सफल बनाने में NSS स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिवसागर, प्रिंस (दर्शनशास्त्र), प्रिंस (गणित), कृष्णा, अमन और अभिषेक सहित अन्य स्वयंसेवकों ने आयोजन की व्यवस्थाओं में सक्रिय योगदान दिया।

राष्ट्रीय रक्तदान दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस शिविर ने महाविद्यालय के विद्यार्थियों और युवाओं के बीच रक्तदान के प्रति जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। आयोजन के माध्यम से लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने तथा जरूरतमंदों की मदद में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।

डॉन बॉस्को स्कूल में गूंजा ‘विरासत भी, विकास भी’ का संदेश, नुक्कड़ नाटक से स्वच्छता और नागरिक जिम्मेदारी का संकल्प

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सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत आलय भागलपुर की प्रभावशाली प्रस्तुति, सैकड़ों छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने लिया स्वच्छता व जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश

Bhagalpur News:  सेवा संकल्प अभियान 2026 – “सेवा ही संस्कृति” के तहत बुधवार को भागलपुर के डॉन बॉस्को स्कूल में सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था आलय, भागलपुर की ओर से प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। यह आयोजन संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली द्वारा संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित अभियान के अंतर्गत किया गया।

कार्यक्रम में “विरासत भी, विकास भी – स्वच्छता की नई कहानी” शीर्षक से नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक का निर्देशन शशि शंकर ने किया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस प्रस्तुति को सैकड़ों छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक देखा।

नाटक के माध्यम से कलाकारों ने स्वच्छता, नागरिक जिम्मेदारी, पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। प्रस्तुति में आधुनिक विकास और अपनी संस्कृति एवं विरासत के संरक्षण के बीच संतुलन की आवश्यकता को भी रेखांकित किया गया।

सिर्फ ऊंची इमारतें ही विकास नहीं

नाटक की कहानी के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि विकास का अर्थ केवल ऊंची इमारतें, आधुनिक तकनीक और भौतिक सुविधाएं हासिल करना नहीं है। वास्तविक विकास में स्वच्छ सोच, अच्छे संस्कार, सामाजिक जिम्मेदारी, प्रकृति के प्रति सम्मान और निःस्वार्थ सेवा भावना भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कलाकारों ने अपने अभिनय और संवाद के जरिए विद्यार्थियों को समझाया कि आधुनिकता को अपनाने के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों और विरासत को सुरक्षित रखना भी समाज की जिम्मेदारी है। स्वच्छ वातावरण और जिम्मेदार नागरिक समाज के विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं।

विद्यार्थियों से लिया स्वच्छता का संकल्प

नाटक की प्रस्तुति के अंत में कलाकारों ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ संवाद किया तथा उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का संदेश दिया। इस दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली।

कार्यक्रम के माध्यम से “विरासत भी, विकास भी” की सोच को जन-जन तक पहुंचाने और स्वच्छता तथा सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।

नुक्कड़ नाटक में इन कलाकारों ने निभाई भूमिका

  • सूत्रधार 1 एवं 2 – विकास चंद्रा
  • कमला एवं पिंकी – श्वेता शंकर
  • सुमन – अपूर्व गौरव
  • दादाजी – विक्रम बजरंगी
  • विक्की – नीरज
  • चाचा जी – शशिकांत
  • जगदीश, किरण, राजू एवं रोहन – मिथिलेश

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस प्रस्तुति ने मनोरंजन के साथ-साथ विद्यार्थियों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक दायित्व और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।

‘स्वस्थ युवा स्वस्थ भागलपुर’ अभियान के तहत नाथनगर में 9.3 किलो गांजा और 81,400 रुपये कैश बरामद

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भुवालपुर में पुलिस ने घर-दुकान पर मारा छापा; नशे के कारोबार में शामिल महिला तस्कर गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

Bhagalpur News: भागलपुर जिले को नशामुक्त करने और युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए चलाए जा रहे “स्वस्थ युवा स्वस्थ भागलपुर” विशेष महाअभियान के तहत भागलपुर पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। नाथनगर थाना क्षेत्र के भुवालपुर में पुलिस ने एक घर-दुकान में चल रहे गांजे के अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 9.3 किलोग्राम गांजा, 81,400 रुपये नकद और एक महिला तस्कर को गिरफ्तार किया है।

घर-दुकान से चल रहा था नशे का अवैध खेल

28 सितंबर 2026 को नाथनगर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि भुवालपुर निवासी साधु मंडल उर्फ निपेंद्र मंडल और उसका भाई फंटूस मंडल उर्फ धर्मेंद्र मंडल (दोनों के पिता- स्व० अनिल मंडल) अपने पूरे परिवार के साथ मिलकर अपने घर व दुकान से अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री और संग्रह कर रहे हैं।

विशेष पुलिस टीम का गठन और छापेमारी

सूचना के सत्यापन और तत्काल कार्रवाई के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), भागलपुर के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक (नगर) की निगरानी तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर-02) व नाथनगर थानाध्यक्ष परमेश्वर सहनी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।

जैसे ही गठित टीम भुवालपुर स्थित आरोपियों के ठिकाने पर पहुंची, पुलिस की भनक लगते ही इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य पुरुष सदस्य मौके से भागने में सफल रहे।

तलाशी में भारी मात्रा में गांजा और भारी कैश बरामद

पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए घर और दुकान की गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान कमरे से अवैध मादक पदार्थ और मोटी नकदी बरामद की गई। पुलिस ने मौके से इंदु देवी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया।

बरामदगी की सूची:

  • अवैध गांजा: 9.3 किलोग्राम
  • नगद राशि: ₹81,400 (इक्यासी हजार चार सौ रुपये)

गिरफ्तार अभियुक्त की जानकारी:

  • इंदु देवी (पति- फंटूश मंडल उर्फ धर्मेंद्र मंडल, साकिन- भुवालपुर, थाना- नाथनगर, जिला- भागलपुर)

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी

गिरफ्तार महिला से पूछताछ के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस घटना में शामिल फरार अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

छापेमारी टीम में शामिल पुलिस अधिकारी:

  1. परमेश्वर सहनी (पु०नि० सह-थानाध्यक्ष, नाथनगर थाना)
  2. विकाश कुमार (पु०अ०नि०, नाथनगर थाना)
  3. पवन कुमार (पु०अ०नि०, नाथनगर थाना)
  4. मो० मुख्तार (पी०टी०सी०, नाथनगर थाना)
  5. सशस्त्र बल (नाथनगर थाना)

‘स्वस्थ युवा स्वस्थ भागलपुर’ अभियान के तहत 3 तस्कर गिरफ्तार, भारी मात्रा में शराब और चोरी का ऑटो बरामद

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अकबरनगर पुलिस ने NH-80 पर चेकिंग के दौरान बिना नंबर की टेम्पू को खदेड़कर पकड़ा; तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़

Bhagalpur News: भागलपुर जिले को नशामुक्त बनाने और युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए चलाए जा रहे “स्वस्थ युवा स्वस्थ भागलपुर” विशेष महाअभियान के तहत अकबरनगर थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए अवैध शराब की खेप और एक चोरी के ऑटो (टेम्पू) के साथ तीन अंतर-थाना शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है।

गुप्त सूचना के आधार पर NH-80 पर सघन चेकिंग

28 सितंबर 2026 को पुलिस को सटीक गुप्त सूचना मिली थी कि दोगछी की तरफ से बिना नंबर प्लेट वाले ऑटो में अवैध शराब छिपाकर अकबरनगर थाना क्षेत्र की ओर परिवहन किया जा रहा है।

सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), भागलपुर प्रमोद कुमार यादव के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक (नगर) की निगरानी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (विधि-व्यवस्था) व अकबरनगर थानाध्यक्ष रामाशीष कुमार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने तुरंत दोगछी-अकबरनगर मुख्य मार्ग और NH-80 पर सघन वाहन जांच अभियान शुरू कर दिया।

भागने की कोशिश की, पुलिस ने खदेड़ कर दबोचा

चेकिंग के दौरान NH-80 मुख्य मार्ग के समीप एक संदिग्ध बिना नंबर प्लेट की टेम्पू आती दिखाई दी। पुलिस बल को देखते ही ऑटो चालक गाड़ी को उल्टी दिशा में मोड़कर भागने का प्रयास करने लगा। हालांकि, मुस्तैद सशस्त्र बलों ने तत्परता दिखाते हुए पीछा कर टेम्पू को घेरकर रोक लिया और उसमें सवार तीन लोगों को दबोच लिया।

तलाशी में मिला शराब का जखीरा और चोरी का टेम्पू

वाहन की गहन तलाशी लेने पर उसमें से भारी मात्रा में अवैध विदेशी व देशी शराब बरामद हुई। जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि जिस टेम्पू का उपयोग तस्करी के लिए किया जा रहा था, वह चोरी की है।

कुल बरामदगी:

  • विदेशी शराब: 16.125 लीटर
  • देशी शराब: 300 ML
  • टेम्पू (ऑटो): 01 (चोरी का)

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान:

  1. छोटू कुमार (पिता- खगेश मंडल, साकिन+थाना- घोघा, भागलपुर)
  2. शशि कुमार (पिता- अर्जुन मंडल, साकिन- कोरंड, थाना- शाहकुंड, भागलपुर)
  3. राजेन्द्र कुमार मंडल (पिता- उपेन्द्र मंडल, साकिन+थाना- पीरपैंती, भागलपुर)

सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज

अकबरनगर थाना पुलिस ने तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर कड़ाई से पूछताछ की है ताकि शराब की सप्लाई चेन और टेम्पू चोरी के अन्य मामलों की कड़ियों को जोड़ा जा सके। मामले में सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

छापेमारी टीम में शामिल पुलिसकर्मी:

  1. पु०अ०नि० सह-थानाध्यक्ष रामाशीष कुमार (अकबरनगर थाना)
  2. पु०अ०नि० आलोक रंजन (अकबरनगर थाना)
  3. म०सि०/888 अंशु कुमारी (अकबरनगर थाना)
  4. सि0/1881 रवि कुमार (अकबरनगर थाना)
  5. सि0/826 जितेन्द्र कुमार (अकबरनगर थाना)

भागलपुर: हबीबपुर में देशी पिस्टल और कारतूस के साथ शातिर अपराधी गिरफ्तार

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शाहजंगी नवटोलिया में पुलिस की त्वरित छापेमारी; अवैध आग्नेयास्त्रों का जखीरा बरामद, इलाके में सनसनी

Bhagalpur News: भागलपुर पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अपने विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। हबीबपुर थाना क्षेत्र के शाहजंगी नवटोलिया इलाके में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर एक शातिर अपराधी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के घर से अवैध आग्नेयास्त्र (देशी पिस्टल) और जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।

गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल

वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), भागलपुर प्रमोद कुमार यादव के निर्देशानुसार जिले में अवैध शराब, मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए सघन गश्ती और छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 28 सितंबर को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि हबीबपुर थानांतर्गत शाहजंगी नवटोलिया का रहने वाला रॉबिन कुमार चौधरी अपने घर में भारी मात्रा में अवैध हथियार छिपा कर रखे हुए है।

विशेष टीम का गठन और त्वरित कार्रवाई

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक (नगर) अतुलेश झा की निगरानी में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इस टीम की अगुवाई अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर-02) और हबीबपुर थानाध्यक्ष घनश्याम कुमार कर रहे थे।

टीम ने बिना समय गंवाए सशस्त्र बलों के साथ शाहजंगी नवटोलिया स्थित रॉबिन कुमार चौधरी के घर की घेराबंदी की और विधिवत छापेमारी की।

तलाशी में मिला हथियारों का जखीरा

घर की गहन तलाशी के दौरान पुलिस को कमरे से अवैध हथियार बरामद हुए। पुलिस ने मौके से आरोपी रॉबिन कुमार चौधरी को गिरफ्तार कर लिया।

बरामद किए गए सामान:

  • देशी पिस्टल: 01
  • मैगजीन: 01
  • जिंदा कारतूस: 02

कानूनी कार्रवाई और पूछताछ जारी

गिरफ्तार अभियुक्त रॉबिन कुमार चौधरी (पिता- राजेश चौधरी) से पुलिस कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह यह हथियार कहां से लाया था और किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में तो नहीं था। हबीबपुर थाने में सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

छापेमारी टीम में शामिल अधिकारी:

  1. घनश्याम कुमार (पु०नि० सह-थानाध्यक्ष, हबीबपुर थाना)
  2. रंजय सिंह (पु०अ०नि०, हबीबपुर थाना)
  3. छोटू कुमार (परि०पु०अ०नि०, हबीबपुर थाना)
  4. हबीबपुर थाना के सशस्त्र बल जवान

भागलपुर में विकसित ग्राम पंचायत योजना को लेकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण, योजनाओं की गुणवत्ता पर जोर

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VGPP निर्माण की प्रक्रिया और तकनीकी पहलुओं पर अधिकारियों-कर्मियों को दिया प्रशिक्षण, प्रखंड स्तर तक प्रशिक्षण पहुंचाने के DDC ने दिए निर्देश

Bhagalpur News: वी० बी० जी० राम जी योजना के अंतर्गत विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) के निर्माण को लेकर भागलपुर में जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन मंगलवार को समीक्षा भवन, भागलपुर में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ उप विकास आयुक्त, भागलपुर रवि राकेश ने किया।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर पर तैयार की जाने वाली विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं को त्रुटिरहित, गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित नियमों के अनुरूप तैयार करना था। कार्यक्रम में जिला और प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने हिस्सा लिया।

VGPP निर्माण की प्रक्रिया और जरूरी दिशा-निर्देशों की दी गई जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान अमर कुमार मिश्रा, निदेशक, रा०नि० कार्यक्रम तथा दुर्गा शंकर सिंह, निदेशक, लेखा, प्रशासन एवं स्वनियोजन ने योजना से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं, प्रक्रियाओं और आवश्यक दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी।

अमर कुमार मिश्रा ने कायाकल्प अभियान के तहत योजनाओं के चयन और क्रियान्वयन के साथ-साथ महत्वपूर्ण सूचकों के आधार पर जिले की वर्तमान स्थिति से भी प्रतिभागियों को अवगत कराया।

वहीं, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी देव कृष्ण कुमार ने वी० बी० जी० राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करने की रूपरेखा, प्रक्रिया और आवश्यक पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी।

जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारी-कर्मी हुए शामिल

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला स्तर से कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, एमआईएस अधिकारी राहुल कुमार और तकनीकी सहायक रितेश कुमार सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

प्रखंड स्तर से सभी कार्यक्रम पदाधिकारी (पीओ), कनीय अभियंता, लेखापाल, पंचायत तकनीकी सहायक तथा प्रत्येक प्रखंड से एक कार्यपालक सहायक और कंप्यूटर ऑपरेटर ने प्रशिक्षण में भाग लिया।

मास्टर ट्रेनरों ने समझाए योजना निर्माण के तकनीकी पहलू

कार्यक्रम में डीपीओ, वी० बी० जी० राम जी, कार्यपालक अभियंता, कार्यक्रम पदाधिकारी कहलगांव और कार्यक्रम पदाधिकारी शाहकुंड को मास्टर ट्रेनर के रूप में शामिल किया गया।

मास्टर ट्रेनरों ने विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करने से जुड़े विभिन्न तकनीकी, प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक पहलुओं की जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान योजना निर्माण में आवश्यक सावधानियों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुपालन पर भी विशेष जोर दिया गया।

ग्राम पंचायतों की विकास योजनाओं में प्राथमिकता निर्धारण पर जोर

प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल योजना तैयार करने की प्रक्रिया समझाना ही नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं के उचित चयन, प्राथमिकता निर्धारण और प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना भी है।

अधिकारियों और कर्मियों को बताया गया कि विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करते समय संबंधित दिशा-निर्देशों और तकनीकी मानकों का पालन किया जाए, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक त्रुटियों की गुंजाइश कम हो और पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।

DDC का निर्देश—प्रखंड स्तर तक पहुंचाएं प्रशिक्षण

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त  रवि राकेश ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों एवं कर्मियों को प्रशिक्षण की बारीकियों को गंभीरता से समझने और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय प्रशिक्षण के बाद संबंधित पदाधिकारी और कर्मी अपने-अपने प्रखंडों में वी० बी० जी० राम जी योजना से जुड़े पदाधिकारियों-कर्मियों और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को आवश्यक प्रशिक्षण दें।

इससे ग्राम पंचायत स्तर पर विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं का निर्माण निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप कराया जा सकेगा।

जिला और प्रखंड स्तर पर समन्वय मजबूत करने पर विशेष जोर

प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से जिला और प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के बीच योजना निर्माण की प्रक्रिया को लेकर बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया गया।

प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि तकनीकी दक्षता, सही प्रक्रिया की जानकारी और बेहतर समन्वय के जरिए ग्राम पंचायत स्तर की विकास योजनाओं को अधिक व्यवस्थित तरीके से तैयार और लागू किया जा सकेगा।

जिला स्तरीय प्रशिक्षण के बाद अब संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों के माध्यम से प्रखंड एवं पंचायत स्तर तक प्रशिक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी, जिससे वी० बी० जी० राम जी योजना के अंतर्गत विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया जा सके।

विक्रमशिला पुल बंद होते ही बदलेगा भागलपुर का यातायात, बियाडा घाट से चलेगी फेरी सेवा

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30 सितंबर से पुल पर आवागमन रहेगा बंद, बरारी घाट पर फेरी सेवा पर रोक; बाबूपुर घाट से होगा कार्गो मूवमेंट, मेडिकल कैंप से लेकर कंट्रोल रूम तक प्रशासन ने किए इंतजाम

Bhagalpur News:  विक्रमशिला पुल पर 30 सितंबर 2026 से आवागमन बंद होने के बाद भागलपुर और आसपास के लोगों की आवाजाही को लेकर जिला प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था पूरी कर ली है। मंगलवार को समीक्षा भवन में जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पाण्डेय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुल बंद होने के बाद यात्री आवागमन, फेरी सेवा, कार्गो मूवमेंट और वैकल्पिक यातायात व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी।

प्रशासन का कहना है कि पुल बंद रहने की अवधि में यात्रियों को कम से कम परेशानी हो और सुरक्षित तरीके से उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सके, इसके लिए अलग-अलग स्तर पर व्यवस्थाएं की गई हैं।

बरारी घाट से फेरी सेवा पर रोक, क्यों लिया गया फैसला?

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बरारी घाट से पहले संचालित होने वाली फेरी सेवा को वर्तमान परिस्थितियों में जारी रखने की अनुमति नहीं दी गई है। बरारी घाट पर स्थायी सुधार यानी Permanent Restoration का कार्य किया जाना है। इस दौरान घाट पर बड़ी मशीनरी, क्रेन और अन्य निर्माण उपकरण मौजूद रहेंगे।

ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए बरारी घाट से फेरी सेवा संचालित नहीं की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से निर्धारित वैकल्पिक घाट का ही इस्तेमाल करने की अपील की है।

बियाडा घाट से चलेगी यात्रियों के लिए फेरी सेवा

विक्रमशिला पुल बंद होने के बाद जलमार्ग से यात्रियों की आवाजाही के लिए बियाडा घाट को निर्धारित किया गया है। यात्री बियाडा घाट से फेरी सेवा के माध्यम से जलमार्ग से आवागमन कर सकेंगे।

जिलाधिकारी ने बताया कि पर्याप्त क्षमता वाले और सुरक्षित वाहनों के माध्यम से अधिक से अधिक यात्रियों का जलमार्ग से आवागमन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

बाबूपुर घाट से होगा कार्गो मूवमेंट

प्रशासन ने यात्री और मालवाहक आवागमन को अलग-अलग रखने का फैसला किया है। इसके तहत सबौर स्थित बाबूपुर घाट से कार्गो का मूवमेंट किया जाएगा।

जिलाधिकारी के अनुसार फेरी और कार्गो सेवा के लिए अलग-अलग घाट निर्धारित करने का उद्देश्य जलमार्ग पर भीड़ और अव्यवस्था को रोकना है। दोनों तरह की सेवाएं एक ही घाट से संचालित होने पर यात्रियों को असुविधा के साथ सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी उत्पन्न हो सकती हैं।

वैकल्पिक मार्गों पर यातायात और भीड़ प्रबंधन की निगरानी

पुल बंद होने के बाद सड़क मार्ग पर भी यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने वैकल्पिक यातायात व्यवस्था की है। यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए आवश्यकतानुसार वैकल्पिक मार्गों और परिवहन साधनों की व्यवस्था की जा रही है।

संबंधित विभागों को यातायात का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वैकल्पिक मार्गों पर वाहनों की आवाजाही, यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन की लगातार निगरानी की जाएगी।

मेडिकल कैंप, जीविका दीदी की रसोई और कंट्रोल रूम की व्यवस्था

यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घाटों और संबंधित स्थानों पर कई व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। प्रशासन के अनुसार यहां मेडिकल कैंप, जीविका दीदी की रसोई, कंट्रोल रूम, प्रशासनिक प्रतिनिधि, आपदा मित्र और पुलिस बल उपलब्ध रहेंगे।

इसका उद्देश्य पुल बंद होने के बाद उत्पन्न होने वाली किसी भी आपात स्थिति या यात्री समस्या का तत्काल समाधान करना है।

घाटों पर तैनात रहेगी पुलिस, भीड़ नियंत्रण पर विशेष नजर

वरीय पुलिस अधीक्षक  प्रमोद कुमार यादव के निर्देशन में घाटों और वैकल्पिक यातायात मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक संख्या में पुलिस पदाधिकारियों और जवानों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी।

जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के बीच समन्वय के साथ यातायात एवं घाटों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी।

यात्रियों की परेशानी का तत्काल समाधान करेगा कंट्रोल रूम

जिलाधिकारी ने बताया कि यात्रियों की सहायता और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला इमरजेंसी कंट्रोल रूम को नियंत्रण कक्ष के रूप में सक्रिय रखा जाएगा।

यात्रा के दौरान किसी प्रकार की समस्या होने, आवश्यक जानकारी प्राप्त करने, सवाल पूछने या सुझाव देने के लिए यात्री जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर सकते हैं।

जिला आपदा नियंत्रण कक्ष का टोल-फ्री नंबर: 0641-2402871

प्रशासन की अपील—निर्धारित व्यवस्था का करें पालन

जिलाधिकारी ने कहा कि 30 सितंबर से विक्रमशिला पुल पर आवागमन बंद होने के बाद यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु आवागमन प्रशासन की प्राथमिकता है। जलमार्ग और वैकल्पिक सड़क मार्गों पर व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाएगी।

प्रशासन का प्रयास है कि पुल बंद रहने के दौरान यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित आवागमन की सुविधा मिले। यात्रियों से भी अपील की गई है कि वे निर्धारित घाटों, वैकल्पिक मार्गों और प्रशासन द्वारा जारी यातायात व्यवस्था का पालन करें, ताकि व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में सहयोग मिल सके।

भागलपुर में प्रशांत किशोर की अहम बैठक, 5 अक्टूबर को रजनीश रंजन के नामांकन में होंगे शामिल

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कोशी स्नातक MLC चुनाव को लेकर जन सुराज ने तेज की तैयारी, कार्यकर्ताओं और समर्थकों से नामांकन कार्यक्रम में जुटने की अपील

Bhagalpur News:  कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के आगामी बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर भागलपुर में जन सुराज ने अपनी चुनावी गतिविधियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को जन सुराज के सूत्रधार एवं बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर ने भागलपुर पहुंचकर पार्टी के प्रत्याशी डॉ. रजनीश रंजन और संगठन के प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ अहम बैठक की। बैठक खलीफा बाग चौक के समीप स्थित मंगल उत्सव विवाह भवन में आयोजित की गई।

बैठक में भागलपुर के साथ-साथ कोशी और पूर्णिया प्रमंडल से जुड़े जन सुराज के महत्वपूर्ण पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान आगामी MLC चुनाव की तैयारियों, नामांकन कार्यक्रम और प्रत्याशी के मुद्दों एवं वादों को स्नातक मतदाताओं तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा की गई। जन सुराज ने कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. रजनीश रंजन को अपना प्रत्याशी बनाया है।

5 अक्टूबर को रजनीश रंजन का नामांकन, प्रशांत किशोर भी रहेंगे मौजूद

बैठक के दौरान प्रशांत किशोर ने घोषणा की कि डॉ. रजनीश रंजन 5 अक्टूबर को अपना नामांकन दाखिल करेंगे और वे स्वयं नामांकन कार्यक्रम में शामिल होंगे। उन्होंने जन सुराज के कार्यकर्ताओं और समर्थकों से बड़ी संख्या में नामांकन कार्यक्रम में पहुंचने का आह्वान किया।

प्रशांत किशोर ने दावा किया कि रजनीश रंजन के नामांकन के साथ ही कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में वर्षों से चले आ रहे MLC चुनावी सिलसिले को समाप्त करने की शुरुआत होगी। यह बयान प्रशांत किशोर ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए दिया।

स्नातक मतदाताओं तक पहुंचने की रणनीति पर जोर

बैठक में चुनावी तैयारियों को लेकर संगठनात्मक स्तर पर चर्चा की गई। पार्टी नेताओं ने प्रत्याशी के मुद्दों और उनके द्वारा किए जा रहे वादों को क्षेत्र के स्नातक मतदाताओं तक पहुंचाने पर जोर दिया। रजनीश रंजन पिछले कई महीनों से कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विभिन्न जिलों में मतदाता संवाद कार्यक्रम कर रहे हैं। उनके अभियान में रोजगार, शिक्षा, पुस्तकालय, बेरोजगार स्नातकों और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे प्रमुख रूप से सामने आए हैं।

बेगूसराय की घटना को लेकर सरकार पर प्रशांत किशोर का हमला

बैठक के दौरान प्रशांत किशोर ने बिहार में महिलाओं और बच्चों के साथ होने वाली आपराधिक घटनाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बेगूसराय, जमुई और समस्तीपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा।

प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि सरकार बनने के बाद भी महिलाओं के खिलाफ बर्बरता और अपराध की घटनाएं रुक नहीं रही हैं। उन्होंने रोजगार, अपराध और बाढ़ जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार से जवाबदेही की मांग की।

उन्होंने कहा कि बिहार में बड़ी संख्या में लोग बाढ़ की स्थिति से प्रभावित हैं और युवाओं के सामने रोजगार की समस्या बनी हुई है। प्रशांत किशोर ने कहा कि केवल नीतीश कुमार, नरेंद्र मोदी या लालू प्रसाद यादव के नाम पर वोट देने से बिहार का भला नहीं होगा। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मौजूदा सरकार को तत्काल हटाना संभव नहीं है, लेकिन उसे जवाबदेह बनाया जा सकता है और उस पर लगाम लगाई जा सकती है।

कार्यकर्ताओं से नामांकन कार्यक्रम को मजबूत बनाने की अपील

जन सुराज की इस बैठक को कोशी स्नातक MLC चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी की कोशिश है कि नामांकन कार्यक्रम के जरिए संगठन की ताकत और प्रत्याशी के अभियान को क्षेत्र में व्यापक रूप से सामने लाया जाए।

बैठक में ललन यादव, प्रमंडलीय प्रभारी राकेश यादव, प्रमंडलीय मीडिया प्रभारी बाबुल विवेक, जिलाध्यक्ष सुशील सिंह, बांका जिलाध्यक्ष दीनबंधु, सुजाता वैद्य, लखन लाल पाठक, जमुई जिलाध्यक्ष रौबिन सिंह, मुंगेर जिलाध्यक्ष शाहब मल्लिक समेत जन सुराज के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के MLC चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं और चुनावी गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। बिहार विधान परिषद की स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना निर्धारित है।