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सारण में बाढ़ का तांडव: पानापुर में सूखा राशन एयरड्रॉप करने पटना से उड़ा हेलीकॉप्टर, कम पड़े पैकेट तो गोरखपुर से मंगवाया दूसरा चॉपर

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सीएम सम्राट चौधरी के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग की त्वरित कार्रवाई; पटना डीएम की देखरेख में उड़ा चॉपर, सारण के बाढ़ पीड़ितों तक पहुँचेगी तत्काल मदद

Patna News: बिहार में बाढ़ की विभीषिका से प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुँचाने के लिए राज्य सरकार पूरी मुस्तैदी से जुटी हुई है। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद आपदा प्रबंधन विभाग ने हवाई मार्ग से राहत सामग्री पहुँचाने (Air-dropping) का अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में सारण (छपरा) जिले के अत्यंत प्रभावित पानापुर प्रखंड में सूखे राशन के पैकेट गिराने के लिए पटना स्थित स्टेट हैंगर से वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी।

पटना डीएम ने खुद संभाला मोर्चा, अधिकारियों की मौजूदगी में उड़ा हेलीकॉप्टर

राहत सामग्री के सुरक्षित और सटीक वितरण के लिए पटना के जिलाधिकारी श्री कुंदन कुमार खुद स्टेट हैंगर पर मौजूद रहे। उन्होंने एयरड्रॉप से संबंधित समस्त व्यवस्थाओं, राशन पैकेट्स की लोडिंग और उड़ान की तैयारियों का स्वयं निरीक्षण एवं अनुश्रवण किया।

मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत के मार्गदर्शन और आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव श्री संतोष कुमार मल्ल के दिशा-निर्देशों के तहत विभाग के संयुक्त सचिव श्री अविनाश कुमार तथा जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता मो. आसिफ इकबाल भी मौके पर डटे रहे और पूरी व्यवस्था का जायजा लिया।

मांग बढ़ते ही गोरखपुर से तुरंत मंगवाया गया दूसरा हेलीकॉप्टर

सारण जिले में बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन, सारण द्वारा गुरुवार को अतिरिक्त राशन पैकेट्स की तत्काल मांग की गई। स्थिति की संवेदनशीलता को समझते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर सरकार ने त्वरित कदम उठाया और गोरखपुर से एक और हेलीकॉप्टर मंगवाया गया। इस अतिरिक्त चॉपर के माध्यम से भी जरूरतमंद परिवारों के लिए आवश्यक खाद्य पैकेट्स एयरड्रॉप किए जा रहे हैं।

आपदा पीड़ितों की मदद के लिए संकल्पित है सरकार

आपदा प्रबंधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार इस कठिन घड़ी में हर बाढ़ पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। प्रभावित क्षेत्रों में सूखा राशन, पीने का पानी, ओ०आर०एस० और जीवन रक्षक सामग्रियों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। सरकार बाढ़ प्रभावितों तक त्वरित राहत पहुँचाने के लिए पूरी तत्परता और युद्धस्तर पर काम कर रही है।

बिहार बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आया JDU विधानमंडल दल: विधायकों-मंत्रियों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया एक महीने का वेतन

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संजय झा, रामवचन राय और स्वास्थ्य मंत्री निशांत के नेतृत्व में सीएम सम्राट चौधरी को सौंपा गया ₹17.19 लाख का चेक; मुख्यमंत्री ने जताया आभार

Patna News: बिहार में बाढ़ की गंभीर आपदा से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए जनता दल (यूनाइटेड) विधानमंडल दल आगे आया है। राज्य में आई बाढ़ के मद्देनजर आपदा पीड़ितों की सहायता हेतु जदयू के मंत्रियों और विधान पार्षदों/विधायकों ने अपने एक-एक माह का वेतन ‘मुख्यमंत्री राहत कोष’ में दान किया है।

17.19 लाख रुपये का चेक मुख्यमंत्री को सौंपा गया

लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जदयू विधानमंडल दल के प्रतिनिधिमंडल ने 17 लाख 19 हजार रुपये का चेक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सौंपा।

इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, बिहार विधान परिषद के उप सभापति रामवचन राय और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री  निशांत ने संयुक्त रूप से किया।

इन मंत्रियों और विधायकों ने दिया योगदान

आपदा की इस घड़ी में राहत कोष में योगदान देने वाले प्रमुख नेताओं और जनप्रतिनिधियों में शामिल हैं:

  • कैबिनेट मंत्री: विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्रीमती शीला कुमारी और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो० जमा खान।
  • सचेतक एवं जनप्रतिनिधि: बिहार विधानसभा में सचेतक सुधांशु शेखर, नचिकेता, विनय चौधरी।
  • विधायक गण:  राधाचरण साह, श्रीमती सोनम रानी, राजेश कुमार उर्फ ईश्वर मंडल, अतिरेक कुमार, इन्द्रदेव सिंह, हेमनारायण साह, राजकुमार राय, निरंजन कुमार मेहता, दुलालचंद गोस्वामी,  बबलू कुमार और रामविलास कामत।

सीएम सम्राट चौधरी ने जताया आभार

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जदयू विधानमंडल दल के इस सराहनीय कदम और सामाजिक सरोकार की प्रशंसा करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सहयोग राशि राज्य में आपदा एवं कठिन परिस्थितियों के समय जरूरतमंद और बाढ़ प्रभावित लोगों की सीधी मदद में काम आएगी।

इस अवसर पर बिहार विधान परिषद में मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

बाढ़ राहत कार्यों पर सीएम सम्राट चौधरी खुद रख रहे नजर: श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में पैकेजिंग सेंटर का किया औचक निरीक्षण

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बाढ़ पीड़ितों के लिए एयरफोर्स के 2 हेलीकॉप्टरों से होगी एयरड्रॉपिंग; चूड़ा, सत्तू, ORS और मोमबत्ती समेत बांटे जाएंगे राहत पैकेट, अधिकारियों को सख्त निर्देश

Patna News: बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह से अलर्ट मोड़ में आ गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद राहत और बचाव कार्यों की कमान संभाले हुए हैं। इसी क्रम में उन्होंने पटना के ऐतिहासिक श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में बनाए गए ‘सूखा राशन पैकेजिंग सेंटर’ का औचक निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

राहत सामग्रियों की गुणवत्ता और पैकेजिंग की ली जानकारी

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र पर तैयार किए जा रहे राहत पैकेटों और उनमें रखी जा रही सामग्रियों की गुणवत्ता का बारीक मुआयना किया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद पहुँचाने के लिए खाद्य पदार्थों के साथ-साथ दैनिक उपयोग की सभी जरूरी वस्तुएं पैकेट में रखी जा रही हैं।

राहत पैकेट में शामिल हैं ये जरूरी सामान:

आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से तैयार किए जा रहे विशेष राहत पैकेटों में निम्नलिखित चीजें शामिल की गई हैं:

  • खाद्य सामग्री: चूड़ा, चना, सत्तू, चीनी और मसाले।
  • स्वास्थ्य एवं जीवन रक्षक: ओ०आर०एस० (ORS) के पैकेट।
  • अन्य आवश्यक वस्तुएं: माचिस, मोमबत्ती और जरूरत के अन्य सामान।

एयरफोर्स के 2 हेलीकॉप्टर संभालेंगे एयरड्रॉपिंग का मोर्चा

बाढ़ के पानी में घिरे और संपर्क मार्ग से कटे इलाकों तक त्वरित राहत पहुँचाने के लिए भारतीय वायुसेना (Air Force) के दो हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। इन हेलीकॉप्टरों के जरिए प्रभावित इलाकों में सीधे आसमान से (Air-dropping) सूखा राशन और राहत सामग्री के पैकेट गिराए जाएंगे, ताकि कोई भी पीड़ित भूखा न रहे।

सीएम सम्राट चौधरी का कड़ा निर्देश: ‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं’

निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए कि:

  1. राहत सामग्री के वितरण में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
  2. बाढ़ पीड़ितों तक समय पर खाद्य सामग्री और जरूरी सामान पहुँचना सुनिश्चित किया जाए।
  3. वितरण प्रणाली की लगातार निगरानी की जाए ताकि हर जरूरतमंद तक मदद पहुँचे।

निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे कई वरिष्ठ अधिकारी

इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार समेत शासन और प्रशासन के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

पटना में मनचलों की गुंडागर्दी: ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों से अभद्रता और हाथापाई, एक गिरफ्तार रामकृष्णा नगर थाना क्षेत्र के सुभाष नगर की घटना: स्कूटी सवार 3 मनचलों ने पुलिस दीदी प्रियंका आनंद और उनकी टीम पर कसा व्यंग्य, विरोध करने पर की मारपीट

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रामकृष्णा नगर थाना क्षेत्र के सुभाष नगर की घटना: स्कूटी सवार 3 मनचलों ने पुलिस दीदी प्रियंका आनंद और उनकी टीम पर कसा व्यंग्य, विरोध करने पर की मारपीट

Patna News:  बिहार की राजधानी पटना में बेखौफ अपराधियों और मनचलों का दुस्साहस लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला पटना जिला के रामकृष्णा नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत खेमनीचक सुभाष नगर का है, जहाँ ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों के साथ अज्ञात लड़कों द्वारा अभद्रता और हाथापाई करने की गंभीर घटना सामने आई है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, स्कूटी पर गश्त/ड्यूटी पर निकलीं ‘पुलिस दीदी’ पु.अ.नि. (SI) प्रियंका आनंद सहित 5 महिला पुलिसकर्मी सुभाष नगर इलाके से गुजर रही थीं। उसी दौरान एक स्कूटी पर सवार 3 अज्ञात लड़कों ने महिला पुलिसकर्मियों को देखकर व्यंग्यात्मक टिप्पणी (छिंटाकशी) शुरू कर दी।

जब पु.अ.नि. प्रियंका आनंद ने लड़कों की इस हरकत का विरोध किया और उन्हें टोकना चाहा, तो मनचले आक्रामक हो गए। अज्ञात लड़कों ने निडर होकर पुलिस टीम पर हाथ चला दिया (हाथापाई की) और घटना को अंजाम देने के बाद तीनों मौके से फरार हो गए।

पुलिस की कार्रवाई: FIR दर्ज और पहली गिरफ्तारी

खाकी पर हुए इस हमले और अभद्रता को पटना पुलिस ने बेहद गंभीरता से लिया है। घटना के संबंध में रामकृष्णा नगर थाना में कांड संख्या 1047/26 (दिनांक 30/09/2026) दर्ज किया गया है।

मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं 126(2), 115(2), 74, 132, 352, 351(2) और 3(5) के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी अंकित की गई है।

घटना के तुरंत बाद हरकत में आई पुलिस ने त्वरित अनुसंधान शुरू किया। इलाके के CCTV फुटेज को खंगालने के बाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली। सीसीटीवी की मदद से एक अभियुक्त की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

  • गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान: प्रदीप कुमार (उम्र 22 वर्ष), पिता- स्वर्गीय कामेश्वर राय, मूल निवासी- ग्राम+थाना खुशरूपुर, जिला पटना। वर्तमान में आरोपी सुभाष नगर में किराएदार के रूप में रह रहा था।

बाकी आरोपियों की तलाश तेज

रामकृष्णा नगर थाना पुलिस गिरफ्तार अभियुक्त से पूछताछ कर रही है और उसके बाकी दो साथियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि कानून को हाथ में लेने वाले और महिला पुलिसकर्मियों से बदसलूकी करने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा, सभी को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

कहलगांव में युवक हत्याकांड का खुलासा, दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार

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पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर की कार्रवाई, आरोपियों की निशानदेही पर लोहे का टुकड़ा और मोबाइल बरामद

Bhagalpur News: भागलपुर जिले के कहलगांव थाना क्षेत्र में युवक टिपिन कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. हुसैन और मो. अब्दुल असारी, दोनों निवासी काजीपुरा, थाना कहलगांव के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों से पूछताछ शुरू कर दी है और हत्या के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, 28 अगस्त 2026 को मृतक की पत्नी शेखा देवी ने अपने पति टिपिन कुमार की हत्या किए जाने को लेकर कहलगांव थाना में लिखित आवेदन दिया था। आवेदन के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

एसएसपी के निर्देश पर गठित हुई विशेष टीम

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस की विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने जांच के दौरान तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज, लिखित आवेदन और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का विश्लेषण किया।

जांच के दौरान पुलिस को लगातार महत्वपूर्ण सुराग मिलते रहे। इसके आधार पर विशेष टीम ने अलग-अलग संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की।

मोजाहिदपुर में छिपा था मुख्य आरोपी

पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान मुख्य आरोपी मो. हुसैन के मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र में छिपे होने की जानकारी मिली। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने वहां छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान मिली जानकारी और आरोपी की निशानदेही के आधार पर घटना में संलिप्त बताए जा रहे दूसरे आरोपी मो. अब्दुल असारी को भी उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया।

हत्या में इस्तेमाल लोहे का टुकड़ा और मोबाइल बरामद

पुलिस ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ मामले से जुड़े सामान भी बरामद किए हैं। बरामदगी में हत्या में प्रयुक्त बताया जा रहा लोहे का एक टुकड़ा और एक मोबाइल फोन शामिल है।

फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस जांच का उद्देश्य हत्या के पीछे के मुख्य कारण, घटना में दोनों आरोपियों की भूमिका और वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों को स्पष्ट करना है।

पुलिस के अनुसार मामले में आगे की जांच जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी स्कूलों को निजी विद्यालयों से बेहतर बनाने का लक्ष्य

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नाथनगर एसएस बालिका उच्च विद्यालय में अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी, अतिरिक्त कक्षा-कक्ष, कंप्यूटर कक्ष और आधुनिक प्रयोगशाला विकसित करने पर जोर

Bhagalpur News:  सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में अब सिर्फ रंगाई-पुताई तक सीमित विकास नहीं होगा, बल्कि जरूरत के अनुसार स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसी उद्देश्य को लेकर नाथनगर स्थित एसएस बालिका उच्च विद्यालय में अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के शैक्षणिक विकास, छात्राओं की नियमित उपस्थिति और बेहतर भविष्य की तैयारी को लेकर चर्चा हुई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीआरडीए निदेशक (एनईपी) अमर कुमार मिश्रा ने कहा कि सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए आधारभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय की आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त कक्षा-कक्ष, कंप्यूटर कक्ष, आधुनिक प्रयोगशाला और छात्राओं के लिए बेहतर बैठने की व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि एसएस बालिका उच्च विद्यालय को भागलपुर जिले के बेहतर विद्यालयों में शामिल करना लक्ष्य है। इसके लिए केवल भवन और सुविधाओं का विकास ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पढ़ाई के माहौल, छात्राओं की उपस्थिति और शैक्षणिक गतिविधियों को भी मजबूत करना जरूरी है।

अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई पर नजर रखने की अपील

अमर कुमार मिश्रा ने अभिभावकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति और पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्यालय में शिक्षक अपनी जिम्मेदारी निभाएं और अभिभावक भी बच्चों की पढ़ाई एवं गतिविधियों पर लगातार नजर रखें। दोनों के समन्वय से ही छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार लाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक का समय बच्चों के भविष्य निर्माण के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई की नींव मजबूत करने के साथ उन्हें आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार किया जाना चाहिए।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर भी जोर

संगोष्ठी में बच्चों को शुरुआत से ही प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने की जरूरत पर जोर दिया गया। इसके लिए शिक्षकों और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की बात कही गई। अधिकारियों का मानना है कि यदि विद्यार्थियों को स्कूल स्तर से ही सही मार्गदर्शन और अध्ययन का माहौल मिले, तो वे आगे चलकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्य रोबिना अफरीन ने की। संगोष्ठी में शिक्षक, अभिभावक और छात्राएं मौजूद रहीं। मौके पर अमल कुमार, अजय मांझी, नवीश कुमार, राज किशोर कुमार, रूपम कुमारी, चंदा झा, मीणा कुमारी, प्रीति रानी, सुजाता कुमारी, मोनिका कुमारी, ज्योति कुमारी और पूनम कुमारी सहित अन्य शिक्षक एवं अभिभावक उपस्थित थे।

संगोष्ठी के माध्यम से सरकारी विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आधुनिक सुविधाएं और भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

नगर परिषद प्रस्ताव के विरोध में पीरपैंती में धरना, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जताया विरोध

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पीरपैंती, मानिकपुर और ओलापुर पंचायत के आंशिक क्षेत्रों को नगर परिषद में शामिल करने के प्रस्ताव पर नाराजगी; एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

Bhagalpur News: पंचायत क्षेत्रों को नगर परिषद में शामिल करने के प्रस्ताव के विरोध में पीरपैंती प्रखंड मुख्यालय परिसर में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। इस दौरान प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की गई और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी नारेबाजी की गई।

धरना से पहले मानिकपुर पंचायत के मुखिया अरविंद साह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने पंचायत क्षेत्र से जुलूस निकाला। बड़ी संख्या में ग्रामीण पैदल नारेबाजी करते हुए प्रखंड मुख्यालय पहुंचे और धरना में शामिल हुए। पीरपैंती की मुखिया गुलफसा प्रवीण और ओलापुर के मुखिया गुलसागर रजक भी ग्रामीणों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। जिला परिषद सदस्य कैलाश यादव ने भी धरना का समर्थन किया।

ग्रामीण क्षेत्रों को नगर परिषद में शामिल करने का विरोध

धरना को संबोधित करते हुए मुखिया अरविंद साह ने कहा कि नगर परिषद के प्रस्ताव में पीरपैंती, मानिकपुर और ओलापुर पंचायत के आंशिक क्षेत्रों को शामिल किया गया है। उनका कहना था कि इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग आज भी कृषि, पशुपालन, मजदूरी और अन्य ग्रामीण गतिविधियों पर निर्भर हैं।

जनप्रतिनिधियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों को शहरी निकाय के दायरे में शामिल करने से स्थानीय लोगों की आजीविका और आर्थिक स्थिति पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से प्रस्ताव पर निर्णय लेने से पहले संबंधित पंचायतों की वास्तविक स्थिति और ग्रामीणों की राय को ध्यान में रखने की मांग की जा रही है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने का भी दिया हवाला

पीरपैंती की मुखिया गुलफसा प्रवीण ने कहा कि पीरपैंती क्षेत्र हर साल बाढ़ की समस्या से प्रभावित रहता है। उनके अनुसार क्षेत्र की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियां अभी भी ग्रामीण स्वरूप की हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ग्राम पंचायत के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाएं संचालित हो रही हैं।

उन्होंने मांग की कि पंचायत क्षेत्रों को नगर परिषद में शामिल करने से पहले कानूनी मापदंड, वर्ष 2011 की जनगणना और क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों का अध्ययन किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक तीनों पंचायतों के अधिकांश लोगों की आजीविका कृषि और कृषि मजदूरी पर निर्भर है, इसलिए किसी भी निर्णय से पहले ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है।

पीरपैंती क्षेत्र में नगर निकाय के विस्तार से जुड़े प्रस्तावों को लेकर हाल के दिनों में स्थानीय स्तर पर विरोध के अन्य कार्यक्रम भी सामने आए हैं। मानिकपुर और पीरपैंती पंचायत के ग्रामीणों ने इससे पहले कैंडल मार्च निकालकर भी प्रस्ताव पर पुनर्विचार की मांग की थी।

एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, प्रस्ताव वापस लेने की मांग

धरना-प्रदर्शन के बाद तीनों पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने कहलगांव के एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से जिला पदाधिकारी, भागलपुर को भेजे गए नगर परिषद बनाने के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की गई।

जनप्रतिनिधियों ने कहा कि क्षेत्र की ग्रामीण आबादी, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था, बाढ़ की स्थिति और स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने भी मांग की कि किसी अंतिम निर्णय से पहले क्षेत्र के लोगों की स्थिति और उनकी आपत्तियों को गंभीरता से सुना जाए।

फिलहाल नगर परिषद के प्रस्ताव को लेकर पीरपैंती क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का विरोध सामने आया है। आगे प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से प्रस्ताव पर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।

घोषीटोला में बंदर का आतंक खत्म, वन विभाग की टीम ने किया रेस्क्यू

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करीब एक सप्ताह से लोगों पर कर रहा था हमला, कई लोग हुए घायल; तीन दिन के सर्च ऑपरेशन के बाद मिली सफलता

Bhagalpur News:  नाथनगर क्षेत्र के वार्ड नंबर-4 स्थित घोषीटोला में करीब एक सप्ताह से लोगों के लिए परेशानी और दहशत का कारण बने बंदर को आखिरकार वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर लिया। गुरुवार को वन विभाग की टीम ने अभियान चलाकर बंदर को सुरक्षित पकड़ लिया। बंदर के पकड़े जाने के बाद घोषीटोला और आसपास के इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कई दिनों से बंदर इलाके में घूम रहा था और लोगों को देखकर उनके पीछे दौड़कर हमला कर देता था। बंदर के हमले में कई लोग घायल भी हो चुके थे। लगातार हो रही घटनाओं के कारण स्थानीय लोगों में डर का माहौल बना हुआ था और लोग अकेले बाहर निकलने से भी बच रहे थे।

बंदर को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने लगातार तीन दिनों तक सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान टीम ने इलाके के अलग-अलग हिस्सों में बंदर की तलाश की। अभियान में स्थानीय ग्रामीणों ने भी वन विभाग की टीम का सहयोग किया और बंदर की गतिविधियों पर नजर रखने में मदद की।

काफी मशक्कत के बाद गुरुवार को टीम को सफलता मिली और बंदर को रेस्क्यू कर लिया गया। डॉ. सुबोध कुमार ने कहा कि ग्रामीणों के सहयोग के बिना बंदर को पकड़ना संभव नहीं था। उन्होंने अभियान में स्थानीय लोगों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

बंदर के रेस्क्यू की खबर फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए। लोग अपनी आंखों से बंदर को पकड़े जाने की कार्रवाई देखने के लिए मौके पर पहुंचे। करीब एक सप्ताह से जारी परेशानी के बाद बंदर के पकड़े जाने से इलाके में राहत का माहौल है।

स्थानीय लोगों ने वन विभाग की टीम के साथ-साथ अभियान में सहयोग करने वाले ग्रामीणों के प्रयास की सराहना की। फिलहाल बंदर को सुरक्षित रेस्क्यू किए जाने के बाद घोषीटोला के लोगों ने राहत की सांस ली है।

विक्रमशिला सेतु पर फिर पसरा सन्नाटा, बेली ब्रिज खोलने में जुटी BRO की टीम

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बेली ब्रिज हटाकर अब लगेगा स्टील ट्रस ब्रिज, करीब तीन महीने तक बंद रहेगा विक्रमशिला सेतु पर वाहनों का आवागमन; भागलपुर-नवगछिया के बीच लोगों के लिए शुरू की गई निशुल्क जल परिवहन सेवा

Bhagalpur News: विक्रमशिला सेतु पर एक बार फिर पूरी तरह सन्नाटा पसर गया है। सेतु के दोनों छोर पर बैरिकेडिंग कर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर किसी भी व्यक्ति को सेतु पर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इस बीच क्षतिग्रस्त हिस्से में लगाए गए बेली ब्रिज को खोलने का काम शुरू कर दिया गया है।

विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर यातायात बहाल करने के लिए BRO की टीम ने करीब एक महीने तक कड़ी मेहनत कर बेली ब्रिज तैयार किया था। अब उसी बेली ब्रिज को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बेली ब्रिज के हिस्सों को खोलकर हटाया जा रहा है, जिसके बाद यहां स्थायी समाधान के तौर पर स्टील ट्रस ब्रिज लगाने की तैयारी की जा रही है।

चार जगहों पर लगाए जाएंगे स्टील ट्रस ब्रिज

सरकार के फैसले के मुताबिक विक्रमशिला सेतु पर कुल चार स्थानों पर स्टील ट्रस ब्रिज लगाए जाने हैं। इसके लिए बेली ब्रिज को हटाने के बाद आगे की तकनीकी और निर्माण प्रक्रिया शुरू होगी। बताया जा रहा है कि पूरे कार्य को पूरा होने में करीब तीन महीने तक का समय लग सकता है।

इस दौरान विक्रमशिला सेतु पर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। इससे भागलपुर और नवगछिया के बीच रोजाना सफर करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। खासकर नौकरी, कारोबार, शिक्षा और अन्य जरूरी कामों के लिए दोनों तरफ आने-जाने वाले लोगों के सामने वैकल्पिक मार्ग का सहारा लेने की चुनौती रहेगी।

गंगा पार कराने के लिए निशुल्क जल परिवहन

विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद लोगों की परेशानी को देखते हुए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। भागलपुर और नवगछिया के बीच आवाजाही के लिए निशुल्क जल परिवहन सेवा शुरू की गई है। फिलहाल लोगों को इसी जल परिवहन सेवा के जरिए गंगा पार कराया जा रहा है।

जिला प्रशासन की ओर से जल परिवहन व्यवस्था को सुचारू रखने और लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जा रहा है। सेतु पर निर्माण कार्य के दौरान लोगों से प्रशासन द्वारा निर्धारित वैकल्पिक व्यवस्था का इस्तेमाल करने की अपील की जा रही है।

सेतु पर सन्नाटा, नीचे गंगा में नावों का सहारा

विक्रमशिला सेतु पर वाहनों की आवाजाही बंद होने के बाद जहां कभी लगातार गाड़ियों की आवाजाही दिखाई देती थी, वहां अब सन्नाटा नजर आ रहा है। दूसरी ओर, भागलपुर और नवगछिया के बीच संपर्क बनाए रखने के लिए गंगा में नावों के जरिए लोगों की आवाजाही कराई जा रही है।

अब सभी की नजरें स्टील ट्रस ब्रिज के निर्माण कार्य पर टिकी हैं। यदि निर्धारित समय में काम पूरा होता है, तो आने वाले महीनों में विक्रमशिला सेतु पर यातायात व्यवस्था फिर से सामान्य होने की उम्मीद है।

कोसी स्नातक MLC चुनाव में डॉ. एनके यादव का नामांकन, पूर्णिया में समर्थकों का बड़ा जुटान

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कला भवन में नामांकन के दौरान मंत्री और विधायक रहे मौजूद, समर्थकों ने निकाला बड़ा काफिला; 23 अक्टूबर को मतदान, 6 अक्टूबर तक नामांकन

Purnia News:  कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बुधवार को एनडीए प्रत्याशी डॉ. एन.के. यादव ने पूर्णिया स्थित कला भवन में अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक और एनडीए के नेता मौजूद रहे।

नामांकन कार्यक्रम के दौरान बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री मिथिलेश तिवारी, इंजीनियर शैलेंद्र, लेसी सिंह, दिलीप जायसवाल और श्रवण कुमार समेत कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रही। इस दौरान सैकड़ों समर्थकों और गाड़ियों का लंबा काफिला दिखा l

कला भवन में दिखा समर्थकों का जुटान

डॉ. एन.के. यादव के नामांकन को लेकर पूर्णिया के कला भवन में समर्थकों की बड़ी भीड़ जुटी। कार्यक्रम में एनडीए के कई विधायक और वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। नामांकन के दौरान नेताओं और समर्थकों ने प्रत्याशी के पक्ष में समर्थन व्यक्त किया।

नामांकन कार्यक्रम में 30 से अधिक विधायकों की मौजूदगी का भी दावा किया गया है। इस दौरान समर्थकों की ओर से चुनाव को लेकर उत्साह दिखाया गया।

23 अक्टूबर को होगा मतदान

कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू हुई है। नामांकन की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। इसके बाद 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की संवीक्षा होगी, जबकि 9 अक्टूबर तक अभ्यर्थिता वापस ली जा सकेगी। मतदान 23 अक्टूबर और मतगणना 27 अक्टूबर 2026 को होगी।

कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 14 जिले शामिल हैं, जिनमें खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, जमुई और बांका शामिल हैं। इन जिलों में कुल 181 मतदान केंद्र बनाए गए हैं और उपलब्ध निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार कुल निर्वाचकों की संख्या 1,34,593 है।

नामांकन के साथ चुनावी मुकाबला हुआ तेज

डॉ. एन.के. यादव के नामांकन के साथ कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी गतिविधियां और तेज हो गई हैं। भाजपा ने उन्हें इस सीट से अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

अब नामांकन की अंतिम तारीख तक अन्य प्रत्याशियों के मैदान में आने और नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनावी तस्वीर और स्पष्ट होगी। कोसी स्नातक सीट का चुनाव स्नातक मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण विधान परिषद चुनाव है और 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान के बाद 27 अक्टूबर को मतगणना होगी।