हर मंगलवार अलग-अलग विषयों की परीक्षा, शनिवार को परिणाम; विद्यालयों में एथलेटिक्स और स्पोर्ट्स क्लब की स्थापना, JEE-NEET की निःशुल्क तैयारी पर भी जोर
Patna News: बिहार में बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए राज्य के 700 मॉडल स्कूलों यानी सरस्वती विद्या निकेतनों में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ खेल और अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की तैयारी की गई है। इसके तहत अब मॉडल स्कूलों में प्रत्येक सप्ताह मंगलवार को अलग-अलग विषयों का यूनिट टेस्ट आयोजित किया जाएगा। शिक्षक इन परीक्षाओं का मूल्यांकन करेंगे और प्रत्येक सप्ताह शनिवार को परिणाम जारी किया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों की पढ़ाई की नियमित समीक्षा करना, उनकी सीखने की प्रगति को समझना और जरूरत के अनुसार शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराना है।
पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियों पर भी जोर
मॉडल स्कूलों में विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए परीक्षा एवं खेल कैलेंडर का अनुपालन अनिवार्य किया गया है। विद्यालयों में खेल गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने के लिए विद्यालयवार अधिकारियों को नामित कर निरीक्षण की व्यवस्था भी की गई है।
इसके साथ ही विद्यालयों में अनुशासन और विद्यार्थियों की जिम्मेदारी बढ़ाने के लिए कक्षा मॉनिटर बनाए जाने की व्यवस्था की जा रही है।
हर विद्यालय में बनेगा स्पोर्ट्स और एथलेटिक्स क्लब
राज्य के मॉडल स्कूलों में विद्यालयवार खेल एवं एथलेटिक्स क्लब स्थापित किए जाएंगे। इन क्लबों के माध्यम से विद्यार्थियों को अलग-अलग खेल विधाओं में भाग लेने और अपनी प्रतिभा विकसित करने का अवसर मिलेगा।
इसके लिए राज्य के सभी सरस्वती विद्या निकेतनों के प्रधानाध्यापकों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। विद्यार्थियों को लॉन्ग जंप, हाई जंप सहित विभिन्न खेल विधाओं का प्रशिक्षण देने की भी योजना है।
JEE और NEET की निःशुल्क तैयारी
मॉडल स्कूलों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इच्छुक विद्यार्थियों के लिए JEE और NEET की निःशुल्क तैयारी कराई जा रही है।
शिक्षा व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने के लिए ई-शिक्षाकोष के माध्यम से सरस्वती विद्या निकेतन यानी आदर्श विद्यालयों की प्रतिदिन रिपोर्टिंग भी की जा रही है। इससे विद्यालयों की गतिविधियों और शैक्षणिक व्यवस्था की नियमित निगरानी पर जोर दिया जा रहा है।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को मिलेगा ‘टीचर ऑफ द मंथ’ पुरस्कार
मॉडल स्कूलों में केवल विद्यार्थियों के प्रदर्शन पर ही नहीं, बल्कि शिक्षकों की कार्यक्षमता और बेहतर प्रदर्शन को भी प्रोत्साहित करने की योजना है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को ‘टीचर ऑफ द मंथ’ पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करना और विद्यालयों में सकारात्मक शैक्षणिक माहौल को बढ़ावा देना है।
हाईटेक शिक्षा के साथ सर्वांगीण विकास पर फोकस
मॉडल स्कूलों के माध्यम से शिक्षा विभाग का फोकस गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के साथ आधुनिक सुविधाओं और नवाचार आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने पर है। नियमित यूनिट टेस्ट, खेल गतिविधियां, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, डिजिटल रिपोर्टिंग और शिक्षकों के बेहतर प्रदर्शन को प्रोत्साहन देने जैसी व्यवस्थाओं के जरिए विद्यार्थियों के शैक्षणिक, शारीरिक और मानसिक विकास को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
इन व्यवस्थाओं के जरिए मॉडल स्कूलों में ऐसा वातावरण विकसित करने पर जोर है, जहां पढ़ाई के साथ खेल, अनुशासन, तकनीक और प्रतिभा विकास को भी समान महत्व मिले।


