Homeबिहारपटनाबिहार के विकास का डंका: 'बापू टावर' और 'बुद्ध संग्रहालय' को मिला...

बिहार के विकास का डंका: ‘बापू टावर’ और ‘बुद्ध संग्रहालय’ को मिला प्रतिष्ठित विश्वकर्मा अवॉर्ड, नितिन गडकरी ने किया सम्मानित

​"बिहार की वास्तुकला का दुनिया में डंका: बापू टावर और वैशाली बुद्ध संग्रहालय को मिला 'विश्वकर्मा अवॉर्ड', केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बिहार के काम को सराहा"

Patna News: बिहार की वास्तुकला और बुनियादी ढांचा विकास (Infrastructure Development) को आज राष्ट्रीय मंच पर एक बड़ी पहचान मिली है। नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में बिहार की दो महत्वाकांक्षी परियोजनाओं— बापू टावर (पटना) और बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं स्मृति स्तूप (वैशाली) को प्रतिष्ठित ’17वां CIDC विश्वकर्मा अवॉर्ड 2026′ प्रदान किया गया।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सौंपा सम्मान

​भवन निर्माण विभाग की इन शानदार उपलब्धियों के लिए माननीय केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी ने खुद अपने हाथों से विभाग के सचिव  कुमार रवि को यह सम्मान सौंपा। दोनों ही परियोजनाओं को ‘Best Construction Projects’ की श्रेणी में विश्वकर्मा अवॉर्ड से नवाजा गया है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विजन की जीत: सचिव कुमार रवि

​सम्मान प्राप्त करने के बाद भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री कुमार रवि ने कहा, “यह सम्मान पूरे बिहार के लिए गर्व की बात है। यह उपलब्धि माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व और उनके सतत मार्गदर्शन का परिणाम है। विभाग की पूरी टीम ने इन प्रोजेक्ट्स को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए अटूट प्रतिबद्धता दिखाई है।”

बापू टावर: आधुनिक तकनीक और गांधीवादी दर्शन का संगम

​पटना के गर्दनीबाग में स्थित बापू टावर महात्मा गांधी के सिद्धांतों और बिहार से उनके गहरे जुड़ाव को समर्पित है। यहाँ अत्याधुनिक ऑडियो-विजुअल्स, सजीव म्यूरल्स और लघु फिल्मों के माध्यम से बापू की जीवन यात्रा को दर्शाया गया है। यह न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है, बल्कि छात्रों के लिए एक बेहतरीन शिक्षण संस्थान भी बन गया है।

वैशाली का बुद्ध स्तूप: हजारों वर्षों तक रहेगा सुरक्षित

​वैशाली में 72 एकड़ में फैला बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं स्मृति स्तूप अपनी भव्यता के लिए जाना जाता है। इसकी मुख्य विशेषताएं:

  • ऐतिहासिक महत्व: यहाँ भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को सुरक्षित रखा गया है।
  • निर्माण शैली: इसे राजस्थान के मशहूर वंशी पहाड़पुर के बलुआ पत्थरों से बनाया गया है।
  • अत्याधुनिक तकनीक: यह पूरी तरह से भूकंप-रोधी है और इसकी संरचना हजारों वर्षों तक सुरक्षित रहने के लिए डिजाइन की गई है।
  • सुविधाएं: यहाँ विशाल संग्रहालय, लाइब्रेरी, विजिटर सेंटर और एम्फीथिएटर जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं।

अवॉर्ड्स की हैट्रिक की ओर भवन निर्माण विभाग

​यह पहली बार नहीं है जब बिहार के निर्माण को सराहा गया है। इससे पहले भी भवन निर्माण विभाग द्वारा निर्मित सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र और अंजुमन इस्लामिया हॉल को विश्वकर्मा अवॉर्ड मिल चुका है। विभाग अपनी नई निर्माण शैलियों से देश-दुनिया में बिहार की एक प्रगतिशील पहचान बना रहा है।

विजय सिन्हा
विजय सिन्हाhttp://silktvnews.com
Hindi News, हिंदी न्यूज, Latest News in Hindi, Aaj ki Taaja Khabar पढ़ें SilkTVNews पर.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Bhāgalpur
few clouds
27 ° C
27 °
27 °
84%
3.2m/s
19%
Wed
33 °
Thu
25 °
Fri
24 °
Sat
30 °
Sun
33 °

Most Popular