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भागलपुर व्यवहार न्यायालय में बनेगा ‘वल्नरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर’, जिलाधिकारी ने किया स्थल निरीक्षण

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Bhagalpur News: भागलपुर के व्यवहार न्यायालय परिसर में संवेदनशील गवाहों (Vulnerable Witnesses) की सुरक्षा और उनके बयान दर्ज करने की प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाने के लिए ‘वल्नरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर’ (VWDC) का निर्माण किया जाएगा। जिला सत्र न्यायाधीश के पत्र के आलोक में आज जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने प्रशासनिक टीम के साथ न्यायालय परिसर का सघन निरीक्षण किया।

​ बार लाइब्रेरी के नीचे स्थल का चयन

​निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न संभावित जगहों का जायजा लिया। प्राथमिक तौर पर बार लाइब्रेरी के नीचे के स्थल को इस केंद्र के निर्माण के लिए उपयुक्त मानते हुए चिन्हित किया गया है।

  • ​अगला कदम: इस स्थल पर निर्माण कार्य शुरू करने से पहले नगर निगम से ‘अनापत्ति प्रमाण पत्र’ (NOC) प्राप्त किया जाएगा। NOC मिलते ही सेंटर के निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी।

​ क्या है वल्नरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर (VWDC)?

​यह केंद्र उन गवाहों के लिए बनाया जाता है जो अत्यंत संवेदनशील होते हैं (जैसे बच्चे, यौन शोषण के शिकार व्यक्ति या डरे हुए गवाह)। इसका मुख्य उद्देश्य:

  • ​गवाहों को सुरक्षित और तनावमुक्त वातावरण प्रदान करना।
  • ​बिना किसी डर या दबाव के अपना बयान दर्ज कराने में मदद करना।
  • ​न्यायालय की कार्यवाही को मानवीय और सुलभ बनाना।

​ निरीक्षण में शामिल रहे मुख्य अधिकारी

​स्थल निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के साथ जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:

  1. ​ जतिन कुमार (सहायक समाहर्ता)
  2. ​ दिनेश राम (अपर समाहर्ता)
  3. ​ मीक्षी कुमारी (प्रभारी पदाधिकारी, जिला विधि शाखा)

 न्यायिक प्रक्रिया में मील का पत्थर

​जिला प्रशासन की इस पहल को भागलपुर की न्यायिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखा जा रहा है। इस सेंटर के बन जाने से संवेदनशील मामलों में गवाहों को आरोपी के सीधे संपर्क में आए बिना अपनी बात रखने की सुविधा मिलेगी, जिससे न्याय की प्रक्रिया और अधिक निष्पक्ष और सुरक्षित हो जाएगी।

नवगछिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पिकअप से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद, झारखंड के दो तस्कर गिरफ्तार

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Bhagalpur News: बिहार में पूर्ण शराबबंदी को प्रभावी बनाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मद्यनिषेध विभाग और स्थानीय पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। नवगछिया के इस्माइलपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत जाह्नवी चौक के पास पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की है।

​चेकिंग के दौरान पकड़ा गया शराब का जखीरा

​मद्यनिषेध थाना, नवगछिया को गुप्त जानकारी मिली थी कि एक पिकअप वाहन के जरिए शराब की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही जाह्नवी चौक के पास सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया गया। इसी दौरान संदिग्ध पिकअप को रोककर जब उसकी तलाशी ली गई, तो पुलिस के भी होश उड़ गए।

​जब्ती का विवरण:

  • ​कुल शराब: 442.80 लीटर
  • ​अनुमानित कीमत: ₹5,31,360 (पांच लाख इकतीस हजार तीन सौ साठ रुपये)
  • ​वाहन: एक पिकअप वैन (जब्त)

​झारखंड के रहने वाले हैं गिरफ्तार तस्कर

​पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दोनों आरोपी पड़ोसी राज्य झारखंड के रहने वाले हैं।

​गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान:

  1. ​भगवान बारी (25 वर्ष): पिता- जमींदार बारी, निवासी- आदित्यपुर (वार्ड नं. 12), जिला- सरायकेला खरसावां, झारखंड।
  2. ​रोहन लाल (19 वर्ष): पिता- संतोष लाल, निवासी- आदित्यपुर (वार्ड नं. 02), जिला- सरायकेला खरसावां, झारखंड।

​पुलिस टीम की मुस्तैदी

​इस सफल अभियान का नेतृत्व थानाअध्यक्ष ने किया। टीम में मुख्य रूप से अवर निरीक्षक राजू कुमार, मद्यनिषेध सहायक अवर निरीक्षक अर्जुन कुमार, मद्यनिषेध सिपाही और गृह रक्षक बल के जवान शामिल थे।

​”भागलपुर मद्यनिषेध विभाग द्वारा जिले में शराब तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। हमारा उद्देश्य जिले में पूर्ण शराबबंदी को सख्ती से लागू करना है और ऐसे किसी भी अवैध व्यापार को जड़ से खत्म करना है।”

— विभागीय बयान

 

​आगे की कार्रवाई

​पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि शराब की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे भागलपुर के किन इलाकों में सप्लाई किया जाना था। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य सिंडिकेट सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी की जा सकती है।

भागलपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन मुस्कान’ लाया रंग: 41 लोगों को वापस मिले ₹9 लाख के मोबाइल, खिले चेहरे

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Bhagalpur News: भागलपुर जिला पुलिस ने एक बार फिर आम जनता के बीच अपना विश्वास मजबूत करते हुए ‘ऑपरेशन मुस्कान’ (Operation Muskan) के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से गुम हुए मोबाइल फोनों को बरामद कर पुलिस ने उनके असली मालिकों को सौंप दिया है। इस पहल ने न केवल लोगों की कीमती संपत्ति लौटाई है, बल्कि पुलिस के प्रति जन-भरोसे को भी नया आयाम दिया है।

​ 9 लाख रुपये की संपत्ति बरामद

​वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय में आयोजित एक विशेष वितरण कार्यक्रम के दौरान 41 मोबाइल धारकों को उनके खोए हुए फोन वापस किए गए। पुलिस द्वारा बरामद किए गए इन स्मार्टफोन्स की अनुमानित बाजार कीमत लगभग ₹9,00,000 (नौ लाख रुपये) आंकी गई है।

​ तकनीकी सेल की मेहनत लाई रंग

​इन मोबाइलों की बरामदगी कोई आसान काम नहीं था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार:

  • ​टेक्निकल सेल का योगदान: जिला पुलिस की तकनीकी सेल ने ‘सर्विलांस’ और ‘IMEI ट्रैकिंग’ के जरिए इन मोबाइलों को ट्रेस किया।
  • ​निरंतर अभियान: पुलिस द्वारा लगातार चलाए गए विशेष अभियान और विभिन्न थानों के समन्वय से इन हैंडसेट्स को अलग-अलग स्थानों से बरामद किया गया।

​ “खोई उम्मीद वापस मिली”: भावुक हुए मोबाइल मालिक

​अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। कार्यक्रम में मौजूद कई लोगों ने अपनी आपबीती साझा की:

​”मेरा मोबाइल काफी महंगा था और मुझे बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि यह कभी वापस मिलेगा। भागलपुर पुलिस की मेहनत ने आज नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया है। हम पुलिस प्रशासन का दिल से आभार व्यक्त करते हैं।” — एक मोबाइल धारक

 

​ पुलिस-पब्लिक फ्रेंडली पहल

​’ऑपरेशन मुस्कान’ बिहार पुलिस की एक ऐसी मुहिम है जिसका उद्देश्य अपराध नियंत्रण के साथ-साथ लोगों की छोटी-बड़ी समस्याओं का समाधान कर उनके चेहरों पर खुशी लाना है। भागलपुर पुलिस इस दिशा में लगातार सक्रिय है, जिससे जनता और पुलिस के बीच की दूरी कम हो रही है।

​भागलपुर पुलिस का ड्रग्स नेटवर्क पर कड़ा प्रहार: ललमटिया में छापेमारी, 10 ग्राम से अधिक ‘ब्राउन शुगर’ के साथ महिला तस्कर गिरफ्तार

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Bhagalpur News: भागलपुर में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार के निर्देश पर ललमटिया थाना क्षेत्र में की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में ब्राउन शुगर बरामद किया है और इस काले धंधे में संलिप्त एक महिला अपराधी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

​ गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल

​दरअसल पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ललमटिया थाना अंतर्गत पासीटोला निवासी अमृता कुमारी (पति- राजा चौधरी) अपने घर से अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री का नेटवर्क चला रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर-02) की निगरानी में ललमटिया थानाध्यक्ष दीपक पासवान के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।

​ छापेमारी और बरामदगी का विवरण

​गठित टीम ने जब अमृता कुमारी के घर पर विधिवत छापेमारी की, तो पुलिस भी दंग रह गई। तलाशी के दौरान पुलिस ने निम्नलिखित सामान बरामद किया:

  • ​ब्राउन शुगर: 10.250 ग्राम (उच्च गुणवत्ता वाला मादक पदार्थ)
  • ​नगद राशि: 1485 रुपये (बिक्री के पैसे होने का अनुमान)

जिसके बाद ​पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त अमृता कुमारी को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है ताकि इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों और ड्रग्स के ‘बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज’ (सप्लाई चेन) का पता लगाया जा सके।

​ टीम में शामिल रहे जांबाज अधिकारी

​इस सफल ऑपरेशन में ललमटिया पुलिस की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में मुख्य रूप से शामिल थे:

  1. ​पु.अ.नि. सह थानाध्यक्ष दीपक पासवान
  2. ​पु.अ.नि. राहुल कुमार
  3. ​स.अ.नि. संजय कुमार पाठक
  4. ​सिपाही अवध किशोर कुमार
  5. ​महिला सिपाही: राखी कुमारी, रिभा कुमारी और गायत्री कुमारी।

​ पुलिस की चेतावनी

​वरीय पुलिस अधीक्षक, भागलपुर ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब, हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हॉट-स्पॉट्स पर सघन गश्ती और छापेमारी का दौर लगातार जारी रहेगा। ललमटिया पुलिस की इस कार्रवाई से ड्रग माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।

भागलपुर के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर: 11 अप्रैल को लगेगा नियोजन कैंप, SBI Life में ऑफिसर बनने का मौका

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Bhagalpur News: बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के तत्वावधान में भागलपुर के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का एक बड़ा अवसर सामने आया है। आगामी 11 अप्रैल 2026 (शनिवार) को अवर प्रादेशिक नियोजनालय परिसर में एक दिवसीय नियोजन कैंप (Job Camp) का आयोजन किया जा रहा है।

​ SBI Life Insurance में ‘डेवलपमेंट ऑफिसर’ बनने का मौका

​सहायक निदेशक (नियोजन) द्वारा जारी सूचना के अनुसार, इस कैंप में देश की प्रतिष्ठित कंपनी SBI Life Insurance Company Limited भाग ले रही है। कंपनी द्वारा डेवलपमेंट ऑफिसर (Development Officer) के पद पर बहाली की जाएगी।

​नौकरी से जुड़ी मुख्य जानकारियां:

विवरण

पद की जानकारी

पद का नाम

डेवलपमेंट ऑफिसर (Development Officer)

कुल रिक्तियां

07 पद

योग्यता

स्नातक (Graduate)

आयु सीमा

20 से 40 वर्ष

वेतनमान

₹20,800/- से ₹35,500/- प्रति माह

लिंग

केवल पुरुष उम्मीदवारों के लिए

 कैंप का समय और स्थान

  • ​तारीख: 11 अप्रैल 2026
  • ​समय: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 03:00 बजे तक
  • ​स्थान: अवर प्रादेशिक नियोजनालय परिसर, भागलपुर।

​ आवेदन के लिए अनिवार्य शर्तें और दस्तावेज

​इस नियोजन कैंप में भाग लेने के लिए आवेदकों का नियोजनालय (Employment Exchange) में निबंधन (Registration) होना अनिवार्य है। यदि किसी अभ्यर्थी का निबंधन नहीं है, तो वह किसी भी कार्य दिवस में नियोजनालय जाकर अपना निबंधन करा सकता है।

​अभ्यर्थी अपने साथ निम्नलिखित दस्तावेज जरूर लाएं:

  1. ​सभी शैक्षणिक अंक पत्र एवं प्रमाणपत्र।
  2. ​शैक्षणिक के अलावा अन्य प्रशैक्षणिक प्रमाणपत्र (यदि कोई हो)।
  3. ​आधार कार्ड।
  4. ​दो पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो।
  5. ​नियोजनालय का निबंधन कार्ड।
  6. ​अपडेटेड बायोडाटा (Resume)।

​ पूरी तरह नि:शुल्क है यह प्रक्रिया

​जिला नियोजन कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह नियोजन कैंप पूर्णतः नि:शुल्क है। किसी भी व्यक्ति को नौकरी के नाम पर कोई शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है। इच्छुक युवा समय पर पहुंचकर इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं।

भागलपुर प्रशासन की अनूठी पहल: समीक्षा भवन में 135 हज यात्रियों का भव्य विदाई समारोह, DM ने सौंपी ‘सफर किट’

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Bhagalpur News: भागलपुर जिला प्रशासन ने इस वर्ष हज यात्रा पर जाने वाले जायरीन के लिए एक यादगार और सम्मानजनक विदाई का आयोजन किया। समीक्षा भवन में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने की। जिले के इतिहास में पहली बार प्रशासन द्वारा इस स्तर पर हज यात्रियों का अभिनंदन किया गया है।

​ प्रशिक्षण और सम्मान का संगम

​कार्यक्रम के दौरान कुल 135 हज यात्रियों के लिए ‘दुआइयां ए मजलिस’ का आयोजन किया गया। इस मौके पर केवल शुभकामनाएं ही नहीं दी गईं, बल्कि यात्रियों की सुविधा का भी पूरा ख्याल रखा गया:

  • ​विशेष प्रशिक्षण: ख्याति प्राप्त प्रशिक्षकों द्वारा सभी हज यात्रियों को यात्रा के नियमों, अरकानों और सुरक्षा मानकों की विस्तृत जानकारी दी गई।
  • ​प्रशासकीय उपहार (Haj Kit): जिलाधिकारी ने स्वयं सभी यात्रियों को विशेष किट प्रदान की। इस किट में सफर के दौरान काम आने वाली जरूरी चीजें जैसे तौलिया, इत्र की शीशी और चश्मा शामिल थे।
  • ​प्रशिक्षकों का सम्मान: जिलाधिकारी ने न केवल यात्रियों, बल्कि उन्हें प्रशिक्षित करने वाले हाजियों को भी अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।

​ “भागलपुर में पहली बार”: गदगद हुए हज यात्री

​जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की इस व्यक्तिगत रुचि और संवेदनशीलता ने सभी का दिल जीत लिया। हज यात्रियों ने साझा किया कि इससे पहले जिला स्तर पर इस तरह का व्यवस्थित और सम्मानजनक आयोजन नहीं देखा गया था।

​”जिला प्रशासन द्वारा किया गया यह प्रयास सराहनीय है। हमें न केवल प्रशिक्षण मिला, बल्कि जिस तरह से हमारा सम्मान किया गया, उससे हमारी यात्रा का उत्साह दोगुना हो गया है।” — एक हज यात्री

जिला प्रशासन का आभार

​कार्यक्रम के अंत में सभी हज यात्रियों ने एक स्वर में भागलपुर जिला प्रशासन और जिलाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रशासन की इस पहल को जिले में सांप्रदायिक सौहार्द और सेवा भाव की एक नई मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

बिहार में ‘शिक्षा माफिया’ बेलगाम! प्राइवेट स्कूलों की मनमानी से अभिभावक त्रस्त, एडमिशन से लेकर ड्रेस और किताबों तक में ‘बड़ी लूट’

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Bhagalpur News: बिहार में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों की मनमानी का काला खेल एक बार फिर शुरू हो गया है। राज्य के हर जिले से अभिभावकों की चीख-पुकार सुनाई दे रही है, लेकिन स्कूल प्रबंधन ‘शिक्षा’ को व्यापार बनाकर मोटी कमाई करने में जुटे हैं। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार इस ‘एजुकेशन सिंडिकेट’ के तले दबते जा रहे हैं।

​री-एडमिशन के नाम पर ‘अवैध’ वसूली

​नियमों को ताक पर रखकर, बिहार के अधिकांश निजी स्कूल हर साल बच्चों के अगली कक्षा में जाने पर ‘री-एडमिशन फीस’ के नाम पर हजारों रुपये वसूल रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि एक बार स्कूल में नामांकन होने के बाद हर साल यह चार्ज लेना पूरी तरह गलत है, लेकिन बच्चों का भविष्य दांव पर होने के कारण वे चुप्पी साधने को मजबूर हैं।

​किताबों और ड्रेस में 500% तक का कमीशन!

​निजी स्कूलों की लूट का सबसे बड़ा जरिया अब किताबें और ड्रेस बन गई हैं:

  • ​किताबों का खेल: जो किताब बाजार में 100 रुपये की मिलनी चाहिए, स्कूल उसे विशेष पब्लिशर के नाम पर 500 रुपये में बेच रहे हैं। कई स्कूलों ने तो स्कूल परिसर के अंदर ही दुकानें खोल रखी हैं या किसी खास दुकान से ही सामान लेने का दबाव बनाया जाता है।
  • ​हर साल बदली जाती है ड्रेस: ताज्जुब की बात यह है कि स्कूल प्रबंधन हर साल या दो साल में ड्रेस का डिजाइन या रंग बदल देते हैं ताकि पुराना ड्रेस काम न आ सके और अभिभावकों को नई ड्रेस खरीदने पर मजबूर किया जा सके।

​शिक्षा माफिया का बढ़ता मनोबल, UP की तर्ज पर कार्रवाई की मांग

​अभिभावकों का आरोप है कि बिहार में शिक्षा विभाग की सुस्ती के कारण इन माफियाओं का मनोबल बढ़ा हुआ है।

​“उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने प्राइवेट स्कूलों की फीस और किताबों की कीमतों पर नकेल कसनी शुरू कर दी है। बिहार सरकार को भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि आम आदमी की कमर न टूटे।” — एक पीड़ित अभिभावक

 

​प्रमुख मुद्दे जिन पर जनता मांग रही है जवाब:

  1. ​री-एडमिशन फीस: क्या हर साल एडमिशन के नाम पर पैसे लेना कानूनी है?
  2. ​किताबों की मोनोपॉली: NCERT की जगह महंगे प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें क्यों थोपी जा रही हैं?
  3. ​कोचिंग की मनमानी: स्कूल के बाद भारी-भरकम फीस वाली कोचिंग का बोझ बच्चों पर क्यों?

बिहार के सभी 40 लोकसभा क्षेत्रों में पासपोर्ट सेवा सक्रिय: रामनगर (पश्विम चंपारण) में खुलेगा नया POPSK, जानें क्या होगा खास

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Patna News: बिहार के पासपोर्ट आवेदकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने नागरिक सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। पश्विम चंपारण जिले के राम नगर (वाल्मीकि नगर निर्वाचन क्षेत्र) में नए पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) का उद्घाटन होने जा रहा है।

​13 अप्रैल को होगा भव्य उद्घाटन

​क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना के अंतर्गत इस नए केंद्र का उद्घाटन 13 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे प्रेम जननी संस्कृत उच्च विद्यालय, राम नगर में किया जाएगा। कार्यक्रम में वाल्मीकि नगर के सांसद, स्थानीय विधायक और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।

​अब घर के पास मिलेंगी ये सुविधाएं

​रामनगर का यह केंद्र बिहार का 38वां और भारत का 454वां पासपोर्ट सेवा केंद्र होगा। यहाँ निम्नलिखित सुविधाएं मिलेंगी:

  • ​नया आवेदन और नवीनीकरण: नए पासपोर्ट के लिए आवेदन और पुराने पासपोर्ट का रिन्यूअल।
  • ​PCC सेवा: पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) जारी करने की सुविधा।
  • ​स्लॉट की जानकारी: रोजाना कुल 45 पासपोर्ट और 5 PCC अपॉइंटमेंट स्लॉट उपलब्ध होंगे।
  • ​तेज डिलीवरी: वेरिफिकेशन और बायोमेट्रिक्स के बाद, रिपोर्ट क्लियर होने पर मात्र 5 दिनों में पासपोर्ट स्पीड पोस्ट से आवेदक के घर पहुँच जाएगा।

​बिहार में पासपोर्ट सेवा का ‘मिशन 40’ पूरा

​इस केंद्र के शुरू होते ही बिहार के सभी 40 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में पासपोर्ट कार्यालय पूरी तरह सक्रिय हो जाएंगे। यह सरकार की ‘अंतिम मील तक सेवा’ (Last Mile Delivery) की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अब वाल्मीकि नगर और आसपास के दूर-दराज के क्षेत्रों के लोगों को पासपोर्ट के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी होगी, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी।

​आंकड़ों में पश्विम चंपारण की बढ़ती मांग

​प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पश्विम चंपारण जिले में पासपोर्ट की मांग में जबरदस्त उछाल आया है:

  • ​2024: कुल 21,701 आवेदन प्राप्त हुए।
  • ​2025: आवेदन संख्या बढ़कर 26,730 हो गई (लगभग 23.2% की वृद्धि)।
  • ​समावेशी सेवा: पिछले साल 1,610 महिलाओं और 3 ट्रांसजेंडर आवेदकों को भी पासपोर्ट जारी किए गए, जो समाज के हर वर्ग की बढ़ती भागीदारी को दिखाता है।

बिहार में CM फेस पर हलचल: ‘NDA नेतृत्व करेगा फैसला’, तेजस्वी के शराबबंदी वाले वार पर संजय सिंह का पलटवार

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Bhagalpur News: बिहार की सियासत में ‘मुख्यमंत्री के चेहरे’ को लेकर मची रस्साकशी के बीच जदयू प्रवक्ता सह एमएलसी संजय सिंह ने बड़ा बयान दिया है। भागलपुर पहुंचे संजय सिंह ने साफ कर दिया कि गठबंधन में नेतृत्व को लेकर कोई संशय नहीं है और इसका अंतिम निर्णय एनडीए का शीर्ष नेतृत्व ही करेगा।

​NDA का नेतृत्व सर्वोपरि, विपक्ष के पास मुद्दा नहीं

​मीडिया से मुखातिब होते हुए संजय सिंह ने कहा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, यह एनडीए का आंतरिक मामला है और गठबंधन के बड़े नेता समय आने पर इस पर मुहर लगाएंगे। उन्होंने राजद नेता तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे जनता के बीच भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं।

​शराबबंदी पर तेजस्वी को घेरा: ‘जहरीली शराब पर एक्शन, समाज में अनुशासन’

​तेजस्वी यादव द्वारा शराबबंदी कानून पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए जदयू एमएलसी ने कहा:

  • ​त्वरित कार्रवाई: जहरीली शराब से जुड़ी किसी भी अप्रिय घटना पर सरकार मूकदर्शक नहीं रहती। दोषियों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजा जाता है।
  • ​सामाजिक सुधार: शराबबंदी से बिहार के गरीब परिवारों और महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
  • ​अनुशासन: उन्होंने दावा किया कि अब शादी-विवाह जैसे आयोजनों में पहले की तरह हुड़दंग नहीं होता, बल्कि सामाजिक अनुशासन बढ़ा है।

​बंगाल और असम फतह का दावा: ‘NDA होगा और मजबूत’

​आगामी चुनावी राज्यों का जिक्र करते हुए संजय सिंह ने बड़ा राजनीतिक दांव खेला। उन्होंने भविष्यवाणी की कि पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा की प्रचंड जीत होने जा रही है। उन्होंने कहा कि इन राज्यों के चुनाव परिणाम न केवल एनडीए को मजबूती देंगे, बल्कि बिहार की राजनीति पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ेगा।

​“विपक्ष हताश है। तेजस्वी यादव सिर्फ सुर्खियों में रहने के लिए शराबबंदी जैसे सफल कानून पर निशाना साध रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि जनता नीतीश कुमार के विकास मॉडल के साथ है।” > — संजय सिंह, जदयू प्रवक्ता व एमएलसी

 

​सियासी मायने: संजय सिंह के इस बयान ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि एनडीए के भीतर भले ही चेहरे को लेकर कयास लगाए जा रहे हों, लेकिन जदयू अपने स्टैंड पर अडिग है। वहीं, शराबबंदी को ढाल बनाकर उन्होंने राजद के हमलों को कुंद करने की कोशिश की है। अब देखना यह है कि महागठबंधन इस ‘चुनावी भविष्यवाणी’ और ‘नेतृत्व’ वाले बयान पर क्या प्रतिक्रिया देता है।

​रिपोर्ट: आलोक कुमार झा, भागलपुर

भागलपुर में सनसनी: सिपाही भर्ती की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत, कमरे में बिखरा मिला सामान, सिम गायब

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Bhagalpur News: भागलपुर के जोगसर थाना क्षेत्र अंतर्गत दीपनगर मोहल्ले में गुरुवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब बिहार पुलिस की तैयारी कर रही एक 22 वर्षीय छात्रा का शव उसके कमरे में संदिग्ध अवस्था में पाया गया। मृतका की पहचान लोदीपुर के तहबलपुर निवासी सुलेखा कुमारी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और FSL की टीम मौके पर पहुंचकर साक्ष्यों को खंगालने में जुट गई है।

​हत्या या आत्महत्या? घटनास्थल के हालातों ने खड़े किए सवाल

​घटनास्थल का मंजर आत्महत्या के दावों पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है। पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो कई ऐसी चीजें मिलीं जो किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रही हैं:

  • ​अधलेटा शव और खुला दरवाजा: सुलेखा का शव दुपट्टे के फंदे से लटका था, लेकिन उसका शरीर फर्श पर अधलेटा (आधा लेटा हुआ) था। साथ ही कमरे का दरवाजा खुला हुआ मिला।
  • ​बिखरा हुआ सामान: कमरे के अंदर सारा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था, जिससे यह अंदेशा जताया जा रहा है कि मौत से पहले वहां कोई संघर्ष या जबरदस्ती हुई हो सकती है।
  • ​चकनाचूर मोबाइल और गायब सिम: पुलिस को कमरे से एक मोबाइल मिला है जो पूरी तरह टूटा हुआ है और उसकी बैटरी अलग पड़ी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उस मोबाइल से सिम गायब है।

​दिसंबर में पिता को खोया, अब खुद मौत की आगोश में

​बताया जाता है कि सुलेखा पिछले तीन महीनों से इस मकान की चौथी मंजिल पर अकेले किराए के कमरे में रह रही थी। वह प्रतियोगी परीक्षाओं, खासकर बिहार पुलिस की तैयारी कर रही थी। सुलेखा के जीवन में दुखों का पहाड़ तब टूटा था जब पिछले साल दिसंबर में उसके पिता की बीमारी से मौत हो गई थी। पिता के जाने के बाद वह मेहनत कर अपना भविष्य संवारने में जुटी थी, लेकिन इस बीच इस खौफनाक वारदात ने सबको झकझोर दिया है।

​किरायेदार ने दी जानकारी, जांच में जुटी FSL टीम

​घटना का खुलासा तब हुआ जब एक अन्य किरायेदार मोटर चलाने के लिए चौथी मंजिल पर गई। दरवाजा खुला देख जब उसने अंदर झांका, तो सुलेखा को फंदे से लटका पाया। शोर मचाने पर स्थानीय लोग जमा हुए और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मृतका के बैग से एक अन्य बंद मोबाइल, दो आधार कार्ड की फोटोकॉपी और एक डायरी बरामद की है।

​पुलिस का बयान: हर एंगल से होगी जांच

​जोगसर पुलिस ने बताया कि मामला काफी संदिग्ध है। पुलिस इसे हत्या और आत्महत्या, दोनों ही नजरिए से देख रही है। टूटे हुए मोबाइल और गायब सिम की गुत्थी सुलझाने के लिए तकनीकी सेल की मदद ली जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर परिजनों को सूचित कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।