पीरपैंती, मानिकपुर और ओलापुर पंचायत के आंशिक क्षेत्रों को नगर परिषद में शामिल करने के प्रस्ताव पर नाराजगी; एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
Bhagalpur News: पंचायत क्षेत्रों को नगर परिषद में शामिल करने के प्रस्ताव के विरोध में पीरपैंती प्रखंड मुख्यालय परिसर में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। इस दौरान प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की गई और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी नारेबाजी की गई।
धरना से पहले मानिकपुर पंचायत के मुखिया अरविंद साह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने पंचायत क्षेत्र से जुलूस निकाला। बड़ी संख्या में ग्रामीण पैदल नारेबाजी करते हुए प्रखंड मुख्यालय पहुंचे और धरना में शामिल हुए। पीरपैंती की मुखिया गुलफसा प्रवीण और ओलापुर के मुखिया गुलसागर रजक भी ग्रामीणों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। जिला परिषद सदस्य कैलाश यादव ने भी धरना का समर्थन किया।
ग्रामीण क्षेत्रों को नगर परिषद में शामिल करने का विरोध
धरना को संबोधित करते हुए मुखिया अरविंद साह ने कहा कि नगर परिषद के प्रस्ताव में पीरपैंती, मानिकपुर और ओलापुर पंचायत के आंशिक क्षेत्रों को शामिल किया गया है। उनका कहना था कि इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग आज भी कृषि, पशुपालन, मजदूरी और अन्य ग्रामीण गतिविधियों पर निर्भर हैं।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों को शहरी निकाय के दायरे में शामिल करने से स्थानीय लोगों की आजीविका और आर्थिक स्थिति पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से प्रस्ताव पर निर्णय लेने से पहले संबंधित पंचायतों की वास्तविक स्थिति और ग्रामीणों की राय को ध्यान में रखने की मांग की जा रही है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने का भी दिया हवाला
पीरपैंती की मुखिया गुलफसा प्रवीण ने कहा कि पीरपैंती क्षेत्र हर साल बाढ़ की समस्या से प्रभावित रहता है। उनके अनुसार क्षेत्र की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियां अभी भी ग्रामीण स्वरूप की हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ग्राम पंचायत के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाएं संचालित हो रही हैं।
उन्होंने मांग की कि पंचायत क्षेत्रों को नगर परिषद में शामिल करने से पहले कानूनी मापदंड, वर्ष 2011 की जनगणना और क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों का अध्ययन किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक तीनों पंचायतों के अधिकांश लोगों की आजीविका कृषि और कृषि मजदूरी पर निर्भर है, इसलिए किसी भी निर्णय से पहले ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है।
पीरपैंती क्षेत्र में नगर निकाय के विस्तार से जुड़े प्रस्तावों को लेकर हाल के दिनों में स्थानीय स्तर पर विरोध के अन्य कार्यक्रम भी सामने आए हैं। मानिकपुर और पीरपैंती पंचायत के ग्रामीणों ने इससे पहले कैंडल मार्च निकालकर भी प्रस्ताव पर पुनर्विचार की मांग की थी।
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, प्रस्ताव वापस लेने की मांग
धरना-प्रदर्शन के बाद तीनों पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने कहलगांव के एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से जिला पदाधिकारी, भागलपुर को भेजे गए नगर परिषद बनाने के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की गई।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि क्षेत्र की ग्रामीण आबादी, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था, बाढ़ की स्थिति और स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने भी मांग की कि किसी अंतिम निर्णय से पहले क्षेत्र के लोगों की स्थिति और उनकी आपत्तियों को गंभीरता से सुना जाए।
फिलहाल नगर परिषद के प्रस्ताव को लेकर पीरपैंती क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का विरोध सामने आया है। आगे प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से प्रस्ताव पर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।


