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विक्रमशिला एक्सप्रेस में छूटे बच्चे के लिए ‘रक्षक’ बने भागलपुर के टीटीई

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Bhagalpur News: भारतीय रेल केवल यात्रियों को मंजिल तक नहीं पहुँचाती, बल्कि समय-समय पर मानवीय सेवा की नई मिसाल भी पेश करती है। ऐसा ही एक सराहनीय उदाहरण मालदा मंडल के भागलपुर टिकट जांच स्टाफ ने पेश किया है। विक्रमशिला एक्सप्रेस में अपने माता-पिता से बिछड़े एक छह वर्षीय बालक को रेलकर्मियों की तत्परता और संवेदनशीलता की वजह से सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुँचा दिया गया।

​अकेले खड़े मासूम पर पड़ी नजर: भागलपुर टीटीई टीम की सतर्कता

​विक्रमशिला एक्सप्रेस की घटना:

17 अप्रैल 2026 को ट्रेन संख्या 12367 विक्रमशिला एक्सप्रेस में ड्यूटी के दौरान श्री संजय कुमार पांडेय (वरिष्ठ टीटीई/भागलपुर) और श्री अमित कुमार (टीटीआई/भागलपुर) ने कोच संख्या B5 के दरवाजे के पास एक छोटे बच्चे को अकेले खड़ा देखा। दरवाजे के पास बच्चे का अकेला होना किसी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकता था, जिसे देखते हुए रेलकर्मियों ने तुरंत उसे अपने संरक्षण में लिया।

​पटना में छूट गए थे परिजन:

पूछताछ में पता चला कि बालक के माता-पिता पटना जंक्शन पर उतर गए थे, लेकिन भीड़ या असावधानी के कारण बालक ट्रेन के अंदर ही रह गया। बच्चा डरा हुआ था, जिसे टीटीई टीम ने ढांढस बंधाया और मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत वाणिज्य नियंत्रण (दानापुर और मालदा) को इसकी सूचना दी।

​कोऑर्डिनेशन से मिली सफलता: DDU जंक्शन पर हुआ सुरक्षित मिलन

​रेलवे टीम ने बच्चे के परिजनों से संपर्क स्थापित किया और विवरणों का सत्यापन किया। बच्चे के पिता ने जानकारी दी कि वे पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन (DDU) पहुँचकर बच्चे को ले लेंगे। निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए:

  • ​बालक को सुरक्षित रूप से DDU जंक्शन स्थित चाइल्ड हेल्पलाइन टीम को सौंपा गया।
  • ​बाद में पिता के पहुँचने पर कागजी कार्रवाई पूरी कर बच्चा उन्हें सौंप दिया गया।
  • ​अपने कलेजे के टुकड़े को वापस पाकर पिता ने भारतीय रेल और विशेषकर भागलपुर की टीटीई टीम का सहृदय आभार व्यक्त किया।

​अधिकारियों ने थपथपाई पीठ: “यात्री सुरक्षा हमारी प्राथमिकता”

​मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई की वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहना की है। श्री कार्तिक सिंह (वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, मालदा) ने भागलपुर टीटीई टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि, “ऐसी निष्ठा यात्री सुरक्षा एवं सेवा के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है। रेलकर्मियों की सजगता से न केवल बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि एक परिवार की खुशियाँ भी लौट आईं।”

BPSC की बड़ी सफाई: पेपर लीक की खबरें ‘मनगढ़ंत’, भ्रामक दावों पर आयोग का कड़ा प्रहार

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Patna News: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने सोशल मीडिया पर चल रही पेपर लीक और बायोमेट्रिक एजेंसी के चयन से जुड़ी खबरों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक करार दिया है। आयोग ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया है कि कुछ असामाजिक तत्व आयोग की छवि धूमिल करने और अभ्यर्थियों को दिग्भ्रमित करने के उद्देश्य से तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं।

​बायोमेट्रिक एजेंसी विवाद पर सफाई: निविदा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी

​न्यूनतम दर पर हुआ चयन:

सोशल मीडिया (X) पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए आयोग ने कहा कि बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का कार्य करने वाली एजेंसी का चयन (Empanelment) अगस्त 2025 में ही पूरी पारदर्शिता के साथ न्यूनतम दर के आधार पर किया गया था।

​तथ्यों का खंडन:

X पर साझा किए जा रहे NTA के जिस पत्र (दिनांक 25.10.2025) का हवाला दिया जा रहा है, वह निविदा प्रक्रिया पूरी होने के दो महीने बाद जारी हुआ था। ऐसे में उस पत्र का चयन प्रक्रिया पर कोई प्रभाव पड़ना तकनीकी और कानूनी रूप से असंभव है।

​मुंगेर ‘पेपर लीक’ मामले का सच: पुलिस की मुस्तैदी से साजिश नाकाम

​आयोग ने मुंगेर जिला में 13 अप्रैल 2026 को सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी की परीक्षा में प्रश्न-पत्र लीक होने की खबरों का भी कड़ा खंडन किया है।

  • ​सच क्या है: मुंगेर पुलिस ने परीक्षा से एक दिन पहले ही 20 अभ्यर्थियों सहित कुल 22 लोगों को परीक्षा में गड़बड़ी की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था।
  • ​परीक्षा रही सुरक्षित: 14 अप्रैल 2026 को आयोजित परीक्षा पूरी तरह शुचितापूर्ण और पारदर्शी रही। प्रश्न-पत्र लीक होने जैसी कोई घटना घटित ही नहीं हुई।

​“पेपर लीक अब एक दुःस्वप्न”: आयोग की अभेद्य सुरक्षा

​BPSC ने गर्व के साथ साझा किया कि पिछले दो वर्षों में आयोग ने अपनी परीक्षा प्रणाली में क्रांतिकारी सुधार किए हैं।

  • ​60 सफल परीक्षाएं: पिछले 24 महीनों में करीब 60 परीक्षाओं का आयोजन बिना किसी विवाद, कदाचारमुक्त और पारदर्शी तरीके से किया गया है।
  • ​अभेद्य सुरक्षा चक्र: आयोग का कहना है कि वर्तमान परीक्षा व्यवस्था को भेदना अब नामुमकिन है। हताश असामाजिक तत्व कोशिश जरूर करते हैं, लेकिन आयोग की सतर्कता के कारण वे हर बार सलाखों के पीछे पहुँच रहे हैं।

​अभ्यर्थियों के लिए संदेश

​आयोग ने आम जनता और अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही मनगढ़ंत और तथ्यहीन बातों पर ध्यान न दें। आयोग अपनी परीक्षाओं की गरिमा और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

गैस सिलेंडर के लिए अब गोदाम जाने की जरूरत नहीं, घर बैठे मिलेगी डिलीवरी

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति को लेकर जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुधीर कुमार ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि जिले में गैस, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह नियमित है। प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे सिलेंडर के लिए गैस एजेंसियों के गोदामों पर भीड़ न लगाएं, क्योंकि गोदामों से वितरण पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

​होम डिलीवरी पर जोर: बुकिंग से ज्यादा हो रही है सप्लाई

​घर तक पहुँचेगा सिलेंडर:

जिला आपूर्ति पदाधिकारी के अनुसार, सभी गैस एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी के माध्यम से ही गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए। वर्तमान में जिले में बुकिंग की तुलना में सिलेंडर की डिलीवरी की संख्या अधिक है, जिससे पेंडेंसी खत्म हो रही है। राहत की बात यह भी है कि पिछले कुछ दिनों में नई बुकिंग की संख्या में भी कमी दर्ज की गई है, जो बाजार में स्थिरता का संकेत है।

​गोदाम जाने पर रोक:

प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उपभोक्ता गैस लेने के लिए एजेंसी के गोदाम पर न जाएं। गोदामों से गैस वितरण पर सुरक्षा और व्यवस्था के मद्देनजर रोक लगाई गई है। सभी वितरण केवल रजिस्टर्ड एड्रेस पर होम डिलीवरी के जरिए ही होंगे।

​शादी-ब्याह के लिए कमर्शियल गैस की विशेष व्यवस्था

​लगन और शादी-ब्याह के सीजन को देखते हुए प्रशासन ने व्यावसायिक गैस (Commercial LPG) की उपलब्धता के लिए विशेष योजना बनाई है। अनुमंडल स्तर पर इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि विवाह समारोहों में गैस की किल्लत न हो। आयोजकों को तय प्रक्रिया के तहत व्यावसायिक गैस उपलब्ध कराई जा रही है।

​24/7 कंट्रोल रूम: किसी भी शिकायत के लिए यहाँ करें फोन

​जिला प्रशासन गैस वितरण की पूरी प्रक्रिया पर पैनी नजर रख रहा है। उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला नियंत्रण कक्ष (Control Room) चौबीसों घंटे काम कर रहा है।

  • ​कंट्रोल रूम नंबर: 0641-2402871
  • ​विशेष सुविधा: गैस उपभोक्ताओं की किसी भी शिकायत का इस नंबर के माध्यम से तत्काल निवारण किया जा रहा है।

​

भागलपुर जिला प्रशासन की इस सक्रियता से कालाबाजारी पर लगाम लगेगी और आम जनता को अनावश्यक भागदौड़ से मुक्ति मिलेगी। यदि आपकी गैस एजेंसी होम डिलीवरी में आनाकानी करती है, तो आप तुरंत दिए गए कंट्रोल रूम नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।

विरासत को सहेजने की पहल: भागलपुर जिलाधिकारी ने किया ‘भगवान पुस्तकालय’ का औचक निरीक्षण

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Bhagalpur News: ऐतिहासिक और शैक्षणिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने शनिवार को नया बाजार स्थित ऐतिहासिक भगवान पुस्तकालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुस्तकालय की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया और इसके जीर्णोद्धार को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

​पुस्तकालय का बदलेगा स्वरूप: मरम्मती के लिए बनेगा प्राक्कलन

​नया बाजार में ऐतिहासिक धरोहर का जायजा:

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पुस्तकालय के भवन, अध्ययन कक्ष और वहां रखी पुस्तकों के रखरखाव का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने माना कि पुस्तकालय की पुरानी गरिमा को बनाए रखने के लिए इसके बुनियादी ढांचे में सुधार की तत्काल आवश्यकता है।

​इंजीनियरों को विशेष निर्देश:

मौके पर मौजूद कार्यपालक अभियंता (भवन प्रमंडल, भागलपुर) को जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए कि भवन की वर्तमान स्थिति को देखते हुए जल्द से जल्द एक व्यापक प्राक्कलन (Estimate) तैयार करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरम्मती का कार्य इस तरह से किया जाए जिससे पुस्तकालय की मजबूती और सुंदरता दोनों बनी रहे।

​निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक मौजूदगी

​जिलाधिकारी के इस दौरे के दौरान जिला प्रशासन के कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • ​ मोनू कुमार (जिला योजना पदाधिकारी)
  • ​भवन प्रमंडल के वरिष्ठ अभियंता
  • ​पुस्तकालय प्रबंधन समिति के अधिकारीगण

​छात्रों और पाठकों के लिए बड़ी उम्मीद

​भगवान पुस्तकालय भागलपुर के नया बाजार क्षेत्र का एक प्रमुख केंद्र है, जहाँ बड़ी संख्या में छात्र और वरिष्ठ नागरिक ज्ञानार्जन के लिए आते हैं। जिलाधिकारी की इस पहल से उम्मीद जगी है कि जल्द ही पुस्तकालय आधुनिक सुविधाओं और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस होगा, जिससे जिले के पाठकों को एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा।

जन शिकायतों पर जिलाधिकारी सख्त: 3 दिनों के भीतर लंबित मामलों को निपटाने का अल्टीमेटम

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में जन शिकायतों के निपटारे में हो रही देरी को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने समीक्षा भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान लंबित मामलों की धीमी गति पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदु: त्वरित निष्पादन पर जोर

​1. दो से तीन दिनों की समय-सीमा: जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी विभागीय पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि जितने भी जन शिकायत के मामले लंबित हैं, उनका निष्पादन आगामी 2 से 3 दिनों के भीतर सुनिश्चित करें।

​2. पोर्टल पर अपडेट होगी रिपोर्ट: पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आईटी प्रबंधक को विशेष निर्देश दिए गए हैं। अब हर विभाग के पास लंबित मामलों का पूरा विवरण ‘भागलपुर एडमिनिस्ट्रेशन’ के आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, ताकि शिकायतों की स्थिति की रियल-टाइम मॉनिटरिंग हो सके।

​3. विभागवार जवाबदेही तय: समीक्षा के दौरान हर कार्यालय को उनके पास लंबित पड़े आवेदनों की संख्या से अवगत कराया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि फाइलों को दबाकर रखने की संस्कृति को खत्म करना होगा और तय समय सीमा के अंदर पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करनी होगी।

​बैठक में मौजूद रहे जिले के आला अधिकारी

​इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जिनमें शामिल हैं:

  • ​ प्रदीप कुमार सिंह (उप विकास आयुक्त)
  • ​ दिनेश राम (अपर समाहर्ता)
  • ​ राकेश रंजन (अपर समाहर्ता, विधि व्यवस्था)
  • ​धीरेंद्र कुमार (जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी)
  • ​ नागेंद्र कुमार गुप्ता (संयुक्त निदेशक जनसंपर्क)
  • ​ जनार्दन प्रसाद सिंह (जिला परिवहन पदाधिकारी)
  • ​ विकास कुमार (अनुमंडल पदाधिकारी सदर)
  • ​डॉ. अशोक कुमार (सिविल सर्जन)
  • ​राजकुमार शर्मा (जिला शिक्षा पदाधिकारी)

​ इस बैठक से यह साफ है कि भागलपुर जिला प्रशासन अब जन शिकायतों को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है। पोर्टल पर डेटा अपलोड होने से न केवल अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि आम जनता को भी अपनी शिकायतों की स्थिति जानने में आसानी होगी।

नाथनगर में गैस के लिए हाहाकार, एजेंसी की मनमानी के खिलाफ उपभोक्ताओं ने SDO से की शिकायत

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के नाथनगर क्षेत्र के गैस उपभोक्ताओं के लिए इन दिनों रसोई गैस पाना किसी चुनौती से कम नहीं है। साईं बाबा गैस एजेंसी की कार्यशैली और कथित मनमानी से त्रस्त होकर दर्जनों उपभोक्ता शनिवार को सदर अनुमंडल कार्यालय (SDO Office) पहुंचे और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई।

​ प्रशासन के दावों की उड़ रही धज्जियां

​उपभोक्ताओं ने सदर अनुमंडल पदाधिकारी को सौंपे गए आवेदन में स्पष्ट किया है कि जिला प्रशासन और विभाग द्वारा बार-बार ‘होम डिलीवरी’ सुनिश्चित करने की बात कही जाती है, लेकिन धरातल पर सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है।

  • ​होम डिलीवरी का अभाव: उपभोक्ताओं का कहना है कि महीनों से उन्हें घर पर सिलेंडर नहीं दिया जा रहा है।
  • ​एजेंसी पर भी खाली हाथ: जब उपभोक्ता स्वयं के खर्च पर एजेंसी तक सिलेंडर लेने पहुंचते हैं, तो वहां भी स्टॉक नहीं होने या अन्य बहाने बनाकर उन्हें लौटा दिया जाता है।

​ दैनिक जीवन पर बुरा असर

​शिकायतकर्ताओं ने बताया कि गैस की किल्लत की वजह से उनके घरों में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। कई उपभोक्ताओं को बार-बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे उनके समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है।

​”प्रशासन कहता है कि गैस घर पहुंचेगी, लेकिन यहाँ तो एजेंसी जाने पर भी बदसलूकी और इनकार मिलता है। हम गरीब लोग कहाँ जाएं?”

— परेशान उपभोक्ता

 

​ जाँच और कार्रवाई की मांग

​सदर अनुमंडल कार्यालय पहुंचे उपभोक्ताओं ने मांग की है कि:

  1. ​साईं बाबा गैस एजेंसी के स्टॉक और वितरण प्रणाली की निष्पक्ष जाँच की जाए।
  2. ​क्षेत्र में गैस की होम डिलीवरी व्यवस्था को अनिवार्य रूप से बहाल कराया जाए।
  3. ​मनमानी करने वाली एजेंसी पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

​प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को जाँच के निर्देश देने का आश्वासन दिया है। अब देखना यह है कि नाथनगर के लोगों को इस ‘गैस संकट’ से कब तक छुटकारा मिलता है।

जगदीशपुर में श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का भव्य आगाज़, कलश यात्रा में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के जगदीशपुर  में शनिवार को धार्मिक उत्साह और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला, जहाँ श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ के अवसर पर भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया, जिससे पूरा क्षेत्र ‘जय श्रीराम’ और ‘जय लक्ष्मी नारायण’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।

​ पारंपरिक वेशभूषा और झांकियों ने मोहा मन

​शोभा यात्रा की शुरुआत यज्ञ स्थल से हुई, जिसमें भक्ति का अद्भुत रंग देखने को मिला:

  • ​कलश यात्रा: सैकड़ों महिलाएं और कन्याएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर मंगल कलश धारण कर यात्रा में शामिल हुईं।
  • ​आकर्षक झांकियां: शोभा यात्रा में विभिन्न धार्मिक प्रसंगों पर आधारित सजीव झांकियां निकाली गईं। देवी-देवताओं के स्वरूपों को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी रही।
  • ​जनसैलाब: पुरुष, युवा और बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाया।

​ 26 तारीख तक चलेगा भक्ति का महापर्व

​आयोजन समिति ने बताया कि यह महायज्ञ क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि के लिए आयोजित किया जा रहा है।

  • ​दैनिक कार्यक्रम: महायज्ञ के दौरान आगामी 26 तारीख तक प्रतिदिन श्रीमद्भागवत कथा का वाचन होगा।
  • ​धार्मिक अनुष्ठान: सुबह में विधिवत पूजा-अर्चना और यज्ञ, जबकि शाम को सुप्रसिद्ध कथावाचकों द्वारा कथा और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा।
  • ​भंडारा और प्रसाद: कथा श्रवण के लिए दूर-दराज के गांवों से भी श्रद्धालु जगदीशपुर पहुँच रहे हैं, जिनके लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

​ संरक्षक का संदेश

​आयोजन समिति के संरक्षक युगल मंडल ने इस अवसर पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सद्भावना और धार्मिक चेतना का विकास होता है। उन्होंने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से इस महायज्ञ में शामिल होकर पुण्य का भागी बनने की अपील की है।

​”यह महायज्ञ जगदीशपुर की पावन भूमि पर शांति और एकता का संदेश लेकर आया है। 26 तारीख तक होने वाले इस अनुष्ठान में हर दिन भक्तों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।”

— युगल मंडल, संरक्षक

 

​ सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम

​कलश यात्रा और महायज्ञ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति के सदस्य पूरी तरह सक्रिय हैं। जगह-जगह स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

भागलपुर में नौकरी के नाम पर 5 लाख की ठगी, स्कूल में हाईवोल्टेज ड्रामा

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र से धोखाधड़ी और बदसलूकी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक युवती ने एक शिक्षक पर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ₹5 लाख ठगने और पैसे वापस मांगने पर मारपीट व गाली-गलौज करने का गंभीर आरोप लगाया है। यह हंगामा शनिवार को नाथनगर मानसकामना मंदिर स्थित माध्यमिक विद्यालय परिसर में घंटों चलता रहा।

​ मुख्य बिंदु: क्या है पूरा मामला?

    • ​नौकरी का झांसा: पीड़िता का आरोप है कि आरोपी शिक्षक राघवेन्द्र पासवान ने करीब 6 साल पहले सरकारी नौकरी दिलाने का वादा किया था और इसके बदले उससे ₹5 लाख वसूले थे।
    • ​पैसे मांगने पर बदसलूकी: जब युवती अपने पैसे वापस मांगने स्कूल पहुँची, तो आरोपी शिक्षक आपा खो बैठा। आरोप है कि शिक्षक ने युवती के साथ न केवल सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज की, बल्कि उसे डंडे से मारने के लिए भी दौड़ाया।
    • ​शादी पर संकट: पीड़िता ने रोते हुए बताया कि उसकी शादी तय हो चुकी है और उसे पैसों की सख्त जरूरत है। यदि पैसे नहीं मिले तो उसकी शादी टूट जाएगी।

​”मेरी शादी होने वाली है और मुझे रुपयों की बहुत जरूरत है। अगर पैसे नहीं मिले और मेरी शादी टूट गई, तो मेरे पास आत्महत्या करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।”

— पीड़िता

 

​ आरोपी शिक्षक का ‘ठगी नेटवर्क’

​स्थानीय सूत्रों और युवती के दावों के अनुसार, राघवेन्द्र पासवान केवल एक शिक्षक नहीं बल्कि एक संगठित गिरोह का हिस्सा है।

      1. ​संगठित गिरोह: आरोप है कि वह भागलपुर सहित कई जिलों में बेरोजगार युवाओं को नौकरी का लालच देकर शिकार बनाता है।
      2. ​दबंगई का सहारा: ठगी का विरोध करने पर वह असामाजिक तत्वों के जरिए पीड़ितों को डराने-धमकाने का काम करता है।
      3. ​पुराना आपराधिक रिकॉर्ड: आरोपी के खिलाफ भागलपुर सिविल कोर्ट में ठगी का एक अन्य मामला पहले से ही लंबित है, जो उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

​ पुलिस की कार्रवाई

​स्कूल में बढ़ते हंगामे को देख स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना डायल 112 को दी। पुलिस टीम मौके पर पहुँची और आक्रोशित युवती को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने पीड़िता को थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है और मामले की जाँच शुरू कर दी है।

 सिस्टम पर सवाल

​एक सरकारी विद्यालय के परिसर में शिक्षक द्वारा इस तरह की हरकत और ठगी के संगीन आरोप शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाले हैं। अब देखना यह है कि भागलपुर पुलिस इस गिरोह के मास्टरमाइंड पर क्या कार्रवाई करती है ताकि एक मासूम युवती का घर टूटने से बच सके।

पटना: एमिटी फिल्म महोत्सव 2026 का शानदार आगाज, मैथिली ठाकुर के गीतों और सिनेमाई प्रतिभा से गुलजार हुआ कैंपस

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Patna News: पटना के एमिटी विश्वविद्यालय में गुरुवार को ‘एमिटी फिल्म महोत्सव 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। एमिटी स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय महोत्सव (16-17 अप्रैल) ने पहले ही दिन युवा फिल्मकारों की रचनात्मकता और सांस्कृतिक ऊर्जा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उद्घाटन समारोह में सिनेमा, कला और प्रशासन जगत की कई बड़ी हस्तियों ने शिरकत की।

​मैथिली ठाकुर ने बिखेरा लोक संस्कृति का जादू

​महोत्सव की मुख्य अतिथि, प्रसिद्ध लोक गायिका और विधायक सुश्री मैथिली ठाकुर ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने एमिटी यूनिवर्सिटी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि फिल्में सार्थक कहानियों को समाज तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम हैं। इस अवसर पर उन्होंने मैथिली भाषा में विशेष गीतों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा सेमिनार हॉल बिहार की सांस्कृतिक खुशबू से सराबोर हो गया।

​बिहार बनेगा फिल्म निर्माण का नया हब: आईएएस प्रणव कुमार

​विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित बिहार राज्य फिल्म विकास और वित्त निगम के प्रबंध निदेशक प्रणव कुमार (IAS) ने युवाओं में जोश भरते हुए कहा कि भारतीय सिनेमा की अगली बड़ी लहर बिहार के गाँवों और गलियों से निकलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की सहायक नीतियों और युवाओं के जुनून के कारण बिहार अब फिल्म निर्माण के लिए एक आशाजनक केंद्र (Promising Hub) के रूप में उभर रहा है।

​देशभर से आए 300 से अधिक युवा फिल्मकार

​एमिटी यूनिवर्सिटी पटना के कुलपति डॉ. विवेकानंद पांडे ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य महत्वाकांक्षी कलाकारों को अपनी प्रतिभा व्यक्त करने के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करना है।

​उद्घाटन दिवस की मुख्य विशेषताएं:

  • ​भारी भागीदारी: देश के विभिन्न राज्यों के लगभग 50 शिक्षण संस्थानों से 300 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
  • ​सिनेमाई विविधता: महोत्सव में करीब 150 लघु फिल्में, रील और वृत्तचित्र (Documentaries) पंजीकृत की गई हैं।
  • ​सांस्कृतिक तड़का: “समूह नृत्य” और “एकांकी नाटक” जैसी प्रतियोगिताओं ने परिसर को एक जीवंत कला केंद्र में बदल दिया।

​नवाचार और कहानी कहने का नया अंदाज

​महोत्सव के पहले दिन कई पुरस्कार विजेता लघु फिल्मों और वृत्तचित्रों की स्क्रीनिंग की गई। प्रत्येक फिल्म में युवाओं का एक नया दृष्टिकोण और तकनीकी नवाचार देखने को मिला। छात्रों द्वारा निर्मित रील्स और शॉर्ट फिल्मों ने यह साबित कर दिया कि आने वाले समय में बिहार के ये युवा फिल्मकार वैश्विक पटल पर अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार हैं।

एमिटी फिल्म महोत्सव 2026: पटना में ‘पंचायत’ फेम चंदन रॉय ने बिखेरा जलवा, युवाओं से कहा— ‘जुनून और दृढ़ता ही सफलता की कुंजी’

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Patna News: राजधानी पटना स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी के एमिटी स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘एमिटी फिल्म महोत्सव 2026’ का शुक्रवार को भव्य समापन हुआ। सिनेमा, संगीत और रचनात्मकता के इस महाकुंभ ने युवा फिल्मकारों और छात्रों पर अमिट छाप छोड़ी। समापन समारोह के मुख्य आकर्षण ‘पंचायत’ वेब सीरीज में ‘विकास’ के किरदार से घर-घर अपनी पहचान बनाने वाले अभिनेता चंदन रॉय रहे।

​चंदन रॉय ने साझा किए अभिनय के गुर

​मुख्य अतिथि के रूप में मंच संभालते हुए चंदन रॉय ने अपनी सादगी और प्रेरक बातों से छात्रों का दिल जीत लिया। उन्होंने अपने संघर्ष और सफलता की कहानियों को साझा करते हुए कहा कि मनोरंजन जगत में टिके रहने के लिए केवल प्रतिभा काफी नहीं है, बल्कि जुनून और अटूट दृढ़ता सबसे ज्यादा जरूरी है। उन्होंने युवा रचनाकारों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि बिहार की धरती से अब वैश्विक स्तर के कंटेंट निकल रहे हैं।

​“बिहार सरकार दे रही है फिल्मकारों को बढ़ावा” – आनंद कौशल

​कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद वरिष्ठ पत्रकार और बिहार सरकार के पीआर एक्सपर्ट आनंद कौशल ने राज्य में फिल्म निर्माण की संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार नई फिल्म नीति के तहत युवा क्रिएटर्स को कई सुविधाएं और आर्थिक मदद उपलब्ध करा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार अब फिल्म निर्माण के लिए एक उभरता हुआ केंद्र (Hub) बन रहा है और स्थानीय कलाकारों के लिए यहाँ अपार संभावनाएं हैं।

​प्रतिभाओं का महाकुंभ: 50 संस्थानों के 300 प्रतिभागियों ने दिखाया दम

​कुलपति प्रोफेसर (डॉ) विवेकानंद पांडे ने महोत्सव की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे ‘सिनेमाई अभिव्यक्ति का उत्सव’ बताया। इस दो दिवसीय महोत्सव में:

  • ​देश के विभिन्न हिस्सों से लगभग 50 स्कूलों और कॉलेजों के 300 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
  • ​प्रतियोगिता के लिए लगभग 150 लघु फिल्में, रील और वृत्तचित्र (Documentaries) पंजीकृत की गईं।
  • ​उप-कार्यक्रम ‘टैलेंट ट्रेजर’ के तहत नृत्य, संगीत, चित्रकला और नाट्य प्रस्तुतियों ने कैंपस को जीवंत बना दिया।

​विजेताओं का सम्मान और भव्य विदाई

​उत्सव का समापन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ। सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म, सर्वश्रेष्ठ संपादन, और ‘टैलेंट ट्रेजर चैंपियन’ जैसी विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं को प्रमाणपत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। तालियों की गड़गड़ाहट और कैमरों की चमक के बीच युवा कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।