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भागलपुर पुलिस का ‘हॉक’ एक्शन: एसएसपी ने विशेष पेट्रोलिंग टीम को दिखाई हरी झंडी, अब शहर के चप्पे-चप्पे पर होगी बाइक सवार जांबाजों की पैनी नजर

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में अपराध नियंत्रण और आमजन की सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय ने आज एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। शहर की संकरी गलियों से लेकर भीड़भाड़ वाले मुख्य बाजारों तक सुरक्षा का घेरा मजबूत करने के उद्देश्य से ‘विशेष हॉक पेट्रोलिंग टीम’ का विधिवत गठन किया गया है। 17 अप्रैल 2026 को एसएसपी भागलपुर प्रमोद कुमार यादव और नगर पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह द्वारा संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर इस टीम को गश्त के लिए रवाना किया गया।

​मॉर्निंग वॉकर्स से लेकर स्कूल की बेटियों तक, सबके लिए ‘हॉक’ तैनात

​यह टीम आधुनिक संचार उपकरणों और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली (Quick Response System) से लैस है। हॉक पेट्रोलिंग टीम की कार्ययोजना को समय के अनुसार बांटा गया है ताकि हर वर्ग सुरक्षित महसूस करे:

  • ​प्रातः काल: मॉर्निंग वॉकर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
  • ​स्कूल समय: विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों के समय स्कूलों के पास सक्रिय मौजूदगी।
  • ​दोपहर एवं संध्या: महिला कॉलेजों, प्रमुख बाजारों और कोचिंग संस्थानों के आसपास सघन निगरानी, ताकि छात्राएं निडर होकर निकल सकें।

​बैंक, एटीएम और संवेदनशील स्थलों पर विशेष पैनी नजर

​हॉक टीम केवल भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगी। एसएसपी के निर्देशानुसार, यह टीम शहर के बैंकों, एटीएम काउंटरों, प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और संवेदनशील चौराहों पर लगातार गश्त करेगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ यह टीम किसी भी आपात स्थिति में चंद मिनटों के भीतर मौके पर पहुँचने में सक्षम है।

​जनता के साथ नरम, अपराधियों पर गरम: एसएसपी के निर्देश

​टीम को रवाना करने से पहले वरीय पुलिस अधीक्षक ने जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गश्ती के दौरान आम जनता के साथ संवेदनशील और सहयोगात्मक व्यवहार अपनाना है, जबकि विधि-व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों के साथ पूरी कड़ाई से निपटना है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाना और सुरक्षा की भावना को सुदृढ़ करना है।

जनगणना 2027: भागलपुर डीएम ने शुरू की डिजिटल समीक्षा, कहा— ‘पहले सरकारी कर्मचारी करें स्व-गणना, फिर जनता को करें जागरूक’

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Bhagalpur News: विश्व के सबसे बड़े प्रशासनिक अभियान ‘भारत की जनगणना-2027’ की शुरुआत आज भागलपुर में भी धमाकेदार तरीके से हुई। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में समीक्षा भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में जिला स्तरीय पदाधिकारियों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) के साथ इस डिजिटल महाकुंभ की रूपरेखा तय की गई।

​स्व-गणना पोर्टल (Self Enumeration) पर जोर

​डीएम ने स्पष्ट किया कि 17 अप्रैल से 01 मई 2026 तक चलने वाली ‘स्व-गणना’ की प्रक्रिया इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता है। नागरिक सीधे पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। जिलाधिकारी ने बारी-बारी से सभी प्रखंडों की प्रगति रिपोर्ट जांची और जिन प्रखंडों में कार्य की गति अच्छी है, उनकी सराहना की।

​‘पहले खुद करें, फिर दूसरों को सिखाएं’ का मंत्र

​जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने जनगणना कार्य में तेजी लाने के लिए एक विशेष रणनीति साझा की:

  • ​कर्मचारियों का प्रशिक्षण: पंचायत स्तर के सभी कार्यपालक सहायकों, पदाधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रशिक्षित करने का निर्देश।
  • ​अनिवार्यता: सबसे पहले सभी सरकारी अधिकारी और कर्मचारी अपना डेटा स्व-गणना पोर्टल पर अपलोड करेंगे।
  • ​क्षेत्रीय जागरूकता: अपना डेटा अपलोड करने के बाद ये कर्मी ‘मास्टर ट्रेनर’ के रूप में क्षेत्र में जाकर आम जनता को डिजिटल गणना के लिए प्रशिक्षित करेंगे।

​दो दिनों का अल्टीमेटम और फील्ड मॉनिटरिंग

​डीएम ने कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने की चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगले दो दिनों के भीतर स्व-गणना की प्रगति में सकारात्मक उछाल दिखना चाहिए। इसके लिए उन्होंने वरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे केवल दफ्तर में न बैठें, बल्कि सीधे फील्ड में जाकर टीमों के कार्य का निरीक्षण करें।

​बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

​इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रशासन की पूरी टीम मुस्तैद दिखी, जिसमें मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

  • ​उप विकास आयुक्त (DDC):  प्रदीप कुमार सिंह
  • ​अपर समाहर्ता:  दिनेश राम
  • ​अपर समाहर्ता (विधि व्यवस्था):  राकेश रंजन
  • ​अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन):  कुंदन कुमार
  • ​संयुक्त निदेशक जनसंपर्क:  नागेंद्र कुमार गुप्ता

​भागलपुर: ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ के तहत डीएम ने सुनीं जनता की फरियाद

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Bhagalpur News: बिहार सरकार के 7 निश्चय-3 के संकल्प ‘बढ़ेगा अपना बिहार’ को जमीन पर उतारने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। इसी कड़ी में आज जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने अपने कार्यालय कक्ष में ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (Ease of Living) कार्यक्रम के तहत जन-सुनवाई की। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 30 आम जनों के आवेदनों पर विस्तार से चर्चा की गई और उनके समाधान के निर्देश दिए गए।

​पेंशन और जमीन विवाद के मामलों की रही प्रधानता

​जन-सुनवाई के दौरान पहुंचे आवेदकों में सबसे ज्यादा मामले लंबित पेंशन और जमीन विवाद से संबंधित थे। जिलाधिकारी ने एक-एक कर सभी फरियादियों की समस्याओं को सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कोई कठिनाई न हो और भूमि विवादों का निपटारा पारदर्शी तरीके से किया जाए।

​अंचल से लेकर थाने तक अधिकारियों ने सुनी जन-शिकायतें

​जिलाधिकारी के साथ-साथ जिले के तमाम आला अधिकारियों ने भी अपने-अपने स्तर पर जन-सुनवाई की। इसमें शामिल प्रमुख अधिकारी थे:

  • ​उप विकास आयुक्त (DDC)
  • ​अपर समाहर्ता (राजस्व, आपदा प्रबंधन, विधि-व्यवस्था)
  • ​सभी जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी।
  • ​सभी अंचल अधिकारी (CO) एवं थाना प्रभारी।

​सभी अधिकारियों ने अपने विभाग से संबंधित विषयों पर आम जनों की शिकायतों का पंजीकरण किया और उन्हें प्राप्ति रसीद (Acknowledgement Receipt) भी उपलब्ध कराई।

​फरियादियों के लिए खास इंतजाम: सम्मान के साथ समाधान

​प्रशासन ने इस बार जन-सुनवाई में आने वाले लोगों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार:

  • ​सभी कार्यालयों के समीप फरियादियों के बैठने के लिए समुचित व्यवस्था की गई।
  • ​गर्मी को देखते हुए शुद्ध पेयजल और शौचालय की सुलभ सुविधा सुनिश्चित की गई।
  • ​पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया गया ताकि लोगों को भटकना न पड़े।

भागलपुर डीएम ने की नगर निकायों की समीक्षा, शहर में जल्द बनेंगे 4 नए पार्क

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Bhagalpur News: भागलपुर के समीक्षा भवन में आज जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में नगर निकायों की महत्वपूर्ण मासिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में भागलपुर नगर निगम सहित नवगछिया, सुल्तानगंज और अन्य नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों के साथ विकास योजनाओं और राजस्व संग्रहण की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई।

​शहर को मिलेगी नई पहचान: बनेंगे 4 आधुनिक पार्क

​जिलाधिकारी ने शहरवासियों को बड़ी सौगात देते हुए नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि भागलपुर शहर में प्रस्तावित चारों पार्कों के डिजाइन, एस्टीमेट और नक्शे की समीक्षा संबंधित अधिकारियों के साथ तत्काल पूरी कर ली जाए। इन पार्कों के निर्माण से शहर के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ आम लोगों को टहलने और मनोरंजन के लिए आधुनिक स्थल उपलब्ध होंगे।

​राजस्व संग्रहण और बिल्डिंग बायलॉज पर सख्ती

​शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए फंड सुनिश्चित करने हेतु जिलाधिकारी ने होल्डिंग टैक्स और अन्य राजस्व संग्रहण में तेजी लाने का कड़ा निर्देश दिया। इसके अलावा:

  • ​शहरी क्षेत्रों में दुकानों के त्वरित पंजीकरण की प्रक्रिया सुनिश्चित करने को कहा गया।
  • ​बिल्डिंग बायलॉज का सख्ती से अनुपालन कराने का निर्देश दिया गया ताकि शहर का विकास व्यवस्थित तरीके से हो सके।

​स्वच्छता के लिए सीमेंट-छड़ विक्रेताओं के साथ होगी बैठक

​शहर की साफ-सफाई और निर्माण सामग्री के कारण होने वाली गंदगी को रोकने के लिए डीएम ने विशेष पहल की है। उन्होंने नगर निगम क्षेत्र के सभी सीमेंट और छड़ विक्रेताओं के साथ बैठक करने का निर्देश दिया, ताकि निर्माण सामग्री को सड़कों पर फैलाने से रोका जा सके और शहर को स्वच्छ बनाए रखा जा सके।

​अवैध बैनर-पोस्टर पर लगेगी लगाम

​शहर की दीवारों और खंभों पर यत्र-तत्र लगे अवैध बैनर-पोस्टर पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी प्रिंटिंग प्रेस संचालकों के साथ बैठक की जाए ताकि बिना अनुमति और बेतरतीब तरीके से पोस्टर लगाने की प्रवृत्ति पर रोक लगे और शहर की सुंदरता बनी रहे।

​बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

​समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त  किसलय कुशवाहा, जिला गोपनीय शाखा के प्रभारी पदाधिकारी  सुधीर कुमार, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) के निदेशक  दुर्गा शंकर सहित सभी नगर परिषदों और नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी उपस्थित थे।

भागलपुर: ‘एकम ऐश्वर्य पूजा’ में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, आधा दासा जी के भजनों और जीवन दर्शन ने जीता भक्तों का दिल

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Bhagalpur News: भागलपुर आज अध्यात्म और भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। ONENESS के तत्वावधान में सिकंदरपुर पानी टंकी के समीप स्थित V गार्डन मैरेज हॉल एवं जंगली जंक्शन रेस्टोरेंट में आयोजित ‘एकम ऐश्वर्य पूजा’ का भव्य समापन हुआ। इस विशेष अनुष्ठान में शहर के विभिन्न कोनों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और जीवन में सुख, शांति एवं ऐश्वर्य प्राप्ति के लिए सामूहिक संकल्प लिया।

​जीवन की समस्याओं पर आधा दासा जी का अनूठा दर्शन

​कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आधा दासा जी ने अपने प्रवचन से भक्तों को जीवन जीने की नई कला सिखाई। उन्होंने बहुत ही सरल और व्यावहारिक उदाहरण देते हुए कहा कि संसार में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जो किसी न किसी बात से परेशान न हो।

​उनके संबोधन के मुख्य अंश:

​”परेशानी केवल नजरिए का खेल है। जब पंखा चलता है, तो लोग बाल उड़ने से परेशान होते हैं और जब वही पंखा बंद हो जाता है, तो गर्मी बेचैन कर देती है। यानी परिस्थितियां चाहे जो भी हों, इंसान समस्या ढूंढ ही लेता है। असली सुख बाहरी परिस्थितियों में नहीं, बल्कि मन के संतुलन में है।”

 

​“राम आएंगे…” भजन पर झूमे श्रद्धालु

​प्रवचन के बाद जब आधा दासा जी ने अपनी मधुर आवाज में प्रसिद्ध भजन “राम आएंगे, राम आएंगे…” की प्रस्तुति दी, तो पूरा पंडाल भक्तिमय हो उठा। उपस्थित श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर झूमने लगे और जय श्रीराम के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो गया। पूजा और ध्यान के इस अद्भुत संगम ने लोगों को मानसिक शांति का अनुभव कराया।

​सफल आयोजन में बबली किशोर की अहम भूमिका

​इस भव्य आध्यात्मिक आयोजन को सफल बनाने में बबली किशोर ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। उनकी देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम की व्यवस्था और अनुशासन की श्रद्धालुओं ने जमकर प्रशंसा की। कार्यक्रम के अंत में भक्तों ने कहा कि भागलपुर जैसे शहर में ऐसे आयोजनों की नितांत आवश्यकता है, जो भागदौड़ भरी जिंदगी में नई ऊर्जा का संचार करते हैं।

जनगणना 2027 का शंखनाद: सीएम सम्राट चौधरी ने किया डिजिटल अभियान का शुभारंभ

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Patna News: बिहार सहित पूरे देश के लिए आज का दिन सांख्यिकीय इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने वाला रहा। मुख्यमंत्री  सम्राट चौधरी ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय से माउस क्लिक कर विश्व के सबसे बड़े प्रशासनिक और सांख्यिकीय अभियान ‘भारत की जनगणना-2027’ का विधिवत शुभारंभ किया।

​इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि आगामी दशकों के लिए ‘सुशासन की आधारशिला’ है। उन्होंने राज्य के हर नागरिक से इस राष्ट्रीय अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की भावुक अपील की।

​डिजिटल क्रांति: पहली बार ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) की सुविधा

​मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘जनगणना-2027’ तकनीक के मामले में अब तक की सबसे आधुनिक जनगणना होगी। इस बार नागरिक अपनी जानकारी खुद डिजिटल माध्यम से दर्ज कर सकेंगे।

​महत्वपूर्ण तिथियाँ और चरण:

  • ​स्व-गणना (Self-Enumeration): 17 अप्रैल 2026 से 01 मई 2026 तक यह सुविधा उपलब्ध रहेगी। लोग पोर्टल या ऐप के माध्यम से अपना विवरण खुद भर सकेंगे।
  • ​मकान सूचीकरण (HLO): जनगणना का प्रथम चरण 02 मई 2026 से शुरू होकर 31 मई 2026 तक चलेगा, जिसमें प्रगणक घर-घर जाकर मकानों की गणना करेंगे।

​“जनगणना से तय होगा बिहार का उज्ज्वल भविष्य”

​संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने जनगणना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सटीक आंकड़ों के बिना बेहतर नीतियों का निर्माण असंभव है।

​”यही आंकड़े तय करेंगे कि आने वाले समय में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ किन क्षेत्रों और वर्गों तक सबसे पहले पहुँचना चाहिए। एक सटीक और समावेशी जनगणना ही बिहार और देश के विकास का मजबूत आधार तैयार करेगी।”

 

​प्रगणकों को सहयोग देने की अपील

​मुख्यमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया कि जो लोग स्व-गणना नहीं कर पा रहे हैं, वे घर आने वाले प्रगणकों (Enumerators) को सही और सटीक जानकारी प्रदान करें। उन्होंने कहा कि हर एक व्यक्ति की भागीदारी इस अभियान की सफलता के लिए अनिवार्य है।

​सचिवालय में दिग्गजों की मौजूदगी

​इस ऐतिहासिक शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ शासन-प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें:

  • ​मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव  दीपक कुमार
  • ​राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव  सी०के० अनिल
  • ​मुख्यमंत्री के सचिव  अनुपम कुमार एवं  कुमार रवि
  • ​गृह विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी  संजय कुमार सिंह

जेपी गंगा पथ पर दौड़ीं हजारों महिलाएं, सीएम सम्राट चौधरी बोले— ‘अब संसद में महिलाएं देश पर राज करेंगी’

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Patna News: पटना का मरीन ड्राइव यानी जेपी गंगा पथ आज ‘नारी शक्ति’ के नारों से गुंजायमान हो उठा। मौका था ‘नारी शक्ति फॉर विकसित भारत रन’ का, जिसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। दीघा गोलंबर पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में सीएम ने हजारों महिलाओं और छात्राओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह दौड़ केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि भारत की बदलती राजनीतिक तस्वीर और महिलाओं की बढ़ती ताकत का प्रतीक बनी।

​ऐतिहासिक बदलाव की दहलीज पर भारत: 816 होगी लोकसभा सीटों की संख्या

​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बड़ा और क्रांतिकारी विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन (17 अप्रैल) भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने नारी शक्ति वंदन विधेयक का जिक्र करते हुए कहा कि इस विधेयक के लागू होने के बाद लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 816 हो जाएगी।

​मुख्यमंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु:

  • ​एक-तिहाई आरक्षण: नई व्यवस्था में 816 सीटों में से एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
  • ​संसद में गूंजेगी आवाज: अब महिलाएं न केवल अपनी आवाज बुलंद करेंगी, बल्कि देश के नीति-निर्माण में बराबर की हिस्सेदार बनकर ‘राज’ करेंगी।
  • ​क्रांतिकारी दिन: सीएम ने इस विधेयक को आजादी के बाद महिलाओं को सबसे ज्यादा ताकत देने वाला कदम बताया।

​नीतीश कुमार और पीएम मोदी के विजन की सराहना

​सम्राट चौधरी ने बिहार में महिलाओं के उत्थान का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि बिहार पहला राज्य है जिसने पंचायती राज और नगर निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण देकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। अब इसी राह पर चलते हुए प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने संसद और विधानसभाओं में भी एक-तिहाई आरक्षण सुनिश्चित कर देश की नारी शक्ति को नई ऊंचाई दी है।

​हस्ताक्षर अभियान और भव्य स्वागत

​कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘नारी शक्ति वंदन अभियान’ के तहत चल रहे हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा लिया और अपने हस्ताक्षर कर समर्थन व्यक्त किया। इससे पहले, अर्जुन पुरस्कार विजेता और विधायक  श्रेयसी सिंह ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया। जेपी गंगा पथ पर मौजूद हजारों महिलाओं ने हाथ हिलाकर मुख्यमंत्री का अभिवादन किया, जो राज्य सरकार की महिला कल्याणकारी नीतियों के प्रति उनके भरोसे को दर्शाता था।

​दिग्गज हस्तियों की रही मौजूदगी

​इस गौरवमयी अवसर पर विधायक  रमा निषाद,  संगीता कुमारी, पटना की महापौर सीता साहू के अलावा प्रशासनिक स्तर पर पटना के जिलाधिकारी डॉ० त्यागराजन एस०एम० और वरीय पुलिस अधीक्षक  कार्तिकेय के० शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

पूर्णिया में 40 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया राजस्व कर्मचारी, महिला सहयोगी भी गिरफ्तार

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Purnia News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग (Vigilance Department) का अभियान लगातार जारी है। पूर्णिया में विभाग ने लगातार दूसरे दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्णिया पूर्व प्रखंड के राजस्व कर्मचारी (हल्का कर्मचारी) लाल बाबू रजक को ₹40,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। खास बात यह है कि इस खेल में कर्मचारी की एक निजी महिला सहयोगी भी शामिल थी, जिसे भी हिरासत में लिया गया है।

​जमीन के मामले में मांगी थी ₹50,000 की रिश्वत

​निगरानी विभाग के डीएसपी अमरेंद्र कुमार विद्यार्थी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि हल्का कर्मचारी लाल बाबू रजक ने एक जमीन संबंधी मामले को सुलझाने के एवज में ₹50,000 की मांग की थी। पीड़ित द्वारा शिकायत किए जाने के बाद मामले का सत्यापन कराया गया। सौदेबाजी के दौरान राशि ₹40,000 तय हुई। मामला सही पाए जाने पर पटना स्थित निगरानी थाना में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई और एक विशेष टीम का गठन कर पूर्णिया भेजा गया।

​महिला सहयोगी के पर्स से बरामद हुई रिश्वत की रकम

​निगरानी की टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही पीड़ित ने रिश्वत की राशि कर्मचारी को दी, टीम ने उसे दबोच लिया। तलाशी के दौरान रिश्वत के ₹40,000 एक महिला के पर्स से बरामद किए गए। यह महिला हल्का कार्यालय में लाल बाबू रजक के निजी सहयोगी के तौर पर कार्य करती है। निगरानी टीम ने साक्ष्य छिपाने और सहयोग करने के आरोप में महिला को भी गिरफ्तार कर लिया है।

​पूर्णिया में दूसरे दिन भी चला निगरानी का डंडा

​बताते चलें कि पूर्णिया में भ्रष्टाचार पर यह लगातार दूसरी बड़ी चोट है। इससे ठीक एक दिन पहले यानी 16 अप्रैल को भी निगरानी की टीम ने शिक्षा विभाग के एक इंजीनियर भूषण प्रसाद को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। दो दिनों में दो बड़ी गिरफ्तारियों से जिले के सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया है।

बरारी घाट में नहाने के दौरान डूबा 14 वर्षीय छात्र, पढ़ाई में अव्वल आर्यन की मौत से बुझ गया घर का चिराग

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Bhagalpur News: भागलपुर के गंगा घाटों पर हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला बरारी घाट का है, जहाँ शुक्रवार को नहाने के दौरान 14 वर्षीय एक किशोर की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने जगदीशपुर थाना क्षेत्र के महम्मदपुर फुलवरिया गांव में मातम पसरा दिया है। मृतक की पहचान कक्षा 8 के छात्र आर्यन कुमार के रूप में हुई है।

​नहाने गया था आर्यन, गहरे पानी ने ली जान

​परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, महम्मदपुर फुलवरिया निवासी गणेश मंडल का पुत्र आर्यन कुमार अपने घर से बरारी घाट पर गंगा स्नान करने गया था। नहाने के क्रम में उसे पानी की गहराई का अंदाजा नहीं मिला और वह अनजाने में तेज धार और गहरे पानी की चपेट में आ गया। जब तक घाट पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते और उसे बचाने की कोशिश करते, आर्यन गहरे पानी में समा चुका था।

​ग्रामीणों ने निकाला शव, परिजनों में मचा कोहराम

​काफी मशक्कत के बाद स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से आर्यन को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। जैसे ही आर्यन का शव उसके पैतृक गांव पहुँचा, पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। दो भाइयों और तीन बहनों के भरे-पूरे परिवार में आर्यन सबकी आँखों का तारा था। उसकी असमय मौत से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।

​होनहार था छात्र, गांव में शोक की लहर

​आर्यन कुमार कक्षा 8 का छात्र था और ग्रामीणों के अनुसार वह पढ़ाई में काफी होनहार था। एक मेधावी छात्र की इस तरह मौत होने से गांव का हर व्यक्ति स्तब्ध है। लोगों का कहना है कि आर्यन का भविष्य काफी उज्ज्वल था, लेकिन गंगा की लहरों ने सब कुछ छीन लिया।

​प्रशासन से सुरक्षा की मांग: घाटों पर नहीं हैं पुख्ता इंतजाम

​इस दर्दनाक हादसे के बाद ग्रामीणों और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट किया है। लोगों का कहना है कि बरारी घाट जैसे खतरनाक घाटों पर न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही सुरक्षा के लिए SDRF या स्थानीय गोताखोरों की तैनाती रहती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं।

भागलपुर में खाना बनाते समय बिजली के स्विच से उतरा करंट, तीन बच्चों की माँ की दर्दनाक मौत

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के इस्माइलपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत छोटी परवत्ता गांव में आज एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। घर में खाना बनाने के दौरान बिजली की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। इस हादसे ने जहाँ पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है, वहीं घर की बिजली व्यवस्था में लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया।

​स्विच ऑन करते ही लगा जोरदार झटका

​मृतका की पहचान चंचल जायसवाल की पत्नी बेबी जायसवाल के रूप में हुई है। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, बेबी जायसवाल शाम के वक्त रसोई में खाना बना रही थीं। घर में अंधेरा होने के कारण वह लाइट जलाने के लिए जैसे ही स्विच बोर्ड के पास गईं और बटन दबाया, वैसे ही वह बिजली के हाई-वोल्टेज करंट की चपेट में आ गईं। करंट इतना शक्तिशाली था कि बेबी मौके पर ही बेसुध होकर गिर पड़ीं।

​मायागंज अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत

​चीख-पुकार सुनकर दौड़े परिजन उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल (JLNMCH) ले गए। हालांकि, अस्पताल पहुँचने से पहले ही उनकी स्थिति काफी नाजुक हो चुकी थी। इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

​तीन मासूम बच्चों के सिर से उठा माँ का साया

​इस हादसे ने बेबी जायसवाल के तीन मासूम बच्चों को अनाथ कर दिया है। मृतका अपने पीछे दो छोटे बेटे और एक बेटी छोड़ गई हैं। माँ की अचानक मौत से बच्चों की चीखें सुनकर पूरे गांव की आँखें नम हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि घर की इंटरनल वायरिंग में तकनीकी खराबी की वजह से स्विच बोर्ड में करंट उतरा था, जिसे समय रहते ठीक नहीं कराया जा सका और यह जानलेवा साबित हुआ।

​पुलिस को दी गई सूचना, जांच शुरू

​घटना की जानकारी स्थानीय इस्माइलपुर थाना पुलिस को दे दी गई है। पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया जारी है। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के जर्जर तारों और असुरक्षित स्विच बोर्डों को लेकर सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।