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भागलपुर में पीएम विकसित भारत रोजगार योजना कार्यक्रम: लाभार्थियों को DBT से मिली प्रोत्साहन राशि, बांटे गए नियुक्ति पत्र

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Bhagalpur News: भागलपुर के ऐतिहासिक टाउन हॉल में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत एक भव्य और विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के क्षेत्रीय कार्यालय, भागलपुर के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। इस बेहद महत्वपूर्ण आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ना और नियोक्ताओं को प्रोत्साहित करना रहा।

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से किया लाइव संबोधन

​कार्यक्रम के दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की राजधानी दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश भर के लाखों लाभार्थियों और युवाओं को संबोधित किया। भागलपुर के टाउन हॉल में प्रधानमंत्री के इस लाइव संबोधन के सीधे प्रसारण की विशेष व्यवस्था की गई थी, जिसे कार्यक्रम स्थल पर मौजूद सैकड़ों लोगों ने बेहद ध्यानपूर्वक सुना।

​DBT से खातों में भेजी गई राशि, मिले जॉइनिंग लेटर

​इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत योग्य नियोक्ताओं और कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि का लाभ सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। इसके साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों में चयनित हुए युवाओं को मंच से अतिथियों द्वारा पूरे सम्मान के साथ नियुक्ति पत्र (Appointment Letters) भी प्रदान किए गए, जिससे युवाओं के चेहरे खिल उठे।

​रोजगार सृजन की दिशा में मील का पत्थर

​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर विधायक रोहित पांडे और मेयर डॉ. वसुंधरा लाल ने केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में एक क्रांतिकारी और मील का पत्थर साबित होगी। ईपीएफओ के क्षेत्रीय आयुक्त ने भी योजना के तकनीकी और व्यावहारिक पक्षों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए इसके दूरगामी फायदों के बारे में अपनी बात रखी।

​अधिकारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों की रही मौजूदगी

​टाउन हॉल में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में जिले के कई गणमान्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न सरकारी विभागों के आला अधिकारी, क्षेत्र के प्रतिष्ठित उद्योग प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि, व्यापार मंडल के सदस्य और भारी संख्या में लाभार्थी व नए कर्मचारी मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान रोजगार और विकास को लेकर एक सकारात्मक उत्साह का माहौल बना रहा।

नाथनगर मनसकामना मंदिर में खंडित काली प्रतिमा का हुआ विसर्जन, 22 जून को होगी नई प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा

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Bhagalpur News: नाथनगर के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक मनसकामना नाथ मंदिर परिसर स्थित मां काली की खंडित प्रतिमा को पूरे विधि-विधान, पारंपरिक रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पवित्र जल में विसर्जित कर दिया गया। सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार, खंडित प्रतिमा की पूजा वर्जित होने के कारण मंदिर समिति और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा सर्वसम्मति से नई भव्य प्रतिमा की स्थापना का निर्णय लिया गया है।

​तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान की शुरुआत

​मां काली की नई प्रतिमा की स्थापना को लेकर मनसकामना मंदिर परिसर में तीन दिवसीय भव्य प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का शुभारंभ हो चुका है। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान बनारस और स्थानीय विद्वान पंडितों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना, जलाधिवास, अन्नाधिवास और फलाधिवास जैसे कई वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे हैं। पूरा मंदिर परिसर इस समय महाकाली के जयकारों और मंत्रोच्चार से गुंजायमान है।

​22 जून को होगी नई भव्य प्रतिमा की स्थापना

​इस तीन दिवसीय महाअनुष्ठान के अंतिम दिन, यानी 22 जून (सोमवार) को मां काली की नई और नयनाभिराम प्रतिमा की मंदिर के गर्भगृह में प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इस अवसर पर विशेष महाआरती और छप्पन भोग का भी आयोजन किया जाएगा, जिसके बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण होगा।

​श्रद्धालुओं में भारी उत्साह, तैयारियां जोरों पर

​मनसकामना मंदिर में मां काली की नई प्रतिमा की स्थापना को लेकर नाथनगर सहित पूरे भागलपुर शहर के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह और भक्ति का माहौल देखा जा रहा है। आयोजन को भव्य बनाने के लिए मंदिर कमेटी के कार्यकर्ता दिन-रात तैयारियों में जुटे हुए हैं। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से बेहद खूबसूरत ढंग से सजाया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन द्वारा सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

​बांका में बाइक दुर्घटनाग्रस्त होने से युवक की मौके पर ही मौत, साथी गंभीर रूप से घायल

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Bhagalpur News: बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र अंतर्गत लसकरी गांव के समीप एक बेहद दर्दनाक और भीषण सड़क हादसा सामने आया है। यहाँ एक अनियंत्रित मोटरसाइकिल के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से एक युवक की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बाइक पर सवार दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे इलाके में शोक की लहर है।

​बामदेव से घर लौटने के दौरान हुआ हादसा

​मिली जानकारी के अनुसार, उत्तम कुमार और रोहित कुमार नामक दो युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर बामदेव से अपने घर की ओर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक रजौन थाना क्षेत्र के लसकरी गांव के पास पहुंची, अचानक बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। टक्कर इतनी जोरदार और भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे।

​उत्तम ने मौके पर ही तोड़ा दम, रोहित की हालत नाजुक

​इस दिल दहला देने वाले हादसे में उत्तम कुमार को इतनी गंभीर चोटें आईं कि उसने घटनास्थल पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। वहीं, बाइक पर सवार दूसरा युवक रोहित कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की आवाज सुनकर आस-पास के स्थानीय लोग तुरंत मौके पर दौड़े और मामले की सूचना स्थानीय पुलिस व घायल के परिजनों को दी। देखते ही देखते घटनास्थल पर सैकड़ों ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई।

​भागलपुर के मायागंज अस्पताल में इलाज जारी

​घटना की सूचना मिलते ही रजौन थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से घायल रोहित कुमार को तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (मायागंज अस्पताल) रेफर किया गया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है और डॉक्टर उसे बचाने का प्रयास कर रहे हैं।

​पुलिस ने मृतक उत्तम कुमार के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेज दिया है और मामले की छानबीन में जुट गई है।

भागलपुर में पीएम मोदी के 12 साल के कार्यकाल पर विशेष कार्यक्रम, कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने की शिरकत

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Bhagalpur News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर भागलपुर में एक विशेष और भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के विजन और देश के विकास में उनके योगदान की जमकर सराहना की।

​’12 साल में बदला देश का परिदृश्य’— विजय सिन्हा

​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल का कार्यकाल भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इन वर्षों में देश ने न केवल बुनियादी ढांचे, रक्षा और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में नए आयाम छुए हैं, बल्कि कृषि और किसान कल्याण के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव आए हैं। केंद्र सरकार की नीतियां सीधे गरीब, शोषित और वंचितों तक पहुंच रही हैं।

​योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प

​मौके पर मौजूद भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक सुर में संकल्प लिया कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा। कृषि मंत्री ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सरकार की उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच जाएं और उन्हें जागरूक करें।

​इन प्रमुख नेताओं की रही गरिमामयी उपस्थिति

​भागलपुर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में पार्टी के कई दिग्गज चेहरे और भारी संख्या में कार्यकर्ता एकजुट हुए। मंच पर मुख्य रूप से:

  • ​रोहित पांडे (नगर विधायक)
  • ​डॉ. प्रीति शेखर (भाजपा प्रदेश महामंत्री)
  • ​संतोष साह (भाजपा जिला अध्यक्ष)

​सहित जिला इकाई के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, मंच मोर्चा के अध्यक्ष और सैकड़ों समर्पित भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में स्थानीय नेतृत्व ने कृषि मंत्री का अंगवस्त्र और बुके देकर गर्मजोशी से स्वागत व अभिनंदन किया।

मानिकपुर दुर्गा मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा से पहले निकली भव्य कलश शोभा यात्रा, सैकड़ों श्रद्धालु हुए शामिल

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Bhagalpur News: भागलपुर शहर के दक्षिणी क्षेत्र में स्थित मानिकपुर दुर्गा मंदिर एक बार फिर से इतिहास रचने जा रहा है। मंदिर प्रांगण में आयोजित होने वाले भव्य प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के पहले दिन आज पूरा इलाका पूरी तरह से भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आया। इस खास अवसर पर बेहद धूमधाम और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ एक भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

​मोहद्दीनगर दुर्गा मंदिर होते हुए लौटी यात्रा

​यह भव्य कलश शोभा यात्रा मानिकपुर दुर्गा मंदिर परिसर से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुरू हुई। सिर पर पवित्र कलश धारण किए श्रद्धालु जय माता दी और हर-हर महादेव के गगनभेदी जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। यात्रा मानिकपुर से निकलकर मुख्य मार्गों से होते हुए मोहद्दीनगर दुर्गा मंदिर पहुंची, जहाँ पूजा-अर्चना के बाद यह पुनः वापस मानिकपुर मंदिर परिसर में आकर संपन्न हुई।

​घोड़े और डीजे की धुन रहे आकर्षण का केंद्र

​इस शोभा यात्रा की भव्यता देखते ही बन रही थी। यात्रा में शामिल सजे-धजे घोड़े और भक्ति गीतों की धुन बिखेरते डीजे मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। डीजे पर बज रहे माता के भजनों और देशभक्ति गीतों पर युवा और श्रद्धालु खुद को झूमने से नहीं रोक पाए। रास्ते भर श्रद्धालुओं के उत्साह ने पूरे माहौल को उत्सव में बदल दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर पिछले कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं और आज इस यात्रा ने उसमें चार चांद लगा दिए।

​इन प्रमुख लोगों की रही गरिमामयी उपस्थिति

​इस पूरी शोभा यात्रा को सफल बनाने और व्यवस्था संभालने में स्थानीय कार्यकर्ताओं और गणमान्य लोगों ने अहम भूमिका निभाई। यात्रा में मुख्य रूप से:

  • ​सौरभ मिश्रा
  • ​बब्बम मिश्रा
  • ​रिशु झा
  • ​राजीव सिन्हा
  • ​जितेंद्र झा
  • ​अमरेश झा
  • ​शिशिर
  • ​पंकज वर्मा
  • ​सुप्रिया मिश्रा

​सहित भारी संख्या में माता के भक्त, महिलाएं और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। मंदिर कमेटी के अनुसार, प्राण प्रतिष्ठा का यह अनुष्ठान आगे भी जारी रहेगा, जिसमें कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

भागलपुर को मिलीं नई जिलाधिकारी: जहानाबाद से ट्रांसफर होकर आ रहीं IAS अलंकृता पांडे संभालेंगी कमान

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Bhagalpur News: बिहार के प्रशासनिक गलियारे से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। तेजतर्रार और अपनी प्रशासनिक कार्यशैली के लिए जानी जाने वाली 2016 बैच की IAS अधिकारी  अलंकृता पांडे को भागलपुर का नया जिलाधिकारी (DM) नियुक्त किया गया है। बिहार सरकार द्वारा जारी हालिया ट्रांसफर-पोस्टिंग के आदेश के बाद भागलपुर में नए प्रशासनिक युग की शुरुआत होने जा रही है।

​ अलंकृता पांडे इससे पहले जहानाबाद जिले में जिलाधिकारी के रूप में अपनी बेहतरीन सेवाएं दे रही थीं। अब उनके कंधों पर सिल्क सिटी भागलपुर के विकास और कानून व्यवस्था की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

​जहानाबाद में रहा शानदार कार्यकाल, अब भागलपुर की बारी

​IAS अलंकृता पांडे ने जहानाबाद की जिलाधिकारी रहते हुए जनहित के कई बड़े फैसले लिए और विकास कार्यों को धरातल पर उतारा। प्रशासनिक दक्षता और जनता से सीधा जुड़ाव रखने वाली अलंकृता पांडे अब भागलपुर जिले के विकास, प्रशासनिक व्यवस्था और जनकल्याणकारी योजनाओं को नई गति देंगी। भागलपुर जैसे बड़े और ऐतिहासिक जिले में उनकी नियुक्ति को बेहद अहम माना जा रहा है।

​यूपी की बेटी, UPSC में चमकाया था नाम

​मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर की रहने वाली अलंकृता पांडे बचपन से ही मेधावी रही हैं। उन्होंने देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली UPSC परीक्षा में अपने शानदार प्रदर्शन से ऑल इंडिया 85वीं रैंक हासिल की थी। उनकी इस सफलता के बाद उन्हें 2016 बैच के IAS अधिकारी के रूप में देश सेवा का मौका मिला।

​पश्चिम बंगाल से बिहार कैडर… जानिए क्या है दिलचस्प कहानी

​श्रीमती अलंकृता पांडे के कैडर बदलने की कहानी भी बेहद दिलचस्प है। UPSC पास करने के बाद उन्हें प्रारंभिक रूप से पश्चिम बंगाल कैडर आवंटित किया गया था। लेकिन जीवन के सफर में एक नया मोड़ आया और उनका विवाह बिहार कैडर के ही IAS अधिकारी अंशुल अग्रवाल से हुआ। शादी के बाद नियमानुसार उनका इंटर-कैडर ट्रांसफर हुआ और वे पश्चिम बंगाल से बिहार कैडर में आ गईं। तब से वे बिहार के विभिन्न जिलों में अपनी प्रशासनिक क्षमता का लोहा मनवा रही हैं।

​भागलपुरवासियों को विकास की नई उम्मीद

​भागलपुर जिला प्रशासन में इस नए बदलाव के बाद स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध जनों में काफी उत्साह है। सिल्क सिटी के नाम से मशहूर भागलपुर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, ट्रैफिक व्यवस्था, बाढ़ नियंत्रण और स्वास्थ्य-शिक्षा जैसे कई मोर्चों पर काम चल रहा है। भागलपुरवासियों को उम्मीद है कि नई जिलाधिकारी के आने से:

  • ​सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।
  • ​लंबित पड़े विकास कार्यों में तेजी आएगी।
  • ​जिला प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा और पारदर्शी संवाद स्थापित होगा।

​श्रीमती अलंकृता पांडे जल्द ही भागलपुर पहुंचकर अपना पदभार ग्रहण करेंगी, जिसके बाद जिले के विकास को एक नई और दमदार दिशा मिलने की पूरी उम्मीद है।

बिहार में जल जीवन हरियाली अभियान की बड़ी कामयाबी: 95% योजनाएं पूरी, मंत्री संतोष कुमार सुमन ने पेश किया रिपोर्ट कार्ड

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Patna News: बिहार में किसानों की समृद्धि, जल संचयन और सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में ‘जल जीवन हरियाली अभियान’ ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। लघु जल संसाधन विभाग इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत स्वीकृत कुल योजनाओं में से 95 फीसदी को धरातल पर उतारने में सफल रहा है। इसकी विस्तृत जानकारी  मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने बुधवार को सूचना भवन स्थित संवाद कक्ष में आयोजित एक उच्च स्तरीय प्रेस वार्ता के दौरान दी।

​मंत्री डॉ. सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री की दो सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं—‘जल जीवन हरियाली अभियान’ एवं ‘हर खेत तक सिंचाई का पानी’ कार्यक्रम के तहत विभाग पूरी तत्परता से काम कर रहा है। इसके सकारात्मक प्रभावों को देखते हुए राज्य सरकार ने इस अभियान को वर्ष 2025 से बढ़ाकर वर्ष 2030 तक के लिए विस्तारित कर दिया है।

​प्रेस वार्ता की मुख्य बातें:

  • ​रिकॉर्ड कामयाबी: जल जीवन हरियाली अभियान के तहत 6 वर्षों में स्वीकृत 2537 योजनाओं में से 2371 योजनाएं पूरी की जा चुकी हैं।
  • ​बढ़ी सिंचाई क्षमता: इन योजनाओं से राज्य में लगभग 2,51,962 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बहाल हुई है।
  • ​जल संचयन: बिहार में करीब 1094 लाख घन मीटर जल संचयन क्षमता का पुनरुद्धार हुआ है।
  • ​नलकूपों की स्थिति: राज्य में वर्तमान में 5558 सरकारी नलकूप कार्यरत हैं, जबकि बंद पड़े नलकूपों को तेजी से चालू करने का प्रयास जारी है।

योजनाओं का प्रगति विवरण: आंकड़े एक नज़र में

योजना/अभियान का नाम

कुल स्वीकृत योजनाएं (2025-26 तक)

पूर्ण हो चुकी योजनाएं

बहाल हुई सिंचाई क्षमता (हेक्टेयर)

जल जीवन हरियाली अभियान

2537

2371 (95%)

2,51,962

हर खेत तक सिंचाई का पानी

2256

1837 (81%)

2,27,763

मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना

35,000 (किसान लाभान्वित)

(DBT द्वारा अनुदान)

1,75,000

 

नाबार्ड और केंद्र सरकार को भेजी गई नई योजनाएं

​कृषि और सिंचाई के इस नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए विभाग ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए बड़े प्रस्ताव तैयार किए हैं:

  1. ​नाबार्ड को प्रस्ताव: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 206.39 करोड़ रुपये की लागत वाली 154 योजनाओं का प्रस्ताव वित्त विभाग के माध्यम से नाबार्ड को भेजा गया है। इससे 16,585 हेक्टेयर नई सिंचाई क्षमता विकसित होगी।
  2. ​प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना: केंद्रीय जल आयोग (पटना) को 274.834 करोड़ रुपये की 105 योजनाओं का प्रस्ताव भेजा गया है, जिससे स्वीकृति मिलते ही 21,490 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता का सृजन होगा।

​मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना: 35 हजार किसानों को सीधा लाभ

​लघु जल संसाधन मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करते हुए राज्य के 35 हजार किसानों को डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में अनुदान की राशि भेजी गई है। इस पहल से राज्य की लगभग 1.75 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई सुनिश्चित हो रही है।

​नीतीश कुमार की घोषणाओं पर तेज काम; आहर-पईन होंगे अतिक्रमण मुक्त

​मंत्री डॉ. सुमन ने जानकारी दी कि तत्कालीन मुख्यमंत्री की ‘प्रगति यात्रा’ के दौरान भागलपुर, औरंगाबाद, गयाजी और नालंदा जिलों के लिए घोषित चार चेक डैम एवं दो आहर पईन के निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है। 87.058 करोड़ रुपये की इन योजनाओं से 3730 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता बढ़ेगी।

​”इन सभी योजनाओं की मॉनिटरिंग खुद मुख्यमंत्री जी कर रहे हैं। हमारा मुख्य ध्यान दक्षिण बिहार के सुखाड़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी पहुंचाना है। इसके लिए पारंपरिक आहर-पईन को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है, जिसका सीधा असर राज्य के भूगर्भ जल स्तर (Water Table) में सुधार के रूप में देखने को मिल रहा है।”

— डॉ. संतोष कुमार सुमन, लघु जल संसाधन मंत्री, बिहार

 

​प्रेस वार्ता के इस महत्वपूर्ण अवसर पर विभाग के सचिव  बी. कार्तिकेय धनजी, अपर सचिव संगीता सिंह, अपर सचिव सुशांत कुमार और अभियंता प्रमुख सुनील कुमार सहित विभाग के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।

विकसित बिहार 2047′ के निर्माण में मुख्यमंत्री फेलोज़ निभाएंगे बड़ी भूमिका, पटना में ओरिएंटेशन प्रोग्राम का भव्य आयोजन

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Patna News: बिहार को वर्ष 2047 तक एक विकसित राज्य बनाने की परिकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार ने युवाओं की मेधा और नवाचार पर बड़ा भरोसा जताया है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के अंतर्गत बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी (बीपीएसएमएस) द्वारा गुरुवार को पटना के अधिवेशन भवन (पुराना सचिवालय) में ‘मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना’ के तहत चयनित फेलोज़ के लिए एक विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बिहार के विकास आयुक्त  मिहिर कुमार सिंह और सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव सह मिशन निदेशक डॉ. बी. राजेन्दर सहित आईआईएम बोधगया के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

​नीति-निर्माण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सीधे योगदान देंगे युवा

​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने इस योजना को बिहार के भविष्य के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने मुख्य बातें साझा कीं:

  • ​विकसित बिहार 2047: यह विजन इस पूरी योजना की आधारशिला है, जिसमें इन युवा फेलोज़ का योगदान सबसे महत्वपूर्ण होगा।
  • ​केंद्रित शिक्षण कार्यक्रम: यह पारंपरिक नियुक्ति प्रक्रियाओं से बिल्कुल अलग है। यह एक ऐसा मंच है जहाँ युवा प्रशासनिक बारीकियों को सीखेंगे भी और सुशासन में अपना प्रत्यक्ष योगदान भी देंगे।
  • ​अग्रणी राज्य बना बिहार: देश में मुख्यमंत्री फेलोशिप को इतने व्यापक और महत्वाकांक्षी स्तर पर लागू करने वाले गिने-चुने राज्यों में अब बिहार भी शामिल हो गया है।

​केस स्टडी की तरह काम करें फेलोज़, राष्ट्र सेवा को बनाएं ध्येय: विकास आयुक्त

​विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने चयनित फेलोज़ को जमीनी हकीकत से जुड़ने की सलाह दी:

  • ​डेटा आधारित परिवर्तन: असली बदलाव ग्राउंड जीरो पर ही दिखता है। वर्तमान में चल रहे सहयोग शिविर मुख्यमंत्री फेलोज़ के लिए बेहतरीन केस स्टडी हैं।
  • ​अंतिम व्यक्ति तक लाभ: योजना का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचाना है।
  • ​अध्ययन की सलाह: विकास आयुक्त ने सभी फेलोज़ को ‘भारत आर्थिक सर्वेक्षण’ और ‘बिहार आर्थिक सर्वेक्षण’ जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों का गहराई से अध्ययन करने के निर्देश दिए।

​आईआईएम (IIM) बोधगया के सहयोग से तैयार हुआ है पूरा खाका

​नीति-निर्माण को सशक्त बनाने और शासन तंत्र में आधुनिक नवाचार को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार ने भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), बोधगया के साथ विशेष साझेदारी की है। इस योजना को राज्य सरकार के सुशासन कार्यक्रम के तहत 09 सितंबर 2025 को मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिली थी। कठोर चयन प्रक्रिया से गुजरने के बाद कुल 121 स्वीकृत पदों के मुकाबले 106 अर्ली एवं मिड-कैरियर प्रोफेशनल्स का चयन किया गया है, जो दो वर्षों तक सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर काम करेंगे।

​किसे कहाँ मिली जिम्मेदारी और कितना मिलेगा मानदेय (Salary)?

​प्रशासनिक स्तर और मानदेय के आधार पर मुख्यमंत्री फेलोज़ का वर्गीकरण इस प्रकार किया गया है:

पदस्थापना स्थल (Deployment)

फेलोज़ की संख्या

प्रति माह मानदेय (Stipend)

मुख्यमंत्री सचिवालय एवं उपमुख्यमंत्री कार्यालय

06

₹1.50 लाख

मुख्य सचिव कार्यालय एवं विकास आयुक्त कार्यालय

04

₹1.25 लाख

विभिन्न सचिवालय विभाग

40

₹1.00 लाख

प्रमंडलीय आयुक्त, डीएम एवं नगर निगम आयुक्त कार्यालय

57

₹80 हजार

​”आप जो भी कार्य करेंगे, उसे राष्ट्र सेवा की भावना से करें। आपके द्वारा किया गया प्रत्येक छोटा और सकारात्मक बदलाव बड़े सामाजिक परिदृश्य पर असर डालता है।”

—  मिहिर कुमार सिंह, विकास आयुक्त, बिहार

​ओरिएंटेशन में दी गई जिम्मेदारियों की ट्रेनिंग

​इस एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान चयनित सभी मुख्यमंत्री फेलोज़ को उनके कार्यदायित्वों, सरकार की अपेक्षाओं और बिहार की प्रशासनिक प्रणाली की कार्यशैली के बारे में विस्तार से ब्रीफ किया गया, ताकि वे अपने-अपने विभागों और जिलों में जाकर तुरंत काम संभाल सकें।

भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा सख्त: नो-मेन्स लैंड से तत्काल हटेंगे अतिक्रमण, संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों पर मुख्य सचिव का कड़ा एक्शन

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Patna News: बिहार सरकार ने भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा, अखंडता और आर्थिक पारदर्शिता को लेकर अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आज एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा, नो-मेन्स लैंड (No Man’s Land) से अतिक्रमण हटाने, लापता सीमा पिलरों के पुनर्गठन, एसएसबी (SSB) चौकियों के सुदृढ़ीकरण और सीमावर्ती जिलों में पनप रहे संदिग्ध व्यावसायिक व वित्तीय नेटवर्क पर बिंदुवार समीक्षा की गई और कई कड़े निर्देश जारी किए गए।

​बिहार में 735 किमी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा का पूरा खाका

​बिहार राज्य की सुरक्षा और भूगोल के लिहाज से भारत-नेपाल सीमा अत्यंत संवेदनशील है। इस सीमा के प्रबंधन का पूरा ढांचा इस प्रकार है:

  • ​सीमा की लंबाई: बिहार में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा की कुल लंबाई 735 किलोमीटर है।
  • ​प्रभावित जिले: इस सीमा पर बिहार के 7 प्रशासनिक जिले—पश्चिम चम्पारण (बेतिया), पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी), सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया एवं किशनगंज सहित 1 पुलिस जिला-बगहा अवस्थित हैं।
  • ​सुरक्षा बल: सीमा की सुरक्षा के लिए बिहार पुलिस के 70 पुलिस थाने तथा सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 194 सीमा चौकियां (BOPs) चौबीसों घंटे तैनात हैं।

​अतिक्रमण पर सर्जिकल स्ट्राइक: नो-मेन्स लैंड से हटाए गए 1349 अवैध निर्माण

​मुख्य सचिव ने स्पष्ट आदेश दिया है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के 0-15 किलोमीटर क्षेत्र और नो-मेन्स लैंड में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में अब तक की प्रगति रिपोर्ट पेश की गई, जो इस प्रकार है:

जिला

चिन्हित अतिक्रमण

हटाए गए अतिक्रमण

शेष बचे

पश्चिम चम्पारण

272

272

0

पूर्वी चम्पारण

231

229

02

सीतामढ़ी

139

133

06

मधुबनी

245

245

0

सुपौल

101

100

01

अररिया

336

336

0

किशनगंज

35

34

01

कुल योग

1359

1349

मुख्य सचिव का निर्देश: “नो-मेन्स लैंड में बचे हुए मात्र 10 अतिक्रमणों को तत्काल हटाया जाए। साथ ही सीमा से 15 किमी के दायरे में सरकारी जमीनों पर जो 117 अतिक्रमण शेष हैं, उन्हें भी जल्द से जल्द खाली कराया जाए। भविष्य में यहाँ कोई नया अतिक्रमण नहीं पनपना चाहिए।”

लापता और क्षतिग्रस्त सीमा पिलरों की होगी मरम्मत

​भारत-नेपाल सीमा पर कुल 5343 पिलर अवस्थित हैं। ‘फील्ड सर्वे टीम’ (FST) की समीक्षा के दौरान पिलरों की वर्तमान स्थिति सामने आई:

  • ​अच्छी स्थिति में: 3771 पिलर
  • ​क्षतिग्रस्त (Damaged): 317 पिलर
  • ​लापता (Missing): 1155 पिलर
  • ​नया निर्माण होना शेष: 100 पिलर इन लापता और क्षतिग्रस्त पिलरों की मरम्मत और पुनर्गठन के कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।

​वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में SSB चौकियों का होगा सुदृढ़ीकरण

​पश्चिम चम्पारण के वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्य जीव अभ्यारण्य के भीतर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए वन भूमि हस्तांतरण (Forest Clearance) की समीक्षा की गई। इस क्षेत्र में एसएसबी की 29 सीमा चौकियां (BOPs) हैं, जिनमें से 17 कोर जोन में और 12 बफर जोन में स्थित हैं। अब एसएसबी के क्षेत्रीय पदाधिकारी और जिला वन्य पदाधिकारी महीने में दो बार अनिवार्य रूप से बैठक करेंगे ताकि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना स्वीकृत क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का विकास और नियमित गश्त सुनिश्चित की जा सके।

​संदिग्ध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और विदेशी निवेश पर कसता शिकंजा

​सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और एसएसबी द्वारा सैकड़ों व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की गहन जांच की गई है। जांच में कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं:

  • ​सीतामढ़ी: 159 में से 28 संस्थान संदिग्ध पाए गए।
  • ​किशनगंज: 21 संस्थान संदिग्ध पाए गए।
  • ​पश्चिम चम्पारण: 09 संस्थान संदिग्ध मिले।
  • ​मधुबनी व सुपौल: 06-06 संस्थान संदिग्ध पाए गए।
  • ​अररिया व पूर्वी चम्पारण: 05-05 संस्थान संदिग्ध पाए गए हैं।

​आयकर विभाग करेगा जांच: अररिया जिले में जांच के दौरान कई संस्थाओं और व्यावसायिक फर्मों में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं और संदिग्ध विदेशी निवेश (Foreign Investment) के मामले सामने आए हैं, जिसे आगे की कड़ी जांच के लिए आयकर निदेशक (अन्वेषण), बिहार को सौंप दिया गया है।

​बैंकिंग सेक्टर में बड़ा फैसला: बैंक कर्मियों का होगा पुलिस वेरिफिकेशन

​अक्सर साइबर फ्रॉड और संदिग्ध ‘म्यूल अकाउंट्स’ (Mule Accounts) के संचालन में बैंक कर्मियों की संलिप्तता की आशंका को देखते हुए मुख्य सचिव ने बड़ा आदेश जारी किया है:

  1. ​पुलिस सत्यापन: आरबीआई के निर्देशानुसार सीमावर्ती जिलों की सभी 1292 बैंक शाखाओं के सभी बैंक कर्मियों का पुलिस वेरिफिकेशन (सत्यापन) अनिवार्य रूप से कराया जाएगा।
  2. ​नकली नोट छांटने वाली मशीनें: सीमा पर स्थित 1292 बैंक शाखाओं में से अब तक 1259 शाखाओं में नकली नोट पकड़ने वाली मशीनें (Counterfeit Money Detector) लगाई जा चुकी हैं, शेष में जल्द लगाने का निर्देश है।
  3. ​अनिवार्य रिपोर्टिंग: बैंकों को CTR, STR, CCR और FNV जैसी महत्वपूर्ण रिपोर्ट वित्तीय खुफिया इकाई (FIU-IND) और आरबीआई को समय पर भेजने तथा ग्राहकों का C-KYC सत्यापन अनिवार्य करने को कहा गया है।

​रजिस्ट्री में PAN अनिवार्य और अचल संपत्तियों पर नजर

​वित्तीय हेराफेरी रोकने के लिए वित्त विभाग और निबंधन कार्यालयों ने 10 लाख रुपये या उससे अधिक मूल्य की अचल संपत्तियों के निबंधन (रजिस्ट्री) में PAN कार्ड अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा 2 लाख रुपये से अधिक के नकद लेनदेन की रिपोर्ट हर महीने आयकर विभाग को भेजी जा रही है।

​साइबर अपराधियों और म्यूल खातों पर पुलिस का प्रहार

​सीमावर्ती जिलों में भोले-भाले नागरिकों को ऑनलाइन ट्रेडिंग, निवेश पर भारी मुनाफे और नौकरी का झांसा देकर ठगने वाले गिरोहों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है:

  • ​बेतिया: 78 खाते फ्रीज किए गए तथा 05 FIR दर्ज की गईं।
  • ​बगहा: आर्थिक अपराध इकाई (EOU) द्वारा 18 म्यूल खातों के सत्यापन के बाद 04 केस दर्ज कर 13 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
  • ​अन्य जिले: कुल 33 केस दर्ज कर 148 संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज किया जा चुका है।

मानिकपुर में 42 वर्षों की आस्था को मिलेगा नया रूप: मां दुर्गा मंदिर में सजेगा भव्य ‘पिंडी प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव’

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Bhagalpur News: भागलपुर के मानिकपुर इलाके में मां दुर्गा की भक्ति और अटूट आस्था से जुड़ा एक ऐतिहासिक और भव्य धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। पिछले 42 वर्षों की सामूहिक साधना अब एक नए और दिव्य रूप में सामने आ रही है। मानिकपुर में प्राचीन दुर्गा मंदिर के नवनिर्मित स्वरूप में इस वर्ष मां भगवती की पिंडी प्राण प्रतिष्ठा पूजन समारोह का आयोजन किया जा रहा है, जिसे लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और भक्ति का माहौल है।

​1982 से निरंतर चली आ रही है आस्था की परंपरा

​मानिकपुर गांव में वर्ष 1982 से ही ग्रामीणों के अद्वितीय सहयोग से लगातार शारदीय दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाता रहा है। इसी आस्था के धागे को मजबूत करते हुए ग्रामीणों ने प्राचीन दुर्गा मंदिर के भव्य निर्माण का संकल्प लिया था, जो निरंतर चलता रहा। अब मां भगवती की असीम अनुकंपा से वह शुभ घड़ी आ गई है जब मंदिर में पिंडी की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होगी।

​महोत्सव का पूरा कार्यक्रम: तारीख दर तारीख

​धार्मिक अनुष्ठान को पूर्ण विधि-विधान और भव्यता के साथ संपन्न कराने के लिए पूरा कार्यक्रम तय कर लिया गया है:

  • ​20 जून: भव्य एवं भव्य कलश शोभायात्रा के साथ धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत होगी।
  • ​24 जून: विख्यात आचार्य पंडित रविंद्र झा के पावन सानिध्य में मुख्य ‘पिंडी प्राण प्रतिष्ठा पूजन’ संपन्न कराया जाएगा।
  • ​25 जून: महाप्रसाद (भंडारा) का आयोजन होगा और इसी शाम एक विशाल ‘भव्य जागरण संध्या’ सजेगी, जिसमें माता के भजनों पर श्रद्धालु झूम उठेंगे।

​तैयारियों में जुटे ग्रामीण, आपसी भाईचारे की मिसाल

​इस महापर्व को ऐतिहासिक बनाने के लिए मानिकपुर के ग्रामीण दिन-रात एकजुट होकर तैयारियों में जुटे हैं। आयोजन को सफल बनाने में मुख्य रूप से:

    • ​कुमार सौरभ मिश्रा, आनंद प्रकाश, अमरजीत भारती, मृत्युंजय सिन्हा, पंकज वर्मा, राजीव सिन्हा, रिशु झा, राहुल झा, रवि मिश्रा, अमरेश झा, संजय झा, और डॉक्टर तन्मय सहित समाज के तमाम प्रबुद्ध लोग अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

​”यह मंदिर और यह दिव्य आयोजन केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि मानिकपुर की दशकों पुरानी आस्था, समृद्ध संस्कृति और हमारे आपसी भाईचारे का जीवंत प्रतीक है।”

— मानिकपुर ग्रामीण एवं आयोजन समिति

 

​हजारों श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद

​42 साल के लंबे इंतजार के बाद हो रहे इस भव्य पिंडी प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में न केवल मानिकपुर बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। आयोजन समिति द्वारा आने वाले भक्तों के लिए सुरक्षा, पेयजल और महाप्रसाद की व्यापक व्यवस्था की जा रही है।