‘बिहार गति’ की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री का अधिकारियों को अल्टीमेटम—लंबित परियोजनाओं में तेजी लाएं, बाढ़ पीड़ितों और आदिवासी परिवारों को आवास में दें प्राथमिकता; आमस-दरभंगा हाईवे का काम 2027 और साइंस सिटी की गैलरियों का निर्माण 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य।
Patna News: बिहार में विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। मंगलवार को लोकसेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने ‘बिहार गति’ के तहत 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं और केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में बुनियादी ढांचे के विकास, ग्रामीण आवास, बाढ़ प्रभावित परिवारों को सहायता, आदिवासी परिवारों के लिए पक्के मकान और सरकारी भूमि की उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
12 लाख आवास निर्माण का लक्ष्य जल्द पूरा करने का निर्देश
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने आवास के लिए सर्वेक्षण प्रक्रिया में तेजी लाने और प्राप्त आपत्तियों का त्वरित एवं पारदर्शी तरीके से निपटारा करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पात्र परिवारों को योजना का लाभ समय पर मिलना चाहिए, ताकि कोई भी जरूरतमंद परिवार आवास सुविधा से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 12 लाख आवासों के निर्माण के लक्ष्य को जल्द पूरा करने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने बाढ़ पीड़ित परिवारों को प्राथमिकता सूची में शामिल करने का निर्देश दिया, ताकि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम हो सके।
आदिवासी परिवारों को पक्का मकान दिलाने के लिए चलेगा विशेष अभियान
प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाए और जरूरतमंद आदिवासी परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के उन वर्गों तक भी पहुंचना चाहिए, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। इसके लिए विभागीय स्तर पर नियमित निगरानी और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी जरूरी है।
मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता योजना की होगी अंचलवार समीक्षा
मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने जिलों के प्रभारी सचिवों को निर्देश दिया कि सरकारी भूमि की उपलब्धता की अंचलवार समीक्षा की जाए।
उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को सहायता उपलब्ध कराने में आने वाली समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी करने और निर्धारित प्रावधानों के अनुसार लाभार्थियों को सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया।
2027 तक पूरा होगा आमस-शिवरामपुर हाईवे खंड
बिहार में सड़क संपर्क को मजबूत करने वाली आमस-दरभंगा राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग-119डी के तहत पैकेज-1 में 55 किलोमीटर लंबे आमस-शिवरामपुर खंड का निर्माण कार्य वर्ष 2027 तक पूरा करने का निर्देश दिया।
इस परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर देते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य की प्रगति पर लगातार नजर रखने और निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने को कहा।
इसके अलावा, बिहार जलाशय पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के साथ आवश्यक समझौता करने की कार्रवाई आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया, ताकि संबंधित कार्यों का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जा सके।
2028 तक पूरी होंगी साइंस सिटी की गैलरियां
पटना के राजेंद्र नगर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी में विभिन्न गैलरियों के प्रदर्शों के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने इस काम को वर्ष 2028 तक पूरा करने का निर्देश दिया।
साइंस सिटी का उद्देश्य विज्ञान शिक्षा, वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देना है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने परियोजना को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया, ताकि इसके माध्यम से विद्यार्थियों और आम लोगों को विज्ञान से जुड़ी गतिविधियों एवं प्रदर्शों का लाभ मिल सके।
विकास कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं, नियमित समीक्षा के निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रमुख विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए। लंबित कार्यों को प्राथमिकता देते हुए उनका समय पर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समस्याओं का समय रहते समाधान किया जाए, ताकि निर्धारित लक्ष्यों को हासिल किया जा सके।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एच.आर. श्रीनिवास, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और संजय कुमार सिंह, भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार तथा विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव हिमांशु शर्मा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में बड़ी विकास परियोजनाओं को गति देना, आवास योजनाओं के लक्ष्यों को समय पर पूरा करना और पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना रहा।


