Patna News: बिहार में किसानों की समृद्धि, जल संचयन और सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में ‘जल जीवन हरियाली अभियान’ ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। लघु जल संसाधन विभाग इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत स्वीकृत कुल योजनाओं में से 95 फीसदी को धरातल पर उतारने में सफल रहा है। इसकी विस्तृत जानकारी मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने बुधवार को सूचना भवन स्थित संवाद कक्ष में आयोजित एक उच्च स्तरीय प्रेस वार्ता के दौरान दी।
मंत्री डॉ. सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री की दो सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं—‘जल जीवन हरियाली अभियान’ एवं ‘हर खेत तक सिंचाई का पानी’ कार्यक्रम के तहत विभाग पूरी तत्परता से काम कर रहा है। इसके सकारात्मक प्रभावों को देखते हुए राज्य सरकार ने इस अभियान को वर्ष 2025 से बढ़ाकर वर्ष 2030 तक के लिए विस्तारित कर दिया है।
प्रेस वार्ता की मुख्य बातें:
- रिकॉर्ड कामयाबी: जल जीवन हरियाली अभियान के तहत 6 वर्षों में स्वीकृत 2537 योजनाओं में से 2371 योजनाएं पूरी की जा चुकी हैं।
- बढ़ी सिंचाई क्षमता: इन योजनाओं से राज्य में लगभग 2,51,962 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बहाल हुई है।
- जल संचयन: बिहार में करीब 1094 लाख घन मीटर जल संचयन क्षमता का पुनरुद्धार हुआ है।
- नलकूपों की स्थिति: राज्य में वर्तमान में 5558 सरकारी नलकूप कार्यरत हैं, जबकि बंद पड़े नलकूपों को तेजी से चालू करने का प्रयास जारी है।
योजनाओं का प्रगति विवरण: आंकड़े एक नज़र में
योजना/अभियान का नाम | कुल स्वीकृत योजनाएं (2025-26 तक) | पूर्ण हो चुकी योजनाएं | बहाल हुई सिंचाई क्षमता (हेक्टेयर) |
|---|---|---|---|
जल जीवन हरियाली अभियान | 2537 | 2371 (95%) | 2,51,962 |
हर खेत तक सिंचाई का पानी | 2256 | 1837 (81%) | 2,27,763 |
मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना | 35,000 (किसान लाभान्वित) | (DBT द्वारा अनुदान) | 1,75,000 |
नाबार्ड और केंद्र सरकार को भेजी गई नई योजनाएं
कृषि और सिंचाई के इस नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए विभाग ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए बड़े प्रस्ताव तैयार किए हैं:
- नाबार्ड को प्रस्ताव: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 206.39 करोड़ रुपये की लागत वाली 154 योजनाओं का प्रस्ताव वित्त विभाग के माध्यम से नाबार्ड को भेजा गया है। इससे 16,585 हेक्टेयर नई सिंचाई क्षमता विकसित होगी।
- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना: केंद्रीय जल आयोग (पटना) को 274.834 करोड़ रुपये की 105 योजनाओं का प्रस्ताव भेजा गया है, जिससे स्वीकृति मिलते ही 21,490 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता का सृजन होगा।
मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना: 35 हजार किसानों को सीधा लाभ
लघु जल संसाधन मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करते हुए राज्य के 35 हजार किसानों को डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में अनुदान की राशि भेजी गई है। इस पहल से राज्य की लगभग 1.75 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई सुनिश्चित हो रही है।
नीतीश कुमार की घोषणाओं पर तेज काम; आहर-पईन होंगे अतिक्रमण मुक्त
मंत्री डॉ. सुमन ने जानकारी दी कि तत्कालीन मुख्यमंत्री की ‘प्रगति यात्रा’ के दौरान भागलपुर, औरंगाबाद, गयाजी और नालंदा जिलों के लिए घोषित चार चेक डैम एवं दो आहर पईन के निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है। 87.058 करोड़ रुपये की इन योजनाओं से 3730 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता बढ़ेगी।
”इन सभी योजनाओं की मॉनिटरिंग खुद मुख्यमंत्री जी कर रहे हैं। हमारा मुख्य ध्यान दक्षिण बिहार के सुखाड़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी पहुंचाना है। इसके लिए पारंपरिक आहर-पईन को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है, जिसका सीधा असर राज्य के भूगर्भ जल स्तर (Water Table) में सुधार के रूप में देखने को मिल रहा है।”
— डॉ. संतोष कुमार सुमन, लघु जल संसाधन मंत्री, बिहार
प्रेस वार्ता के इस महत्वपूर्ण अवसर पर विभाग के सचिव बी. कार्तिकेय धनजी, अपर सचिव संगीता सिंह, अपर सचिव सुशांत कुमार और अभियंता प्रमुख सुनील कुमार सहित विभाग के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।


