Bhagalpur News: नाथनगर के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक मनसकामना नाथ मंदिर परिसर स्थित मां काली की खंडित प्रतिमा को पूरे विधि-विधान, पारंपरिक रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पवित्र जल में विसर्जित कर दिया गया। सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार, खंडित प्रतिमा की पूजा वर्जित होने के कारण मंदिर समिति और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा सर्वसम्मति से नई भव्य प्रतिमा की स्थापना का निर्णय लिया गया है।
तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान की शुरुआत
मां काली की नई प्रतिमा की स्थापना को लेकर मनसकामना मंदिर परिसर में तीन दिवसीय भव्य प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का शुभारंभ हो चुका है। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान बनारस और स्थानीय विद्वान पंडितों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना, जलाधिवास, अन्नाधिवास और फलाधिवास जैसे कई वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे हैं। पूरा मंदिर परिसर इस समय महाकाली के जयकारों और मंत्रोच्चार से गुंजायमान है।
22 जून को होगी नई भव्य प्रतिमा की स्थापना
इस तीन दिवसीय महाअनुष्ठान के अंतिम दिन, यानी 22 जून (सोमवार) को मां काली की नई और नयनाभिराम प्रतिमा की मंदिर के गर्भगृह में प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इस अवसर पर विशेष महाआरती और छप्पन भोग का भी आयोजन किया जाएगा, जिसके बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण होगा।
श्रद्धालुओं में भारी उत्साह, तैयारियां जोरों पर
मनसकामना मंदिर में मां काली की नई प्रतिमा की स्थापना को लेकर नाथनगर सहित पूरे भागलपुर शहर के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह और भक्ति का माहौल देखा जा रहा है। आयोजन को भव्य बनाने के लिए मंदिर कमेटी के कार्यकर्ता दिन-रात तैयारियों में जुटे हुए हैं। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से बेहद खूबसूरत ढंग से सजाया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन द्वारा सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।


