32 वर्षीय समीर कुमार की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मचा कोहराम, अगस्त में छुट्टी लेकर आए थे घर; पत्नी और दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया, मौत की वजह जानने के लिए पुलिस जांच जारी।
Bhagalpur News: बिहार के किशनगंज में सिपाही समीर कुमार की गोली लगने से मौत की खबर ने भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के गंगापुर, वार्ड संख्या 21 स्थित उनके पैतृक घर में मातम पसरा हुआ है। 32 वर्षीय समीर की मौत की सूचना रविवार सुबह करीब आठ बजे परिजनों को मिली। खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
समीर कुमार बिहार पुलिस में सिपाही के पद पर कार्यरत थे और उनकी तैनाती किशनगंज में थी। परिवार के लिए यह घटना किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। जिस बेटे को परिवार ने जिम्मेदारियों के साथ आगे बढ़ते देखा था, उसकी अचानक मौत से घर में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
पिता बोले- ड्यूटी के तनाव में रहता था बेटा
समीर के पिता नागेश्वर दास सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि उनका बेटा अगस्त महीने में छुट्टी लेकर घर आया था। इस दौरान उसने परिवार के साथ कुछ समय बिताया और फिर अपनी ड्यूटी पर किशनगंज लौट गया।
परिजनों के मुताबिक, समीर ड्यूटी के तनाव में रहते थे। पिता के इस बयान के बाद उनकी मौत की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, ड्यूटी का तनाव ही उनकी मौत का कारण था या घटना के पीछे कोई अन्य वजह है, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। वास्तविक कारण पुलिस जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
वर्ष 2015 में हुई थी पहली पोस्टिंग
समीर कुमार के पुलिस सेवा से जुड़े सफर की शुरुआत वर्ष 2015 में हुई थी। उनकी पहली पोस्टिंग समस्तीपुर में हुई थी। इसके बाद उनकी तैनाती मधुबनी में रही और फिर उन्हें किशनगंज भेजा गया।
पुलिस सेवा में रहते हुए वह अलग-अलग जिलों में अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। परिवार के मुताबिक, समीर की मौत की खबर अचानक मिलने से सभी लोग सदमे में हैं। परिजन अब इस घटना की पूरी जानकारी सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।
पत्नी और दो बच्चों के सामने जीवन की बड़ी चुनौती
समीर कुमार की शादी वर्ष 2011 में पूजा कुमारी से हुई थी। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बच्चे हैं। बेटी तन्नुश्री छठी कक्षा में पढ़ती है, जबकि बेटा आर्यन राज दूसरी कक्षा का छात्र है।
समीर की असमय मौत से उनकी पत्नी और बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बच्चों के भविष्य और परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर भी यह घटना एक बड़ा भावनात्मक आघात है। पिता की मौत की खबर से परिवार के सामने ऐसा खालीपन पैदा हो गया है, जिसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा।
सूचना मिलते ही किशनगंज रवाना हुए परिजन
समीर की मौत की सूचना मिलने के बाद उनके परिजन किशनगंज के लिए रवाना हो गए। घर पर रिश्तेदारों और परिचितों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। परिवार के लोग घटना की परिस्थितियों को जानने और आगे की प्रक्रिया पूरी करने के लिए किशनगंज पहुंच रहे हैं।
वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुटी है। सिपाही समीर कुमार को गोली कैसे लगी, घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही मिल सकेगा।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी मौत की वजह
सिपाही समीर कुमार की मौत ने उनके परिवार को गहरे शोक में डाल दिया है। पिता के मुताबिक, बेटा ड्यूटी के तनाव में रहता था, लेकिन इस बयान के आधार पर मौत की वजह को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और आधिकारिक बयान के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, सुल्तानगंज के गंगापुर स्थित उनके पैतृक घर में मातम पसरा है और परिवार अपने प्रिय सदस्य को खोने के गम में डूबा हुआ है।


