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NSO की 75वीं वर्षगांठ पर भागलपुर में वृक्षारोपण, स्वच्छता और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

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Bhagalpur News: राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (NSO) की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में बुधवार को भागलपुर के लाजपत पार्क में एक विशेष वृक्षारोपण, स्वच्छता और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों को सांख्यिकीय कार्यों की उपयोगिता और जनसहभागिता के महत्व के प्रति जागरूक करना था।

वृक्षारोपण से शुरू होकर पर्यावरण संरक्षण तक

कार्यक्रम की शुरुआत वृक्षारोपण से हुई, जहां अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर पर्यावरण सरंक्षण का संदेश दिया। इसके पश्चात पार्क की सफाई और स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिससे नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़े।

सांख्यिकीय सर्वेक्षणों की भूमिका पर प्रकाश

इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी एवं कार्यालय प्रभारी  राजीव कुमार झा ने बताया कि,

“NSO वर्ष 1950 से देश में गरीबी, शिक्षा, बेरोजगारी, स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आंकड़े संकलित कर रहा है। इन आंकड़ों का उपयोग सरकार की योजनाएं बनाने और लागू करने में होता है।”

उन्होंने बताया कि आम नागरिकों का सहयोग सर्वेक्षण कार्यों की सटीकता के लिए बेहद आवश्यक है और विभाग लगातार जनसहयोग को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा है।

स्थानीय सहभागिता और नागरिक उत्साह

इस अवसर पर वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी रंजीत कुमार, अन्य अधिकारीगण एवं वार्ड संख्या 20 के वार्ड पार्षद  शांडिल्य नन्दिकेश भी उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सहयोग प्रदान किया और लोगों को सरकारी आंकड़ों के महत्व के प्रति जागरूक किया।

स्थानीय नागरिकों ने भी उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया और भविष्य में सांख्यिकीय सर्वेक्षण कार्यों में सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई।

NTPC कहलगांव की राख से जिंदगी राख: उड़ती धूल में घुट रहा है सांस, लोग बोले- जीना हो गया है मुश्किल

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के कहलगांव में स्थित NTPC पावर प्लांट से उड़ रही राख ने स्थानीय लोगों की ज़िंदगी को जहरीला बना दिया है। आंखों से सिर्फ राख नजर आती है और सांस लेना भी दूभर हो गया है। एनटीपीसी की राखबांध से उड़ने वाली यह राख अब लोगों के जीवन में रोज़मर्रा की मुश्किलें ही नहीं, बल्कि गंभीर बीमारियों का सबब भी बनती जा रही है।

हर तरफ़ राख ही राख, जीना बेहाल

NTPC कहलगांव की परियोजना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एकचारी और भोलसर गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यहां गर्मियों में राखबांध से भारी मात्रा में राख उड़कर आसमान में छा जाती है और आसपास के घरों, पानी, कपड़ों और भोजन तक में जम जाती है। कई बार सड़क पर इतनी राख जमा हो जाती है कि वाहन तक दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।

राख की बारिश और बीमार होती जिंदगी

स्थानीय निवासी सावित्री देवी बताती हैं, “दिन-रात राख उड़ने से जीना मुश्किल हो गया है। खाना, पीना, सांस लेना तक दूभर हो गया है। एनटीपीसी कोई उपाय नहीं कर रहा।”
सुलेखा देवी कहती हैं, “घर में मासूम बच्चा है, उसे कमरे में बंद करके रखना पड़ता है। खुले में नहीं छोड़ सकते। 15 साल पहले सब कुछ ठीक था, लेकिन जब से ऐस डेक बना है, तब से हम राख में जी रहे हैं।”
सीता देवी की आंखों पर रोज़ राख की परत जम जाती है। “सुबह आंख खोलना मुश्किल होता है। बर्तन में खाना रखने के 10 मिनट में ही राख गिर जाती है,” वे बताती हैं।

कृषि और जलस्रोत भी बर्बाद

एनटीपीसी से निकलने वाली राख और जहरीले पानी ने कौआ नदी को भी प्रदूषित कर दिया है। यह वही नदी है जिससे एकचारी और भोलसर गांवों की सिंचाई होती है। अब यह पानी खेती और पशुओं के उपयोग लायक भी नहीं रहा। आरती कुमारी कहती हैं, “12 बीघा जमीन एनटीपीसी को दी, बाकी जो बचा, उसमें खेती करते हैं। लेकिन अब राख ने खेत भी बंजर कर दिया है।”

सरकारी उदासीनता, कंपनी की चुप्पी

स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद एनटीपीसी कोई समाधान नहीं कर रही। न तो कोई स्थायी उपाय, न ही स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। उमा देवी कहती हैं, “घर में बिछावन पर राख ही राख दिखती है। अब तो ऐसा लग रहा है कि घर छोड़कर भागना पड़ेगा।”

प्रशासन की प्रतिक्रिया

भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा, “यह सही है कि राख से लोगों को समस्या हो रही है। कंपनी को सड़क पर पानी छिड़काव और बंद गाड़ियों से राख का परिवहन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।” हालांकि, जमीनी हकीकत इससे इतर नजर आती है।

अब सवाल यह है:

क्या देश को रोशन करने वाले इस पावर प्लांट की चमक की कीमत स्थानीय लोग अपनी सेहत और जीवन की तबाही से चुकाएंगे?
कब तक जिम्मेदार अधिकारी चुप रहेंगे और कब तक यह राख सिर्फ आसमान नहीं, लोगों के सपनों को भी ढकती रहेगी?

मसाढू में फिर मंडरा रहा है कटाव का खतरा, न मुआवजा मिला, न कटावरोधी कार्य शुरू

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Bhagalpur News: हर साल गंगा किनारे बसे गांवों में कटाव की त्रासदी दोहराई जाती है, लेकिन इस बार भी सबक लेने के बजाय लापरवाही ही दोहराई जा रही है। भागलपुर जिले के सबौर प्रखंड अंतर्गत मसाढू गांव में पिछले साल हुए भीषण कटाव के बावजूद अब तक न तो कटावरोधी कार्य शुरू हुआ है और न ही कटाव पीड़ितों को मुआवजा मिल पाया है।

पिछले साल 45 से 50 घर समा गए थे गंगा में

2024 की बारिश के दौरान मसाढू में गंगा के भीषण कटाव ने तबाही मचा दी थी। लगभग 50 घर, साथ में सड़क, मंदिर, पानी टंकी, किसान भवन और ज़मीन गंगा की गोद में समा गए। दर्जनों परिवार बेघर हो गए, लेकिन एक साल बाद भी हालात जस के तस हैं।

कटावरोधी कार्य गाँव के आगे, पीड़ितों के सामने नहीं

इस वर्ष जल संसाधन विभाग ने मसाढू से आगे के एक गांव में कटावरोधी कार्य शुरू किया है, लेकिन जहाँ पिछले साल सबसे अधिक नुकसान हुआ, वहाँ एक भी ईंट नहीं रखी गई। ग्रामीणों का कहना है कि कटाव वहीं से फिर से शुरू होगा, और यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो इस बार बचे-खुचे घर और ज़मीन भी गंगा में समा सकते हैं।

मुआवजा सिर्फ़ ‘स्वीकृति पत्र’ तक सीमित

कटाव पीड़ितों में से 42 लोगों को मुआवजा स्वीकृति पत्र दिए गए थे, लेकिन आज तक किसी को भी राशि नहीं मिली। लोग झोपड़ियों या रिश्तेदारों के घरों में जीवन काट रहे हैं। प्रशासनिक उदासीनता और विभागीय सुस्ती ने लोगों को एक बार फिर से हाशिए पर धकेल दिया है।

जनप्रतिनिधियों और विभागों पर उठ रहे सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि न तो जनप्रतिनिधि उनकी सुध ले रहे हैं, न ही आपदा प्रबंधन विभाग और न ही जल संसाधन विभाग। उनका कहना है कि सरकार सिर्फ़ आश्वासन देती है, लेकिन ज़मीनी हकीकत बिल्कुल विपरीत है।

प्रशासन का जवाब

भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा है कि,

“मसाढू से आगे दूसरे गांव में फिलहाल कटावरोधी कार्य चल रहा है। मसाढू के लिए भी विभागीय बैठक हो चुकी है, जल्द ही वहां कार्य शुरू किया जाएगा।”

लेकिन अब सवाल यह है कि “जलस्तर बढ़ने से पहले क्या वाकई कार्य शुरू होगा?” या फिर हर साल की तरह बारिश के बाद ही राहत कार्य की खानापूर्ति होगी?

मुख्यमंत्री के बयान बनाम ज़मीनी हकीकत

हाल ही में मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने दोहराया था कि

“बिहार के खजाने पर पहला हक़ आपदा पीड़ितों का है।”
तो सवाल उठता है कि क्या मसाढू के कटाव पीड़ित आपदा पीड़ित नहीं हैं?

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया शेरपुर-दिघवारा 6 लेन गंगा पुल का निरीक्षण, निर्माण में तेजी लाने का निर्देश

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Bihar News: मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज शेरपुर-दिघवारा के बीच गंगा नदी पर निर्माणाधीन 6 लेन पुल का स्थल पर जाकर निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुल निर्माण कार्य को तय समय-सीमा के भीतर तेजी से पूरा किया जाए।

मुख्यमंत्री ने शेरपुर स्थल पर पहुँचकर निर्माणाधीन पुल के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया और गंगा नदी के बीच चल रहे कार्यों को भी नजदीक से देखा। अधिकारियों ने जानकारी दी कि यह 6 लेन पुल नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा ₹3,200 करोड़ की लागत से बनवाया जा रहा है। पुल की कुल लंबाई 14.52 किलोमीटर होगी और यह पटना जिले के शेरपुर से सारण जिले के दिघवारा तक फैला होगा।

इस परियोजना को वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह पुल पटना रिंग रोड का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा, जिससे न सिर्फ राजधानी पटना के चारों ओर सुगम यातायात संभव हो सकेगा, बल्कि उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच भी सीधी और बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इस 6 लेन पुल के नीचे पटना छोर की तरफ जेपी गंगा पथ (Ganga Expressway) का भी निर्माण किया जा रहा है। साथ ही यह पुल बिहटा-सरमेरा पथ से भी जुड़ जाएगा, जिससे क्षेत्रीय संपर्क को और बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस परियोजना की महत्ता को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और समयबद्ध एवं गुणवत्ता पूर्ण कार्य सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान उपस्थित प्रमुख अधिकारी:

  • दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव
  • अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव
  • संदीप कुमार आर. पुदुकलकट्टी, सचिव, पथ निर्माण विभाग
  • बी. कार्तिकेय धनजी, सचिव, पथ निर्माण विभाग
  • गोपाल सिंह, विशेष कार्य पदाधिकारी, मुख्यमंत्री कार्यालय
  • डॉ. चंद्रशेखर सिंह, जिलाधिकारी, पटना अवकाश कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना
  • अवकाश कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना
  • NHAI के वरिष्ठ अधिकारी एवं अभियंता गण

यह परियोजना पटना समेत पूरे बिहार के लिए सामाजिक-आर्थिक विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके पूर्ण होते ही राजधानी के पश्चिमी इलाकों सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए यातायात अधिक सुलभ और त्वरित हो जाएगा।

चलती ट्रेन में चोरी की कोशिश नाकाम, सतर्क यात्री ने रंगे हाथ पकड़ा, यात्रियों ने की जमकर पिटाई

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भागलपुर: पटना से बांका जा रही राजेंद्र नगर टर्मिनल एक्सप्रेस में एक चोर की चोरी की कोशिश उस वक्त नाकाम हो गई जब एक सतर्क यात्री ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। यह घटना बरियारपुर और भागलपुर स्टेशन के बीच की है, जिसने यात्रियों की सतर्कता और एकजुटता का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है।

जानकारी के अनुसार, ट्रेन में सफर कर रहे एक यात्री ने अपने बैग में संदिग्ध हलचल महसूस की। जब उसने जांच की तो देखा कि एक व्यक्ति उसका मोबाइल और बैग में रखे ₹30,000 नगद चुराने की कोशिश कर रहा है। बिना देर किए यात्री ने सतर्कता दिखाते हुए चोर को पकड़ लिया और शोर मचा दिया।

आसपास मौजूद यात्रियों ने तुरंत सहयोग किया और चलती ट्रेन में ही चोर को पकड़कर उसकी जमकर धुनाई कर दी। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह यात्रियों ने मिलकर चोर को सबक सिखाया।

जैसे ही ट्रेन भागलपुर स्टेशन पर पहुँची, चोर को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को सौंप दिया गया। फिलहाल आरोपी RPF की हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है।

यह घटना एक बार फिर रेलवे में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती है। हालांकि इस बार एक सतर्क यात्री और अन्य यात्रियों की सक्रियता के चलते बड़ी वारदात टल गई, लेकिन सवाल यही है कि यदि सतर्कता न बरती जाती तो स्थिति क्या होती?

रेलवे प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा ताकि यात्रियों का सफर सुरक्षित और निर्बाध बना रहे।

राजस्व विभाग की समीक्षा में फिसड्डी रहा भागलपुर, डीएम ने दिए निलंबन के आदेश

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Bhagalpur News: बिहार सरकार के मुख्य सचिव द्वारा आयोजित समीक्षा बैठक में भागलपुर जिले के राजस्व विभाग का प्रदर्शन राज्य के अन्य जिलों की तुलना में काफी कमजोर पाया गया। खासकर दाखिल खारिज वाद निस्तारण, परिमार्जन, और अभियान बसेरा जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में जिले की स्थिति अत्यंत खराब रही।

बैठक के बाद जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने राजस्व विभाग के कार्यों की अंचलवार एवं हल्कावार समीक्षा की। समीक्षा के दौरान अपर समाहर्ता दिनेश राम ने बताया कि राजस्व कर्मचारी 7 मई से हड़ताल पर हैं, और कई कर्मचारी बिना उचित जांच के वादों को मनमाने ढंग से रद्द कर रहे हैं।

जिलाधिकारी ने इस पर नाराजगी जताते हुए ऐसे कर्मचारियों को हड़ताल से लौटने का अल्टीमेटम देने और जिनके द्वारा वादों को बिना उचित प्रक्रिया के निरस्त किया गया है, उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई का आदेश दिया।

पंचायत सचिव और अमीन को वैकल्पिक रूप से राजस्व कार्यों के निष्पादन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही हड़ताल पर गए कर्मचारियों से लैपटॉप वापस लेने का निर्देश भी दिया गया, जिसे अंचलाधिकारी के पास जमा करवा दिया गया है।

जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी अंचलाधिकारी या डीसीएलआर द्वारा राजस्व कार्यों की निगरानी और अनुश्रवण में लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा जाएगा।

इस सख्त रुख के बाद जिले में राजस्व व्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। प्रशासनिक हलकों में इस निर्देश के बाद हलचल मच गई है।

भागलपुर: चार बच्चों की मां प्रेमी संग फरार, थाने में हाई वोल्टेज ड्रामा

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Bhagalpur News: शहर के जोगसर थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ चार बच्चों की मां बिना देवी अपने प्रेमी टिंकू चौधरी के साथ फरार हो गई। महिला के पति रामचंद्र तूरी ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और पूरे मामले से पुलिस को अवगत कराया है।

रामचंद्र तूरी ने बताया कि उसकी पत्नी का छोटी साहेबगंज निवासी टिंकू चौधरी के साथ पिछले कई वर्षों से प्रेम संबंध था। इस मामले को लेकर पहले भी विवाद हुआ था, जिसे मोहल्लेवासियों की पहल पर सुलझा लिया गया था। उस समय बिना देवी ने वादा किया था कि वह टिंकू से कोई संपर्क नहीं रखेगी। बावजूद इसके, वह लगातार टिंकू के संपर्क में बनी रही।

रामचंद्र के परिजनों का आरोप है कि उसकी अनुपस्थिति में टिंकू अक्सर उसके घर आता था और विरोध करने पर मारपीट की धमकी भी देता था। फरार होने के बाद रामचंद्र ने जब पत्नी की खोजबीन की, तो बच्चों ने भी बताया कि उनकी मां टिंकू के साथ चली गई है।

महिला के चार बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियाँ और एक बेटा शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय वार्ड पार्षद संजय सिंह जोगसर थाने पहुंचे और वहां मौजूद रामचंद्र के परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया।

इस घटना को लेकर जोगसर थाना परिसर में भारी भीड़ जुट गई और काफी देर तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और महिला की तलाश की जा रही है।

देवघर से भागलपुर ला रही विदेशी शराब की बड़ी खेप जब्त, एक तस्कर गिरफ्तार

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Bhagalpur News: : बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद शराब की तस्करी पर लगाम लगाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। ताजा मामला भागलपुर जिले का है, जहां पुलिस ने देवघर से लाई जा रही विदेशी शराब की एक बड़ी खेप बरामद की है। इस कार्रवाई में एक तस्कर को गिरफ्तार भी किया गया है।

गोपनीय सूचना के आधार पर जगदीशपुर थाना क्षेत्र में गश्ती कर रही पुलिस टीम ने सनहोला मोड़ के पास एक संदिग्ध वाहन को रोका। तलाशी के दौरान वाहन से 10 कार्टन विदेशी शराब बरामद हुई, जिसमें कुल 612 बोतल यानी लगभग 216 लीटर शराब पाई गई।

पुलिस ने वाहन चालक की पहचान मनोज कुमार अग्रवाल, निवासी देवघर (झारखंड) के रूप में की है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पहली बार शराब की खेप लेकर बिहार आ रहा था। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है।

बिहार में 2016 से लागू पूर्ण शराबबंदी कानून के बावजूद शराब की तस्करी और अवैध बिक्री की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

राजमहल रेलवे स्टेशन को ‘अमृत स्टेशन’ का दर्जा, पीएम मोदी ने किया वर्चुअल उद्घाटन

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Railway News: अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पूर्व रेलवे मालदा मंडल अंतर्गत राजमहल रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक स्वरूप में पुनर्विकसित कर ‘अमृत स्टेशन’ के रूप में राष्ट्र को समर्पित किया गया। दिनांक 22 मई 2025 को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 103 अमृत स्टेशनों के वर्चुअल लोकार्पण कार्यक्रम में इसका उद्घाटन किया गया।

राजमहल स्टेशन का भव्य कायाकल्प

राजमहल स्टेशन अब सिर्फ एक रेलवे स्टॉप नहीं, बल्कि आधुनिकता, समावेशिता और सांस्कृतिक प्रेरणा का प्रतीक बन चुका है। स्टेशन पर निम्न प्रमुख सुविधाओं का निर्माण एवं नवीनीकरण किया गया है:

  • आधुनिक डिज़ाइन वाला मुख्य द्वार एवं आकर्षक फसाड लाइटिंग
  • विस्तृत कंकर्स एरिया एवं सुगठित आगमन ब्लॉक
  • सुसज्जित प्रथम श्रेणी, द्वितीय श्रेणी प्रतीक्षालय व विशेष महिला प्रतीक्षालय
  • एग्जीक्यूटिव व रिज़र्वड लाउंज
  • पूर्ण विकसित सर्कुलेटिंग एरिया और पैदल पथ
  • बड़े डिजिटल इनडोर वीडियो वॉल्स यात्रियों को तुरंत और स्पष्ट जानकारी प्रदान करने हेतु
  • बहुभाषी साइनबोर्ड्स, पे एंड यूज़ शौचालय, एवं दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएँ
  • लंबी ट्रेनों के लिए विस्तारित प्लेटफॉर्म, कलात्मक मूर्तियाँ, और स्थानीय संस्कृति से युक्त इंटीरियर्स

स्थानीय जनता में उत्साह और गर्व

राजमहल स्टेशन के इस कायाकल्प से स्थानीय नागरिकों, छात्रों, व्यापारियों एवं यात्रियों में अत्यधिक उत्साह देखा जा रहा है। लोग स्टेशन के भव्य स्वरूप और सुविधाओं को देखकर सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो साझा कर रहे हैं। बच्चे रंगीन शिल्पकला और डिजिटल स्क्रीन से मंत्रमुग्ध हैं, वहीं वरिष्ठ नागरिकों ने संरचनाओं की सुगमता की सराहना की है। महिला यात्रियों ने महिला प्रतीक्षालय को सुरक्षित और सम्मानजनक ठहराया।

‘नया भारत’ की दिशा में एक सशक्त कदम

राजमहल ‘अमृत स्टेशन’ बनकर अब न केवल यात्रियों को बेहतर अनुभव दे रहा है, बल्कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार की रेलवे अधोसंरचना को आधुनिक, समावेशी और वैश्विक स्तर का बनाने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। यह पहल क्षेत्रीय विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और यात्रियों की सुविधा का सफल संगम है।

NH-31 पर मिनी हाईवे की टक्कर से बड़ा सड़क हादसा, पांच किमी लंबा जाम

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Bihar News: बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत भवानीपुर थाना क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यह हादसा एनएच-31 स्थित भगवान पेट्रोल पंप के पास हुआ, जहां नारियल लदा एक मिनी हाईवे वाहन संतुलन खो बैठा और किनारे खड़े एक अन्य हाईवे ट्रक में ज़ोरदार टक्कर मार दी।

भीषण टक्कर, दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मिनी हाईवे वाहन गुवाहाटी से नारियल लादकर पटना जा रहा था। तेज रफ्तार के चलते ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया और सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में जाकर टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मिनी हाईवे का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया।

एक युवक घायल, अस्पताल में भर्ती
हादसे में एक युवक के घायल होने की सूचना है। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया है। फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

NH-31 पर यातायात ठप, पांच किलोमीटर लंबा जाम
हादसे के बाद एनएच-31 पर करीब 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को घंटों तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। धूप और गर्मी के बीच जाम में फंसे लोग बेहद परेशान दिखे।

पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर हटवाए वाहन
घटना की सूचना मिलते ही भवानीपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को जब्त कर सड़क से हटवाया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य होने लगा। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से एनएच-31 पर ट्रैफिक प्रबंधन सुधारने और सड़क किनारे खड़े वाहनों पर कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस रूट पर हादसे लगातार हो रहे हैं, लेकिन सुरक्षा उपायों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।