Home Blog Page 304

सहायता शिविर में अव्यवस्था: दिव्यांग और बुजुर्गों को घंटों इंतजार, बुनियादी सुविधाओं का अभाव

0

Bhagalpur News:  दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों की मदद के उद्देश्य से भागलपुर के सैंडिश कंपाउंड में लगाए गए सहायता उपकरण वितरण शिविर में अव्यवस्था और कुव्यवस्था का आलम देखने को मिला। जनकल्याण की मंशा से आयोजित यह शिविर, लाभुकों के लिए असुविधा का पर्याय बन गया।

एडीआईपी (ADIP) और राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत आयोजित इस शिविर में भागलपुर ही नहीं, बल्कि बांका और मुंगेर जिलों से भी बड़ी संख्या में दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक पहुंचे थे। लाभुकों को सुबह 9 बजे बुलाया गया था, लेकिन उन्हें यह कहकर घंटों बैठाए रखा गया कि उपकरणों का वितरण दोपहर 4 बजे शुरू होगा।

प्यासे, भूखे और उपेक्षित – लाभुकों की व्यथा

शिविर में पहुंचे कई दिव्यांगों ने बताया कि वे सुबह से भूखे-प्यासे वहीं बैठे थे। एक लाभार्थी ने कहा, “हम लोग सुबह से यहां बैठे हैं। न पानी है, न शौचालय। बहुत तकलीफ हो रही है।”

वहीं एक बुजुर्ग ने रोष जाहिर करते हुए कहा, “हम ठीक से चल नहीं सकते, लेकिन इतनी देर तक जमीन पर बैठा दिया। कोई देखने-सुनने वाला नहीं है।”

प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल

इतनी बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने के बावजूद शिविर में पीने के पानी, बैठने की उचित व्यवस्था और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं थीं। जब मीडिया कर्मियों ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से इस अव्यवस्था को लेकर सवाल पूछने की कोशिश की, तो वे कैमरे से बचते नजर आए और कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

जनसेवा या सिर्फ औपचारिकता?

सहायता शिविर को जनसेवा के नाम पर प्रचारित किया गया था, लेकिन वास्तविकता इससे उलट दिखाई दी। घंटों धूप और भूख-प्यास से परेशान दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए यह शिविर राहत कम, पीड़ा ज्यादा लेकर आया।

यह घटना एक बार फिर सरकारी आयोजनों की तैयारी और जमीनी सच्चाई के बीच की खाई को उजागर करती है। ज़रूरतमंदों को सहूलियत देने के बजाय उन्हें और कठिनाइयों में डालना व्यवस्था की गंभीर खामियों को दर्शाता है।


“जनसेवा तभी सार्थक मानी जाएगी जब उसका लाभ बिना अपमान और तकलीफ के जरूरतमंदों तक पहुंचे। वरना ये महज एक दिखावा बनकर रह जाता है।” – एक दिव्यांग लाभार्थी

वेतन विसंगति और ग्रेड पे सुधार को लेकर बिहार अनुसचिवीय कर्मचारी संघ का धरना, सरकार को दी चेतावनी

0

Bhagalpur News:  बिहार सरकार के अधीन कार्यरत लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों ने वेतन विसंगति, ग्रेड पे में सुधार और सेवा शर्तों में पारदर्शिता जैसे मुद्दों को लेकर सोमवार को भागलपुर समाहरणालय परिसर में एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। इस धरना का आयोजन बिहार अनुसचिवीय कर्मचारी संघ के बैनर तले किया गया, जिसमें जिले भर से बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए।

क्या हैं कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगें?

धरना स्थल पर मौजूद संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में एक ही संवर्ग के लिपिकों के वेतनमान में भारी अंतर है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस वेतन विसंगति को समाप्त किया जाए और सभी को समान वेतनमान दिया जाए।

संघ ने यह भी कहा कि लिपिक पद की शैक्षणिक योग्यता पहले मैट्रिक थी, जिसे बढ़ाकर इंटरमीडिएट कर दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद ग्रेड पे में कोई बदलाव नहीं किया गया। यह कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

अन्य प्रमुख मांगें:

  • योग्यता के अनुरूप ग्रेड पे में संशोधन
  • सेवा शर्तों में पारदर्शिता
  • समय पर पदोन्नति
  • कार्यस्थल पर बेहतर सुविधाएं

आंदोलन की चेतावनी

कर्मचारियों ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो संघ आंदोलन को और उग्र रूप देगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगला चरण राज्यव्यापी विरोध हो सकता है।

धरना स्थल का माहौल

धरना के दौरान कर्मचारी अपने हाथों में तख्तियां लिए हुए नजर आए, जिन पर “समान काम, समान वेतन चाहिए”, “ग्रेड पे में सुधार हो” जैसे नारे लिखे थे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ।

भागलपुर में दर्दनाक हादसा: तालाब में डूबने से दो मासूम बच्चियों की मौत, बकरी बचाने के दौरान हुआ हादसा

0

Bhagalpur News: भागलपुर जिले के नाथनगर प्रखंड अंतर्गत किशनपुर बाईपास के पास सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। तालाब में डूबने से दो मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

मृत बच्चियों की पहचान 13 वर्षीय सोनाली कुमारी एवं 12 वर्षीय निशा कुमारी के रूप में हुई है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, सुबह दोनों बच्चियां गांव के पास स्थित तालाब के किनारे बकरी चराने गई थीं। इसी दौरान एक बकरी तालाब की ओर चली गई। उसे बचाने के प्रयास में निशा का पैर फिसल गया और वह सीधे गहरे पानी में जा गिरी।

सोनाली ने दिखाई बहादुरी, लेकिन…
निशा को डूबते देख सोनाली ने बिना देर किए तालाब में छलांग लगा दी, लेकिन दुर्भाग्यवश वह भी डूब गई। जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते, तब तक दोनों बच्चियां पानी में समा चुकी थीं।

गांव में पसरा मातम

घटना की जानकारी मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर नाथनगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों बच्चियों के शव तालाब से बाहर निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए मायागंज अस्पताल भेजे गए।

पुलिस जांच में जुटी

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, ग्रामीणों ने इस तालाब को सुरक्षित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसा हादसा दोबारा न हो।

PDS घोटाले का विरोध करना पड़ा महंगा, वार्ड सदस्य के पति पर चाकू से जानलेवा हमला

0

Crime News: भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत भतौरिया गांव में जन वितरण प्रणाली (PDS) में गड़बड़ी का विरोध करना एक व्यक्ति को उस वक्त महंगा पड़ गया, जब सोमवार की सुबह उस पर चाकू और अस्तुरा से जानलेवा हमला कर दिया गया। घायल की पहचान गांव निवासी अमर कुमार मंडल उर्फ उपेंद्र मंडल के रूप में हुई है।

उपेंद्र मंडल की पत्नी गांव की वार्ड सदस्य हैं। उपेंद्र ने बताया कि उन्होंने गांव के PDS दुकानदार मित्तल मंडल द्वारा लाभुकों को अनाज वितरण में की जा रही अनियमितताओं का विरोध किया था। उन्होंने इसकी लिखित शिकायत जिलाधिकारी से की थी, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए मित्तल मंडल का लाइसेंस रद्द कर दिया।

हमला योजनाबद्ध था:
उपेंद्र मंडल ने बताया कि सोमवार सुबह जब वे रोजाना की तरह टहलने निकले, तभी पहले से घात लगाए मित्तल मंडल ने अचानक उन पर चाकू और अस्तुरा से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल उपेंद्र मंडल वहीं बेहोश होकर गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें मायागंज अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है।

आरोपी मित्तल मंडल हमले के बाद से फरार है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और आरोपित की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।

राजद पर बाबा साहब का अपमान करने का आरोप, भाजपा ने भागलपुर में धरना देकर की माफी की मांग

0

Bhagalpur News:  भारत रत्न व संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के कथित अपमान को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। सोमवार को भाजपा भागलपुर जिला इकाई ने स्टेशन चौक स्थित बाबा साहब की प्रतिमा स्थल पर एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव एवं उनके परिवार से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की।

इस धरने का नेतृत्व भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष साह ने किया। उन्होंने राजद पर सीधा हमला बोलते हुए कहा,

“जिस प्रकार से लालू यादव एवं उनके परिवार द्वारा बाबा साहब का अपमान किया गया है, वह न केवल शर्मनाक है, बल्कि यह भारत के संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का भी खुला उल्लंघन है। यह देश बाबा साहब के अपमान को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।”

धरना स्थल पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में जुटकर डॉ. अंबेडकर के सम्मान में नारे लगाए और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि लालू परिवार की ओर से शीघ्र सार्वजनिक माफी नहीं मांगी गई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

धरने के दौरान माहौल शांतिपूर्ण रहा लेकिन भाजपा का रुख स्पष्ट था –
बाबा साहब के सम्मान पर कोई समझौता नहीं।

नेत्रों को रोशनी देने वाले अब देंगे भागलपुर को नई दृष्टि – डॉ. विकास पांडे जनसुराज से उतरेंगे चुनावी मैदान में

0

भागलपुर के चर्चित नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास कुमार पांडे अब राजनीति के माध्यम से जनसेवा की नई शुरुआत करने जा रहे हैं। बीते 8 वर्षों में 70,000 से अधिक जरूरतमंद मरीजों की आंखों की रोशनी लौटाने वाले डॉ. पांडे अब जन सुराज अभियान से जुड़कर भागलपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं।

“ऑपरेशन थियेटर में दी रोशनी, अब विधानसभा में करेंगे जनप्रतिनिधित्व”

डॉ. पांडे ने कहा:

“अब तक हमने मरीजों की सेवा की, अब जनता की सेवा करने का समय है। जो भागलपुर आज भी मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहा है, उसे वास्तविक स्मार्ट सिटी बनाना हमारा संकल्प है।”

उनका मानना है कि भागलपुर सिर्फ नाम का स्मार्ट सिटी बनकर रह गया है, जबकि जमीनी सच्चाई बहुत पीछे है। वे भागलपुर में मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त कर इसे मॉडल शहर बनाना चाहते हैं।

पलायन रोकने और स्वाभिमान लौटाने का वादा

डॉ. पांडे का कहना है:

“हमारी सरकार बनी तो सबसे पहला कदम होगा भागलपुर से पलायन रोकना, ताकि हमारे युवा, किसान और मजदूर यहीं सम्मानपूर्वक जीवन बिता सकें।”

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि राजनीति में आने का उनका उद्देश्य सत्ता नहीं, सेवा है।

जन सुराज से प्रेरित होकर गांव-गांव पहुंचेंगे

जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की नीतियों से प्रभावित होकर डॉ. पांडे अब गांव-गांव जाकर लोगों से सीधे संवाद करेंगे। वे मानते हैं कि बदलाव केवल जनसंपर्क और सहभागिता से ही संभव है।

डॉ. पांडे ने कहा:

“भागलपुर को एक ऐसा शहर बनाना है जहां हर तबके की आवाज़ सुनी जाए, समस्याओं को समझकर नीतिगत समाधान निकाला जाए।”

चिकित्सा से राजनीति तक – एक जनसेवक की यात्रा

अपनी चिकित्सकीय सेवा से हजारों परिवारों की उम्मीद बने डॉ. पांडे अब एक जनआधारित बदलाव की मशाल लेकर निकल चुके हैं। उनका भरोसा है कि जन सुराज की नीति और भागलपुर की जनता की ऊर्जा मिलकर एक नया इतिहास रच सकती है।

भागलपुर जिला अंडर-13 शतरंज चैंपियनशिप का खिताब प्रखर चौरसिया ने जीता

0

भागलपुर जिला शतरंज संघ के तत्वावधान में आज अलीगंज स्थित भक्ति वेदांता इंटरनेशनल स्कूल में जिला अंडर-13 शतरंज प्रतियोगिता का सफल आयोजन हुआ। प्रतियोगिता का उद्घाटन तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के खेल सचिव डॉ. संजय जयसवाल द्वारा प्रतिभागियों के साथ पारंपरिक शतरंज चाल चलकर किया गया।

प्रतियोगिता में भागलपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 32 प्रतिभागियों ने भाग लिया। यह मुकाबला रैपिड फॉर्मेट (15 मिनट + 10 सेकंड प्रति खिलाड़ी) में कुल 6 राउंड में खेला गया। प्रतियोगिता के मुख्य निर्णायक नेशनल सीनियर अर्बिटर अंकित कुमार मिश्रा ने बताया कि पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रखर चौरसिया ने 6 में से 6 अंक प्राप्त कर निर्विवाद चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

अन्य विजेताओं में:

  • द्वितीय स्थान: ऐरिक (5 अंक)
  • तृतीय स्थान: शिवम् उपाध्याय (4 अंक, बेहतर बक्कल स्कोर के आधार पर)

पूर्व आयु वर्ग के विजेता भी हुए सम्मानित

इस मौके पर पूर्व में आयोजित अंडर-7 एवं अंडर-9 चैंपियनशिप के विजेताओं को भी मंच पर सम्मानित किया गया:

  • अंडर-7 विजेता: युवान वर्धन | उपविजेता: वाणी वर्धन | तृतीय स्थान: त्रैही जैन
  • अंडर-9 विजेता: संचिता प्राशर | उपविजेता: बालाजी देव अंशुमन | तृतीय स्थान: आद्या साह

सभी विजेताओं को ट्रॉफी, मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। मंच पर डॉ. अजय कुमार सिंह (संघ अध्यक्ष), अजय कुमार मिश्रा (संघ सचिव), डॉ. मिथिले कुमार, डॉ. राजू, कुणाल कुमार राय (प्रतियोगिता निदेशक), अमित कुमार झा, आदित्य कुमार, डॉ. जिनी, कंचन कुमारी और प्रवीण कुमार समेत अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

नई पहल की घोषणा

मुख्य अतिथि डॉ. संजय जयसवाल ने कहा कि “तिलकामांझी विश्वविद्यालय द्वारा भविष्य में एक नवीन इनडोर स्टेडियम में निःशुल्क शतरंज प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी, ताकि प्रतिभाशाली बच्चों को और अधिक अवसर मिल सकें।”

संघ अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, “शतरंज एक ऐसा मानसिक खेल है जो बच्चों की एकाग्रता और विश्लेषण क्षमता को निखारता है। हार-जीत खेल का हिस्सा है, लेकिन इस स्तर पर भाग लेना ही बड़ी उपलब्धि है।”

संघ सचिव अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि संस्थापक सचिव स्व. मोहम्मद जयाउद्दीन अहमद की स्मृति में हर वर्ष आयोजित होने वाली वार्षिक प्रतियोगिता इस बार 3-4 अगस्त को कराई जाएगी। इसकी सूचना जल्द ही अखिल बिहार शतरंज संघ एवं भागलपुर जिला शतरंज संघ की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।

पूर्णिया में होगी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता

प्रतियोगिता के निदेशक कुणाल कुमार राय ने बताया कि चयनित खिलाड़ी 27 जुलाई से पूर्णिया में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय अंडर-13 शतरंज प्रतियोगिता में भाग लेंगे। उन्होंने बच्चों के माता-पिता के सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद दिया और प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

पुनौराधाम में बनेगा भव्य जानकी मंदिर, डिजाइन तैयार – मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

0

जगत जननी मॉ जानकी की जन्मस्थली पुनौराधाम, सीतामढ़ी के समग्र विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को जानकारी दी कि पुनौराधाम में भव्य मंदिर निर्माण सहित अन्य संरचनाओं का डिजाइन तैयार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पुनीत कार्य हेतु एक ट्रस्ट का गठन भी कर दिया गया है ताकि मंदिर और संबंधित विकास कार्यों को तेजी से पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा,

“हमलोग पुनौराधाम, सीतामढ़ी में मॉ जानकी के भव्य मंदिर निर्माण को शीघ्र पूरा कराने हेतु कृतसंकल्पित हैं। यह हम सभी बिहारवासियों के लिए गौरव और सौभाग्य की बात है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय विकास का भी आधार बनेगी। इसके तहत मंदिर परिसर के अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धार्मिक पथ, विश्रामालय, सांस्कृतिक केंद्र, पार्किंग, जल-व्यवस्था जैसी सुविधाओं का भी समावेश होगा।

मुख्य बिंदु:

  • मॉ जानकी की जन्मस्थली पुनौराधाम में बनेगा भव्य मंदिर
  • संरचनात्मक डिजाइन तैयार, शीघ्र शुरू होगा निर्माण
  • मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन
  • धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विकास को मिलेगा बल

यह योजना बिहार के आस्था, संस्कृति और विरासत के संरक्षण व संवर्धन की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है।

भागलपुर पहुंचे जन सुराज युवा अध्यक्ष डॉ. (प्रो.) कुमार शांतनु, बोले – “जात-पात नहीं, अब विकास की राजनीति करेंगे युवा”

0

Bhagalpur News: जन सुराज के युवा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. (प्रो.) कुमार शांतनु रविवार को भागलपुर पहुंचे, जहां स्थानीय युवाओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में उन्होंने युवाओं के साथ गहराई से चर्चा की और क्षेत्रीय समस्याओं को समझने का प्रयास किया।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. शांतनु ने कहा कि जन सुराज द्वारा राज्यभर में चलाया जा रहा “बिहार बदलाव, युवा संकल्प” अभियान, युवाओं को जागरूक करने और जमीनी नेतृत्व को विकसित करने की दिशा में एक सशक्त पहल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान सिर्फ चुनावी रणनीति नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक मजबूत प्रयास है।

“हर गांव, हर युवा तक पहुंचेगा बदलाव का संदेश”

मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा,

“हम हर गांव में जा रहे हैं ताकि युवाओं की भागीदारी को लोकतंत्र की मुख्यधारा में लाया जा सके। हमारा उद्देश्य एक ऐसा ईमानदार और कर्मठ नेतृत्व तैयार करना है, जो सिर्फ सत्ता नहीं, समाज की सेवा को प्राथमिकता दे।”

जात-पात नहीं, विकास की राजनीति जरूरी

बिहार की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए डॉ. शांतनु ने कहा कि आज प्रदेश में जातिवाद और परिवारवाद की राजनीति चरम पर है। उन्होंने कहा,

“नेता अपने परिवारों को आगे बढ़ा रहे हैं, जबकि आम जनता की मूलभूत समस्याओं की अनदेखी हो रही है। यह राजनीति अब नहीं चलेगी। जन सुराज की सोच है – काम और विकास की राजनीति।”

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे जाति-धर्म की दीवारों से ऊपर उठकर एक सशक्त, ईमानदार और विकसित बिहार के निर्माण में भागीदारी करें।

घरेलू कलह से तंग आकर अधेड़ ने जहर खाकर दी जान, इलाज के दौरान मौत

0

Bhagalpur News:  भागलपुर इशाकचक थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद से परेशान एक अधेड़ व्यक्ति ने कीटनाशक खाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 46 वर्षीय कन्हाई लाल शाह के रूप में की गई है। गंभीर हालत में उन्हें जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

घर में बार-बार होता था झगड़ा

मृतक के बेटे शन्नी कुमार के अनुसार, उनके पिता पिछले लगभग 25 वर्षों से कोई कामकाज नहीं कर रहे थे और घर में अक्सर उनकी मां ममता देवी से विवाद होता रहता था। शन्नी ने बताया कि वह जब अपनी दुकान से घर लौटा, तो एक बार फिर माता-पिता के बीच झगड़ा हो रहा था। उसने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया और अपने कमरे में चला गया।

कुछ समय बाद कन्हाई लाल शाह ने दूसरे कमरे में जाकर कीटनाशक पी लिया। परिजनों को जब इसकी जानकारी हुई, तो उन्होंने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया। लेकिन इलाज के दौरान उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप

मृतक की पत्नी ममता देवी ने आत्महत्या को लेकर अपने ही ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कन्हाई लाल को उनके माता-पिता और बहनें मानसिक रूप से प्रताड़ित करती थीं और आत्महत्या के लिए उकसाती थीं।

ममता देवी ने यह भी दावा किया कि कुछ वर्ष पहले कन्हाई लाल शाह ने फांसी लगाकर आत्महत्या की कोशिश भी की थी, लेकिन समय रहते उन्हें बचा लिया गया था।

बाइट – ममता देवी (मृतक की पत्नी):
“मेरे पति लंबे समय से पारिवारिक तनाव में थे। उनके परिवार के लोग उन्हें हमेशा ताने मारते थे और मानसिक रूप से परेशान करते थे। इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया।”

पुलिस ने शव को भेजा पोस्टमार्टम के लिए

घटना की सूचना मिलते ही इशाकचक थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।