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उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने मुख्यमंत्री को भेंट की अपनी पुस्तक ‘Bihar Hai Taiyar – A Journey of Transformation 2005–2025’

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पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को रविवार को 1 अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने अपनी स्वरचित पुस्तक ‘Bihar Hai Taiyar – A Journey of Transformation 2005–2025’ की प्रथम प्रति भेंट की।

यह पुस्तक बिहार की विकास यात्रा के दो दशकों (2005 से 2025) का गवाह है, जिसमें राज्य के सामाजिक, आर्थिक और संरचनात्मक बदलावों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक में बताया गया है कि दूरदर्शी नेतृत्व, ईमानदार प्रशासन, और बिहारी जनमानस की अटूट इच्छाशक्ति के सम्मिलित प्रयासों से किस प्रकार राज्य में परिवर्तन संभव हो सका।

‘Bihar Hai Taiyar’ पुस्तक न केवल आंकड़ों और तथ्यों से भरपूर है, बल्कि इसमें विकास की उस मानसिकता और विज़न का उल्लेख है जिसने बिहार को नई पहचान और गति दी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, औद्योगीकरण और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति को इसमें प्रमुखता से दर्शाया गया है।

इस अवसर पर जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा, तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार भी उपस्थित थे।

उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि यह पुस्तक आने वाली पीढ़ियों को बिहार के बदलाव की प्रेरणादायक कहानी बताएगी और राज्य के विकास में योगदान देने वाले सभी लोगों के प्रति श्रद्धांजलि के रूप में कार्य करेगी।

तेज आंधी और मूसलधार बारिश ने बिगाड़ी भागलपुर की व्यवस्था, नगर निगम की तैयारियों की खुली पोल

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भागलपुर: रविवार दोपहर से भागलपुर शहर में तेज आंधी और मूसलधार बारिश का जो सिलसिला शुरू हुआ, उसने शहर की पूरी व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के साथ हुई भारी बारिश से शहर की सड़कों पर जलजमाव हो गया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख इलाकों में पानी भर गया, जिससे सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। सबसे ज्यादा असर निचले इलाकों और भीड़भाड़ वाले बाज़ार क्षेत्रों में देखने को मिला, जहां दोपहिया वाहनों और पैदल यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जगह-जगह जाम की स्थिति बन गई। कई जगह वाहन घंटों फंसे रहे। इसके अलावा तेज हवाओं के कारण कई पेड़ और बिजली के खंभे भी गिरने की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।

शहरवासी नगर निगम की तैयारी पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि हर साल बरसात में यही स्थिति बनती है, लेकिन नगर निगम द्वारा स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया है। इस बार भी भारी बारिश के सामने निगम की तैयारी नाकाफी साबित हुई है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि नालों की सफाई समय पर नहीं हुई थी, जिससे पानी की निकासी बाधित हुई और जलभराव की स्थिति बन गई।

विश्व स्तनपान सप्ताह पर IAP भागलपुर द्वारा जागरूकता रैली, “मां का दूध अमृत समान” संदेश के साथ निकली पदयात्रा

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भागलपुर: इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP) भागलपुर शाखा द्वारा विश्व स्तनपान सप्ताह 2025 के उपलक्ष्य में रविवार को एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का उद्देश्य माताओं को स्तनपान के महत्व के प्रति प्रेरित करना और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना था।

रैली की शुरुआत जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, भागलपुर से हुई, जो तिलकामांझी चौक तक निकाली गई। इस रैली को डॉ. हेमशंकर शर्मा, डॉ. ज्योति चौधरी, IAP अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह, मुख्य सलाहकार डॉ. विनय मिश्रा, तथा रैली के संयोजक डॉ. कामरान फज़ल ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

रैली में IAP के सदस्यों, सीनियर पीडियाट्रिशियन और मेडिकल छात्रों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों के हाथों में स्तनपान के पक्ष में संदेश लिखे तख्तियाँ, बैनर थे और माइक द्वारा आमजनों को जागरूक किया जा रहा था। लोगों को बताया गया कि:

  • मां का दूध सर्वोत्तम पोषण है, जिसका कोई विकल्प नहीं है।
  • यह न केवल बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए आवश्यक है, बल्कि मां के लिए भी लाभकारी होता है — ब्रेस्ट कैंसर और ओवरी कैंसर की संभावनाएँ कम करता है।
  • यह इंफेक्शन-रहित, तुरंत उपलब्ध, और बच्चे की ज़रूरतों के अनुसार अनुकूलित होता है, विशेषकर प्रीमैच्योर शिशुओं के लिए।
  • मां का दूध इम्यूनिटी बढ़ाता है, और इसमें ऐसे तत्व होते हैं जो सिर्फ इसी में पाए जाते हैं।

रैली के दौरान यह भी अपील की गई कि डॉक्टर स्वयं माताओं को स्तनपान के लिए जागरूक करें, ताकि समाज में जागरूकता का स्तर और बढ़ सके।

इस अवसर पर IAP सचिव डॉ. सुदर्शन ने कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी डॉक्टरों, छात्रों और जन समुदाय को धन्यवाद दिया।

कार्यक्रम में भाग लेने वालों में प्रमुख रूप से डॉ. अनिल कुमार यादव, डॉ. आर. के. मिश्रा, डॉ. अंकुर प्रियदर्शी, डॉ. पवन यादव, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. कृष्ण मुरारी, डॉ. मिथिलेश, और डॉ. आशुतोष रंजन सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक शामिल रहे।

तेज बारिश में भी अडिग रहे कांवड़िए, लेकिन नगर निगम की लापरवाही ने खोली व्यवस्था की पोल

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भागलपुर: श्रावण मास की अंतिम सोमवारी पर जहां लाखों श्रद्धालु भागलपुर के गंगा घाटों से जल लेकर बाबा बासुकीनाथ धाम की ओर रवाना हुए, वहीं नगर निगम की लचर व्यवस्था ने उनकी आस्था की परीक्षा भी ले ली। तेज बारिश के बीच भी शिवभक्तों का उत्साह और हौसला अडिग रहा, लेकिन उन्हें जिस दुर्व्यवस्था का सामना करना पड़ा, उसने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

बारिश के चलते शहर की कई मुख्य सड़कों पर जलजमाव और नालियों का गंदा पानी भर गया। कांवड़ियों को इसी गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ा। कई जगहों पर नालों का पानी सड़क पर बहता रहा, जिससे श्रद्धालुओं को संक्रमण और चोट लगने जैसे जोखिमों का सामना करना पड़ा।

श्रद्धा में लीन कांवड़िए गंदे नाले में डूबते-उतराते, कीचड़ से सने रास्तों पर चलते रहे, लेकिन बाबा की भक्ति से पीछे नहीं हटे। यह नजारा जहां श्रद्धा की गहराई को दर्शाता है, वहीं प्रशासन की नाकामी भी स्पष्ट रूप से उजागर करता है।

स्थानीय लोगों और स्वयं सेवकों ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि, “प्रशासन सिर्फ श्रावणी मेले की दिखावटी तैयारियों में व्यस्त रहता है, जबकि ज़मीनी हकीकत हर साल एक जैसी ही रहती है।” कई श्रद्धालुओं ने यह भी कहा कि नगर निगम की अनदेखी से हर बार यात्रा में कष्ट उठाना पड़ता है, लेकिन सुनवाई नहीं होती।

भागलपुर जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक नगर में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु आते हैं, इसके बावजूद सड़क, सफाई और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव न केवल शहर की छवि खराब करता है, बल्कि श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को भी खतरे में डालता है।

शिव शक्ति परिवार ने दिखाई आस्था और सेवा भावना, डाक कावड़ियों के लिए न्यायालय गेट पर लगाया सेवा शिविर

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भागलपुर: श्रावण मास की अंतिम सोमवारी पर भागलपुर शहर भक्ति और सेवा के भाव से सराबोर हो उठा। इसी क्रम में शिव शक्ति परिवार द्वारा व्यवहार न्यायालय गेट के पास डाक कावड़ियों की सेवा के लिए एक विशेष सेवा शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में शिवभक्तों के लिए शीतल पेयजल, शरबत, फल, ग्लूकोज, दवाइयाँ और प्राथमिक उपचार की समुचित व्यवस्था की गई थी। शिव शक्ति परिवार के सदस्यों ने श्रद्धा और समर्पण के साथ कांवड़ियों की सेवा की, उन्हें राहत पहुँचाने का हर संभव प्रयास किया।

सेवा शिविर में प्रमुख रूप से राजकुमार सिन्हा, बॉबी सिन्हा, नमन सहित संगठन के कई सदस्य सक्रिय रूप से मौजूद रहे और “बोल बम” के जयकारों के साथ शिविर का संचालन किया।

गौरतलब है कि ये सभी कांवड़िए डाक कावड़िए थे, जो पारंपरिक कांवड़ के बजाय पीठ पर जलपात्र बांधकर दौड़ते हुए बाबा बासुकीनाथ धाम की ओर प्रस्थान करते हैं। इनकी भक्ति, जोश और उत्साह ने पूरे वातावरण को शिवमय कर दिया।

इस सेवा शिविर ने न केवल थके-हारे कांवड़ियों को राहत दी, बल्कि समाज में सेवा, श्रद्धा और सामूहिक सहयोग की मिसाल भी पेश की।

अंतिम सोमवारी पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब: गंगा घाट से जगदीशपुर तक शिवमय हुआ भागलपुर, सेवा में जुटे सैकड़ों शिविर

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भागलपुर: श्रावण महीने की अंतिम सोमवारी पर भागलपुर में श्रद्धा और भक्ति का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला। गंगा घाटों से जल भरकर हजारों की संख्या में कांवड़िए ‘बोल बम’ के जयघोष के साथ बाबा बासुकीनाथ धाम की ओर रवाना हुए। वातावरण शिवमय हो गया — डमरू की ध्वनि, हर-हर महादेव के नारों और भक्ति भाव से पूरा इलाका गूंज उठा।

गंगा घाट से लेकर जगदीशपुर तक शिवभक्तों की सेवा में सैकड़ों सेवा शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में शीतल जल, नींबू पानी, फल और फलाहार की व्यवस्था की गई थी। शिविरों के संचालन में सामाजिक संगठन, धार्मिक संस्थाएँ और स्थानीय लोग पूरी आस्था और समर्पण के साथ जुड़े रहे।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने भी पूरी तत्परता दिखाई। ट्रैफिक कंट्रोल, मेडिकल इमरजेंसी, रूट डायवर्जन और निगरानी के लिए जगह-जगह पुलिस बल और स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात रहीं। सड़कों पर सुगम यातायात के लिए विशेष प्लानिंग की गई, जिससे श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।

मनाली चौक पर लोजपा (रामविलास) के प्रदेश सचिव विजय यादव ने सेवा शिविर में स्वयं भाग लेते हुए कांवड़ियों को जल और फल वितरित किए। उन्होंने कहा, “बाबा की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है, और कांवड़ियों की सेवा करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।”

इस विशेष दिन ने न सिर्फ धार्मिक आस्था को बल दिया, बल्कि समाज में सहयोग, सेवा और समर्पण की भावना को भी मजबूती से प्रस्तुत किया।

कचहरी चौक पर नगर विधायक अजीत शर्मा ने किया डाक बम कावड़ियों की सेवा, कांग्रेस कार्यकर्ता भी रहे मौजूद

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भागलपुर: श्रावणी मेला के पावन अवसर पर भागलपुर के कचहरी चौक पर डाक बम कावड़ियों की सेवा हेतु एक विशेष सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में नगर विधायक अजीत शर्मा ने स्वयं उपस्थित होकर शिवभक्तों की सेवा कर अपनी धार्मिक आस्था का परिचय दिया। सेवा में कांग्रेस कार्यकर्ता भी बढ़-चढ़कर शामिल हुए।

सेवा शिविर में जंगली जंक्शन के प्रोप्राइटर बबली किशोर, मैनेजिंग डायरेक्टर राकेश शर्मा और कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ताओं ने मिलकर डाक बम कावड़ियों को शीतल जल, नींबू पानी और मिठाइयाँ वितरित कीं।

विधायक अजीत शर्मा ने कहा, “शिवभक्तों की सेवा करना एक पुण्य कार्य है। इससे समाज में सकारात्मकता फैलती है और जनमानस में धार्मिक समरसता की भावना बलवती होती है।”

गौरतलब है कि डाक बम कावड़िए पारंपरिक कांवड़ के स्थान पर पीठ पर जल पात्र बांधकर दौड़ते हुए बासुकीनाथ धाम की ओर प्रस्थान करते हैं और जलाभिषेक करते हैं। इस सेवा शिविर में बड़ी संख्या में कावड़िए पहुंचे और माहौल शिवमय हो गया। शिविर में श्रद्धालु भक्तों की भीड़ और “बोल बम” के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

इस पहल ने न केवल शिवभक्तों को राहत दी बल्कि सामाजिक सौहार्द और सहयोग की भावना को भी सुदृढ़ किया।

चांदन नदी का बढ़ा जलस्तर, जगदीशपुर प्रखंड के कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

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बांका जिले में चांदन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे जगदीशपुर प्रखंड अंतर्गत बैजानी पंचायत के कई गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। अचानक आई इस आपदा ने ग्रामीणों की दिनचर्या को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। खेत, सड़कें और कई घर जलमग्न हो चुके हैं।

गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, लोगों में दहशत

बाढ़ का पानी घरों में घुसने लगा है जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोग ऊंचे स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। खेतों में लगी फसलें बर्बाद हो रही हैं और पशुओं के चारे की समस्या ने हालात और बिगाड़ दिए हैं।

🗣 स्थानीय ग्रामीणों का कहना है:

“हर साल हम ऐसी स्थिति का सामना करते हैं, लेकिन इस बार पानी बहुत तेजी से फैला है। न सड़क बची, न खेत और अब घर भी डूबने लगे हैं।”

प्रशासन से राहत कार्य की मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल राहत कार्य शुरू करने की मांग की है। राशन, चिकित्सा सहायता, नाव की व्यवस्था और विस्थापित लोगों के लिए सुरक्षित आश्रय की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

जलस्तर में लगातार वृद्धि, अन्य इलाकों पर भी संकट

फिलहाल चांदन नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। यदि यही स्थिति बनी रही तो आसपास के अन्य इलाकों में भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

खेत में घास चरने से रोका तो दबंगों ने किसान को पीट-पीट कर किया अधमरा, पीड़ित ने एसएसपी को सौंपा आवेदन

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भागलपुर जिले के सन्हौला थाना क्षेत्र अंतर्गत रसलपुर शाह टोला गांव में दबंगों की गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। किसान कुंदन कुमार ने खेत में भैंस से घास चरने से रोका तो गांव के ही पांच लोगों ने उस पर और उसके परिवार पर बर्बर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल कुंदन का इलाज सन्हौला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया है।

पीड़ित किसान का आरोप: जान से मारने की धमकी भी दी गई

कुंदन कुमार द्वारा भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को दिए गए आवेदन में गांव के मनीष यादव (25 वर्ष), पुतुल यादव, कुंदन यादव, घुटरा यादव और तुगनिया यादव को नामजद किया गया है। आरोप है कि इन सभी की भैंसें खेत में लगी घास को चरा रही थीं। जब किसान ने मना किया, तो उक्त लोगों ने उसे मार-मार कर अधमरा कर दिया।

कुंदन ने यह भी आरोप लगाया कि दबंगों ने धमकी दी कि अगर वह थाने में शिकायत करेगा तो उसे जान से मार दिया जाएगा।

पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल

किसान का कहना है कि इस संबंध में पहले भी सन्हौला थाना में लिखित आवेदन दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शनिवार को दबंगों ने दोबारा हमला किया, जिसके बाद पीड़ित ने मजबूर होकर भागलपुर के एसएसपी को आवेदन सौंपा।

112 पुलिस दो बार पहुंची गांव, फिर भी दबंग बेलगाम

घटना के बाद 112 नंबर पुलिस टीम दो बार गांव पहुंची, लेकिन दबंगों पर कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे पीड़ित परिवार दहशत में है।

अब निगाहें जिला प्रशासन पर

कुंदन कुमार ने एसएसपी को दिए आवेदन में कहा है कि यह घटना दूसरी बार हुई है और यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। अब देखना है कि वरीय पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत पहुंचने के बाद क्या ठोस कार्रवाई होती है।

गृह प्रवेश से पहले ही गंगा में समा गया गरीब महिला का आशियाना, चायचक में कटाव से मचा कोहराम

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भागलपुर: भागलपुर जिले के सबौर प्रखंड अंतर्गत चायचक गांव में गंगा का विकराल कटाव अब विनाश का प्रतीक बनता जा रहा है। बीते कुछ दिनों से तेज़ी से हो रहे भू-क्षरण ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। कटावरोधी कार्य तो चल रहे हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि वे पर्याप्त और प्रभावी नहीं साबित हो रहे हैं।

गृह प्रवेश से पहले उजड़ गया सपना

इस भयावह कटाव की सबसे मार्मिक तस्वीर सीता देवी के जीवन से सामने आई है। वर्षों की मेहनत और खेती-मजदूरी से सीता देवी ने पांच लाख रुपये जुटाकर एक पक्का मकान तैयार कराया था। लेकिन नियति ने उन्हें गृह प्रवेश की खुशी भी नहीं दी — मकान गंगा में समा गया।

सीता देवी का कहना है:

“हमने एक-एक ईंट जोड़कर यह मकान बनाया था। अब सब कुछ खत्म हो गया। घर भी नहीं बचा, खाने के लिए कुछ नहीं है। प्रशासन से मांग है कि हमें या तो रहने को घर मिले या पूरा मुआवज़ा दिया जाए।”

गांव में डर, दहशत और आक्रोश का माहौल

चायचक गांव के कई घर अब भी खतरे की जद में हैं। हर बीतता दिन गंगा की धारा को और करीब ला रहा है। ग्रामीणों में डर और गुस्से का माहौल है। उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्य केवल कागजी औपचारिकता लगते हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप:

“जिन जगहों पर मिट्टी कट रही है वहां मज़बूत रोकथाम की ज़रूरत है, लेकिन प्रशासन का रवैया बेहद ढीला है। जब तक कोई बड़ी दुर्घटना नहीं होती, तब तक हर साल यही हाल रहता है।”