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भागलपुर सड़क हादसे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जताया गहरा शोक, मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की

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पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भागलपुर जिले के शाहकुंड-सुल्तानगंज मुख्य मार्ग पर हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना में पांच कांवड़ियों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इस हादसे ने सावन की पवित्र यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को झकझोर कर रख दिया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी शोक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा,

“यह दुर्घटना अत्यंत दुःखद है। मैं मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करता हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वह उन्हें इस अपार दुःख को सहने की शक्ति दें।”

घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना

मुख्यमंत्री ने हादसे में घायल श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना भी की है और आवश्यक चिकित्सकीय व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।

सरकार दिखा रही है संवेदनशीलता

राज्य सरकार इस दुखद हादसे को गंभीरता से ले रही है और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के प्रयास में जुटी है। प्रशासनिक स्तर पर भी हादसे की जांच और पुनरावृत्ति रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

नहीं रहे दिशोम गुरु शिबू सोरेन: आदिवासी चेतना के पुरोधा का अंत, सर गंगाराम अस्पताल में ली अंतिम सांस

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रांची/नई दिल्ली: झारखंड की राजनीति और आदिवासी आंदोलन के सबसे मजबूत स्तंभ, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का आज निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे 81 वर्ष के थे। उनके निधन से पूरे झारखंड समेत देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है।

राजनीति में संघर्ष से शिखर तक का सफर

शिबू सोरेन, जिन्हें सम्मान से “दिशोम गुरु” कहा जाता है, ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1970 के दशक में की थी। उन्होंने आदिवासी समुदाय के हक और झारखंड राज्य के गठन को लेकर आंदोलन शुरू किया।
1972 में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की स्थापना कर उन्होंने आदिवासी अस्मिता की नई आवाज़ को जन्म दिया।

लोकसभा और राज्यसभा में शानदार सफर

उनका पहला लोकसभा चुनाव 1977 में हुआ, हालांकि वे हार गए। लेकिन 1980 में पहली बार सांसद चुने गए और इसके बाद 1989, 1991, 1996, 2002, 2004, 2009 और 2014 में भी लोकसभा पहुंचे।
वहीं, वे दो बार राज्यसभा सदस्य भी रहे — 1998 से 2001 और 2002 में।
1986 में वे झामुमो के महासचिव बने और पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।

तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री

शिबू सोरेन ने झारखंड के मुख्यमंत्री पद की कमान तीन बार संभाली — 2005, 2008 और 2009 में, लेकिन तीनों बार उन्हें बहुमत न मिल पाने के कारण अल्पावधि में ही इस्तीफा देना पड़ा।

कोयला मंत्री रहते समय विवादों में घिरे

2004 में केंद्र सरकार में कोयला मंत्री बने, परंतु विवादों और अदालती मामलों के चलते उन्हें उसी साल इस्तीफा देना पड़ा। इसके बावजूद, जनता और समर्थकों में उनकी लोकप्रियता कम नहीं हुई।

राजनीति में परिवार का प्रभाव कायम

शिबू सोरेन के पुत्र हेमंत सोरेन झारखंड के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में भी राज्य की राजनीति में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। सोरेन परिवार झारखंड की सत्ता और संघर्ष दोनों में एक अहम नाम बना हुआ है।

राष्ट्र शोक में: नेताओं और समर्थकों ने दी श्रद्धांजलि

देशभर से राजनेताओं, सामाजिक संगठनों और आम जनता ने शिबू सोरेन के निधन पर शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित कई हस्तियों ने सोशल मीडिया और प्रेस बयानों के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि दी।

“दिशोम गुरु” की विरासत

शिबू सोरेन केवल एक राजनेता नहीं, आदिवासी अस्मिता, संघर्ष और स्वाभिमान के प्रतीक थे। उनका जीवन एक आदर्श है कि कैसे संघर्षों से निकलकर भी कोई व्यक्ति अपने समाज के लिए बदलाव का वाहक बन सकता है।

सावन की अंतिम सोमवारी पर अजगैबीनाथ धाम में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, लाखों कांवरियों ने किया जलाभिषेक

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भागलपुर: सावन की अंतिम सोमवारी पर सुल्तानगंज स्थित पावन अजगैबीनाथ धाम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंजायमान हो उठा। लाखों शिव भक्तों ने उत्तरवाहिनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर गंगाजल भरकर बाबा भोलेनाथ के शिवलिंग पर जलाभिषेक किया।

बिहार, झारखंड, बंगाल, नेपाल से उमड़े श्रद्धालु

सावन की अंतिम सोमवारी पर केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि बिहार, झारखंड, बंगाल, नेपाल, छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में कांवरिये पहुंचे। श्रद्धालुओं ने पहले गंगा स्नान किया और फिर मंदिर पहुंचकर बाबा भोलेनाथ को जल अर्पित किया।

देवघर के लिए रवाना हुए कांवरिये

गंगाजल भरने के बाद लाखों कांवरिए देवघर स्थित बाबा बैधनाथ धाम की ओर पैदल व वाहनों से रवाना हुए। यह यात्रा धार्मिक आस्था और अनुशासन की मिसाल बनी रही।

प्रशासन की व्यवस्था रही दुरुस्त

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए। शाहकुंड थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार दल-बल के साथ अजगैबीनाथ मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रहे थे।

वहीं, नगर परिषद सुल्तानगंज द्वारा गंगा घाट से लेकर शहर तक सफाई और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए।

महंत प्रेमानंद गिरी का बयान

अजगैबीनाथ मंदिर के महंत प्रेमानंद गिरी ने जानकारी दी कि इस वर्ष करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने अंतिम सोमवारी पर उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान कर बाबा बैधनाथ की ओर कूच किया। उन्होंने जिला प्रशासन और नगर परिषद के प्रयासों की सराहना की।

भक्तों में दिखा उत्साह और श्रद्धा

भक्तों का कहना था कि “बाबा भोलेनाथ सबकी मुरादें पूरी करते हैं।” श्रद्धालुओं में उत्साह, भक्ति और विश्वास देखने लायक था। इस दौरान पूरा सुल्तानगंज श्रद्धा और शिवभक्ति में सराबोर नजर आया।

भागलपुर में बड़ा हादसा: डीजे लगी पिकअप वैन पलटने से पांच कांवड़ियों की मौत, चालक फरार

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भागलपुर: भागलपुर ज़िले में सावन माह की कांवड़ यात्रा के दौरान एक दर्दनाक हादसे में पांच कांवड़ियों की मौत हो गई। यह घटना शाहकुंड प्रखंड से सुल्तानगंज के बीच स्थित एक ग्रामीण मार्ग पर उस समय हुई जब श्रद्धालुओं से भरी एक पिकअप वैन अनियंत्रित होकर पानी से भरे गड्ढे में पलट गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पिकअप वैन में डीजे सिस्टम भी लगा हुआ था और कुछ कांवड़िए डीजे के ऊपर चढ़कर बैठे थे। वाहन के असंतुलित होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते यह हादसा हुआ।

मौके पर ही पांच की मौत

हादसे में पिकअप वैन में सवार पांच कांवड़ियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। मृतक सभी शाहकुंड प्रखंड के निवासी बताए जा रहे हैं। ये सभी सुल्तानगंज से गंगाजल भरकर जेठौरनाथ धाम की ओर जा रहे थे।

पुलिस मौके पर, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए

घटना की सूचना मिलते ही शाहकुंड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर भेज दिया गया। हादसे के बाद इलाके में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक नियंत्रण की मांग की है।

चालक की तलाश जारी

फरार चालक की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने सघन छानबीन शुरू कर दी है। वहीं, यह भी जांच की जा रही है कि वाहन में ओवरलोडिंग या अन्य नियमों का उल्लंघन तो नहीं किया गया था।

राजगीर में पहली बार एशिया रग्बी U20 चैंपियनशिप 2025; बिहार के 6 खिलाड़ियों का भारतीय टीम में चयन

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पटना: बिहार के खेल प्रेमियों के लिए गर्व और उत्साह की खबर! पहली बार बिहार के राजगीर खेल परिसर में 9 और 10 अगस्त को आयोजित होने जा रही एशिया रग्बी U20 रग्बी 7s चैंपियनशिप 2025 के लिए भारतीय पुरुष एवं महिला रग्बी टीम की आज आधिकारिक घोषणा की गई। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में बिहार के 6 खिलाड़ियों का चयन भारतीय टीम में हुआ है, जिनमें 4 महिला और 2 पुरुष खिलाड़ी शामिल हैं।

🔹 बिहार के चयनित खिलाड़ी:

  • महिला टीम: आरती कुमारी, अंशू कुमारी, अल्पना कुमारी, गुरिया कुमारी
  • पुरुष टीम: गोल्डेन कुमार, सागर प्रकाश

  टूर्नामेंट की खास बातें:

  • आयोजन तिथि: 9-10 अगस्त 2025
  • उद्घाटन: 8 अगस्त, राजगीर खेल परिसर के कबड्डी हॉल में
  • कुल 9 देश भाग ले रहे हैं: भारत, चीन, हांगकांग चीन, यूएई, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, श्रीलंका, मलेशिया, नेपाल
  • महिला वर्ग में नेपाल ने मलेशिया का स्थान लिया है
  • यह आयोजन बिहार राज्य खेल प्राधिकरण एवं भारतीय रग्बी फुटबॉल संघ (Rugby India) के सहयोग से किया जा रहा है

इस अवसर पर बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री रवीन्द्रण शंकरण ने बताया, “बिहार के खिलाड़ियों का राष्ट्रीय टीम में चयन राज्य के लिए अत्यंत गर्व की बात है। यह आगामी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।”

   भारतीय टीम की कप्तानी:

  • U20 पुरुष टीम:
    • कप्तान: सुमित कुमार रॉय (प. बंगाल)
    • उपकप्तान: करण राजभर
  • U20 महिला टीम:
    • कप्तान: भूमिका शुक्ला (राजस्थान)
    • उपकप्तान: तनुश्री भोसले (महाराष्ट्र)

   कोचिंग स्टाफ:

  • पुरुष टीम कोच: फ्रांसिस्को ‘पाको’ हर्नांडेज़
  • महिला टीम कोच: कियानो फौरी, सहायक कोच: तिलक राज
  • पुरुष सहायक कोच: टेरेंस जोसेफ

भारतीय रग्बी फुटबॉल संघ के अध्यक्ष राहुल बोस ने कहा, “यह टूर्नामेंट युवा खिलाड़ियों के अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत का महत्वपूर्ण मंच है। हमें गर्व है कि भारतीय टीमें अपने घरेलू मैदान पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगी।”

  टीम लिस्ट:

भारतीय अंडर-20 पुरुष टीम:

सुमित कुमार रॉय (C), करण राजभर (VC), अजीत नाग, भरत किसान, चरण हेम्ब्रम, डेविड मुंडा, देशराज सिंह, गोल्डेन कुमार, राजन रावत, रोहित शॉ, सागर प्रकाश

भारतीय अंडर-20 महिला टीम:

भूमिका शुक्ला (C), तनुश्री भोसले (VC), आरती कुमारी, अक्षया एनएस, अल्पना कुमारी, अंशू कुमारी, गुरिया कुमारी, कायरा विंसेंट, महक, मामाली सिंह, मुस्कान पिपलोदा

सावन के अंतिम सोमवार पर रोटरी विक्रमशिला और पिंक क्लब ने लगाया डाक बम सेवा शिविर

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भागलपुर:  रोटरी विक्रमशिला क्लब और पिंक क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आज बैजानी रोड पर सावन के अंतिम सोमवार को भगवान शिव को जल चढ़ाने जा रहे डाक बम शिवभक्तों के लिए एक भव्य सेवा शिविर का आयोजन किया गया।

इस पावन अवसर पर श्रद्धालु शिवभक्तों की सेवा हेतु विशेष व्यवस्थाएं की गईं। शिविर में ठंडा जल, शर्बत, जूस, मुरब्बा, पेड़ा, सेब, केला, नारियल, टॉफियाँ जैसी चीजों के साथ-साथ दर्द निवारक दवाइयाँ, बोलीनी स्प्रे, नवरत्न तेल जैसी स्वास्थ्य सामग्री भी वितरित की गई।

सभी सदस्यों ने भक्ति और समर्पण के भाव से डाक बम की सेवा में भाग लिया और उन्हें सुरक्षित और ऊर्जा से भरपूर यात्रा की शुभकामनाएँ दीं।

🔹 मौके पर उपस्थित प्रमुख सदस्य:

  • रोटरी विक्रमशिला क्लब के पूर्व अध्यक्ष बिजॉय आनंद, सचिव नीरज कुमार, दीपक साह, सोनू जायसवाल
  • पिंक क्लब की चार्टर अध्यक्ष चंदना चौधरी, पूर्व अध्यक्ष किरण गोस्वामी, अध्यक्ष सुधा पांडे, उपाध्यक्ष मृदुला घोष, सचिव तबस्सुम परवेज़, कमला साहू, सीमा कुमारी
  • अन्य सदस्य: सुमन सोनी, शालिनी, गणेश साह, रोशन आदि

इस आयोजन का उद्देश्य शिवभक्तों की कठिन यात्रा को सहज और सुखद बनाना था। क्लब के सदस्यों ने बताया कि इस प्रकार की सेवा गतिविधियाँ समाज को एकता, सहयोग और भक्ति की भावना से जोड़ती हैं।

बिहार अनुसचिवीय कर्मचारी संघ ने वेतन विसंगति और पुरानी पेंशन की बहाली को लेकर तेज किया आंदोलन

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भागलपुर: बिहार अनुसचिवीय कर्मचारी संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को मनोरंजन भवन, भागलपुर में आयोजित की गई। बैठक में समाहरणालय संवर्ग के सभी लिपिकों ने भाग लिया और कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक की अध्यक्षता संघ की भागलपुर इकाई के अध्यक्ष अविनाश कुमार ने की। इस अवसर पर कर्मचारियों ने सरकार से अपनी 9 प्रमुख मांगों को शीघ्र पूरा करने की अपील की। मुख्य मांगों में शामिल हैं:

  1. वेतन ग्रेड-पे में संशोधन
  2. योग्यता के अनुसार वेतन का पुनर्निर्धारण
  3. कैशलेस चिकित्सा सुविधा
  4. ₹50 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा
  5. राज्य स्तरीय संवर्ग से जिला स्तर के कर्मियों की मुक्ति
  6. पदोन्नति नीति में पारदर्शिता
  7. सेवा शर्तों में समानता
  8. अन्य सरकारी नीतियों में सुधार
  9. पुरानी पेंशन योजना की बहाली

बैठक में कर्मचारियों ने महासंघ के दिशानिर्देशों के अनुसार चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की रणनीति पर भी सहमति जताई।

संघ के अध्यक्ष अविनाश कुमार ने बताया कि यदि सरकार समय रहते इन मांगों पर कार्रवाई नहीं करती है तो 6 अगस्त 2025 को पटना के गर्दनीबाग में एक दिवसीय महा धरना आयोजित किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इसके बाद भी सरकार ने उदासीनता दिखाई, तो संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होगा।

शिवभक्तों की सेवा में समर्पित “वी केयर” का डाक बम सेवा शिविर आयोजित

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Bhagalpur News: श्रावणी मेले के अवसर पर श्रद्धालुओं की सेवा में एक सराहनीय पहल करते हुए आज “वी केयर” संस्था द्वारा “शांति नीर” के सहयोग से डाक बम सेवा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर बजरंगी ढाबा, जगदीशपुर के समीप स्थापित किया गया, जहाँ हजारों शिवभक्तों को नि:शुल्क जल, शर्बत, फलहार, औषधि एवं जरूरत की चीज़ें वितरित की गईं।

संस्था के संस्थापक नितेश चौबे ने सभी दाताओं और स्वयंसेवकों का आभार जताते हुए कहा कि “यह सेवा शिविर शिवभक्तों की कठिन यात्रा में उन्हें सहारा देने और आस्था को मजबूती देने हेतु लगाया गया है।”

इस पुण्य कार्य में कुश, गौतम, रिशांत, ओम, राजेश, जय, नीरज, रुद्र, आयुष, सोनल, गोल्डन, अलका, तृप्ति, मयंक, सुमित, संदीप, प्रियवर, शुभम, शशांक, विनीत, सोहन, नवनीत, अमर, भद्रसेन, और समुज्जुअल सहित कई युवा कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर योगदान दिया।

सड़कों पर पैदल चल रहे शिवभक्तों ने इस सेवा शिविर को आस्था का ठहराव और राहत का केंद्र बताया। सेवा भाव से प्रेरित इस शिविर ने मानवता और श्रद्धा का सुंदर संगम प्रस्तुत किया।

बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन का 32वां प्रांतीय अधिवेशन पटना में भव्य रूप से सम्पन्न, हंसराज रघुवंशी के भजनों ने बांधा समां

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पटना: बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन का 32वां प्रांतीय अधिवेशन आज पटना के ज्ञान भवन में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। इस भव्य कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर किया।

अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने कहा, “मारवाड़ी समाज से दूसरे समाजों को सीख लेने की आवश्यकता है। यह समाज जहां जाता है, वहां की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। स्वतंत्रता आंदोलन में भी इसकी अहम भागीदारी रही है। मारवाड़ी समाज देश की आर्थिक मेरुदंड के रूप में कार्य करता है, इनमें समर्पण और सेवा की भावना स्वाभाविक होती है।”

  रंग-बिरंगी रैली और प्रतिनिधियों की भागीदारी

बिहार के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों प्रतिनिधियों ने पारंपरिक राजस्थानी साफा पहन कर रविवार सुबह एक विशाल रैली निकाली, जिसने पूरे कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंगों से भर दिया।

कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्री अशोक चौधरी, भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री संजय सरावगी, और विधान पार्षद ललन कुमार सर्राफ सहित कई प्रमुख राजनीतिक एवं सामाजिक हस्तियां मौजूद रहीं।

  नेतृत्व में हुआ परिवर्तन, नए अध्यक्ष ने संभाली जिम्मेदारी

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार लोहिया, नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका, और बिहार प्रांतीय अध्यक्ष युगल किशोर अग्रवाल मंच पर उपस्थित रहे। इसी क्रम में प्रांतीय नवनिर्वाचित अध्यक्ष राकेश कुमार बंसल ने अपना कार्यभार विधिवत रूप से संभाला।

  विशिष्ट सम्मान और भागलपुर की उपलब्धियां

भागलपुर से जुड़े प्रतिनिधियों को भी विशेष सम्मान से नवाज़ा गया:

  • अशोक कुमार भिवानीवाला को विशेष कार्यसमिति सम्मान
  • अभिषेक जैन को विशेष सहयोग सम्मान
  • पदम जैन को विशेष सम्मान

  भक्ति में रंगा समापन: हंसराज रघुवंशी की प्रस्तुति

कार्यक्रम के अंतिम चरण में बापू सभागार में आयोजित हंसराज रघुवंशी का भव्य भजन कार्यक्रम हुआ, जिसमें सावन के महीने में बाबा भोलेनाथ के भजनों ने श्रद्धालुओं को भक्ति में सराबोर कर दिया। लोग “बोलो हर हर महादेव” के नारों के साथ झूम उठे।

आयोजन टीम और विशेष उपस्थिति

इस सम्मेलन में अभिषेक डालमिया, राजेश सर्राफ, लक्ष्मीनारायण डोकानिया, प्रो. दिलीप अग्रवाल, अनिल खेतान, ओमप्रकाश कनोडिया, प्रदीप जलान, रामगोपाल पोद्दार समेत कई गणमान्य सदस्य मौजूद रहे।
स्वागत भाषण संजय भालोटिया द्वारा और धन्यवाद ज्ञापन संयोजक विनोद कुमार तोदी ने प्रस्तुत किया।

खतरे के निशान से ऊपर बह रही कोसी नदी, नेपाल से छोड़ा गया 1.90 लाख क्यूसेक पानी

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पटना/सुपौल: बिहार में बाढ़ संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है क्योंकि कोसी नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। जानकारी के अनुसार, नेपाल स्थित कोसी बराज से करीब 1 लाख 90 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे नीचे के इलाकों में जलस्तर में तेज़ वृद्धि दर्ज की गई है।

नेपाल में हो रही लगातार तेज़ बारिश के कारण कोसी बराज पर दबाव बना हुआ था, जिसे देखते हुए वहां के अधिकारियों ने भारी मात्रा में पानी छोड़ने का निर्णय लिया। इससे सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया और पूर्णिया जैसे जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।

प्रशासन ने संभावित खतरे को देखते हुए निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीम लगातार जलस्तर पर निगरानी रख रही है। साथ ही स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें।

विशेषज्ञों का कहना है कि कोसी नदी, जिसे ‘बिहार की शोक’ भी कहा जाता है, जब भारी मात्रा में पानी लेकर बहती है, तो उसका असर तटवर्ती इलाकों पर भारी पड़ता है। प्रशासन द्वारा राहत शिविरों की तैयारी, नावों की तैनाती और NDRF की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।