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जब्बारचक में सड़क-नाले का उद्घाटन, लेकिन जनता के मन में उठे कई सवाल

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भागलपुर: भागलपुर नगर निगम के वार्ड संख्या 15 के जब्बारचक क्षेत्र में 24.98 लाख रुपये की लागत से बनी पीसीसी सड़क और आरसीसी नाले का उद्घाटन तो धूमधाम से कर दिया गया, लेकिन स्थानीय निवासियों के बीच गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर कई सवाल भी उठने लगे हैं।

उद्घाटन के साथ ही सामने आईं समस्याएं

नगर निगम की महापौर डॉ. वसुन्धरा लाल और उपमहापौर डॉ. सलाउद्दीन हसन ने संयुक्त रूप से इस परियोजना का उद्घाटन किया, लेकिन कार्यक्रम खत्म होते ही स्थानीय लोगों में फुसफुसाहट शुरू हो गई। लोगों का कहना है कि काम की गुणवत्ता औसत से भी कम है और बारिश से पहले ही सड़क में दरारें आने लगी हैं।

जनता की नाराजगी: सिर्फ दिखावे का विकास?

कुछ निवासियों ने गुप्त रूप से बताया कि:

“सड़क का लेवल बराबर नहीं है, और नाला भी आधा अधूरा बना है। उद्घाटन से पहले इसे बस दिखावे के लिए रंग-रोगन कर दिया गया।“

वहीं कुछ ने यह भी आरोप लगाया कि इस निर्माण कार्य में स्थानीय ठेकेदारों को ठेका देने में पारदर्शिता नहीं बरती गई, जिससे कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हुई है।

24.98 लाख की लागत, लेकिन असर कम

करीब 25 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद जलनिकासी की व्यवस्था पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। पूर्व में जो जलजमाव की समस्या थी, उसके समाधान पर लोगों को अभी भी संदेह है। यह परियोजना कहीं सिर्फ कागजों पर चमकदार और जमीन पर अधूरी न रह जाए — यही चिंता स्थानीय नागरिकों की जुबान पर है।

विकास या वोट बैंक?

उद्घाटन के दौरान महापौर और उपमहापौर ने इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में “महत्वपूर्ण कदम” बताया, लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से पहले इस तरह की परियोजनाएं केवल वोट बैंक को साधने की कोशिश भी हो सकती हैं।

स्वच्छता में भागलपुर बना बिहार का नंबर वन जिला, 1.64 लाख फीडबैक के साथ हासिल की बड़ी उपलब्धि

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भागलपुर: स्वच्छता और ग्रामीण विकास की दिशा में भागलपुर ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 के तहत 1,64,000 सिटिजन फीडबैक के आधार पर भागलपुर को बिहार का नंबर एक जिला घोषित किया गया है। यह उपलब्धि जिले के प्रशासनिक प्रयासों और ग्रामीण भागीदारी का प्रत्यक्ष परिणाम है।

प्रेस वार्ता में उप विकास आयुक्त ने दी जानकारी

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की जानकारी उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह ने मंगलवार को अपने कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि जिले में स्वच्छता और पर्यावरण प्रबंधन को लेकर कई नवाचार किए गए हैं, जिनमें ग्रामीण समुदायों की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है।

गोबर गैस से ईंधन आपूर्ति की अनूठी पहल

प्रेस वार्ता में बताया गया कि गोराडीह प्रखंड के बिशनपुर जिच्छो पंचायत में 50 घरों को गोबर गैस के माध्यम से स्वच्छ और टिकाऊ ईंधन की आपूर्ति की जा रही है। यह योजना 15वें वित्त आयोग की निधि से संचालित की जा रही है, जो न केवल पर्यावरण अनुकूल है बल्कि ग्रामीण जीवन स्तर को बेहतर बनाने में भी सहायक है।

प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन में भी आगे भागलपुर

प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर भी भागलपुर ने उल्लेखनीय कदम उठाए हैं। जिले के चार प्रमुख प्रखंडों — गोपालपुर, कहलगांव, सबौर और सुल्तानगंज में प्रसंस्करण इकाइयाँ स्थापित की गई हैं। इन इकाइयों में गांवों से एकत्रित वायु-जनित प्लास्टिक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण किया जा रहा है, जिससे प्रदूषण में कमी और पुनर्चक्रण को बढ़ावा मिल रहा है।

स्वच्छ भारत मिशन को मिल रही मजबूती

उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह ने कहा:

“भागलपुर का यह प्रदर्शन सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि यह ग्रामीण जागरूकता, प्रशासनिक समर्पण और सतत नवाचारों का परिणाम है। इन पहलों ने न केवल स्वच्छ भारत मिशन को मजबूती दी है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर बनाया है।“

कहलगांव में वोटर लिस्ट से 45,000 नाम गायब: कांग्रेस ने जताया विरोध, चुनाव आयोग से जांच की मांग

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भागलपुर: आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कहलगांव विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि मतदाता पुनरीक्षण के नाम पर लगभग 45,000 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है।

कांग्रेस की प्रेस वार्ता में फूटा विरोध का सुर

इस मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से एक स्थानीय होटल में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं भावी प्रत्याशी मोहम्मद कलाम उद्दीन ने की। उन्होंने इस घटना को “लोकतंत्र की हत्या” करार दिया और चुनाव आयोग से तत्काल जांच की मांग की।

लोकतंत्र पर खतरा: नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता रवि कुमार, इंटक जिला अध्यक्ष ने कहा:

“45,000 नामों का गायब होना सिर्फ तकनीकी गलती नहीं हो सकती, यह एक सुनियोजित साजिश है।“

राजद नेता चक्रपाणि हिमांशु ने भी महागठबंधन के तहत कांग्रेस का समर्थन करते हुए कहा:

“भाजपा-जदयू की सरकार ने कहलगांव को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा है, अब वोटर लिस्ट से नाम काटकर जनता की आवाज भी खत्म की जा रही है।“

आंदोलन की चेतावनी

प्रेस वार्ता में मौजूद अन्य नेताओं — गौतम बनर्जी (युवा अनुमंडल अध्यक्ष), मो. उमर कलाम (युवा कांग्रेस), और शाहनवाज आलम — ने एक स्वर में कहा कि यदि चुनाव आयोग द्वारा त्वरित कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर जन आंदोलन करेगी।

जनता के मुद्दों के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी कांग्रेस

नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस बार बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, और स्थानीय समस्याओं को प्रमुख मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर मतदाता की भागीदारी सुनिश्चित होना बेहद जरूरी है।

नदी के डाढ़ में डूबने से 35 वर्षीय महिला की मौत, तीन बेटियों के सिर से उठा मां का साया

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भागलपुर: भागलपुर जिले के बाथ थाना क्षेत्र अंतर्गत गिरधरपुर गांव के पास एक दर्दनाक हादसे में 35 वर्षीय लाखों देवी की नदी के डाढ़ में डूबने से मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब लाखों देवी किसी कार्य से नदी किनारे गई थीं और फिसलकर पानी में गिर गईं।

मौके पर मौजूद लोग रह गए स्तब्ध

स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसा इतनी तेजी से हुआ कि किसी को कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला। जब तक आसपास के लोग कुछ कर पाते, लाखों देवी पानी के गहरे हिस्से में डूब चुकी थीं। ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकाला और तत्काल डॉक्टर के पास ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पहले से ही संघर्षों से भरा था जीवन

लाखों देवी का जीवन पहले से ही संघर्षपूर्ण था। उनके पति रामबालक यादव उनसे अलग रहते हैं और किसी प्रकार का रोजगार नहीं करते। लाखों देवी तीन मासूम बेटियों की मां थीं, जिनकी उम्र अभी बहुत कम है। अब इन बेटियों का जीवन अंधकार में डूबता नजर आ रहा है।

पिता ने बताया आंखों देखा हाल

मृतिका के पिता सुरेंद्र यादव ने बताया:

“जब मुझे खबर मिली, मैं तुरंत घटनास्थल पहुंचा। मेरी बेटी नदी के किनारे पानी से भरे गड्ढे में डूबी हुई थी। हमने ग्रामीणों की मदद से उसे निकाला और डॉक्टर के पास ले गए, लेकिन उसकी जान नहीं बची।“

पुलिस जांच में जुटी, गांव में मातम पसरा

सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। लाखों देवी की मौत ने न सिर्फ एक परिवार को तोड़ा, बल्कि तीन बेटियों को बेसहारा कर दिया।

अब सबसे बड़ा सवाल: कौन उठाएगा बेटियों की जिम्मेदारी?

इस हादसे ने प्रशासन और समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है —
इन मासूम बेटियों का भविष्य क्या होगा?

  • न मां रही,
  • न पिता कमाने वाला,
  • आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय।

इन बच्चियों की शिक्षा, भोजन और देखभाल अब सबसे बड़ी चिंता का विषय बन गई है। ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से मदद की अपील की है।

नारायणपुर में भैंस निकालने गए पशुपालक की कोसी में डूबकर मौत, गांव में पसरा मातम

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भागलपुर: भागलपुर ज़िले के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत नगरपारा दक्षिण पंचायत में एक दर्दनाक हादसे में 65 वर्षीय पशुपालक रामजी सिंह की कोसी नदी की उपधारा में डूबने से मौत हो गई। रामजी सिंह पशुओं को चराने के लिए गांव के अन्य पशुपालकों के साथ नगरपारा तीनगछिया कोसी बांध के पास गए थे।

भैंस को बचाने के प्रयास में गई जान

दोपहर के वक्त रामजी सिंह की एक भैंस कोसी की उपधारा में चली गई। उसे बाहर निकालने के प्रयास में रामजी सिंह भी पानी में उतर गए, लेकिन तैरना नहीं जानते थे और गहरे पानी में चले जाने के कारण डूब गए।

रात में लौटीं भैंसें, नहीं लौटे रामजी सिंह

घटना का पता तब चला जब देर रात सभी भैंसें अकेले घर लौट आईं, लेकिन रामजी सिंह का कोई अता-पता नहीं था। परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल खोजबीन शुरू की। कुछ ही देर में रामजी सिंह का शव कोसी की उपधारा में तैरता मिला।

गांव में मचा कोहराम

पुलिस को सूचना दिए जाने पर भवानीपुर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर अनुमंडलीय अस्पताल नवगछिया भेजा गया। जब शव गांव पहुंचा तो घर में कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी कुनिया देवी बेसुध होकर बार-बार बेहोश हो रही थीं, जिन्हें गांव की महिलाएं संभालती रहीं।

जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर परिजनों को बंधाया ढांढस

घटना की सूचना पर बिहपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक इंजीनियर कुमार शैलेंद्र, मुखिया प्रतिनिधि पवन कुमार सिंह, पंचायत समिति सदस्य जयप्रकाश सिंह उर्फ सोनी सिंह और अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी और प्रशासन से परिवार को समुचित मुआवजा देने की मांग की।

कोसी की उपधारा में डूबने से दो मासूमों की मौत, परिजनों में मचा कोहराम

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भागलपुर: भागलपुर ज़िले के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत भवानीपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार की दोपहर कोसी नदी की उपधारा में नहाने गए दो किशोरों की डूबने से मौत हो गई। यह हृदयविदारक घटना जिलेबिया मोड़ के पूरब स्थित सत्संग मंदिर के सामने घटी।

डूबने से गई दो जानें

मृतकों की पहचान सन्नी कुमार (13), पिता विपिन शर्मा, और राहुल कुमार (13), पिता शिव शंकर शर्मा, दोनों निवासी रायपुर गांव के रूप में हुई है। दोनों बच्चे अपने दोस्तों के साथ गर्मी से राहत पाने के लिए कोसी की उपधारा में नहाने गए थे। नहाते वक्त दोनों गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे।

साथी की सतर्कता से मिली सूचना, लेकिन बहुत देर हो चुकी थी

बच्चों के साथ मौजूद आदित्य कुमार ने हादसे के तुरंत बाद घर जाकर परिजनों को सूचना दी। परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और बच्चों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक दोनों की जान जा चुकी थी।

भाई ने बताया आंखों देखा हाल

मृतक राहुल के छोटे भाई आदित्य कुमार ने रोते हुए बताया:

“हम लोग सब साथ में नहा रहे थे। भांजा सत्यम ने कहा था कि पानी कमर तक ही है। सब लड़कों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़ रखा था। जैसे ही भाई गहरे पानी में चला गया, हाथ छूट गया। मेरा भाई तैरना नहीं जानता था।“

पुलिस जांच में जुटी, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए

घटना की सूचना मिलते ही भवानीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों शवों को कब्जे में लेकर अनुमंडलीय अस्पताल नवगछिया भेजा गया है, जहां पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों को सौंपा जाएगा।

गांव में घटना के बाद शोक और मातम का माहौल है। दोनों परिवारों में कोहराम मच गया है और हर कोई बच्चों के असमय चले जाने से स्तब्ध है।

भागलपुर के किशन कुमार का भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम में चयन, ऑस्ट्रेलिया दौरे पर चमकेगा बिहार का सितारा

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भागलपुर:  बिहार के क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह गर्व का क्षण है। भागलपुर ज़िले के किशन कुमार का चयन भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम में हुआ है। किशन अब आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे (21 सितंबर – 7 अक्टूबर 2025) पर टीम इंडिया का हिस्सा होंगे।

किशन की मेहनत और संघर्ष की कहानी

कहलगांव प्रखंड के जगन्नाथपुर गांव निवासी किशन कुमार बाएं हाथ के तेज गेंदबाज़ हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने खेल को निरंतर निखारा। उनके माता-पिता सुशील कुमार और रीना सिंह ने बेटे के सपनों को उड़ान देने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

परिवार ने किशन को पढ़ाई और ट्रेनिंग के लिए इलाहाबाद में रहने वाली बुआ के पास भेजा। वहां से क्रिकेट का सफर शुरू हुआ। आगे चलकर उन्होंने आशीष नेहरा क्रिकेट अकादमी से प्रोफेशनल प्रशिक्षण लिया।

गुजरात टाइटंस के नेट बॉलर रह चुके हैं किशन

किशन कुमार आईपीएल फ्रेंचाइज़ी गुजरात टाइटंस के लिए नेट बॉलर भी रह चुके हैं। वर्तमान में वे नोएडा में बीसीसीआई के हाई परफॉर्मेंस कैंप में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

किशन ने कहा, “देश के लिए खेलना मेरा सपना था। अब जब वह सपना साकार हुआ है, तो मैं अपने राज्य और देश को गौरवान्वित करने के लिए पूरी ताकत से खेलूंगा।”

बिहार से एक और खिलाड़ी का चयन

किशन के साथ समस्तीपुर के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भी भारतीय टीम में जगह मिली है। यह बिहार के क्रिकेट विकास की दिशा में एक बड़ा संकेत है।

टीम की घोषणा

बीसीसीआई द्वारा घोषित 17 सदस्यीय टीम की कप्तानी आयुष महात्रे करेंगे। यह दौरा भारतीय युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अपहृत किशोरी रिमांड होम में मिली, पिता ने जताई दुष्कर्म की आशंका; न्याय न मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी

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भागलपुर: पीरपैंती थाना क्षेत्र के लकड़ाकोल गांव निवासी योगेश यादव की नाबालिग पुत्री के अपहरण का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। 1 जुलाई को अचानक लापता हुई किशोरी का पता एक महीने बाद चला, जब पिता को देवघर रिमांड होम से कॉल आया कि उनकी बेटी वहां है।

थाना में नहीं ली गई तत्काल शिकायत

योगेश यादव का आरोप है कि बेटी के लापता होने के बाद जब वे पीरपैंती थाना पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें 4-5 घंटे तक बैठाए रखा, लेकिन आवेदन स्वीकार नहीं किया। मजबूर होकर उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। SSP के निर्देश पर एफआईआर दर्ज की गई।

अपहरण और दुष्कर्म की आशंका

देवघर से सूचना मिलने पर योगेश और उनकी पत्नी आशा देवी तुरंत वहां पहुंचे। योगेश यादव ने आरोप लगाया कि गांव के पूर्व मुखिया राजेंद्र यादव ने उनकी बेटी का अपहरण किया और दुष्कर्म की आशंका भी जताई। उन्होंने यह भी बताया कि राजेंद्र यादव द्वारा पूर्व में की गई मारपीट की शिकायत भी थाने में दर्ज है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

मेडिकल जांच और न्याय की मांग

योगेश यादव ने रिमांड होम में ही स्पष्ट कर दिया कि जब तक बेटी का मेडिकल परीक्षण नहीं होता, वे उसे अपने साथ नहीं ले जाएंगे। मंगलवार को उन्होंने दोबारा SSP को आवेदन देकर मेडिकल जांच और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।

आत्मदाह की चेतावनी

पिता योगेश यादव ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी बेटी को न्याय नहीं मिला, तो वे अपने पूरे परिवार के साथ मुख्यमंत्री के समक्ष आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।

शाहकुंड हादसा: मृत कांवड़ियों के परिजनों को मिला मुआवजा, चेक वितरण के दौरान भावुक दृश्य

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भागलपुर: शाहकुंड थाना क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मारे गए पांच कांवड़ियों के परिजनों को मंगलवार को मुआवजा प्रदान किया गया। ज़िलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने समीक्षा भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि का चेक सभी पीड़ित परिवारों को सौंपा।

कार्यक्रम के दौरान माहौल भावुक हो गया। जैसे ही एक महिला चेक लेने मंच पर पहुंची, वह अपने दुख को संभाल नहीं सकी और फूट-फूटकर रोने लगी। इसी दौरान वह बेहोश हो गई। स्थिति को देखते हुए ज़िलाधिकारी ने स्वयं मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए महिला पर पानी का छींटा मारा और उसे होश में लाया।

हादसे की पृष्ठभूमि

यह हादसा 3 अगस्त की रात शाहकुंड थाना क्षेत्र के महंत बाबा स्थान के पास हुआ था, जब एक पिकअप वैन में सवार कांवड़िए सुल्तानगंज से जल लेकर जैठौरनाथ जा रहे थे। वैन अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे मौके पर ही पांच कांवड़ियों की मौत हो गई थी।

प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

हादसे के 24 घंटे के भीतर ज़िला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी मृतकों के परिजनों को अनुग्रह सहायता राशि देने का निर्णय लिया। ज़िलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन सुरक्षा मानकों की सख्ती से निगरानी करेगा।

शाहकुंड वाहन दुर्घटना के मृतकों के परिजनों को 24 घंटे के भीतर मिली मुआवजा राशि

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भागलपुर: भागलपुर जिले के शाहकुंड थाना क्षेत्र अंतर्गत 3 अगस्त की रात्रि को हुई दर्दनाक पिकअप वैन दुर्घटना में पांच युवकों की मृत्यु हो गई। मृतकों की पहचान पुरानी खेरही बाजार (शाहकुंड) निवासी अंकुश कुमार (14 वर्ष), संतोष कुमार (20 वर्ष), मनोज कुमार (26 वर्ष), विक्रम कुमार (20 वर्ष) एवं रवीश कुमार उर्फ मुन्ना (13 वर्ष) के रूप में की गई है।

इस हादसे के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹4-4 लाख की सहायता राशि स्वीकृत की है। अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) श्री विकास कुमार द्वारा यह राशि आपदा राहत मद से स्वीकृत की गई।

प्रशासन की ओर से अन्य सरकारी योजनाओं के तहत भी परिजनों को आवश्यक लाभ प्रदान करने की प्रक्रिया जारी है, ताकि पीड़ित परिवारों को राहत मिल सके।

इस संवेदनशील पहल से प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी आपदा की स्थिति में पीड़ितों की सहायता सर्वोच्च प्राथमिकता है।