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भागलपुर में जमीन विवाद से उपजा खूनी संघर्ष: भाई ने भाई को मारी गोली, आरोपी फरार

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के इस्माइलपुर थाना क्षेत्र से बुधवार को एक सनसनीखेज घटना सामने आई। छोटी परबत्ता गांव में पैतृक जमीन को लेकर दो भाइयों के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। इस विवाद में छोटे भाई धीरज कुमार ने अपने ही बड़े भाई छविलाल दास को गोली मार दी।

जानकारी के मुताबिक, सुबह जैसे ही छविलाल घर से बाहर निकले, धीरज पहले से हथियार लेकर घात लगाए बैठा था। आरोप है कि धीरज ने छविलाल पर सीधा फायरिंग कर दी। गोली लगने के बाद छविलाल जान बचाने के लिए पड़ोसी के घर की ओर भागे, लेकिन धीरज ने उनका पीछा किया और खींचकर बाहर निकालते हुए तीन गोलियां दागीं। इनमें से एक गोली छविलाल को लग गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

ग्रामीणों की मदद से घायल छविलाल को तुरंत नवगछिया अस्पताल ले जाया गया। वहां स्थिति गंभीर होने पर उन्हें जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल, भागलपुर और फिर पटना रेफर कर दिया गया। फिलहाल डॉक्टरों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है।

घटना को लेकर घायल की पत्नी खुशबू कुमारी ने पुलिस को बताया कि पिछले पाँच वर्षों से पैतृक खेतिहर जमीन को लेकर दोनों भाइयों के बीच विवाद चल रहा था। केवल एक फिट जमीन के टुकड़े पर झगड़ा इतना बढ़ गया कि आए दिन धमकियां दी जाती थीं। खुशबू कुमारी ने आरोप लगाया कि लगभग एक माह पहले भी धीरज ने गोली चलाई थी, लेकिन उस वक्त छविलाल बाल-बाल बच गए थे।

गोलीबारी के बाद आरोपी धीरज मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस्माइलपुर थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

ग्रामीणों का कहना है कि जमीन विवाद ने परिवार को बर्बादी की कगार पर पहुंचा दिया है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए।

भागलपुर में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जमीन जैसे छोटे विवाद किस तरह रिश्तों को खून-खराबे में बदल सकते हैं।

भागलपुर में छात्राओं की समस्याओं को लेकर ABVP का जोरदार प्रदर्शन

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के प्रतिष्ठित एसएम कॉलेज में छात्राओं की समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन से कई बुनियादी सुविधाओं की कमी पर नाराज़गी जताई और त्वरित समाधान की मांग उठाई।

एबीवीपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि कॉलेज में बाथरूम की स्थिति बेहद खराब है, जिसके कारण छात्राओं को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा पीने के पानी की व्यवस्था भी पर्याप्त और सही ढंग से उपलब्ध नहीं है। छात्राओं ने यह भी शिकायत की कि कॉलेज में सेनेटरी पैड मशीन की सुविधा नहीं है, जिसकी वजह से उन्हें अक्सर असुविधा होती है।

खेल प्रेमी छात्राओं ने खेल सामग्री की कमी को भी बड़ी समस्या बताया। उनका कहना है कि कॉलेज में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक उपकरण और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इससे न केवल उनका खेलों में प्रदर्शन प्रभावित होता है, बल्कि मानसिक और शारीरिक विकास पर भी असर पड़ता है।

एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कई मौकों पर शिक्षकों द्वारा छात्राओं के साथ गलत व्यवहार किया गया है, जिससे वे मानसिक तनाव का शिकार हो रही हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कॉलेज प्रशासन को इन शिकायतों को गंभीरता से लेकर तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए।

इस बीच, कॉलेज की प्रिंसिपल ने प्रदर्शन के बाद मीडिया से बातचीत की। उन्होंने छात्राओं की शिकायतों को सही ठहराते हुए कहा कि कॉलेज प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले रहा है। प्रिंसिपल ने आश्वासन दिया कि जल्द ही बाथरूम, पीने के पानी और सेनेटरी पैड मशीन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही खेल सामग्री की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि छात्राओं को किसी तरह की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों और छात्राओं के बीच किसी तरह की गलतफहमी या अनुचित व्यवहार की शिकायत को भी गंभीरता से देखा जाएगा और यदि जरूरत पड़ी तो उचित कार्रवाई की जाएगी।

भागलपुर के एसएम कॉलेज में हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर छात्राओं की बुनियादी जरूरतों और अधिकारों को सामने ला दिया है। एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कॉलेज प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

भागलपुर में अनोखी प्रेम कहानी: ग्रामीणों ने मंदिर में कराई प्रेमी जोड़े की शादी, वीडियो वायरल

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले से एक अनोखी और दिलचस्प प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सनोहला थाना क्षेत्र में घर से भागे एक प्रेमी जोड़े की शादी ग्रामीणों ने मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार करा दी। यह पूरी घटना अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।

जानकारी के मुताबिक, शिवम नाम का युवक लोदीपुर खुर्द का रहने वाला है, जबकि उसकी प्रेमिका सबौर थाना क्षेत्र के छोटी सरधो गांव की निवासी है। दोनों पिछले एक साल से एक-दूसरे से प्यार करते थे। हालांकि परिवारों की रज़ामंदी न मिलने के कारण उन्होंने घर छोड़ने और भागकर शादी करने का फैसला लिया।

ग्रामीणों ने बताया कि जब यह प्रेमी जोड़ा अस्पताल के पास बैठा दिखाई दिया, तो लोगों ने उन्हें रोका और पूछताछ की। इस दौरान दोनों ने साफ कहा कि वे अपनी मर्ज़ी से भागे हैं और शादी करना चाहते हैं। इसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें समझाने-बुझाने के बाद पास के बाबा भोलेनाथ मंदिर ले जाकर पुजारी की मौजूदगी में विवाह संपन्न कराया।

शादी के समय बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने उन्हें आशीर्वाद दिया और इस रिश्ते को सामाजिक मान्यता प्रदान की। शादी का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि ग्रामीणों ने शादी को लेकर कोई आपत्ति नहीं जताई, बल्कि पूरे उत्साह से इस विवाह में भाग लिया।

वहीं, प्रेमिका का एक सेल्फी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उसने स्पष्ट कहा कि उसके साथ किसी तरह की ज़बरदस्ती नहीं हुई है। उसने अपनी मर्ज़ी से प्रेमी शिवम से शादी की है। वीडियो में युवती ने यह भी कहा कि अगर भविष्य में उसके ससुराल वालों को किसी प्रकार की हानि पहुँचती है तो इसके लिए उसका परिवार और उसका चाचा ज़िम्मेदार होंगे।

भागलपुर की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सच्चे प्यार के सामने रुकावटें अधिक देर तक टिक नहीं पातीं। समाज भी कभी-कभी ऐसे रिश्तों को आशीर्वाद देकर एक नई मिसाल पेश करता है। ग्रामीणों की पहल और मंदिर में सम्पन्न इस शादी ने इस प्रेम कहानी को चर्चा का विषय बना दिया है।

भागलपुर के 3.20 लाख पेंशनभोगियों को DBT से 35 करोड़ 70 लाख की राशि ट्रांसफर

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के पेंशनभोगियों के लिए बुधवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया। समीक्षा भवन के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने जानकारी दी कि समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार की ओर से जिले के 3 लाख 20 हजार पेंशनधारियों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से पेंशन राशि उपलब्ध कराई गई है।

उन्होंने बताया कि कुल 35 करोड़ 70 लाख रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे गए हैं। प्रत्येक पेंशनधारी को 1100 रुपये की राशि मिली है। इस मौके पर उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह समेत कई वरीय अधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों ने बताया कि सरकार का यह कदम बुजुर्ग, विधवा, दिव्यांग और अन्य पेंशनधारियों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि DBT प्रणाली से पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहती है, जिससे लाभार्थियों को बिना किसी बाधा के सीधे उनके बैंक खाते में राशि मिलती है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों तक समय पर पेंशन पहुंच सके।

राशि मिलने पर कई बुजुर्ग लाभार्थियों ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह पहल उनके जीवनयापन में सहारा देने वाली है। बुजुर्गों का कहना था कि समय पर मिलने वाली यह पेंशन उन्हें दवा, भोजन और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित होगी।

समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार लगातार पेंशनधारियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है। इस बार DBT के जरिए राशि का हस्तांतरण तकनीकी दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे मध्यस्थों की भूमिका समाप्त होती है और सीधे लाभार्थियों को लाभ पहुंचता है।

कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने यह भी कहा कि भविष्य में इस प्रक्रिया को और सरल और सुगम बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की यह कोशिश है कि समाज के अंतिम पंक्ति तक बैठे व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी ढंग से पहुंचे।

भागलपुर में मौसम ने ली करवट, बारिश से किसानों के चेहरे खिले

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भागलपुर, 9 सितंबर: भागलपुर जिले में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए लोगों को राहत दी। मंगलवार को दिन में अचानक आसमान पर बादल छा गए और देखते ही देखते तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश होने से पूरे इलाके में दिन में अंधेरा छा गया।

इस बारिश ने सबसे ज्यादा राहत किसानों को दी है। पिछले कई दिनों से लगातार तेज धूप और उमस भरी गर्मी पड़ रही थी। खेतों में खड़ी धान की फसल सूखने लगी थी और कई जगह खेतों में दरारें पड़ गई थीं। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई थी और उन्हें भारी नुकसान का डर सता रहा था। लेकिन मौसम के इस बदलाव ने किसानों के चेहरों पर फिर से मुस्कान ला दी है।

धान की खेती करने वाले किसानों का कहना है कि समय पर हुई यह बारिश उनकी फसल के लिए वरदान साबित होगी। इससे खेतों की नमी बनी रहेगी और फसल को नुकसान से बचाया जा सकेगा। वहीं, आम लोगों को भी उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिली है। तेज हवाओं और बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया है।

मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में भी हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इससे धान की फसल को सीधा फायदा मिलेगा और पानी की किल्लत से जूझ रहे किसानों की दिक्कतें कम होंगी।

बारिश से जहां किसानों के चेहरे पर रौनक लौट आई है, वहीं बच्चों और आम लोगों ने भी मौसम का भरपूर आनंद लिया। कुल मिलाकर मौसम की इस करवट ने जिले में नई उम्मीद और राहत का अहसास कराया है।

भागलपुर में सहायक प्रशाखा पदाधिकारी परीक्षा की तैयारी पूरी, 7704 परीक्षार्थी होंगे शामिल

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भागलपुर: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC), पटना द्वारा आयोजित सहायक प्रशाखा पदाधिकारी परीक्षा 10 सितंबर को जिले के 18 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न होगी। इस परीक्षा में कुल 7704 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा का समय दोपहर 12:00 बजे से अपराह्न 2:15 बजे तक निर्धारित है। परीक्षार्थियों को सुबह 11:00 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति होगी। इसके बाद किसी भी हालत में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

परीक्षा के सफल आयोजन को लेकर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में समीक्षा भवन में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी केंद्र अधीक्षकों और प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा को पूरी तरह स्वच्छ, निष्पक्ष और कदाचार-मुक्त वातावरण में संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

बैठक में निर्देश दिया गया कि कोई भी परीक्षार्थी बिना फ्रिसकिंग के परीक्षा केंद्र में प्रवेश न करे। महिला परीक्षार्थियों की जांच के लिए अलग से पर्दा युक्त क्षेत्र बनाया जाएगा और उनकी फ्रिसकिंग केवल महिला पुलिस कर्मियों द्वारा की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या डिवाइस ले जाने पर रोक होगी।

सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और जैमर लगाए जाएंगे। परीक्षा के दौरान उड़न दस्ते, गश्ती दल और स्टैटिक दंडाधिकारी की तैनाती की जाएगी। प्रश्नपत्रों को दंडाधिकारी और परीक्षार्थियों की उपस्थिति में ही केंद्र अधीक्षक द्वारा खोला जाएगा तथा उत्तर पुस्तिकाओं की पैकिंग भी उनके सामने होगी। परीक्षा दिवस पर परीक्षा केंद्र के 500 गज की परिधि में निषेधाज्ञा लागू रहेगी।

वरीय पुलिस अधीक्षक हृदय कांत ने सभी पुलिस अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि वे समय पर ड्यूटी पर पहुंचे और पूरी सतर्कता के साथ परीक्षार्थियों की जांच करें। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में अपर समाहर्ता (विधि व्यवस्था) महेश्वर प्रसाद सिंह, वरीय उपसमाहर्ता मिथिलेश प्रसाद सिंह, नगर पुलिस उपाधीक्षक अजय कुमार चौधरी, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) मोहम्मद अयूब सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने उम्मीद जताई कि सभी अधिकारियों और कर्मियों के सहयोग से परीक्षा शांति और निष्पक्षता के साथ संपन्न होगी।

व्यायामशाला के पास विवाहिता ने फांसी लगाकर दी जान, सुसाइड नोट से खुला दर्द

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Bhagalpur News: भागलपुर  इशाकचक थाना क्षेत्र स्थित व्यायामशाला के पास सोमवार को एक विवाहिता ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतका की पहचान 30 वर्षीय मनीषा कुमारी, पत्नी राजन राज, के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही सिटी एसपी शुभांक मिश्रा और इशाकचक थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।

पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। नोट में मनीषा ने साफ लिखा है कि उनकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है, बल्कि उन्हें पति से प्यार नहीं मिला। उन्होंने अपने बच्चों को संदेश देते हुए अच्छे से जीवन जीने की सलाह दी। पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई के तहत मृतका के पति को हिरासत में लिया है, जो एक प्राइवेट बैंक में कार्यरत है।

जानकारी के अनुसार, मनीषा का मायका बूढ़ानाथ मोहल्ले में है। परिजनों का कहना है कि वह टीएमबीयू से स्नातक कर रही थी और इन दिनों पहले सेमेस्टर की परीक्षा दे रही थी। मंगलवार को भी उसकी परीक्षा थी, लेकिन उससे पहले ही उसने रात में साड़ी के फंदे से फांसी लगा ली। सुबह परिवार वालों ने उसे लटका हुआ देखा और तुरंत नीचे उतारा, मगर तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

घटना की सूचना मिलते ही भाई, बहन और अन्य परिजन भी मौके पर पहुंचे और रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सिटी एसपी के निर्देश पर विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। एसपी शुभांक मिश्रा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है और सुसाइड नोट से यह स्पष्ट है कि मृतका ने किसी पर आरोप नहीं लगाया। फिलहाल पुलिस पति से पूछताछ कर रही है और परिजनों के बयान का इंतजार है।

इस दर्दनाक घटना से पूरे इलाके में शोक और सन्नाटा फैल गया है। पड़ोसियों और परिजनों का कहना है कि मनीषा पढ़ाई में होनहार और स्वभाव से मिलनसार थी। ऐसे में उसके इस कदम ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस अब जांच में जुटी है कि आखिर किन हालातों में उसने यह कदम उठाया।

नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ बवाल: संसद घेराव के बाद सरकार ने हटाया प्रतिबंध

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काठमांडू: नेपाल में सोशल मीडिया बैन को लेकर भड़के विरोध प्रदर्शन ने आखिरकार सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया। सोमवार को राजधानी काठमांडू में 12 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन परिसर तक पहुंचकर बैन के खिलाफ जोरदार हंगामा किया। हालात इतने बिगड़ गए कि सेना को फायरिंग करनी पड़ी और संसद भवन से लेकर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री आवास तक कर्फ्यू लगा दिया गया। नेपाल के इतिहास में यह पहली बार था जब गुस्साई भीड़ ने संसद भवन पर कब्जे की कोशिश की।

क्यों लगा था बैन?

दरअसल, नेपाल सरकार ने 3 सितंबर को फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम समेत 26 विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगा दिया था। सरकार का तर्क था कि इन कंपनियों ने संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं की थी। मंत्रालय ने 28 अगस्त को नोटिस जारी कर सात दिन का समय दिया था, लेकिन समयसीमा बीतने के बाद कार्रवाई कर दी गई।

विरोध का स्वरूप और हिंसा

बैन के बाद से ही युवाओं और छात्र संगठनों में गुस्सा था। सोमवार को यह विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया और संसद भवन के गेट नंबर 1 और 2 पर भीड़ ने कब्जा कर लिया। प्रदर्शनकारियों ने “बैन वापस लो” और “अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला बंद करो” जैसे नारे लगाए। स्थिति काबू से बाहर होते देख प्रशासन ने कर्फ्यू लागू किया और सेना को बुलाना पड़ा। भीड़ को रोकने के लिए कई राउंड फायरिंग हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए।

सरकार का यू-टर्न

देशभर में फैलते आक्रोश और विपक्षी दलों की आलोचना के बाद सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा। देर रात हुई मंत्रिपरिषद की आपात बैठक में सोशल मीडिया बैन हटाने का फैसला लिया गया। सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सभी प्लेटफॉर्म्स को फिलहाल चालू कर दिया गया है, लेकिन आगे चलकर कंपनियों को नेपाल के कानून का पालन करना होगा और रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रहेगा।

विशेषज्ञों की राय

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह यू-टर्न दिखाता है कि जनता के दबाव के आगे कोई भी निर्णय ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकता। नेपाल के युवाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया कि लोकतंत्र में जनमत सबसे बड़ी ताकत है। अब देखने वाली बात यह होगी कि आने वाले दिनों में नेपाल सरकार और सोशल मीडिया कंपनियों के बीच किस तरह का समझौता होता है।

नेपाल में सोशल मीडिया बैन पर हिंसक प्रदर्शन: Gen Z की सड़कों पर क्रांति, पुलिस फायरिंग में 16 की मौत

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काठमांडू। नेपाल की राजधानी काठमांडू इन दिनों सरकार और युवाओं के बीच संघर्ष का गवाह बन रही है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार द्वारा 26 विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाने के फैसले के बाद युवा और छात्र बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए। देखते ही देखते यह विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठा। पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस, पानी की बौछार, हवाई फायरिंग और रबर बुलेट्स का सहारा लेना पड़ा। इस घटना में अब तक 16 लोगों की मौत और सैकड़ों के घायल होने की पुष्टि हुई है।

क्यों भड़का विरोध?

नेपाल सरकार ने फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब और लिंक्डइन जैसे प्लेटफॉर्म्स को यह कहते हुए बैन कर दिया कि उन्होंने नेपाल में कानूनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी नहीं की। सरकार का तर्क है कि यह कदम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उठाया गया है। अदालत ने निर्देश दिया था कि विदेशी सोशल मीडिया कंपनियों को नेपाल में ऑपरेट करने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है। हालांकि युवाओं और छात्रों का आरोप है कि यह फैसला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है और सरकार अपने भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए उनकी आवाज दबाना चाहती है।

युवाओं का गुस्सा और हिंसक झड़प

जैसे ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स बंद होने लगे, युवाओं का गुस्सा भड़क उठा। हजारों छात्र राजधानी की सड़कों पर उतर आए और संसद भवन तक मार्च किया। उन्होंने “भ्रष्टाचार बंद करो”, “सोशल मीडिया बैन हटाओ” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन का शीशा तोड़ने और गेट पर आग लगाने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।

मौतें, घायलों का इलाज और कर्फ्यू

अब तक हुई झड़पों में 16 लोगों की मौत हो चुकी है और कई सौ लोग घायल हुए हैं। घायलों में पत्रकार भी शामिल हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायलों का इलाज सिविल सर्विस अस्पताल में चल रहा है। हालात बेकाबू होते देख सरकार ने काठमांडू के संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया है।

बड़ा संदेश

नेपाल में हुए इस आंदोलन ने साफ कर दिया है कि Gen Z अब तानाशाही और सेंसरशिप बर्दाश्त करने को तैयार नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण एशिया में छात्र आंदोलनों ने हमेशा सत्ता पर दबाव डाला है और नेपाल में भी यही स्थिति बन रही है। काठमांडू की सड़कों पर गूंजते नारे और प्रदर्शन यह संकेत हैं कि नेपाली युवा अपने अधिकार और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।

प्रोजेक्ट प्रकृति के तहत वी केयर ने अस्पताल परिसर में किया पौधारोपण

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भागलपुर। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सामाजिक संस्था “वी केयर” ने आज प्रोजेक्ट प्रकृति मुहिम के तहत जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर संस्थान के सदस्यों और अस्पताल प्रशासन की मौजूदगी में लगभग 50 पौधे लगाए गए। इनमें जामुन, अशोक, बरगद, अमरूद, पीपल और आंवला जैसे छायादार और फलदार वृक्ष शामिल थे।

कार्यक्रम का नेतृत्व संस्थापक नितेश चौबे ने किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में पौधारोपण से जुड़ें और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में योगदान दें। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति यदि साल में कम से कम एक पौधा भी लगाए और उसका संरक्षण करे तो शहर और समाज दोनों को इसका दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

संस्था के सक्रिय प्रयासों का परिणाम है कि इस वर्ष अब तक 500 से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। यह अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की देखरेख और उनके संरक्षण की भी जिम्मेदारी संस्था उठा रही है।

कार्यक्रम में अस्पताल अधीक्षक डॉ. अभिलेष कुमार, संस्थापक कुश मिश्रा, उपाध्यक्ष लव, सचिव मनोज कुमार, डॉ. सीता भगत, सुजीत झा, नितेश पांडे, नितेश साह, रिशांत श्रीवास्तव, नवीन, भद्रसेन, सुभोजित, रुद्र, आकाश, समुज्जुअल और सुमित सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

अस्पताल प्रशासन ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने एकमत होकर संकल्प लिया कि वे अपने-अपने स्तर पर पौधारोपण करेंगे और हरे-भरे बिहार के निर्माण में सहयोग देंगे।