Home Blog Page 220

आंगनबाड़ी सेविकाओं का मानदेय बढ़ा, भागलपुर में खुशी की लहर

0

भागलपुर: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार नई घोषणाओं के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को सशक्त बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि का ऐतिहासिक फैसला लिया।

इस फैसले के अनुसार आंगनबाड़ी सेविकाओं का मासिक मानदेय 7000 रुपये से बढ़ाकर 9000 रुपये कर दिया गया है। वहीं आंगनबाड़ी सहायिकाओं का मानदेय भी 4000 रुपये से बढ़ाकर 4500 रुपये कर दिया गया है। यह वृद्धि ना केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाएगी बल्कि उनके काम के प्रति उत्साह और समर्पण को भी बढ़ावा देगी।

भागलपुर में इस फैसले का असर तुरंत देखने को मिला। आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यरत सेविकाओं ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह बढ़ोतरी उनके लिए राहत की बात है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में मानदेय में और वृद्धि होती है तो उन्हें और भी अधिक संतोष मिलेगा।

सेविकाओं ने यह भी बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की देखभाल और शिक्षा के साथ-साथ महिलाओं को स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जानकारी देना उनका मुख्य कार्य है। बढ़ा हुआ मानदेय उनके लिए इस जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से निभाने का प्रोत्साहन बनेगा।

वहीं, केंद्रों के सुपरवाइजर और स्थानीय समाजसेवी भी इस निर्णय की सराहना कर रहे हैं। उनका कहना है कि मानदेय बढ़ने से आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं का मनोबल बढ़ेगा और वे अपने कार्य को और अधिक उत्साह के साथ करेंगे।

इस फैसले से क्षेत्र में सेविकाओं और सहायिकाओं के बीच उत्साह का माहौल है। कई सेविकाओं ने मुख्यमंत्री के इस निर्णय को उनकी मेहनत और समर्पण की सराहना के रूप में लिया। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की पहल बच्चों और महिलाओं के विकास में भी सहायक साबित होगी।

भागलपुर में फ्लैट में अश्लील डांस का भंडाफोड़, दो युवतियां और दो युवक हिरासत में

0

Bhagalpur News: भागलपुर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें बाईपास थाना क्षेत्र के वास्तु विहार फेज-1 कॉलोनी में पुलिस ने रविवार रात अश्लील गतिविधियों का भंडाफोड़ किया। जानकारी के अनुसार, कॉलोनी के एक फ्लैट में झारखंड के साहिबगंज से लाई गई दो युवतियों से आठ युवकों द्वारा नग्न डांस कराए जा रहे थे।

रात लगभग 10 बजे कॉलोनी के सुरक्षा गार्ड ने तेज आवाज और संदिग्ध गतिविधियों को देखकर डायल-112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और डायल-112 की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और फ्लैट में छापेमारी की।

फ्लैट के अंदर दो युवतियां नग्न अवस्था में डांस करती हुई पाई गईं, जबकि वहां आठ युवक मौजूद थे। पुलिस की मौजूदगी देखते ही छह युवक मौके से भाग गए, वहीं दो युवक पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

छापेमारी के दौरान फ्लैट से अवैध विदेशी शराब की खाली बोतलें, कंडोम और अन्य आपत्तिजनक सामान भी बरामद हुए। डायल-112 टीम ने तुरंत बाईपास थाना को मामले की जानकारी दी, लेकिन थाना पुलिस लगभग एक घंटे बाद  मौके पर पहुंच सकी।

मौके पर पहुँचने के बाद पुलिस ने दो युवकों और दो युवतियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि युवतियों को झारखंड से लाकर इस अवैध गतिविधि के लिए फ्लैट में रखा गया था। पुलिस आगे की कार्रवाई में भागलपुर जिले में ऐसे अन्य गिरोहों की भी पहचान कर सकती है।

स्थानीय लोगों ने घटना की निंदा की है और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। पुलिस का कहना है कि वह इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और दोषियों को सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

इस घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैलाने के साथ ही यह भी सवाल खड़ा कर दिया है कि कैसे कुछ लोग समाज की परंपराओं और कानून का उल्लंघन करते हुए अवैध गतिविधियों में लिप्त हैं।

पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत डायल-112 या स्थानीय थाने को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके और समाज को ऐसे मामलों से सुरक्षित रखा जा सके।

पूर्णिया में गंगोत्री समाज का ऐतिहासिक सम्मेलन, शिक्षा, रोजगार और एकता पर जोर

0

पूर्णिया: पूर्णिया जिले के भवानीपुर प्रखंड के लाठी पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में गंगोत्री समाज का एक दिवसीय भव्य सम्मेलन आयोजित किया गया। गंगोत्री जागरण मंच के बैनर तले हुए इस ऐतिहासिक आयोजन में पूर्णिया सहित आसपास के कई जिलों से समाज के लोग, सम्मानित अतिथि और विशिष्ट जनों ने भाग लिया।

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य गंगोत्री समाज के युवाओं को शिक्षा, रोजगार और समाजिक जागरूकता के प्रति प्रेरित करना था। वक्ताओं ने समाज के युवाओं को हर क्षेत्र में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और अपने हक-अधिकार की लड़ाई एकजुट होकर लड़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान गौ माता समाज से जुड़े महान ऋषि-मुनि जान्हवी जी के जीवन और योगदान पर भी प्रकाश डाला गया।

गंगोत्री जागरण मंच की राष्ट्रीय अध्यक्षा अर्पणा कुमारी भले ही व्यस्तताओं के कारण कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो पाईं, लेकिन उनके मार्गदर्शन और प्रेरणा का संदेश पूरे आयोजन में महसूस किया गया। मंच के संस्थापक डॉक्टर प्रमोद कुमार मंडल ने भी राष्ट्रीय अध्यक्षा के प्रति आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम की सफलता उनके नाम समर्पित की।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं रुपौली विधानसभा की पूर्व विधायक बीमा भारती ने कहा कि गंगोत्री समाज को शिक्षा और राजनीति दोनों में अपनी ताकत दिखानी होगी और आगामी चुनाव में ऐसे प्रतिनिधियों को चुनना चाहिए जो समाज के सुख-दुख में साथ खड़े हों। सम्मेलन में रानी भारती, मुखिया पिंकी जी, अशोक मंडल, अर्जुन मंडल, प्रो. अर्जुन मंडल, जागेश्वर मंडल, राजकुमार मंडल समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मुखिया परमानंद मंडल ने की और उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन गंगोत्री समाज की नई दिशा और नए संकल्प का प्रतीक है। पूरे दिन चले इस आयोजन में समाज को सुदृढ़ बनाने, राजनीतिक विमर्श और आने वाले समय में एकजुट होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।

पूर्णिया के भवानीपुर में आयोजित यह ऐतिहासिक सम्मेलन गंगोत्री समाज के लिए शिक्षा, रोजगार और एकता की दिशा में एक नया अध्याय साबित हुआ।

बिहार सरकार का बुनकरों को बड़ा तोहफ़ा, सहकारिता मंत्री प्रेम कुमार ने दी योजनाओं की जानकारी

0

भागलपुर: बिहार सरकार बुनकरों के लिए लगातार नए अवसर और समर्थन सुनिश्चित कर रही है। इसी कड़ी में सहकारिता मंत्री प्रेम कुमार ने आज भागलपुर सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य में बुनकरों और किसानों के हित में चल रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।

मंत्री प्रेम कुमार ने बताया कि बिहार में लगभग 50 हजार बुनकर कार्यरत हैं। राज्य सरकार इन बुनकरों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने और उन्हें सीधे बाज़ार से जोड़ने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि बुनकरों की मेहनत का लाभ सीधे उन्हीं तक पहुंचे और बिचौलियों की आवश्यकता कम से कम हो।

सहकारिता मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि अब राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में बेड पर बिछाई जाने वाली चादरें बिहार के ही बुनकरों द्वारा बनाई जाएंगी। इससे बुनकरों को बड़े पैमाने पर काम मिलेगा और उनकी आमदनी में स्थायी सुधार होगा। मंत्री ने कहा कि यह कदम बुनकर समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।

उन्होंने यह भी बताया कि पहले बुनकरों को सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए बिचौलियों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें सीधे योजनाओं का लाभ मिलता है। इससे उनकी आय में वृद्धि हुई है और उनका सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण भी सुनिश्चित हुआ है।

प्रेम कुमार ने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में बिहार सरकार बुनकरों के लिए और भी नई योजनाएं लाएगी। इसका उद्देश्य न केवल उनकी आमदनी बढ़ाना है, बल्कि उनके उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना भी है।

बुनकरों के लिए यह सरकारी पहल उनके जीवन और रोजगार की दिशा में एक सकारात्मक बदलाव लेकर आएगी। राज्य सरकार का यह कदम बुनकरों को सम्मान और अवसर दोनों प्रदान करता है, जिससे वे अपनी कला और मेहनत के दम पर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

अकबरनगर में अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से बुजुर्ग की मौत, इलाके में मातम

0

Bhagalpur News: भागलपुर जिले के अकबरनगर थाना क्षेत्र के हरियो गांव में रविवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से 65 वर्षीय बुजुर्ग पंचू मंडल की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है और गांव में मातम पसरा हुआ है।

मिली जानकारी के अनुसार, हाल ही में आए बाढ़ के कारण पंचू मंडल के घर में पानी घुस गया था, जिसकी वजह से उनका परिवार सड़क किनारे शरण लिए हुए था। रविवार को पंचू मंडल अपने मवेशियों को चारा खिला रहे थे। इसी दौरान अचानक एक तेज रफ्तार ट्रक आया और उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर फरार हो गया। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना अकबरनगर थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बाद में पंचू मंडल का शव परिजनों को सौंप दिया गया।

पंचू मंडल की मौत से उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार पहले से ही बाढ़ की मार झेल रहा था और अब इस दुर्घटना ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। गांव के लोगों ने भी इस हादसे पर गहरा शोक जताया और प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हरियो गांव के आसपास से होकर गुजरने वाले रास्ते पर आए दिन भारी वाहन तेज गति से गुजरते हैं। कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से गति नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क पर स्पीड ब्रेकर और पुलिस की सख्त निगरानी हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं टाली जा सकें।

पंचू मंडल की अचानक हुई मौत से गांव के लोग सदमे में हैं। इस घटना ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर सड़क सुरक्षा के लिए कब ठोस इंतजाम होंगे।

होमगार्ड जवानों के मानदेय में बढ़ोतरी से झूमे जवान, भागलपुर में निकला विजय जुलूस

0

भागलपुर : सोमवार का दिन होमगार्ड जवानों के लिए जश्न और उत्साह का रहा। बिहार सरकार द्वारा मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा के बाद महिला और पुरुष जवानों ने खुशी का इजहार करते हुए भागलपुर की सड़कों पर भव्य विजय जुलूस निकाला। बिहार रक्षा वहिनी स्वयंसेवक संघ के बैनर तले जवानों ने देशभक्ति गीतों की धुन पर जमकर नृत्य किया और नारों के बीच सरकार के फैसले का स्वागत किया।

सरकार ने होमगार्ड जवानों का दैनिक मानदेय 774 रुपये से बढ़ाकर 1121 रुपये कर दिया है। लंबे समय से यह मांग लगातार उठाई जा रही थी। अब इस फैसले ने जवानों की उम्मीदों को नया बल दिया है और उनके जीवन में आर्थिक मजबूती लाने का भरोसा भी दिया है।

भागलपुर संघ के अध्यक्ष अखिलेश्वर प्रसाद यादव के नेतृत्व में कंबाइंड बिल्डिंग से यह जुलूस निकाला गया। जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरा और बड़ी संख्या में महिला व पुरुष जवान इसमें शामिल हुए। समाहरणालय परिसर में पहुंचकर यह जुलूस संपन्न हुआ। इस दौरान पूरे माहौल में देशभक्ति गीतों और नारों की गूंज सुनाई दी।

जवानों ने कहा कि यह फैसला उनकी वर्षों पुरानी मांगों की जीत है। मानदेय बढ़ने से अब उन्हें अपने परिवार की आर्थिक ज़रूरतों को पूरा करने में सहूलियत होगी। कई जवानों ने बताया कि लंबे समय से वे इस फैसले की प्रतीक्षा कर रहे थे और सरकार की इस पहल ने उनके हौसले को दोगुना कर दिया है।

संघ के पदाधिकारियों ने भी सरकार का आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी होमगार्ड जवानों के हित में और निर्णय लिए जाएंगे। उनका कहना था कि जवान राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके योगदान का सम्मान होना बेहद जरूरी है।

भागलपुर में निकला यह विजय जुलूस न केवल उत्सव का प्रतीक था बल्कि यह संदेश भी था कि जब जवानों को उनका अधिकार मिलता है तो उनका मनोबल और सेवा भाव दोनों और मजबूत होते हैं।

आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ा, सेविका को मिलेगा 9 हजार और सहायिका को 4,500 रुपये

0

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह निर्णय बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण एवं जीवन स्तर में सुधार में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका को देखते हुए लिया गया है।

अब आंगनबाड़ी सेविका का मानदेय 7,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये कर दिया गया है। वहीं, आंगनबाड़ी सहायिका का मानदेय 4,000 रुपये से बढ़ाकर 4,500 रुपये किया गया है। मुख्यमंत्री ने विभाग को निर्देश दिया है कि यह निर्णय तुरंत लागू किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवंबर 2005 में सरकार बनने के बाद से ही राज्य सरकार ने गर्भवती महिलाओं और बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया है। इसी कड़ी में समेकित बाल विकास योजना के तहत 6 प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन सेवाओं को आम जनता तक पहुंचाने में आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है।

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। सेविकाएं और सहायिकाएं गर्भवती महिलाओं, बच्चों और परिवारों को जागरूक करने से लेकर पोषण संबंधी सेवाओं की सुनिश्चितता में लगातार सक्रिय रहती हैं। ऐसे में उनके परिश्रम और योगदान का सम्मान करते हुए मानदेय में वृद्धि की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निर्णय से न केवल सेविकाओं और सहायिकाओं का मनोबल बढ़ेगा बल्कि वे और अधिक जिम्मेदारी के साथ काम करेंगी। इससे समेकित बाल विकास सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को बेहतर लाभ मिलेगा।

सरकार का मानना है कि इस बढ़ोतरी से आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं का आर्थिक बोझ हल्का होगा और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यह कदम न केवल कार्यकर्ताओं के सम्मान को बढ़ाता है बल्कि राज्य में पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती की दिशा में भी बड़ा कदम है।

भागलपुर को 136 करोड़ की सौगात, दो प्रमुख सड़कों का होगा फोरलेन निर्माण

0

Bhagalpur News: भागलपुर शहरवासियों के लिए बड़ी सौगात मिली है। सरकार ने 136 करोड़ रुपये की दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन दोनों सड़कों को फोरलेन जितना चौड़ा बनाया जाएगा, जिससे यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और लोगों को जाम व दुर्घटनाओं की परेशानी से राहत मिलेगी।

पहली परियोजना भागलपुर अगरपुर–कोतवाली सड़क से जुड़ी है। इस सड़क के चौड़ीकरण और उन्नयन के लिए 80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। शहर की प्रमुख सड़कों में शामिल यह मार्ग हमेशा भीड़भाड़ और जाम की समस्या से जूझता रहा है। भारी वाहनों की आवाजाही से यातायात और भी प्रभावित होता है। फोरलेन निर्माण के बाद इस मार्ग पर तेज और सुरक्षित यातायात संभव हो सकेगा।

दूसरी परियोजना लोहियापुल से अलीगंज बायपास तक सड़क के चौड़ीकरण की है। इसके लिए 56 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। यह सड़क शहर और आसपास के इलाकों को जोड़ने वाली अहम कड़ी है। इसके चौड़ीकरण से न सिर्फ भागलपुर के लोगों को सुविधा होगी बल्कि ग्रामीण इलाकों से आने-जाने वाले लोगों को भी आसानी होगी। चौड़ी सड़क पर दुर्घटनाओं की आशंका भी कम हो जाएगी।

सड़क निर्माण विभाग ने बताया कि दोनों परियोजनाओं का डीपीआर पहले ही तैयार कर केंद्र को भेजा गया था। अब स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू करने की तैयारी की जा रही है। लक्ष्य है कि अगले दो वर्षों में दोनों परियोजनाएं पूरी कर ली जाएं।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और व्यापारिक संगठनों ने इन परियोजनाओं को शहर के विकास के लिए मील का पत्थर बताया है। उनका कहना है कि सड़क चौड़ीकरण से न केवल यातायात व्यवस्था सुधरेगी बल्कि किसानों को अपने कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में भी आसानी होगी। साथ ही उद्योग-धंधों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

गोराडीह और आसपास के क्षेत्रों के लोग भी इन सड़कों से सीधे लाभान्वित होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद भागलपुर, बिहार और झारखंड के बीच एक मजबूत कॉरिडोर के रूप में विकसित होगा। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर विकास की रफ्तार बढ़ेगी बल्कि आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।

मारवाड़ी पाठशाला में अमेरिका के स्वामी नारायण मंदिर की तर्ज पर भव्य दुर्गा पूजा पंडाल

0

भागलपुर : इस बार मारवाड़ी पाठशाला परिसर में दुर्गा पूजा पंडाल अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित प्रसिद्ध स्वामी नारायण मंदिर की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। 70 फीट ऊंचा और 70 फीट चौड़ा यह पंडाल श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनेगा।

पंडाल निर्माण में करीब 12 कुशल कारीगर जुटे हुए हैं, जो लगातार दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। इस भव्य पंडाल के निर्माण में लगभग 2000 बांस एवं अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। आयोजन समिति का कहना है कि यह पंडाल न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र होगा बल्कि कला और संस्कृति का भी अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा।

पंडाल के साथ-साथ आकर्षक विद्युत सज्जा भी की जाएगी। रंग-बिरंगी रोशनी और लेजर लाइटिंग से पूरा परिसर जगमगाएगा। इसके अतिरिक्त भव्य प्रतिमा और आकर्षक सजावट भक्तों के मन को मोह लेगी। समिति की ओर से बताया गया कि श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्य आयोजक मंडली ने बताया कि इस बार पंडाल को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर भी विशेष ध्यान रखा गया है। बांस और कपड़े से बने इस पंडाल में प्लास्टिक और थर्माकोल जैसी हानिकारक सामग्रियों का प्रयोग नहीं किया गया है। इसके अलावा, पूजा पंडाल में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बैठने, पानी और प्राथमिक उपचार की भी व्यवस्था की गई है।

डॉ. डी पी सिंह, मुख्य संरक्षक ने कहा कि हर साल की तरह इस बार भी मारवाड़ी पाठशाला में आयोजित दुर्गा पूजा पूरे शहर के लिए गर्व और आकर्षण का विषय होगी। वहीं, संयोजक जयराम प्रसाद ने बताया कि समिति के सदस्य पूरे उत्साह के साथ पंडाल निर्माण में जुटे हैं और लोगों से अपील की है कि वे परिवार सहित पूजा में शामिल होकर माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त करें।

पिछले साल बनाए गए श्रीराम मंदिर जैसे पंडाल ने लोगों का दिल जीत लिया था और इस बार का पंडाल भी वैसी ही भव्यता का अहसास कराएगा। श्रद्धालु बेसब्री से इस अद्भुत पंडाल के दर्शन की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

गनगनिया पंचायत में मुआवजा न मिलने से बाढ़ पीड़ितों ने किया सड़क जाम, अधिकारियों के आश्वासन पर टूटा जाम

0

भागलपुर: सुल्तानगंज गनगनिया पंचायत के वार्ड संख्या चार के बाढ़ प्रभावित लोगों ने सोमवार को मुआवजा राशि नहीं मिलने के विरोध में मुख्य मार्ग एनएच-80 को जाम कर दिया। यह जाम करीब चार घंटे तक चला, जिसके कारण आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और राहगीरों को भीषण गर्मी में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ से उनके घर पानी में डूब चुके हैं और वे भारी संकट में हैं, लेकिन अब तक उन्हें सरकार की ओर से घोषित मुआवजा राशि नहीं मिली है। आरोप लगाया गया कि वार्ड सदस्य और कुछ अधिकारियों द्वारा मुआवजा दिलाने के लिए प्रति परिवार दो-दो हजार रुपये की मांग की जा रही है। बाढ़ पीड़ितों ने कहा कि जब हम खुद मुश्किल में हैं, तो इतनी राशि कहां से देंगे। इसी आक्रोश को लेकर लोगों ने सड़क पर उतरकर जाम लगा दिया।

जाम के कारण एनएच-80 पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा। कई वाहन घंटों तक फंसे रहे और यात्रियों की हालत गर्मी में बिगड़ती चली गई। तीन घंटे से अधिक समय गुजरने के बाद भी कोई पदाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे आक्रोशित लोगों ने आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी।

आखिरकार चार घंटे बाद सीओ रवि कुमार और थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जिन बाढ़ प्रभावित परिवारों को अब तक मुआवजा राशि नहीं मिली है, उन्हें जल्द ही राशि उपलब्ध कराई जाएगी। आश्वासन मिलने के बाद लोगों ने सड़क जाम हटाया और यातायात बहाल हुआ।

इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और बाढ़ पीड़ित मौजूद रहे। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि मुआवजा वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और पीड़ितों को बिना किसी दबाव या अवैध वसूली के उनका हक मिले। साथ ही यह भी कहा कि अगर समय पर सहायता राशि नहीं दी गई तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

गौरतलब है कि हाल ही में आई बाढ़ से गनगनिया पंचायत के दर्जनों परिवार प्रभावित हुए हैं। लोगों के घर पानी में डूबने से वे खुले आसमान के नीचे जीवन-यापन कर रहे हैं और सरकार की ओर से तत्काल राहत एवं पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे हैं।