बड़ी आपराधिक घटना के बाद उठी थी स्थायी डीएसपी की तैनाती की मांग, अब सुल्तानगंज समेत छह थाना क्षेत्रों की कानून-व्यवस्था की होगी अलग निगरानी; श्रावणी मेला और धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद
Bhagalpur News: भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में विधि-व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने सुल्तानगंज थाना क्षेत्र को जिला मुख्यालय के सदर डीएसपी के कार्यक्षेत्र से अलग करते हुए यहां डीएसपी स्तर के पुलिस पदाधिकारी के लिए नया पद सृजित किया है। अब सुल्तानगंज सहित छह थाना क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी अलग डीएसपी संभालेंगे। इससे क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था की निगरानी, अपराध नियंत्रण और सुरक्षा संबंधी कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इस संबंध में भागलपुर के आईजी विवेक कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमोद कुमार यादव का पक्ष भी सामने आया है। इस प्रशासनिक बदलाव को सुल्तानगंज क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बड़ी आपराधिक घटना के बाद उठी थी अलग डीएसपी की मांग
सुल्तानगंज में पिछले 28 अप्रैल को हुई एक बड़ी आपराधिक घटना के बाद क्षेत्र में स्थायी डीएसपी स्तर के पुलिस पदाधिकारी की तैनाती की मांग जोर पकड़ने लगी थी। इस घटना में एक कार्यपालक पदाधिकारी और एक सभापति की मौत हुई थी। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर यह मांग उठी कि सुल्तानगंज जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में विधि-व्यवस्था की निगरानी के लिए अलग से डीएसपी की जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि पुलिस प्रशासन अपराध और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर अधिक तत्परता से कार्रवाई कर सके।
पहले सुल्तानगंज समेत छह थाना क्षेत्रों की विधि-व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला मुख्यालय में तैनात सदर डीएसपी के पास थी। अब सुल्तानगंज को अलग कार्यक्षेत्र बनाए जाने से इन क्षेत्रों की पुलिस व्यवस्था के लिए स्वतंत्र डीएसपी स्तर की जिम्मेदारी निर्धारित होगी।
धार्मिक नगरी होने के कारण सुल्तानगंज की सुरक्षा अहम
सुल्तानगंज बिहार की प्रमुख धार्मिक नगरी है। यहां स्थित अजगैवीनाथ धाम में साल भर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। सावन के महीने में यहां बड़े पैमाने पर श्रावणी मेला आयोजित होता है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर की कांवर यात्रा पर निकलते हैं।
श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़, यातायात प्रबंधन, घाटों की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और आपात स्थितियों से निपटना पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में सुल्तानगंज में अलग डीएसपी की जिम्मेदारी तय होने से सुरक्षा व्यवस्था की योजना बनाने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार पुलिस संसाधनों का इस्तेमाल करने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
छह थाना क्षेत्रों की विधि–व्यवस्था पर रहेगी नजर
सरकार के इस फैसले के बाद सुल्तानगंज और उससे जुड़े छह थाना क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की निगरानी के लिए अलग पुलिस नेतृत्व उपलब्ध होगा। इससे अपराध की घटनाओं पर नजर रखने, संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और जरूरत पड़ने पर त्वरित पुलिस कार्रवाई के समन्वय में मदद मिल सकती है।
स्थानीय लोगों की मांग भी यही थी कि सुल्तानगंज की भौगोलिक, धार्मिक और प्रशासनिक महत्ता को देखते हुए यहां डीएसपी स्तर के अधिकारी की स्थायी जिम्मेदारी हो। सरकार के नए फैसले से इस मांग को दिशा मिली है।
आईजी और एसएसपी के बयान पर टिकी नजरें
इस पूरे मामले में भागलपुर के आईजी विवेक कुमार और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव के बयान महत्वपूर्ण हैं। नए पद के सृजन और कार्यक्षेत्र के पुनर्गठन से सुल्तानगंज में पुलिस प्रशासन की जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था को नया स्वरूप मिलने की संभावना है।
हालांकि, नए डीएसपी की तैनाती, पदभार ग्रहण करने की तारीख और छह थाना क्षेत्रों की आधिकारिक सूची से संबंधित विस्तृत जानकारी की पुष्टि संबंधित पुलिस या सरकारी आदेश से की जानी चाहिए।


