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नेपाल में विरोध प्रदर्शनों के बाद बिहार में सीमा सुरक्षा कड़ी, मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश

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पटना, 10 सितंबर: नेपाल में हाल ही में हुए ‘Zen Z’ आंदोलन और जेल तोड़कर भागने जैसी घटनाओं के बाद बिहार सरकार ने सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी है। संभावित खतरे और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए बुधवार को बिहार के मुख्य सचिव  प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सीमावर्ती जिलों के सभी जिलाधिकारी (DMs) और पुलिस अधीक्षक (SPs) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

बैठक का प्रमुख उद्देश्य नेपाल की अस्थिर परिस्थितियों से बिहार पर पड़ने वाले प्रभावों को रोकना और सुरक्षा को सुनिश्चित करना था। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीमा से बिहार में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सघन जांच की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना गहन जांच-पड़ताल के किसी को भी सीमा पार कर प्रवेश की अनुमति न दी जाए।

मुख्य सचिव ने राज्य के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और संवेदनशील ढांचों की सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। इसमें पुल, रेलवे स्टेशन, पावर प्लांट और अन्य आवश्यक संस्थान शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए।

बैठक के दौरान उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि यदि किसी भी जिले को अतिरिक्त सहायता या संसाधन की जरूरत होती है, तो वे सीधे उनसे या पुलिस महानिदेशक (DGP) से संपर्क कर सकते हैं। इससे आपात स्थितियों में त्वरित निर्णय और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी।

इस उच्च स्तरीय बैठक में पुलिस महानिदेशक (DGP)  विनय कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक (ADG)  कुंदन कृष्णन, गृह विभाग के वरीय पदाधिकारी तथा सभी प्रमंडलीय आयुक्त भी मौजूद थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलाधिकारी, पुलिस महानिरीक्षक (IGs) और पुलिस अधीक्षक भी बैठक में शामिल हुए।

विशेषज्ञों का मानना है कि नेपाल की मौजूदा स्थिति बिहार की सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकती है। इसीलिए सरकार ने पहले से तैयारी करते हुए कड़े कदम उठाए हैं। बिहार प्रशासन का यह कदम न केवल सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा बल्कि आम जनता को भी सुरक्षित वातावरण प्रदान करने में मददगार होगा।

भागलपुर में रंगदारी को लेकर हमला, युवक गंभीर रूप से घायल

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Bhagalpur News: भागलपुर में आपराधिक घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताज़ा मामला बाईपास थाना क्षेत्र के सेंट टेरेसा स्कूल के पास का है, जहाँ रंगदारी की मांग को लेकर एक युवक पर जानलेवा हमला किया गया। इस हमले में पीड़ित युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे इलाज के लिए भागलपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घायल युवक की पहचान दानिश के रूप में हुई है। दानिश ने पुलिस और परिजनों को दिए बयान में बताया कि वह अपनी गाड़ी सर्विस कराने के बाद घर लौट रहा था। इसी दौरान सेंट टेरेसा स्कूल के पास पहले से घात लगाए बैठे गुड्डू पासर, हैदर और उनके साथियों ने उसका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि इन लोगों ने दानिश से रंगदारी की मांग की। जब दानिश ने इसका विरोध किया तो बदमाशों ने लाठी-डंडे और लोहे के रॉड से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

हमले के दौरान दानिश बुरी तरह जख्मी हो गया और किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से निकलने में सफल हुआ। खून से लथपथ हालत में वह किसी तरह घर पहुंचा, जहाँ से परिजनों ने उसे तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है, लेकिन पूरे परिवार में दहशत का माहौल है।

जानकारी के मुताबिक हमले का मुख्य आरोपी गुड्डू पासर पहले भी आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है। वह मवेशी तस्करी के मामले में जेल जा चुका है और हाल ही में बाहर आया है। लोगों का कहना है कि जेल से छूटने के बाद वह इलाके में फिर से दबंगई और रंगदारी का खेल शुरू कर चुका है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और जांच शुरू कर दी है। बाईपास थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है। पुलिस का दावा है कि दोषियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से आम जनता में भय का माहौल बनता जा रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस से इलाके में गश्त बढ़ाने और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

नगर आयुक्त शुभम कुमार ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स की समीक्षा, पारदर्शिता और गुणवत्ता पर दिया जोर

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भागलपुर, 10 सितंबर: भागलपुर नगर निगम के नगर आयुक्त शुभम कुमार ने बुधवार को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के कॉन्फ्रेंस हॉल में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की। बैठक में नगर आयुक्त ने पूर्ण हो चुके प्रोजेक्ट, चल रहे कार्य और आने वाली योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

बैठक में जनरल मैनेजर, सीनियर मैनेजर और परियोजनाओं से जुड़े संवेदकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान टाउन हॉल, रोड प्रोजेक्ट, बरारी गंगा घाट सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत रिव्यू किया गया। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रोजेक्ट का मैनुअल तैयार किया जाए, जिससे निरीक्षण और कार्यान्वयन में पारदर्शिता बनी रहे और गुणवत्ता सुनिश्चित हो।

नगर आयुक्त शुभम कुमार ने कहा कि स्मार्ट सिटी के अंतर्गत सभी कार्य समय पर और निर्धारित मानकों के अनुसार पूरे किए जाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रोजेक्ट में विलंब या गुणवत्ता में कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि किसी भी निर्माण कार्य में जनता की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रोजेक्ट्स के लिए नियमित प्रगति रिपोर्टिंग की जाएगी और प्रत्येक कार्य स्थल का समय-समय पर निरीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा नगर आयुक्त ने कहा कि जनता के लिए सूचना और शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक सुलभ बनाया जाएगा, ताकि नागरिक सीधे अपनी समस्याओं और सुझावों को साझा कर सकें।

इस समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स का उद्देश्य केवल शहरी संरचना को आधुनिक बनाना नहीं है, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार और शहर की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं में वृद्धि करना भी है।

नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को पारदर्शिता, समयबद्धता और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए ताकि शहर का विकास योजनाओं के अनुरूप सुचारू रूप से हो सके।“

भागलपुर में 11 से 14 सितंबर तक शस्त्र सत्यापन, शस्त्रधारियों को अपने थाने में उपस्थिति अनिवार्य

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Bhagalpur News: आगामी विधानसभा आम निर्वाचन 2025 के मद्देनज़र भागलपुर जिले में शस्त्र सत्यापन अभियान शुरू होने जा रहा है। जिले के जिला दंडाधिकारी ने सभी शस्त्र अनुज्ञप्ति धारकों को निर्देशित किया है कि वे 11 से 14 सितंबर 2025 तक अपने संबंधित थाने में जाकर अपने शस्त्र और अनुज्ञप्ति का भौतिक सत्यापन कराएँ।

इस अभियान का उद्देश्य निर्वाचन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और अवैध शस्त्रों की रोकथाम करना है। सत्यापन में सभी प्रकार के शस्त्र शामिल हैं, जैसे रिवाल्वर, पिस्टल, राइफल, एक नाली एवं दो नाली बंदूक, तथा अनिषिद्ध (N.P Bore) शस्त्र। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया प्रत्येक शस्त्रधारी के लिए अनिवार्य है।

सत्यापन की प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए थानावार दंडाधिकारी और थाना अध्यक्ष की प्रतिनियुक्ति की गई है। शस्त्रधारियों से अनुरोध किया गया है कि वे समय पर थाने पहुंचे और अपने शस्त्र व संबंधित दस्तावेजों की सही जानकारी प्रदान करें।

जिला प्रशासन ने चेतावनी भी जारी की है कि यदि कोई शस्त्रधारी निर्धारित समय में सत्यापन के लिए उपस्थित नहीं होता है, तो उसकी अनुज्ञप्ति निलंबित या रद्द कर दी जाएगी और उसके शस्त्र को जब्त कर लिया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य केवल कानून का पालन सुनिश्चित करना है और निर्वाचन प्रक्रिया को सुरक्षित बनाना है।

शस्त्र सत्यापन अभियान से जनता के बीच यह संदेश भी जाएगा कि प्रशासन शांति और सुरक्षा के प्रति पूरी तरह सजग है। अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी प्रकार की अनियमितता न हो और सभी शस्त्रधारी नियमों के तहत अपनी जिम्मेदारी पूरी करें।

इस अभियान के दौरान थानों में उचित सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की जाएगी। जिले के शस्त्रधारियों से अपील है कि वे अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाएं और निर्धारित तिथियों के दौरान थाने में उपस्थित होकर सत्यापन कराएँ।

भागलपुर में मिशन शक्ति योजना के तहत 6 अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र, DM ने बढ़ाया हौसला

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भागलपुर, 10 सितंबर: महिला एवं बाल विकास निगम की महत्वाकांक्षी मिशन शक्ति योजना के तहत आज भागलपुर जिले में चयनित छह अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। समाहरणालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने अपने कर-कमलों से अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान चयनित अभ्यर्थियों के चेहरे पर उत्साह और खुशी साफ झलक रही थी।

मिशन शक्ति योजना का उद्देश्य महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाना तथा रोजगार के अवसर प्रदान करना है। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि यह योजना सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से योग्य उम्मीदवारों को न केवल रोजगार का अवसर मिलता है, बल्कि वे समाज में बदलाव लाने की दिशा में भी योगदान देते हैं।

चयनित अभ्यर्थी और पद

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न पदों के लिए कुल छह अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें –

  • रितु कुमारी, पिता- फ़ौदारी राजक, मोहिउद्दीनपुर, जगदीशपुर – बहुउद्देशीय कर्मी
  • राजकुमार, पिता- विजय दास, मिर्जानहाट – डाटा एंट्री ऑपरेटर
  • पवन कुमार शर्मा, पिता- गोपाल कृष्ण शर्मा, मिर्जानहाट – लेखा सहायक
  • अभिषेक सुमन, पिता- जयप्रकाश पंडित, शिसया, कटिहार – वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ
  • मोना कुमारी, पिता- नंद किशोर शाह, राजगुरु, तारापुर – केंद्र प्रशासक
  • संजय कुमार भारतीय, पिता- मनोज कुमार मंडल, सामुखिया मोड़, बांका – कंप्यूटर ज्ञानयुक्त कार्यालय सहायक

कार्यक्रम का माहौल

कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने नए अभ्यर्थियों को शुभकामनाएँ दीं और उन्हें पूरी निष्ठा व जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। जिलाधिकारी ने कहा कि मिशन शक्ति योजना केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि यह समाज में कमजोर तबकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों के उत्थान का माध्यम भी है।

इस मौके पर उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, डीपीओ आईसीडीएस अनुपमा कुमारी सहित कई वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने चयनित अभ्यर्थियों को उनके नए सफर के लिए शुभकामनाएँ दीं और बेहतर कार्य करने का आह्वान किया।

भागलपुर में मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता का बड़ा बयान – पंचायती राज योजनाओं की समीक्षा बैठक में बोले, जनता महागठबंधन को नकार चुकी है

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Bhagalpur News: बिहार के पंचायती राज विभाग के मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता बुधवार को भागलपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिला अतिथि गृह में पंचायती राज विभाग से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ जिला प्रशासन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। मंत्री ने विभागीय योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट की जानकारी ली और जमीन पर हो रहे काम का मूल्यांकन किया।

मंत्री गुप्ता ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत बनाने और गांव-गांव तक विकास पहुंचाने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर योजना का लाभ पात्र लाभुक तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे। योजनाओं की समयसीमा तय कर कार्य पूर्ण करने पर विशेष जोर देने की बात कही।

प्रेस से बातचीत करते हुए मंत्री गुप्ता ने कहा कि पंचायती राज विभाग के माध्यम से कई महत्वपूर्ण योजनाएं धरातल पर उतारी गई हैं, जिनका लाभ अब ग्रामीण स्तर तक मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि बिहार सरकार विकास और कल्याणकारी कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और लगातार गांव-गांव में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है।

इसी दौरान उन्होंने महागठबंधन पर भी तीखा हमला बोला। मंत्री गुप्ता ने कहा कि बिहार की जनता महागठबंधन को पसंद नहीं करती है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि महागठबंधन के नेताओं को यह तक नहीं पता कि अगर उनकी सरकार बनती है तो उपमुख्यमंत्री कौन होगा। जनता इस अनिश्चितता और भ्रम को भलीभांति समझ रही है, इसलिए लोग उनकी राजनीति से दूरी बनाए हुए हैं।

बैठक के बाद मंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि विकास योजनाओं की निगरानी नियमित रूप से की जाए और जहां कहीं भी गड़बड़ी या लापरवाही हो, उस पर तुरंत कार्रवाई हो।

भागलपुर के अपने दौरे के दौरान मंत्री गुप्ता ने पंचायती राज विभाग की योजनाओं से जुड़े कई प्रोजेक्ट का जायजा भी लिया और कार्य में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार की नीतियां आने वाले समय में ग्रामीण विकास की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाएंगी।

भागलपुर में सड़क पर बवाल, दुकानों के स्टाफ के बीच जमकर मारपीट, एक लहूलुहान

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Bhagalpur News: भागलपुर शहर में बुधवार को दिनदहाड़े सड़क पर बवाल का नजारा देखने को मिला। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के मारवाड़ी पाठशाला के पास का है, जहां दो दुकानों के स्टाफ के बीच आपसी विवाद इतना बढ़ गया कि बात हाथापाई तक पहुंच गई। देखते ही देखते दोनों पक्ष एक-दूसरे पर टूट पड़े और सड़क पर ही लात-घूंसे और थप्पड़ों की बरसात शुरू हो गई। इस दौरान एक पक्ष का युवक बुरी तरह घायल हो गया और लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा।

स्थानीय लोगों के मुताबिक विवाद की जड़ कूड़ा फेंकने का मामूली मुद्दा था। लेकिन यह छोटा सा विवाद अचानक इतना बड़ा झगड़ा बन गया कि दोनों ओर से दर्जनभर लोग शामिल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की लेकिन गुस्से में बेकाबू युवकों ने किसी की एक न सुनी। स्थिति यह रही कि सड़क पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहगीर भी डर के कारण इधर-उधर भागने लगे।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों पक्षों के लोग सड़क पर भिड़े हुए हैं और एक युवक लगातार मारपीट के दौरान घायल होता हुआ नजर आता है। हालांकि घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया या नहीं, इसकी फिलहाल कोई पुष्टि नहीं हो सकी है।

गौर करने वाली बात यह है कि इस पूरे मामले की सूचना अब तक पुलिस को नहीं दी गई है। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि घटना की जानकारी पुलिस तक पहुंचनी चाहिए ताकि इस तरह की वारदातें भविष्य में न हों। वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना है कि दुकान के बाहर गंदगी फैलाने और कचरा फेंकने को लेकर पहले भी कई बार दुकानदारों के बीच बहस हो चुकी थी।

फिलहाल, कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छोटी-छोटी बातों पर बढ़ते झगड़े और मारपीट की प्रवृत्ति समाज में किस तरह से तनाव और असुरक्षा का कारण बन रही है। उम्मीद है कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेकर आवश्यक कार्रवाई करेगी ताकि शहर में शांति और सौहार्द कायम रहे।

पीरपैंती में सड़क हादसा: बाइक सवार दो चचेरे भाई घायल, इलाज के दौरान एक की मौत

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के पीरपैंती थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। लक्ष्मीपुर गांव के पास मोटरसाइकिल सवार दो चचेरे भाई दुर्घटना का शिकार हो गए। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरे का उपचार जारी है।

मृतक की पहचान कहलगांव प्रखंड के रामजानीपुर गांव निवासी बदला पहाड़िया के रूप में हुई है, जबकि घायल का नाम उपेंद्र पहाड़िया है। दोनों चचेरे भाई ट्रैक्टर चालक का काम करते थे। बताया जाता है कि बदला पहाड़िया अपने ससुराल कुंजबन्ना गांव आए थे। इस दौरान वह अपने चचेरे भाई उपेंद्र को रोजगार दिलाने के लिए वाहन मालिक के पास लेकर जा रहे थे।

स्थानीय लोगों के अनुसार, जैसे ही दोनों बाइक से लक्ष्मीपुर गांव के समीप पहुंचे, अचानक सड़क पर एक जानवर आ गया। उसे बचाने के प्रयास में बाइक अनियंत्रित होकर पलट गई और दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना इतनी तेज थी कि स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल पर जुट गए और दोनों को पीरपैंती रेफरल अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए मायागंज अस्पताल, भागलपुर रेफर कर दिया। इलाज के दौरान बदला पहाड़िया ने दम तोड़ दिया, जबकि उपेंद्र पहाड़िया अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं और उनका उपचार जारी है। परिवार के लोगों के अनुसार, दोनों बेहद मेहनती युवक थे और रोज़ी-रोटी के लिए ट्रैक्टर चालक का कार्य करते थे।

इस घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने बताया कि बदला पहाड़िया अपने परिवार के लिए सहारा थे। उनकी मौत से परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, घायल उपेंद्र के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की जा रही है।

गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और घायल के इलाज की पूरी व्यवस्था की जाए।

मोहिबलीचक में जलमीनार निर्माण पर विवाद, ग्रामीणों ने थाने में दी शिकायत

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के हबीबपुर थाना क्षेत्र के इमामपुर पंचायत अंतर्गत मोहिबलीचक वार्ड नंबर-3 में जलमीनार निर्माण कार्य पर विवाद खड़ा हो गया है। पीएचईडी विभाग द्वारा सरकारी जमीन पर छोटा जलमीनार बनाने का काम शुरू किया गया था, लेकिन स्थानीय व्यक्ति राजा ने उक्त जमीन को अपनी संपत्ति बताते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया। इस पर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और बड़ी संख्या में महिला-पुरुष हबीबपुर थाना पहुंचे। उन्होंने राजा के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई और जलमीनार का काम फिर से शुरू कराने की मांग की।

ग्रामीण महिलाओं में शामिल तनुजा परवीन ने बताया कि वार्ड नंबर-3 में 100 से अधिक घर हैं और यहां लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ है। स्थिति इतनी गंभीर है कि आज भी लोगों को दूर-दराज से पानी ढोकर लाना पड़ता है। कई बार पंचायत और विभाग को आवेदन देने के बावजूद जब कोई समाधान नहीं मिला, तो आखिरकार विभाग ने मोहिबलीचक में जलमीनार बनाने की योजना स्वीकृत की।

गांव में काम शुरू होते ही लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन अचानक जमीन विवाद खड़ा हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित जमीन सरकारी है और यहां जलमीनार बनने से पूरे वार्ड की प्यास बुझ जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राजा नामक व्यक्ति जानबूझकर सरकारी कार्य में बाधा डाल रहा है ताकि ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़े।

शिकायत करने पहुंचे ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि इस विवाद का शीघ्र समाधान हो और जलमीनार निर्माण का काम हर हाल में जारी रखा जाए। महिलाओं ने भी आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि गर्मी के दिनों में पानी की समस्या और विकराल रूप ले लेती है। यदि समय पर जलमीनार नहीं बना तो गांव की स्थिति और बिगड़ जाएगी।

इस संबंध में हबीबपुर थानाध्यक्ष पंकज ने बताया कि जमीन की जांच कराई जाएगी। यदि यह सरकारी जमीन पाई गई तो जलमीनार का निर्माण किसी भी हालत में रोका नहीं जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उचित कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी सरकारी कार्य में बाधा डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

मोहिबलीचक की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बुनियादी सुविधाओं के लिए ग्रामीणों को अब भी संघर्ष करना पड़ रहा है। ग्रामीणों की उम्मीदें अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 1.13 करोड़ लाभार्थियों को 1263 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी से हस्तांतरित

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पटना, 10 सितम्बर: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत राज्य के 1 करोड़ 13 लाख से अधिक लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से अगस्त माह की पेंशन राशि भेजी। 1,263.95 करोड़ रुपये की यह राशि लाभार्थियों के खातों में सीधे अंतरित की गई है। प्रत्येक पेंशनधारी को 1,100 रुपये की मासिक राशि प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने 1, अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इस योजना की जानकारी साझा की। इस मौके पर समाज कल्याण विभाग की ओर से योजना पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। विभाग की सचिव श्रीमती बंदना प्रेयषी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी पात्र लाभुकों को समय पर पेंशन उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जून और जुलाई माह से पेंशन राशि में बढ़ोतरी कर दी गई है और अब अगस्त की किस्त भी 1,100 रुपये प्रतिमाह की दर से हस्तांतरित की गई है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्धजनों, दिव्यांगों और विधवा महिलाओं की सहूलियत के लिए यह योजना बेहद उपयोगी है। “राज्य सरकार ने पेंशन की राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1,100 रुपये प्रतिमाह कर दी है। हमारा लक्ष्य है कि समाज का कोई भी पात्र लाभुक इस योजना से वंचित न रहे,” मुख्यमंत्री ने कहा।

उन्होंने आगे जोड़ा कि समय पर पेंशन राशि मिलने से लाभार्थियों को आर्थिक सहारा मिलता है और जीवनयापन आसान होता है। “सभी के जीवन को सम्मानजनक और बेहतर बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है,” उन्होंने कहा।

आज कुल 6 प्रकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की राशि हस्तांतरित की गई। इसमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्तता पेंशन योजना, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना और बिहार निःशक्तता पेंशन योजना शामिल हैं। इन योजनाओं के तहत लाखों वृद्धजनों, विधवाओं और दिव्यांग लाभार्थियों को सीधे बैंक खाते में राशि भेजी गई।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सचिव अनुपम कुमार, सचिव कुमार रवि सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद थे। वहीं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारी, जनप्रतिनिधि और लाभार्थी जुड़े।