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हत्या के प्रयास मामले का सफल उद्भेदन, चार अपराधी गिरफ्तार – दो देसी कट्टा और 26 जिन्दा कारतूस बरामद

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Patna News: पटना जिले के सालिमपुर थाना क्षेत्र में 6 सितंबर 2025 को फोरलेन एनएच-30 पर ग्राम शाहपुर में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या और चार अन्य लोगों को घायल करने का मामला दर्ज किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के मार्गदर्शन और सालिमपुर थाना अध्यक्ष के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया।

पुलिस को मिली गुप्त सूचना और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर नालंदा जिले के अंतर्गत थाना-चण्डी, ग्राम- मोसिंपुर से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:

  1. लालजीत उर्फ लालजी यादव (35 वर्ष), पिता–राम सेवक सिंह।
  2. शत्रुघ्न यादव उर्फ रोशन (37 वर्ष), पिता–राम सेवक सिंह।
  3. रोहित कुमार उर्फ बिचु (18 वर्ष), पिता–सुलेन यादव।
  4. चन्दन कुमार उर्फ सुबल (पिता–स्व. सुरेन्द्र यादव)।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त दो देसी कट्टा और 26 जिन्दा कारतूस बरामद किए। साथ ही अपराधियों के खिलाफ सालिमपुर थाना कांड संख्या 258/25 के तहत आर्म्स एक्ट की धाराओं में अतिरिक्त मामला दर्ज किया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार अभियुक्त लालजी यादव पहले से ही कई गंभीर मामलों में शामिल रहा है। उस पर सालिमपुर थाना क्षेत्र में हत्या, आर्म्स एक्ट और विभिन्न धाराओं के अंतर्गत कई केस दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उस पर 2025 में ही कम से कम तीन आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं।

छापेमारी टीम में शामिल अधिकारी
इस कार्रवाई में सालिमपुर थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार के साथ-साथ महिला पदाधिकारी नीतु कुमारी, उप निरीक्षक मनोज कुमार सिंह, रamesh कुमार शर्मा, सुधीर कुमार, रणवीर कुमार, मनु कुमार, अनिरुद्ध कुमार, शंकर कुमार और पंकज कुमार समेत तकनीकी टीम की अहम भूमिका रही।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अपराधियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में किसी भी आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

इस सफलता से स्पष्ट है कि बिहार पुलिस अपराध नियंत्रण को लेकर पूरी तरह सतर्क है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है।

अररिया पुलिस ने जयकुमार यादव हत्याकांड के मुख्य शूटर को दबोचा, हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद

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Bihar News: अररिया पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने बहुचर्चित जयकुमार यादव हत्याकांड के मुख्य शूटर को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अररिया के नेतृत्व में की गई, जिसमें विशेष टीम ने अपराधियों की धर-पकड़ कर घटना का खुलासा किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 29 अगस्त 2025 की रात भरगामा थाना क्षेत्र में अपराधियों ने जयकुमार यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद से ही पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी क्रम में तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें मुख्य शूटर भी शामिल है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:

  1. अमित यादव, उम्र 21 वर्ष, निवासी विष्णुपुर पंचायत, थाना-अल्ताबा, जिला-सहरसा।
  2. सफुक कुमार यादव, उम्र 20 वर्ष, निवासी देवनी पंचायत, थाना-अल्ताबा, जिला-सहरसा।
  3. अमित कुमार यादव, उम्र 18 वर्ष, निवासी अररिया जिला।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त देसी कट्टा, एक खोखा और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

पुलिस अधीक्षक अररिया ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से की गई। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस का मानना है कि यह गैंग पहले से ही कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ हत्या, लूट और आर्म्स एक्ट से जुड़े कई मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं।

उल्लेखनीय है कि इस वारदात के बाद इलाके में तनाव का माहौल था। हत्या की गुत्थी सुलझाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई थी। लेकिन अररिया पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सतर्कता के चलते अब मामले का खुलासा हो गया है और मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है।

छापेमारी दल में शामिल अधिकारी:

  • प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार, थाना अध्यक्ष भरगामा।
  • पु0नि0 रविंद्र सिंह, थाना फारबिसगंज।
  • यो0अनि0 लोटू कुमार, थाना नरपतगंज।
  • यो0अनि0 गुफ्रान आलम, थाना भरगामा।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही फरार अपराधियों की तलाश जारी है। अररिया पुलिस ने एक बार फिर यह साबित किया है कि “अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं, कानून का राज सर्वोपरि है।”

बिहार में बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति का निरीक्षण, मोदी सरकार का विशेष पैकेज बनेगा विकास की आधारशिला

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Patna News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के विज़न का असर अब बिहार में स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। मोदी सरकार ने बिहार के समग्र विकास के लिए विशेष पैकेज और योजनाओं में बजट आवंटन कर राज्य को नई दिशा देने का संकल्प लिया है। इसी कड़ी में आज केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सी. आर. पाटिल ने बिहार का दौरा किया और बाढ़ नियंत्रण एवं जल संसाधन से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया।

भारत सरकार ने बाढ़ प्रबंधन और सिंचाई योजनाओं के लिए 11,500 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य केवल बाढ़ नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे लाखों किसानों को आधुनिक सिंचाई सुविधा मिलेगी और कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी। इससे बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

पटना पहुंचने पर मंत्री श्री पाटिल ने बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली गई। इसके बाद उन्होंने बिरपुर बैराज और कोसी–मेची अंतरराज्यीय लिंक परियोजना का हवाई सर्वेक्षण किया। यह परियोजना बिहार के लिए जीवनरेखा साबित हो सकती है, क्योंकि इसके माध्यम से बाढ़ नियंत्रण के साथ-साथ जल आपूर्ति में भी सुधार होगा।

सुपौल ज़िले के बिरपुर हवाई अड्डे से प्रस्थान करने के बाद श्री पाटिल ने पश्चिमी कोसी नहर परियोजना (ईआरएम) और बागमती तटबंध का भी हवाई निरीक्षण किया। इन परियोजनाओं को बिहार के बाढ़ प्रबंधन ढांचे का अभिन्न हिस्सा माना जाता है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार में बाढ़ प्रबंधन और जल संसाधन विकास से जुड़ी योजनाओं को तेज़ी और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाएगा। मोदी सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुँचे और विकास कार्य धरातल पर दिखे।

श्री पाटिल का यह दौरा बिहार के लिए न केवल बाढ़ प्रबंधन के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण भी है कि केंद्र सरकार बिहार के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसानों, ग्रामीणों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के लिए यह योजनाएँ आशा की नई किरण लेकर आई हैं।

शेखपुरा में लगेगा पासपोर्ट सेवा मोबाईल वैन कैम्प, 16 से 18 सितम्बर तक मिलेगा आवेदन करने का मौका

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Bihar News: शेखपुरा जिले के लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अब जिले में भी पासपोर्ट बनवाने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बक्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना द्वारा 16 से 18 सितम्बर 2025 तक सूचना एवं जन सम्पर्क कार्यालय परिसर, शेखपुरा में पासपोर्ट सेवा मोबाईल वैन कैम्प का आयोजन किया जाएगा। इस कैम्प के माध्यम से लोगों को नए (Fresh) और पुनर्नवीनीकरण (Re-issue) पासपोर्ट के लिए आवेदन करने की सुविधा मिलेगी।

विदित हो कि वर्ष 2024 में बक्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना ने लगभग चार लाख पासपोर्ट आवेदनों पर कार्रवाई की थी। वहीं, 12 मई 2025 से विदेश मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा चिप लगे पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए विभाग द्वारा विभिन्न जिलों में पासपोर्ट सेवा मोबाईल वैन कैम्प लगाए जा रहे हैं। अब तक सिवान, गोपालगंज, पूर्णिया, पुलिस जिला बगहा और लखीसराय में ऐसे दस कैम्प लगाए जा चुके हैं। शेखपुरा में आयोजित होने वाला यह ग्यारहवां कैम्प होगा।

इस कैम्प के लिए प्रतिदिन 55 अप्वॉइंटमेंट स्लॉट निर्धारित किए गए हैं। इच्छुक आवेदकों को www.passportindia.gov.in वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद ही अप्वॉइंटमेंट प्राप्त किया जा सकेगा। आवेदक को तय तिथि और समय पर स्थल पर उपस्थित होना होगा। इस दौरान आवेदक को मूल दस्तावेजों के साथ उनकी स्व-अभिप्रमाणित छायाप्रति, पासपोर्ट साइज फोटो, तथा बायोमैट्रिक प्रक्रिया (उँगलियों के निशान) हेतु सशरीर उपस्थित होना अनिवार्य होगा।

हालांकि, इस कैम्प में पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) के लिए आवेदन, किसी कारणवश रोके गए आवेदन अथवा बिना ऑनलाइन अप्वॉइंटमेंट के किए गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, पटना ने बताया कि इस तरह के कैम्प का उद्देश्य दूरस्थ जिलों के लोगों को पासपोर्ट सेवा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि विभाग आगे भी इसी तरह के प्रयास कर लोगों को सुविधाजनक सेवा उपलब्ध कराता रहेगा।

बाढ़ पीड़ितों ने एनएच-80 पर लगाया जाम, मुआवजा राशि नहीं मिलने से नाराजगी

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Bhagalpur News: बाढ़ प्रभावित परिवारों को मुआवजा राशि नहीं मिलने से आक्रोशित ग्रामीणों ने गुरुवार को भागलपुर-साहिबगंज मुख्य मार्ग (एनएच-80) पर जोरदार प्रदर्शन किया। बोलसर पंचायत के करीब 500 ग्रामीण सड़क पर उतर आए और दो घंटे तक जाम लगाए रखा। इस दौरान महिलाओं ने झाड़ू लेकर प्रदर्शन किया और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

ग्रामीणों के विरोध के कारण एनएच-80 पर लगभग पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। यह मार्ग भागलपुर से झारखंड के साहिबगंज को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग है, जिस पर जाम लगने से यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।

प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों का कहना था कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में रहते हैं और बाढ़ से उनका लाखों रुपये का सामान बर्बाद हो गया, लेकिन अब तक सरकार की ओर से घोषित जीआर (अनुग्रह) राशि उन्हें नहीं मिली। बोलसर पंचायत के तीन गांवों के लोग इस आंदोलन में शामिल हुए। कविता देवी नामक एक ग्रामीण महिला ने बताया कि कई बार अंचलाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन व जनप्रतिनिधि केवल आश्वासन देते रहे, लेकिन पीड़ित परिवारों तक मदद नहीं पहुंची।

ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक उन्हें मुआवजा राशि देने की ठोस आश्वासन नहीं मिलेगा, वे सड़क जाम खत्म नहीं करेंगे। प्रदर्शन के दौरान लोग सरकार विरोधी नारे लगाते रहे और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।

सूचना मिलने पर डायल-112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। हालांकि कहलगांव डीएसपी मौके पर नहीं पहुंचे। इस बीच स्थानीय जनप्रतिनिधि भी लोगों को शांत कराने पहुंचे, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे।

ग्रामीणों का कहना था कि बाढ़ से तबाही झेलने के बाद अब वे मुश्किल हालात में गुजर-बसर कर रहे हैं। सरकारी मदद की घोषणा के बावजूद जब तक मुआवजा राशि सीधे उनके खाते में नहीं पहुंचती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

मायागंज अस्पताल में बड़ा निरीक्षण, मरीजों को बेहतर सुविधा दिलाने पर फोकस

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Bhagalpur News: भागलपुर प्रमंडलीय आयुक्त हिमांशु कुमार राय के निर्देश पर मायागंज स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में गुरुवार को स्वास्थ्य सेवाओं का गहन निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण हाल के दिनों में लगातार मिल रही शिकायतों और मरीजों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए किया गया।

निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. हेमशंकर शर्मा और अधीक्षक डॉ. अखिलेश कुमार चिकित्सकों की टीम के साथ मौजूद रहे। आयुक्त ने सभी वार्डों, ओपीडी, आपातकालीन सेवाओं और अस्पताल में उपलब्ध लाइफ सपोर्ट सिस्टम का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने विशेष रूप से मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और उनकी समस्याओं के समाधान पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली।

आयुक्त ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ-सफाई की स्थिति, वार्डों में बिस्तरों की उपलब्धता, उपकरणों की कार्यक्षमता और दवाओं की उपलब्धता की भी जांच की।

निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर अव्यवस्था और मरीजों की शिकायतें सामने आईं, जिस पर आयुक्त ने तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल क्षेत्रीय स्तर पर सबसे बड़ा स्वास्थ्य केंद्र है और यहां आने वाले मरीजों को सर्वोत्तम सुविधा मिलनी चाहिए।

आयुक्त ने प्रिंसिपल और अधीक्षक को यह भी निर्देश दिया कि सभी विभागों में चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, मरीजों के लिए दवा वितरण व्यवस्था को सुचारू रखने, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और शौचालयों की सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

इस निरीक्षण से उम्मीद जताई जा रही है कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में जल्द ही ठोस सुधार होगा। प्रशासन का मानना है कि नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय करने से मरीजों को बेहतर और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकेंगी।

जीएसटी सुधार से जनता को बड़ी राहत, भागलपुर में भाजपा पैनलिस्ट प्रीति शेखर ने जताया आभार

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Bhagalpur News: केंद्र सरकार द्वारा किए गए हालिया जीएसटी सुधारों को लेकर पूरे देश में चर्चा हो रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को भागलपुर में भारतीय जनता पार्टी की मीडिया पैनलिस्ट प्रीति शेखर ने प्रेस वार्ता कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सुधार गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।

प्रीति शेखर ने बताया कि वित्त मंत्री द्वारा जीएसटी को दो हिस्सों में बांटा गया है, जिससे आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला बोझ काफी कम होगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अब भोजन की थाली से लेकर पूजा की थाली तक का खर्च कम हो जाएगा। खाद्य पदार्थ, वाहन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में कमी आने से सीधे तौर पर आम जनता को फायदा होगा।

उन्होंने कहा कि महंगाई से जूझ रहे लोगों के लिए यह कदम एक बड़ी राहत है। सरकार का यह निर्णय न केवल लोगों की आर्थिक स्थिति को संभालेगा बल्कि बाजार में मांग बढ़ाकर देश की अर्थव्यवस्था को भी गति देगा। प्रीति शेखर ने इसे केंद्र की जन-कल्याणकारी नीति का सशक्त उदाहरण बताया और कहा कि मोदी सरकार लगातार गरीब और मध्यम वर्ग के हित में निर्णय ले रही है।

प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सुधार आर्थिक संतुलन को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। भाजपा की ओर से यह संदेश दिया गया कि पार्टी हमेशा जनता के साथ खड़ी है और लोगों की समस्याओं को कम करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष शाह, अश्वनी जोशी मोंटी, नितेश सिंह, प्राणिक बाजपेई सहित कई कार्यकर्ता भी मौजूद थे। सभी ने मिलकर वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री के इस निर्णय की सराहना की और कहा कि आने वाले समय में जनता को इसके और भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।

जिला स्वीप आइकॉन के लिए 12 सितंबर तक लिया जाएगा आवेदन

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भागलपुर जिले में मतदाता जागरूकता अभियान (SWEEP Programme) को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन द्वारा जिला स्वीप आइकॉन नामित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में अपनी विशेष पहचान बनाने वाले व्यक्तियों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं।

प्रशासन की ओर से जारी सूचना के अनुसार खेल, कला, संगीत, साहित्य, सामाजिक कार्य तथा अन्य क्षेत्रों में विशेष ख्याति प्राप्त लोग इस पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। जिला स्वीप आइकॉन का उद्देश्य मतदाता जागरूकता को नई ऊंचाई पर ले जाना है ताकि अधिक से अधिक लोग लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।

इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन 12 सितंबर 2025 अपराह्न 3:00 बजे तक भागलपुर के डीआरडीए कार्यालय परिसर स्थित निदेशक एनईपी कार्यालय में जमा कर सकते हैं। आवेदन के साथ संबंधित उपलब्धियों एवं ख्याति से जुड़े प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से संलग्न करने होंगे।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार स्वीप आइकॉन बनने वाले व्यक्ति जिले में जागरूकता अभियान का चेहरा होंगे। वे मतदान के महत्व को लेकर लोगों को प्रेरित करेंगे और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से युवा पीढ़ी व समाज के अन्य वर्गों को अधिक सक्रिय बनाएंगे।

जिला प्रशासन ने भागलपुर के प्रतिभाशाली और समाज में अपनी पहचान बना चुके लोगों से अपील की है कि वे समय पर आवेदन जमा करें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाएँ।

डी.एम ने किया ई.वी.एम/वी.वी.पैट वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण

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Bhagalpur News: भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार, पटना के निर्देशानुसार भागलपुर जिले में ई.वी.एम (EVM) एवं वी.वी.पैट (VVPAT) वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला दंडाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने वाणिज्य कर कार्यालय, भागलपुर के समीप स्थित वेयरहाउस में किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था, मशीनों के रख-रखाव और तकनीकी मानकों की गहन समीक्षा की। डी.एम ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि ई.वी.एम और वी.वी.पैट की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि ये मशीनें लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव हैं, इसलिए इनकी सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है।

इस अवसर पर उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती श्वेता कुमारी भी उपस्थित रहीं। निरीक्षण के दौरान जदयू के जिला प्रतिनिधि मृत्युञ्जय कुमार कुशवाहा तथा निर्वाचन शाखा के अन्य कर्मी भी मौजूद थे। डी.एम ने अधिकारियों से मशीनों की नियमित जांच करने, स्टॉक रजिस्टर के अद्यतन अभिलेख रखने और वेयरहाउस परिसर में साफ-सफाई एवं अग्नि सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार हर तीन माह पर यह निरीक्षण किया जाता है ताकि मशीनों की स्थिति का मूल्यांकन किया जा सके और यदि कहीं कोई तकनीकी कमी या सुरक्षा संबंधी चूक हो तो उसे समय रहते दूर किया जा सके। साथ ही, उन्होंने निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारियों को यह भी हिदायत दी कि भविष्य में चुनाव से पूर्व सभी मशीनों का डेमो और तकनीकी परीक्षण समय पर संपन्न किया जाए।

निरीक्षण के बाद डी.एम ने संतोष जताया कि वेयरहाउस में सुरक्षा एवं रख-रखाव की व्यवस्था संतोषजनक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आगामी चुनावों में निर्वाचन कार्य सुचारू और निष्पक्ष तरीके से संपन्न होगा।

पटना में 11–12 सितम्बर को होगा “जिलों के समग्र विकास” पर राष्ट्रीय सम्मेलन

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पटना, सितम्बर: भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) तथा बिहार सरकार के संयुक्त तत्वावधान में 11–12 सितम्बर 2025 को पटना में “जिलों के समग्र विकास” पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यह दो दिवसीय आयोजन पारदर्शी, समावेशी और परिवर्तनकारी शासन प्रणाली की दिशा में भारत के संकल्प को सुदृढ़ करेगा।

सम्मेलन का उद्घाटन 11 सितम्बर को दोपहर 1:30 बजे होगा, जिसका शुभारंभ बिहार के उपमुख्यमंत्री  सम्राट चौधरी करेंगे। स्वागत भाषण  पुनीत यादव, अतिरिक्त सचिव (DARPG) देंगे। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. एस. सिद्धार्थ (विकास आयुक्त, बिहार),  प्रत्यय अमृत (मुख्य सचिव, बिहार) और  वी. श्रीनिवास (सचिव, DARPG) शामिल होंगे। उद्घाटन सत्र में प्रधानमंत्री पुरस्कार प्राप्त पहलों (2024) पर आधारित एक विशेष फिल्म भी प्रदर्शित की जाएगी। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि विशेष अतिथि बिहार के उपमुख्यमंत्री  विजय कुमार सिन्हा होंगे। धन्यवाद ज्ञापन बिहार सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर देंगे।

सम्मेलन में 200 से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे, जिनमें जिलाधिकारी, वरिष्ठ प्रशासक और नीति-निर्माता शामिल हैं। 22 से अधिक वक्ता अपनी पुरस्कार-विजेता पहलों को प्रस्तुत करेंगे, जो सेवा-प्रदान को बेहतर बनाने और नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए आदर्श मॉडल पेश करेंगे।

पहले दिन (11 सितम्बर) के सत्रों में प्रधानमंत्री पुरस्कार प्राप्त पहलें, जिलों का समग्र विकास, नवाचारपूर्ण प्रयास और बिहार की उपलब्धियां प्रदर्शित होंगी। इनमें नालंदा और बेगूसराय का विकास मॉडल, “दीदी की रसोई”, लोक शिकायत निवारण का अधिकार, और BIPARD की पहलें शामिल हैं। शाम को ताज पटना के वैशाली हॉल में सांस्कृतिक संध्या और रात्रिभोज आयोजित होगा।

दूसरे दिन (12 सितम्बर) प्रधानमंत्री पुरस्कार प्राप्त पहलों (2023–24) पर केंद्रित सत्र होंगे। समापन सत्र में फिल्म प्रदर्शन और वरिष्ठ अधिकारियों के संबोधन होंगे। इसके बाद प्रतिनिधि बोधगया, नालंदा और वैशाली का दौरा करेंगे, जिससे उन्हें बिहार की सांस्कृतिक और विकासात्मक धरोहर का प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा।

बिहार शोकेस में महिलाओं के सशक्तिकरण (जीविका की “दीदी की रसोई” और “लखपति दीदी”), पंचायत व नौकरियों में महिलाओं का आरक्षण, कौशल विकास, तथा डिजिटल गवर्नेंस (ई-ऑफिस, HRMS, CFMS, e-PAR) जैसी पहलें भी प्रस्तुत की जाएंगी।

यह राष्ट्रीय सम्मेलन न केवल शासन की उत्कृष्टता का उत्सव होगा, बल्कि राज्यों और केंद्र के बीच सहयोगात्मक अधिगम और नीतिगत संवाद को भी नई दिशा देगा। बिहार इस अवसर पर अपने नवाचार और सुधारों की यात्रा को देशभर के साथ साझा करेगा।