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लाजपत पार्क में मकर संक्रांति का भव्य महाकुंभ, सांसद निशिकांत दुबे होंगे मुख्य अतिथि

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भागलपुर। भागलपुर नगर विधानसभा क्षेत्र में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर एक भव्य और ऐतिहासिक आयोजन होने जा रहा है। नगर विधायक रोहित पांडेय के नेतृत्व में शनिवार, 10 जनवरी को शहर के प्रतिष्ठित लाजपत पार्क में मकर संक्रांति मिलन सह सम्मान भोज कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस विशाल आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में गोड्डा के सांसद एवं भागलपुर के बेटे निशिकांत दुबे शिरकत करेंगे। इस अवसर पर उनका भव्य अभिनंदन समारोह भी आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम को लेकर नगर विधायक रोहित पांडेय पूरी तरह सक्रिय हैं। आयोजन की रूपरेखा तैयार कर ली गई है और तैयारियां अंतिम चरण में हैं। भाजपा कार्यकर्ता घर-घर जाकर आमंत्रण पत्र वितरित कर रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पर्व के उल्लास में शामिल हो सकें। मंच निर्माण, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाएं युद्ध स्तर पर की जा रही हैं।

इस आयोजन में भागलपुर नगर विधानसभा ही नहीं, बल्कि पूरे जिले से एनडीए और भाजपा के हजारों कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल होंगे। आयोजकों के अनुसार, एक साथ 10 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता की संभावना है, जिससे यह कार्यक्रम भागलपुर के सबसे बड़े सामाजिक-राजनीतिक आयोजनों में शामिल हो सकता है।

शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में विधायक रोहित पांडेय ने कहा कि मकर संक्रांति सामाजिक समरसता, भाईचारे और संस्कृति का पर्व है। इस आयोजन का उद्देश्य जनता से सीधा संवाद, कार्यकर्ताओं का सम्मान और समाज को एकजुट करने का संदेश देना है। उन्होंने बताया कि सांसद निशिकांत दुबे की उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा और उत्साह दोनों बढ़ेंगे।

कुल मिलाकर, लाजपत पार्क में आयोजित होने वाला यह मकर संक्रांति समारोह भागलपुर के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य में एक ऐतिहासिक और यादगार आयोजन बनने जा रहा है।

भागलपुर के प्रवीण कुमार बने पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश, क्षेत्र में हर्ष का माहौल

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पटना/भागलपुर: भागलपुर के लिए गर्व का क्षण है। जिले के मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र स्थित सिकंदरपुर निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता प्रवीण कुमार को पटना उच्च न्यायालय का माननीय न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की स्वीकृति के बाद केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के तहत उनकी नियुक्ति की गई। उन्होंने 8 जनवरी 2026 को पटना हाईकोर्ट में न्यायाधीश पद की शपथ लेकर कार्यभार संभाल लिया है।

न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार की नियुक्ति को न्यायिक जगत में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वे लंबे समय से पटना हाईकोर्ट में सक्रिय और प्रतिष्ठित अधिवक्ता के रूप में कार्यरत रहे हैं। वकालत के दौरान उन्होंने आपराधिक कानून, संवैधानिक मामलों और विविध कानूनी विवादों में अपनी मजबूत पकड़ स्थापित की। उनकी पहचान एक कर्मठ, संतुलित और तथ्यों पर आधारित पैरवी करने वाले अधिवक्ता के रूप में रही है।

पटना हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की कमी और लंबित मामलों के बढ़ते बोझ को देखते हुए यह नियुक्ति बेहद अहम मानी जा रही है। न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार के साथ एक अन्य अधिवक्ता रितेश कुमार को भी न्यायाधीश नियुक्त किया गया है, जिससे न्यायालय की कार्यक्षमता और मुकदमों के त्वरित निपटारे में मदद मिलने की उम्मीद है।

न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार अब नागरिक, आपराधिक, संवैधानिक और प्रशासनिक मामलों की सुनवाई करेंगे। उनके अनुभव और कानूनी समझ से न्यायिक प्रक्रिया को मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है। विधि विशेषज्ञों का मानना है कि उनका व्यावहारिक दृष्टिकोण और गहन कानूनी ज्ञान न्यायपालिका के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।

उनकी इस उपलब्धि पर भागलपुर समेत पूरे बिहार में खुशी की लहर है। अधिवक्ताओं, सामाजिक संगठनों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाइयाँ दी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह नियुक्ति युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह दर्शाती है कि कड़ी मेहनत, ईमानदारी और निरंतर अभ्यास से न्यायिक शिखर तक पहुँचा जा सकता है।

न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार की नियुक्ति न केवल भागलपुर बल्कि पूरे राज्य के लिए सम्मान और गौरव की बात है। उम्मीद की जा रही है कि उनके न्यायिक योगदान से पटना हाईकोर्ट में न्याय की गति और गुणवत्ता दोनों को नई दिशा मिलेगी।

नवगछिया में शराब तस्करी पर बड़ा प्रहार, 872 लीटर विदेशी शराब के साथ ट्रक जब्त

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Bhagalpur: भागलपुर जिले में पूर्ण शराबबंदी को प्रभावी बनाने की दिशा में मध्यानिषेध विभाग को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मध्यानिषेध थाना नवगछिया, भागलपुर द्वारा गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में अवैध विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद की गई है। यह कार्रवाई झंडापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दयालपुर रेलवे ओवरब्रिज के पास की गई, जहां जांच के दौरान एक अशोक लेलैंड कंपनी के छह चक्का ट्रक से भारी मात्रा में शराब पकड़ी गई।

जांच में सामने आया कि ट्रक में छिपाकर रखी गई 872.64 लीटर अवैध विदेशी शराब का परिवहन किया जा रहा था। बरामद शराब की अनुमानित बाजार कीमत करीब ₹10,46,400 आंकी गई है। मध्यानिषेध विभाग की इस सटीक कार्रवाई से शराब तस्करों में हड़कंप मच गया है।

कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान

  1. गुलेशर (26 वर्ष), पिता – समेदीन, निवासी – लोनी, थाना लोनी, जिला गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश)
  2. विकास कुमार (27 वर्ष), पिता – चंद्रेश्वर राम, निवासी – रूपनपट्टी, थाना ढोली सकरा, जिला मुजफ्फरपुर
    के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ मध्यानिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इस सफल अभियान का नेतृत्व मध्यानिषेध थाना अध्यक्ष राजू कुमार ने किया। उनके साथ अवर निरीक्षक मध्यानिषेध देवानंद मांझी, सहायक अवर निरीक्षक मध्यानिषेध, मध्यानिषेध सिपाही तथा गृह रक्षक बल के जवान शामिल थे। टीम की सतर्कता और रणनीति के कारण इतनी बड़ी खेप पकड़ी जा सकी।

मध्यानिषेध विभाग, भागलपुर ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग का उद्देश्य बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी को सख्ती से लागू करना और शराब तस्करी के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है। इस कार्रवाई को प्रशासन की बड़ी उपलब्धि और शराब माफिया के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है।

बाबा बूढ़ानाथ धाम में श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ, डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने किया उद्घाटन

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Bhagalpur: भागलपुर के ऐतिहासिक बाबा बूढ़ानाथ धाम में आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ ने धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण को भक्तिमय बना दिया है। सात दिनों तक चलने वाले इस महायज्ञ का शुभ उद्घाटन उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किया। इस अवसर पर महापौर श्रीमती बसुंधरा लाल, विधायक रोहित पांडे, विधान परिषद सदस्य डॉ. एन. के. यादव, ठाकुर मोहित सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 10 बजे 121 महिलाओं द्वारा निकाली गई भव्य कलश शोभा यात्रा से हुई। यह शोभा यात्रा कमला मंदिर से प्रारंभ होकर बाबा बूढ़ानाथ प्रांगण स्थित कथा स्थल पर संपन्न हुई। इसके पश्चात यजमान श्री मुकेश सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना की गई, जिसके बाद कथा महायज्ञ का औपचारिक उद्घाटन हुआ।

आयोजन समिति के ठाकुर मोहित सिंह ने बताया कि यह कथा 11 तारीख तक चलेगी, जिसमें प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करेंगे। आयोजन समिति में संजय सिन्हा, मुकेश सिंह, प्रकाश मंडल, निरंजन सिंह, आलोक सिंह सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

प्रथम दिवस की कथा में व्यास पीठ से श्रीमद् भागवत की महिमा का विस्तार से वर्णन किया गया। कथावाचक ने बताया कि भागवत कथा देवलोक के अमृत से भी श्रेष्ठ है, क्योंकि यह ज्ञान, भक्ति, वैराग्य और मुक्ति प्रदान करती है। राजा परीक्षित और सुखदेव मुनि का प्रसंग सुनाते हुए कहा गया कि भागवत कथा किसी मूल्य से नहीं खरीदी जा सकती, यह केवल भगवान की कृपा से ही प्राप्त होती है।

धुंधकारी प्रसंग के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि श्रीमद् भागवत कथा से पापी से पापी आत्मा को भी मुक्ति मिल सकती है। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। पूरा बाबा बूढ़ानाथ प्रांगण “जय श्री राधे, जय श्री कृष्ण” के जयघोष से गुंजायमान रहा।

भागलपुर में भूमि सुधार जनसंवाद का बड़ा असर: 2600 से अधिक आवेदन मिले, हर शिकायत पर होगी विधिसम्मत कार्रवाई—मोबाइल पर मिलेगी अपडेट

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Bhagalpur: भागलपुर के टाउन हॉल से जमीन से जुड़े हजारों पीड़ितों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। भूमि सुधार जनकल्याण संवाद में उमड़े जनसैलाब के बीच 2600 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि एक–एक आवेदन पर विधिसम्मत कार्रवाई होगी और इसकी पूरी जानकारी आवेदकों को सीधे उनके मोबाइल फोन पर दी जाएगी।

दरअसल राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार द्वारा आयोजित भूमि सुधार जनकल्याण संवाद कार्यक्रम ने भागलपुर में ऐतिहासिक भागीदारी दर्ज की। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस संवाद में जिलेभर से 2600 से अधिक लोगों ने जमीन से जुड़ी अपनी समस्याएं दर्ज कराईं। उपमुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सभी आवेदनों पर पारदर्शी और विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि जनसंवाद में प्रतीकात्मक रूप से अंचलवार पांच–पांच मामलों को मंच पर लाकर संबंधित अधिकारियों के सामने फरियादियों की समस्याएं सुनी गईं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि शेष आवेदन नजरअंदाज होंगे। संवाद में प्राप्त सभी आवेदनों को जिलास्तर पर स्कैन कर कंप्यूटर सिस्टम में अपलोड किया जाएगा। प्रत्येक आवेदक को रजिस्ट्रेशन के दौरान दिए गए मोबाइल नंबर पर कार्रवाई की क्रमवार जानकारी भेजी जाएगी, ताकि लोगों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि 14 जनवरी के बाद सभी मामलों की दोबारा विस्तृत समीक्षा की जाएगी। उन्होंने फरियादियों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार का स्पष्ट लक्ष्य जनता की वास्तविक परेशानियों को दूर करना है। यही कारण है कि कड़ाके की ठंड के बावजूद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की टीम पूरे राज्य में सक्रिय रूप से जनसंवाद कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधान सचिव सीके अनिल और सचिव गोपाल मीणा के नेतृत्व में विभागीय टीमें जिले–जिले जाकर लोगों की समस्याएं सुन रही हैं और समाधान की दिशा में ठोस कदम उठा रही हैं। सरकार का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि जमीन से जुड़े विवादों, दाखिल–खारिज, परिमार्जन, अतिक्रमण और अन्य मामलों का समयबद्ध और न्यायपूर्ण समाधान करना है।

उपमुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता पारदर्शिता, जवाबदेही और आम जनता का विश्वास है। भूमि सुधार जनकल्याण संवाद अब आम लोगों के लिए उम्मीद का मंच बन चुका है, जहां उन्हें न सिर्फ सुना जा रहा है, बल्कि हर शिकायत पर ठोस कार्रवाई का भरोसा भी मिल रहा है।

“द्रव्य, दबाव और दलाली से मिलेगी मुक्ति” — भागलपुर से उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का बड़ा ऐलान, जनता बनाम भू-माफिया में सरकार जनता के साथ

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Bhagalpur: भागलपुर के टाउन हॉल से बिहार सरकार ने साफ संदेश दे दिया है—अब जमीन से जुड़े मामलों में न तो दलाल चलेंगे, न ही भू-माफिया। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा आयोजित भूमि सुधार जनकल्याण संवाद में उपमुख्यमंत्री सह मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार की लड़ाई अब जनता के हक के लिए है और इस लड़ाई में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दरअसल राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की पहल भूमि सुधार जनकल्याण संवाद अब केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आम लोगों की जमीन से जुड़ी वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान का मजबूत मंच बन चुका है। टाउन हॉल में दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि इस संवाद का मकसद भाषण नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को सुनकर नियमसम्मत और त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि भूमि विवाद जटिल विषय है, जिसमें कानून के साथ जमीनी सच्चाई को समझना जरूरी है। इसी सोच के तहत सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले 100 दिनों में प्रमंडल और जिला स्तर पर जनसंवाद शुरू किया है, ताकि पारदर्शी और जनहितकारी नीतियां बनाई जा सकें।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि विभाग की सभी सेवाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई हैं। आम लोगों को सुविधा देने के लिए प्रत्येक अंचल कार्यालय में सीएससी केंद्र खोले गए हैं, जहां प्रशिक्षित वीएलई मामूली शुल्क पर आवेदन और परामर्श देंगे। उन्होंने दो टूक कहा कि फर्जी कागजात के जरिए काम रोकने वालों पर अब सख्त कार्रवाई होगी। अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों को ऐसे तत्वों पर सीधे आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का अधिकार दे दिया गया है।

उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि सही व्यक्ति किसी भी हाल में पीड़ित नहीं होगा, जबकि नियम तोड़ने वालों के लिए जेल का रास्ता तय है। 1 जनवरी 2026 से राजस्व अभिलेखों की सत्यापित नकल ऑनलाइन उपलब्ध करा दी गई है, जिसे पूर्ण वैधानिक मान्यता प्राप्त है। नगर निकाय क्षेत्रों में वंशावली निर्गत करने की व्यवस्था, एससी/एसटी पर्चाधारियों को दखल दिलाने के लिए ऑपरेशन भूमि दखल देहानी, परिमार्जन प्लस में तय समय-सीमा, पारिवारिक बंटवारा पोर्टल और विशेष शिविर जैसे कई बड़े सुधार लागू किए गए हैं।

हर शनिवार थाना की जगह अंचल कार्यालय में जनता दरबार लगेगा, ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो। वहीं बेहतर कार्य करने वाले टॉप तीन अंचल अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा और भ्रष्टाचार या लापरवाही पर कठोर कार्रवाई होगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधान सचिव सीके अनिल ने कहा कि मार्च तक अधिकांश पुराने मामलों के समाधान का लक्ष्य तय किया गया है। इससे पहले जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में प्रशासन और विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

भगलपुर में श्री सत्य साई रन एंड राइड का भव्य आयोजन, फिट इंडिया के संदेश के साथ दौड़े 700 प्रतिभागी

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Bhagalpur: भागलपुर से एक प्रेरणादायक और ऊर्जा से भरपूर खबर सामने आई है। श्री सत्य साई सेवा संगठन, भारत एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के फिट इंडिया अभियान के संयुक्त तत्वावधान में भगवान श्री सत्य साई बाबा के सौवें जन्मदिवस के पावन अवसर पर “श्री सत्य साई रन एंड राइड” कार्यक्रम का भव्य आयोजन आज भागलपुर के ऐतिहासिक सैंडिस कंपाउंड में किया गया।

इस कार्यक्रम में पूरे बिहार के विभिन्न जिलों से आए करीब 700 महिला एवं पुरुष प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दौड़ को 3 किलोमीटर, 5 किलोमीटर और 10 किलोमीटर—तीन वर्गों में आयोजित किया गया। दौड़ की शुरुआत सैंडिस कंपाउंड स्थित बैडमिंटन कोर्ट गेट से हुई, जो मनाली चौक, कचहरी चौक, तिलकामांझी चौक, महिंद्रा शोरूम और जीरोमाइल चौक होते हुए पुनः उसी स्थान पर समाप्त हुई।

सामाजिक समरसता, स्वास्थ्य जागरूकता और मानवीय एकता के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम के लिए बिहार भर से 980 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया था, जिनमें से 700 प्रतिभागियों ने दौड़ में सक्रिय भागीदारी की। खास बात यह रही कि सभी प्रतिभागियों को संगठन की ओर से निःशुल्क ड्रेस किट उपलब्ध कराई गई।

दौड़ पूरी करने वाले सभी प्रतिभागियों को राज्याध्यक्ष सरोज चौधरी, उपराज्याध्यक्ष उमाशंकर शर्मा, अरविंद कुमार, ट्रस्ट संयोजक राजकुमार प्रसाद, राज्य सेवा समन्वयक मुनेश्वर सिंह और रन एंड राइड प्रभारी प्रियरंजन द्वारा मेडल और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन संगठन के जिलाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह की अध्यक्षता में किया गया। इस सफल आयोजन में दीपक श्रीवास्तव, सुड्डू साई, प्रीतम वर्मा, दीपक गुप्ता, राहुल राज, पंकज वर्मा, सोनालिका, लता गुप्ता, डेजी श्रीवास्तव सहित जिले के अनेक साई भक्तों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

यह आयोजन न केवल फिट इंडिया के संदेश को मजबूती देने वाला रहा, बल्कि समाज में सेवा, अनुशासन और एकता का प्रेरक उदाहरण भी बना।

करोड़ों का सरकारी गबन और फर्जी जमीन सौदे का पर्दाफाश, भू-माफिया विजय राय गिरफ्तार

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Bhagalpur: भागलपुर से बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ पुलिस ने करोड़ों रुपये के सरकारी गबन और जमीन की अवैध खरीद-बिक्री के एक बड़े आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई को जिले में भू-माफियाओं के खिलाफ बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान विजय राय, पिता देवी राय, निवासी रिंकसाडिह, थाना बाईपास, भागलपुर के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, विजय राय पर पैक्स के माध्यम से सरकारी धान की खरीद-बिक्री में करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपये के गबन का गंभीर आरोप है। यह मामला मधेपुरा जिले से जुड़ा हुआ है, जहाँ इस संबंध में पहले ही थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने न सिर्फ सरकारी धन का गबन किया, बल्कि फर्जी जमीन मालिक बनकर जमीन की खरीद-बिक्री जैसे अपराधों को भी अंजाम दिया। भागलपुर जिले के बबरगंज थाना और बाईपास थाना में विजय राय के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जो उसके आपराधिक इतिहास को उजागर करते हैं।

पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से कानून की आंखों में धूल झोंकते हुए अलग-अलग जिलों में अपने नेटवर्क के जरिए अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर बाईपास थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि इस गबन और जमीन घोटाले में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दायरे को और बढ़ाया जाएगा और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

डिजिटल लोकतंत्र की आवाज़- वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया का सात साल का निर्णायक सफ़र

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Bhagalpur: भारत में पत्रकारिता का स्वरूप तेज़ी से बदला है। काग़ज़ से स्क्रीन तक की इस यात्रा में वेब पत्रकारिता ने न केवल सूचना की गति को बदला, बल्कि लोकतंत्र के संवाद को भी नए आयाम दिए। ऐसे परिवर्तनशील दौर में वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (WJAI) का बीते सात वर्षों का सफ़र डिजिटल पत्रकारिता के संघर्ष, स्थापना और स्वीकृति की कहानी कहता है।
वेब पत्रकारिता लंबे समय तक हाशिये पर रखी गई—न संस्थागत मान्यता, न सुरक्षा और न ही एकजुट आवाज़। इसी शून्य को भरने के उद्देश्य से सात वर्ष पूर्व वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया की नींव रखी गई। यह केवल एक संगठन की शुरुआत नहीं थी, बल्कि वेब पत्रकारों के आत्मसम्मान और अधिकारों की लड़ाई का प्रारंभ था।

संघर्ष से संगठन तक

शुरुआती वर्षों में संगठन को कई स्तरों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन वेब पत्रकारों को संगठित करने, उनकी समस्याओं को मंच देने और प्रशासन से संवाद स्थापित करने के प्रयास निरंतर जारी रहे। धीरे-धीरे संगठन एक ऐसे मंच के रूप में उभरा, जिसने डिजिटल पत्रकारों को पहचान और आत्मविश्वास दिया।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद कौशल इस यात्रा को केवल उपलब्धियों का नहीं, बल्कि मूल्यों का सफ़र मानते हैं। उनका कहना है—
“वेब पत्रकारिता आज सूचना का सबसे प्रभावशाली माध्यम है। हमारा उद्देश्य कभी भी सिर्फ़ संगठन बनाना नहीं रहा, बल्कि वेब पत्रकारों को सम्मान, सुरक्षा और जवाबदेही के साथ आगे बढ़ने का रास्ता देना रहा है। डिजिटल मीडिया लोकतंत्र की रीढ़ है और उसकी मजबूती हम सभी की ज़िम्मेदारी है।”

2023: पटना से उठा राष्ट्रीय स्वर

वर्ष 2023 में पटना स्थित होटल पानाश में आयोजित आयोजन संगठन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। इस कार्यक्रम में कई मंत्री, वरिष्ठ पत्रकार और मीडिया जगत से जुड़ी हस्तियाँ एक मंच पर उपस्थित रहीं।
यह आयोजन महज़ एक समारोह नहीं था, बल्कि वेब पत्रकारिता को लेकर गंभीर विमर्श का केंद्र बना—जहाँ अधिकार, सुरक्षा और मीडिया की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई।

2025 – दिल्ली में डिजिटल पत्रकारिता की स्वीकार्यता

इसके बाद वर्ष 2025 में नई दिल्ली के होटल ब्लू रेडीशन में आयोजित राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम संगठन के लिए एक बड़ी उपलब्धि रहा। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर की बतौर मुख्य अतिथि उपस्थिति ने इस आयोजन को राष्ट्रीय पहचान दिलाई।
इस मंच से यह स्पष्ट संदेश गया कि वेब मीडिया अब केवल वैकल्पिक माध्यम नहीं, बल्कि मुख्यधारा का प्रभावी स्तंभ बन चुका है।

2025 दिसम्बर – भागलपुर का ऐतिहासिक अध्याय

सात वर्षों की इस यात्रा का सबसे सशक्त और ऐतिहासिक पड़ाव 2025 के अंत में भागलपुर में आयोजित समारोह रहा। इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे, ब्रजेश सिंह, प्रो० संजय द्विवेदी समेत देश के कई बड़े और प्रतिष्ठित पत्रकारों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया।
यह आयोजन वेब पत्रकारिता के सामाजिक और राजनीतिक महत्व को रेखांकित करता है, जहाँ डिजिटल मीडिया को लोकतांत्रिक विमर्श का अहम हिस्सा स्वीकार किया गया।

संगठन की भूमिका और भविष्य

इन सात वर्षों में वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया ने केवल आयोजन ही नहीं किए, बल्कि पत्रकार प्रशिक्षण, डिजिटल एथिक्स, मीडिया कानून और पत्रकार सुरक्षा जैसे विषयों पर निरंतर कार्य किया। कई मामलों में संगठन ने वेब पत्रकारों के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज़ उठाई और प्रशासन से संवाद कायम किया।
आज जब सूचना युद्ध, फेक न्यूज़ और डिजिटल दबाव जैसी चुनौतियाँ सामने हैं, ऐसे समय में WJAI की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। संगठन का भविष्य इसी बात पर निर्भर करेगा कि वह किस तरह वेब पत्रकारिता को जिम्मेदार, निष्पक्ष और जनहितकारी बनाए रखता है।

सफल यात्रा

वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया का सात साल का यह सफ़र इस बात का प्रमाण है कि संगठित प्रयास, स्पष्ट दृष्टि और पत्रकारिता के मूल्यों के साथ डिजिटल मीडिया भी लोकतंत्र का मजबूत प्रहरी बन सकता है।
यह केवल एक संगठन की कहानी नहीं, बल्कि भारत में वेब पत्रकारिता के सम्मान और स्वीकार्यता की सामूहिक यात्रा है।

टूटते रिश्तों को जोड़ने की नई पहल: शरन्य मानवाधिकार के हस्तक्षेप से बिखरता परिवार फिर एक हुआ

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भागलपुर। नववर्ष की सुबह मानवता और सामाजिक सरोकार की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। शरन्य राष्ट्रीय मानवाधिकार के समय पर किए गए हस्तक्षेप से वर्षों से टूटने की कगार पर खड़ा एक परिवार फिर से एकजुट होने की राह पर लौट आया। यह मामला न केवल एक परिवार के पुनर्मिलन का है, बल्कि समाज में संवाद, समझ और संवेदनशीलता की अहमियत को भी रेखांकित करता है।

जानकारी के अनुसार, पति-पत्नी के बीच बीते तीन-चार वर्षों से लगातार विवाद, झगड़ा, गाली-गलौज और आपसी अविश्वास का माहौल बना हुआ था। हालात इतने बिगड़ चुके थे कि दोनों पक्षों के परिजन थाना और न्यायालय में एक-दूसरे के खिलाफ आवेदन दे रहे थे। एक नन्हा बच्चा भी इस पारिवारिक कलह का मूक गवाह बन रहा था। अंततः स्थिति यहां तक पहुंच गई कि दंपती एक-दूसरे के साथ रहने को तैयार नहीं थे।

मामला जब शरन्य राष्ट्रीय मानवाधिकार के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. ईशान सिन्हा के संज्ञान में आया तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए भागलपुर विश्वविद्यालय थाना प्रभारी अविनाश कुमार से मुलाकात की। पूरे प्रकरण की बारीकी से जानकारी ली गई और तथ्यों की जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि विवाद की जड़ बड़ी नहीं, बल्कि छोटी-छोटी बातों से उपजी गलतफहमियां थीं।

इसके बाद थाना प्रभारी के नेतृत्व में मानवाधिकार टीम ने साहिबगंज स्थित लड़के के आवास पर जाकर दोनों पक्षों से संवाद किया। बिना किसी दबाव के समझाइश के बाद पति-पत्नी तीन माह के लिए साथ रहने पर सहमत हुए। इस सहमति को लिखित समझौता पत्र के रूप में विश्वविद्यालय थाना में जमा कराया गया है।

इस मानवीय पहल में जिला अध्यक्ष प्रेम शंकर तिवारी, सचिव सुबोध शर्मा, मीडिया प्रभारी मनीष राम, पारिवारिक सलाहकार एडवोकेट राजेश कुमार जायसवाल, पटना हाईकोर्ट के एडवोकेट रवीश कुमार, प्रदेश अध्यक्ष कुणाल सिंह की सक्रिय भूमिका रही। वहीं, भागलपुर विश्वविद्यालय थाना प्रभारी और उनकी टीम का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने संवेदनशीलता के साथ परिवार को जोड़ने में अहम भूमिका निभाई।