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समृद्धि यात्रा में गोपालगंज पहुंचे CM नीतीश कुमार, 316 करोड़ की विकास योजनाओं से जिले को मिली नई रफ्तार

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पटना/गोपालगंज: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज समृद्धि यात्रा के क्रम में गोपालगंज जिले का दौरा कर विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का गहन जायजा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रगति यात्रा के दौरान की गई घोषणाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग के अंतर्गत सारण तटबंध के कि०मी० 80 से कि०मी० 152 के बीच उच्चीकरण, सुदृढ़ीकरण, सुरक्षात्मक कार्य एवं शीर्ष पर कालीकरण कार्य का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इन कार्यों से बाढ़ नियंत्रण में मदद मिलेगी और किसानों को राहत मिलेगी।

जायजा के क्रम में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि थावे मंदिर परिसर के मुख्य व आंतरिक संपर्क पथ, गोपालगंज जिले में आरओबी, पुल-पुलिया, मीरगंज बाईपास, तथा कटैया औद्योगिक क्षेत्र को विजयीपुर-देवरिया सड़क से जोड़ने हेतु बाइपास निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने सारण तटबंध के निकट आयोजित किसान मेला सह कृषि यंत्र प्रदर्शनी-2026 का भी अवलोकन किया। यहां उन्होंने कृषि विभाग के सिस्टम हायरिंग सेंटर के तहत 40 प्रतिशत अनुदान का सांकेतिक चेक लाभुकों को प्रदान किया, जिससे किसानों में उत्साह देखा गया।

इसके बाद मुख्यमंत्री बरौली प्रखंड मुख्यालय पहुंचे, जहां विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अभियान बसेरा के तहत सरकारी भूमि बंदोबस्ती प्रमाण पत्र, मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री मुस्लिम महिला परित्यक्ता/तलाकशुदा योजना, एवं सतत जीविकोपार्जन योजना के लाभार्थियों को सांकेतिक चेक, चाबी एवं स्वीकृति पत्र प्रदान किए।

जीविका दीदियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों ने बिहार की तस्वीर बदली है। उन्होंने कहा, “बिहार की प्रगति में महिलाओं की भूमिका बेहद अहम है, सरकार हर कदम पर आपके साथ है।”

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 316 करोड़ रुपये की लागत से कुल 40 योजनाओं का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन एवं शिलान्यास किया, जिसमें 181 करोड़ से 33 योजनाओं का शिलान्यास और 135 करोड़ से 7 योजनाओं का उद्घाटन शामिल है।

मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन बरौली प्रखंड कार्यालय भवन एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की भी समीक्षा की।

इस मौके पर कई मंत्री, सांसद, विधायक, वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री का यह दौरा गोपालगंज के विकास को नई गति देने वाला माना जा रहा है।

नवगछिया का टॉप-10 इनामी अपराधी रंजीत उर्फ छोटू गिरफ्तार, 48 घंटे में अपहरण कांड का सनसनीखेज खुलासा

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Bhagalpur News: नवगछिया पुलिस को अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। फायरिंग मामले में ₹25 हजार का इनामी और नवगछिया के टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल कुख्यात अपराधी रंजीत कुमार उर्फ छोटू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई मधेपुरा जिला के हरिद्वार टोला से की गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, नवगछिया पुलिस जिला के झंडापुर थाना क्षेत्र में जयरामपुर निवासी पंजाबी रविदास का हथियार के बल पर अपहरण कर लिया गया था। इस गंभीर वारदात को अंजाम देने का आरोप रंजीत उर्फ छोटू और उसके चार से पांच सहयोगियों पर है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक नवगछिया के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया।

गठित टीम ने तकनीकी अनुसंधान, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और लगातार छापेमारी के जरिए महज 48 घंटे के भीतर अपहृत पंजाबी रविदास को मधेपुरा जिले से सकुशल बरामद कर लिया। यह पुलिस की तेज़ और सटीक कार्रवाई का नतीजा रहा। इसके साथ ही अपहरण कांड में शामिल पांच अन्य अपराधियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस लंबे समय से रंजीत कुमार उर्फ छोटू की तलाश में जुटी हुई थी। वह कई संगीन मामलों में वांछित था और लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था। आखिरकार गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे मधेपुरा के हरिद्वार टोला से धर दबोचा।

पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार के अनुसार, रंजीत उर्फ छोटू की गिरफ्तारी से नवगछिया और आसपास के इलाकों में सक्रिय आपराधिक गिरोह को बड़ा झटका लगा है। फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि अपहरण कांड के पीछे की पूरी साजिश और अन्य आपराधिक नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

नवगछिया पुलिस की इस कार्रवाई को आम लोगों ने राहत की सांस के रूप में देखा है। पुलिस ने साफ संकेत दिया है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

सैंडिस कंपाउंड में महिला कर्मी से छेड़खानी का आरोप, गबन के दावे से उलझा मामला

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Bhagalpur News: भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड मैदान में संचालित सैन एंड पंडित कंपनी उस समय विवादों में घिर गई, जब टिकट काउंटर पर कार्यरत एक महिला कर्मी ने कंपनी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और कैशियर पर छेड़खानी का गंभीर आरोप लगाया। मामला सामने आते ही पूरे परिसर में हड़कंप मच गया और यह विवाद अब महिला उत्पीड़न बनाम गबन के आरोपों के बीच फंस गया है।

पीड़ित महिला कर्मी का कहना है कि उसने सितंबर महीने में कंपनी में नौकरी ज्वाइन की थी और उसे सैंडिस कंपाउंड के प्ले ग्राउंड स्थित टिकट काउंटर पर तैनात किया गया था। महिला के अनुसार, एक दिन तेज बारिश के दौरान प्रोजेक्ट डायरेक्टर विश्वजीत सिंह ने उसे कैशियर विकास कुमार के साथ भेजा। इसी दौरान रास्ते में विकास कुमार ने कथित तौर पर उसका हाथ पकड़ लिया और आपत्तिजनक हरकत की।

महिला ने आरोप लगाया कि घटना के बाद जब उसने इसकी शिकायत प्रोजेक्ट डायरेक्टर और अन्य कर्मचारियों से की, तो न तो उसकी बात सुनी गई और न ही कोई कार्रवाई की गई। उल्टा, उसके साथ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गई।

वहीं दूसरी ओर, प्रोजेक्ट डायरेक्टर विश्वजीत सिंह ने छेड़खानी के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि महिला पर करीब 35 हजार रुपये के गबन का आरोप है। कंपनी के अनुसार, टिकट काउंटर की कैश जांच में रकम की कमी पाई गई थी। विश्वजीत सिंह का दावा है कि मानवीय आधार पर महिला से राशि वापस न लेने और नौकरी से अलग करने की बात कही गई थी, जिसके बाद महिला ने खुद को बचाने के लिए छेड़खानी का आरोप लगाया।

मामला तब और पेचीदा हो गया जब मंगलवार को महिला प्रोजेक्ट डायरेक्टर के चेंबर पहुंची और वहां कथित तौर पर धमकाने का आरोप भी सामने आया। इसके बाद मामला सीधे महिला थाना पहुंच गया।

महिला थाना अध्यक्ष ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हुए हैं। एक पक्ष गबन का आरोप लगा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष छेड़खानी और मानसिक उत्पीड़न की शिकायत कर रहा है। पुलिस फिलहाल दोनों मामलों की गंभीरता से जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल सैंडिस कंपाउंड से जुड़ा यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि सच क्या है—महिला उत्पीड़न या गबन की आड़ में लगाया गया आरोप।

बड़े पर्दे पर फिर दिखेगी सुल्तानगंज की बेटी काव्या कश्यप, जोम्बी हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘जोर’ 6 फरवरी को होगी रिलीज

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Bhagalpur News: सुल्तानगंज (बिहार) की बेटी और उभरती हुई बॉलीवुड एक्ट्रेस काव्या कश्यप एक बार फिर बड़े पर्दे पर दर्शकों का दिल जीतने को तैयार हैं। उनकी आगामी फिल्म ‘जोर’ 6 फरवरी को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। यह फिल्म एक अनोखे कॉन्सेप्ट पर आधारित जोम्बी हॉरर-कॉमेडी है, जिसका आधिकारिक ट्रेलर हाल ही में रिलीज होते ही चर्चा में आ गया है।

फिल्म ‘जोर’ की कहानी एक कॉर्पोरेट ऑफिस की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जहां एक केमिकल रिएक्शन के कारण अचानक जोम्बी वायरस फैल जाता है। इसके बाद ऑफिस में मौजूद कर्मचारियों के बीच जान बचाने और बाहर निकलने की जंग शुरू हो जाती है। हॉरर और कॉमेडी का यह अनोखा मिश्रण दर्शकों को एक साथ डर और हंसी का मज़ा देने वाला है।

फिल्म की सबसे बड़ी ताकत काव्या कश्यप का दमदार किरदार ‘निधि’ है। इस रोल में काव्या एक स्मार्ट, निडर और साहसी महिला के रूप में नजर आती हैं, जो मुश्किल हालात में भी हिम्मत नहीं हारती। ट्रेलर में ही उनकी इंटेंस एक्टिंग और स्क्रीन प्रेजेंस दर्शकों को प्रभावित कर रही है। कहा जा रहा है कि यह भूमिका काव्या के करियर की अब तक की सबसे सशक्त भूमिकाओं में से एक है।

काव्या कश्यप इससे पहले फिल्म ‘बिफोर यू डाई’ में अपने शानदार अभिनय से क्रिटिक्स और दर्शकों की सराहना बटोर चुकी हैं। बिहार के छोटे से शहर सुल्तानगंज से निकलकर फिल्मों तक का उनका सफर आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है। काव्या ने कई बार कहा है कि उनकी सफलता के पीछे उनके परिवार और गांव का बड़ा योगदान है और वे हमेशा अपनी जड़ों से जुड़ी रहती हैं।

फिल्म ‘जोर’ की स्टार कास्ट भी काफी मजबूत है। काव्या के ऑपोजिट नजर आएंगे रिशभ चड्ढा, जिन्हें ‘दृश्यम’ जैसी सुपरहिट फिल्म में देखा जा चुका है। इसके अलावा आकाश मखीजा, सोनम अरोड़ा, जॉय सेनगुप्ता, प्रांतिका दास, रिकी तिवारी, शेखर कांजीलाल और विजय सिंह जैसे कई मंझे हुए कलाकार फिल्म में अहम भूमिकाओं में हैं।

फिल्म का निर्माण KSS प्रोडक्शंस के बैनर तले किया गया है। इसके निर्माता कन सिंह सोढ़ा हैं, जबकि निर्देशन की कमान गौरब दत्ता ने संभाली है।

कुल मिलाकर, ‘जोर’ एक फ्रेश कॉन्सेप्ट, दमदार कहानी और सुल्तानगंज की बेटी काव्या कश्यप की जबरदस्त एक्टिंग के साथ दर्शकों के लिए एक खास सिनेमाई अनुभव लेकर आ रही है। 6 फरवरी को सिनेमाघरों में इस फिल्म का जोरदार स्वागत होना तय माना जा रहा है।

भागलपुर में PMEGP की समीक्षा बैठक, बैंकों और अधिकारियों ने स्वरोजगार बढ़ाने पर की जोरदार चर्चा

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Bhagalpur News: भागलपुर में स्थानीय होटल में आयोजित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) की बैंकर्स रिव्यू मीटिंग ने स्वरोजगार और युवा उद्यमिता को नई दिशा देने का संदेश दिया। खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के आयोजन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता श्रीमती खुशबू कुमारी, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र (DIC), भागलपुर ने की। बैठक में बैंकिंग क्षेत्र और विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ जिले के सभी बैंक प्रतिनिधि और DIC अधिकारी मौजूद थे।

बैठक की मुख्य चर्चा PMEGP के तहत वर्ष 2025 में की गई प्रगति, ऋण वितरण, और इकाइयों के भौतिक सत्यापन की स्थिति पर केंद्रित रही। बैंकों द्वारा वापस भेजे गए मामलों (Referred Back) की समीक्षा की गई, ताकि उन्हें सुधारकर पुनः प्रक्रिया में लाया जा सके। इस दौरान प्रतिभागियों ने EDP ट्रेनिंग, दूसरी खुराक के ऋण वितरण और सफल इकाइयों के केस स्टडी पर भी विस्तार से चर्चा की। सफल उदाहरण साझा करने का उद्देश्य अन्य आवेदकों को प्रेरित करना और कार्यक्रम की क्रियान्वयन दर बढ़ाना था।

बैठक के अंतिम चरण में आयोजित ‘ओपन हाउस डिस्कशन’ में बैंकों और विभाग के बीच समन्वय सुधारने पर जोर दिया गया। इस दौरान महाप्रबंधक श्रीमती खुशबू कुमारी ने बैंकों से विशेष अपील की कि वे आवेदनों का समय पर निपटारा करें और युवाओं को स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद करें। उन्होंने कहा कि PMEGP न केवल स्वरोजगार बढ़ाने में बल्कि जिले के आर्थिक विकास और युवाओं के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

बैठक में PMEGP इकाइयों की सफलता और बैंकिंग प्रणाली में सुधार के उपायों पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने यह भी रेखांकित किया कि समयबद्ध कार्रवाई और भौतिक सत्यापन की नियमित निगरानी से योजना का अधिक प्रभावी क्रियान्वयन संभव है। बैंक प्रतिनिधियों ने भी इस अवसर पर अपनी तैयारियों और समस्याओं पर खुलकर चर्चा की

भागलपुर में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए बैंकों और प्रशासन के बीच मजबूत समन्वय आवश्यक है। जिले के युवाओं के लिए यह योजना नई अवसरों और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

भागलपुर DM ने आरटीआई व जिला पंचायत राज कार्यालय का किया औचक निरीक्षण

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Bhagalpur News: भागलपुर समाहरणालय में सोमवार को प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने अहम कदम उठाया। उन्होंने समाहरणालय परिसर स्थित जिला पंचायत राज कार्यालय एवं जिला लोक सूचना कार्यालय (आरटीआई) का निरीक्षण कर कार्यालयों की कार्यप्रणाली, साफ-सफाई एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न कक्षों, अभिलेख कक्ष और पदाधिकारियों के कक्षों का बारीकी से निरीक्षण किया।

निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने कार्यालयों में साफ-सफाई की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया। जिला पंचायत राज कार्यालय में व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को विशेष साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी कार्यालयों में स्वच्छ वातावरण न केवल कर्मचारियों के लिए जरूरी है, बल्कि आम जनता को भी इससे सकारात्मक संदेश मिलता है।

जिलाधिकारी ने आरटीआई से जुड़े कार्यों की स्थिति की भी समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निष्पादन किया जाए। उन्होंने कहा कि आरटीआई व्यवस्था लोकतंत्र की मजबूती का आधार है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कर्मचारियों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं और आवश्यक सुधार के लिए सुझाव दिए। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि कार्यालयों में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक जनसंपर्क  नागेंद्र कुमार गुप्ता एवं जिला पंचायत राज पदाधिकारी  विकास कुमार उपस्थित रहे। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के औचक निरीक्षण से न केवल सरकारी कार्यों में गति आएगी, बल्कि आम लोगों का भरोसा भी प्रशासन पर और मजबूत होगा।

सीतामढ़ी–शिवहर में 700 करोड़ से अधिक की योजनाओं का CM नीतीश कुमार ने किया उद्घाटन-शिलान्यास

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Bihar News: बिहार में विकास को नई गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा के क्रम में सोमवार को सीतामढ़ी एवं शिवहर जिलों का व्यापक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने दोनों जिलों में संचालित विभिन्न विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं का गहन जायजा लिया और प्रगति यात्रा के दौरान की गई घोषणाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए।

सीतामढ़ी जिले के बेलसंड प्रखंड अंतर्गत बागमती नदी पर मीनापुर–बेलसंड पथ में चंदौली घाट पर 70.89 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित उच्च स्तरीय आरसीसी पुल एवं पहुँच पथ का मुख्यमंत्री ने शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया। इस पुल के चालू होने से क्षेत्रीय आवागमन सुगम होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पीएमश्री हितनारायण प्लस टू उच्च विद्यालय, चंदौली में नक्षत्र वाटिका का उद्घाटन किया।

हितनारायण इंटर स्तरीय विद्यालय परिसर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से कुल 554.12 करोड़ रुपये की लागत से 67 योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इनमें 26 योजनाओं का उद्घाटन (208.12 करोड़ रुपये) तथा 41 योजनाओं का शिलान्यास (346 करोड़ रुपये) शामिल है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं की जमीनी प्रगति की जानकारी ली।

इस अवसर पर सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत 386 परिवारों को 1.19 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता का सांकेतिक चेक प्रदान किया गया। वहीं 4813 जीविका स्वयं सहायता समूहों की 19,124 दीदियों को बैंक लिंकेज के माध्यम से 252 करोड़ रुपये की सहायता दी गई। मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हरसंभव सहयोग दे रही है।

इसके पश्चात मुख्यमंत्री शिवहर जिले पहुंचे, जहां देवकुली धाम स्थित बाबा भुवनेश्वरनाथ मंदिर परिसर में 11.89 करोड़ रुपये की लागत से विकसित पर्यटकीय सुविधाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण करते हुए तालाब के चारों ओर सीढ़ी घाट निर्माण शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया और राज्य की सुख-शांति व समृद्धि की कामना की।

शिवहर में मुख्यमंत्री ने बुडको द्वारा निर्मित कमलेश्वरी नंदन सिंह बस पड़ाव का उद्घाटन किया। यहां 59 करोड़ रुपये की लागत से 103 योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया। साथ ही जीविका स्वयं सहायता समूहों को 140 करोड़ रुपये से अधिक तथा मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के लाभुकों को 99.75 लाख रुपये की सहायता राशि के सांकेतिक चेक प्रदान किए गए।

समृद्धि यात्रा के इस चरण ने सीतामढ़ी और शिवहर को विकास की नई दिशा देने का संदेश दिया है।

राष्ट्रीय बालिका दिवस पर बालिका सशक्तिकरण की मजबूत पहल, समवेत ने जागरूकता रैली से अभियान का किया शुभारंभ

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भागलपुर। राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था समवेत द्वारा सन्हौला एवं खरीक प्रखंड के गोकुलपुर, कुशहापुर, मनसिंगार, खैरपुर, नरकटिया, नवादा एवं नन्हकार गांवों में बालिका सशक्तिकरण सप्ताह का भव्य शुभारंभ किया गया। अभियान की शुरुआत जागरूकता रैली के माध्यम से की गई, जिसमें बच्चों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी देखने को मिली।

रैली के दौरान बच्चों ने हाथों में बाल विवाह के विरोध में नारे लिखी तख्तियां लेकर पूरे गांव का भ्रमण किया। “बाल विवाह बंद करो”, “बेटी है तो कल है”, “कानून तोड़ना अपराध है, बाल विवाह विनाश है” जैसे गगनभेदी नारों से गांव-गांव में जागरूकता का संदेश पहुंचाया गया। बच्चों की सक्रिय भागीदारी ने समाज को यह स्पष्ट संदेश दिया कि अब बालिकाएं अपने अधिकारों के प्रति सजग हो चुकी हैं।

रैली को संबोधित करते हुए समवेत के निदेशक श्री विक्रम ने कहा कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुप्रथा नहीं, बल्कि बालिकाओं के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है, जो उनके शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भर भविष्य को प्रभावित करता है। उन्होंने इसकी रोकथाम के लिए बच्चों, अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों और पूरे समाज की सामूहिक भूमिका को अनिवार्य बताया। वहीं समवेत के प्रशिक्षक आनंद ने कहा कि जब तक समाज जागरूक और संगठित नहीं होगा, तब तक बाल विवाह जैसी कुरीतियों का पूर्ण उन्मूलन संभव नहीं है। उन्होंने बाल विवाह को कानूनन अपराध बताते हुए इसके खिलाफ एकजुट होने की अपील की।

समवेत द्वारा यह बालिका सशक्तिकरण सप्ताह पूरे सप्ताह विभिन्न रचनात्मक और जागरूकता आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाएगा। इसके अंतर्गत लेखन, निबंध, भाषण, जागरूकता गीत, फिल्म शो, नाटक, पुरस्कार वितरण और संकल्प सभा जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास पैदा करना और समाज को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति संवेदनशील बनाना है।

इस अभियान में समवेत की कार्यकर्ता नीतू मुर्मू, आशा कुमारी, करिश्मा कुमारी, पुष्पा कुमारी तथा प्रेरणा केंद्र के किशोरी समूह की अहम भूमिका रही। उल्लेखनीय है कि समवेत संस्था लंबे समय से अनुसूचित जाति एवं जनजाति बहुल क्षेत्रों में बाल अधिकार और जेंडर जस्टिस के मुद्दों पर कार्य कर रही है और इस अभियान के माध्यम से बाल विवाह उन्मूलन की दिशा में समुदाय को संगठित करने का सशक्त प्रयास कर रही है।

“सबका सम्मान, जीवन आसान” की दिशा में बड़ा फैसला: सप्ताह में दो दिन अफसरों से सीधी मुलाकात– मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

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Bihar News: बिहार सरकार आम जनता के जीवन को सरल, सम्मानजनक और सुगम बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा के दौरान पूर्वी चंपारण जिले में विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए एक ऐतिहासिक और जनहितकारी निर्णय की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य के सभी नागरिकों का सम्मान सुनिश्चित करना और उनके दैनिक जीवन को आसान बनाना है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अब प्रत्येक सप्ताह दो कार्य दिवस—सोमवार और शुक्रवार को राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों में संबंधित पदाधिकारी आम लोगों से सम्मानपूर्वक मिलेंगे। इस व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायत स्तर से लेकर थाना, अंचल, अनुमंडल, जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर तक आम नागरिक अपनी समस्याओं को सीधे अधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे शिकायतों को संवेदनशीलता से सुनें और प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान सुनिश्चित करें।

पूर्वी चंपारण के मोतिहारी स्थित गांधी मैदान में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रगति यात्रा, सात निश्चय–2 और सात निश्चय–3 से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन योजनाओं की स्वीकृति दी जा चुकी है, उनके क्रियान्वयन में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 20 नवंबर 2025 को बिहार ने नई सरकार के गठन के कुछ ही दिनों के भीतर सात निश्चय–3 कार्यक्रम को लागू कर यह संदेश दिया कि राज्य विकास के पथ पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। सात निश्चय–3 का मूल उद्देश्य “Ease of Living”, अर्थात आम नागरिकों के जीवन से रोजमर्रा की कठिनाइयों को कम करना है। सरकार इसी लक्ष्य को लेकर निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सभी सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएं। यह व्यवस्था 19 जनवरी 2026 से प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन कदमों से जनता को कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रशासन के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत होगा। समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा सहित वरिष्ठ मंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रह

समृद्धि यात्रा में पूर्वी चंपारण को विकास की सौगात, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

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Bihar News: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा के क्रम में शनिवार को पूर्वी चंपारण जिले का दौरा कर जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की गहन समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रगति यात्रा के दौरान की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों को सभी योजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने मोतिहारी स्थित महिला राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान का निरीक्षण किया, जहां टाटा टेक के सहयोग से संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। उन्होंने छात्राओं से संवाद कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता, सीखने की प्रक्रिया और भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के तकनीकी प्रशिक्षण से युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने महिला औद्योगिक प्रशिक्षण परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रिमोट के माध्यम से पूर्वी चंपारण जिले में 34 करोड़ रुपये की 40 योजनाओं का शिलान्यास एवं 138 करोड़ रुपये की 30 योजनाओं का उद्घाटन किया। इन योजनाओं से जिले में आधारभूत संरचना, संपर्क पथ, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार होगा।

मुख्यमंत्री ने परिसर में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लघु उद्यमी योजना और बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति से लाभान्वित उद्यमियों के उत्पादों को देखा और उनकी सराहना की। उन्होंने उद्यमियों से कहा कि सरकार उन्हें हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है ताकि वे आगे बढ़ सकें और अधिक लोगों को रोजगार दे सकें।

जीविका दीदियों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने कृषि उत्पादों, खाद्य पदार्थों एवं हस्तनिर्मित वस्तुओं को देखा। उन्होंने 27,429 जीविका स्वयं सहायता समूहों को विभिन्न बैंक लिंकेज के माध्यम से 370 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता हेतु सांकेतिक चेक प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों की मेहनत की सराहना करते हुए उन्हें और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने ग्राम मझारियां में मोतिहारी शहर को कोटवा से जोड़ने वाली घोघी नदी पर निर्माणाधीन उच्चस्तरीय आरसीसी पुल सह पहुंच पथ का निरीक्षण किया और इसे शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया। कार्यक्रम से पूर्व उन्होंने कल्याणपुर प्रखंड स्थित निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर का भी निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मंत्रीगण, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता को योजनाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए।