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भागलपुर में यूपी विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, आय से अधिक संपत्ति मामले में लिपिक के ठिकानों पर छापेमारी

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Bhagalpur News: भागलपुर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां उत्तर प्रदेश विजिलेंस टीम ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए भागलपुर में छापेमारी की है। यह कार्रवाई यूपी के मऊ जिले में खाद्य आपूर्ति विभाग में लिपिक पद पर तैनात गगन सिंह से जुड़े ठिकानों पर की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यूपी विजिलेंस टीम ने तिलकामांझी थाना क्षेत्र अंतर्गत न्यू विक्रमशिला कॉलोनी स्थित सत्यम अपार्टमेंट में छापेमारी की, जहां गगन सिंह की पत्नी नीतू सिंह के नाम पर फ्लैट आवंटित होने की जानकारी सामने आई है। छापेमारी के दौरान टीम ने फ्लैट में मौजूद कई अहम दस्तावेजों और कागजातों की गहनता से जांच की।

सूत्रों के मुताबिक, गगन सिंह पर अपनी ज्ञात आय से लगभग 300 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है। इस मामले में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा पहले ही संज्ञान लिया जा चुका था, जिसके बाद जांच एजेंसी ने न्यायालय से अनुमति लेकर संपत्ति सर्चिंग की कार्रवाई शुरू की।

बताया जा रहा है कि गगन सिंह मूल रूप से बिहार के बाँका जिले के शंभुगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत गुलनी कुसहा गांव के निवासी हैं। इसी कड़ी में यूपी विजिलेंस टीम ने बाँका स्थित उनके पैतृक आवास के साथ-साथ झारखंड के देवघर में भी एक साथ छापेमारी की है।

भागलपुर स्थित फ्लैट में फिलहाल किराएदार रह रहे थे, जिनसे विजिलेंस टीम के अधिकारियों ने पूछताछ की। टीम ने किराएदारों से फ्लैट के स्वामित्व, किराए और आवागमन से जुड़ी जानकारी जुटाई।

छापेमारी के दौरान यूपी विजिलेंस टीम के साथ तिलकामांझी थाना की स्थानीय पुलिस भी मौजूद रही और सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था में सहयोग किया। हालांकि इस पूरे मामले को लेकर यूपी विजिलेंस की ओर से मीडिया को कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

फिलहाल जांच जारी है और सूत्रों का कहना है कि इस कार्रवाई के दौरान और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है। विजिलेंस की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश मानी जा रही है।

समस्तीपुर को विकास की बड़ी सौगात: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 827 करोड़ की 188 योजनाओं का किया उद्घाटन

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Bihar News: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा के क्रम में आज समस्तीपुर जिले को विकास की ऐतिहासिक सौगात दी। मुख्यमंत्री ने जिले में 827 करोड़ रुपये की लागत से कुल 188 विकास योजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और कार्यारंभ किया। इस दौरान उन्होंने जिले में चल रही विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।

कार्यक्रम की शुरुआत सरायरंजन स्थित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, समस्तीपुर से हुई, जहां विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की सचिव डॉ. प्रतिमा ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कॉलेज परिसर में बने एमेनिटी भवन का उद्घाटन किया और जलपानगृह सह व्यायामशाला सहित अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक भवन के प्रथम तल पर स्थित स्मार्ट क्लासरूम, प्रोजेक्ट लैब, नेटवर्क लैब और भाषा प्रयोगशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों से संवाद करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाना आज की आवश्यकता है। भाषा प्रयोगशाला में छात्रों द्वारा फ्रेंच और अंग्रेजी में किए गए स्वागत से मुख्यमंत्री काफी प्रभावित दिखे।

इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से समस्तीपुर जिले के लिए

  • 470 करोड़ रुपये की 71 योजनाओं का शिलान्यास,
  • 273 करोड़ रुपये की 74 योजनाओं का उद्घाटन,
  • 84 करोड़ रुपये की 43 योजनाओं का कार्यारंभ किया।

कार्यक्रम स्थल पर लगे स्थानीय स्टार्टअप, इनोवेशन स्टॉल और विभिन्न विभागों के स्टॉल का मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया। उन्होंने जीविका दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इस अवसर पर 23,472 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी जीविका दीदियों को 437 करोड़ रुपये का सांकेतिक चेक प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री ने वृद्धजन पेंशन योजना, सामाजिक पुनर्वास योजना, अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान और निःशक्त जन विवाह प्रोत्साहन योजना के लाभार्थियों से भी बातचीत की। लाभार्थियों ने पेंशन राशि में वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने हकीमाबाद प्रखंड में निर्माणाधीन आरसीसी पुल-सह बाईपास सड़क का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन्हें समस्तीपुर-दरभंगा पथ, मुक्तापुर रेलवे ओवरब्रिज, विभिन्न बाईपास सड़कों, उच्चस्तरीय पुलों, गाद उड़ाही और सड़क चौड़ीकरण योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने सभी कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार, जिलाधिकारी रौशन कुशवाहा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया सांसद डॉ. निशिकांत दुबे का जन्मदिन

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Bhagalpur News: भागलपुर से एक खास सामाजिक और राजनीतिक सौहार्द की खबर सामने आई है। जहां बुधवार को गोशाला गली (काली मंदिर के पास) स्थित आवास अभिजीत गुप्ता के आवास पर गोड्डा सांसद एवं लोकप्रिय जननेता डॉ. निशिकांत दुबे का जन्मदिन हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रद्धा, उत्साह और पारिवारिक आत्मीयता के साथ मनाया गया।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने मां काली और बाबा बैद्यनाथ और बाबा बासुकीनाथ से डॉ. निशिकांत दुबे के दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और निरंतर जनसेवा के लिए प्रार्थना की। जन्मदिन का यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्नेह, सम्मान और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बना।

कार्यक्रम में भागलपुर की महापौर डॉ. वसुंधरा लाल, विधायक रोहित पांडे, संजय सिन्हा समेत शहर के कई वार्ड पार्षद, गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, करीबी मित्र और शुभचिंतक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में डॉ. निशिकांत दुबे को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके जनहितकारी कार्यों की सराहना की।

मौके पर उपस्थित लोगों ने कहा कि डॉ. निशिकांत दुबे हमेशा क्षेत्र के विकास, गरीबों की आवाज और राष्ट्रहित के मुद्दों को मजबूती से उठाते रहे हैं। उनका जीवन संघर्ष, नेतृत्व और समर्पण का उदाहरण है। वही बर्थडे कार्यक्रम के बाद भागलपुर रेलवे स्टेशन पर गरीब और जरूरतमंद लोगों के बीच भोजन का वितरण किया गया !

  1. कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह सौहार्दपूर्ण और आत्मीय रहा। उपस्थित लोगों ने आपसी मेल-जोल के साथ इस खास दिन को यादगार बनाया।
    आयोजक ओम भास्कर एवं अभिजीत गुप्ता ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी भाईचारे को मजबूत करते हैं।

भागलपुर में मनाया गया यह जन्मदिन समारोह सादगी, श्रद्धा और सामाजिक एकता की मिसाल बनकर सामने आया।

दरभंगा में CM नीतीश कुमार का बड़ा ऐलान: “सबका सम्मान, जीवन आसान” के लक्ष्य के साथ बिहार को टॉप राज्यों में ले जाने का रोडमैप

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Bihar News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा के तहत दरभंगा जिला के नागेन्द्र झा स्टेडियम में आयोजित भव्य जन संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। हजारों की संख्या में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि हर व्यक्ति का सम्मान हो और उसका जीवन यापन आसान बने।

मुख्यमंत्री ने 2005 से पहले की स्थिति को याद करते हुए कहा कि उस समय राज्य में कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की हालत बेहद खराब थी। लोग शाम के बाद घर से निकलने से डरते थे, सड़कें जर्जर थीं और बिजली-पानी की व्यवस्था न के बराबर थी। लेकिन आज बिहार में कानून का राज है, भाईचारा और शांति का माहौल है तथा हर क्षेत्र में विकास के काम हुए हैं।

उन्होंने बताया कि सात निश्चय योजना के तहत हर घर बिजली, नल का जल, शौचालय और पक्की सड़कें उपलब्ध कराई गई हैं। बिजली को सस्ती और लगभग मुफ्त किया गया है। शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया है। सात निश्चय-2 के तहत 10 लाख सरकारी नौकरियां और 40 लाख रोजगार दिए जा चुके हैं, जबकि अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ने सात निश्चय-3 की रूपरेखा बताते हुए कहा कि इसमें दोगुना रोजगार-दोगुनी आय, उद्योगों का विस्तार, कृषि को मजबूती, उन्नत शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, आधुनिक आधारभूत संरचना और “सबका सम्मान-जीवन आसान” जैसे सात प्रमुख संकल्प शामिल हैं। महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए आर्थिक सहायता, उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए मुफ्त भूमि और अनुदान, हर प्रखंड में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज, जिला अस्पतालों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र बनाने जैसे बड़े फैसले लिए गए हैं।

दरभंगा जिले के विकास पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यहां मेडिकल कॉलेज को 2500 बेड का बनाया जा रहा है, दूसरे एम्स की स्थापना हो रही है, एयरपोर्ट का विस्तार किया जा रहा है और कई सड़क-पुल परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। प्रगति यात्रा के दौरान स्वीकृत योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।

कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का मखाना की बड़ी माला पहनाकर स्वागत किया। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित कई मंत्री, सांसद, विधायक और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार तेजी से आगे बढ़ेगा और देश के विकसित राज्यों में शामिल होगा।

भागलपुर में सवर्ण आयोग की बैठक में हंगामा, UGC कानून को लेकर बैठक बीच में छोड़ी

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Bhagalpur News: भागलपुर के समीक्षा भवन में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब उच्च जातियों के विकास के लिए गठित राज्य आयोग की प्रमंडल स्तरीय समीक्षात्मक बैठक के दौरान जमकर हंगामा हुआ। बैठक में शामिल सवर्ण समाज से जुड़े विभिन्न राजनीतिक दलों के लोगों ने यूजीसी कानून को लेकर नाराजगी जताते हुए बैठक का विरोध किया और बीच में ही बाहर निकल गए।

यह बैठक बिहार सरकार के उच्च जातियों के विकास के लिए राज्य आयोग (पटना) की ओर से आयोजित की गई थी, जिसकी अध्यक्षता आयोग के सदस्य राजकुमार सिंह कर रहे थे। बैठक में भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। साथ ही प्रमंडल के विभिन्न जिलों से सवर्ण समाज के प्रतिनिधि और राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भी शामिल हुए।

बैठक के दौरान उस समय विवाद गहरा गया जब कुछ प्रतिभागियों ने आरोप लगाया कि उन्हें विशेष रूप से यूजीसी कानून पर चर्चा के लिए बुलाया गया था, लेकिन एजेंडे में इस विषय को शामिल नहीं किया गया। इस बात से नाराज लोगों ने बैठक में आपत्ति दर्ज कराई और तीखी नोकझोंक के बाद बैठक से बाहर निकलकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

बैठक से बाहर निकलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी कानून को “काला कानून” करार देते हुए इसके खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह कानून समाज और शिक्षा व्यवस्था के लिए नुकसानदायक है और सरकार को इसे तत्काल वापस लेना चाहिए।

वहीं पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए आयोग के सदस्य राजकुमार सिंह ने कहा कि राज्य भर में इस तरह की समीक्षात्मक बैठकें आयोजित की जा रही हैं और भागलपुर में यह आठवीं बैठक थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक का उद्देश्य सवर्ण समाज से जुड़े विकासात्मक मुद्दों पर सुझाव लेना है। बैठक में प्राप्त सभी सुझावों और विचारों को संकलित कर राज्य सरकार तक पहुंचाया जाएगा।

बैठक में हुए हंगामे और विरोध के बाद प्रशासनिक महकमे में भी हलचल देखी गई। हालांकि स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया और किसी भी तरह की अप्रिय घटना से इंकार किया गया है। फिलहाल यूजीसी कानून को लेकर उठे सवाल और विरोध ने इस बैठक को चर्चा का केंद्र बना दिया है l

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को लेकर जागरूकता रथ रवाना, कानून व दुष्परिणामों की दी जा रही जानकारी

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Bhagalpur News: बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के खिलाफ जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिले में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता रथ को रवाना किया गया। यह जागरूकता रथ चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय परिसर से निकाला गया, जिसे जिला बाल संरक्षण इकाई की सहायक निदेशक बेबी रानी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

जागरूकता रथ जिले के विभिन्न प्रखंडों, पंचायतों और ग्रामीण इलाकों में जाकर लोगों को बाल विवाह से जुड़े कानून, इसके सामाजिक व स्वास्थ्यगत दुष्परिणाम तथा कानूनी प्रावधानों की जानकारी दे रहा है। रथ पर लगे बैनर, पोस्टर और ध्वनि माध्यम से लोगों को यह बताया जा रहा है कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के भविष्य के लिए भी गंभीर खतरा है।

अभियान के दौरान बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 की जानकारी दी जा रही है, जिसमें दोषी पाए जाने पर सख्त सजा का प्रावधान है। साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि बाल विवाह से बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

जागरूकता अभियान के तहत हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में आम नागरिक, युवा और महिलाएं भाग लेकर बाल विवाह के खिलाफ अपनी सहमति दर्ज करा रहे हैं। लोगों ने संकल्प लिया कि वे अपने आसपास होने वाले किसी भी बाल विवाह की सूचना तुरंत प्रशासन को देंगे।

जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे इस सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने में सहयोग करें। किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या संबंधित विभाग को सूचित करें। प्रशासन का मानना है कि समाज की सक्रिय भागीदारी से ही बाल विवाह मुक्त जिला और सुरक्षित भविष्य का निर्माण संभव है l

भागलपुर सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल से मचा हड़कंप; सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर

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Bhagalpur News: भागलपुर सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद बुधवार को पूरे प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। यह धमकी ई-मेल के माध्यम से दी गई है, जिसकी सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं और कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल सख्त कर दिया गया।

धमकी की गंभीरता को देखते हुए व्यवहार न्यायालय परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। कोर्ट के मुख्य गेट सहित सभी प्रवेश बिंदुओं पर मेटल डिटेक्टर से सघन जांच की जा रही है। इसके साथ ही बम निरोधक दस्ता (BDS) और डॉग स्क्वॉड की टीम को भी मौके पर बुलाकर पूरे परिसर की बारीकी से तलाशी ली जा रही है। एहतियातन फिलहाल कोर्ट परिसर में आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।

धमकी की सूचना मिलते ही भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार और सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह स्वयं कोर्ट परिसर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को हर कोने की जांच करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, धमकी भरा ई-मेल जिस आईडी से भेजा गया है, उसकी तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। ई-मेल भेजने वाले की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने के लिए साइबर सेल को सक्रिय कर दिया गया है। साइबर विशेषज्ञ ई-मेल के सर्वर, आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन पड़ताल कर रहे हैं।

इस बीच, कोर्ट परिसर में काम करने वाले अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और फरियादियों में भी डर का माहौल देखा गया। कई अधिवक्ताओं ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि इस तरह की धमकियों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।

प्रशासन का कहना है कि फिलहाल कोर्ट परिसर पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है। पूरे इलाके में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। मामले की जांच जारी है और जल्द ही धमकी देने वाले के बारे में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद जताई जा रही है।

दर्दनाक विमान हादसा: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का असामयिक निधन, देश में शोक की लहर

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Bihar News: महाराष्ट्र के बारामती जिले में हुए एक भीषण विमान हादसे में राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख नेता अजित पवार के असामयिक निधन की खबर से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। इस हृदयविदारक घटना पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत पीड़ादायक बताया है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने शोक संदेश में कहा कि यह विमान हादसा बेहद दुखद है और इस घटना से वे मर्माहत हैं। उन्होंने कहा कि अजित पवार एक कर्मठ, अनुभवी और कुशल राजनेता थे, जिन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे न सिर्फ एक मजबूत प्रशासक थे बल्कि जनता के बीच उनकी गहरी लोकप्रियता भी थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अजित पवार का राजनीतिक जीवन संघर्ष, अनुभव और जनसेवा से भरा रहा। वे मृदुभाषी, मिलनसार स्वभाव के थे और हर वर्ग के लोगों से सहज संवाद रखते थे। उनके आकस्मिक निधन से न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की चिर शांति की प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों, सहयोगियों और समर्थकों को इस कठिन समय में धैर्य और संबल प्रदान करने की कामना की है।

इस हादसे के बाद राजनीतिक गलियारों में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है। देश के विभिन्न हिस्सों से नेताओं, सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने अजित पवार के निधन पर शोक व्यक्त किया है। एक सशक्त नेता के रूप में उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।

यह विमान हादसा न सिर्फ एक व्यक्ति की मृत्यु है, बल्कि भारतीय राजनीति के एक प्रभावशाली अध्याय का अचानक अंत भी है।

5-डे वर्क की मांग पर बैंककर्मियों का राष्ट्रव्यापी शक्ति प्रदर्शन, भागलपुर में सभी बैंक रहे बंद

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Bhagalpur News: सप्ताह में पांच दिन कार्य प्रणाली लागू करने सहित लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को देशभर में बैंक कर्मचारियों ने एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (UFBU) के आह्वान पर आयोजित इस हड़ताल में देश के 9 प्रमुख बैंक संगठनों ने भाग लिया। इसका असर भागलपुर में भी व्यापक रूप से देखने को मिला, जहां सरकारी और गैर-सरकारी सभी बैंकों का कामकाज पूरी तरह ठप रहा।

भागलपुर में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, ग्रामीण बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया समेत तमाम बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी शाखाओं के बाहर धरना-प्रदर्शन करते नजर आए। बैंकों में ताले लटके रहे, जिससे आम उपभोक्ताओं को नकद निकासी, चेक क्लीयरेंस और अन्य जरूरी बैंकिंग सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा।

इस महाधरना को सफल बनाने में महिला कॉमरेड रितु सिंह, रिचा ठाकुर, शालिनी कुमारी के साथ-साथ जय शेखर, अजीत कुमार, राम अवतार यादव, अंकित सिंह, माधव मोहन, पंकज कुमार, राकेश कुमार समेत कई बैंककर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार और केंद्रीय वित्त मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जोर-शोर से उठाया।

बैंक कर्मियों का कहना है कि देश की अधिकांश वित्तीय संस्थानों और कॉरपोरेट सेक्टर में पहले से ही 5-डे वर्क कल्चर लागू है, लेकिन बैंकों के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वे 6 दिन के कार्य घंटों को 5 दिनों में समायोजित करने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें भी मानसिक शांति, पारिवारिक जीवन और बेहतर कार्य-जीवन संतुलन का अधिकार मिलना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि लगातार बढ़ते कार्यभार, स्टाफ की कमी और दबावपूर्ण माहौल के कारण बैंककर्मियों पर मानसिक तनाव बढ़ रहा है। ऐसे में 5-डे वर्क सिस्टम न केवल कर्मचारियों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, बल्कि बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में भी सहायक होगा।

बैंक यूनियनों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में चरणबद्ध और और भी व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

तीन साल से अधूरा भोलानाथ फ्लाईओवर बना लोगों की मुसीबत, नाराज़गी के बीच मौके पर पहुंचे विधायक रोहित पांडे

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Bhagalpur News: भागलपुर शहर के दक्षिणी क्षेत्र में बन रहा भोलानाथ फ्लाईओवर अब लोगों के लिए सुविधा से ज्यादा परेशानी का कारण बनता जा रहा है। पिछले करीब तीन वर्षों से जारी निर्माण कार्य के चलते इलाके के नागरिकों को रोज़ाना आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। टूटी-फूटी सड़कें, धूल-मिट्टी और अव्यवस्थित निर्माण के बीच अब नाले का गंदा पानी घरों में घुस जाने से स्थानीय लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि फ्लाईओवर निर्माण के दौरान जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई, जिसके कारण नाले का गंदा पानी सड़कों से होते हुए आसपास के घरों में प्रवेश कर गया। इससे न सिर्फ बदबू और गंदगी फैली, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य संबंधी खतरे का भी सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से झेल रहे इस संकट के कारण लोगों का धैर्य जवाब देने लगा और मंगलवार को आक्रोश खुलकर सामने आ गया।

स्थिति के बिगड़ने की सूचना मिलते ही भागलपुर के नगर विधायक रोहित पांडे मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। आक्रोशित नागरिकों ने विधायक के सामने निर्माण एजेंसी की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर नाराज़गी जाहिर की। इसके बाद विधायक रोहित पांडे ने पुल निर्माण कर रही कंपनी के अधिकारियों को मौके पर तलब किया और तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने के सख्त निर्देश दिए।

मौके पर विधायक ने कहा कि भोलानाथ फ्लाईओवर के निर्माण के बाद भागलपुर के दक्षिणी हिस्से में ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी और लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि निर्माण कार्य के दौरान कुछ असुविधाएं होती हैं, लेकिन जनता की परेशानी को नजरअंदाज करना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।

लोगों की समस्या को देखते हुए तत्काल जेसीबी मशीन से सड़क और नाले की सफाई कराई गई, जिससे हालात में आंशिक सुधार देखने को मिला। विधायक ने भरोसा दिलाया कि आगे निर्माण कार्य के दौरान जल निकासी और यातायात के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आम नागरिकों को दोबारा इस तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।